MP Top 10 News | Days Biggest Updates VIDEO

MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। . दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते है, एमपी में आज, क्या रहा खास… 1. मां ने 4 बेटियों को कुएं में फेंककर लगाई फांसी:20 फीट गहराई से शव बरामद; पति घर नहीं आता था मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक मां ने अपनी 4 मासूम बेटियों को कुएं में फेंकने के बाद फांसी लगा ली। महिला की पेड़ पर लटकी लाश मिली है। पति एक साल से घर नहीं आया था, जिससे वह तनाव में थी। मृतक की पहचान सविता बाई (28) पत्नी चंद्रभान लोधी के रूप में हुई है। मृतकों में चार बेटियां अंशिका (7), रक्षा (5), दीक्षा (3) और पांच महीने की मनीषा शामिल है। बच्चियों के शव घर से करीब 500 मीटर दूर खेत में बने कुएं से बरामद किए गए। पढ़ें पूरी खबर 2. भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे:मुख्य सड़क पर चल रहा मेट्रो का काम; लोगों का विरोध भोपाल के जवाहर चौक स्थित 5 दुकानों के गुरुवार दोपहर में छज्जे गिर गए। अचानक गिरे छज्जे से दहशत फैल गई। दुकानदार जान बचाकर दुकानों से बाहर निकले और भागने लगे। विधायक भगवान दास सबनानी, पार्षद जगदीश यादव भी मौके पर पहुंचे। जहां दुकानें धंसी हैं उससे कुछ दूरी पर मेट्रो का काम चल रहा है। इसके चलते यह स्थिति बनने की आशंका है। दुकानदारों ने बताया कि नगर निगम की करीब 40 साल पुरानी दुकानें हैं। पढ़ें पूरी खबर 3. बच्चे ने प्रेमानंद महाराज के लिए घर छोड़ा:15 साल के किशोर ने लेटर में लिखा-अपनी असलियत जान गया इंदौर की कृष्ण विहार कॉलोनी में रहने वाला 15 साल का बच्चा बुधवार को घर से अचानक लापता हो गया। परिवार को उसके हाथ का लिखा एक लेटर मिला है। लेटर उसने लिखा है कि वह वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज के वचनों से प्रभावित होकर अपने “असली परिवार” के पास जा रहा है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार, बच्चे के पिता ड्राइवरी का काम करते हैं। बुधवार को बच्चा क्रिकेट खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन नहीं लौटा। पढ़ें पूरी खबर 4. मौत से पहले तड़पती नवेली दुल्हन का VIDEO:परिजन बोले-₹6 लाख दहेज नहीं देने पर जहर देकर मार डाला मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक नवविवाहिता की मौत से पहले का वीडियो सामने आया है। वीडियो में युवती तड़पती हुई दिखाई दे रही है, जबकि ससुराल पक्ष के लोग उसका वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। वह पानी मांग रही है। इसके बाद ससुराल वाले पानी पिलाते दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद गुरुवार को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। परिजन का आरोप है कि दहेज नहीं देने पर बेटी को जहर देकर मार डाला। पढ़ें पूरी खबर 5. सीजन में पहली बार MP में लू का अलर्ट, रतलाम, नर्मदापुरम और धार में हीट वेव चलेगी; दो दिन बारिश का अलर्ट गर्मी के इस सीजन में पहली बार मध्य प्रदेश में गुरुवार (12 मार्च) को हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने रतलाम, धार और नर्मदापुरम में हीट वेव चलने की बात कही है। शुक्रवार को भी इन्हीं जिलों में लू चलेगी। बुधवार को रतलाम सबसे गर्म रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्मी ने तेवर दिखाए। तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है। पढ़ें पूरी खबर ——————– 6. एमपी के रीवा में सिलेंडर 2000 का, कालाबाजारी के आरोप:भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में लंबी कतारें मध्य प्रदेश में 3 दिन से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप है। घरेलू सिलेंडर की वेटिंग भी 5 से 7 दिन की हो गई है। ऑयल कंपनियों ने 15% गैस ही उपलब्ध होने की बात कही है, जो इमरजेंसी सेवा और घरों के लिए ही उपयोग हो सकेगी। भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में गुरुवार सुबह से ही कतारें लगी हुई हैं। रीवा के उमेश शुक्ला ने बताया कि दलाल 900 का सिलेंडर 2000 रुपए तक में बेच रहे हैं। छिंदवाड़ा में शादियों में डीजल भट्टी से खाना बनाया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर ——————- 7. थार-बाइक की टक्कर, सरपंच-चचेरे भाई की मौत:दोनों शादी समारोह से गांव लौट रहे थे नरसिंहपुर जिले के ठेमी थाना क्षेत्र में थार कार और बाइक की आमने‑सामने टक्कर में गांव के सरपंच और उनके चचेरे भाई की मौत हो गई। दोनों शादी समारोह से लौट रहे थे जब तेज़ रफ्तार थार ने बाइक से टक्कर मारी। दुर्घटना इतनी भयंकर थी कि मौके पर दोनों की मौत हो गई। कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसका इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8. बुरहानपुर में मरीज के पेट से 7 किलो ट्यूमर निकाला:सरकारी अस्पताल में 2 घंटे चला ऑपरेशन बुरहानपुर के सरकारी जिला अस्पताल में 50‑60 वर्ष की एक महिला के पेट से लगभग 7 किलो से अधिक भारी ट्यूमर निकालने में डॉक्टरों को सफलता मिली। ऑपरेशन करीब 2 घंटे तक चला, जिसमें सर्जिकल टीम ने जटिल शल्यक्रिया के बाद बड़ा ट्यूमर सुरक्षित रूप से हटा दिया। महिला को लंबे समय से पेट दर्द की समस्या थी और विभिन्न जांचों के बाद यह पता चला कि उसके पेट में विशाल ट्यूमर है। सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. अजयगढ़ में 30 बैलगाड़ियों पर निकली अनोखी बारात:ढोल-नगाड़ों और नाचते घोड़े भी मंगवाए अजयगढ़ में एक शादी में पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित किया गया, जहां दूल्हे की बारात आधुनिक वाहनों के बजाय बैलगाड़ियों पर निकली। डॉ. रामखिलावन विश्वकर्मा ने अपने छोटे बेटे की शादी के लिए यह अनूठा तरीका अपनाया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। इस बारात के लिए अजयगढ़ जनपद के बीरा, लोलास, शाहपुरा, गड़रियन पुरवा और मझपुरवा सहित विभिन्न गांवों से लगभग 30 बैलगाड़ियां मंगवाई गई थीं। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट 10. ग्वालियर में लाड़ली बहनों के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे सीएम
Foreign, Shipping, Petroleum Ministries Brief on Oil, Gas Supply

Hindi News National Iran Crisis: Foreign, Shipping, Petroleum Ministries Brief On Oil, Gas Supply नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक सूचना और प्रसारण मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, शिपिंग मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने गुरुवार को दिल्ली में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भारत सरकार के विदेश, शिपिंग, पेट्रोलियम, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को देश में कच्चे तेल और गैस की किल्लत को लेकर जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सरकार ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आती है। सरकार ने कहा- देश में हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार गैस सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। देश में रोजाना करीब 50 लाख LPG सिलेंडर की डिलीवरी की जाती है। हाल में घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में कई गुना बढ़ोतरी देखी गई है। केंद्र ने बताया कि लोगों से पैनिक बुकिंग से बचने की अपील की गई है। साथ ही राज्य सरकारों से कहा गया है कि जरूरतमंद लाभार्थियों की सूची तैयार करें, ताकि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से भारत में LPG की किल्लत बढ़ती जा रही है। देशभर में गैस सिलेंडर एजेंसियों के बार लम्बी लाइनें लगी हुई हैं। इसके अलावा गैस सिलेंडर कालाबाजारी भी होने लगी है। कुछ राज्यों में ₹900 के घरेलू गैस सिलेंडर के लिए ₹1800 तक वसूले जा रहे हैं। जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्रालयों ने क्या कहा, पढ़िए… पेट्रोलियम मंत्रालय : मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा- देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की उपलब्धता को लेकर स्थिति काफी सहज और संतोषजनक है। भारत रोजाना करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल का इस्तेमाल करता है और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर होने के कारण पेट्रोल-डीजल जैसे उत्पादों की उपलब्धता को लेकर भरोसा बना हुआ है। 9 मार्च को पेट्रोलियम मंत्रालय ने Essential Commodities Act के तहत सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन अधिकतम करने का आदेश दिया था। इसके बाद घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और अब यह 25% से बढ़कर 28% हो गया है। देशभर में करीब 1 लाख रिटेल आउटलेट यानी पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के हैं। इन आउटलेट्स पर कहीं भी ईंधन की कमी या ड्राई-आउट की स्थिति सामने नहीं आई है। भारत सरकार हर तिमाही राज्यों को केरोसिन आवंटित करती है। हर तीन महीने में लगभग 1 लाख किलोलीटर केरोसिन राज्यों को दिया जाता है। आज जारी किए गए नए आदेश के तहत राज्य सरकारों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन और जारी किया जाएगा। घरेलू बाजार में LPG की सप्लाई डिमांड और सप्लाई दोनों के मैनेजमेंट पर निर्भर करती है। सरकार सभी मोर्चों पर कार्रवाई कर रही है। जहां तक सप्लाई का सवाल है, हम घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के साथ चर्चा हुई है और यह तय किया गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कुछ कमर्शियल सिलेंडर यानी 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर भी जारी करेंगी। लेकिन इसके साथ राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि वितरण पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके। शिपिंग मंत्रालय : मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया- पर्शियन गल्फ क्षेत्र में भारतीय जहाजों की संख्या फिलहाल 28 है और यह संख्या पहले जैसी ही बनी हुई है। इन जहाजों में कुल 778 भारतीय नाविक सवार हैं। इन 28 जहाजों में से 24 होर्मुज स्ट्रैट के पश्चिमी हिस्से में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक मौजूद हैं। वहीं चार जहाज होर्मुज के पूर्वी हिस्से में हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार इन सभी जहाजों और उनके क्रू की सुरक्षा पर लगातार नजर रख रही है। हाल में विदेशी झंडे वाले कुछ जहाजों पर भारतीय नाविकों से जुड़े समुद्री हादसे हुए हैं। इन जहाजों पर कुल 78 भारतीय नाविक मौजूद थे। इनमें से 70 नाविक सुरक्षित निकल आए हैं, जबकि चार नाविक घायल हुए हैं और उनकी हालत स्थिर है। इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि एक नाविक अब भी लापता बताया जा रहा है। विदेश मंत्रालय : मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- तेहरान स्थित भारतीय दूतावास उन भारतीय नागरिकों की मदद कर रहा है जो ईरान छोड़ना चाहते हैं। उन्हें आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते बाहर निकलने में सहायता दी जा रही है, जहां से उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों का उपयोग किया जा सकता है। तेहरान में हमारा दूतावास भारतीय नागरिकों को वीज़ा सुविधा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा पार करने में भी मदद कर रहा है। हमारे कई नागरिक इस विकल्प का लाभ उठाकर भारत लौट चुके हैं। हम अन्य भारतीय नागरिकों से भी आग्रह करते हैं कि जो लोग ईरान छोड़ना चाहते हैं, वे दूतावास द्वारा दी जा रही इस सहायता का लाभ उठाएं। हमारे दूतावास ने इस संबंध में एक एडवाइजरी भी जारी की है। स्कायलाइट नाम का यह विशेष कॉमर्शियल शिप हमले का शिकार हुआ था, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और एक अब भी लापता है। दूसरा शिप, जिस पर हमला हुआ था, वह एमकेडी व्योम था। उसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि 16 अन्य भारतीय सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। 2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल
नो गैस कुकिंग: ना गैस की जरूरत, ना घंटों की मेहनत! बिना गैस के मिनटों में तैयार ये 5 ग्रेडर रेसिपी

बिना गैस की बनी डिश | छवि: एआई/फ्रीपिक स्वस्थ नाश्ता और स्नैक रेसिपी: यहां देखें भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास खाना बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। कई बार ऐसी स्थिति भी हो जाती है जब गैस उपलब्ध नहीं होती या जल्दी में कुछ प्रभाव-फुल्का और तकनीशियन का मन हो जाता है। ऐसे में कुछ ऐसी रेसिपी बेहद काम की हैं जिन्हें बनाने के लिए गैस की जरूरत नहीं है और ये मिनटों में तैयार हो जाती हैं। तो जानें ऐसी ही 5 आसान और क्लासिक रेसिपी के बारे में। वेजिटेबल असेंबली वेजिटेबल अनैच्छिक एक बेहद आसान और वेस्ट इंडिकेटर है। कैसे? बेडरूम पर बटर या मेयोनीज़ बेडरूम। इसके ऊपर खेडा, टमाटर, प्याज और आलू की पूर्ति की आवश्यकता है। स्वाद के लिए नमक, काली मिर्च और चाट मसाला। ऊपर से दूसरी ब्रेडेडी रेस्तरां तैयार कर लें। यह झटपट बनने वाला टेस्टी और पेट रिजर्वेशन वाला है। स्पोट्ज़ कीज़ स्प्राउट्स यानी अनमोल दालें स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आकर्षक हैं। कैसे? एक बाउल में स्मारक मूंग या चना लें। इसमें प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालें। ऊपर से नींबू का रस, नमक और थोड़ा सा चाट मसाला स्टाव। यह प्रोटीन से भरपूर और बहुत सारी मिसाइलें होती है। दही का कटोरा अगर आपके पास कुछ मिठाई और मशीनरी खाना है तो दही बाउल बाउल बेहतरीन विकल्प है। कैसे? एक मसाले में ताज़ा दही लें। कटे हुए सेब, केला, पपीता या अवशेष। ऊपर से लिटिल हनी या फ़्लोरिंग डॉल डे। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी देती है। पीनट बटर बनाना रोल यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। कैसे? एक रोटी या ब्रेडर पर पीनट बटर बटर। इसके ऊपर केला सुपरमार्केट रोल बना लें। यात्रा तो ऊपर से थोड़ा शहद भी डाल सकते हैं। यह झटपट बनने वाला परमाणु ऊर्जा देता है जो तुरंत ऊर्जा देता है। चना चाट चना चाट भी बिना गैस के बनने वाला, स्वादिष्ट और स्वादिष्ट विकल्प है। कैसे? सब्ज़े चने एक बाउल में लें। इसमें प्याज, टमाटर, हरा धनियां और हरी मिर्च शामिल हैं। ऊपर से नमक, चाट मसाला और नींबू का रस मठ से मिश्रण कर लें। यह चैट टेस्टी के साथ-साथ पेट के लिए भी मज़ेदार है। यह अवश्य पढ़ें: पनीर सलाद रेसिपी: मिनट में निश्चित हरे मटर और पनीर वाला हाई प्रोटिन क्यूज़, वेट लॉस के लिए है परफेक्ट बॅट रेसिपी
वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।
वायरल ऑडियो क्लिप पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी:8 साल पुरानी प्राइवेट बातचीत लीक होने पर भड़कीं, कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया

रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।
क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा लिवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर, क्या की गई है मांग, जानें

होमताजा खबरDelhi क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा लिवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर Last Updated:March 12, 2026, 17:38 IST दिल्ली सरकार के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली के खिलाफ सोशल ज्यूरिस्ट एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने जनहित याचिका दायर की है. पीआईएल में अस्पताल की पॉलिसी को मनमानी और भेदभावकारी बताया है और सरकारी अस्पताल होने के बावजूद सबको मुफ्त इलाज न मिलने पर सवाल उठाया है. केस की 18 मार्च को सुनवाई होगी. दिल्ली हाईकोर्ट में आईएलबीएस अस्पताल के खिलाफ पीआईएल दायर की गई है. ILBS Hospital news: इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल में इकॉनोमिकली वीकर सेक्शन के तहत मुफ्त इलाज लेने वालों के लिए आईपीडी यानि भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 10 फीसदी बेड और ओपीडी में 25 फीसदी मरीजों को देखने का कोटा तय किया गया है. जबकि यह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दिल्ली सरकार के द्वारा स्थापित किया गया था और इसका मालिकाना हक भी राज्य के ही पास है. यहां तक कि यह पूरी तरह सरकार के ही द्वारा फंडेड और नियंत्रित है बावजूद इसके इसे स्वायत्त संस्था के तौर पर घोषित किया हुआ है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए इलाज की सीमाएं तय कर दी गई हैं जो किसी भी तरह से वैध नहीं है. याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल को सरकार की ओर से लिवर की गंभीर बीमारियों जैसे हैपेटाइटिस, सिरोसिस, लिवर कैंसर आदि के स्पेशलाइज्ड इलाज करने के लिए बनाया गया था और आज तक सरकार के ही द्वारा पैसा दिया जाता है बावजूद इसके इसमें ऐसी पॉलिसी अपनाई गई है जो इसे सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन ज्यादा बनाती है. जहां तकरीबन 90 फीसदी बेड पैसे का भुगतान करने वाले मरीजों के लिए आरक्षित हैं. यह इस जनहित याचिका को दायर करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल कहते हैं कि याचिका में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह सरकारी फंडेड अस्पताल की यह पॉलिसी पूरी तरह मनमानी, भेदभावकारी और भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन है. यह नीति पब्लिक के पैसों से बने अस्पताल में उन्हें मिलने वाले लाइफ सेविंग इलाज में जबरन बाधा पैदा कर रही है. अस्पताल का यह तरीका सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के भी खिलाफ है. एडवोकेट अशोक ने बताया कि देश में कहीं भी ऐसा कोई सरकारी अस्पताल नहीं है जहां सब कुछ सरकार का है लेकिन मरीजों का इलाज पैसे लेकर होता है और गरीब मरीजों को धक्के खाने पड़ते हैं. यह अस्पताल सरकारी होते हुए भी प्राइवेट अस्पताल की तरह काम कर रहा है जो इसकी वैधता पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि इस जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में लिस्ट करा दिया गया है और 18 मार्च बुधवार को इसकी सुनवाई होनी है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीनियर हेल्थ रिपोर्टर काम कर रही हैं. इन्हें पिछले 14 साल से फील्ड में रिर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है. इससे पहले ये हिंदुस्तान दिल्ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : March 12, 2026, 17:38 IST
फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% हुई:खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; इजराइल-ईरान जंग से ये और बढ़ सकती है

फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% पहुंच गई है। इससे पहले जनवरी में यह 2.74% थी। आज 12 मार्च को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जंग लंबी चली तो कच्चे तेल के दाम 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं। इससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा और फल-सब्जी समेत हर जरूरी सामान की कीमतें बढ़ जाएंगी। वित्त वर्ष 2025-2026 में रिटेल महंगाई दर खाने-पीने की चीजों के दाम चढ़ने से महंगाई बढ़ी फरवरी में लहसुन 31% और प्याज 28% तक हुआ सस्ता चांदी के गहनों की महंगाई दर 160% से ज्यादा नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी दूसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है। खाने-पीने की चीजों का वजन 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वजन बढ़ा दिया गया है। RBI का अनुमान: 4% के पार जा सकती है महंगाई रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए औसत महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, अप्रैल-जून (Q1 FY27) की तिमाही में यह बढ़कर 4% और अगली तिमाही में 4.2% तक जा सकती है। फिलहाल महंगाई आरबीआई के तय लक्ष्य (4%) के भीतर ही है, जिससे बाजार को उम्मीद है कि नीतिगत दरों में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। नॉलेज बॉक्स: महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.21% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि फरवरी 2026 में महंगाई 3.21% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना फरवरी 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.21% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज़ अब ₹103.21 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर फरवरी 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान फरवरी 2026 में ₹103.21 का हो गया है।
West Indies Javon Searles Ban; Match Fixing 2023-24

ब्रिजटाउन2 घंटे पहले कॉपी लिंक ICC ने बारबाडोस में 2023-24 बिम10 टूर्नामेंट के दौरान भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के उल्लंघनों के कारण तेज गेंदबाज ऑलराउंडर जावोन सर्ल्स टाइटन्स फ्रेंचाइजी के मालिक चित्ररंजन राठौड़ और टीम अधिकारी ट्रेवन ग्रिफिथ को भी सभी प्रकार के क्रिकेट से निलंबित कर दिया है। सर्ल्स पर क्रिकेट वेस्टइंडीज की भ्रष्टाचार रोधी संहिता के तहत चार आरोप लगाए गए हैं। वे वेस्टइंडीज अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया है। वह कैरेबियाई प्रीमियर लीग में त्रिनबागो नाइट राइडर्स के लिए खेले थे और 2018 में IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी खेल चुके हैं। ये आरोप लगाए गए हैं तीनों पर मैच फिक्सिंग, प्लेयर्स को भ्रष्ट गतिविधियों के लिए उकसाने और जांच में सहयोग न करने के आरोप लगाए गए हैं। सर्ल्स-ग्रिफिथ पर भ्रष्ट प्रस्तावों की जानकारी अधिकारियों को न देने का भी आरोप है। ग्रिफिथ पर जांच में बाधा डालने और जानकारी से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है। अब 25 मार्च तक जवाब देना होगा ICC ने कहा कि तीनों को 11 मार्च 2026 से 14 दिनों के भीतर इन आरोपों पर जवाब देना होगा। यह मामला 2023-24 के बीम10 टूर्नामेंट से जुड़ी जांच का हिस्सा है। इसमें अमेरिका के बल्लेबाज आरोन जोन्स पर भी पांच आरोप लगाए जा चुके हैं। वेस्टइंडीज का लिमिटेड ओवर टूर्नामेंट है बिम-10 बिम-10 एक 10-10 ओवर की पारियों वाला टूर्नामेंट हैं जिसमें छह टीमें वॉयजर्स, गार्डियंस, टाइटन्स, सेटलर्स, वॉरियर्स और पेलिकन्स टीम खेलती हैं। यह टूर्नामेंट आखिरी बार 2023-24 में आयोजित हुआ था। जो क्रिकेट वेस्टइंडीज के भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के अंतर्गत आता है। ICC और क्रिकेट वेस्टइंडीज दोनों ने अपने-अपने भ्रष्टाचार रोधी संहिता के अंतर्गत ये आरोप लगाए हैं। ———————————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हार्दिक पंड्या के खिलाफ तिरंगे के अपमान की शिकायत क्रिकेटर हार्दिक पंड्या के खिलाफ तिरंगे के अपमान को लेकर बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने यह शिकायत की है। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बाद अहमदाबाद में जश्न के दौरान पंड्या पर तिरंगे का सम्मान न करने का आरोप लगाया गया है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
MBBS 11,682, PG 8,967 Seats Increase for 2025-26

Hindi News Career Medical College Seat Hike: MBBS 11,682, PG 8,967 Seats Increase For 2025 26 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए MBBS यानी बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी की 11,682 सीटों की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, 8,967 पोस्टग्रेजुएट (PG) सीटों को भी मंजूरी दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार, 11 मार्च को संसद में इसकी जानकारी दी। राज्यसभा में लिखित जवाब में अनुप्रिया पटेल ने जानकारी दी कि एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए देशभर में कुल 43 नए मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं। ये डेटा नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने अपनी वेबसाइट nmc.org.in पर भी अपडेट कर दिया है। देश भर में MBBS की सीट बढ़कर 1.29 लाख हुई NMC के पोर्टल पर मौजूद डेटा के मुताबिक, पिछले साल यानी 2025 तक भारत में MBBS सीटों की कुल संख्या 1,18,190 थी, जो बढ़कर 1,29,603 हो चुकी हैं। वहीं, 2025 में पोस्ट ग्रेजुएट्स की सीटें 76,053 थीं, जो अब बढ़कर 85,020 हो गई हैं। अभी तक देश भर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 775 थी। (तस्वीर – AIIMS दिल्ली की) 2014 की तुलना में MBBS की 150% सीटों की बढ़ोतरी नेशनल मेडिकल कमीशन के अनुसार, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2013-14 में 387 थी, जो अब बढ़कर 818 हो गई है। इसमें 111.36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह MBBS (UG) सीटें 2013-14 से पहले 51,348 थीं, जो अब बढ़कर 1,28,976 हो गई हैं, यानी इसमें 151.18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पोस्टग्रेजुएट सीटें 2014 से पहले 31,185 थीं, जो अब बढ़कर 85,020 हो गई हैं। इसमें 172.63 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। असेसमेंट के बाद NMC देता है मान्यता नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) हर साल मेडिकल कॉलेजों और इंस्टीट्यूशन से नए मेडिकल कॉलेज बनाने या अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट सीटें बढ़ाने की परमिशन के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन मंगाता है। एप्लिकेशन मिलने के बाद, NMC पहले स्क्रूटनी और असेसमेंट करता है, फिर लेटर ऑफ परमिशन (LoP) या लेटर ऑफ डिसअप्रूवल (LoD) जारी करता है। ये अप्रूवल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के अनुसार दिए जाते हैं, जिसमें मेडिकल इंस्टीट्यूशन्स की स्थापना, असेसमेंट और रेटिंग रेगुलेशन, 2023, अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन के लिए मिनिमम स्टैंडर्ड रिक्वायरमेंट्स (UGMSR), 2023, और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन के लिए मिनिमम स्टैंडर्ड रिक्वायरमेंट्स (PGMSR), 2023 शामिल हैं। इसके अलावा इसमें NMC द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइंस भी शामिल हैं। सेंट्रल फोर्स में 93 हजार पद खाली और 5 साल में CAPF में 86% इस्तीफे की बढ़ोतरी केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) और असम राइफल्स में कुल 93,139 पद खाली हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में 28,342 में और सबसे कम असम राइफल्स में 3,749 पद खाली हैं। राय ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर… ————————- ये खबर भी पढ़ें… NCERT का विवादित चैप्टर बनाने वाली टीम के खिलाफ निर्देश: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- प्रो. मिशेल को बैन करे केंद्र, ‘करप्शन इन ज्यूडिशियरी’ लिखा था सुप्रीम कोर्ट NCERT के कक्षा 8वीं की सोशल साइंस की किताब में ‘करप्शन इन द ज्यूडिशियरी’ नाम का सब-चैप्टर तैयार करने वाली टीम को हटाने की तैयारी में है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारों और पब्लिक फंडेड इंस्टीट्यूशन्स को निर्देश दिया है कि NCERT के सोशल साइंस करिकुलम के चेयरपर्सन प्रोफेसर मिशेल डेनिनो को पाठ्यक्रम से अलग करें। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अय्यर के लेटर का थरूर ने दिया जवाब:कहा- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत; अय्यर ने लिखा था- क्या आप मोदी की कृपा चाहते हैं

कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं शशि थरूर और मणि शंकर अय्यर के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। शशि थरूर ने गुरुवार को अय्यर के ओपन लेटर का जवाब ओपन लेटर लिखकर दिया है। थरूर ने भी कहा है कि विदेश नीति पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इससे किसी की नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। मणि शंकर अय्यर ने अपने लेटर में विदेश नीति पर थरूर के रुख की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शशि थरूर ने अमेरिका-इजराइल और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भारत के नैतिक रुख को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि भारत को शक्तिशाली देशों के दबाव में चुप नहीं रहना चाहिए और गांधी-नेहरू की नैतिक राजनीति से प्रेरणा लेनी चाहिए। अय्यर ने लेटर में लिखा था कि क्या आप सचमुच नरेंद्र मोदी की कृपा पाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे आपको वह लाभ दे सकते हैं जो विपक्ष आपको नहीं दे सकता? अय्यर ने लिखा- यहीं से हमारे रास्ते अलग हो जाते हैं। इसपर थरूर ने जवाब में कहा है कि आपरेशन सिंदूर पर मेरे बोलने के बाद से ही आप लगातार मेरे बारे में कई टिप्पणियां कर रहे थे। मैंने अब तक सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन आपकी हाल की टिप्पणियों के बाद जवाब देना जरूरी हो गया था। थरूर का लेटर पढ़िए- लोकतंत्र की खूबी यही है कि लोग अलग-अलग राय रख सकते हैं। असहमति होना गलत नहीं है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि कोई विदेश नीति को थोड़ा अलग तरीके से देखता है, उसकी नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। आपने मेरे विचारों और मेरे चरित्र के बारे में जो सार्वजनिक टिप्पणी की है, उसका जवाब देना जरूरी हो गया है। मैंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मामलों को भारत के राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखा है। मेरे लिए भारत की सुरक्षा, भारत की अर्थव्यवस्था और दुनिया में भारत की इज्जत सबसे ऊपर है। दुनिया की राजनीतिक हकीकत को समझना और भारत के हितों को ध्यान में रखकर फैसला लेना कोई “मोरल सरेंडर” नहीं है — यह जिम्मेदार स्टेटक्राफ्ट है। भारत की विदेश नीति हमेशा principle और pragmatism दोनों का संतुलन रही है। Jawaharlal Nehru की Non-Alignment policy से लेकर आज की multi-alignment diplomacy तक भारत का मकसद हमेशा एक ही रहा है, अपनी संप्रभुता की रक्षा करना और दुनिया में न्याय की बात करना। संसद में हो या संसद के बाहर, मेरा रिकॉर्ड इसी संतुलन को दिखाता है। देशभक्ति पर किसी एक पीढ़ी का अधिकार नहीं है। और न ही गांधी जी या नेहरू जी को समझने का अधिकार किसी एक समूह के पास है। असली सम्मान यही है कि उनके विचारों को आज के समय की हकीकत के साथ समझकर लागू किया जाए। इतिहास में भी भारत ने कई बार ऐसा किया है कि किसी देश की गलत कार्रवाई को तुरंत सार्वजनिक रूप से नहीं ललकारा, क्योंकि हमारे अपने राष्ट्रीय हित उससे जुड़े हुए थे। उदाहरण के लिए, सोवियत यूनियन के साथ हमारे रिश्ते इतने महत्वपूर्ण थे कि हंगरी, चेकोस्लोवाकिया और अफगानिस्तान के मामलों में भी भारत ने बहुत संतुलित रुख अपनाया।आज भी खाड़ी देशों के साथ भारत के बहुत बड़े हित जुड़े हैं। लगभग 200 अरब डॉलर का व्यापार, हमारी एनर्जी सिक्योरिटी और करीब 90 लाख भारतीय वहां काम कर रहे हैं। ऐसे में विदेश नीति बनाते समय इन सब बातों को ध्यान में रखना पड़ता है। यथार्थ को समझना किसी के आगे झुकना नहीं होता। आज अमेरिका में ऐसी सरकार है जो अंतरराष्ट्रीय कानून को हमेशा उसी तरह प्राथमिकता नहीं देती जैसे हम देना चाहते हैं। लेकिन अगर हम उसे खुलकर चुनौती देते हैं तो उसके परिणाम भी हो सकते हैं।अपने हाल के Indian Express लेख में मैंने साफ लिखा है कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसे तुरंत खत्म होना चाहिए। लेकिन साथ ही मैंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ हमारे कई महत्वपूर्ण हित जुड़े हैं, उन्हें खतरे में डालना समझदारी नहीं होगी। विदेश नीति आखिरकार राष्ट्रीय हित के बारे में ही होती है, केवल भाषण देने या दिखावे की राजनीति करने के बारे में नहीं। मेरी विदेश यात्राओं को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं, वे बिल्कुल बेबुनियाद हैं। ऑपरेशन सिंदूर को छोड़कर मेरी बाकी विदेश यात्राएं मेरी प्राइवेट कैपेसिटी में होती हैं। न उन्हें सरकार आयोजित करती है, न सरकार उनका खर्च उठाती है। दुनिया भर के कई विश्वविद्यालय और संस्थान मुझे बुलाते हैं, जितने निमंत्रण आते हैं, उनमें से ज्यादातर को मैं अपने काम के कारण स्वीकार भी नहीं कर पाता।जहाँ तक क्षेत्रीय राजनीति की बात है, मेरे विचार सालों से एक जैसे रहे हैं।मैंने हमेशा Israel और Palestine के बीच two-state solution का समर्थन किया है। और यह भी कहा है कि पाकिस्तान में अक्सर ऐसा लगता है कि वहाँ सेना के पास देश है, न कि देश के पास सेना। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब हमने दुनिया में भारत का पक्ष रखा, तो मेरा संदेश साफ था — “भारत बुद्ध और गांधी की भूमि है। हम शांति चाहते हैं। लेकिन शांति का मतलब कमजोरी नहीं होता। अगर आतंकवाद हमारे लोगों की जान लेगा, तो भारत मजबूती से जवाब देगा।”सबरीमाला के मुद्दे पर भी आपकी आलोचना मुझे थोड़ी अजीब लगी। एक तरफ आप मुझे “गलत विचारों” के लिए कोसते हैं, दूसरी तरफ उसी मुद्दे पर पार्टी के निर्णय के साथ खड़े होने के लिए भी आलोचना करते हैं। मेरी जन्मतिथि को लेकर की गई टिप्पणी भी इस बहस से जुड़ी नहीं है। महात्मा गांधी का सम्मान करने के लिए यह जरूरी नहीं कि किसी को उनकी गोद में खेलने का मौका मिला हो। मैंने गांधी जी और नेहरू जी पर काफी लिखा है और उनका सम्मान मेरे विचारों में गहराई से मौजूद है।विदेश नीति के तरीकों पर मतभेद होना स्वाभाविक है। लेकिन principled pragmatism को गलत समझना ठीक नहीं है। मेरा मानना है कि भारत को ऐसी राष्ट्रवादी सोच की जरूरत है जो नैतिक मूल्यों और वास्तविक दुनिया की राजनीति, दोनों को साथ लेकर चले।आपने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मेरा समर्थन किया, उसके लिए मैं आपका आभारी हूं।और जब आपको पार्टी से निलंबित किया गया था,








