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पनीर सलाद रेसिपी: मिनट में निश्चित हरे मटर और पनीर वाला हाई प्रोटिन क्यूज़, वेट लॉस के लिए है परफेक्ट बॅट रेसिपी

पनीर सलाद रेसिपी: मिनट में निश्चित हरे मटर और पनीर वाला हाई प्रोटिन क्यूज़, वेट लॉस के लिए है परफेक्ट बॅट रेसिपी

11 मार्च 2026 को 23:53 IST पर अपडेट किया गया हाई प्रोटीन सलाद रेसिपी: अगर आप भी क्लासिक और झटपट बनने वाली रेसिपी ढूंढ रहे हैं, तो पनीर और हरे मटर का यह व्यंजन जरूर बना सकते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। (टैग्सटूट्रांसलेट)हाई प्रोटीन सलाद(टी)सलाद रेसिपी(टी)पनीर सलाद(टी)पनीर सलाद कैसे बनाएं(टी)हरे मटर-पनीर की रेसिपी(टी)मटर सलाद रेसिपी(टी)वजन घटाने वाला आहार(टी)स्वस्थ आहार(टी)आहार युक्तियाँ

पूरी रेसिपी: पालक से लेकर बीटरूट तक, घर पर आसानी से तैयार करें ये 4 तरह की रंग-बिरंगी फुल और कुरकुरी पूरियां

पूरी रेसिपी: पालक से लेकर बीटरूट तक, घर पर आसानी से तैयार करें ये 4 तरह की रंग-बिरंगी फुल और कुरकुरी पूरियां

पूड़ी रेसिपी: अक्सर समुच्चय में समुच्चय या खास कारखाने पूरी तरह से निर्मित होते हैं, लेकिन रोज़ एक जैसा सिंपल पूरी तरह खाते-खाते कई बार लोग बोर हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप खाने में थोड़ा बदलाव करना चाहते हैं तो अलग-अलग तरह की पूरियां साज-सज्जा कर सकते हैं। पालक, चुकंदर, मटर और मेथी से बनने वाली पूरियाँ स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर होती हैं। आइए जानते हैं घर पर आसानी से बनने वाली इन खास पूरी रेसिपी के बारे में… पालक पूरी तरह से बनाने के लिए सबसे पहले पालक को अच्छे प्रकार का ढोकर व्यवसाय लें। इसके बाद यह है कि पेस्टीलेट्स तैयार कर लें। इसके बाद प्लास्टर में पालक का पेस्ट, नमक, नाव और थोड़ा सा तेल का प्लास्टर आटा गूंथ लें। तैयार कारखानों के छोटे-छोटे लो अवशेष पूरियां बेलें और गर्म तेल में सोना होने तक तल लें। पालक पूरी तरह से स्वादिष्ट के साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाजवाब होता है। बीटरूट यानी चुकंदर से बनी पूरी देखने में भी खूबसूरत लगती है और स्वाद में भी अलग होता है। इसे बनाने के लिए चुकंदर को स्टोकर कद्दूकस कर लें या प्लास्टिक में पीसकर पेस्ट बनाकर तैयार कर लें। इसके बाद एट्रेक्ट में चुकंदर, नमक, लाल मिर्च और थोड़ा सा तेल मॉड्यूल आटा तैयार करें। छोटी-छोटी पूरियाँ बेलकर गर्म तेल में तल लें। बीटरूट पूरी को आप आलू की सब्जी या दही के साथ बना सकते हैं. मटर की पूरी तरह से एक बेहतरीन पद होता है। इसे बनाने के लिए हरी मटर को दो तरफा रेखा सा मैश कर लें। इसके बाद इसमें हरी मिर्च, अदरक, नमक और थोड़ा सा सब्जी मसाला मिला लें। अब इस कंपनी को आटे में आटा गूंथ लें। तैयार आटे से पूरियां बेलकर गर्म तेल में तल लें। मटर की पूरी का स्वाद स्टूडियो या स्टूडियो दोनों में अच्छा लगता है। मेथी की खासतौर पर समुद्र के मौसम में बहुत पसंद की जाती है। इसे बनाने के लिए ताजी मेथी की ‘यूनोपॉथ’ काट लें। फिर आटे में मेथी, नमक, हल्दी, लाल मिर्च और थोड़ा सा तेल मठरी आटा लें। छोटी-छोटी पूरियाँ बेलकर गर्म तेल में तल लें। मेथी की पूरी को अचार या सब्जी के साथ परोसा जा सकता है. (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर पूरी रेसिपी(टी)अलग-अलग पूरी रेसिपी(टी)पालक पूरी रेसिपी(टी)चुकंदर पूरी रेसिपी(टी)मटर पूरी रेसिपी(टी)मेथी पूरी रेसिपी(टी)भारतीय नाश्ता पूरी विचार(टी)आसान पूरी रेसिपी(टी)स्वस्थ पूरी रेसिपी(टी)भारतीय भोजन रेसिपी पूरी

Jammu Firing Incident Farooq Abdullah and Deputy CM Surinder Choudhary

Jammu Firing Incident Farooq Abdullah and Deputy CM Surinder Choudhary

जम्मूकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर शाम फायरिंग की कोशिश की गई है। अधिकारियों के मुताबिक अब्दुल्ला ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह में पहुंचे थे। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, आरोपी कमल सिंह जम्वाल ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। कुछ लोगों ने आरोपी को पकड़ने के बाद उसके साथ मारपीट भी की। सुरक्षाकर्मी आरोपी कमल से पूछताछ कर रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी सुरक्षित अधिकारियों ने बताया कि फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी सुरक्षित हैं। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फारूक अब्दुल्ला से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… फारूक ने मानी पहलगाम हमले में लोकल सपोर्ट की बात:बोले- आतंकी वहां कैसे आए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा था, ‘पहलगाम आतंकी हमला लोकल सपोर्ट के बिना नहीं हो सकता। क्योंकि आतंकवादी वहां कैसे आए, ये सवाल आज भी बना हुआ है। किसी लोकल ने उनकी मदद तो जरूर की है। अब्दुल्ला के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

रसोई गैस संकट: रसोई गैस संकट के बीच अचल में विस्थापित चूल्हे की बिक्री में उछाल, जानिए क्या है कीमत? कैसे उपयोग किया जाता है

भारत में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का संकट, 2026 में इंडक्शन गैस की मांग बढ़ी, जानें फायदे और इलेक्ट्रिक चूल्हे को आसानी से कैसे इस्तेमाल करें

स्टोव चूल्हे में कैसे प्रयोग किया जाता है? | छवि: फ्रीपिक भारत में प्रेरण मूल्य: पिछले कुछ दिनों में 30 दिनों में 300 एकड़ (100 किमी) की बढ़ोतरी हुई है। 7 मार्च 2026 से घरेलू 14.2 किलों के जोड़े की कीमत 60 रुपये बढ़ गई है। अब दिल्ली में घरेलू प्रोजेक्ट 913 रुपये का हो गया है, जो पहले 853 रुपये था। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये तक पहुंच गई है। घरेलू साजिद ही नहीं, बल्कि सिर्फ साजिद के दाम भी करीब 115 रुपए तक बढ़ गए हैं। दिल्ली में अब यह करीब 1,883 रुपये का मिल रहा है। मीडिया के सिद्धांतकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और गैस की कमी के कारण गैस में तेजी आई है। कई शहरों में तो मीटिंग में भी देरी हो रही है और लोगों को 25 से 30 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसी वजह से अब लोग गैस की तलाश कर रहे हैं और घरों में एक जैसे चूल्हे की मांग तेजी से बढ़ रही है। इन-इन-साहित्य चूल्हे की बिक्री में उछाल गैस संकट के बाद विशेष चूल्हों की बिक्री में बड़ा उछाल देखा गया। खासकर कोलकाता में इसकी बिक्री करीब तीन गुना तक बढ़ गई है। वहीं क्विक कॉमर्स ऐप्स और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर एलाइक्स की सेल में 10 गुना तक बढ़ोतरी की खबरें सामने आई हैं। लोग गैस के फीचर्स से बचने के लिए लाइक में विकल्प अच्छा मान रहे हैं। अमेज़ॅन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर सिंगल चूल्हों पर कई ऑफर भी दिए जा रहे हैं। इन एसेट चूल्हे की कीमत कितनी है? मार्च 2026 के खाते से बाजार में अलग-अलग बजट के अलग-अलग चूल्हे उपलब्ध हैं। लाइफलॉन्ग और कैडलेक के मॉडल करीब 1,099 से 1,299 रुपये में मिल रहे हैं। बजाज और पिजन के 1800-2000 वोट वाले की कीमत 1,700 से 2,000 रुपये तक मिल जाती है। वहीं प्रेस्टीज और फिलिप्स के शानदार मॉडल 3,000 से 4,000 रुपये तक के हैं। निजीकरण पर भी 1,800 से 3,500 रुपये तक के एक लाख रुपये तक के चूल्हे उपलब्ध हैं। कई जगहों पर एलेक्जेंड्रा की लिस्टिंग भी दी जा रही है, शुरुआती किस्ट करीब 800 से 1,000 रुपये तक हो सकती है। इन सामानों में चूल्हे के दाम क्या हैं? गैस संकट के बाद की मांग निश्चित रूप से अच्छी है, लेकिन जिले में गैस संकट के कारण ज्यादा बदलाव नहीं हुए हैं। कुछ मॉडलों पर तो 100 से 200 रुपए तक की छूट भी मिल रही है। हालाँकि अगर गैस संकट लंबे समय तक बना रहता है, तो प्लांट सब्ज़ी होने की वजह से दाम बढ़ सकते हैं। इन इनोवेटिव चूल्हा क्यों अच्छा है? इन जैसे चूल्हे में कई लोग गैस का विकल्प मानते हैं। इसके कई फायदे हैं। गैस की जरूरत नहीं है। खाना जल्दी पकता है। रसोई सबसे सुरक्षित रहती है। बिजली सेवा का उपयोग इसलिए आसान है। तापमान को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। एक्वेरियम में चूल्हा का उपयोग कैसे किया जाता है? इनसाइड का इस्तेमाल करना बहुत आसान होता है। सबसे पहले समुद्र तट पर स्थित स्थानों पर। इसे बिजली के उपकरण से कनेक्ट करें। इन लाइक्स के ऊपर सही पॉच स्थान। अब पावर ऑन करके कुकिंग मूड या तापमान सेट करें। कुछ ही मिनटों में खाना पकाना शुरू हो जाएगा। इन अलॉट में कौन-से पॉट का उपयोग किया जाता है? इन दस्तावेजों में हर तरह के पेस्ट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए खास तरह के पॉश्चर होने चाहिए। इन दस्तावेजों के लिए सही पॉश्चर कौन से हैं? कैसल स्टील के पॉट, कास्ट आयरन यानी आयरन की कढ़ी या तवा और बेस वाले कुकर और पैन में इस्तेमाल करना सही होता है। किन पोल्ट्री का उपयोग अन्य चूल्हे में नहीं किया जाना चाहिए? इन चूल्हे में एल्युमीनियम के पोर्शनल पॉइचर, कांच के पोर और मिट्टी के प्वॉइंट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि पोर के नीचे मैग्नेट छिपा हुआ है, तो वह आसानी से काम ढूंढ लेता है। यदि आप पेट्रोलियम गैसों और नाटकों की कमी से परेशान हैं, तो सिलेंडर चूल्हा में आपके लिए एक अच्छा वैकल्पिक प्रस्ताव हो सकता है। यह भी सुरक्षित है और रसोई का खर्च भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि सरकार गैस की परमाणु ऊर्जा बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कार्यशाला चूल्हा में कई घरों में एक कंसॉलिडेशन असोसिएशन बनाया जा रहा है। यह अवश्य पढ़ें: लंच बॉक्स रेसिपी: बच्चों के टिफिन की क्या है खासियत? मिनटों में बनाएं ये 3 तरह के आसान व्यंजन, सेहत को भी नहीं होगा नुकसान

घंटों फंसी रही बराता, एम्बुलेंस और वाहन:मुरैना में नेशनल हाईवे, ओवरब्रिज बाइपास पर जाम; लोग होते रहे परेशान

घंटों फंसी रही बराता, एम्बुलेंस और वाहन:मुरैना में नेशनल हाईवे, ओवरब्रिज बाइपास पर जाम; लोग होते रहे परेशान

शहर में आज शाम करीब 8 बजे के बाद कई प्रमुख सड़कों पर भीषण जाम लग गया। जौरा रोड नेशनल हाईवे-552, बैरियल चौराहा नेशनल हाईवे-44, ऋषिगावल रोड, अंबाह ओवरब्रिज, बायपास और अन्य मार्गों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे। जाम के कारण एम्बुलेंस और बारातें भी रास्ते में अटक गईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जौरा रोड पर जाम के दौरान दो मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस भी लंबे समय तक फंसी रही। लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। स्थिति यह रही कि जाम में फंसे लोगों ने खुद ही सड़कों पर उतरकर धीरे-धीरे यातायात को व्यवस्थित किया, तब जाकर रास्ता खुल सका। शादी समारोहों के कारण बढ़ी भीड़ बताया जा रहा है कि 11 मार्च को शहर में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। बारातों और निजी वाहनों की भीड़ के चलते कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल महापुर रोड निवासी रेनू तोमर ने बताया कि वह एक शादी में शामिल होने बाइक से जौरा रोड जा रहे थे। वहां दोनों ओर लंबा जाम लगा था। ऋषिगावल रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। उन्होंने बताया कि जाम में एम्बुलेंस भी मरीजों के साथ खड़ी रही, लेकिन कहीं भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि जब शहर में अधिक शादियां होती हैं तो पुलिस को पहले से यातायात व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली। घंटों बाद स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे जाम खुल सका।

एसटी आयोग के हस्तक्षेप से 24 आदिवासी मजदूर मुक्त:तमिलनाडु से बैतूल पहुंचे, कलेक्टर ने स्टेशन पर किया स्वागत

एसटी आयोग के हस्तक्षेप से 24 आदिवासी मजदूर मुक्त:तमिलनाडु से बैतूल पहुंचे, कलेक्टर ने स्टेशन पर किया स्वागत

तमिलनाडु के ईरोड जिले में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में फंसे भीमपुर ब्लॉक के 24 आदिवासी मजदूरों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के हस्तक्षेप के बाद मुक्त कराकर मध्यप्रदेश लाया गया। बुधवार को सभी मजदूर बैतूल पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें रिसीव किया गया और देर रात बस से उनके गांव भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार भीमपुर क्षेत्र के ये मजदूर पिछले चार-पांच महीनों से तमिलनाडु के मोडाकुरिची क्षेत्र के ओलापालयम में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में काम कर रहे थे। मामले की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंची। इसके बाद आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के निर्देश पर आयोग के सलाहकार और पूर्व जिला न्यायाधीश प्रकाश उइके ने तमिलनाडु के डीजीपी, मुख्य सचिव और बैतूल एसपी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस सक्रिय हुई और ईरोड जिले में कार्रवाई करते हुए सभी 24 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद मजदूरों को दो दिन तक मोडाकुरिची के कम्युनिटी हॉल में रखा गया, जहां श्रम विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद 10 मार्च 2026 को शाम 5:15 बजे उन्हें राप्तीसागर एक्सप्रेस (12512) से मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया गया। यात्रा के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी उनके साथ रहे। बुधवार को मजदूर बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसपी वीरेंद्र जैन, एएसपी कमला जोशी, एसडीएम अभिजीत सिंह, लेबर ऑफिसर धम्मदीप भगत सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मजदूरों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। मुक्त कराए गए मजदूरों में 4 महिलाएं, 5 नाबालिग लड़कियां, 1 बच्चा और 14 पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने सभी के भोजन और अन्य व्यवस्थाएं कराते हुए देर रात बस के माध्यम से उन्हें उनके गांव रवाना कर दिया। इनमें।चार मजदूर हरदा जिले के भी शामिल है। मजदूर संगीता ने बताया कि उनसे सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक गन्ना कटवाया जाता था। करीब 16 घंटे तक काम कराया जाता था, जबकि खाने में सिर्फ चावल दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि वहां किसी से बात करने, फोन पर संपर्क करने या कहीं आने-जाने की मनाही थी। ठेकेदार के लोग पूरे समय उनकी निगरानी करते रहते थे। मजदूर अल्लू ने बताया कि उन्हें पहले महाराष्ट्र के शोलापुर ले जाया गया था और वहां से तमिलनाडु भेज दिया गया। उन्हें पहले दिवाली और फिर होली पर घर भेजने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा था। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी पहल से मामला संबंधित अधिकारियों और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंच सका।

White Spots on Nails Causes | Health Tips | नाखूनों पर सफेद धब्बे का कारण | हेल्थ टिप्स |

white spots on nails causes

Last Updated:March 11, 2026, 22:13 IST White Spots on Nails Causes: क्या आपके नाखूनों पर भी सफेद दाग या छोटे निशान हैं? ज्यादातर लोग इसे कैल्शियम की कमी मानकर दूध और पनीर खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन सच कुछ और ही है. मेडिकल भाषा में इसे ल्यूकोनिखिया कहते हैं और इसके पीछे का असली कारण अक्सर कोई गंभीर बीमारी नहीं बल्कि एक छोटी सी चोट होती है. जानिए डॉ. राजकुमार से कि ये निशान कब सामान्य होते हैं और कब आपको सतर्क रहने की जरूरत है. कई बार हम अपने नाखूनों पर छोटे-छोटे सफेद निशान देखते हैं और तुरंत सोचने लगते हैं कि कहीं शरीर में कोई बड़ी कमी तो नहीं हो गई. कुछ लोग इसे कैल्शियम की कमी मान लेते हैं तो कुछ इसे किसी बीमारी का संकेत समझते हैं. सच यह है कि नाखूनों पर बनने वाले इन सफेद धब्बों के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इन्हें नजरअंदाज करने से पहले सही जानकारी होना जरूरी है. डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि नाखूनों पर दिखने वाले इन सफेद धब्बों को मेडिकल भाषा में ल्यूकोनिखिया कहा जाता है. आमतौर पर यह पूरी तरह हानिकारक नहीं होते और कई बार खुद ही धीरे-धीरे गायब भी हो जाते हैं. जैसे-जैसे नाखून बढ़ते हैं, ये निशान भी ऊपर की तरफ खिसकते जाते हैं और अंत में कटकर हट जाते हैं. इसलिए हर बार इन्हें बीमारी का संकेत समझ लेना सही नहीं होता. इन सफेद निशानों का सबसे आम कारण नाखून पर लगी हल्की चोट होती है. कई बार हमें याद भी नहीं रहता कि नाखून कहीं टकरा गया था या दब गया था. यही छोटी सी चोट बाद में सफेद धब्बे के रूप में दिखाई देती है. खासकर जो लोग जल्दी-जल्दी काम करते हैं या नाखूनों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनके नाखूनों पर ऐसे निशान ज्यादा दिख सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कुछ मामलों में शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी इसका कारण बन सकती है. जिंक, प्रोटीन या कुछ विटामिन की कमी होने पर नाखूनों की बनावट पर असर पड़ता है. हालांकि यह हर व्यक्ति में जरूरी नहीं होता, लेकिन अगर बार-बार सफेद निशान दिखाई दें तो अपनी डाइट पर ध्यान देना अच्छा रहता है. कई बार नेल पॉलिश, नेल रिमूवर या केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल भी नाखूनों पर असर डाल सकता है. इन प्रोडक्ट्स में मौजूद कुछ तत्व नाखूनों की ऊपरी परत को कमजोर कर देते हैं. इसका परिणाम सफेद धब्बों या हल्की लकीरों के रूप में दिखाई दे सकता है. इसलिए समय-समय पर नाखूनों को बिना किसी केमिकल के भी रहने देना जरूरी है. कुछ दुर्लभ स्थितियों में एलर्जी या फंगल इंफेक्शन भी नाखूनों पर सफेद निशान बना सकते हैं. अगर इन निशानों के साथ नाखून मोटे होने लगें, टूटने लगें या उनका रंग बदलने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. यह संकेत हो सकता है कि नाखूनों की सेहत पर कोई और समस्या असर डाल रही है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. नाखूनों पर दिखने वाले सफेद निशान ज्यादातर मामलों में सामान्य होते हैं और घबराने की जरूरत नहीं होती. यह अक्सर छोटी-मोटी चोट या नाखूनों की बढ़त से जुड़ा एक सामान्य बदलाव होता है. फिर भी अगर ये निशान लगातार बढ़ रहे हों या नाखूनों में और बदलाव दिखाई दें, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है. सही देखभाल से नाखून लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत बने रह सकते हैं. First Published : March 11, 2026, 22:13 IST

भिंड में NH-719 पर 2 KM लंबा जाम:दबोहा पुलिया के पास बारातों के कारण फंसे सैकड़ों वाहन, एंबुलेंस भी घंटों जाम में अटकी

भिंड में NH-719 पर 2 KM लंबा जाम:दबोहा पुलिया के पास बारातों के कारण फंसे सैकड़ों वाहन, एंबुलेंस भी घंटों जाम में अटकी

भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात करीब 9 बजे के बाद अचानक जाम के हालात बन गए। दबोहा पुलिया के पास करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम में एंबुलेंस तक के फंसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात दबोहा पुलिया के पास यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई। रात करीब 9 बजे के बाद यहां धीरे-धीरे वाहनों की लंबी कतार लगनी शुरू हुई और कुछ ही देर में जाम करीब दो किलोमीटर तक फैल गया। जाम में दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन फंस गए, जिससे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक शास्त्री कॉलोनी से लेकर दबोहा पुलिया तक करीब एक दर्जन मैरिज गार्डन स्थित हैं। इन दिनों शादी समारोहों का सीजन चल रहा है, जिसके चलते लगातार बारातें निकल रही हैं। बारातों के दौरान सड़क पर डीजे, बैंड और नाचते बारातियों के कारण यातायात रुक-रुक कर चलता रहा, जिससे जाम की स्थिति बन गई। नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों का भी अधिक दबाव रहता है। ऐसे में जब एक साथ कई बारातें सड़क पर निकलती हैं तो यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे मरीजों को ले जा रहे परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी के सीजन में इस क्षेत्र में हर साल इसी तरह के हालात बनते हैं। हाईवे के किनारे कई मैरिज गार्डन होने के कारण बारातें सीधे सड़क पर निकलती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

कॉफी पैक: सिर्फ 5 रुपए की फुलफिल से बने फ्लोर पर फेशियल ग्लो फेस के नूर का लोग पूछेंगे राज

कॉफी पैक: सिर्फ 5 रुपए की फुलफिल से बने फ्लोर पर फेशियल ग्लो फेस के नूर का लोग पूछेंगे राज

11 मार्च 2026 को 21:41 IST पर अपडेट किया गया कॉफी पैक: क्या घर पर आपको ही मिलता है स्टर्लिंग ग्लोरी, तो इस पांच रुपये की कॉफी वाले सामान को खरीदें। चेहरे पर लगेगा फेशियल जैसा ग्लो। (टैग्सटूट्रांसलेट) चमकती त्वचा के लिए कॉफी फेस पैक (टी) चेहरे पर तुरंत चमक लाने के घरेलू उपाय (टी) कॉफी और शहद का फेस पैक (टी) घर पर प्राकृतिक फेस पैक (टी) त्वचा के लिए कॉफी के फायदे (टी) त्वरित चमक वाला फेस पैक (टी) DIY कॉफी फेस मास्क (टी) त्वचा की देखभाल के घरेलू उपाय (टी) तुरंत चमक ब्यूटी टिप्स

केरल कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची 2026: केरल विधानसभा में 90 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेंगी कांग्रेस, मैदान में उतरेंगे कई सदस्य! सीईसी की बैठक में लगी मुहर

केरल कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची 2026: केरल विधानसभा में 90 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेंगी कांग्रेस, मैदान में उतरेंगे कई सदस्य! सीईसी की बैठक में लगी मुहर

केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने आंशिक रूप से शुरुआत कर दी है। रविवार (11 मार्च) को केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, अंबिका सोनी, टीएस देव समेत अन्य सदस्य कांग्रेस कार्यालय में मौजूद रहे और चुनाव को लेकर मंत्रिमंडल में शामिल हुए। गॉडफादर का कहना है कि कांग्रेस में शामिल होने की पहली सूची पर मुहर लग सकती है। कई अल्पसंख्यक लड़कियाँ चुनाव लड़ सकती हैं सूत्रों के अनुसार केरल के 140 रिजॉर्ट में से करीब 90 रिजॉर्ट में चुनावी लड़ाई की रणनीति तैयार है, बाकी बचे अपने गठबंधन के सहयोगियों के लिए गॉडफादर छोड़ दें।के अनुसार, इनमें से पहली सूची की 31 पर मुहर लग गई है। केरल कांग्रेस से कई अल्पसंख्यक विधानसभाओं के मैदान में उतर सकते हैं। चर्चा है कि अल्पसंख्यक हिबी हिडेन, अल्पसंख्यक के सुधाकरण, अल्पसंख्यक के सुरेश विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रदर्शन किया राहुल ने केरल में अपने उद्यम को बढ़ावा दिया है। हाल ही में वह कई इवेंट्स में भाग लेने के लिए राज्य में आ चुकी हैं। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए कुछ सोशल-वेल फेयर का भी ऐलान किया है, जिससे चुनाव की तारीखें आने के बाद तीव्र गति से चलने वाले कैंम्पल के लिए माहौल तैयार हो सके। ग़रीब सरगर्मियां तेज केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विशेष सरगर्मियां तेजी से बढ़ी हैं। एक तरफ वामपंथियों का गठबंधन है तो दूसरी तरफ कांग्रेस का गठबंधन है। जल्द ही केरल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है। डिजाईन दो डिब्बों से राज्य में चातुर्मास नेतृत्व वाली सरकार सार्वभौम प्रतिष्ठा है। भारतीय जनता पार्टी यहां तीसरे नंबर की पार्टी है। जबकि कैथोलिक कांग्रेस में रही है. कांग्रेस का दावा है कि इस बार वह सत्ता हासिल करेंगी। ये भी पढ़ें: फारूक अब्दुल्ला फायरिंग: ‘मैं उन्हें 20 साल से चाहता था’, फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने वाला कमल सिंह जामवाल कौन?