‘भगवान ने मुझे बचाया’: फारूक अब्दुल्ला ने हत्या के प्रयास के लिए ‘देश में गहरी जड़ें जमा चुकी नफरत’ को जिम्मेदार ठहराया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 12, 2026, 16:01 IST जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार की रात 63 वर्षीय स्थानीय व्यक्ति कमल सिंह जामवाल द्वारा लाइसेंसी पिस्तौल से करीब से गोली चलाने के बाद बाल-बाल बच गए। फारूक अब्दुल्ला पर एक शादी समारोह में एक बंदूकधारी ने हमला कर दिया। (फाइल फोटो) नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अपने जीवन पर हुए हमले को “देश में गहरी जड़ें जमा चुकी नफरत” से जोड़ा है। अब्दुल्ला ने जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह के दौरान उन पर हत्या के असफल प्रयास के एक दिन बाद यह बात कही। मीडिया से बात करते हुए, अब्दुल्ला ने अपने जीवित रहने के लिए आभार व्यक्त किया और बताया कि जब उसकी दाढ़ी कटी तो क्या हुआ। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि देश में नफरत की जड़ें गहरी हो गई हैं। कोई भी धर्म नफरत नहीं सिखाता; सभी धर्म प्यार और सम्मान सिखाते हैं और मुझे लगता है कि हमने वह धर्म छोड़ दिया है।” उन्होंने कहा, ”भगवान ने मुझे बचा लिया,” उन्होंने कहा कि शुरू में उन्होंने गलती से गोली को पटाखा समझा। उन्होंने कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलते समय आवाज सुनने और उनकी टीम द्वारा तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने का वर्णन किया। सुरक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि पुलिस की तैनाती खराब है और इस मामले की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ”ऐसी घटनाएं इसलिए हो रही हैं क्योंकि हम नफरत के युग में जी रहे हैं।” हमलावर के बारे में अब्दुल्ला ने कहा कि उसकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। दिग्गज नेता ने कहा, ”मेरे दिल में कभी किसी के लिए नफरत नहीं आई, मुझे नहीं पता कि मेरे प्रति उनकी नाराजगी क्या थी।” उन्होंने आगे कहा, “चाहे आप कितनी भी सुरक्षा बढ़ा लें, हत्यारे को हमेशा फायदा होता है। समस्या यह है कि हम ऐसे युग में रहते हैं जहां आतंकवाद आसमान पर है और हम इसे नियंत्रित नहीं कर सकते।” एनसी प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए अपना आह्वान दोहराया और अधिकारियों से यह जांच करने का आग्रह किया कि क्या क्षेत्र में दावा की गई सामान्य स्थिति वास्तव में मौजूद है। बुधवार की रात कमल सिंह जम्वाल नाम के एक 63 वर्षीय स्थानीय व्यक्ति ने लाइसेंसी पिस्तौल से उन पर करीब से गोली चला दी, जिसके बाद अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए। सुरक्षाकर्मियों ने गोली की दिशा बदल दी और हमलावर को काबू में कर लिया, जिसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सभी दलों के नेताओं ने घटना की निंदा की और सुरक्षा चूक की गहन जांच की मांग की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने इसे ‘क्लोज शेव’ बताया और सवाल उठाया कि फारूक अब्दुल्ला की Z+ सुरक्षा के बावजूद हमलावर इतने करीब कैसे पहुंच गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : श्रीनगर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 12, 2026, 16:01 IST समाचार राजनीति ‘भगवान ने मुझे बचाया’: फारूक अब्दुल्ला ने हत्या के प्रयास के लिए ‘देश में गहरी जड़ें जमा चुकी नफरत’ को जिम्मेदार ठहराया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)जम्मू(टी)फारूक अब्दुल्ला(टी)नेशनल कॉन्फ्रेंस(टी)जम्मू-कश्मीर(टी)नफरत(टी)आतंक(टी)हत्या का प्रयास
मुरैना में एक लाख दो हजार की अवैध शराब जब्त:लकड़ी की गुमठी से हो रही थी बिक्री, एक गिरफ्तार

कैलारस थाना पुलिस ने बुधवार रात क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे एक लकड़ी की गुमठी पर छापा मारकर 1 लाख 2 हजार रुपए की अवैध शराब (देशी और अंग्रेजी) जब्त की है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो इस गुमठी में शराब का स्टॉक रखकर ग्रामीण इलाकों में बेच रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। कैलारस पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्वारी बिलगांव में सड़क किनारे रखी एक लकड़ी की गुमठी में अवैध शराब का भारी मात्रा में भंडारण किया गया है। इसी गुमठी से इलाके में शराब की बिक्री भी की जा रही है। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस ने बुधवार रात मौके पर जाकर चेकिंग की। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी उसी गुमठी पर बैठा हुआ था। गुमठी की तलाशी लेने पर वहां से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई अपराध पुलिस ने मौके से क्वारी बिलगांव निवासी आरोपी अरविंद कुशवाह पुत्र दीवान सिंह कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। अवैध शराब भंडारण के मामले में पकड़े गए इस आरोपी पर शराब तस्करी के पहले भी कई अपराध दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी अरविंद कुशवाह इससे पहले भी कई बार अवैध शराब की तस्करी करने और उसे बेचने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। टीआई बोले- अवैध शराब जब्त कर आरोपी को पकड़ा कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र कुशवाह ने बताया, “पुलिस को सूचना मिली कि जो क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे लकड़ी की गुमठी है उसमें शराब का भंडारण किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “शराब वही से बेची जा रही है। इस पर कार्यवाही करते हुए हमने अवैध शराब जब्त की है, आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।”
Meta Launches Parent-Managed WhatsApp for Under-13s
नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक वॉट्सएप को ऑपरेट करने वाली कंपनी मेटा ने ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट मॉडल पेश किया है। इससे अब 13 साल से कम उम्र के बच्चे भी वॉट्सएप का इस्तेमाल कर सकेंगे। अब तक वॉट्सएप इस्तेमाल करने की न्यूनतम उम्र 13 साल थी। इस नए फीचर में माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चों के अकाउंट को पूरी तरह कंट्रोल कर पाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह फीचर एक्सपर्ट्स और परिवारों के सुझावों के बाद तैयार किया गया है ताकि बच्चे सुरक्षित तरीके से मैसेजिंग और कॉलिंग कर सकें। सवाल-जवाब में पूरा मामला समझें… सवाल 1: वॉट्सएप का यह नया ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट क्या है? जवाब: यह 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है। इसके जरिए माता-पिता अपने बच्चों के लिए वॉट्सएप सेटअप कर सकेंगे। इसमें बच्चे केवल मैसेज भेज पाएंगे और फोन कर सकेंगे। इसके अलावा वॉट्सएप के अन्य फीचर्स उनके लिए बंद या सीमित रहेंगे। सवाल 2: अब तक उम्र की क्या सीमा थी और कंपनी ने यह बदलाव क्यों किया? जवाब: अब तक वॉट्सएप चलाने की न्यूनतम उम्र 13 साल थी। कंपनी ने बताया कि कई बच्चे पहले से ही चोरी-छिपे एप का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह पर यह ‘मैनेज्ड मॉडल’ लाया गया है ताकि बच्चे सुरक्षित तरीके से चैटिंग कर सकें। सवाल 3: इस अकाउंट पर माता-पिता का कंट्रोल किस तरह का होगा? जवाब: पेरेंट्स तय करेंगे कि बच्चा किससे बात कर सकता है और किससे नहीं। यानी कॉन्टैक्ट लिस्ट वही मैनेज करेंगे। साथ ही, अनजान लोगों से संपर्क करने या रैंडम ग्रुप्स में जुड़ने पर पेरेंट्स पाबंदी लगा सकेंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स बदलने का हक भी केवल पेरेंट्स को होगा। सवाल 4: क्या पेरेंट्स बच्चों के निजी मैसेज भी पढ़ सकेंगे? जवाब: नहीं। वॉट्सएप बच्चों के मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ से सुरक्षित रहेंगे। इसका मतलब है कि मैसेज सिर्फ भेजने वाले और पाने वाले के बीच रहेंगे। पेरेंट्स उन्हें अपनी डिवाइस से नहीं पढ़ पाएंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स को लॉक करने के लिए कंपनी ने ‘पेरेंट पिन’ का फीचर दिया है। सवाल 5: क्या इसके लिए बच्चों को अलग सिम कार्ड या फोन की जरूरत होगी? जवाब: सिम कार्ड को लेकर कंपनी ने अभी पूरी जानकारी नहीं दी है, लेकिन बच्चा जिस डिवाइस पर वॉट्सएप चलाएगा, वह पेरेंट के मुख्य अकाउंट से लिंक रहेगा। सवाल 6: यह फीचर कब तक और किसे मिलेगा? जवाब: वॉट्सएप इस फीचर को धीरे-धीरे (चरणों में) जारी कर रहा है। आने वाले कुछ हफ्तों में यह दुनिया भर के सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा। सवाल 7: प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का इस पर क्या कहना है? जवाब: इससे बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी क्योंकि वे अब पेरेंट्स की नजर में रहेंगे। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स अभी भी बच्चों के डेटा की सिक्योरिटी को लेकर चिंता जता रहे हैं। नॉलेज पार्ट: क्या है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? यह एक ऐसी सुरक्षा तकनीक है जिससे मैसेज को सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही देख सकता है। बीच में कोई तीसरा व्यक्ति, यहां तक कि खुद वॉट्सएप भी इसे नहीं पढ़ सकता। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Iran government is not at risk of collapse| US Operation End Soon

वॉशिंगटन डीसी1 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका और इजराइल लगातार दो हफ्ते से ईरान में एयरस्ट्राइक कर रहे हैं, इसके बावजूद ईरान की सत्ता अभी भी काफी मजबूत है और उसके जल्द गिरने का कोई खतरा नहीं है। यह बात अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में सामने आई है। इस मामले से जुड़े तीन सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को इसकी जानकारी दी है। एक सूत्र के मुताबिक कई खुफिया रिपोर्टों में एक जैसा आकलन किया गया है कि ईरान की सरकार गिरने की स्थिति में नहीं है और वह अभी भी देश की जनता पर कंट्रोल बनाए हुए है। वहीं, तेल की कीमतों में इजाफे की वजह से राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द जंग खत्म कर सकता है। हालांकि अगर ईरान के कट्टरपंथी नेता सत्ता में बने रहते हैं तो युद्ध खत्म करने का रास्ता निकालना आसान नहीं होगा। तेहरान में इजराइली हमले के बाद एक तेल डिपो से धुआं उठता हुआ। ईरान की मौजूदा सरकार गिरेगी यह तय नहीं खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद वहां की धार्मिक नेतृत्व वाली व्यवस्था अभी भी एकजुट बनी हुई है। इजराइल के एक सीनियर अधिकारी ने भी रॉयटर्स से कहा कि सीक्रेट मीटिंग्स में भी यही बात निकल कर सामने आई है कि फिलहाल ईरान की मौजूदा सरकार गिरने की कोई संभावना नहीं है। सूत्रों ने यह भी कहा कि जमीन पर हालात बहुत तेजी से बदल रहे हैं और आने वाले समय में ईरान के अंदर की स्थिति अलग दिशा में जा सकती है। खामेनेई की मौत के बाद भी लीडरशिप का ईरान पर कंट्रोल अमेरिका और इजराइल ने युद्ध शुरू होने के बाद ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, परमाणु ठिकाने और टॉप लीडरशिप से जुड़े लोग शामिल हैं। ट्रम्प प्रशासन ने इस युद्ध के अलग-अलग कारण बताए हैं। युद्ध शुरू करते समय ट्रम्प ने ईरान की जनता से कहा था कि वे अपनी सरकार को खुद बदल दें। हालांकि बाद में उनके सीनियर अधिकारियों ने कहा कि ईरान की सरकार को हटाना इस ऑपरेशन का मकसद नहीं है। हमलों में खामेनेई के अलावा कई सीनियर अधिकारी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई बड़े कमांडर भी मारे गए हैं। यह ईरान की एक शक्तिशाली पैरामिलिट्री फोर्स है, जो देश की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को कंट्रोल करती है। इसके बावजूद अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक खामेनेई और IRGC के अफसरों की मौत के बाद बना ‘इंटरनल लीडरशिप सिस्टम’ अभी भी देश पर कंट्रोल बनाए हुए है। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की एक्सपर्ट सुजैन मलोनी ने कहा कि ईरान के अंदर फिलहाल ऐसी कोई ताकत नहीं है जो सरकार के पास बची हुई शक्ति को चुनौती दे सके। उनके मुताबिक ईरान भले ही अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ पूरी ताकत इस्तेमाल न कर पाए, लेकिन देश के अंदर वह अभी भी पूरी तरह कंट्रोल बनाए रखने में सक्षम है। राजधानी तेहरान में सड़क पर बिलबोर्ड लगा है। इसमें ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को देश का झंडा अपने बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई को सौंपते हुए दिखाया गया है। सबसे बाएं इस्लामी क्रांति के संस्थापक अयातुल्लाह रुहोल्लाह खैमेनी की तस्वीर है। ईरान में अमेरिकी सैनिक जंग लड़ने जाएंगे यह साफ नहीं इस हफ्ते ईरान के सीनियर शिया धर्मगुरुओं की संस्था ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया है। एक अन्य सूत्र के मुताबिक इजराइल का इरादा यह है कि मौजूदा ईरानी शासन का कोई हिस्सा भी सत्ता में न बचा रहे। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका और इजराइल का मौजूदा ऑपरेशन सरकार को कैसे गिरा पाएगा। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए संभवतः जमीनी सैन्य कार्रवाई करनी पड़ेगी, जिससे ईरान के अंदर लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर सकें। ट्रम्प प्रशासन ने अभी तक ईरान में अमेरिकी सैनिक भेजने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। कुर्द बोले- अमेरिका समर्थन दे तो हथियार उठाएंगे इसी बीच खबरें आई थीं कि इराक में मौजूद ईरानी कुर्द मिलिशिया समूहों ने अमेरिका से बातचीत की है कि क्या वे पश्चिमी ईरान में सुरक्षा बलों पर हमला कर सकते हैं। ऐसा होने पर ईरान के सुरक्षा तंत्र पर दबाव पड़ सकता है और देश के अंदर सरकार के खिलाफ विरोध बढ़ सकता है। ईरानी कुर्दिस्तान की कोमाला पार्टी के प्रमुख अब्दुल्ला मोहतदी ने कहा कि अगर अमेरिका समर्थन दे तो हजारों युवा सरकार के खिलाफ हथियार उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी कुर्द क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने कुछ ठिकाने छोड़ दिए हैं क्योंकि उन्हें अमेरिका और इजराइल के हमलों का डर है। 30 जनवरी को इराक के एरबिल शहर में हुए एक प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी कुर्द झंडे उठाए हुए नजर आए। ईरानी कुर्द के पास लड़ने की ताकत नहीं हालांकि अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में यह शक जताया गया है कि ईरानी कुर्द समूह लंबे समय तक ईरानी सुरक्षा बलों से लड़ने की क्षमता नहीं रखते। दो सूत्रों के मुताबिक उनके पास न तो पर्याप्त हथियार हैं और न ही पर्याप्त संख्या में लड़ाके। सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में ईरानी कुर्द समूहों ने वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों और सांसदों से हथियार और बख्तरबंद वाहन देने की मांग की है। लेकिन ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि उन्होंने ईरानी कुर्द समूहों को ईरान में भेजने का विचार फिलहाल खारिज कर दिया है। ईरान में मौजूद सत्ता को गिराना आसान नहीं वॉशिंगटन पोस्ट की एक अलग रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की एक सीक्रेट रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अमेरिका, ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला भी करे, तब भी वहां की मौजूदा सत्ता को गिराना आसान नहीं होगा। यह आकलन नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल (NIC) की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की सैन्य और धार्मिक नेतृत्व वाली व्यवस्था इतनी मजबूत है कि उसे हटाना मुश्किल होगा। यह रिपोर्ट अमेरिका और इजराइल की तरफ से 28 फरवरी को
राज्यसभा जाने के लिए अप्रैल में इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार; बिहार के नए मुख्यमंत्री का चयन 16 मार्च के बाद | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 12, 2026, 14:12 IST सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर प्रस्तावित व्यवस्था के हिस्से के रूप में, कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने की उम्मीद है। जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार आखिरी बार 1998 से 2004 के बीच तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में कार्यरत थे। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) सूत्रों के मुताबिक, योजनाबद्ध राजनीतिक बदलाव के तहत नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके तहत उन्हें राज्यसभा में भेजा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने से पहले बिहार विधान परिषद से भी इस्तीफा देंगे। उनके 16 मार्च को औपचारिक रूप से उच्च सदन के लिए चुने जाने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन आगे बढ़ेगा। सूत्रों ने संकेत दिया कि बिहार के नए मुख्यमंत्री का चयन 16 मार्च के बाद होने की संभावना है। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर प्रस्तावित व्यवस्था के हिस्से के रूप में, कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, नई सरकार के गठन में जनता दल (यूनाइटेड) को एक और उपमुख्यमंत्री मिलने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि अगली सरकार में गृह विभाग भारतीय जनता पार्टी के पास रहेगा। पिछले हफ्ते, कुमार ने बिहार से राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया, जिससे राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन के बारे में अटकलें शुरू हो गईं। नामांकन राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के समर्थन से आया था, जिसमें जनता दल (यूनाइटेड) और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने उच्च सदन सीट के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था। राज्य विधानमंडल में गठबंधन को पूर्ण बहुमत प्राप्त होने के कारण, कुमार का राज्यसभा के लिए चुनाव व्यापक रूप से एक औपचारिकता के रूप में देखा जाता है। पहले प्रकाशित: मार्च 12, 2026, 14:12 IST समाचार राजनीति राज्यसभा जाने के लिए अप्रैल में इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार; बिहार के नए मुख्यमंत्री का चयन 16 मार्च के बाद अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नीतीश कुमार(टी)बिहार के मुख्यमंत्री(टी)राज्यसभा(टी)बिहार विधान परिषद(टी)निशांत कुमार(टी)उपमुख्यमंत्री(टी)जनता दल (यूनाइटेड)(टी)भारतीय जनता पार्टी
दफ्तरों में जॉब हगिंग का ट्रेंड:लोगों के लिए अब वेतन वृद्धि से ज्यादा जरूरी पक्की नौकरी; धीमी हायरिंग, महंगाई-छंटनी का डर और एआई का असर भी वजह

बदलते आर्थिक माहौल में अब कर्मचारी ‘जॉब हॉपिंग’ (नौकरी बदलना) के बजाय ‘जॉब हगिंग’ को अपना रहे हैं। लोग नई और बेहतर नौकरी तलाशने के बजाय अपनी मौजूदा नौकरी को ही मजबूती से पकड़े हुए हैं। इसकी बड़ी वजह ज्यादा सैलरी नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता है। भर्ती की सुस्त रफ्तार, बढ़ती महंगाई और छंटनी के डर ने लोगों का आत्मविश्वास कम किया है। इसके साथ ही एआई और ऑटोमेशन के बढ़ते असर ने भी रोजगार को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कर्मचारी सतर्कता के कारण एक ही जगह टिके हुए हैं। उनके लिए जॉब सिक्योरिटी भावनात्मक सुरक्षा कवच की तरह बन गई है, जो आर्थिक झटके से बचाने में मदद करती है 75% कर्मचारियों ने 2027 तक नौकरी न बदलने की बात कही अमेरिकी रोजगार प्लेटफॉर्म मॉन्स्टर 2025 रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 75% कर्मचारियों ने कहा कि वे कम से कम 2027 तक मौजूदा नौकरी में बने रहना चाहते हैं। इनमें 48% ने माना कि रुकने की वजह जॉब संतुष्टि नहीं, आर्थिक अनिश्चितता और बदलाव का डर है। उम्रदराज कर्मचारी नौकरी की सुरक्षा को देते हैं तरजीह सर्वे में 55% का माना कि उम्रदराज कर्मचारी नौकरी से ज्यादा मजबूती से जुड़े रहते हैं। सिर्फ 25% लोगों का मानना है कि युवा कर्मचारी भी इसी तरह व्यवहार कर रहे हैं। आर्थिक वजहों से 26% लोग नौकरी की गारंटी को सबसे ऊपर रखते हैं। 94% पेशेवर: एक ही रोल में टिके रहने से रुकेगी तरक्की एक ही रोल में लंबे समय तक रहने से प्रोफेशनल ग्रोथ रुक सकती है। सर्वे में 94% लोगों ने माना कि लंबे समय तक एक जगह टिके रहने से बेहतर वेतन, और नए अनुभव छूट सकते हैं, जो आगे चलकर बर्नआउट की वजह बनता है। एक ही कंपनी में रहकर ग्रोथ कैसे करें विशेषज्ञों के मुताबिक एक जगह टिकने का मतलब ग्रोथ रोकना नहीं है। कर्मचारी नई जिम्मेदारियां लें, नए स्किल्स सीखें, दूसरे डिपार्टमेंट के साथ प्रोजेक्ट करें। इंडस्ट्री नेटवर्क मजबूत रखें, ताकि हालात बदलने पर मौके कम न पड़ें।
Shubman Gill Rahul Dravid Award Name; BCCI Annual Awards Ceremony Date

Hindi News Sports Shubman Gill Rahul Dravid Award Name; BCCI Annual Awards Ceremony Date स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित करेगा। वहीं, पूर्व भारतीय खिलाड़ी और हेड कोच राहुल द्रविड़ को कर्नल सीके नायडू लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया जाएगा। न्यूज एजेंसी PTI ने यह जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, 15 मार्च को दिल्ली में BCCI का एनुअल अवॉर्ड प्रोग्राम होगा। इस दौरान आयुष म्हात्रे को लाला अमरनाथ अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। म्हात्रे की कप्तानी में भारत इसी साल की शुरुआत में अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज को भी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मुंबई एसोसिएशन को बेस्ट क्रिकेट एसोसिएशन का पुरस्कार दिया जाएगा। हालांकि अब तक इसे लेकर BCCI के तरफ से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम इस साल अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप जीती थी। गिल पिछले साल तीनों फॉर्मेट के टॉप स्कोरर साल 2025 में भारतीय कप्तान गिल का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 983 रन बनाए, जिसमें इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में 70 से ज्यादा की औसत से बनाए गए 754 रन शामिल थे। वनडे में भी गिल ने 490 रन बनाए और भारत के ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में अहम भूमिका निभाई। कुल मिलाकर उन्होंने सभी फॉर्मेट में 49 की औसत से 1764 रन बनाए, जिसमें सात शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। द्रविड़ ने भारत को 2024 में टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाया द्रविड़ को टेस्ट क्रिकेट के महान बल्लेबाजों में गिना जाता है, उन्होंने टेस्ट में 13,288 और वनडे में 10,889 रन बनाए। कोच के रूप में उनके कार्यकाल में भारत ने ICC टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें टीम वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची और 2024 का टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता। द्रविड़ ने साल 2012 में क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद इंडिया अंडर-19 टीम की कमान भी संभाली और शुभमन गिल व पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों वाली टीम को साल 2018 में खिताब दिलाया। इस दौरान उन्होंने इंडिया ए टीम के साथ मिलकर भी काम किया। 23 साल का रहा मिताली का इंटरनेशनल करियर मिताली राज का इंटरनेशनल करीब 23 साल का रहा। उन्होंने 1999 में 16 साल की उम्र में आयरलैंड के खिलाफ वनडे से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया और जून 2022 में संन्यास लिया। मिताली ने 232 वनडे मैचों में रिकॉर्ड 7805 रन बनाए, जो विमेंस क्रिकेट में सबसे ज्यादा हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 12 मैचों में 699 रन बनाए और 214 रन की पारी खेलकर दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय और सबसे युवा महिला खिलाड़ी बनीं। उन्होंने बतौर कप्तान 2004 से 2022 तक भारतीय टीम का नेतृत्व किया और उनकी अगुवाई में भारत 2005 और 2017 के विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा। —————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या के खिलाफ तिरंगे के अपमान की शिकायत क्रिकेटर हार्दिक पंड्या के खिलाफ तिरंगे के अपमान को लेकर बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने यह शिकायत की है। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बाद अहमदाबाद में जश्न के दौरान पंड्या पर तिरंगे का सम्मान न करने का आरोप लगाया गया है। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका:16 बिजनेस पार्टनर्स के खिलाफ जांच शुरू, अनुचित व्यापार के सबूत मिले तो भारी टैक्स लगेगा

अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने भारत और चीन समेत अपने 16 प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ ‘सेक्शन 301’ के तहत नई जांच शुरू कर दी है। ‘सेक्शन 301’ अमेरिका को उन देशों पर एकतरफा टैक्स बढ़ाने की शक्ति देता है, जो उसकी कंपनियों को नुकसान पहुंच रहे हो। पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ को अवैध बताने के बाद, प्रशासन अब नए कानूनी रास्तों से टैरिफ का दबाव वापस बनाने की तैयारी में है। यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर के मुताबिक, इस जांच के कारण इस साल गर्मियों तक भारत, चीन, यूरोपीय संघ और मैक्सिको जैसे देशों पर नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। सवाल जवाब में पूरा मामला समझें… सवाल 1: अमेरिका ने किन देशों के खिलाफ जांच शुरू की है? जवाब: ट्रम्प प्रशासन ने कुल 16 ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ जांच शुरू की है। इनमें भारत, चीन, यूरोपीय संघ (EU), जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, वियतनाम, ताइवान, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे शामिल हैं। सवाल 2: यह जांच अचानक क्यों शुरू की गई है? जवाब: 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प द्वारा लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को अवैध करार दिया था। इसके बाद ट्रम्प ने 150 दिनों के लिए 10% का अस्थाई टैरिफ लगाया था। अब प्रशासन ‘सेक्शन 301’ का इस्तेमाल कर रहा है ताकि ट्रेडिंग पार्टनर्स पर टैरिफ का खतरा बरकरार रहे और उन्हें बातचीत की मेज पर लाया जा सके। सवाल 3: ‘सेक्शन 301’ क्या है और यह कितना पावरफुल है? जवाब: यह ‘ट्रेड एक्ट ऑफ 1974’ का एक हिस्सा है। यह अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव को यह ताकत देता है कि अगर कोई देश ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practices) करता है, तो अमेरिका उस पर जवाबी टैरिफ या अन्य प्रतिबंध लगा सकता है। सवाल 4: जांच का मुख्य फोकस किन बातों पर है? जवाब: अमेरिका उन देशों की जांच कर रहा है जो अपनी जरूरत से कहीं ज्यादा सामान बना रहे हैं और खपत न होने पर उस माल को सस्ते दामों पर अमेरिकी बाजारों में डंप कर रहे हैं। अमेरिका यह देखना चाहता है कि क्या ये देश जानबूझकर अपनी एक्सेस कैपेसिटी का इस्तेमाल करके अमेरिकी कंपनियों और वहां के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को चोट तो नहीं पहुंचा रहे। इसे एक फैक्ट्री के उदाहरण से समझें… मान लीजिए किसी देश में जूतों की एक ऐसी फैक्ट्री है जो साल में 100 जूते बना सकती है, लेकिन उस देश के लोगों को सिर्फ 20 जूतों की जरूरत है। अब वह फैक्ट्री बंद न हो, इसलिए वहां की सरकार उसे सब्सिडी या मदद देकर पूरे 100 जूते बनवाती है। अब जो 80 जूते बचे हैं, उन्हें वह देश बहुत कम कीमत पर दूसरे देशों के बाजारों में उतार देता है। इससे वहां की अपनी कंपनियों को नुकसान होता है, क्योंकि वे इतनी सस्ती कीमत का मुकाबला नहीं कर पातीं। अमेरिका इसी ‘जरूरत से ज्यादा उत्पादन’ की जांच कर रहा है। सवाल 5: क्या भारत के लिए ये चिंता की बात है? जवाब: 2024 में अमेरिका के साथ भारत का गुड्स ट्रेड सरप्लस 58,216 मिलियन डॉलर (₹5.37 लाख करोड़) था। ये 2025 में 45,801 मिलियन डॉलर (₹4.23 लाख करोड़) रह गया। इसमें कमी आई है। फिर भी भारत उन 16 देशों की सूची में है, जिनकी जांच होगी। अगर जांच में भारत की नीतियां ‘अनुचित’ पाई गईं तो भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लग सकता है। सवाल 6: चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा कितना बड़ा है? जवाब: चीन इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में चीन का ट्रेड सरप्लस 202,071 मिलियन डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 295,515 मिलियन डॉलर हो गया। यानी एक साल में ही करीब 93,444 मिलियन डॉलर का बड़ा उछाल आया है। सवाल 7: फोर्स्ड लेबर को लेकर कौन सी अलग जांच हो रही है? जवाब: ग्रीर ने बताया कि वे ‘सेक्शन 301’ के तहत एक और जांच शुरू कर रहे हैं, जिसका मकसद फोर्स्ड लेबर से बने सामानों के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना है। अमेरिका पहले ही उइगर फोर्स्ड लेबर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सोलर पैनल और दूसरे सामानों पर एक्शन ले चुका है। अब इस तरह की कार्रवाई दूसरे देशों पर भी की जा सकती है। अमेरिका चाहता है कि दूसरे देश भी बंधुआ मजदूरी या जबरन श्रम से बने सामानों पर बैन लगाएं। सवाल 8: इस पूरी प्रक्रिया की टाइमलाइन क्या है? जवाब: 15 अप्रैल तक आम लोगों और कंपनियों से सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद 5 मई के आसपास सार्वजनिक सुनवाई होगी। लक्ष्य यह है कि जुलाई में अस्थाई टैरिफ खत्म होने से पहले ही इस जांच के नतीजे और नए टैरिफ के प्रस्ताव तैयार कर लिए जाएं। सवाल 9: क्या ट्रम्प प्रशासन टैरिफ लगाने पर अड़ा हुआ है? जवाब: हां, जेमिसन ग्रीर ने साफ कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प टैरिफ लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे व्यापार घाटे को कम करने और अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए हर संभव रास्ता और टूल अपनाएंगे। उन्होंने ट्रेडिंग पार्टनर्स को मौजूदा समझौतों का पालन करने की चेतावनी दी। सवाल 10: व्यापार घाटे के मामले में अन्य देशों की क्या स्थिति है? जवाब: यूरोपीय संघ के साथ अमेरिका का घाटा 2025 में बढ़कर 235,874 मिलियन डॉलर हो गया है। मैक्सिको के साथ भी घाटा 171,491 मिलियन डॉलर के स्तर पर है। ताइवान और वियतनाम जैसे देशों के घाटे में हालांकि कमी आई है, फिर भी वे जांच के घेरे में हैं। रीडर के लिए टिप्स अगर आप एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बिजनेस में हैं, तो अमेरिकी पॉलिसी पर नजर रखें। जुलाई के बाद टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग गुड्स की कीमतों में बड़े बदलाव आ सकते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के टैरिफ पर इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट का फैसला: कंपनियों को टैरिफ के 14.5 लाख करोड़ रुपए लौटाने होंगे, सुप्रीम कोर्ट भी लगा चुका फटकार अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को आदेश दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ का पैसा कंपनियों को लौटाया जाए। टैरिफ से दिसंबर तक 10.79 लाख करोड़ रुपए वसूले गए थे और कुल रिफंड 14.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। जज रिचर्ड ईटन ने लंबित मामलों में टैरिफ
पेट के लिए रामबाण है कच्चा और पका बेल, अंदर की सारी समस्याएं होंगी छूमंतर

X पेट के लिए रामबाण है कच्चा और पका बेल, अंदर की सारी समस्याएं होंगी छूमंतर Raw and ripe Bael: गर्मियों में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज, दस्त, पेट की गर्मी और सूजन आम हो जाती है. आयुर्वेद में बेल (बिल्व) फल को इन समस्याओं के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. हर्ष के अनुसार बेल एक ऐसा फल है. जिसे कच्चा और पका दोनों तरह से उपयोग किया जा सकता है. कच्चा बेल कब्ज और पेट साफ करने में मदद करता है, जबकि पका हुआ बेल बार-बार होने वाले लूज मोशन और दस्त में राहत देता है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है और बढ़े हुए पित्त को संतुलित करता है. बेल का सेवन सूजन कम करने, पाचन सुधारने और लिपिड प्रोफाइल को संतुलित रखने में भी सहायक माना जाता है. बेल की चटनी बनाकर सुबह-शाम एक-एक चम्मच लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में टॉक्सिन्स जमा नहीं होते.
क्रिकेटर कुलदीप की शादी में होगी 20 हजार की थाली:शादी का कार्ड राधा-कृष्ण थीम पर, सुनहरी नक्काशी में दिखी रजवाड़े जैसी झलक

भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका सिंह के साथ शादी करने जा रहे हैं। शादी में शामिल होने के लिए कानपुर से परिवार और रिश्तेदार मसूरी रवाना हो चुके हैं। यह शादी 14 मार्च (शनिवार) को मसूरी के आलीशान ‘वेलकम होटल द सेवॉय’ में होगी। इसके तीन दिन बाद यानी 17 मार्च को लखनऊ के होटल सेंट्रम में ग्रैंड रिसेप्शन पार्टी आयोजित की जाएगी। कुलदीप और वंशिका ने 4 जून 2025 को लखनऊ में सगाई की थी। इस शादी का बजट 2 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। कुलदीप और वंशिका की शादी का खूबसूरत और शाही वेडिंग कार्ड भी सामने आया है। निमंत्रण पत्र की थीम राधा-कृष्ण पर आधारित है। इसकी बनावट, नक्काशी और उस पर उकेरी गई कलाकृतियां किसी शाही रजवाड़े का अहसास कराती हैं। कार्ड की कीमत करीब 2200 रुपये बताई जा रही है। वहीं, मेहमानों के लिए वेज और नॉनवेज दोनों तरह के व्यंजन रखे गए हैं। खाने की एक प्लेट की कीमत करीब 20 हजार रुपये है। शादी के कार्ड की PHOTOS… वेडिंग कार्ड की खासियतें… शाही अंदाज और बारीक नक्काशी कार्ड का बेस हल्के गुलाबी (पीच) रंग का है। इस पर बेहद बारीक फ्लोरल (फूल-पत्तियों) पैटर्न छपा है। कार्ड पर ‘गोल्ड फॉयल वर्क’ (सुनहरी नक्काशी) है। किनारों पर महल के गुंबदों और आकृतियों को उभारने के लिए सुनहरे रंग का इस्तेमाल किया है, जो इसे एक 3D और विंटेज लुक देता है। कार्ड के ऊपरी हिस्से पर एक शानदार गोल्डन लॉक (बकल) है, जिसके ऊपर गुलाबी फूलों की डिजाइन बनी है। कार्ड के बीचों-बीच आकर्षक कपल का चित्र उकेरा कार्ड के बीचों-बीच एक बेहद आकर्षक चित्र उकेरा है। इसमें एक शाही महल के झरोखे के सामने एक जोड़े को खड़े दर्शाया है। लाल और हरे रंग के पारंपरिक शाही लिबास में सजे इस जोड़े की झलक राधा-कृष्ण जैसी लग रही है। बैकग्राउंड में महल की जालीदार खिड़कियां और गुंबद हैं। वहीं, कार्ड के निचले हिस्से में प्रकृति का सुंदर चित्रण है- तालाब में खिले कमल के फूल और फव्वारे के पास बैठा एक मोर दिखाया गया है। अक्षर और निमंत्रण का संदेश कार्ड पर लिखे अक्षरों का चुनाव भी इसकी शाही थीम से मेल खाता है। सबसे ऊपर एक खूबसूरत गोल्डन विंटेज नेमप्लेट के आकार की डिजाइन में “कुलदीप और वंशिका” लिखा है। कार्ड के साथ एक निमंत्रण टैग भी जुड़ा है, जिस पर अंग्रेजी के ‘k’ और ‘v’ (कुलदीप और वंशिका) अक्षरों को मिलाकर एक ‘लोगो’ बनाया है, जो एक हार्ट शेप में खत्म होता है। इस पर अंग्रेजी में लिखा है- A Heartfelt Invitation From: मिस्टर. राम सिंह यादव, मिस्टर. कुलदीप सिंह यादव इसके ठीक नीचे उनके कानपुर स्थित निवास का पता- ‘381-D, डिफेंस कॉलोनी, जाजमऊ, कानपुर’ और फोन नंबर लिखे हुए हैं। 20 हजार तक की थाली, कानपुरी और पहाड़ी व्यंजनों का फ्यूजन शाही शादी में क्रिकेट और राजनीति जगत के कई वीआईपी मेहमान शामिल हो सकते हैं। इसलिए खाने का मेन्यू भी बेहद खास रखा गया है। कुलदीप के करीबियों के मुताबिक, खाने में यूपी और उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। कुलदीप कानपुर से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए मेन्यू में कानपुरी स्टाइल के जायकों के साथ पहाड़ी व्यंजनों का फ्यूजन तैयार किया गया है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले मेहमानों को ध्यान में रखते हुए 10 से ज्यादा तरह के मेन कोर्स और डेजर्ट रखे गए हैं। होटल में एक समय के खाने (एक प्लेट) की कीमत करीब 20 हजार रुपए तक बताई जा रही है। शाही दावत- क्या होगा मेन्यू में… मेहमानों के लिए होटल के खास ‘प्लैटिनम’ और ‘गोल्ड’ मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें वेज और नॉनवेज दोनों तरह के लजीज व्यंजन शामिल होंगे। प्लैटिनम/गोल्ड नॉन-वेज मेन्यू की खास बातें- स्नैक्स: मेहमानों के लिए 4 तरह के वेजिटेरियन और 4 तरह के नॉन-वेजिटेरियन स्नैक्स परोसे जाएंगे (गोल्ड मेन्यू में 3-3 ऑप्शन होंगे)। सलाद और सूप: अलग-अलग ड्रेसिंग्स के साथ 8 तरह के प्रीमियम सलाद और 1 वेज व 1 नॉनवेज सूप का ऑप्शन रहेगा। मेन कोर्स: 2 नॉन-वेजिटेरियन डिशेज, 2 वेजिटेरियन डिशेज, 1 स्पेशल पनीर डिश, 2 तरह की दाल और 2 तरह के राइस आइटम परोसे जाएंगे। साथ ही तरह-तरह की भारतीय रोटियां होंगी। प्रीमियम बेवरेज मेन्यू… शादी के बार मेन्यू में देश-विदेश की सबसे महंगी और प्रीमियम शराब शामिल की गई है। 2 करोड़ के पार जाएगा शादी का बजट होटल पैकेज: 100 से अधिक मेहमानों और करीब 50 कमरों के लिए 2 दिन का बेस पैकेज 70 लाख रुपए (प्लस टैक्स) से शुरू हो रहा है। डेकोरेशन: होटल की सजावट का खर्च ही 25 से 30 लाख रुपए तक आएगा। प्रति प्लेट खर्च: खाने की एक प्लेट (थाली) की कीमत 4,500 से 5,000 रुपए (प्लस टैक्स) तय की गई है। थाली की कीमत 20 हजार तक हो सकती है। कुल एस्टीमेट: होटल बुकिंग, डेकोरेशन और अन्य खर्चों को मिलाकर 3 दिन के इस पूरे ग्रैंड इवेंट का खर्च 2 करोड़ रुपए के पार जाने का अनुमान है। मेहमानों का स्वागत और वेडिंग थीम… शादी में मेहमानों का स्वागत शाही और भव्य तरीके से किया जाएगा। वेडिंग डेकोरेशन में ‘राजपूताना थीम’ की झलक देखने को मिलेगी। इसमें महाराजाओं वाली खास छतरियां और मोर के डिजाइन वाले एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं। कुलदीप यदुवंशी हैं, इसलिए थीम में राधा-कृष्ण से जुड़े कुछ आध्यात्मिक और पारंपरिक एलिमेंट्स भी जोड़े जाने की चर्चा है। जिससे शादी को एक खास पर्सनल टच दिया जा सके।








