Monday, 13 Apr 2026 | 12:59 AM

Trending :

ग्वालियर में टीआई ने किया महिला से रेप:बुटीक संचालक महिला से फेसबुक पर दोस्ती, प्यार फिर किया दुष्कर्म, खुद को बताया था कुंआरा द्रविड़ बनाम दिल्ली मॉडल, हाउस अरेस्ट विवाद: प्रमुख विवाद, तमिलनाडु अभियान में बयान | चुनाव समाचार इंदौर में 12 वर्षीय छात्रा से दोस्ती के बाद रेप:जेवर और नकदी भी लेकर रख लिए; परिजनों ने पूछताछ की तब हुआ खुलासा 10 रुपए के लिए किया बुकिंग क्लर्क को बर्खास्त:जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा- विभागीय जांच निष्पक्ष होनी चाहिए; 25 साल बाद मिला न्याय Kidney Damage Sign: चुपचाप सड़ रही किडनी, शरीर के इन 4 हिस्सों में सूजन रेड फ्लैग, आप तो नहीं कर रहे इग्नोर सुबह उठते ही मुंह का स्वाद कड़वा? नजरअंदाज न करें, हो सकती है ये बड़ी बीमारी
EXCLUSIVE

'मातृभूमि' के नए सॉन्ग 'चांद देख लेना' का टीजर रिलीज:सलमान-चित्रांगदा की छू लेने वाली केमिस्ट्री, आर्मी ऑफिसर की जिंदगी व रिश्तों की गहराई दिखी

'मातृभूमि' के नए सॉन्ग 'चांद देख लेना' का टीजर रिलीज:सलमान-चित्रांगदा की छू लेने वाली केमिस्ट्री, आर्मी ऑफिसर की जिंदगी व रिश्तों की गहराई दिखी

सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का नया गाना ‘चांद देख लेना’ का टीजर रिलीज हो गया है। इस टीजर में प्यार, इंतजार और जुदाई की एक बेहद भावुक कहानी की झलक देखने को मिल रही है। फिल्म के पहले गाने ‘मातृभूमि’ को जहां 50 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं, वहीं वेलेंटाइन डे पर रिलीज हुए ‘मैं हूं’ को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। अब तीसरे गाने ‘चांद देख लेना’ का टीजर फैंस के बीच चर्चा में है। इस गाने में चित्रांगदा सिंह और सलमान खान की केमिस्ट्री दिल छू लेने वाली है। टीजर में एक आर्मी ऑफिसर की जिंदगी का वह पहलू दिखाया गया है, जो सिर्फ जंग के मैदान तक सीमित नहीं, बल्कि घर पर इंतजार कर रहे रिश्तों की भावनाओं से भी जुड़ा है। टीजर में चित्रांगदा का किरदार अपने पति का इंतजार करता नजर आता है, जो बॉर्डर पर ड्यूटी निभा रहे हैं। छोटी-छोटी झलकियों के जरिए यह गाना उन परिवारों की कहानी बयां करता है, जो दूरियों और अनिश्चितता के बीच भी अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हैं। ‘चांद देख लेना’ गाना उस एहसास को खूबसूरती से दिखाता है, जब दूर रहकर भी एक ही चांद के नीचे दो दिल जुड़े रहते हैं। गौरतलब है कि फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था, जिसे बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ किया गया है, ताकि कहानी के भाव और बलिदान को और गहराई से दिखाया जा सके। इस फिल्म को सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने प्रोड्यूस किया है, जबकि निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। फिल्म में बहादुरी, त्याग और इंसानियत की कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा।

Kabul Airstrike Afghan Cricketers Reaction; Pakistan vs Israel

Kabul Airstrike Afghan Cricketers Reaction; Pakistan vs Israel

स्पोर्ट्स डेस्क22 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान ने सोमवार रात एक बार फिर अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी शामिल है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हो गई, वहीं 250 से ज्यादा घायल हैं। इस घटना के बाद अफगानिस्तान के कई क्रिकेटर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राशिद खान, नवीन उल हक और मोहम्मद नबी ने दुख जताया है। राजधानी काबुल में PAK एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने कई हमले किए। (सोर्स- आमज न्यूज) हम फिर से उठ खड़े होंगे- राशिद अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राशिद खान ने भी काबुल में हुए एयरस्ट्राइक पर गहरा दुख जताया है। राशिद ने एक्स पर लिखा, काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम लोगों के मारे जाने की खबरों से मुझे गहरा दुख हुआ है। आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या मेडिकल सुविधाओं को निशाना बनाना, चाहे जान-बूझकर हो या गलती से, एक युद्ध अपराध है। राशिद ने आगे लिखा, इंसानी जानों की जिस तरह से अनदेखी की जा रही है, खासकर रमजान के पवित्र महीने में, वह बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है। इससे केवल फूट और नफरत ही बढ़ेगी। मैं संयुक्त राष्ट्र (UN) और मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अन्य एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस इस ज़ुल्म की पूरी तरह से जांच करें और इसके दोषियों को सजा दिलवाएं। इस मुश्किल समय में मैं अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूं। हम इस सदमे से उबरेंगे, और एक राष्ट्र के तौर पर हम फिर से उठ खड़े होंगे। हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं। इंशाअल्लाह। इजराइल और पाकिस्तानी के बीच फर्क ढूंढना मुश्किल 26 साल के नवीन उल हक ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, इजराइल और पाकिस्तानी के बीच कोई भी फर्क ढूंढना मुश्किल है। नवीन IPL में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेल चुके हैं। नवीन ने 15 वनडे और 48 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। चोटिल होने के कारण वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में नहीं खेल पाए थे। हम न्याय और शांति के लिए प्रार्थना करते हैं- उमरजई अफगानिस्तान के ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई ने ट्वीट किया, आज रात, हमने यहां काबुल में एक जोरदार धमाका सुना। इसके तुरंत बाद पाकिस्तानी हवाई हमलों की चपेट में आए एक अस्पताल से आग की लपटें आसमान में उठने लगीं। रमजान के महीने में जब लोगों ने अपना रोजा खोला ही था, तब बेगुनाह जानें चली गईं और कई अन्य घायल हो गए। काबुल शोक में डूबा है। हम न्याय और शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। हम न्याय की दुआ करते- जादरान अफगानिस्तान के बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने काबुल में हुए हमले पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा, रात में एक जोरदार धमाका सुनाई दिया और कुछ ही पलों बाद एक अस्पताल से आसमान में आग की लपटें उठती दिखाई दीं। जो लोग अगले दिन रोजा रखने की तैयारी कर रहे थे, उनमें से कई अब या तो मारे गए हैं या घायल हैं। काबुल दर्द में है, हम न्याय की दुआ करते हैं। उम्मीद की आखिरी किरण भी बुझा दी- नबी अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने काबुल में हुए हमले के बाद लिखा, अस्पताल पर हुए इस हमले ने उम्मीद की आखिरी किरण भी बुझा दी। इलाज के लिए पहुंचे कई युवा इस बमबारी में मारे गए, जबकि अस्पताल के बाहर खड़ी मांएं अपने बेटों का नाम पुकारती रह गईं। रमजान की 28वीं रात को इन लोगों की जिंदगियां अचानक खत्म हो गईं, जो बेहद दर्दनाक और अमानवीय है। —————————————————– पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की खबर पढ़िए… पाकिस्तानी एयरफोर्स ने काबुल के रिहायसी इलाकों को निशाना बनाया; 400 की मौत, 250 घायल पाकिस्तान ने सोमवार रात एक बार फिर अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हो गई, वहीं 250 से ज्यादा घायल हैं। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

विधानसभा अध्यक्ष बैतूल पहुंचे, सुरभि को दी श्रद्धांजलि:भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के घर पहुंचे नरेंद्र सिंह तोमर; दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

विधानसभा अध्यक्ष बैतूल पहुंचे, सुरभि को दी श्रद्धांजलि:भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के घर पहुंचे नरेंद्र सिंह तोमर; दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मंगलवार को बैतूल पहुंचे। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की दिवंगत पुत्री सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने चंद्रमौली स्थित खंडेलवाल निवास पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। तोमर ने हेमंत खंडेलवाल से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने सुरभि खंडेलवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ईश्वर से परिवार को शक्ति देने की प्रार्थना उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति और धैर्य प्रदान करें। उल्लेखनीय है कि बैतूल में लगातार वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य नेताओं ने खंडेलवाल निवास पहुंचकर संवेदना व्यक्त की थी। रविवार को डॉ. मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान और जगदीश देवड़ा भी बैतूल पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर चुके हैं।

10 Big Changes in Perks & Salary Tax from April 2026

10 Big Changes in Perks & Salary Tax from April 2026

Hindi News Business New Income Tax Rules 2026: 10 Big Changes In Perks & Salary Tax From April 2026 नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से देश में नया इनकम टैक्स सिस्टम लागू करने जा रही है। यह नया कानून मौजूदा इंकम-टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। इनकम-टैक्स रूल्स 2026 के ड्राफ्ट के मुताबिक, मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों और बड़े बिजनेस घरानों के लिए टैक्स कैलकुलेशन के तरीके पूरी तरह बदल जाएंगे। इन ड्राफ्ट नियमों को 22 फरवरी 2026 तक जनता के सुझावों के लिए रखा गया था। नए नियमों का मकसद सैलरी के साथ मिलने वाली सुविधाओं जैसे- कंपनी का घर, कार और गिफ्ट्स की वैल्यू तय करने के लिए एक फिक्स फॉर्मूला बनाना है, ताकि टैक्स असेसमेंट यानी कैलकुलेशन में पारदर्शिता रहे। 10 बड़े बदलाव जो आपकी जेब पर असर डालेंगे… 1. नया कानून FY 2026-27 से प्रभावी होगा इनकम-टैक्स रूल्स 2026 आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इसका मतलब है कि ये नियम वित्त वर्ष 2026-27 की कमाई और असेसमेंट ईयर 2027-28 के टैक्स रिटर्न पर लागू होंगे। यह नया इनकम-टैक्स एक्ट 2025 को सपोर्ट करने के लिए लाया गया है। जिसमें टैक्स कैलकुलेशन की प्रोसेस को और सरल बनाया गया है। 2. रिटायरमेंट फंड में ₹7.5 लाख से ज्यादा योगदान पर टैक्स अगर आपकी कंपनी आपके PF, NPS और सुपरएन्युएशन फंड में सालभर में ₹7.5 लाख से ज्यादा जमा करती है, तो अब उस पर टैक्स लगेगा। ड्राफ्ट रूल्स में एक खास फॉर्मूला दिया गया है, जिससे ₹7.5 लाख की सीमा से ऊपर वाले कॉन्ट्रीब्यूशन और उस पर मिलने वाले रिटर्न (ब्याज/लाभांश) को ‘टैक्सेबल पर्र्क्स’ माना जाएगा। 3. कंपनी के एकोमोडेशन की वैल्यू फिक्स होगी प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों को मिलने वाले एकोमोडेशन यानी घर की टैक्स वैल्यू अब शहर की आबादी के आधार पर तय होगी… 40 लाख से ज्यादा आबादी: सैलरी का 10% हिस्सा टैक्सेबल वैल्यू माना जाएगा। 15 से 40 लाख की आबादी: सैलरी का 7.5% हिस्सा टैक्सेबल वैल्यू माना जाएगा। अन्य शहर: सैलरी का 5% हिस्सा। यदि कर्मचारी खुद कुछ किराया चुका रहा है, तो उसे इस वैल्यू में से घटा दिया जाएगा। 4. लीज पर लिए घर के लिए अलग नियम अगर कंपनी खुद घर किराए पर लेकर कर्मचारी को देती है, तो नियम अलग होगा। इस मामले में कंपनी द्वारा चुकाया गया वास्तविक किराया या कर्मचारी की सैलरी का 10%, इनमें से जो भी कम हो उसे टैक्सेबल वैल्यू माना जाएगा। यह नियम मेट्रो शहरों के लीज रेंटल पर लागू होगा। 5. ऑफिस की कार का इस्तेमाल अब महंगा पड़ेगा ऑफिस की गाड़ी पर्सनल और आधिकारिक दोनों कामों के लिए इस्तेमाल करने पर फिक्स मंथली टैक्स वैल्यू तय की गई है… 1.6 लीटर इंजन तक: ₹5,000 प्रति महीना। 1.6 लीटर से बड़े इंजन: ₹7,000 प्रति महीना। ड्राइवर की सुविधा: ₹3,000 प्रति महीना अतिरिक्त। इन फिक्स वैल्यू को सैलरी इनकम के साथ जोड़कर टैक्स निकाला जाएगा। 6. त्यौहार पर गिफ्ट्स की लिमिट ₹15,000 की कंपनियों से मिलने वाले गिफ्ट, वाउचर या टोकन अब सालभर में कुल ₹15,000 तक ही टैक्स-फ्री होंगे। अगर पूरे साल में गिफ्ट्स की वैल्यू ₹15,000 से ज्यादा हुई, तो पूरी राशि पर टैक्स देना होगा। अब तक यह सीमा काफी कम थी। 7. ऑफिस में ₹200 तक का खाना टैक्स-फ्री वर्किंग ऑवर्स के दौरान मिलने वाले खाने या नॉन-अल्कोहलिक बेवरेज पर टैक्स नहीं लगेगा, बशर्ते उसकी वैल्यू ₹200 प्रति मील से ज्यादा न हो। इसमें ऑफिस कैंटीन, मील कूपन और कॉर्पोरेट मील प्रोग्राम शामिल हैं। 8. एम्प्लॉयर से लिए गए लोन पर टैक्स अगर कंपनी बिना ब्याज या कम ब्याज पर लोन देती है, तो उस फायदे पर टैक्स लगेगा। टैक्स का कैलकुलेशन SBI की ब्याज दर के आधार पर होगी। ₹2 लाख तक के लोन या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लिए गए लोन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 9. टैक्स-फ्री इनकम से जुड़े खर्चों पर नियम अगर आप ऐसी कमाई करते हैं जिस पर टैक्स नहीं लगता, तो उससे जुड़े खर्चों को क्लेम करने का नया फॉर्मूला आया है। निवेश की एवरेज सालाना वैल्यू का 1% हिस्सा खर्च के रूप में माना जाएगा, लेकिन यह राशि आपके द्वारा क्लेम किए गए कुल खर्च से ज्यादा नहीं हो सकती। 10. विदेशी डिजिटल बिजनेस पर ₹2 करोड़ की लिमिट डिजिटल बिजनेस करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए ‘सिग्निफिकेंट इकोनॉमिक प्रेजेंस’ की सीमा तय की गई है। अगर किसी कंपनी का भारत में रेवेन्यू ₹2 करोड़ से ज्यादा है या उसके 3 लाख से ज्यादा भारतीय यूजर्स हैं, तो उसे भारत में टैक्स देना होगा। क्या होता है ‘पर्र्क्स’? सैलरी के अलावा कंपनी से मिलने वाली सुविधाओं को पर्र्क्स कहते हैं। जैसे फ्री कार, घर, क्लब मेंबरशिप या नौकर। इनकम टैक्स विभाग इन्हें भी आपकी ‘कमाई’ मानता है और इनकी एक वैल्यू निकालकर उस पर टैक्स वसूलता है। फॉर्म 16 और सैलरी स्लिप पर असर टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन बदलावों का सीधा असर आपकी ‘टेक होम’ सैलरी पर पड़ सकता है। कंपनियों को अपनी सैलरी स्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर अपडेट करने होंगे ताकि फॉर्म 16 और सैलरी स्लिप में नई वैल्यू दिख सके। क्या करें टैक्सपेयर्स? नए नियम लागू होने से पहले अपने एम्प्लॉयर के साथ सैलरी कंपोनेंट्स (जैसे कार, घर और रिटायरमेंट फंड) को रिव्यू करें ताकि टैक्स लायबिलिटी को मैनेज किया जा सके। ये खबर भी पढ़ें… नए इनकम टैक्स नियमों का ड्राफ्ट जारी: नियमों की संख्या 511 से घटकर 333 हुई; 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया सिस्टम इनकम टैक्स विभाग ने शनिवार को ‘इनकम टैक्स रूल्स, 2026’ का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये नए नियम अगले फाइनेंशियल ईयर यानी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। सरकार का मकसद टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना और आम टैक्स पेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाना है। नए प्रस्तावित ड्राफ्ट में नियमों और फॉर्म की संख्या में भी कटौती की गई है। अभी तक लागू ‘इनकम टैक्स रूल्स, 1962’ में कुल 511 नियम और 399 फॉर्म थे। नए ड्राफ्ट में इन्हें घटाकर अब सिर्फ 333 नियम और 190 फॉर्म कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Supreme Court Directs Centre to Make Paternity Leave Law

Supreme Court Directs Centre to Make Paternity Leave Law

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अब किसी भी उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली महिला को 12 हफ्ते का मातृत्व अवकाश मिलेगा। सिर्फ 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर ही छुट्टी देना गलत है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 की धारा 60(4) को असंवैधानिक करार दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह पेटरनिटी लीव (पितृत्व अवकाश) को सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट(सामाजिक सुरक्षा लाभ) के रूप में मान्यता देने के लिए कानून बनाए। पेटरनिटी लीव की अवधि माता-पिता और बच्चे की जरूरतों के अनुसार तय होनी चाहिए। हम्सानन्दिनी नंदूरी ने इसे लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी जिसमें कहा गया था कि उम्र आधारित प्रतिबंध मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। पेटरनिटी लीव क्या है पेटरनिटी लीव वह समय होता है जो बच्चे के जन्म या गोद लेने के बाद पिता को दिया जाता है, ताकि वह बच्चे की देखभाल कर सके और मां का सहयोग कर सके। यह विचार इस समझ पर आधारित है कि बच्चे की परवरिश माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी होती है। इससे महिलाओं को भी काम जारी रखने में मदद मिलती है और घर के कामों का संतुलित बंटवारा होता है। भारत में अभी पेटरनिटी लीव को कानूनन मान्यता नहीं भारत में अभी तक पेटरनिटी लीव को कानूनन मान्यता नहीं मिली है। हालांकि महिलाओं को मेटरनिटी लीव मिलती है। पहले दो बच्चों तक: 26 हफ्ते का वेतन सहित अवकाश दो से अधिक बच्चों पर: 12 हफ्ते का अवकाश इसमें से 8 हफ्ते डिलीवरी से पहले लिए जा सकते हैं ———————————- ये खबर भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट बोला-मैटरनिटी लीव जन्म देने के अधिकारों का हिस्सा:मद्रास हाईकोर्ट का फैसला खारिज; तीसरे बच्चे के लिए छुट्‌टी देने से इनकार किया था सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने एक सरकारी स्कूल की टीचर को उसके तीसरे बच्चे के जन्म के लिए मैटरनिटी लीव देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि स्टेट पॉलिसी के मुताबिक मैटरनिटी लीव का फायदा केवल दो बच्चों तक ही सीमित है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ऋतिक रोशन और प्राइम वीडियो की नई फिल्म का ऐलान:कॉमेडी फिल्म मेस में चोरों और सनकी मकान मालिक की कहानी; राजेश कृष्णन करेंगे डायरेक्ट

ऋतिक रोशन और प्राइम वीडियो की नई फिल्म का ऐलान:कॉमेडी फिल्म मेस में चोरों और सनकी मकान मालिक की कहानी; राजेश कृष्णन करेंगे डायरेक्ट

ऋतिक रोशन के प्रोडक्शन हाउस ‘HRX फिल्म्स’ और ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो ने नई कॉमेडी फिल्म ‘मेस’ बनाने का ऐलान किया है। इस फिल्म का निर्देशन ‘लूटकेस’ और ‘क्रू’ जैसी फिल्में बना चुके राजेश ए. कृष्णन करेंगे। यह फिल्म एक ऐसी रात की कहानी है जहां चोर एक सनकी आदमी के घर में फंस जाते हैं। इसमें चोरों का एक गैंग एक ऐसे आदमी के घर में चोरी करने के इरादे से घुसता है जिसे ओसीडी (OCD – ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर) है। यानी वह सफाई और चीजों को व्यवस्थित रखने के मामले में काफी सनकी है। घर में घुसने के बाद चोरों के लिए वहां से जिंदा और सुरक्षित निकलना ही सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऋतिक और ईशान रोशन करेंगे प्रोड्यूस इस फिल्म को ऋतिक रोशन और उनके भाई ईशान रोशन अपने बैनर ‘HRX फिल्म्स’ के तहत प्रोड्यूस कर रहे हैं। HRX फिल्म्स और प्राइम वीडियो के बीच यह दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है। इससे पहले दोनों ने मिलकर थ्रिलर सीरीज ‘स्टॉर्म’ का ऐलान किया था। फिल्म की स्क्रिप्ट को राजेश कृष्णन और कपिल सावंत ने अमेरिकी लेखक पॉल सोटर की एक ओरिजिनल कहानी के आधार पर तैयार किया है। ऋतिक रोशन ने कहा- राजेश कृष्णन का विजन शानदार ऋतिक रोशन ने इस पार्टनरशिप पर खुशी जताते हुए कहा, “प्राइम वीडियो के साथ हमारी साझेदारी हमें साहसी और नई तरह की कहानियां कहने का मौका दे रही है। राजेश कृष्णन कॉमेडी के साथ बेहतरीन नैरेटिव बुनने की काबिलियत रखते हैं। ‘मेस’ के लिए उनका विजन शुरुआत से ही असाधारण रहा है।” वहीं प्राइम वीडियो इंडिया के हेड निखिल मधोक ने कहा कि फिल्म की कहानी और इसके मजेदार किरदार दर्शकों को अंत तक बांधे रखेंगे। डायरेक्टर राजेश कृष्णन का ट्रैक रिकॉर्ड राजेश ए. कृष्णन को फिल्म इंडस्ट्री में उनके अलग और कॉमिक स्टाइल के लिए जाना जाता है। उन्होंने साल 2019 में ‘लूटकेस’ फिल्म से बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में कदम रखा था। हाल ही में आई उनकी फिल्म ‘क्रू’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। वे मशहूर वेब सीरीज ‘ट्रिपलिंग’ के पहले सीजन को भी डायरेक्ट कर चुके हैं। राजेश ने बताया कि ‘मेस’ की दुनिया कॉमेडी और अफरा-तफरी का एक अनोखा मेल है, जो दर्शकों को अपनी सीट से चिपकने पर मजबूर कर देगी।

समर ड्रिंक रेसिपी: गर्मी में पेय पदार्थ बनाएं ये 5 तरह के, पेट रहेगा ठंडा-ठंडा; आप देखें फिट

खुश पेट और स्वस्थ जीवन के लिए सर्वोत्तम ग्रीष्मकालीन पेय रेसिपी, आहार युक्तियाँ, आम पन्ना, छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी, तरबूज का रस

गर्मी के मौसम में बेस्ट ड्रिंक्स के लिए | छवि: फ्रीपिक सर्वोत्तम ग्रीष्मकालीन पेय: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और ठंडा रखना बहुत जरूरी होता है। तेज धूप, पेय पदार्थ और थकान से बचने के लिए सही खान-पान के साथ कोल्ड और पेय पदार्थों का सेवन बेहद खतरनाक होता है। अगर आप भी ये गर्म पेय पदार्थ कुछ टेस्टी और कॉकटेल ड्रिंक बनाना चाहते हैं, तो ये 5 आसान पेय आपके लिए असरदार हैं। यहाँ जानिए कौन से हैं वो ड्रिंक्स- आम पन्ना (आम पन्ना) गर्मी में आम पन्ना शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ लू से भी मिलता है। कैसे देखें: कच्चे आम को स्टॉक करके उसका गूदा निकाला हुआ लें, जिसमें पुदीना, जीरा पाउडर, काला नमक और चीनी शामिल हैं। ठंडा करके पिएं। छाछ (छाछ) पाचन के लिए बहुत ही स्वादिष्ट है और पेट को ठंडा करने वाली चटनी। कैसे देखें: दही में पानी पूरे फेंट लें, इसमें नमक शामिल है, इसके अलावा जीरा और हरा धनिया मिलाया जाता है। यह एक परावर्तित समर ड्रिंक है। नींबू पानी (नींबू पानी) नींबू पानी शरीर को तत्काल ऊर्जा देता है और आहार से सीखता है। कैसे देखें: पानी में नींबू का रस, नमक या चीनी का रस। यात्रा तो इसमें पुदीना भी डाल सकते हैं। नारियल पानी (Coconut Water) नारियल का पानी इलेक्ट्रोलाइट्स इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को तुरंत रिफ्रेश कर देता है। इसमें आप नींबू या सब्जा बीज आक्स्टिक टेस्ट डायनासोर का उपयोग कर सकते हैं। यह शरीर को प्रमाणित करता है और निर्बलता को दूर करता है। तरबूज़ जूस (Watermelon Juice) तरबूज़ में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो गर्मी में बहुत मज़ेदार होती है। कैसे देखें: तरबूज के टुकड़े ब्लेंड करें, थोड़ा काला नमक डालें और ठंडा-ठंडा सर्व करें। इन समर ड्रिंक्स को पीने के फायदे? शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। डिहाइड्रेशन से बचाते हैं। पाचन को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। ऊर्जा स्तर बनाये हुए हैं। गर्मी के मौसम में बाहर के कोल्ड ड्रिंक पीने की जगह घर पर बने ये चॉकलेट ड्रिंक स्ट्राइक कर सकते हैं। ये ना सिर्फ आपको ठंडक पहुंचाएगा बल्कि आपकी सेहत को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा। यह अवश्य पढ़ें: समर रायता रेसिपी: घर पर मिनटों में जरूर बनाएं ये 3 तरह का रायता, गर्मी में शरीर रहेगा ठंडा-ठंडा (टैग अनुवाद करने के लिए)समर ड्रिंक्स रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय(टी)तरबूज का रस(टी)नारियल पानी(टी)नींबू पानी(टी)आम पन्ना(टी)घर का बना पेय(टी)स्वस्थ पेय(टी)चीनी रहित पेय(टी)छाछ

टेस्टोस्टेरोन की क्रीम क्यों लगाते हैं पुरुष? किन परेशानियों से दिलाती है राहत, गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक

authorimg

Last Updated:March 17, 2026, 14:21 IST Benefits of Topical Testosterone: जब किसी पुरुष के शरीर में नेचुरल तरीके से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बेहद कम बनता है, तब डॉक्टर्स उसे टेस्टोस्टेरोन क्रीम का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. यह हार्मोन पुरुषों की मसल्स, हड्डियों और रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए बेहद जरूरी होता है. हालांकि यह क्रीम डॉक्टर की सलाह पर ही लगाएं, वरना इसके साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं. टेस्टोस्टेरोन क्रीम पुरुषों की कई समस्याओं से राहत दिला सकती है. Testosterone Cream Benefits: टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के शरीर में पाया जाने वाला प्रमुख हार्मोन है. यह मसल्स को मजबूत बनाने, बोन डेंसिटी को बेहतर बनाए रखने, एनर्जी लेवल बढ़ाने और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी होता है. जब किसी पुरुष के शरीर में इस हार्मोन का स्तर नेचुरल रूप से कम हो जाता है, तब इस कंडीशन को हाइपोगोनाडिज्म कहा जाता है. इस कंडीशन में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं. इससे निजात पाने के लिए डॉक्टर अक्सर टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) की सलाह देते हैं. इस थेरेपी में टेस्टोस्टेरोन क्रीम या जेल भी एक लोकप्रिय विकल्प है, क्योंकि इसे लगाना आसान है. अब सवाल है कि लोग इस क्रीम को क्यों लगाते हैं, इसके क्या फायदे हैं और साइड इफेक्ट क्या हो सकते हैं. अमेरिका के मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक टेस्टोस्टेरोन क्रीम का उपयोग मुख्य रूप से शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी से होने वाले लक्षणों को दूर करने के लिए करते हैं. उम्र बढ़ने के साथ या कुछ मेडिकल कंडीशन के कारण जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिरता है, तो पुरुषों को अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में कमी, मूड में बदलाव और लिबिडो में कमी महसूस होने लगती है. इस क्रीम को आमतौर पर कंधों, ऊपरी बाहों या पेट पर लगाया जाता है, जहां से यह सीधे ब्लड स्ट्रीम में अब्जॉर्ब हो जाती है. यह हार्मोन के स्तर को स्थिर बनाने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति की शारीरिक क्षमता और मेंटल क्लैरिटी में सुधार होता है. डॉक्टर के सुझाव पर इस क्रीम का इस्तेमाल महिलाएं भी कर सकती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. टेस्टोस्टेरोन क्रीम के उपयोग से सेहत पर मिक्स असर पड़ता है. यह क्रीम हड्डियों को मजबूत बनाती है और मेटाबॉलिज्म को तेज कर शरीर की चर्बी कम करने में मदद करती है. इससे लाइफ क्वालिटी में सुधार आता है. हालांकि इसके साइड इफेक्ट भी कम नहीं हैं. इसके अत्यधिक या गलत उपयोग से मुंहासे, स्लीप एपनिया और प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने का खतरा हो सकता है. यह क्रीम शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ा सकती है, जिससे खून गाढ़ा हो सकता है और हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ जाता है. टेस्टोस्टेरोन क्रीम के साथ एक सबसे बड़ा जोखिम एक्सीडेंटल ट्रांसफर है. अगर क्रीम लगाने वाला व्यक्ति अपनी स्किन को ढकता नहीं है, तो यह हार्मोन स्किन के माध्यम से बच्चों या महिलाओं में ट्रांसफर हो सकता है. बच्चों में इसके संपर्क में आने से समय से पहले प्यूबर्टी के लक्षण दिख सकते हैं, जबकि महिलाओं में चेहरे पर बाल उगना और आवाज का भारी होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि क्रीम लगाने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं और उस हिस्से को कपड़ों से ढककर रखें. डॉक्टर्स की मानें तो टेस्टोस्टेरोन क्रीम कोई एंटी-एजिंग चमत्कार नहीं है और न ही यह बॉडीबिल्डिंग के लिए एक सुरक्षित सप्लीमेंट है. इसे केवल तब ही उपयोग करना चाहिए, ब्लड टेस्ट में हार्मोन की कमी निकले और डॉक्टर ने इसे प्रिस्क्राइब किया हो. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 17, 2026, 14:21 IST

बिहार के ‘लापता’ विधायक: राज्यसभा में एनडीए की अप्रत्याशित जीत के पीछे महागठबंधन के नेताओं से मिलें | राजनीति समाचार

New Zealand vs South Africa Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Hamilton. (Picture Credit: X@ICC)

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 14:04 IST चार विपक्षी विधायक – तीन कांग्रेस से और एक राजद से – राज्यसभा चुनाव में अपना वोट डालने में विफल रहे। बिहार के चार विधायक जो 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के मतदान से अनुपस्थित थे। (छवि: myneta) सोमवार को हुए मतदान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा महत्वपूर्ण पांचवीं राज्यसभा सीट हासिल करने के बाद बिहार में ग्रैंड अलायंस (महागठबंधन) ताजा आंतरिक तनाव की चपेट में आ गया है, जिससे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और उसके सहयोगी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच दरारें उजागर हो गई हैं। विपक्ष के चार विधायकों – कांग्रेस के तीन और राजद के एक – के वोट डालने में विफल रहने के बाद मुकाबला निर्णायक रूप से एनडीए के पक्ष में झुक गया, जिससे अंतिम क्षण में विपक्ष का अंकगणित पटरी से उतर गया, जिससे मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद थी। उनकी अनुपस्थिति एनडीए समर्थित उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को राजद उम्मीदवार एडी सिंह को हराने में निर्णायक साबित हुई। जबकि नीतीश कुमार जैसे नेताओं और भाजपा उम्मीदवारों की जीत संदेह में नहीं थी, पांचवीं सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में उभरी थी। विपक्ष ने आवश्यक आंकड़े को पार करने के लिए छोटी पार्टियों के समर्थन पर भरोसा करते हुए अपनी संख्या से अधिक समर्थन जुटा लिया था। हालाँकि, सहयोगियों के मजबूती से टिके रहने के बावजूद, अप्रत्याशित गैर-प्रदर्शन ने समीकरण को बिगाड़ दिया। इस घटनाक्रम से राजद के भीतर गुस्सा फैल गया है और नेताओं ने अनौपचारिक रूप से खराब आंतरिक समन्वय के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया है। हालाँकि, राजद नेता तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर बेईमानी का आरोप लगाया, उन्होंने दावा किया, “उन सांसदों को प्रलोभन की पेशकश की गई जिन्होंने या तो गठबंधन के खिलाफ मतदान किया या दूर रहे,” और जोर देकर कहा, “हम उनसे लड़ने के लिए तैयार हैं, और हमारा संघर्ष जारी रहेगा।” आखिर में नंबर गेम उन चार विधायकों पर टिक गया जो राज्यसभा चुनाव से गायब थे। यहां बताया गया है कि वे कौन थे: सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा एक कांग्रेस विधायक हैं जो 2025 के चुनावों में वाल्मिकी नगर निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने जद (यू) के एक पदाधिकारी का स्थान लिया। उनका राजनीतिक करियर उत्तर-पश्चिमी बिहार में जमीनी स्तर के प्रतिनिधित्व पर केंद्रित रहा है। हालाँकि, महत्वपूर्ण राज्यसभा वोट के दौरान उनकी अनुपस्थिति ने अब उनकी राजनीतिक स्थिति को सुर्खियों में ला दिया है, ऐसे समय में आंतरिक अनुशासन और समन्वय के बारे में गठबंधन के हलकों में सवाल उठ रहे हैं जब हर वोट का महत्वपूर्ण महत्व होता है। मनोज विश्वास मनोज विश्वास कांग्रेस के विधायक के रूप में फारबिसगंज निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में करीबी मुकाबले में जीत हासिल की थी। उनकी जीत कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण थी, खासकर सीमांचल क्षेत्र में, जहां पार्टी भाजपा से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपने चुनावी पदचिह्न को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही थी। जबकि विश्वास को वफादारी बदलने के लिए नहीं जाना जाता है, वह राज्यसभा चुनाव मतदान से अनुपस्थित रहे, जिससे उनके रुख पर सवाल उठे। मनोहर प्रसाद सिंह मनोहर प्रसाद सिंह मनिहारी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं. राज्यसभा की वोटिंग से उनकी अनुपस्थिति की चर्चा उनकी तरल राजनीतिक यात्रा के कारण अधिक हो रही है। वह शुरू में जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े थे, उन्होंने खुद को उस दौर में पार्टी के साथ जोड़ा जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी का बिहार में महत्वपूर्ण प्रभाव था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में उनका स्थानांतरण बाद में हुआ, जो बिहार की राजनीति की विशेषता वाले बार-बार होने वाले पुनर्गठन को दर्शाता है, जहां नेता अक्सर बदलते जाति समीकरण, निर्वाचन क्षेत्र की गतिशीलता और गठबंधन विन्यास के आधार पर संबद्धता का पुनर्मूल्यांकन करते हैं। फैसल रहमान फैसल रहमान राजद के नेता हैं और पूर्वी चंपारण जिले के ढाका निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। उनकी पृष्ठभूमि में कृषि और सामाजिक सेवा शामिल है, और उन्होंने पहले 2015 में सीट जीती थी, 2020 में हार गए और फिर 2025 में जीते। हाल ही में राज्यसभा वोट की अनुपस्थिति में, उन्होंने कहा कि वह अपनी मां के खराब स्वास्थ्य के कारण दिल्ली लौट आए हैं। पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 10:58 IST समाचार राजनीति बिहार के ‘लापता’ विधायक: राज्यसभा में एनडीए की अप्रत्याशित जीत के पीछे महागठबंधन के नेताओं से मिलें अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

Goal Investment & SIP Strategy Explained

Goal Investment & SIP Strategy Explained

Hindi News Business Dainik Bhaskar & Aditya Birla MF Workshop: Goal Investment & SIP Strategy Explained जोधपुर16 मिनट पहले कॉपी लिंक पाली के सुशील मूंदड़ा, जोनल हैड ललित शर्मा, जोधपुर के विशेषज्ञ सुरेश अरोड़ा, चेतन लाखोटिया और सुशील मूंदड़ा ने सवालों के जवाब दिए। दैनिक भास्कर और आदित्य बिड़ला म्यूचुअल फंड की ओर से शनिवार को ‘शिक्षित निवेशक, विकसित भारत’ विषय पर अवेयरनेस वर्कशॉप हुई। पांचबत्ती स्थित एक होटल में हुई इस वर्कशॉप में देशभर से आए विशेषज्ञों ने सही समय पर और लक्ष्य आधारित निवेश के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में आयोजित पैनल डिस्कशन में शहर के युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने निवेश से जुड़े सवाल पूछे। पाली के सुशील मूंदड़ा, जोनल हैड ललित शर्मा, जोधपुर के विशेषज्ञ सुरेश अरोड़ा, चेतन लाखोटिया और सुशील मूंदड़ा ने उनके सवालों के जवाब दिए। पैनल डिस्कशन में शहर के युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने निवेश से जुड़े सवाल पूछे। म्यूचुअल फंड राजस्थान के रीजनल हैड मयंक कुमार सिंह ने बताया कि सेबी और इन्वेस्टर आईपी के माध्यम से निवेशकों को फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की जानकारी दी गई। वर्कशॉप की शुरुआत आईआईटी जोनल हैड ललित शर्मा ने प्रेजेंटेशन के जरिए आज के दौर में निवेश कर लक्ष्य हासिल करने की रणनीति समझाते हुए की। उन्होंने म्यूचुअल फंड, बैंक डिपॉजिट, प्रॉपर्टी और इंश्योरेंस जैसे निवेश विकल्पों के बारे में जानकारी दी। 30 से 35 वर्ष की उम्र में निवेश के फायदे उन्होंने बताया कि 30 से 35 वर्ष की उम्र में निवेश शुरू करने पर मासिक या साप्ताहिक निवेश के साथ लंबी अवधि के विकल्प बेहतर परिणाम दे सकते हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु और केवाईसी पूर्ण करने वाले युवा नौकरी, विवाह, बच्चों की पढ़ाई जैसे लक्ष्यों के लिए निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। महिलाओं की पारंपरिक बचत से निवेश की सीख विशेषज्ञों ने कहा कि जिस तरह कई घरों में महिलाएं अलग-अलग डिब्बों में पैसे रखकर बचत करती हैं, उसी तरह निवेश भी अलग-अलग विकल्पों में करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर यह राशि काम आती है। उन्होंने म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय फाइनेंशियल एडवाइजर की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई। लक्ष्य के अनुसार निवेश जरूरी विशेषज्ञों ने बताया कि निवेश हमेशा लक्ष्य के अनुसार करना चाहिए, जैसे बच्चों की शिक्षा, विवाह या भविष्य की जरूरतें आदि। निवेश में कोई गारंटी नहीं होती, इसलिए विशेषज्ञ सलाह जरूरी है। यदि किसी की 5-5 हजार रुपए की चार एसआईपी चल रही हैं तो उन्हें एक ही दिन के बजाय 20-25 दिन के अंतराल पर रखना बेहतर रहता है। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ मिल सकता है और रिटर्न बेहतर हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔