DCP jitendra mani tripathi latest news| weight loss| weight loss and how to maintain| डीसीपी जितेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताई वजन घटाने की ट्रिक

Last Updated:March 16, 2026, 18:38 IST अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका वजन कम तो हो जाता है लेकिन क्या करें फिर से बढ़ जाता है. यही वजह है कि मोटापा घटाना अक्सर मुश्किल होता है और उसे मेनटेन रखना और भी कठिन होता है. लेकिन सिर्फ 10 महीनों में अपनी मेहनत से 44 किलोग्राम वजन घटाने वाले डीसीपी जितेंद्र मणि त्रिपाठी ने इस वजन को मेनटेन रखने का भी कारनामा कर दिया है. 3 साल से जितेंद्र मणि का वजन 84.7 किलोग्राम पर ही टिका है और बीपी, कोलेस्ट्रॉल भी गायब हैं. आइए उन्हीं से जानते हैं कि ये करिश्मा उन्होंने कैसे किया? आखिर वजन को मेनटेन कैसे किया जाए? मोटापा ऐसी बुरी चीज है कि एक बार अगर बढ़ जाए तो उसे घटाना काफी मुश्किल है, लेकिन अगर वजन कम हो भी जाए तो उसे नियंत्रित और मेनटेन रखने में पसीने छूट जाते हैं, क्योंकि शरीर की प्रकृति ही ऐसी है कि आप जी-तोड़ मेहनत कर मोटापा घटा तो लेते हैं लेकिन आपके ढीला पड़ते ही आपका शरीर दोगुनी तेजी से चर्बी चढ़ा लेता है, लेकिन अगर सामने डीसीपी जितेंद्र मणि जैसे व्यक्ति हों तो शरीर को भी अपनी प्रकृति बदलनी पड़ती है. जो तस्वीर आप देख रहे हैं उसमें पहली तस्वीर मोटापे से ग्रस्त डीसीपी मणि की है और दूसरी 10 महीने बाद वाली तस्वीर में आप लाल कपड़ों में फिट और स्मार्ट जितेंद्र मणि को देख रहे हैं. जी हां अगर आप भी वजन घटाकर उसे मेनटेन नहीं रख पा रहे हैं तो आपको निश्चित ही डीसीपी मणि से सीखना चाहिए. इन्होंने सिर्फ 10 महीने में 45 किलो वजन घटाकर मिसाल कायम कर दी थी. हालांकि इससे भी खास और दिलचस्प बात है कि 129 किलोग्राम से 85 किलोग्राम तक आए जितेंद्र मणि का वजन पिछले 3 साल से 84.7 किलोग्राम पर ही टिका है. आखिर कैसे? तो आइए उन्हीं से जानते हैं वजन घटाने से लेकर वजन को मेनटेन करने की क्या ट्रिक उन्होंने अपनाई? डीसीपी मणि ने बताया, ‘मेरी इस खास यात्रा के नतीजे आपके साथ शेयर करते हुए बहुत गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि यह यात्रा जनवरी 2022 में शुरू हुई थी. जनवरी से अक्टूबर 2022 के बीच मैंने सिर्फ 10 महीनों में बड़ा बदलाव किया और मेरा वजन 129 किलो से घटकर लगभग 85 किलो हो गया. सबसे खास बात थी कि मैंने इन महीनों में न तो कोई वजन घटाने की दवा खाई और न ही कोई इंजेक्शन, सर्जरी या कोई मेडिकल ट्रीटमेंट लिया.’ Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया, ‘इन पहले 10 महीनों में मैंने जो वजन घटाने के लिए सबसे मजबूत और बड़ा काम किया वह था पैदल चलना. मैंने 45 लाख से ज्यादा कदम चले. यह रोजाना करीब 15000 कदम चलने जैसा था. मेरी रणनीति बहुत सरल थी, लेकिन उसमें अनुशासन था.यानि मैं बिना नागा हर दिन चलता था. इसके बाद दूसरी चीज जो मैंने नियंत्रित की वह थी मेरी डाइट. जिसको मैंने मुस्तैदी से फॉलो किया. ‘डाइट में मैंने कार्बोहाइड्रेट काफी कम कर दिए. इन 10 महीनों में खासकर चावल, रोटी और चीनी लेना मैंने लगभग बंद दिया था. लेकिन इस दौरान मैंने एक चीज का ध्यान रखा कि मेरे शरीर में से पोषण कम न हो. इसके लिए मैंने शरीर को ज्यादा प्रोटीन, ताजे फल और पौष्टिक सलाद से ऊर्जा दी. ये सभी चीजें मेरे रोजाना के खाने में शामिल थीं.मैं सूप पीता था, भुने हुए चने और स्प्राउट्स, पनीर, सब्जियों वाली दाल और हरी सब्जियों पर पूरी तरह आश्रित हुआ.’ ऐसा करके मैंने करीब 44 किलो वजन तो घटा लिया, मैं एकदम फिट और स्मार्ट हो गया लेकिन इसके बाद जो सबसे असली चुनौती मेरे सामने आई वह थी इस वजन को बनाए रखने की. हालांकि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने उस उपलब्धि को भी हासिल किया. अक्सर वजन कम होने के बाद शरीर फिर से वजन बढ़ाने की कोशिश करता है, लेकिन मैंने इसे कंट्रोल कर लिया.’ ‘यह मेरी वजन घटाने नहीं बल्कि वजन के मेंटीनेंस की यात्रा थी जो काफी कठिन थी. जनवरी 2023 से मार्च 2026 तक पिछले 3 साल से मेरा वजन 84.7 किलो के आसपास स्थिर है. इसके लिए मैं बताना चाहता हूं कि यह लगातार मेहनत और अनुशासन की वजह से संभव हुआ है. इस दौरान मैंने कुल 2 करोड़ 17 लाख कदम चले हैं, यानि करीब 17,000 किमी की दूरी तय की है. अगर इसे नापा जाए तो यह लगभग 406 पूरे मैराथन दौड़ने के बराबर है.’ वहीं अगर मेरी वजन घटाने की यात्रा को 2022 से लेकर 2026 तक देखा जाए तो अब तक मैंने कुल 2 करोड़ 63 लाख कदम चले हैं और लगभग 22,000 किमी दूरी तय की है. बता दूं कि इस वजन घटाने से लेकर मेंटीनेंस तक की पूरी यात्रा में मैंने कोई दवा, इंजेक्शन, सर्जरी या कोई भी मेडिकल असिस्टेंस नहीं ली है, बल्कि यह शुद्ध शारीरिक कसरत, संतुलित डाइट और अनुशासन का कमाल है. ‘इसलिए मैं कहता हूं कि जो लोग भी वजन घटाना या उसे नियमित रखना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले अनुशासित होना होगा. चाहे जो परिस्थिति हो, अगर आपने कोई बीड़ा उठाया है तो उसे हर हालत में संपूर्ण करना है.असल चमत्कार सिर्फ वजन कम करने में नहीं है, बल्कि हर दिन लगातार मेहनत और अनुशासन बनाए रखने में है. मेरी यह यात्रा अभी जारी है, और मैं लंबे समय तक इसी स्वस्थ जीवनशैली को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं.’ इस तस्वीर को देखें जो कि 15 साल से ज्यादा पुरानी है, और वजन घटाने के बाद उनकी अभी की तस्वीरों में कोई खास फर्क नहीं है. First Published : March 16, 2026, 18:38 IST
ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ में धर्मेंद्र को नहीं मिली जगह:हेमा मालिनी बोलीं- धरमजी को इन अवॉर्ड्स की परवाह नहीं थी, दर्शकों का प्यार पुरस्कार था

हॉलीवुड के प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह अकादमी पुरस्कार के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट को लेकर इस साल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इस सेगमेंट में उन कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिनका हाल ही में निधन हुआ हो। हालांकि इस बार दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया, जिससे उनके फैंस नाराज हो गए। ऑस्कर समारोह के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि भारतीय सिनेमा के इतने बड़े स्टार को इस सेगमेंट में क्यों नहीं याद किया गया। धर्मेंद्र ने हिंदी सिनेमा में छह दशक से ज्यादा समय तक काम किया और कई यादगार फिल्में दीं। ऐसे में फैंस का कहना था कि उन्हें इस सम्मान में जरूर शामिल किया जाना चाहिए था। अब इस पूरे मामले पर धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र को अपने करियर में अवॉर्ड्स से ज्यादा दर्शकों के प्यार की परवाह थी। हेमा ने कहा, “धरम जी को अपने लंबे करियर में बहुत ज्यादा अवॉर्ड्स नहीं मिले। फिर भी उन्होंने कभी इसकी शिकायत नहीं की। वे हमेशा कहते थे कि दर्शकों का प्यार ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उन्हें ऑस्कर या किसी दूसरे अवॉर्ड की ज्यादा चिंता होती।” उन्होंने यह भी कहा कि लोग धर्मेंद्र को आज भी बहुत प्यार करते हैं और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। हेमा मालिनी के मुताबिक, किसी कलाकार के लिए दर्शकों का सम्मान और स्नेह किसी भी अवॉर्ड से बड़ा होता है। इस बीच कई फैंस ने सोशल मीडिया पर यह भी बताया कि ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म पुरस्कार में ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट के दौरान धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई थी। इसे लेकर हेमा मालिनी ने खुशी भी जताई थी। धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में रोमांस, एक्शन और कॉमेडी जैसी कई शैलियों में काम किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। फिलहाल ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में उनका नाम शामिल न होने को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन हेमा मालिनी का मानना है कि धर्मेंद्र के लिए दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा पुरस्कार था।
ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ में धर्मेंद्र को नहीं मिली जगह:हेमा मालिनी बोलीं- धरमजी को इन अवॉर्ड्स की परवाह नहीं थी, दर्शकों का प्यार पुरस्कार था

हॉलीवुड के प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह अकादमी पुरस्कार के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट को लेकर इस साल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इस सेगमेंट में उन कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिनका हाल ही में निधन हुआ हो। हालांकि इस बार दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया, जिससे उनके फैंस नाराज हो गए। ऑस्कर समारोह के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि भारतीय सिनेमा के इतने बड़े स्टार को इस सेगमेंट में क्यों नहीं याद किया गया। धर्मेंद्र ने हिंदी सिनेमा में छह दशक से ज्यादा समय तक काम किया और कई यादगार फिल्में दीं। ऐसे में फैंस का कहना था कि उन्हें इस सम्मान में जरूर शामिल किया जाना चाहिए था। अब इस पूरे मामले पर धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र को अपने करियर में अवॉर्ड्स से ज्यादा दर्शकों के प्यार की परवाह थी। हेमा ने कहा, “धरम जी को अपने लंबे करियर में बहुत ज्यादा अवॉर्ड्स नहीं मिले। फिर भी उन्होंने कभी इसकी शिकायत नहीं की। वे हमेशा कहते थे कि दर्शकों का प्यार ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उन्हें ऑस्कर या किसी दूसरे अवॉर्ड की ज्यादा चिंता होती।” उन्होंने यह भी कहा कि लोग धर्मेंद्र को आज भी बहुत प्यार करते हैं और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। हेमा मालिनी के मुताबिक, किसी कलाकार के लिए दर्शकों का सम्मान और स्नेह किसी भी अवॉर्ड से बड़ा होता है। इस बीच कई फैंस ने सोशल मीडिया पर यह भी बताया कि ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म पुरस्कार में ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट के दौरान धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई थी। इसे लेकर हेमा मालिनी ने खुशी भी जताई थी। धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में रोमांस, एक्शन और कॉमेडी जैसी कई शैलियों में काम किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। फिलहाल ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में उनका नाम शामिल न होने को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन हेमा मालिनी का मानना है कि धर्मेंद्र के लिए दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा पुरस्कार था।
असम के सीएम ने किए पीतांबरा पीठ में दर्शन:मां बगलामुखी से देश में सुख-समृद्धि की कामना, वनखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

दतिया में असम के मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा सोमवार दोपहर दतिया पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री विशेष विमान से दतिया एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से पीतांबरा पीठ पहुंचे। जिला प्रशासन के अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बोले- असम में फिर भाजपा सरकार बनेगी दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में हिमन्त विश्व शर्मा ने कहा कि उन्होंने मां बगलामुखी से देश में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की है। वहीं असम में आगामी चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। गौरतलब है कि दतिया स्थित पीतांबरा पीठ में विराजमान मां बगलामुखी को शक्ति की विशेष स्वरूप माना जाता है। राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई नेता चुनाव या महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में असम में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा का यहां आना भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूनाइटेड एयरलाइंस की महिला पायलट क्रैस्टन की दिलचस्प कहानी:9 की उम्र में पायलट बनने की ठानी, 22 में बिना डिग्री संभाला कॉकपिट; अब 18 हजार लोगों में सबसे सीनियर महिला अफसर हैं क्रैस्टन

अमेरिका की 64 वर्षीय कैप्टन क्रैस्टन विल्सन दुनिया की दिग्गज यूनाइटेड एयरलाइंस के 18 हजार पायलटों में सबसे ‘सीनियर’ महिला पायलट बनने जा रही हैं। यह उपलब्धि बेहद खास है क्योंकि इस एयरलाइन के 100 साल के सफर में अब तक कोई महिला इस पद पर नहीं पहुंची। पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में, जहां आज भी महिला पायलटों की हिस्सेदारी महज 6% है, क्रैस्टन का यह सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उनका मुकाम यह साबित करता है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो बिना किसी कॉलेज डिग्री के भी कड़ी मेहनत के दम पर सालाना ₹3.70 करोड़ रुपए (4 लाख डॉलर) का पैकेज हासिल किया जा सकता है। पढ़िए इनके जीवन की कहानी… लिंगभेद की दीवार तोड़ी क्रैस्टन के सफर की शुरुआत 9 साल की उम्र में हुई, जब उन्होंने पहली बार हवाई जहाज की खिड़की से दुनिया को देखा था। वे बताती हैं, ‘तब मेरे पिता मुझे फोटोग्राफी के लिए एक छोटी हवाई यात्रा पर ले गए थे। मैं उस दिन बहुत खुश होकर मुस्कुरा रही थी।’ पिता ने खुशी का कारण पूछा, तो क्रैस्टन का जवाब सीधा और स्पष्ट था, ‘बड़ी होकर मैं यही काम करूंगी।’ हालांकि तब उन्हें किसी ने ये नहीं बताया था कि लड़कियां अक्सर पायलट नहीं बनती, इसलिए क्रैस्टन ने कभी असंभव नहीं माना। पहली बार आवेदन देते हुए असफल होने का डर था क्रैस्टन ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ उड़ान का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। उन्होंने स्टूडेंट पायलट सर्टिफिकेट, प्राइवेट पायलट लाइसेंस और अन्य उड़ान प्रमाणपत्र हासिल किए। रोचक बात यह है कि इसके लिए उन्हें तब किसी पारंपरिक डिग्री की जरूरत नहीं पड़ी। उनका ‘फ्लाइंग आवर्स’ ही असली डिग्री बना। क्रैस्टन के मुताबिक पहली बार नौकरी के लिए जब उनके एक छात्र ने उन्हें एयरलाइंस का आवेदन पत्र दिया, तो उन्हें अपनी सफलता पर शक था। विल्सन कहती हैं, ‘मुझे लगा था कि मेरा चुना जाना नामुमकिन है’। लेकिन 22 साल की उम्र में उनकी काबिलियत ने उन्हें कॉकपिट तक पहुंचा दिया। फिर को-पायलट, पायलट का सफर तय करते हुए 31 साल से कैप्टन हैं। त्योहारों में घर से दूर रहीं, बच्चों के जन्मदिन में शामिल नहीं हो सकी क्रैस्टन का शीर्ष पर पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। वे बताती हैं कि शुरुआती दिनों में उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता था। वे कहती हैं, ‘पायलट होने का मतलब है कि आप बच्चों के जन्मदिन और उनके मैच मिस करेंगे। अगर आप हर त्योहार पर घर रहना चाहते हैं, तो शायद यह क्षेत्र आपके लिए नहीं है।’ आज वे बोइंग 787 उड़ाती हैं और महीने में 12 दिन हवाई यात्रा में गुजरते हैं। उनका अपने क्रू से बस एक ही मंत्र होता है, ‘हमें इतनी सुरक्षित लैंडिंग करनी है कि अगले दिन खबरों में नहीं, बल्कि मुसाफिरों के दिलों में जगह मिल सके।’
विजय थलपति फिल्म 'जन नायकन' पर सेंसर का निर्णय कल:रिवाइजिंग कमेटी करेगी नई स्क्रीनिंग, फिल्म देखने के बाद सर्टिफिकेट को लेकर होगा फैसला

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलपति की मोस्ट-अवेटेड फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर सेंसर से जुड़ा विवाद अभी तक खत्म नहीं हुआ है। फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन की रिवाइजिंग कमेटी एक बार फिर फिल्म की स्क्रीनिंग करने वाली है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक 17 मार्च को कमेटी फिल्म देखेगी और इसके बाद सर्टिफिकेट को लेकर फैसला लिया जा सकता है। पहले यह स्क्रीनिंग 9 मार्च को तय की गई थी, लेकिन कमेटी के एक सदस्य के बीमार पड़ने के कारण इसे टाल दिया गया था। अब नई तारीख तय कर दी गई है और प्रोडक्शन हाउस को इसकी जानकारी दे दी गई है। इस स्क्रीनिंग के बाद कमेटी यह तय करेगी कि फिल्म को सर्टिफिकेट दिया जाए या इसमें कुछ बदलाव किए जाएं। ‘जना नायगन’ पिछले कई महीनों से सेंसर प्रक्रिया में फंसी हुई है। फिल्म को पहले एग्जामिनिंग कमेटी के सामने पेश किया गया था। वहां कुछ आपत्तियों के बाद इसे रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। इसी वजह से फिल्म की रिलीज लगातार टलती रही और फैंस को लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है। यह एक बड़े बजट की एक्शन-ड्रामा फिल्म मानी जा रही है और इंडस्ट्री में इसे विजय के करियर की अहम फिल्मों में से एक बताया जा रहा है। अब सबकी नजर 17 मार्च को होने वाली रिवाइजिंग कमेटी की स्क्रीनिंग पर है। इसी के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। दरअसल, फिल्म पहले 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट समय पर न मिलने के कारण इसकी रिलीज टालनी पड़ी। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया था और निर्माताओं ने सर्टिफिकेशन को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी।
StomachProblems | पेट की बीमारियां | खराब जीवनशैली

गाजियाबाद: बदलते दौर की भागदौड़ और आधुनिक जीवनशैली ने युवाओं के सुख-चैन के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी ग्रहण लगा दिया है. देर रात तक मोबाइल की चमक, सुबह का छूटा हुआ नाश्ता और बाहर का चटपटा जंक फूड ये आज के युवाओं की पहचान बन चुके हैं, लेकिन यही आदतें अब उनके पाचन तंत्र को खोखला कर रही हैं. गाजियाबाद की प्रसिद्ध डाइटिशियन ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते दिनचर्या में सुधार नहीं किया गया, तो पेट की ये आम दिखने वाली समस्याएं भविष्य में गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती हैं. बदलती जीवनशैली और युवाओं की सेहतगाजियाबाद की प्रसिद्ध डाइटिशियन पायल बताती हैं कि आजकल के युवा घर के खाने की बजाय बाहर का खाना ज्यादा पसंद करते हैं. फास्ट फूड, तला-भुना खाना और जंक फूड स्वाद में भले ही अच्छा लगता हो, लेकिन यह पेट के लिए नुकसानदायक होता है. इनमें तेल और मसालों की मात्रा ज्यादा होती है जिससे गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या बढ़ जाती है. लंबे समय तक ऐसी आदतें बनी रहें तो पेट में सूजन, संक्रमण और पाचन से जुड़ी अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं. नींद की कमी और जंक फूड का घातक मेलशरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित दिनचर्या और संतुलित आहार बहुत जरूरी है लेकिन आज के समय में कई युवा पढ़ाई, नौकरी और भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं. देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करने से नींद पूरी नहीं होती और सुबह का नाश्ता भी अक्सर छूट जाता है. इसके बाद दिनभर बाहर का खाना या जंक फूड खाने से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है. डाइटिशियन की सलाह: बाहर के खाने से बचेंगाजियाबाद की डाइटिशियन पायल बताती हैं कि आजकल युवा घर के खाने की बजाय बाहर का खाना ज्यादा पसंद करते हैं. फास्ट फूड, तला-भुना खाना और जंक फूड स्वाद में भले ही अच्छा लगता हो लेकिन यह पेट के लिए नुकसानदायक होता है. इनमें तेल और मसालों की मात्रा ज्यादा होती है जिससे गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या बढ़ जाती है. लंबे समय तक ऐसी आदतें बनी रहें तो पेट में सूजन, संक्रमण और पाचन से जुड़ी अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं. गर्मी में बढ़ जाता है इन्फेक्शन का खतरागर्मियों के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है. गर्मी में फूड प्वाइजनिंग और पेट के इन्फेक्शन के मामले ज्यादा सामने आते हैं. बाहर खुले में मिलने वाला खाना या बासी भोजन खाने से बैक्टीरिया पेट में पहुंच सकते हैं, जिससे उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए गर्मियों में खाने-पीने को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है. कैसे रखें खुद को फिट?डाइटिशियन ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरूरी है कि रोजाना समय पर भोजन किया जाए. नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का भोजन तय समय पर लेने से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. इसके साथ ही डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें और हल्का भोजन शामिल करना चाहिए. ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना कम से कम खाना चाहिए. हाइड्रेशन और व्यायाम है जरूरीगर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरूरी है. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. इसके अलावा नींबू पानी, नारियल पानी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थ शरीर को तरल और जरूरी मिनरल्स देते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन और पेट की समस्याओं से बचाव होता है. इसके साथ ही नियमित व्यायाम या रोजाना वॉक करना भी पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. चेतावनी: छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारीअगर किसी व्यक्ति को बार-बार गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसी समस्या हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है क्योंकि छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है.
पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए सीपीआईएम ने जारी की 192 की पहली सूची

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सी क्रूज़ (एम) ने 192 क्रूज़ की पहली सूची जारी की है। बंगाल चुनाव के लिए जेडीयू (एम) के नेता और वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा, ‘आज हम केवल वाम मोर्चा के सहयोगी दलों के गठबंधन की अंतिम सूची प्रकाशित करेंगे। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन पार्टी के प्रतियोगी वाम मोर्चा के सहयोगी के रूप में चुनावी लड़ाई लड़ेंगे, पिछली बार हमारा सहयोगी इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) था, वे भी चुनावी लड़ाई लड़ेंगे। “ राज्य विधान सभा चुनाव पर, सी क्रूज़ (एम) नेता और वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा, ‘इस बार पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में हमने इस काम पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। इस विधानसभा चुनाव के संबंध में, उत्तर बंगाल के आघूर्ण से लेकर दक्षिण बंगाल के सभी आघूर्ण तक हमने हर जगह राजनीतिक प्रचार करने की योजना बनाई है।’ (इस खबर को अपडेट किया जा रहा है) (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)सीपीआईएम उम्मीदवार सूची(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए सीपीआई (एम) नेजरी की 192 की पहली सूची
Rajasthan Royals Launch New Blue Jersey for IPL 2026

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)-2026 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी ग्राउंड पर नीले रंग की जर्सी में नजर आएंगे। आईपीएल 28 मार्च से शुरू हो रहा है। जयपुर में सोमवार को टीम की नई जर्सी रविंद्र जडेजा, वैभव सूर्यवंशी और यशराज पूंजा ने लॉन्च की। पिछले सीजन में र . चेन्नई सुपरकिंग्स से राजस्थान रॉयल्स में वापसी करने वाले जडेजा ने कहा- मैं टीम को अपनी राय और सुझाव दूंगा। टीम की बेहतरी के लिए जो कुछ भी जरूरी होगा, मैं उसे करने के लिए तैयार हूं। बतौर सीनियर खिलाड़ी आपको हमेशा टीम के लिए थोड़ी ज्यादा जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। आप टीम के लिए जो भी योगदान देते हैं, वह सबसे अच्छा होता है। आप जो कुछ भी करते हैं, वह हमेशा बेहतरीन होता है। जडेजा ने कहा- मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं युवा खिलाड़ियों के साथ खेल रहा हूं। मैं ‘अल्ट्रा यंग’ खिलाड़ियों के साथ खेल रहा हूं। इसलिए एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर यह काफी रोमांचक होने वाला है। मुझे कई युवा और नए खिलाड़ियों को जानने का मौका मिलेगा। मैं 17 साल बाद रॉयल्स के लिए खेल रहा हूं। मेरे लिए भी यह आगे चलकर एक सीखने वाला अनुभव होने वाला है। टीम की जर्सी की लॉन्चिंग के दौरान बैट पर ऑटोग्राफ देते रविंद्र जडेजा। वैभव सूर्यवंशी बोले- अंडर-19 वर्ल्ड कप यादगार वैभव सूर्यवंशी ने कहा- IPL हर साल होता है, लेकिन अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतना मेरे लिए यादगार अनुभव है। वर्ल्ड कप फाइनल मैच में मैंने हंड्रेड किया था। आईपीएल में बड़े स्कोर करने के अभी और भी मौके मिलेंगे। लेकिन अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने का एक ही मौका मिलता है। फैंस की अटेंशन (लोकप्रियता) के बीच खेल को बैलेंस करने के सवाल पर वैभव ने कहा- मैं अपने खेल पर फोकस करता हूं। आप किसी भी फील्ड में जाते हो और सक्सेस होते हो तो आपको अटेंशन मिलती है। ऐसे में खुद पर निर्भर करता है कि आप कैसे सिचुएशन को हैंडल करते हैं। इन सबके बीच मेरा मेरे गेम पर फोकस रहता है। वैभव सूर्यवंशी और यशराज पूंजा ने भी बैट पर दिए ऑटोग्राफ। पहले फेज में राजस्थान रॉयल्स के तीन मैच होंगे फिलहाल IPL के पहले फेज का शेड्यूल जारी किया गया है, जो 12 अप्रैल तक का है। इसमें 20 मुकाबलों का शेड्यूल किया गया है। पहले फेज में राजस्थान रॉयल्स की टीम के 3 मैच घोषित किए गए हैं। पहले फेज में राजस्थान रॉयल्स का कोई भी मैच जयपुर के SMS स्टेडियम में नहीं खेला जाएगा। राजस्थान रॉयल्स के तीनों मैच दूसरे होम ग्राउंड गुवाहाटी (असम) में खेले जाएंगे। पहले फेज में राजस्थान रॉयल्स की टीम चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी टीमों से भिड़ेगी। रविंद्र जडेजा 23 नंबर की जर्सी पहनेंगे। आईपीएल के पहले ही सीजन में राजस्थान को चैंपियन बनाने वाले कप्तान और मेंटर शेन वॉर्न भी 23 नंबर की जर्सी पहनते थे। राजस्थान रॉयल्स की नई जर्सी लॉन्च करते रविंद्र जडेजा, वैभव सूर्यवंशी, यशराज पूंजा और अन्य। …. यह खबर भी पढ़ें… IPL के पहले फेज में जयपुर में कोई मैच नहीं:राजस्थान रॉयल्स 3 मुकाबले गुवाहाटी में खेलेगी; रोहित-धोनी और कोहली को नहीं देख पाएंगे फैंस भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के पहले फेज का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस शेड्यूल में 20 मुकाबलों की जानकारी साझा की गई है। पहले फेज में राजस्थान रॉयल्स की टीम के 3 मैच घोषित किए गए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जारी की जारी की पहली लिस्ट, भवानीपुर में ममता बनर्जी को चुनौती देंगे शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने 144 जनवरी की पहली लिस्ट जारी कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जिले में नेताओं की सूची में शुभेंदु अधिकारी और दिलीप को घोषना के टिकट दिए हैं। बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दो डिवीजनों से मैदान में उतारा है। भवानीपुर से सीएम ममता बनर्जी ने पिछली बार चुनाव जीता था। नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया था चुनाव 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी को करीब 2000 की बढ़त से हराया था। 17 राउंड की गिनती के बाद शुभेंदु अधिकारी की जीत ख़त्म कर दी गई। तब ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव के दौरान धांधली करने का आरोप लगाया था. उस हार के बाद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से झील में उतरें और प्रवेश करें। अब बीजेपी ने ममता बनर्जी को घेरने के लिए एक बार फिर से शुभेंदु अधिकारी को अपनी सीट से हटा दिया है। भाजपा ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की pic.twitter.com/QHLfHAUNFF – एएनआई (@ANI) 16 मार्च 2026 दिलीप घोष और अग्निमित्र पॉल को मिले टिकट बीजेपी ने दिलीप कुमार घोष को बोलपुर विधानसभा से, आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्र पॉल, खड़गपुर सदर से दिलीप घोष, पूर्व साम्यवादी मुस्लिम स्वप्न दास को राशबिहारी सीट से टिकट दिया है। पार्टी ने डायमंड हार्बर से दीपक कुमार हलदर, आसनसोल उत्तर से कृष्णेंदु मुखर्जी, कालीगंज उत्तर से बापन घोष, कुशबिहार उत्तर से सुकुमार रॉय, सिलीगुड़ी से शंकर घोष और हसन से निखिल निरंजन मैदान में उतारे गए हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित इंट्रेस्ट ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के लिए अपनी राजधानी की पहली सूची जारी की है। हमारी पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगे, जहां से उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को हराया था और भवानीपुर से भी, जहां से ममता बनर्जी वर्तमान विधायक हैं। यह एक कड़ा मुकाबला होगा.’ बंगाल में दो चरणों में होगा चुनाव चुनाव आयोग ने रविवार (15 मार्च 2025) को घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर दो चरण के चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होंगे। सीटीओ की गिनती 4 मई 2026 को होगी। पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में 215 वीकेंड पर जीत दर्ज की गई थी तो वहीं बीजेपी 77 के साथ मुख्य सुपरस्टार दल बनी थी। ये भी पढ़ें: केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उतारा (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी उम्मीदवार 2026 सूची(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सूची(टी)दिलीप घोष(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी(टी)भवानीपुर(टी)ममता गांधी(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)बंगाल चुनाव(टी)दिलीप घोष(टी)बीजेपी बंगाल लिस्ट









