महिला दिवस विशेष:आज एएसआई के संग्रहालय रहेंगे फ्री, कल पिंक लाइसेंस कैंप

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवतियों और महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। इस बार महिला दिवस (8 मार्च)के उपलक्ष्य में खासतौर पर शहर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अंतर्गत आने वाले प्रमुख ऐतिहासिक विरासत और संग्रहालय नि:शुल्क रहेंगे। यहां खासतौर पर महिलाओं के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ग्वालियर में एएसआई के अधीन किले पर तेली का मंदिर, मानसिंह पैलेस, सहस्त्रबाहु मंदिर आदि आते हैं। इस संबंध में एएसआई ने स्पष्ट किया है कि पर्यटकों की संख्या को बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, विश्व धरोहर दिवस, अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, विश्व धरोहर सप्ताह समारोह और दिव्यांग व्यक्तियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर यह छूट लागू होगी। बाल भवन में फ्री कैंप आधार कार्ड जरूरी नगर निगम ग्वालियर की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बालिकाओं के लिए नि:शुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की पहल भी की गई है। यह शिविर बाल भवन में 9 मार्च को सुबह 11 बजे से लगाया जाएगा। इस कैंप में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की बालिकाओं और महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे। इसके लिए आधारकार्ड, समग्र आईडी इत्यादि दस्तावेज जरूरी होंगे।
Priyanka Chopra School Weakness Led Mom To Pageants

2 दिन पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली प्रियंका चोपड़ा ने अपने शुरुआती करियर को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। प्रियंका ने बताया कि वह स्कूल में पढ़ाई में बहुत अच्छी नहीं थीं। यही वजह थी कि उनकी मां ने सोचा कि उनके लिए ब्यूटी पेजेंट की दुनिया ज्यादा आसान हो सकती है। प्रियंका ने हाल ही में Going Rogue के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बताया कि जब उन्होंने ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेने का फैसला किया, तब उनके पिता इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं थे। हालांकि उनकी मां इस फैसले को लेकर काफी उत्साहित थीं और उन्होंने ही पिता को मनाया था। मां ने कहा- पढ़ाई में ठीक नहीं, पेजेंट ट्राई करो प्रियंका ने बताया कि उस समय वह कॉलेज में नई-नई दाखिल हुई थीं और पढ़ाई में उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं था। इसी वजह से उनकी मां ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि शायद उनका अकादमिक करियर ज्यादा आगे नहीं बढ़ेगा, इसलिए उन्हें ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना चाहिए। प्रियंका के मुताबिक, उनकी मां का मानना था कि अगर वह पेजेंट की दुनिया में जाएंगी तो उनके लिए आगे का रास्ता आसान हो सकता है। हालांकि उनके पिता इस फैसले से खुश नहीं थे। बाद में उनकी मां ने उन्हें डिनर पर ले जाकर इस बारे में लंबी बातचीत की और तब जाकर उन्होंने अनिच्छा के साथ प्रियंका को पेजेंट में हिस्सा लेने की अनुमति दी। जीत के बाद बदला पिता का नजरिया प्रियंका ने बताया कि शुरुआत में पिता को यह फैसला पसंद नहीं था, लेकिन जब उन्होंने साल 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीत लिया, तो उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। प्रियंका के मुताबिक, जीत के बाद उनके पिता को यह एहसास हुआ कि इस उपलब्धि से उनके लिए करियर के कई नए रास्ते खुल सकते हैं। इसके बाद उन्होंने बेटी का पूरा समर्थन करना शुरू कर दिया। फिल्मों के ऑफर मिलने पर हुई दुविधा प्रियंका ने यह भी बताया कि पेजेंट जीतने के बाद उन्हें बॉलीवुड फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे। उस समय वह इस बात को लेकर असमंजस में थीं कि पढ़ाई जारी रखें या फिल्मों में काम शुरू करें। उन्होंने कहा कि अगर वह फिल्म करतीं तो उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ती। इस फैसले को लेकर वह काफी उलझन में थीं। तब उनके पिता ने उन्हें एक अहम सलाह दी। पिता की सलाह ने बदल दी सोच प्रियंका ने बताया कि उनके पिता ने उनसे कहा था कि जिंदगी में कभी “क्या होता अगर…” जैसा पछतावा नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रियंका को सलाह दी कि वह एक साल फिल्मों में काम करके देखें। अगर उन्हें यह पसंद न आए तो वह दोबारा पढ़ाई में लौट सकती हैं। प्रियंका के मुताबिक, पिता की इस सलाह ने उन पर से दबाव हटा दिया और वह बिना किसी डर के अपने नए करियर पर ध्यान दे सकीं। यही फैसला उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद प्रियंका ने बॉलीवुड में कई हिट फिल्में दीं और आगे चलकर हॉलीवुड में भी अपनी अलग पहचान बनाई। आज वह ग्लोबल स्टार के रूप में जानी जाती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Digestion Brain Metabolism Health Advice

2 दिन पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक हम हमेशा से ये सुनते आए हैं कि सुबह खाली पेट पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये आदत बॉडी को रीस्टार्ट का मैसेज देती है। कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स इस आदत को ‘साइलेंट हीलर’ भी कहते हैं। इंग्लैंड की लॉफबोरो यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार, सुबह उठने के 30 मिनट के अंदर लगभग आधा लीटर पानी पीने से ब्रेन की फंक्शनिंग सुधरती है। आज जरूरत की खबर में हम इसका साइंस समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- यह डाइजेशन, वजन और मेंटल हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है? कितना और किस तरह का पानी पीना सबसे सही है? एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीने से शरीर पर क्या असर पड़ता है? जवाब- सोते समय हमारा शरीर ‘रिकवरी और रिपेयर मोड’ में चला जाता है। इसके कारण मेटाबॉलिज्म और बॉडी के अन्य ऑर्गन्स स्लो हो जाते हैं। ऐसे में सुबह-सुबह पानी पीने से शरीर धीरे-धीरे इस मोड से बाहर आता है। जिससे- मूड संतुलित रहता है। फोकस में आसानी होती है। याददाश्त बेहतर रहती है। सोचने और फैसला लेने की क्षमता बढ़ती है। सवाल- सुबह-सुबह खाली पेट पानी पीना हमारे डाइजेशन को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- जब हम सुबह खाली पेट पानी पीते हैं, तो पानी पेट में पहुंचकर पाचन तंत्र को धीरे-धीरे सक्रिय करता है। इससे पेट और आंतों की मांसपेशियों में मूवमेंट शुरू होती है। सुबह पानी पीने से ऐसे गैस्ट्रिक जूस और एंजाइम्स रिलीज होते हैं, जिससे खाना पचाने की क्षमता बढ़ती है। यह आदत कब्ज, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद करती है। सवाल- सुबह खाली पेट पानी पीने से किन बीमारियों का जोखिम कम होता है? जवाब- रोज सुबह खाली पेट पानी पीने की आदत कई लाइफस्टाइल डिजीज के रिस्क को कम कर सकती है। जब शरीर हाइड्रेटेड रहता है, तो मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और टॉक्सिन्स जमा नहीं होते। रिसर्च और क्लिनिकल ऑब्जर्वेशन के मुताबिक, सुबह पानी पीने की आदत किडनी स्टोन, यूरिन इन्फेक्शन, हाई ब्लड प्रेशर और कब्ज जैसी समस्याओं के खतरे को घटा सकती है। सवाल- क्या खाली पेट पानी पीना वजन कम करने में भी मददगार होता है? जवाब- हां, सुबह पानी पीने से मेटाबॉलिज्म 20–30% तक एक्टिव होता है। ये कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। इसके अलावा पानी पेट को थोड़ा भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे नाश्ते में ओवरईटिंग की संभावना कम हो जाती है। जो लोग खाने से पहले पानी पीते हैं, उनका कुल कैलोरी इनटेक कम होता है। सिर्फ पानी पीने से वजन कम नहीं होता। यह सिर्फ एक सपोर्टिव हैबिट है। वजह कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना भी जरूरी है। सवाल- सुबह खाली पेट पानी पीने का मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है? जवाब- मेंटल हेल्थ और हाइड्रेशन के बीच गहरा संबंध है। डिहाइड्रेशन से थकान, चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी हो सकती है। सुबह पानी पीने से ब्रेन को पर्याप्त ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई मिलती है, जिससे एकाग्रता और अलर्टनेस बढ़ती है। यह स्ट्रेस हाॅर्मोन को बैलेंस करने में भी मदद करता है। डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि सुबह पानी पीने से दिन की शुरुआत ज्यादा क्लियर और शांत होती है। सवाल- क्या सुबह उठकर पानी पीने से हमारे एनर्जी लेवल और मूड में फर्क आता है? जवाब- बिल्कुल। रात भर डिहाइड्रेटेड रहने के बाद शरीर सुस्त महसूस करता है। जैसे ही सुबह पानी पीते हैं, सेल्स एक्टिव होने लगती हैं और एनर्जी लेवल धीरे-धीरे बढ़ता है। इससे थकान कम होती है, सिर भारी लगने की समस्या घटती है और मूड बेहतर होता है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स चाय-कॉफी से पहले पानी पीने की सलाह देते हैं। सवाल- सुबह खाली पेट ठंडा पानी पीना चाहिए या गुनगुना पानी? जवाब- डॉ. रोहित शर्मा के मुताबिक, सुबह के समय गुनगुना या नॉर्मल टेम्परेचर का पानी ज्यादा फायदेमंद होता है। ठंडा पानी डाइजेशन को धीमा कर सकता है और कुछ लोगों में गैस या ऐंठन की समस्या पैदा कर सकता है। वहीं गुनगुना पानी डाइजेशन को एक्टिव करता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। सवाल- सुबह खाली पेट कितना पानी पीना चाहिए? जवाब- आमतौर पर 1 से 2 गिलास (250–500 ml) पानी पर्याप्त माना जाता है। शरीर की जरूरत, मौसम और हेल्थ कंडीशन के हिसाब से ये मात्रा अलग हो सकती है। सवाल- सुबह खाली पेट पानी पीते हुए क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- अक्सर कुछ लोग सुबह खाली पेट पानी पीते समय कुछ गलतियां करते हैं, जो सेहत को फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकती हैं। नीचे दिए ग्राफिक में कुछ कॉमन गलतियां बताई गई हैं, इन्हें देखिए- सवाल- किन्हें खाली पेट पानी पीते हुए थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- कुछ लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। जैसकि- जिन्हें किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं। जिन्हें हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं। जिनका ब्लड प्रेशर लो रहता है। जिन्हें गंभीर गैस्ट्रिक इश्यू है। सुबह खाली पेट पानी पीना एक छोटी लेकिन असरदार आदत है। यह डाइजेशन, मेटाबॉलिज्म, मेंटल हेल्थ और ओवरऑल वेलबीइंग को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। ………………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- आपके घर के पास है स्ट्रीट फूड:बढ़ सकता है शुगर, मोटापे का रिस्क, स्टडी में खुलासा, फूड हैबिट सुधारने के 11 टिप्स क्या आप भी ऐसी कॉलोनी या मोहल्ले में रहते हैं, जहां आसपास हर गली-नुक्कड़ पर स्ट्रीट फूड की दुकानें हैं। अगर हां, तो यह स्टडी आपके लिए बेहद अहम है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि कभी-कभार स्ट्रीट फूड खाने से क्या ही फर्क पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पंजाब बजट, महिलाओं को ₹1000 महीना, रजिस्ट्रेशन बैसाखी पर:MLAs को ₹10 करोड़; 7 नए मेडिकल कॉलेज, शिक्षा क्रांति पर ₹3500 करोड़ खर्च होंगे

पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने रविवार (8 मार्च) को 2,60,437 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। ढाई घंटे से ज्यादा के बजट भाषण में चीमा ने महिलाओं, किसानों, शिक्षा और हेल्थ सेक्टर में कई घोषणाए कीं। कोई नया टैक्स नहीं लगाया। शुरू में ही वित्तमंत्री ने कहा कि यह बजट मां-बेटियों को समर्पित है। इस बजट का नाम गारंटी पूरा करने वाला रखता हूं। बजट के आखिर में महिलाओं के लिए एक हजार रुपए महीना देने की स्कीम मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार लॉन्च की। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 18 साल से बड़ी हर महिला को 1 हजार रुपए महीना मिलेंगे। जबकि, SC वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए महीने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की 97% महिलाएं कवर होंगी। इसके लिए 9300 करोड़ का फंड रखा गया है। इसके लिए बैसाखी पर 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। वित्तमंंत्री ने हरियाणा सरकार पर तंज कसा। चीमा ने कहा कि हरियाणा ने इनकम की लिमिट लगा दी, जिससे सिर्फ 20% महिलाओं को लाभ मिला। मगर, हम जुमलेबाजी नहीं करते। इसके साथ ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना अप्रैल 2026 से शुरू होगी, जिसके लिए 2026-27 में ₹100 करोड़ का बजट रखा गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने क्या कहा… बजट से पहले की PHOTOS… पंजाब बजट मोमेंट्स देखने के लिए क्लिक करें 8 महीने पहले मंत्री बने अरोड़ा को सबसे ज्यादा बजट, दूसरे नंबर पर खुडि्डयां, CM को ₹12 हजार करोड़ मिले; जानें किस मंत्री को कितना बजट मिला पंजाब में AAP का चुनावी दांव:महिलाओं को 1000 रुपए देने का ऐलान, SC वर्ग को 1500 रुपए मिलेंगे, BJP पर जुमलेबाजी का तंज बजट के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
Nancy Grewal Murder Canada | Anti-Khalistan Day March 3

इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। – फाइल फोटो पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या के बाद कनाडा में खालिस्तान समर्थकों का विरोध बढ़ गया है। कनाडाई डेमोक्रेट्स, स्थानीय हिंदू और सिख ऑर्गेनाइजेशन के साथ राजनेताओं ने खालिस्तानियों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रोष जताया। . उन्होंने लिखा- नैन्सी अच्छी इंसान थी। अब 3 मार्च को एंटी खालिस्तान डे के तौर पर मनाया करेंगे। इसी दिन नैन्सी की चाकू से 18 बार वार और जीभ काटकर हत्या की गई थी। विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने भी कहा है- लासाल और पूरे विंडसर-एसेक्स के कई लोगों की तरह मुझे भी नैन्सी ग्रेवाल की मौत का दुख है। नैन्सी सोशल मीडिया की दुनिया में एक जानी-मानी आवाज थीं और सोशल मीडिया की पोस्टों ने यह साफ कर दिया कि दुनिया भर में बहुत से लोग उनके विचारों को फॉलो करते थे। इधर, नैन्सी ग्रेवाल की मां आज कनाडा पहुंच जाएंगी और डेडबॉडी लेने के लिए फार्मेलिटीज पूरी करेंगी। इसके साथ ही लासाल पुलिस आज कातिलों को लेकर खुलासा कर सकती है। बता दें कि कनाडा के विंडसर में रहने वाली नैन्सी ग्रेवाल की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। नैन्सी खालिस्तानी मूवमेंट के खिलाफ सोशल मीडिया पर बोलती थीं। उनकी मौत ने कनाडा की राजनीति और पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो जारी कर दावा किया कि विरोध करने पर खालिस्तान समर्थकों ने रेडियो होस्ट को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। इसी तरह के वीडियो-फोटो शेयर कर लोग खालिस्तानियों के प्रति अपना रोष जता रहे हैं। 3 पॉइंट्स में जानें नैन्सी की हत्या पर लोगों का विरोध… कनाडा पुलिस की सुरक्षा में बड़ी चूक: नैन्सी ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले ही बताया था कि उन्हें 40 से ज्यादा बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। नवंबर 2025 में उनके घर पर पर हमला भी हुआ था। फिर भी पुलिस ने उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी। लासाल पुलिस चीफ माइकल पियर्स ने कहा है कि नैन्सी की हत्या इत्तेफाक या रैंडम हमला नहीं है। यह एक सोची-समझी साजिश थी। CBC की रिपोर्ट के मुताबिक, एक खालिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि नैन्सी को उनके बयानों और खालिस्तान के खिलाफ बोलने की सजा दी गई है। खालिस्तानियों के पॉलिटिकल रिलेशन, फोटो खिंचवा रहे: कनाडा के लोगों ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए दावा किया कि खालिस्तानियों के पॉलिटिकल रिलेशन हैं। राजनीति इशारे पर कनाडा का माहौल खराब हो रहा है। लोगों ने एक फोटो पोस्ट कर लिखा- विंडसर के मेयर ड्रू डिलकेंस की एक फोटो चर्चा में है, जिसमें वह अवतार कूनर के पास बैठे हैं। अवतार कूनर को खालिस्तानी समर्थक बताया जा रहा है। उसी कमरे की दीवार पर जगतार सिंह हवारा की एक बड़ी फोटो लगी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों पुलिस और नेता ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं जो खुलेआम धमकियां देते हैं। खालिस्तानियों पर हमास और हिजबुल्ला जैसी सख्ती हो: नैन्सी की हत्या के बाद कनाडा का यहूदी समुदाय भी गुस्से में है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि यह कत्ल सिस्टम की नाकामी है। नैन्सी को पुलिस सुरक्षा न मिलना राष्ट्रीय शर्म है। यहूदी संगठनों ने मांग की है कि कनाडा सरकार खालिस्तानी उग्रवादियों के साथ भी वैसी ही सख्ती बरते जैसी हमास और हिजबुल्ला जैसे आतंकी संगठनों के साथ बरती जाती है। उन्होंने हिंदू और सिख समुदायों के साथ खड़े होकर कहा, ओम शांति। उनकी यादें हमेशा बनी रहें। सांसद हर्ब गिल ने अपनी बात रखने के अलावा लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास इस केस से संबंधित कोई जानकारी है, जो केस को सॉल्व करने में मदद कर सकती है तो डिटेक्टिव सार्जेंट जेमी नेस्टर को सूचित करें। विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने की सजा की मांग विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने कहा कि वह खुद 30 साल तक पुलिस ऑफिसर रह चुके हैं। उन्होंने नैन्सी की मौत को दुखद बताया। उन्होंने मांग की है कि नैन्सी के हत्यारों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। उनके पुलिस बैकग्राउंड की वजह से अब लासाल पुलिस पर दबाव और बढ़ गया है। यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की फाइल फोटो। एंटी-खालिस्तान डे की घोषणा हिंदू कैनेडियन फेडरेशन ने नैन्सी ग्रेवाल की याद में हर साल 3 मार्च को एंटी खालिस्तान डे मनाने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह मूवमेंट उन लोगों के खिलाफ है जो कनाडा की धरती पर होमग्रोन टेररिज्म फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नैंसी ग्रेवाल ने आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और खालिस्तानी नेटवर्क को बेनकाब किया था। कनाडा में जो खालिस्तान के खिलाफ बोलता है उसी को पीटा या मारा जाता है। इससे पहले रेडियो होस्ट दीपक पुंज पर हमला, फिर ज्योति सिंह मान पर हमला और अब नैन्सी की हत्या। हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन की ओर से सोशल मीडिया पर घोषणा की गई। हर साल 3 मार्च को एंटी खालिस्तानी-डे मनाने के लिए जारी किया गया पोस्टर। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… नैन्सी ग्रेवाल हत्याकांड, 15 दिन पहले प्लान हुआ मर्डर:दोस्त को कहा था- मौत मंजूर, चुप नहीं रहूंगी; पढ़िए बहन के 5 अहम खुलासे पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैन्सी ग्रेवाल के मर्डर को लेकर बहन अलीशा ने कई खुलासे किए हैं। बहन ने बताया कि नैन्सी को जान का खतरा था। उसने बकायादा कनाडा पुलिस को कुछ लोगों के नाम दे रखे थे। नैन्सी ने पुलिस को कहा था कि अगर उसे कुछ हो जाए तो इन लोगों से पूछताछ की जाए। पूरी खबर पढ़ें…
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हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि हम हरियाणा में बादशाह के शो नहीं होने देंगे। बॉलीवुड सिंगर और रैपर बादशाह के ‘टटीरी’ गाने में आपत्तिजनक शब्दों और लड़कियों के सीन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। रविवार को कुरुक्षेत्र पहुंची हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा- ‘बेटियों के लिए घटिया शब्द बोलने वाले को बादशाह नहीं रहन . वहीं गाने में फीमेल वोकल देने वाली कैथल की सिमरन जागलान के पिता हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में कहा कि उनकी बेटी ने सिर्फ अपनी लाइनें रिकॉर्ड कर बादशाह की टीम को भेजी थीं। उन्हें गाने के रिलीज होने के बाद बादशाह के रैप की लाइनों के बारे में पता चला। कर्मबीर ने यह भी कहा कि विवाद होने के बाद उन्होंने बादशाह की टीम से बात की और इन लाइनों पर आपत्ति जताई। उन्होंने टीम को स्पष्ट रूप से कह दिया कि यदि गाना दोबारा रिलीज हुआ तो इसकी वर्डिंग बदली जाए। टटीरी गाने में बोले गए कुछ आपत्तिजनक शब्दों और लड़कियों के स्कूल ड्रेस में डांस करने को लेकर विवाद हो रहा है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए कर्मबीर फौजी ने क्या कहा… गाना फेमस हुआ, इसलिए विवाद कर्मबीर फौजी ने बताया कि गाना रिलीज होते ही काफी फेमस हो गया। अगर यह फेमस नहीं होता तो शायद इतना विवाद नहीं होता। गाने में हरियाणवी बोल थे, इसलिए पब्लिक भी खुश थी और परिवार को भी खुशी थी कि उनकी बेटी का गाना बॉलीवुड तक पहुंच रहा है। गाने का म्यूजिक भी अच्छा था और सिमरन की आवाज भी लोगों को पसंद आई। गाने के शब्दों को लेकर कई फोन आए कर्मबीर ने कहा कि गाने के रैप हिस्से में कुछ ऐसे शब्द थे, जिनकी वजह से विवाद खड़ा हुआ। वही शब्द गलत थे और लोगों ने उन पर आपत्ति जताई। इसलिए गाने को यूट्यूब से हटा दिया गया। समाज में इस तरह की वर्डिंग स्वीकार नहीं होती और इसलिए लोगों की नाराजगी भी सामने आई। कई ग्रामीणों के मेरे पास फोन आए, लेकिन किसी भी तरह की धमकी नहीं मिली। लोगों ने बस यह कहा कि ऐसे शब्द गानों में नहीं होने चाहिए। हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी अपनी बेटी सिमरन (बाएं से पहली) और शिवानी (बीच में) जागलान के साथ। हमें रैप की लाइनों का नहीं पता था कर्मबीर फौजी ने बताया कि गाना रिलीज होने से पहले हमें बादशाह के रैप की लाइनों की जानकारी नहीं थी। हमें लगा था कि रैप भी वैसा ही होगा जैसी गाने की लाइनें हैं। विवाद के बाद उन्होंने बादशाह की टीम से बात की। हमने उन्हें साफ कहा कि इस तरह की वर्डिंग यहां की संस्कृति में स्वीकार नहीं की जाती। बस और स्कूल की भी जानकारी नहीं गाने में दिखाई गई हरियाणा रोडवेज की बस पर कर्मबीर ने कहा कि उन्हें शूटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है। परिवार की तरफ से सिर्फ गाना रिकॉर्ड कर भेजा गया था। गाने की डबिंग कैथल में हुई थी, जबकि बाकी गाने की डबिंग मुंबई में हुई होगी। जो जींद के सच्चा खेड़ा गांव के स्कूल को बादशाला लिखा गया है, उसकी भी हमें जानकारी नहीं है। हम लोग वहां नहीं गए। स्कूल को एडिटिंग के जरिए बनाया गया। किसने क्या गाया, यह सबके सामने कर्मबीर फौजी ने कहा कि किसी भी ऐसी चीज से दुख होता है जो संस्कृति को नुकसान पहुंचाए। ऐसे मामलों में खुशी या दुख से ज्यादा समाज की मर्यादा अहम होती है और उसी के हिसाब से चलना पड़ता है। सिमरन जागलान ने एक फोक सॉन्ग गाया था, जबकि बादशाह ने उसे रीमिक्स किया था। गाने में किसने क्या गाया है, यह अब सबके सामने है। 26 फरवरी को कैथल और सोनीपत में बादशाह टटीरी गाने की प्रमोशन के लिए आए थे। पंचकूला-जींद में FIR, यूट्यूब से गाना हटा टटीरी गाने के रैप में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, लड़कियों को स्कूल ड्रेस में बैग फेंकते हुए दिखाया गया है, और हरियाणा रोडवेज बस का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण विवाद हो रहा है। इस मामले में बादशाह के खिलाफ पंचकूला और जींद में अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने बादशाह की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित करने और लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की बात कही है। इसके अलावा, गाने को यूट्यूब से हटा दिया गया है, और पुलिस ने यह भी कहा है कि जो भी इस पर रील बनाएगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बादशाह बोले- बेटा समझकर माफ कर दो विवाद के बाद बादशाह ने वीडियो जारी कर कहा, “मेरे गाने ‘टटीरी’ के कुछ बोल और सीन से हरियाणा के कुछ लोगों को ठेस पहुंची है। मैं खुद हरियाणा से हूं। मेरा कोई उद्देश्य नहीं था कि मैं हरियाणा के किसी बच्चे या महिला के बारे में ऐसी बेहूदी बात कहूं। मैं हिप-हॉप जॉनर से हूं, जहां बोल हमेशा कॉम्पिटिशन को नीचा दिखाते हैं। एक तरह से ये प्रतिद्वंद्वी के लिए होते हैं। मैंने हमेशा कोशिश की है कि मैं हरियाणा की संस्कृति को आगे लेकर जाऊं। अगर मेरे गाने के उस हिस्से से किसी को बुरा लगा हो, तो मुझे हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर दीजिए।” ——————————— ये खबर भी पढ़ें :- बादशाह संग ‘टटीरी’ सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी:पिता हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फोक सॉन्ग ‘टटीरी’ लॉन्च किया है। इस गाने में कैथल की रहने वाली सिमरन जागलान ने अपनी आवाज दी है। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाया है। पढ़ें पूरी खबर…
Shreya Ghoshal Mocks Punjabi Songs, Style

मशहूर सिंगर श्रेया घोषाल पंजाबी गीतों का मजाक उड़ाती हुई। मशहूर बॉलीवुड सिंगर श्रेया घोषाल ने एक पॉडकास्ट में पंजाबी गानों का मजाक उड़ाया है। श्रेया ने कहा कि पंजाबी गानों में कार, बंगला और लड़कियों की बात ही होती है। इसके अलावा श्रेया घोषाल ने हाथ से इशारे कर सिंगरों के स्टाइल का भी मजाक बनाया। . श्रेया ने कहा कि ज्यादातर पॉपुलर गानों का सब्जेक्ट भी एक जैसा ही होता है। श्रेया का यह वीडियो सामने आते ही वह पंजाबियों के टारगेट पर आ गईं। सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करते हुए पंजाबियों ने कहा कि उनके सॉन्ग नहीं चल रहे तो इसकी वजह से वह ऐसा कह रही हैं। पंजाबियों ने मेहनत कर कार-बंगले बनाए हैं। जब बराबरी नहीं होती तो बदनामी शुरू कर दो। सबसे पहले जानिए, श्रेया घोषाल ने क्या कहा… पॉडकास्ट में श्रेया घोषाल ने कहा- यह कहने के लिए माफ करना, लेकिन कई पंजाबी गाने हैं, जो बहुत अच्छे चल रहे हैं। उनमें वह क्या बोलते हैं, खासकर जो सॉन्ग पॉपुलर हैं। उनमें गाड़ी, बंगला, लड़की और हाथ से इशारे होते हैं। पंजाबी गानों में अक्सर धन-दौलत और अपनी ताकत का प्रदर्शन या दिखावा किया जाता है, जो आज के युवाओं के बीच बहुत प्रचलित है। उन्होंने कहा- ये गाने इसलिए ज्यादा सुने और पसंद किए जाते हैं, क्योंकि इनकी धुन बहुत अच्छी होती है और साथ ही इसमें दिखावे का एक आकर्षण होता है। यह ‘फ्लेक्स कल्चर’ और ‘अच्छी बीट्स’ का मिश्रण कुछ खास मार्केट्स और दर्शकों के बीच बहुत प्रभावशाली तरीके से काम करता है। अब देखिए, लोग कैसे श्रेया को निशाने पर ले रहे… X यूजर आकाशदीप थिंद ने कहा कि पंजाबी दिखावा नहीं करते बल्कि पंजाबी बहुत हार्ड वर्क करते हैं। जब बराबरी न हो तो बदनामी शुरू कर दो। ज्योति नाम की एक यूजर ने लिखा- इन्होंने शायद पंजाबी रोमांटिक गाने नहीं सुने हैं। पंजाबी इंडस्ट्री में बहुत टैलेंट है और गानों में काफी विविधता भी है। इन्हें कुछ भी बोलने से पहले अपना होमवर्क (तैयारी) ठीक से करना चाहिए। भारत आर्मी नाम के X यूजर ने लिखा, “श्रेया घोषाल ने एक बार कहा था – गहरे पानी की मछली हूं राजा, घाट घाट दरिया में घूमी हूं मैं।, जानलेवा जलवा है, देखने में हलवा है, प्यार से परोस दूंगी, लूट ले जरा।” श्रेया के ये विवाद भी चर्चा में रहे… “चिकनी चमेली” गाने को लेकर विवाद फिल्म अग्निनपथ (2012) का आइटम सॉन्ग “चिकनी चमेली” हिट रहा। लेकिन बाद में इस गाने को लेकर चर्चा हुई। श्रेया घोषाल ने एक इंटरव्यू में कहा कि आज के समय में वह ऐसे गाने रिकॉर्ड नहीं करना चाहेंगी, जिनके बोल महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करते हों। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया, क्योंकि वह बाद में कॉन्सर्ट में यह गाना गाती भी दिखीं। लाइव कॉन्सर्ट को लेकर सिंगर्स घेरे हाल ही में उन्होंने कुछ सिंगर्स द्वारा कॉन्सर्ट में लिप सिंक (रिकॉर्डेड गाने बजने पर सिर्फ होंठ हिलाना) करने की आलोचना की। उन्होंने इसे “लेजी एक्ट” यानी आलसी काम बताया। श्रेया का मानना था कि अगर दर्शक टिकट खरीदकर आ रहे हैं, तो उन्हें असली लाइव परफॉर्मेंस मिलनी चाहिए। इस बयान से कई बड़े सिंगर्स को लेकर सवाल उठे। करण जौहर के साथ क्रेडिट विवाद हुआ ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ के गाने ‘तुम क्या मिले’ के प्रमोशन के दौरान करण जौहर ने शुरुआती पोस्ट में अरिजीत सिंह का जिक्र किया था, लेकिन श्रेया का नाम नहीं था। इस पर श्रेया के फैंस ने इसे फीमेल सिंगर की अनदेखी बताते हुए सवाल उठाए। इस दौरान श्रेया ने भी इस पर एक फैन के ट्वीट को रीट्वीट कर अपनी मौन सहमति जताई थी, जिसके बाद करण जौहर ने सुधार करते हुए उन्हें क्रेडिट दिया।
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली-गोवा फ्लाइट में बाथरूम में बीड़ी पीते पकड़ा गया यात्री

दिल्ली से गोवा जा रही एक फ्लाइट में एक यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने उड़ान के दौरान विमान के शौचालय में बीड़ी पी। पुलिस के अनुसार, घटना तब सामने आई जब फ्लाइट क्रू को विमान के लैवेटरी से धुएं की गंध आई। जांच करने पर पता चला कि एक यात्री अंदर बीड़ी पी रहा था। विमान में धूम्रपान करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है और इसे उड़ान सुरक्षा के लिए गंभीर उल्लंघन माना जाता है। घटना की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दी गई और विमान के उतरने के बाद यात्री के खिलाफ कार्रवाई की गई। आज की बाकी बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में 300 करोड़ पेड़ लगाएगी सरकार, 33% फॉरेस्ट कवर का लक्ष्य महाराष्ट्र में जंगल क्षेत्र बढ़ाने के लिए राज्य सरकार 300 करोड़ पेड़ लगाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि इसका लक्ष्य राज्य में 33 प्रतिशत फॉरेस्ट कवर हासिल करना है। उन्होंने बताया कि पेड़ों की सुरक्षा के लिए सरकारी नीति में आर्बोरिकल्चर को भी शामिल किया जाएगा। इसके जरिए वैज्ञानिक डेटा, मौसम और मिट्टी के हिसाब से अलग अलग जातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। महाराष्ट्र आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य का मौजूदा फॉरेस्ट कवर 16.5 प्रतिशत है। जो राष्ट्रीय वन नीति के 33 प्रतिशत लक्ष्य से काफी कम है। प्रधानमंत्री कल पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित करेंगे पीएम मोदी 9 मार्च को सुबह 10.15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “सबका साथ सबका विकास-लोगों की उम्मीदों को पूरा करना” थीम पर पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को इसकी जानकारी दी। सोमवार से ही बजट सत्र का दूसरा सेशन भी शुरू हो रहा है। कर्नाटक में स्कूली छात्र ने देर रात रॉड से अपने साथियों पर हमला किया, एक की मौत और 6 घायल कर्नाटक के बल्लारी जिले के गुरुकुल रेजिडेंशियल स्कूल में एक छात्र ने अपने ही साथी की हत्या कर दी। घटना शनिवार देर रात की हैं। जब आरोपी छात्र ने अचानक अपने साथियों पर बेड की रॉड से हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र रात का खाना खाकर सो रहे थे। आरोपी ने अचानक बेकाबू होकर रॉड उठाई और जो भी सामने आया उस पर वार करना शुरू कर दिया। हमले में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। केरल में विदेशी जहाज से टक्कर के बाद मछुआरों की नाव डूबी, 2 लापता केरल के कोल्लम तट से करीब 120 नॉटिकल मील दूर एक विदेशी जहाज से टक्कर के बाद मछुआरों की नाव डूबी। घटना में बाद दो मछुआरे लापता हैं। रविवार को हुए इस हादसे में नाव पर कुल 11 क्रू सदस्य सवार थे। 9 को टक्कर मारने वाले जहाज ने ही सुरक्षित बचा लिया। कोस्टल पुलिस का कहना है कि लापता दो सदस्यों की तलाश जारी है। बचाए गए मछुआरों को जल्द ही कोच्चि या विझिनजाम लाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, मछुआरों के बयान दर्ज करने के बाद इस मामले में केस दर्ज किया जाएगा। चेन्नई में पीटीआई के पूर्व पत्रकार एस. रामासामी का निधन प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के पूर्व पत्रकार और क्षेत्रीय प्रबंधक एस. रामासामी (74) का रविवार को चेन्नई में निधन हो गया। पारिवारिक ने बताया कि, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पत्रकारिता जगत में उन्हें प्यार से ‘एसआर’ कहा जाता था। वह 1978 में पीटीआई से जुड़े थे करीब 30 साल तक अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति (DMK, AIADMK) को बहुत करीब से कवर किया। उनके परिवार में पत्नी और बेटी हैं। उनका अंतिम संस्कार रविवार को ही संपन्न होगा। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस-अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन को अंतरिम जमानत, पत्नी को कैंसर, इलाज में सपोर्ट के लिए मांगी थी बेल दिल्ली की एक कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है, ताकि वह अपनी पत्नी की देखभाल कर सकें, जिनका स्टेज 4 ओवेरियन कैंसर का इलाज चल रहा है। एडिशनल सेशंस जज शीतल चौधरी प्रधान ने शनिवार को सिद्दीकी को यह कहते हुए राहत दी कि उनकी पत्नी की कीमोथेरेपी चल रही थी और इलाज के दौरान उन्हें सपोर्ट की जरूरत थी। कोर्ट ने जावद को बिना इजाजत के दिल्ली-NCR न छोड़ने, अपना मोबाइल फोन एक्टिव रखने, अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और रिहाई के समय गवाहों या शिकायत करने वाले से संपर्क न करने का निर्देश दिया है। ईरान-इजराइल जंग के कारण CBSE ने मिडिल ईस्ट देशों में 12वीं बोर्ड एग्जाम पोस्टपोन किए, नई तारीखें बाद में बताई जाएंगी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शनिवार को ईरान-इजराइल विवाद के बीच मिडिल ईस्ट इलाके में 9, 10 और 11 मार्च को होने वाली 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं टाल दी हैं। CBSE एग्जामिनेशन कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने कहा, “मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्सों बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE में मौजूदा हालात की वजह से, बोर्ड ने परीक्षाएं टालने का फैसला किया है। नई तारीखें बाद में बताई जाएंगी। आगे की परीक्षाओं के लिए 10 मार्च को रिव्यू किया जाएगा।” इससे पहले, बोर्ड ने इन देशों में 2 मार्च, 5 मार्च और 7 मार्च को होने वाली परीक्षाएं टाल दी थीं। बोर्ड ने 11 मार्च तक क्लास 10 की परीक्षाएं कैंसिल कर दी हैं और कहा कि रिजल्ट घोषित करने का तरीका अलग से बताया जाएगा। 9 मार्च को संसद में होगी ‘एक देश, एक चुनाव’ पर JPC की मीटिंग कॉन्स्टिट्यूशन (129वां अमेंडमेंट) बिल, 2024 और यूनियन टेरिटरीज लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2024 की जांच कर रही जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की मीटिंग 9 मार्च को नई दिल्ली में पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी (PHA) में होगी। BJP MP पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली यह कमेटी गुलाम नबी आजाद और एम वीरप्पा मोइली समेत सीनियर पॉलिटिकल लीडर्स और पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (129वां संशोधन) बिल 2024, ‘एक देश-एक चुनाव’ के नाम से मशहूर प्रस्तावित सुधार से जुड़ा है, जिसका मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ
50 लाख आबादी वाला न्यूजीलैंड क्रिकेट में इतना बेहतर कैसे:वहां हर 50वां व्यक्ति क्रिकेटर; टैलेंट सर्च, कोचिंग और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी

2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन…2024 में इंडिया को पहली बार उसी के घर में क्लीन स्वीप किया। फिर विमेंस टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप भी जीत लिया। ये न्यूजीलैंड के हालिया अचीवमेंट्स हैं। इसके अलावा कीवी टीम ने ओवरऑल 18 ICC टूर्नामेंट्स के सेमीफाइनल भी खेले हैं। न्यूजीलैंड को क्रिकेट की सबसे अनुशासित टीमों में भी गिना जाता है। यही वजह है कि टीम को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। लेकिन 50 लाख की आबादी वाला यह छोटा-सा देश क्रिकेट में इतना बेहतर कैसे बन गया? इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब देंगे। स्टोरी 3 पार्ट में पढ़िए… 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा 1832 में एंग्लिकन मिशनरी हेनरी विलियम्स ने नॉर्थलैंड में एक मैच आयोजित किया था। यह कीवियों के इतिहास का पहला मैच है। इसके 10 साल बाद दिसंबर 1842 में वेलिंगटन में एक मैच खेला गया, जिसका स्कोर दर्ज किया गया। यह क्रिकेट इतिहास का पहला ऐसा मैच, जिसमें स्कोर दर्ज किया गया था। 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा, जब जॉर्ज पार की पेशेवर ऑल-इंग्लैंड इलेवन टीम यहां खेलने आई। इस अंग्रेजी टीम ने ओटागो और कैंटरबरी की 22 खिलाड़ियों वाली टीमों के खिलाफ चार मैच जीते। 1906 में गवर्नर लॉर्ड प्लंकेट ने प्लंकेट शील्ड ट्रॉफी शुरू की। पहली जीत के लिए 26 साल का इंतजार न्यूजीलैंड 1930 में टेस्ट खेलने वाला देश बना। टीम को अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए 26 साल इंतजार करना पड़ा। कीवियों को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ जीत हासिल करने में दो दशक और लग गए। जब उसने ऑकलैंड के ईडन पार्क में वेस्टइंडीज को हराया। न्यूजीलैंड ने अपना पहला वनडे मैच 11 फरवरी 1973 को खेला और पाकिस्तान को 22 रन से हराया। न्यूजीलैंड की महिला टीम ने अपना पहला टेस्ट मैच 1935 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। पिछले 6 साल में 3 फाइनल खेले, एक जीता न्यूजीलैंड की टीम ने 2020 के बाद 3 बार ICC टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई, इसमें से उसे एक में जीत, जबकि 2 में हार का सामना करना पड़ा। साउथैम्प्टन के द रोज बाउल स्टेडियम में कीवियों ने जून 2021 में भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में 8 विकेट से हराया। उसी साल 14 नवंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में न्यूजीलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से हराया। कीवियों को पिछले साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत से फाइनल मैच खेला था। इसमें उसे 4 विकेट की पराजय झेलनी पड़ी थी। 2000 में पहला ICC टाइटल जीता न्यूजीलैंड की मेंस टीम 2000 में पहली बार किसी ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची। टीम ने पहले ही मौके में टीम इंडिया को 4 विकेट से हराया था। उसके बाद कीवियों ने अगले 20 साल में 3 फाइनल खेले, लेकिन एक भी नहीं जीत सकी। कीवियों को 2009 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 में वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल हराया। 2019 में न्यूजीलैंड फिर फाइनल में पहुंचा, लेकिन इस बार इंग्लैंड के खिलाफ ICC के बाउंड्री के नियम की वजह से हार गया। 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए, 39% जीते न्यूजीलैंड, ऐसी टीम है, जो ज्यादा बयानबाजी नहीं करती है और न ही उसके खिलाड़ी अनुशासनहीनता करते हैं। प्लेयर्स का हाव-भाव जीत और हार में एक समान रहता है। न्यूजीलैंड की टीम शांतिपूर्ण तरीके से अपना गेम खेलती है और सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। NZ की टीम ने 18 मौकों में ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसमें से 7 जीते, जबकि 11 मौकों पर कीवियों के हाथ निराशा हाथ लगी है। टीम ने 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए हैं और 39% मैच जीते हैं। न्यूजीलैंड को इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत 26 साल बाद मिली। टीम पहले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई। उसने 1979 और 1992 में भी टॉप-4 में जगह बनाई। लेकिन, टीम टाइटल नहीं जीत पा रही थी। इस कारण 1990 के दशक में न्यूजीलैंड क्रिकेट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार किया गया। नया गवर्नेंस स्ट्रक्चर बना। स्टेट के प्रतिनिधियों की जगह योग्यता के आधार पर नियुक्तियां होने लगीं। इसका असर भी हुआ और टीम ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती। न्यूजीलैंड के सक्सेस मॉडल को 4 फैक्टर्स में समझिए… फैक्टर-1. कम आबादी, लिमिटेड टैलेंट; ज्यादा फोकस न्यूजीलैंड के इतिहासकार डॉन नीली ने कहा था- ‘हम छोटे हैं, इसलिए पूरे देश को एक टारगेट के लिए साथ लाना आसान है। कई लोग इसे कमजोरी मानते हैं, वहीं हम इसे अपनी ताकत मानते हैं।’ यही बात क्रिकेट पर लागू होती है, वहां एक लाख रजिस्टर्ड क्रिकेटर्स हैं। प्लेयर्स को कम उम्र में स्कूल और क्लब लेवल से स्काउट किया जाता है। फिर उनके स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाता है। संख्या कम होने के कारण कोचिंग और अन्य सुविधाओं के लिहाज से हर प्लेयर्स पर कोचेस और एडमिनिस्ट्रेटर का फोकस ज्यादा होता है। फैक्टर-2. मजबूत ग्रासरूट सिस्टम न्यूजीलैंड की असली ताकत उसका मजबूत ग्रासरूट सिस्टम है। उसके शहर छोटे जरूर हैं, लेकिन खेल सुविधाओं से भरपूर हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि टौरंगा के माउंट माउंगानुई में एक छोटा लेकिन शानदार क्रिकेट स्टेडियम, दो रग्बी मैदान, वाइकाटो हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ और एथलेटिक्स ट्रैक मौजूद है। पास में यॉटिंग और सेलिंग क्लब भी है। इससे वहां के रहवासियों की जीवनशैली में स्पोर्ट्स कल्चर बिल्ट होता है। न्यूजीलैंड की सफलता में आउटडोर जीवनशैली का बड़ा योगदान है। स्कूलों में दौड़ने, कूदने और थ्रो करने जैसी शारीरिक गतिविधियों पर खास जोर दिया जाता है। हर साल आधे से ज्यादा बच्चे कम से कम एक प्रतिस्पर्धी खेल में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्कूल और क्लब से प्लेयर्स को स्काउट करने के बाद उन्हें वहां के डोमेस्टिक और नेशनल टूर्नामेंट में मौका दिया गया है। इन टूर्नामेंट में स्टेज की 6 टीमें हिस्सा लेती हैं। विमेंस कैटेगरी में भी 6 टीमें खेलती हैं। टी-20 में सुपर स्मैश और मल्टी-डे क्रिकेटर्स के लिए प्लुनकेट शील्ड का आयोजन होता है। फैक्टर-3. हॉकस बे कैंप क्रिकेट की नर्सरी न्यूजीलैंड क्रिकेट के टैलेंट को तैयार करने में नॉर्थ आइलैंड के दक्षिणी हिस्से में स्थित हॉकस बे के क्रिकेट कैंपों की अहम भूमिका है। इसे कीवी क्रिकेट
Online Shopping Refund Scam; Chandigarh Screen Sharing App Cyber Fraud

2 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक ऑनलाइन शॉपिंग ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। लेकिन साइबर ठग यहां भी अपनी सेंध लगा चुके हैं। हाल ही में चंडीगढ़ की एक महिला ने डैमेज प्रोडक्ट के रिफंड के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। इसके बाद वह स्कैमर्स के जाल में फंस गई। ठगों ने रिफंड प्रोसेस का झांसा देकर महिला के खाते से 80 हजार रुपए उड़ा लिए। रिफंड के नाम पर स्कैम की ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अलर्ट जारी किया है इसलिए आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम रिफंड स्कैम के इसी खतरे को समझेंगे। साथ ही जानेंगे- साइबर ठग रिफंड के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? रिफंड स्कैम से बचने के लिए किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- रिफंड स्कैम क्या है? चंडीगढ़ में एक महिला इस स्कैम का शिकार कैसे हुई? जवाब- रिफंड स्कैम में साइबर ठग किसी कंपनी या सर्विस के नाम पर ‘रिफंड’ का झांसा देकर लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। यह स्कैम तब शुरू होता है, जब कोई ग्राहक डैमेज्ड प्रोडक्ट रिटर्न करने या ऑर्डर कैंसिल करने के बाद रिफंड चाहता है। चंडीगढ़ में महिला ने क्विक कॉमर्स एप ‘ब्लिंकिट’ से ग्रॉसरी ऑर्डर की थी। प्रोडक्ट डैमेज होने पर महिला ने रिफंड के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। सर्च रिजल्ट में दिखा नंबर स्कैमर्स का था। कॉल करने पर ठग ने खुद को कस्टमर केयर बताकर रिफंड प्रोसेस शुरू करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद स्कैमर ने महिला से स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करवाया। जैसे ही महिला ने स्क्रीन शेयर की, फोन का कंट्रोल ठग के हाथ में चला गया। उसने बैंक और वॉलेट एप एक्सेस कर कुल 80 हजार रुपए ठग लिए। इस तरह रिफंड दिलाने के बहाने महिला के अकाउंट से पैसे साफ कर दिए गए। सवाल- साइबर ठग रिफंड के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- इस स्कैम में साइबर ठग यूजर के भरोसे और तकनीकी जानकारी कमी का फायदा उठाते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल– चंडीगढ़ की महिला ब्लिंकिट से रिफंड लेना चाहती थी, लेकिन उसने क्या गलती की कि वह इस स्कैम का शिकार हो गई? जवाब- महिला की सबसे बड़ी गलती यह थी कि– उसने रिफंड के लिए सीधे ऑफिशियल एप का इस्तेमाल करने की बजाय गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। दूसरी गलती ये थी कि महिला ने बिना वेरिफाई किए उस नंबर पर कॉल किया और फिर रिफंड के नाम पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड कर लिया। सवाल- महिला की गलती ये थी कि उसने कस्टमर केयर का नंबर गूगल पर ढूंढा। तो क्या ऑनलाइन मिलने वाला कस्टमर केयर नंबर फेक भी हो सकता है? जवाब- हां, साइबर ठग SEO और पेड विज्ञापनों के जरिए अपने नंबर को गूगल रिजल्ट में ऊपर दिखा देते हैं, ताकि लोग उसे ही आधिकारिक नंबर समझें। कई बार ये नंबर ‘Ad’ टैग के साथ भी दिखते हैं, लेकिन लोग ध्यान नहीं देते। इसलिए सिर्फ गूगल सर्च पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है। सवाल- तो फिर सही कस्टमर केयर नंबर कैसे पता करें? जवाब- इसका सबसे सुरक्षित तरीका है कि आप संबंधित कंपनी के ऑफिशियल एप या आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां दिए गए ‘Help‘, ‘Support‘ या ‘Contact Us‘ सेक्शन पर दिए गए ‘कॉन्टैक्ट नंबर’ या ‘ईमेल आईडी’ से संपर्क करें। गूगल सर्च में दिख रहे किसी भी नंबर पर कॉल करने से पहले उसे वेरिफाई जरूर करें। सवाल- कोई कस्टमर केयर नंबर सही है या फर्जी, ये कैसे पता करें? जवाब- किसी भी कस्टमर केयर नंबर का हमेशा कंपनी के आधिकारिक एप या वेबसाइट पर दिए गए कॉन्टैक्ट डिटेल्स से मिलान करें। अगर नंबर अलग दिखे या कॉल पर बातचीत संदिग्ध हो तो तुरंत सतर्क हो जाएं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- ‘फर्जी रिफंड स्कैम’ से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- रिफंड, शिकायत या सपोर्ट के लिए हमेशा कंपनी के आधिकारिक एप या वेबसाइट से संपर्क करें। याद रखें, कस्टमर केयर कभी भी रिफंड देने के लिए आपके फोन का कंट्रोल या OTP नहीं मांगता है। साथ ही कुछ और बातों का भी खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- अगर ‘रिफंड स्कैम’ का शिकार हो जाएं तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- अपने बैंक या पेमेंट एप के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क कर ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं। UPI पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड और कार्ड डिटेल तुरंत बदल दें। फोन में इंस्टॉल संदिग्ध एप्स को हटाएं। किसी भी कॉल/मैसेज का जवाब न दें। सवाल- ‘रिफंड स्कैम’ की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर नजदीकी साइबर सेल या पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट कर सकते हैं। …………………… ये खबर भी पढ़ें… साइबर लिटरेसी- तेजी से बढ़ रहा इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम:इंस्टा मैसेज से सावधान, बरतें 8 सावधानियां, जानें अकाउंट कैसे रखें सेफ आज के समय में इंस्टाग्राम सिर्फ फोटो-वीडियो शेयर करने का प्लेटफॉर्म नहीं है। यह पहचान और कमाई का जरिया भी बन चुका है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों की नजर इंस्टाग्राम के आम यूजर्स से लेकर क्रिएटर्स और बिजनेस अकाउंट्स, सभी पर है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…






