Wednesday, 09 Sep 2026 | 01:36 PM

Trending :

EXCLUSIVE

सोयाबीन पराठा रेसिपी: है फिट और स्वाद भी चाहिए हिट? तो स्थापित में सबसे अधिक बिकने वाला हाई प्रोटीन सोयाबीन वाला पराठा; बनाना भी है आसान

सोयाबीन पराठा रेसिपी: है फिट और स्वाद भी चाहिए हिट? तो स्थापित में सबसे अधिक बिकने वाला हाई प्रोटीन सोयाबीन वाला पराठा; बनाना भी है आसान

स्वस्थ पराठा रेसिपी: अगर आप चाहते हैं कि आपका नाश्ता स्वादिष्ट भी हो और स्वास्थ्य के लिए स्वादिष्ट भी हो, तो सोयाबीन पराठा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सोयाबीन में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, चारे और आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ फिट रखने में भी मदद करते हैं। बता दें कि यह पराठा बनाना बहुत आसान है और कम समय में तैयार हो जाता है. आइए जानते हैं घर पर स्वादिष्ट और सोयाबीन पराठा बनाने की आसान रेसिपी। सामग्री के लिए सोयाबीन पराठा बनाने की विधि गरमा-गरम सोयाबीन पराठा आप दही, अचार या हरी चटनी के साथ बना सकते हैं। यह प्रयोग के साथ-साथ के लिए भी अच्छा विकल्प है। सोयाबीन पराठा खाने के फायदे क्या हैं? अगर आप रोज-रोज़ एक ही तरह का नाश्ता खट्टा बोर हो गए हैं, तो एक बार सोयाबीन पराठा ज़रूर ट्राई कर सकते हैं। यह स्वाद में भी लाजवाब है और सेहत के लिए भी मज़ेदार रहेगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)सोयाबीन पराठा रेसिपी(टी)सोयाबीन(टी)सोयाबीन रेसिपी(टी)सोयाबीन पराठा रेसिपी(टी)पराठा रेसिपी(टी)हाई प्रोटीन पराठा रेसिपी(टी)हाई प्रोटीन ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)स्वस्थ आहार

Ranthambore Tiger Attacks Bike, Forest Officials Escape

Ranthambore Tiger Attacks Bike, Forest Officials Escape

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों के सामने अचानक बाघ आ गया था। बाइक छोड़कर वनकर्मी वहां से भाग निकले। सवाई माधोपुर के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में 2 वनकर्मी बाल-बाल बचे। बाइक से गश्त के दौरान अचानक टाइगर सामने आ गया। वह वनकर्मियों की ओर झपटा। बड़ी ही तेजी से दोनों वनकर्मी बाइक वहीं छोड़ भागकर कुछ दूर आगे जाकर रुके। . करीब 10 मिनट टाइगर बाइक के पास रहा। बाइक को उसने दबोचकर घसीटा भी। इस दौरान वनकर्मियों की सांसें अटकी रहीं। घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे की है। रणम्भौर टाइगर रिजर्व के ROPT रेंज में सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे वनकर्मियों के सामने अचानक टाइगर आ गया। पहले से बैठा था टाइगर डीएफओ मानसिंह ने बताया- घटना टाइगर रिजर्व के ROPT रेंज में सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र की है। वनकर्मी निरंजन और होम गार्ड जितेंद्र शर्मा मोटरसाइकिल से गश्त कर रहे थे। मोड़ पर चढ़ाई थी। मोड़ पर टाइगर (आरबीटी-2511) पहले से बैठा था। जैसे ही वहां बाइक पहुंची, टाइगर और वनकर्मी आमने-सामने आ गए। टाइगर गुर्राया। दोनों वनकर्मी फुर्ती से वहां से भाग खड़े हुए। उनके हाथों में डंडे थे। करीब 15 मीटर आगे जाकर वह रुके। दोनों हाथ में डंडा लेकर टाइगर की हरकतों को देखते रहे। करीब 10 मिनट बाद वह पहाड़ी पर चला गया। इतनी देर में टूरिस्ट की जिप्सी आई और स्टाफ को बैठा लिया था। करीब 5 मिनट के अंदर गाड़ी पहुंच गई थी। वनकर्मियों की बाइक के आसपास करीब 10 मिनट तक टाइगर घूमता रहा। बाइक को दबोचकर खींचा भी। टाइगर ने बाइक की सीट फाड़ी दोनों वनकर्मियों के वहां से चले जाने के बाद टाइगर बाइक के पास आया। यहां उसने पंजों-जबड़े में दबाकर बाइक को खींचा। इसके बाद बाइक के आसपास घूमता रहा। सीट फाड़ दी। बाइक पर कई बार हमलावर भी हुआ। 10 महीने पहले रेंजर की जान ली थी 12 मई 2025 को टाइगर रिजर्व के जोन नंबर-3 में बाघ ने रेंजर देवेंद्र चौधरी की गर्दन पर दांतों और नाखून से हमला किया था। टाइगर 20 मिनट तक रेंजर के शव के पास बैठा रहा था। पढ़ें पूरी खबर… 7 साल के बच्चे को दबोचकर ले गया था 16 अप्रैल 2025 को रणथंभौर में टाइगर ने 7 साल के बच्चे को मार डाला था। बच्चा अपनी दादी के साथ त्रिनेत्र गणेश के दर्शन कर लौट रहा था। अचानक जंगल से टाइगर आया और बच्चे को दबोचकर ले गया था। पढ़ें पूरी खबर… वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो ऐसे‌ क्रिटिकल टाइगर हैबिटैट वाले इलाकों में अक्सर कुछ टाइगर एग्रेसिव बिहेवियर के होते हैं। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए विभाग को वनकर्मियों को फोर व्हीलर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

Qatar Match Cancelled | Argentina vs Spain Finalissima Postponed Over Middle East Tension

Qatar Match Cancelled | Argentina vs Spain Finalissima Postponed Over Middle East Tension

Hindi News Sports Qatar Match Cancelled | Argentina Vs Spain Finalissima Postponed Over Middle East Tension 34 मिनट पहले कॉपी लिंक अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला फाइनलिसिमा मुकाबला रद्द कर दिया गया है। यूरोपीय फुटबॉल संघ (UEFA) ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और सुरक्षा हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया। यह मैच 27 मार्च को कतर की राजधानी दोहा में खेला जाना था। इसमें साउथ अमेरिका की चैंपियन अर्जेंटीना और यूरोप की चैंपियन स्पेन आमने-सामने होने वाली थीं। मुकाबले को लियोनेल मेस्सी और लामिन यामल की टीमों के बीच बड़ा मैच माना जा रहा था। युद्ध के चलते सुरक्षा पर मंडराया खतरा मिडिल ईस्ट में ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच जारी संघर्ष और अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के कारण क्षेत्र में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। पिछले तीन हफ्तों से जारी इस तनाव के बीच कतर में मैच कराना जोखिम भरा माना गया। UEFA ने कहा कि कतर के आयोजकों के साथ चर्चा के बाद मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए 27 मार्च को कतर में मैच कराना संभव नहीं है। लुसैल स्टेडियम में होना था मैच, जहां अर्जेंटीना बना था वर्ल्ड चैंपियन यह मुकाबला लुसैल स्टेडियम में होना था। इसी मैदान पर 2022 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला गया था, जिसमें अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताब जीता था। उस मैच में मेस्सी ने दो गोल किए थे, जबकि किलियन एम्बाप्पे ने हैट्रिक लगाई थी। 2022 में कतर में हुए फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर खिताब जीता था। अन्य विकल्पों पर नहीं बनी बात मैच को दूसरे स्थान पर कराने के विकल्प भी देखे गए। मैड्रिड के सैंटियागो बर्नाबेउ स्टेडियम में मैच कराने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने इसे स्वीकार नहीं किया। एक विकल्प यह भी था कि मुकाबला दो लेग में कराया जाए। पहला मैड्रिड में और दूसरा ब्यूनस आयर्स में। इस प्रस्ताव पर भी सहमति नहीं बन सकी। बाद में UEFA ने 27 मार्च को इटली में मैच कराने का प्रस्ताव दिया, लेकिन अर्जेंटीना ने इसे 31 मार्च को कराने की मांग रखी। UEFA के अनुसार चार दिन बाद मैच कराना संभव नहीं था, इसलिए आखिरकार इसे रद्द करना पड़ा। फाइनलिसिमा का पहला मुकाबला 2022 में लंदन के वेम्बली स्टेडियम में खेला गया था, जिसमें अर्जेंटीना ने इटली को 3-0 से हराया था। क्या है फाइनलिसिमा फाइनलिसिमा एक इंटरकॉन्टिनेंटल फुटबॉल मुकाबला है, जिसमें कोपा अमेरिका के विजेता और यूरोपीय चैम्पियनशिप (यूरो) के विजेता आमने-सामने होते हैं। यह टूर्नामेंट दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल महासंघ CONMEBOL और यूरोपीय फुटबॉल महासंघ UEFA के बीच सहयोग समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत दोनों संगठन फुटबॉल के विकास के लिए मिलकर कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। इनमें महिला फुटबॉल, फुटसल, युवा वर्ग के टूर्नामेंट, रेफरी का आदान-प्रदान और तकनीकी प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। फ़ाइनलिस्सिमा पहली बार 1985 में खेला गया था। उस समय इसे कहा जाता था, जिसका नाम यूईएफए के पूर्व अध्यक्ष के नाम पर रखा गया था। यह मुकाबला दूसरी बार 1993 में आयोजित हुआ, जिसके बाद लंबे समय तक इसे नहीं खेला गया। बाद में 2022 में CONMEBOL और UEFA के बीच नए सहयोग समझौते के बाद इस प्रतियोगिता को फिर से शुरू किया गया और इसका नाम फाइनलिसिमा रखा गया। 1985 में खेले गए पहले मुकाबले में फ्रांस नेशनल फुटबॉल टीम ने ऊरुग्वे नेशनल फुटबॉल टीम को हराया था। वहीं अर्जेंटीना नेशनल फुटबॉल टीम ने 1993 और 2022 के मुकाबले जीतकर खिताब अपने नाम किए। ————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने अंपायर के फैसले पर उठाए सवाल:मीरपुर ODI में बांग्लादेश के रीव्यू को बताया गलत, मैच रेफरी से शिकायत की मीरपुर में खेले गए तीसरे वनडे में अंपायर के एक फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच रेफरी नियामुर राशिद से शिकायत की है। पाकिस्तान का कहना है कि ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने बांग्लादेश को गलत तरीके से LBW रीव्यू लेने की अनुमति दी। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सावधान! सुबह उठते ही पैरों में होता है झनझनाहट, तो न करें इग्नोर, इस बीमारी का हो सकता है संकेत, जानें डॉक्टर की सलाह

authorimg

Last Updated:March 16, 2026, 11:17 IST Health Tips: सुबह उठते ही पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या झुनझुनी को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह कई समस्याओं का संकेत हो सकता है. गाजियाबाद के गणेश हॉस्पिटल की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरुणिमा चौधरी के अनुसार यह गलत तरीके से सोने, नसों पर दबाव, विटामिन-B12 की कमी या कमर की समस्या के कारण हो सकता है. लगातार ऐसी परेशानी स्लिप डिस्क या डायबिटीज का संकेत भी हो सकती है. नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीने से इससे बचाव किया जा सकता है. सुबह नींद से उठते ही अगर पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या हल्की झुनझुनी महसूस होती है, तो अक्सर लोग इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह थोड़ी देर में अपने आप ठीक भी हो जाती है. इसलिए लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. फिजियोथैरेपिस्ट का कहना है कि अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. यह नसों की कमजोरी, कमर की समस्या या शरीर में पोषण की कमी का संकेत भी हो सकता है. ये लक्षण हैं बेहद खतरनाकगाजियाबाद के गणेश हॉस्पिटल की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरुणिमा चौधरी के अनुसार सुबह उठते समय पैरों में सुन्नपन महसूस होना कई कारणों से हो सकता है. आमतौर पर यह गलत तरीके से सोने, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने या सोते समय नसों पर दबाव पड़ने की वजह से होता है. कई मामलों में शरीर में विटामिन-बी12 की कमी भी नसों को कमजोर कर देती है, जिससे पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन की समस्या सामने आती है. उन्होंने बताया कि कई बार कमर दर्द भी इस समस्या की बड़ी वजह बन जाता है. कमर की नसें पैरों से जुड़ी होती हैं और जब कमर में दर्द या नसों पर दबाव बढ़ता है, तो उसका असर पैरों तक पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को पैरों में भारीपन, सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होने लगती है. अगर इस तरह की परेशानी लगातार बनी रहती है, तो यह स्लिप डिस्क, नसों की कमजोरी या डायबिटीज जैसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है. इसलिए बार-बार होने वाली इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. रोजाना एक्सरसाइज है जरूरीडॉ. चौधरी का कहना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना व्यायाम करना बेहद जरूरी है. सुबह के समय कम से कम 30 से 40 मिनट तक हल्की एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग करने से शरीर की नसें और मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं. जो लोग ऑफिस या नौकरी पर जाने से पहले थोड़ा समय निकालकर व्यायाम करते हैं, उन्हें शरीर से जुड़ी कई समस्याओं से राहत मिलती है. नियमित व्यायाम से शरीर में रक्त संचार भी बेहतर रहता है और दर्द या अकड़न की शिकायत कम होती है. डाइट का भी इस समस्या से सीधा संबंध है डॉक्टर के अनुसार शरीर को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में पानी की पर्याप्त मात्रा पीनी चाहिए. ऐसे फल और खाद्य पदार्थ खाने चाहिए, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो ताकि शरीर हाइड्रेट रहे. नारियल पानी भी गर्मियों में शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषण देने में मदद करता है. अगर कोई व्यक्ति जिम या ज्यादा शारीरिक मेहनत करता है तो उसे अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कई बार लोग छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. अगर पैरों में बार-बार सुन्नपन, झनझनाहट या दर्द की शिकायत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर या फिजियोथैरेपिस्ट से सलाह लेनी चाहिए. फिजियोथैरेपी का इलाज केवल मशीनों से ही नहीं होता, बल्कि कई मामलों में मैन्युअल थेरेपी और विशेष एक्सरसाइज के जरिए भी मरीज को राहत दी जाती है. About the Author Lalit Bhatt पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें Location : Ghaziabad,Ghaziabad,Uttar Pradesh First Published : March 16, 2026, 11:17 IST

CM Dhami Vision 2026 | Film Destination Brainstorm; Bollywood Stars

CM Dhami Vision 2026 | Film Destination Brainstorm; Bollywood Stars

देहरादून में दैनिक भास्कर का ‘उत्तराखंड-विकास-विश्वास-विजन कॉन्क्लेव’ जारी है। राजपुर रोड स्थित होटल हयात सेंट्रिक में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण ने किया। इस दौरान र . कॉन्क्लेव में बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन दोनों अलग-अलग विषय हैं और चारों धामों में गैर सनातनियों की एंट्री नहीं होगी। वहीं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेब उत्पादन में उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बाद तीसरे स्थान पर है। अब कॉन्क्लेव का अगला ‘बॉलीवुड स्पेशल इंटरैक्शन सेशन’ चल रहा है। इस सत्र में पद्मश्री से सम्मानित फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर, बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक तथा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी पहुंच गए हैं। इस सत्र में उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के लिए बेहतर डेस्टिनेशन बनाने, युवाओं के लिए रचनात्मक अवसरों और क्रिएटिव इकोनॉमी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS देखें… मंच पर पहुंचे फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर और बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि चारों धामों में गैर सनातनियों का प्रवेश वर्जित रहेगा। कार्यक्रम में पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का किया गया स्वागत। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। मंच पर राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट करते भास्कर ग्रुप के मैनेजिंग एडिटर जगदीश शर्मा। राज्यपाल ने कहा कि आज उत्तराखंड यहां की महिलाओं के कारण आगे बढ़ रहा। मंच पर पहुंचे राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर। विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी ने कहा- मैं हमेशा पहाड़ों पर रही, वहां का जीवन कठिन था। कार्यक्रम में बैठे लोग राज्यपाल को सुनते हुए। कार्यक्रम में पहुंचने पर उत्तराखंड के स्टेट एडिटर विजय उपाध्याय ने राज्यपाल का धन्यवाद किया। कॉन्क्लेव से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

अनंत सिंह बोले- मैं अब चुनाव नहीं लड़ूंगा:बिना नीतीश के लड़ने से मतलब नहीं, तेजस्वी का नाम लेने पर भड़के, कहा- किसका नाम ले लिया

अनंत सिंह बोले- मैं अब चुनाव नहीं लड़ूंगा:बिना नीतीश के लड़ने से मतलब नहीं, तेजस्वी का नाम लेने पर भड़के, कहा- किसका नाम ले लिया

बाहुबली अनंत सिंह ने सोमवार को विधानसभा के बाहर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे। बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा। निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए। अनंत सिंह ने ये भी दावा किया कि मैं 1 महीने में जेल से छूट जाऊंगा। असली अपराधी पकड़ा जाएगा। अनंत सिंह सोमवार को बेऊर जेल से राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डालने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने NDA के पांचों कैंडिडेट्स की जीत का भी दावा किया। 1 महीने पहले ली थी विधायक की शपथ बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने 1 महीने पहले विधायक पद की शपथ ली थी। सदन के अंदर बिना पढ़े उन्होंने कहा- मैं अनंत सिंह ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं कानून द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा। मैं बिहार राज्य के विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करूंगा। शपथ लेने के बाद अनंत सिंह ने विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार से मुलाकात की। इसके बाद वो CM नीतीश के पास पहुंचे और उनके पैर छुए। इस दौरान CM नीतीश ने अनंत सिंह के तिलक के बारे में पूछा। इसके बाद अनंत सिंह जाकर अपनी सीट पर बैठ गए। करीब 10 मिनट बाद वो विधानसभा से फिर जेल के लिए निकल गए। शपथ की कुछ तस्वीरें देखिए… अनंत सिंह बोले- मैं निर्दोष हूं, मुझे न्याय की उम्मीद विधानसभा से निकलने के दौरान अनंत सिंह ने कहा, ‘मैं न्याय की उम्मीद करता हूं। जांच चल रही है, 100 परसेंट न्याय मिलने की उम्मीद है। विपक्ष अब बोलने लायक नहीं है। तेजस्वी को अब किसी और पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना होगा।’ नीट छात्रा रेप-हत्या मामले में अनंत सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बेऊर जेल से अनंत सिंह को एंबुलेंस से विधानसभा लाया गया था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से शपथ लेने में देरी हुई।’ जब उनसे पूछा गया कि वो मोकामा की जनता से कब मिलेंगे। इस पर उन्होंने कहा, ‘जब जज साहब चाहेंगे तब ही ना जेल से बाहर आएंगे। मैंने बेल के लिए अप्लाई किया है।’ कोर्ट में अनंत सिंह ने ये अर्जी दी थी 28206 वोट से जीते अनंत सिंह अनंत सिंह 28206 वोटों के अंतर से मोकामा सीट से जीतकर विधायक बने हैं। उन्हें 91416 वोट मिले। दूसरे नंबर पर राजद की प्रत्याशी वीणा देवी रहीं। उन्हें 63210 वोट मिले। अनंत सिंह की जीत के जश्न में पुराने बंगले में करीब 50 हजार लोगों के लिए भोज की व्यवस्था की गई थी। अनंत सिंह के भोज की 2 तस्वीरें… 2020 में कोर्ट ने अनंत सिंह को दी थी इजाजत 2020 विधानसभा चुनाव में भी अनंत सिंह जेल से ही चुनाव जीते थे। जब विधानसभा का सत्र शुरू हुआ तो उन्होंने शपथ लेने के लिए पैरोल मांगी। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया और उन्होंने विधानसभा में आकर शपथ ली थी। अब जानिए वो पूरा मामला जिसे लेकर अनंत सिंह जेल में बंद हैं 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक में राजद नेता और जनसुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह पर लगे थे। उन्हें 1 नंवबर की रात गिरफ्तार किया गया था। 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद बेऊर जेल में डाला गया। दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई। बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है। घोड़े, गाय और गाड़ियों के शौकीन हैं अनंत सिंह

राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के 3 बैच के ‘लापता’ पर पार्टी के विधायक का बड़ा बयान, ‘एनडीए वाले…’

राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के 3 बैच के 'लापता' पर पार्टी के विधायक का बड़ा बयान, 'एनडीए वाले...'

बिहार की पांच सदस्यीय सदस्यता के लिए आज (सोमवार) मतदान हो रहा है। शाम तक नतीजे आ रहे हैं. इस बीच खबर है कि कांग्रेस के तीन नामों से संपर्क नहीं हो रहा है। ऐसे में एक तरफ जहां दादा-दादी की नजर आ रही है तो वहीं कांग्रेस के नेता अबिदुर रहमान की ओर से दावा किया गया है कि सब ठीक है. सब लोग आ रहे हैं. वे प्रयोगशाला पर आधारित हैं। कांग्रेस के नेता अबिदुर रहमान ने कहा, “आज मतदान है। एक सीट पर हमारी जीत होगी। एक सीट पर हमारी जीत होगी।” इस सवाल पर कि तीन विधायक गायब हैं. इस पर उत्तर दिया गया कि कोई भी विधायक नाराज नहीं है। आप लोगों को सिद्धांत है. सब लोग एक साथ हैं. सब लोग आ रहे हैं. अबिदुर रहमान ने कहा, “कुछ बेंचमार्क ने मोबाइल बंद कर दिया है… लोग परेशान कर रहे हैं इसलिए…” इस पर मीडिया ने पूछा कि कौन परेशान कर रहा है? उन्होंने कहा, ”इंडिया वाले परेशान कर रहे हैं…क्या कहा जा रहा है ये तो विचारधारा ही है…” इस दौरान उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें कोई ऑफर नहीं मिला है. दावा किया गया कि जीत को लेकर हम लोग 100 प्रतिशत रेटिंग वाले हैं। #घड़ी | सर्वेक्षण चुनाव | पटना: कांग्रेस नेता अबिदुर रहमान ने कहा, “…आज वोटिंग है। एक सीट पर हमारी जीत होगी, कोई नाराज नहीं है…जीत को लेकर लोग 100% नारा हैं…” pic.twitter.com/HcrLNEVK8k – ANI_हिन्दीन्यूज़ (@Aहिन्दीन्यूज़) 16 मार्च 2026 यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश चुनाव: बिहार में एनडीए के 4 विधायक क्रॉस वोटिंग? निष्कर्ष से मची गोदाम भाई एयरपोर्ट बोले- ‘हम 41 सीट से सबसे ज्यादा वोट लाएंगे’ असफास के समर्थक भाई धार ने कहा, “हम शत प्रतिशत जीत का दावा करते हैं। हमारे उम्मीदवार 41 प्रतिशत से ज्यादा वोट लाएंगे…” बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा, “हमारी पार्टी के सभी दलों ने वोट दे दिया। जीत हमारी शत प्रतिशत सुनिश्चित है। पांचों के पांच प्रतियोगी जीत रहे हैं…” युवा यादव के बयान पर उन्होंने कहा, “शाम 6 बजे पता चल जाएगा कि उनकी जीत होगी या हमारे… नेता अपनी समझ से वोट देंगे। किसी के साथ जोर-जबरदस्ती कोई नहीं करता।” यह भी पढ़ें- बिहार: मध्य प्रदेश चुनाव पर गिरि सिंह की भविष्यवाणी, कहा- क्रॉस नहीं सुपर क्रॉस वोटिंग…

Canada Student Death | Father Seeks Govt Help to Bring Body to Ujjain

Canada Student Death | Father Seeks Govt Help to Bring Body to Ujjain

उज्जैन8 घंटे पहले कॉपी लिंक गुरकीरत की हत्या के बाद से उज्जैन में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। कनाडा में कार से कुचले गए उज्जैन के छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की बॉडी भारत लाने में परिवार के सामने बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। परिजन का कहना है कि कनाडा सरकार बॉडी देने के लिए करीब 40 हजार डॉलर (लगभग 35 लाख रुपए) जमा कराने को कह रही है। इतना ही नहीं, जांच प्रक्रिया के कारण अस्पताल से बॉडी 15 दिन बाद ही दी जाएगी। परिवार ने बताया कि बॉडी को कनाडा से उज्जैन लाने में करीब 10 लाख रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। ऐसे में परिजन ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। बता दें, गुरकीरत सिंह मनोचा की दो दिन पहले कनाडा में कार से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। गुरकीरत की असामयिक मौत से परिजन का बुरा हाल है। सरकार से मदद की लगाई गुहार गुरकीरत सिंह के पिता गुरजीत सिंह का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में सरकार ही उनकी मदद करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है। पिता बोले- बेटा बेहद शांत स्वभाव का था पिता गुरजीत सिंह ने बताया कि गुरकीरत लगभग सवा साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। वह बेहद शांत और नेक स्वभाव का था। वह किसी भी विवाद में नहीं पड़ता था। उन्होंने कहा कि यह घटना परिवार के लिए बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कनाडा में जांच जारी है। स्थानीय पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो-तीन अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। परिवार में शोक, लोगों का लगा तांता उज्जैन में लगातार लोग गुरकीरत के घर पहुंचकर परिजन से मिल रहे हैं और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। गुरकीरत के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य बेटे को याद कर रो रहे हैं। उनकी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे। वह सदमे में हैं। कनाडा जाने वीजा प्रक्रिया शुरू कर रहे गुरकीरत के पारिवारिक मित्र अभिलाष जैन ने बताया कि परिवार के सदस्य कनाडा जाने के लिए वीजा प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। वे वहां पहुंचकर आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना चाहते हैं। स्थानीय परिचित और समाज के लोग भी परिवार के संपर्क में हैं। उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें… उज्जैन के स्टूडेंट को कनाडा में कार चढ़ाकर मार डाला मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक छात्र की कनाडा में कॉलेज के छात्रों ने हत्या कर दी। 10-12 युवकों ने पहले छात्र की पिटाई की, फिर उस पर गाड़ी चढ़ा दी। छात्र को गंभीर चोटें आई थीं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। वारदात 14 मार्च को फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sinner Wins First Title, Sabalenka Crowned Champion

Sinner Wins First Title, Sabalenka Crowned Champion

Hindi News Sports Indian Wells: Sinner Wins First Title, Sabalenka Crowned Champion 11 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका के कैलिफोर्निया में खेले गए इंडियन वेल्स ओपन में इटली के जैनिक सिनर और बेलारूस की आर्यना सबालेंका ने खिताब जीता। मेन्स सिंगल्स के फाइनल में सिनर ने रूस के डैनियल मेदवेदेव को हराकर अपना पहला इंडियन वेल्स टाइटल जीता। वहीं, विमेंस सिंगल्स में वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने एलिना रायबाकिना के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। सिनर फेडरर और जोकोविच के क्लब में शामिल हुए सिनर ने इस जीत के साथ हार्ड कोर्ट पर होने वाले सभी बड़े खिताब अपने नाम कर लिए हैं। इनमें छह ATP मास्टर्स 1000, निट्टो ATP फाइनल्स, ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन शामिल हैं। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच के नाम थी। सिनर ने 2023 में टोरंटो में अपना पहला मास्टर्स 1000 खिताब जीता था और अगले तीन सालों के भीतर ही उन्होंने हार्ड कोर्ट के सभी बड़े एलीट खिताब अपने नाम कर लिए। सिनर ने 2023 में टोरंटो में अपना पहला मास्टर्स 1000 खिताब जीता था। सिनर ने मेदवेदेव को 7-6, 7-6 से हराया: पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं हारा जैनिक सिनर ने फाइनल में पहला सेट टाईब्रेक में 7-6 (8-6) से जीता। इसके बाद दूसरे सेट में भी कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन सिनर ने इसे 7-6 (7-4) से अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि सिनर ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया और सीधे सेटों में जीत दर्ज करते हुए पहली बार इंडियन वेल्स मास्टर्स वेल्स की ट्रॉफी अपने नाम की। विमेंस फाइनल: सबालेंका ने चैंपियनशिप पॉइंट बचाया और मैच जीता विमेंस सिंगल्स का फाइनल में आर्यना सबालेंका ने एलिना रायबाकिना को 3-6, 6-3, 7-6 (8-6) से हराया। सबालेंका पहला सेट हार गई थीं, लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की। तीसरे सेट के टाइ-ब्रेकर में मुकाबला इतना फंस गया था कि रायबाकिना के पास चैंपियनशिप पॉइंट था, लेकिन सबालेंका ने उसे बचाया और जीत हासिल की। यह सबालेंका का पहला इंडियन वेल्स खिताब है। इससे पहले वह दो बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में हार चुकी थीं। एलिना रायबाकिना रनरअप और आर्यना सबालेंका ट्रॉफी के साथ। रायबाकिना से पुराना हिसाब चुकता किया साल 2023 के इंडियन वेल्स फाइनल में एलिना रायबाकिना ने ही सबालेंका को हराकर खिताब जीता था। इस बार सबालेंका ने उस हार का बदला ले लिया। ——————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने अंपायर के फैसले पर उठाए सवाल:मीरपुर ODI में बांग्लादेश के रीव्यू को बताया गलत, मैच रेफरी से शिकायत की मीरपुर में खेले गए तीसरे वनडे में अंपायर के एक फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच रेफरी नियामुर राशिद से शिकायत की है। पाकिस्तान का कहना है कि ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने बांग्लादेश को गलत तरीके से LBW रीव्यू लेने की अनुमति दी। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Youtuber Anurag Dubey Health Worsens

Youtuber Anurag Dubey Health Worsens

2 घंटे पहले कॉपी लिंक पॉपुलर यूट्यूबर अनुराग डोभाल की सेहत एक बार फिर गंभीर हो गई है। अनुराग ने इंस्टाग्राम लाइव में सुसाइड करने की कोशिश की थी। इस दौरान अनुराग रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गए थे। उन्हे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 13 मार्च को हालत में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन देहरादून शिफ्ट करने के दौरान रास्ते में ही उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई। उन्हें फिर से पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। अनुराग के मैनेजर रोहित पांडे ने इंस्टाग्राम पर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें अनुराग एम्बुलेंस में हैं और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। मैनेजर ने बताया कि डॉक्टरों ने हालत स्थिर देखते हुए डिस्चार्ज किया था, लेकिन घर ले जाते समय अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। मैनेजर बोले- हालत नाजुक, दुआओं की जरूरत मैनेजर रोहित पांडे ने सोशल मीडिया पर अपडेट देते हुए लिखा, ‘कल अनुराग भाई की हालत स्थिर थी, इसलिए हम उन्हें देहरादून लेकर जा रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य से रास्ते में ही उनकी कंडीशन खराब हो गई। वह अभी अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं। उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत थी, इसलिए हमने उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया है।’ मैनेजर ने फैंस से उनके लिए दुआ करने की अपील की है। 13 मार्च को उन्हें ICU से डिस्चार्ज किया गया था। सुसाइड की कोशिश में फेफड़े हुए डैमेज अनुराग डोभाल की इस हालत की वजह कुछ दिन पहले हुआ एक भयानक हादसा है। इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान उन्होंने तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा दी थी। इस एक्सीडेंट में अनुराग के कूल्हे की हड्डियां टूट गई थीं और उनके फेफड़े भी बुरी तरह डैमेज हो गए थे। चोटों की वजह से उन्हें निमोनिया भी हो गया है, जिससे सांस लेने की समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। परिवार पर लगाया था टॉर्चर का आरोप इस विवाद की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी जब अनुराग ने इंस्टाग्राम पर कई इमोशनल पोस्ट किए थे। 3 मार्च को उन्होंने लिखा था कि उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है। अनुराग ने वीडियो में दावा किया था, मुझसे मेरा परिवार, पैसा और रिश्ते सब छीन लिए गए हैं। अगर मुझे कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार मेरे मम्मी, पापा और भाई होंगे। इंटर-कास्ट मैरिज बनी विवाद का कारण अनुराग ने अपने आखिरी व्लॉग में बताया था कि रितिका के साथ उनकी इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर परिवार खुश नहीं था। उन्होंने काफी कोशिश की, लेकिन घरवाले शादी में शामिल नहीं हुए। अनुराग का कहना था कि उन्हें न तो माता-पिता का प्यार मिला और न ही भाई का। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔