Wednesday, 09 Sep 2026 | 11:23 AM

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इंडक्शन यूजिंग टिप्स: एलपीजी का उपयोग किस स्थान पर किया जा रहा है? तो जानें लगातार कितनी देर तक उपयोग करना सुरक्षित

एलपीजी क्राइसिस इंडक्शन कुकिंग जानिए हम खाना पकाने के लिए इंडक्शन का उपयोग कब तक कर सकते हैं

इन एवेरिट्स कुकिंग टिप्स | छवि: एआई/फ़्रीपिक इंडक्शन का उपयोग करने का सही तरीका: शामिल कई घरों में लोग रसोई में सॉसेज गैस के साथ-साथ इन जैसे कुकटॉप का उपयोग भी करने लगे हैं। बिजली से चलने वाला यह उपकरण जल्दी गर्म हो जाता है, सुरक्षित माना जाता है और इस्तेमाल करना भी काफी आसान है। यही वजह है कि इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक ही सवाल आता है कि इन लाइक्स में लगातार देर तक की पोजीशन क्या हो सकती है? अगर इसे बहुत लंबे समय तक ऑपरेट किया जाए तो यह क्या बुरा हो सकता है? कितने में देर तक लगातार चल सकता है? घरेलू में ज्यादातर की पावर 1500W से 2000W के बीच होती है। ऐसे में आमतौर पर 2 से 4 घंटे तक लगातार चल सकते हैं। हालांकि इससे अधिक मात्रा में देर तक लगातार प्लास्टिक बनाने वाली मशीन में ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ सकता है। हाई पावर मूड पर कितनी समयावधि? अगर आप 1800W से 2200W तक हाई पावर मॉड पर चल रहे हैं, तो इसे 1 से 2 घंटे से अधिक समय तक चलाना सही नहीं माना जाता है। सुरक्षा के लिए कई इन रिकॉर्ड्स में 60 से 90 मिनट के बाद स्ट्राइक शट-ऑफ फीचर भी होता है, जिससे मशीन खुद ही बंद हो जाती है। उत्पाद या लो पावर पर कितना चल सकता है? अगर आप 800W से 1200W जैसे डेमो या लो पावर मॉड पर खाना बना रहे हैं, तो 4 से 6 घंटे तक की सुविधा भी इसमें दी जा सकती है। यह मॉड विशेष रूप से दाल या ब्रेड बनाने, साधारण या स्टॉक पकाने और बेसन पर सब्जी बनाने के लिए अच्छा होता है। अच्छे ब्रांड में आबंटन की विशेषता है इनमें प्रेस्टीज, पिजन और फिलिप्स जैसे कई लोकप्रिय ब्रांड अपने पसंदीदा कुकटॉप में 120 मिनट तक की सुरक्षा के लिए हाई पावर ऑपरेशन की सुविधा देते हैं। इसके बाद मशीन आपके बंद हो जाती है ताकि ओवरहीटिंग से बचाव हो सके। बहुत लंबे समय तक गाड़ी चलाना खतरनाक क्यों हो सकता है? अगर किसी लाइक में 6 से 10 घंटे तक लगातार चिल्लाना है, तो इसके अंदर कूलिंग फैन, कॉइल और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट ज्यादा गर्म हो सकते हैं। इससे मशीन जल्दी खराब हो सकती है और सुरक्षा का खतरा भी बढ़ सकता है। ओवरहीटिंग से बचने के जरूरी टिप्स इन का उपयोग करें समय पर कुछ आसान सावधानियां अपनाना जरूरी है। किचन में अच्छा नवीनतम गोदाम रसोई में स्टॉकस्टॉक पंखा या खिड़की खुली रखें ताकि गर्म हवा बाहर निकल सके। सही जगह पर जगह इनमें हमेशा फ्लैट और हवादार सतह पर और दीवार से कम से कम 10-15 की दूरी बनाए रखें। सही पोथी का प्रयोग करें प्लांट में फ्लैट बॉटम और मैग्नेटिक बेस वाले पोएट्री का ही उपयोग किया जाता है। गलत पॉश्चर मशीन पर अतिरिक्त दबाव डाला जा सकता है। कूलिंग फैन को काम करने दें खाना बनने के बाद लाइक का फैन कुछ मिनट तक रहता है। इसे बंद करने की कोशिश न करें, क्योंकि यह मशीन ठंडी हो गई है। लंबे समय तक कुकिंग में ब्रेक लें अगर आप कई घंटे तक खाना बनाना चाहते हैं तो हर 2-3 घंटे में 10-15 मिनट का ब्रेक जरूर लें। नियमित सफाई करें नीचे दिए गए लिंक में वेंट और फैन में कचरा जमा हो सकता है। इसलिए 15-20 दिन में एक बार सफाई जरूर करें। घरेलू और अभिलेखीय में अंतर सूचीबद्ध रसोई में उपयोग किए गए वाले में संख्यात्मक कुकटॉप अधिक मजबूत होते हैं। 8 से 10 घंटे तक लगातार संचालन संभव है क्योंकि इन पावरफुल कूलिंग सिस्टम होता है। लेकिन घरेलू में आम तौर पर 4 घंटे से अधिक मात्रा में कंसिस्टेंसी का इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता है। बौद्ध धर्मग्रंथ पढ़ना क्यों आवश्यक है? हर इनेकसेल कुकटॉप का डिज़ाइन और स्टेटस सिस्टम अलग होता है। इसलिए इस्तेमाल करने से पहले उसके आर्किटेक्चरल मैनुअल में निरंतर उपयोग और ऑटो शट-ऑफ टाइम जरूर जांच लें। इसे आप इन लाइक्स को सही तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगे और आपकी लाइफ भी लंबी रहेगी। यह अवश्य पढ़ें: इंडक्शन का उपयोग कैसे करें: एलपीजी संकट के बारे में सबसे पहले क्या पता चल रहा है? जानिए सही तरीके और कौन से पोज़िशन हैं बेस्ट (टैग्सटूट्रांसलेट)इंडक्शन कुकिंग टिप्स(टी)इंडक्शन कुकिंग टिप्स(टी)इंडक्शन(टी)खाना पकाने के लिए इंडक्शन(टी)एलपीजी संकट(टी)खाना पकाने(टी)एलपीजी बढ़ोतरी(टी)एलपीजी बचाने के लिए इंडक्शन(टी)इंडक्शन का उपयोग करने का सही तरीका(टी)इंडक्शन बनाम एलपीजी

PhonePe IPO Listing Delayed | Global Market Volatility

PhonePe IPO Listing Delayed | Global Market Volatility

मुंबई1 घंटे पहले कॉपी लिंक फोनपे ने अपना डिजिटल पेमेंट एप 2016 में लॉन्च किया था। डिजिटल पेमेंट सेक्टर की कंपनी फोनपे ने फिलहाल अपनी पब्लिक मार्केट लिस्टिंग यानी IPO की प्रोसेस को रोक दिया है। कंपनी ने सोमवार को घोषणा की कि ग्लोबल लेवल पर जारी जियोपॉलिटिकल टेंशन और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि जब ग्लोबल कैपिटल मार्केट में स्थिरता आएगी, तब वह लिस्टिंग की प्रोसेस को दोबारा शुरू करेगी। फोनपे के सीईओ (CEO) समीर निगम ने इस फैसले पर कहा, ‘हम प्रभावित सेक्टरों में जल्द से जल्द शांति बहाली की उम्मीद करते हैं। हालांकि, हमने अपने लिस्टिंग के प्लान को अभी टाल दिया है, लेकिन हम भारत में ही पब्लिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह कमिटेड हैं।’ निगम के बयान से स्पष्ट है कि कंपनी भारतीय शेयर बाजार में ही लिस्ट होने की तैयारी में है, लेकिन फिलहाल सही समय का इंतजार कर रही है। साल 2016 में हुई थी शुरुआत, 65 करोड़ का यूजर बेस फोनपे लिमिटेड (पूर्व में फोनपे प्राइवेट लिमिटेड) भारत की एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी है। कंपनी का मुख्यालय भारत में ही है। फोनपे ने अपना डिजिटल पेमेंट एप 2016 में लॉन्च किया था। 30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, फोनपे के पास 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। इसके अलावा, कंपनी का डिजिटल पेमेंट एक्सेप्टेंस नेटवर्क 4.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स तक फैला हुआ है। पेमेंट से लेकर इंश्योरेंस तक कई वर्टिकल में काम कर रही कंपनी फोनपे केवल पेमेंट एप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई अन्य सेक्टरों में भी विस्तार कर चुकी है। इसके प्रमुख वर्टिकल इस प्रकार हैं… कंज्यूमर पेमेंट्स: इसमें डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज शामिल हैं। मर्चेंट पेमेंट्स: व्यापारियों के लिए पेमेंट सॉल्यूशंस। लेंडिंग और इंश्योरेंस: कंपनी लोन और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन की सेवाएं भी देती है। शेयर मार्केट: कंपनी का अपना स्टॉक ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म है। इंडस ऐपस्टोर: फोनपे ने एंड्रॉइड बेस्ड मोबाइल एप मार्केटप्लेस ‘इंडस ऐपस्टोर’ भी लॉन्च किया है। क्यों टाला गया IPO? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन और इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों में पैसा लगाने से हिचक रहे हैं। फोनपे जैसी बड़ी वैल्यूएशन वाली कंपनी के लिए यह जरूरी है कि जब वह बाजार में उतरे, तो निवेशकों का उत्साह बना रहे। ये खबर भी पढ़ें… फोनपे ने अपडेटेड DRHP फाइल किया: ₹12,000 करोड़ के IPO को सेबी की मंजूरी; वॉलमार्ट 9% हिस्सेदारी बेचेगी, माइक्रोसॉफ्ट एग्जिट होगी भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने अपने IPO के लिए नए डॉक्यूमेंट्स यानी अपडेटेड DRHP (UDRHP) फाइल किया है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कंपनी को बाजार में लिस्ट होने की मंजूरी भी दे दी है। यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा, यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी। बल्कि इसके पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। कंपनी की इस IPO के जरिए करीब 12,000 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है। पूरी खबर पढें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

May War Rest in Peace

May War Rest in Peace

1 घंटे पहले कॉपी लिंक सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नाम बदल दिया गया है। अब यह फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ के नाम से रिलीज होगी। इस नए टाइटल का आधिकारिक ऐलान सलमान खान फिल्म्स की ओर से किया गया है। साथ ही फिल्म का एक दमदार नया पोस्टर भी जारी किया गया है, जिसने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। मेकर्स के मुताबिक फिल्म के नाम में किया गया यह बदलाव सिर्फ एक टाइटल चेंज नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा संदेश भी छिपा है। नए नाम के साथ दी गई टैगलाइन “May War Rest in Peace” यानी “युद्ध को शांति मिले” दर्शाती है कि फिल्म सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि शांति की भावना को भी सामने लाने की कोशिश है। फिल्म की कहानी भारत-चीन सीमा पर हुई ऐतिहासिक घटना गलवान घाटी संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही है। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और भारतीय सैनिकों की बहादुरी की कहानी दुनिया के सामने आई थी। माना जा रहा है कि फिल्म इसी साहस और बलिदान की भावना को बड़े पर्दे पर दिखाएगी। हालांकि मेकर्स ने साफ किया है कि फिल्म किसी एक घटना का सीधा चित्रण नहीं होगी, बल्कि यह देशभक्ति, बलिदान और मानवता जैसे बड़े विषयों को सामने रखकर बनाई जा रही है। इसी सोच को और मजबूत करने के लिए फिल्म का नया नाम चुना गया है, जो युद्ध के बजाय शांति का संदेश देता है। फिल्म के नए पोस्टर में भी यही भावना साफ दिखाई देती है। पोस्टर में युद्ध के माहौल के बीच शांति का संदेश दिया गया है, जो फिल्म की थीम को दर्शाता है। मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन या वॉर ड्रामा नहीं होगी, बल्कि यह दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने वाली कहानी भी पेश करेगी। फिल्म का निर्माण सलमान खान के बैनर तले किया जा रहा है। सलमान खान लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में थे और इसे उनकी सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक माना जा रहा है। देशभक्ति के विषय पर बनी फिल्मों को हमेशा से दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता रहा है और ऐसे में इस फिल्म से भी बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं। जैसे ही फिल्म के नए नाम की घोषणा हुई, सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई। कई यूजर्स ने फिल्म के टाइटल और उसके पीछे के संदेश की सराहना की है। खासतौर पर मे ‘वॉर रेस्ट इन पीस’ जैसी टैगलाइन को लोगों ने एक मजबूत और सकारात्मक विचार बताया है। फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि टाइटल में किया गया यह बदलाव फिल्म को एक अलग पहचान दे सकता है। जहां पहले यह फिल्म सिर्फ युद्ध से जुड़ी कहानी लग रही थी, वहीं अब इसका नाम एक व्यापक संदेश देता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

वाराणसी पहुंचीं अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस:मां की अस्थियां गंगा में विसर्जित कीं, बोलीं- हमें सनातन धर्म बहुत पसंद

वाराणसी पहुंचीं अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस:मां की अस्थियां गंगा में विसर्जित कीं, बोलीं- हमें सनातन धर्म बहुत पसंद

बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस रविवार को काशी पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने पिता एलरॉय फर्नांडीज के साथ अपनी मां की अस्थियां गंगा में विधि-विधान के साथ विसर्जित कीं। इस दौरान जैकलिन ने कहा- हमें सनातन धर्म बहुत पसंद है, इसलिए हम अपनी मां की अस्थियां लेकर काशी आए हैं। काशी में गंगा के पवित्र जल में अस्थि विसर्जन करना हमारी मां को श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक निर्णय है। उन्होंने यह यात्रा पूरी तरह निजी रखी। वह करीब डेढ़ घंटे वाराणसी में रुकीं। बता दें कि जैकलिन फर्नांडिस की मां किम फर्नांडिस का 6 अप्रैल 2025 को निधन हो गया था। चेहरा ढककर ताज होटल से घाट पहुंचीं जैकलिन फर्नांडिस अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस ताज होटल से सीधे गंगा घाट पहुंचीं। उन्होंने पहचान छिपाने के लिए अपने चेहरे को कपड़े से ढक रखा था, ताकि वह आम श्रद्धालुओं की तरह पूजा-अर्चना कर सकें। जैकलिन अपने पिता के साथ नाव से गंगा के बीच पहुंचीं। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने पवित्र गंगा नदी में उन्होंने अपनी मां की अस्थियों का विसर्जन किया। यह धार्मिक अनुष्ठान वाराणसी के आचार्य विकास पाण्डेय के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान काशी के अरुण भी मौजूद रहे। अनुष्ठान पूरा होने के तुरंत बाद जैकलिन वापस लौट गईं। 2022 में किम फर्नांडिस को पड़ा था हार्ट स्ट्रोक जैकलिन फर्नांडिस की मां किम फर्नांडिस को साल 2022 में हार्ट स्ट्रोक पड़ा था, जिसके बाद उनका इलाज बहरीन में कराया गया था। किम फर्नांडिस बहरीन की राजधानी मनामा में रहती थीं, जबकि जैकलिन अपने वर्क कमिटमेंट के कारण भारत में रहती हैं। एक इंटरव्यू में जैकलिन ने अपनी मां के बारे में कहा था- अगर उनका अपने पिता से कभी टकराव हो जाता था तो उनकी मां ही दोनों के बीच बात संभालती थीं। उनकी मां का कम्युनिकेशन स्किल बेहद शानदार था। अक्सर उनकी ही बात मानी जाती थी। जैकलिन ने यह भी कहा था कि अगर वह अपनी मां पर कभी किताब लिखेंगी तो उसका टाइटल ‘थ्रू हर आईज’ रखेंगी। उनकी मां को भारतीय कुर्तियां बहुत पसंद थीं। जैकलिन अक्सर भारत से उनके लिए कुर्तियां लेकर जाती थीं, जो उन्हें बेहद पसंद आती थीं। 13 दिन ICU में रहीं किम, 6 अप्रैल 2025 को निधन 24 मार्च को जैकलीन फर्नांडिस की मां किम फर्नांडिस को हार्ट स्ट्रोक आया था। इसके बाद उन्हें इमरजेंसी में मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही और उन्हें ICU में रखा गया। करीब 13 दिनों तक इलाज चला। इसके बाद 6 अप्रैल 2025 को उनका निधन हो गया। एयर होस्टेस रह चुकी थीं किम फर्नांडिस जैकलिन फर्नांडिस की मां किम फर्नांडिस मलेशिया की नागरिक थीं। वे पेशे से एयर होस्टेस रह चुकी थीं। उन्होंने श्रीलंकाई बिजनेसमैन एलरॉय फर्नांडिस से शादी की थी। किम और एलरॉय फर्नांडिस के चार बच्चे हैं, जिनमें जैकलिन फर्नांडिस भी शामिल हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… ‘देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार’:माधुरी दीक्षित बोलीं- आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई; धक-धक गाने पर फैंस झूमे गोरखपुर का प्यार हमेशा याद रहेगा। आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप की आंखों में एक प्यार झलक रहा है। यह देखकर मुझे अपनी ही फिल्म का डॉयलाग याद आ रहा है…देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार। पढ़िए पूरी खबर

सट्टे और जुए की कमाई का दान नहीं:गुना में सजेगा 9 फीट की महाकाली का दरबार; सदस्यों की तनख्वाह से होगा आयोजन

सट्टे और जुए की कमाई का दान नहीं:गुना में सजेगा 9 फीट की महाकाली का दरबार; सदस्यों की तनख्वाह से होगा आयोजन

गुना के तलैया मोहल्ले में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आज जबलपुर से महाकाली की 9 फीट ऊंची प्रतिमा पहुंच रही है, जहां बिना चंदे के समिति सदस्यों की एक महीने की तनख्वाह से 9 दिनों तक ‘गुना की महारानी’ का दरबार सजेगा और शतचंडी यज्ञ चलेगा। झांकी परिसर में समिति द्वारा विशेष बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें स्पष्ट लिखा होगा कि जुआ, सट्टा या क्रिकेट सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों से कमाए गए रुपयों का दान कृपया हमें न दें। समाज में कुरीतियों के खिलाफ संदेश देने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि गलत काम हमेशा गलत ही होता है। बिना चंदे के हो रहा आयोजन, सदस्यों ने दी तनख्वाह इस झांकी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आयोजन समिति इसके लिए किसी भी व्यक्ति के पास चंदा मांगने नहीं जाएगी और यह पूरी तरह से बिना चंदे की झांकी है। झांकी का पूरा खर्च उठाने के लिए समिति के सभी कार्यकर्ताओं और सदस्यों ने अपनी एक माह की तनख्वाह या मजदूरी का योगदान दिया है। जबलपुर के कलाकार ने बनाई 9 फीट की प्रतिमा इस बार ‘गुना की महारानी’ के रूप में महाकाली की जो भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है, उसकी ऊंचाई नौ फीट है। इस 9 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण जबलपुर के प्रसिद्ध कलाकार विजय सोनकर द्वारा विशेष रूप से किया गया है। प्रदेश में चैत्र नवरात्रि की एकमात्र झांकी पूरे मध्य प्रदेश में एकमात्र गुना ही ऐसा जिला है, जहां चैत्र नवरात्रि के अवसर पर इस तरह का विशेष दरबार लगाया जाता है। पिछले वर्ष से ही तलैया मोहल्ले में यह झांकी लगना शुरू हुई है, जो आकर्षण का केंद्र रही थी और इसे देखने आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। तीसरे दिन जगराता, दशमी को पालकी में होगा विसर्जन नौ दिनों तक सजने वाले इस दरबार में शतचंडी यज्ञ के साथ-साथ नवरात्रि के तीसरे दिन जगराते का भी आयोजन किया जाएगा। दशमी वाले दिन नौ फीट ऊंचाई वाली माता की प्रतिमा कांधे पर सवार होकर पालकी में झांकी स्थल से सिंगवासा तालाब तक जाएगी।

नंगे पैर खेलने से ‘गोल ऑफ द टूर्नामेंट’ तक:एशियन कप फुटबॉल में 30 गज से गोल दागकर चर्चा में आईं पंजाब की मनीषा कल्याण

नंगे पैर खेलने से ‘गोल ऑफ द टूर्नामेंट’ तक:एशियन कप फुटबॉल में 30 गज से गोल दागकर चर्चा में आईं पंजाब की मनीषा कल्याण

2026 विमंस एशियन कप के मैच में भारतीय टीम चीनी ताइपे से 1-0 से पीछे थी। 39वें मिनट में भारत को गोल से 30 गज की दूरी पर फ्री-किक मिली। सामने सफेद जर्सी में चार डिफेंडर दीवार बनकर खड़ी थीं। ऐसे में 24 वर्षीय मनीषा कल्याण एक पल के लिए रुकीं और अपने बाएं पैर से एक ऐसा करारा शॉट दागा कि गेंद क्रॉसबार के निचले हिस्से से टकराकर सीधे गोल लाइन के पार चली गई। वीएआर ने गोल की पुष्टि की और कमेंटेटर ने इसे देखते ही ‘गोल ऑफ द टूर्नामेंट’ करार दिया। भले ही भारतीय टीम यह मैच 1-3 से हारकर ग्रुप में सबसे नीचे रही, लेकिन पंजाब के होशियारपुर की इस बेटी ने दुनिया को भारतीय फुटबॉल की एक उजली तस्वीर जरूर दिखा दी। यह सिर्फ एक गोल की नहीं, बल्कि उस लड़की की कहानी है जिसके नसीब में कभी खेल के जूते नहीं थे। आठ साल पहले पंजाब के मुग्गोवाल गांव के एक सरकारी स्कूल में पीटी टीचर ब्रह्मजीत सिंह ने एक लड़की को लड़कों के साथ नंगे पैर खेलते देखा। वह बेखौफ गोल दाग रही थी। मनीषा के पिता नरेंद्रपाल सिंह की गांव में एक छोटी सी कॉस्मेटिक की दुकान थी। वह अपनी चार बेटियों को सिर्फ पढ़ाना चाहते थे; उनके पास स्पोर्ट्स शूज और ट्रेनिंग के पैसे नहीं थे। कोच ब्रह्मजीत ने पिता को एक महीने तक मनाया और भरोसा दिलाया कि पैसा कभी रुकावट नहीं बनेगा। जब पिता राजी हुए, तो पड़ोसियों ने ताने कसे कि लड़की शॉर्ट्स पहनकर लड़कों के साथ खेलती है, आगे चलकर इसका कुछ नहीं होगा। लेकिन माता-पिता ने इन तानों को अनसुना कर दिया। गांव में लड़कियों की कोई टीम नहीं थी, इसलिए मनीषा खेलने के लिए अक्सर 15 किलोमीटर पैदल चलती या दौड़ती थीं। उनके शानदार खेल और खास हेयरस्टाइल के कारण दोस्तों ने उन्हें ब्राजीलियाई दिग्गज रोनाल्डिन्हो के नाम पर प्यार से ‘डिनो’ बुलाना शुरू कर दिया। नवंबर 2021 में एक बड़ा बदलाव आया। भारत ने ब्राजील के खिलाफ मैच 6-1 से गंवाया, लेकिन इकलौता गोल मनीषा ने किया। वह सीनियर फुटबॉल में ब्राजील के खिलाफ गोल दागने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इस गोल ने उनके लिए दुनिया के दरवाजे खोल दिए। साइप्रस के क्लब ‘अपोलोन लेडीज’ ने उन्हें साइन किया। शुरुआत में अंग्रेजी न आने के कारण उन्हें मैदान पर पास नहीं मिलते थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और भाषा सीखी। अगस्त 2022 में वह यूईएफए विमंस चैम्पियंस लीग खेलने और गोल करने वाली पहली भारतीय बनीं। ग्रीस के क्लब ‘पाओक’ के लिए 23 मैचों में 8 गोल दागने के बाद, अब वह पेरू के चैम्पियन क्लब ‘एलियांजा लीमा’ में शामिल हैं। सिडनी गई 26 सदस्यीय भारतीय महिला फुटबॉल टीम में मनीषा अकेली खिलाड़ी थीं जो विदेश में इतने ऊंचे स्तर पर खेल रही हैं। यही वजह है कि मनीषा के बेसिक्स, पासिंग और तकनीक बाकी खिलाड़ियों से कहीं ऊंचे स्तर के हैं।

हेल्थकेयर सर्विसेज महंगी, स्टार्टअप्स सस्ते विकल्प दे रहे:अमेरिका में आधे खर्च में पूरे शरीर का एमआरआई स्कैन, ब्लड टेस्ट की सुविधा, ताकि बड़ी बीमारियों का शुरुआत में ही पता लग सके

हेल्थकेयर सर्विसेज महंगी, स्टार्टअप्स सस्ते विकल्प दे रहे:अमेरिका में आधे खर्च में पूरे शरीर का एमआरआई स्कैन, ब्लड टेस्ट की सुविधा, ताकि बड़ी बीमारियों का शुरुआत में ही पता लग सके

अमेरिका में महंगी स्वास्थ्य व्यवस्था को टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स से चुनौती मिल रही है। ये कंपनियां डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, वर्चुअल क्लीनिक और एआई आधारित सुविधाओं के जरिये इलाज, जांच और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं मुहैया करा रही हैं। हेल्थकेयर की बढ़ती लागत के बीच मरीज भी अब इलाज के नए विकल्प तलाश रहे हैं। स्टार्टअप्स की फंडिंग भी बढ़ी है। 2025 में अमेरिका के डिजिटल हेल्थ स्टार्टअप्स की वेंचर कैपिटल फंडिंग 35% बढ़कर 1.3 लाख करोड़ रुपए हो गई। ये पब्लिक हेल्थ सिस्टम में बदलाव का संकेत है। हालांकि पहले ऐसे प्रयोग विफल हो चुके हैं। जेपी मॉर्गन चेज और बर्कशायर हैथवे ने मिलकर 2018 में ‘हेवन’ नाम की पहल शुरू की थी, जिसे 3 साल में ही बंद करना पड़ा। स्वास्थ्य सेवाओं में टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स की पैठ बढ़ने के बड़े कारण 20% सरकारी खर्च स्वास्थ्य पर, फिर भी 33% लोग लागत नहीं उठा पा रहे अमेरिकी सरकार हर साल स्वास्थ्य सेवाओं पर करीब 463 लाख करोड़ रुपए खर्च करती है। यह अमेरिका की जीडीपी का पांचवां हिस्सा यानी तकरीबन 20 फीसदी है। इलाज इतना महंगा है कि करीब एक तिहाई (33%) लोगों ने बीते एक साल में बेहिसाब खर्च के कारण या तो इलाज नहीं कराया या टाल दिया। खर्च बढ़ने का असर हेल्थ इंश्योरेंस पर भी दिख रहा है। अमेरिका में 65 साल से कम उम्र के ज्यादातर लोग प्राइवेट बीमा पर निर्भर हैं। गैर-लाभकारी संस्था केएफएफ के मुताबिक, 2015 से परिवार के लिए सालाना इंश्योरेंस प्रीमियम (बीमे की लागत) 50% बढ़ गया है। 45 फीसदी अमेरिकियों को हेल्थ सिस्टम पर भरोसा नहीं, अब वे विकल्प तलाश रहे अमेरिकी जनता का हेल्थ सिस्टम पर भरोसा साल दर साल घट रहा है। गैलप की एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड महामारी की शुरुआत में जहां मरीजों को डॉक्टरों पर 75% भरोसा था, वहीं 2025 में यह घटकर 55% रह गया। यानी 45% अमेरिकी हेल्थ सिस्टम पर भरोसा नहीं करते। डॉक्टर अपॉइंटमेंट से लेकर, बीमा कंपनी चुनने तक पूरी चेन डिजिटल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म बदलाव ला रहे हैं। ‘सेसम’ और ‘वन मेडिकल’ जैसे प्लेटफॉर्म डॉक्टर से सस्ते ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने में मदद कर रहे हैं। वीसी फर्म जनरल कैटलिस्ट ने हॉस्पिटल और हेल्थ केयर चेन सुम्मा हेल्थ का अधिग्रहण किया है। ये कंपनी बीमा चुनने से लेकर इलाज और बिल पेमेंट तक पूरे सिस्टम को डिजिटली कनेक्ट कर रही है। अब वर्चुअल क्लिनिक; कंसल्टेशन, दवाइयों के प्रिस्क्रिप्शन भी दे रहे कई स्टार्टअप मरीजों को नई टेक्नोलॉजी के जरिये हेल्थ सर्विस दे रहे हैं। ‘हिम्स एंड हर्स’ और ‘रो’ जैसे वर्चुअल क्लीनिक ऑनलाइन कंसल्टेशन व दवाइयों के प्रिस्क्रिप्शन दे रहे हैं। ‘प्रीनुवो’ और ‘फंक्शन हेल्थ’ लगभग आधे खर्च 1,000 से 4,500 डॉलर (4 लाख रुपए तक) में पूरे शरीर का एमआरआई और ब्लड टेस्ट की सुविधा दे रहे हैं, ताकि बड़ी बीमारियां पकड़ में आ सकें। एआई – एक चौथाई यूजर कम से कम एक सवाल स्वास्थ्य संबंधी पूछ रहे हेल्थ सेक्टर में जेनरेटिव एआई की भूमिका बढ़ी है। चैटजीपीटी के डेवलपर्स का कहना है कि उनके करीब 80 करोड़ साप्ताहिक यूजर्स में से एक चौथाई से ज्यादा कम से कम एक सवाल स्वास्थ्य संबंधी पूछते हैं। ओपनएआई में हेल्थ केयर लीड कर रहे डॉ. नेट ग्रॉस का कहना है कि जेनरेटिव एआई इंटरनेट स्क्रॉल करने के पुराने तरीके में बड़ा सुधार ला रहा है। अब यूजर्स ऐसे सॉफ्टवेयर से सीधे बातचीत कर सकते हैं जो उनके लक्षणों, उम्र और मेडिकल हिस्ट्री को ध्यान में रखते हुए उन्हें सलाह देता है।

MI IPL 2026 Camp Begins

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3 घंटे पहले कॉपी लिंक पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) ने सोमवार से IPL 2026 के लिए अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दी है। मुंबई में आयोजित इस प्री-सीजन कैंप के पहले दिन खिलाड़ियों ने फिटनेस और कंडीशनिंग पर फोकस किया। हेड कोच महेला जयवर्धने की देखरेख में खिलाड़ियों ने मैदान पर पसीना बहाया। इस कैंप में गेंदबाजी कोच लसिथ मलिंगा और पारस म्हाम्ब्रे भी मौजूद रहे। पहले ट्रेनिंग सेशन में शार्दुल ठाकुर, मयंक मार्कंडे, अल्लाह गजनफर, नमन धीर, राजा अंगद बावा, रोबिन मिन्ज, रघु शर्मा, मयंक रावत, दानिश मलेवार, मोहम्मद इजहार और अश्विनी कुमार शामिल हुए। सेशन की शुरुआत फिटनेस और कंडीशनिंग ड्रिल से हुई। खिलाड़ियों ने मूवमेंट ड्रिल, एजिलिटी एक्सरसाइज और फिटनेस टेस्ट में हिस्सा लिया। कोच जयवर्धने बोले- पहले दिन की एनर्जी स्पेशल होती है ट्रेनिंग सेशन में बॉलिंग कोच पारस म्हांब्रे और लसिथ मलिंगा, फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन के साथ स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग और फिजियो टीम भी मौजूद रही। हेड कोच महेला जयवर्धने ने कहा कि प्री-सीजन का पहला दिन हमेशा खास होता है। खिलाड़ी मैदान पर आते हैं तो टीम में नई ऊर्जा दिखती है और यहीं से पूरे अभियान की दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो फ्रेंचाइजी को अच्छी तरह जानते हैं, वहीं कुछ नए चेहरे भी शामिल हुए हैं। जयवर्धने के मुताबिक पहला दिन पूरे सीजन की तैयारी का टोन सेट करता है। टीम ने पहले सेशन से ही ट्रेनिंग और तैयारी में पूरा फोकस दिखाने का लक्ष्य रखा है। मलिंगा और म्हाम्ब्रे संभाल रहे हैं गेंदबाजी की कमान मुंबई इंडियंस ने इस बार अपने सपोर्ट स्टाफ को काफी मजबूत किया है। मैदान पर जयवर्धने के साथ गेंदबाजी कोच के रूप में अनुभवी लसिथ मलिंगा और भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे खिलाड़ियों को टिप्स देते नजर आए। वहीं फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन ने फील्डिंग ड्रिल्स को लीड किया। अगले कुछ दिनों में कप्तान हार्दिक पंड्या, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ियों के भी कैंप से जुड़ने की उम्मीद है। नीलामी के बाद बदली हुई दिख रही है टीम आईपीएल 2026 के लिए मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम में अनुभव और युवाओं का अच्छा तालमेल बिठाया है। टीम में ट्रेंट बोल्ट की वापसी हुई है, वहीं क्विंटन डी कॉक, मिशेल सेंटनर और विल जैक्स जैसे विदेशी खिलाड़ी टीम को मजबूती दे रहे हैं। दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर के आने से टीम की भारतीय तेज गेंदबाजी यूनिट काफी संतुलित नजर आ रही है। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने अंपायर के फैसले पर उठाए सवाल:मीरपुर ODI में बांग्लादेश के रीव्यू को बताया गलत, मैच रेफरी से शिकायत की मीरपुर में खेले गए तीसरे वनडे में अंपायर के एक फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच रेफरी नियामुर राशिद से शिकायत की है। पाकिस्तान का कहना है कि ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने बांग्लादेश को गलत तरीके से LBW रीव्यू लेने की अनुमति दी। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gold Silver Prices Drop ₹15,508 & ₹1,963 Amid Iran War Fears

Gold Silver Prices Drop ₹15,508 & ₹1,963 Amid Iran War Fears

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी में आज लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,963 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 13 मार्च को सोना 1.58 लाख रुपए प्रति 10g था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 7,695 रुपए घटकर 2.53 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.60 लाख रुपए किलो थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना दो कारोबारी दिन में 3,867 और चांदी 15,508 सस्ती हुई है। इससे पहले 12 मार्च को सोना 1.60 लाख और चांदी 2.68 लाख पर थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं। खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। इससे मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं। ऑल टाइम हाई से 1.33 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2026 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 19,685 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 46 दिन में चांदी 1.33 लाख रुपए सस्ती हो गई है। कीमतें गिरने की 3 बड़ी वजहें ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम: अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ओर ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम कर दी है। माना जा रहा है कि मार्च की मीटिंग में दरें नहीं घटेंगी। कैश पर बढ़ा भरोसा: अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग से मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशक सोने के बजाय नकद हाथ में रखना पसंद कर रहे हैं। इससे सोने की मांग पर असर पड़ा है। महंगा तेल और शेयर बाजार की गिरावट: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली हो रही है। इसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी हो रहा है। एक्सपर्ट व्यू- अभी सोने-चांदी में निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक लोग शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सोने-चांदी में मुनाफा वसूली कर रहे हैं। इससे सोने-चांदी के दामों में गिरावट है। अजय केडिया अनुसार आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। इसके चलते सोना 1.50 लाख और चांदी 2.50 लाख रुपए तक आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Uttar Pradesh Bollwood Actress Madhuri dixit gorakhpur fans dhak dhak song Ravi kishan

Uttar Pradesh Bollwood Actress Madhuri dixit gorakhpur fans dhak dhak song Ravi kishan

अभिजीत सिंह | गोरखपुर23 मिनट पहले कॉपी लिंक गोरखपुर का प्यार हमेशा याद रहेगा। आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप की आंखों में एक प्यार झलक रहा है। यह देखकर मुझे अपनी ही फिल्म का डॉयलाग याद आ रहा है…देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार। चूंकि मैं पहली आ रही हूं और आप सभी से मिलकर बहुत आनंद और खुशी मिल रही है। जब नजर की बात होती है तो मुझे याद आता है मेरा डॉयलाग। यूं नजर की बात की और दिल चुरा गए। हम तो समझे थे बुद्ध आप तो धड़कन सुना गए। ये बातें रविवार को गोरखपुर पहुंची बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने कही। वह एक ज्वैलरी शॉप का उद्घाटन करने पहुंचीं थीं। इस दौरान सांसद और अभिनेता रवि किशन ने माधुरी दीक्षित को गोरखपुर शहर के बारे में बताया। कहा कि यह शहर संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है। 3 तस्वीरें देखिए… माधुरी दीक्षित ने कहा कि मुझे हमेशा यहां के लोग याद रहेंगे। धक-धक करने लगा गाने पर झूमे फैंस ज्वैलरी शॉप के उद्घाटन के समय जब माधुरी दीक्षित पहुंचीं तो उनका ‘धक-धक करने लगा’ गाने से स्वागत किया गया। इस दौरान फैंस भी माधुरी-माधुरी चिल्लाने लगे। उन्हें देखने के लिए फैंस की भीड़ जुट गई। लोग आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए। इस दौरान हॉस्टल के छत पर छात्राएं पहुंच गई और वहां से अपने मोबाइल के फ्लैश लाइट जलाकर स्वागत किया। माधुरी दीक्षित के पहुंचने पर आसपास के छतों से लोगों ने उनका स्वागत किया। सांसद रवि किशन बोले- पहले भोजपुरी के हिरोइन भी नहीं आना चाहती थीं सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- बहुत अच्छा लगल सब लोगन के। पूज्य महाराज जी के दिल से धन्यवाद। ई बा गोरखपुर। एके कहल जा ला सरकार। जहां भोजपुरी के हिरोइन आवे के तैयार ना रहनि। आज ईहां के आवत बा माधुरी दीक्षित जी सुपर स्टार। सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- माधुरी मैम के बारे में सुनते ही मेरे पास फोन आने लगे कि मैम से हमे मिलवा दीजिए। रवि किशन बोले- माधुरी मैम के साथ मेरी आ रही फिल्म सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- माधुरी मैम के बारे में सुनते ही मेरे पास फोन आने लगे कि मैम से हमे मिलवा दीजिए। वहां कहां रूकी हैं। मैम को देखकर लोग पागल हो गए हैं। उन्होंने कहा- हम लोगों की एक फिल्म भी आ रही है मां- बहन। ………………….. ये खबर भी पढ़िए- खाना नहीं दिया तो सौतेली मां को मार डाला, सिर पर हथौड़े से किए ताबड़तोड़ वार, आरोपी बेटा गिरफ्तार संभल में युवक ने अपनी सौतेली मां के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। वह खाना देर से मिलने से नाराज था। चीखने की आवाज सुनकर जब पिता किचन में पहुंचे तो महिला जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। चारों ओर खून बिखरा पड़ा था। पास ही हथौड़ा पड़ा हुआ था। अस्पताल ले जाने के पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…