देश में डेढ़ लाख झोलाछाप डर्मेटोलॉजिस्ट, हेयर ट्रांसप्लांट या स्किन के लिए किसी भी डॉक्टर की चेक करें ये डिग्री

X हेयर ट्रांसप्लांट या स्किन के लिए किसी भी डॉक्टर की चेक करें ये डिग्री सोशल मीडिया पर झोलाछाप डॉक्टरों का खतरा बढ़ रहा है! लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर देश में हैं, जबकि रजिस्टर्ड डर्मेटोलॉजिस्ट सिर्फ 18000 हैं. ये झोलाछाप डॉक्टर सस्ते में हेयर ट्रांसप्लांट, प्लास्टिक सर्जरी और त्वचा उपचार का झांसा देते हैं, जिससे लोगों के चेहरे बिगड़ रहे हैं और मौतें हो रही हैं. IADVL और APSI ने लोगों से अपील की है कि वे असली और फर्जी डॉक्टर की पहचान करें और रजिस्टर्ड डर्मेटोलॉजिस्ट से ही उपचार कराएं. इसके लिए उन्हें इन बातों का ध्यान रखना होगा.
पराठा मसाला रेसिपी: 10 मिनट में तैयार करें ढाबा स्टाइल स्पेशल ‘पराठा मसाला’, पड़ोसी भी बनाएंगे बनाने का तरीका

पराठा मसाला रेसिपी: अगर आपको भी घर पर ढाबे स्टाइल में खाना पसंद है। तो इसके लिए है खास पराठा मसाला तैयार करने का एक बेहतरीन तरीका। यह मसाला सिर्फ स्वाद को ही नहीं बल्कि कई गुना बढ़ा देता है, बल्कि इसे घर पर बनाना भी काफी आसान होता है। खास बात यह है कि इस मसाले को सिर्फ 10 मिनट में तैयार किया जा सकता है और लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है. आइए आपको बताते हैं कि इसे कैसे तैयार करें। इस साधारण को तैयार करने के लिए सबसे पहले एक पैन गर्म करें और इसमें जीरा, धनिया, सौंफ, अजमोद, काली मिर्च, लौंग और सूखे लाल मिर्च के मसाले अच्छे से भून लें। जब इन नमूनों से संगीत आने लगे, तब इसमें करी पत्ता मठ कुछ मिनट और अंश, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है। भूने हुए मसाले को ठंडा करके फिर से पिज्जा में पिज्जा पीस लें। इसके बाद इसमें कसूरी मेथी, अमचूर पाउडर, नमक काला, नमक, हींग और हल्दी लाल मिर्च पाउडर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। ऐसे तैयार होगा आपका पराठा मसाला। पराठा बनाने में कैसे इस्तेमाल करें जब भी आप आलू, लौकी, मुली या पनीर के पराठे बनाते हैं, तो स्टफिंग में इस मसाले का 1 से 2 मसाला डाल लें. इससे पराठों का स्वाद कई गुना बढ़ जाएगा और हर बच्चे में तीखा स्वाद महसूस होगा। पराठे बनाने के लिए इसमें सौंफ, अजवायन और हींग जैसी चीजें मौजूद होती हैं, जो पाचन के लिए भी खतरनाक रसायन बनाती हैं। यही कारण है कि यह मसाला स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है। तैयार किए गए पराठे के इस टुकड़े को एयरटाइट नवीनता में स्टोर करके लंबे समय तक रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है और हर बार स्वाद के अनुसार ताज़ा बनाया जा सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पराठा मसाला रेसिपी(टी)घर का बना मसाला मिश्रण(टी)ढाबा स्टाइल पराठा(टी)भारतीय रसोई युक्तियाँ(टी)त्वरित मसाला रेसिपी(टी)10 मिनट की रेसिपी(टी)भरवां पराठा मसाला(टी)कुकिंग हैक्स भारत(टी)आसान मसाला पाउडर रेसिपी(टी)घर का बना मसाला मिश्रण
Kangana Ranaut Slams Rahul Gandhis Parliament Behavior

Hindi News National Kangana Ranaut Slams Rahul Gandhis Parliament Behavior | Tapori Statement नई दिल्ली7 घंटे पहले कॉपी लिंक कंगना ने बुधवार को संसद की कार्यवाही के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल के खिलाफ टिप्पणी की। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बुधवार को संसद के बाहर कहा- राहुल को देखकर हम महिलाओं को काफी अनकम्फर्टेबल फील होता है। उन्होंने कहा- वह टपोरी की तरह आते हैं, तू-तड़ाक करते हैं। इंटरव्यू दे रहे लोगों को परेशान करते हैं। कहते हैं- आजा…आजा। उन्हें अपनी बहन को देखना चाहिए। उनका व्यवहार बहुत अच्छा है। कंगना का यह बयान उस विवाद के बाद आया है, जिसमें 12 मार्च को संसद परिसर के मकर द्वार पर राहुल गांधी के चाय-नाश्ता करने को लेकर आलोचना हुई थी। इस मामले में 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, 116 पूर्व सैनिक और 4 वकीलों ने एक ओपन लेटर लिखकर राहुल गांधी से देश के लोगों से माफी की मांग की है। राहुल ने 12 मार्च को LPG संकट को लेकर प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों के साथ संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-बिस्किट खाया था। कांग्रेस सांसद बोलीं- कंगना को राहुल पर बोलने का हक नहीं कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने भाजपा सांसद कंगना रनौत पर कहा- कंगना रनौत की बातें उनके चरित्र को दर्शाती हैं। सिर्फ अच्छे कपड़े पहन लेने या सेलिब्रिटी होने से कोई अच्छा इंसान नहीं बन जाता। यही उनकी राजनीति का स्तर है, इसलिए वास्तव में उन्हें राहुल गांधी के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बोले- कंगना को संसद स्टूडियो लगता है पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने कहा- कंगना को लगता है कि संसद कोई स्टूडियो है, जहां अच्छे कपड़े पहनकर, पूरी तरह तैयार होकर और एक्टिंग करनी होती है। उन्हें क्यों लगता है कि राहुल टपोरी की तरह व्यवहार करते हैं? राहुल गांधी यहां फिल्म बनाने नहीं आते हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- मैंने महिलाओं के प्रति राहुल का सम्मान देखा है वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कंगना की टिप्पणी पर कहा- कुछ दिन पहले PM मोदी कह रहे थे कि वे कांग्रेस की महिला सांसदों से असहज महसूस कर रहे थे, इसलिए सांसद नहीं आए। अब कंगना राहुल पर बोल रही हैं। प्रियंका ने आगे कहा- व्यक्तिगत या राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राहुल गांधी के लिए इस तरह की बात कहना गलत है। मैंने राहुल गांधी के साथ 10 साल काम किया है। मैंने महिलाओं के प्रति उनका काम और सम्मान देखा है। उन पर इस तरह के आरोप लगाना थोड़ा अजीब है। पूर्व PM देवगौड़ा ने सोनिया से कहा था- राहुल को समझाएं पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) नेता एचडी देवगौड़ा ने राहुल के व्यवहार को लेकर 16 मार्च को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेटर लिखा था। उन्होंने लिखा- विपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते आप अपने सांसदों से बात करें और संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए उन्हें समझाएं। 92 साल के देवगौड़ा ने दो पेज के लेटर में राहुल के हाल के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार नारेबाजी, पोस्टर दिखाने और धरना-प्रदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को नुकसान पहुंच रहा है। संसद परिसर में सीढ़ियों पर बैठकर चाय-नाश्ते के साथ प्रदर्शन करना संस्थान की गरिमा को कम करता है। शाह बोले- राहुल दुनियाभर में भारत की छवि खराब कर रहे अमित शाह ने 15 मार्च को असम के गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा- राहुल कभी-कभी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं। क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि नाश्ता करने के लिए कौन-सी जगह उचित होती है? शाह ने आगे कहा- संसद हमारे लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। वहां बैठकर विरोध करना भी लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। लेकिन आप तो विरोध से भी दो कदम आगे बढ़ गए हैं। आप वहां चाय और पकौड़े खा रहे हैं। इससे दुनिया भर में भारत की छवि खराब हो रही है। पूरी खबर पढ़ें… ——————————— संसद की यह खबर भी पढ़ें… देवगौड़ा पर खड़गे बोले- मोहब्बत हमसे, शादी मोदीजी से:आठवले से कहा- मोदी का गुणगान कम करें; कांग्रेस अध्यक्ष की बातों पर PM खूब हंसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बुधवार को पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा के बारे में कहा, ‘मुझे पता नहीं कि उन्हें क्या हुआ, मोहब्बत हमारे साथ की, लेकिन शादी मोदीजी के साथ की।’ खड़गे की बात सनकर पीएम मोदी को हंसी आ गई। वे मुस्कुराने लगे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
60% Seats Mandatory; Family Group Sit Together

Hindi News Business Flight Seat Selection Free: 60% Seats Mandatory; Family Group Sit Together नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक अब फ्लाइट में सफर करने के लिए आप अपनी पंसद की सीट फ्री में सिलेक्ट कर सकेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने आज 18 मार्च को एयरलाइंस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू फ्लाइट्स में कम से कम 60% सीटें फ्री सिलेक्शन के लिए रखी जाएं। अभी तक एयरलाइंस कंपनियां वेब चेक-इन के दौरान करीब 3 हजार रुपए तक वसूलती थीं। नए नियमों के बाद यात्रियों को पसंदीदा सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं ले सकेंगी एयरलाइंस अक्सर देखा जाता है कि टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तो उन्हें फ्री सीट के नाम पर केवल 20% ऑप्शन ही मिलते थे। बाकी सीटों के लिए कंपनियां ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर भारी वसूली करती थीं। DGCA के नए आदेश के मुताबिक, अब हर फ्लाइट में 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए, जिन्हें यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुन सकें। एक PNR वाले पैसेंजर और फैमिली को साथ में सीट मिलेगी मंत्रालय ने एयरलाइंस से कहा है कि अगर कोई परिवार या ग्रुप एक साथ टिकट बुक करता है, तो उन्हें अलग-अलग बिठाने के बजाय एक साथ वाली सीटें ही दी जाएं। पुरानी समस्या: पहले परिवारों को साथ बैठने के लिए एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने पड़ते थे या अलग-अलग सीटों पर बैठना पड़ता था। नया नियम: अब एयरलाइंस को कोशिश करनी होगी कि साथ सफर करने वाले लोगों को आसपास की सीटें ही अलॉट की जाएं। पालतू जानवरों और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स के लिए स्पष्ट नियम बनाने होंगे सरकार ने एयरलाइंस से कहा है कि वे अपनी सेवाओं को लेकर ज्यादा ‘पैसेंजर फ्रेंडली’ बनाएं। स्पोर्ट्स और म्यूजिक: खिलाड़ियों के स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और कलाकारों के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स ले जाने के लिए अब पारदर्शी नियम बनाने होंगे। पेट्स: हवाई यात्रा में पालतू जानवरों को साथ ले जाने को लेकर अक्सर यात्रियों और एयरलाइंस के बीच विवाद होता है। अब कंपनियों को इसके लिए स्पष्ट और पब्लिक गाइडलाइंस जारी करनी होगी। शिकायतों के बाद सख्त मंत्रालय, यात्रियों को बताने होंगे अधिकार यह फैसला एयरलाइंस द्वारा सीट सिलेक्शन और अन्य सेवाओं के नाम पर वसूले जा रहे भारी चार्ज की बढ़ती शिकायतों के बाद लिया गया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि: अधिकारों का प्रदर्शन: फ्लाइट देरी, कैंसिलेशन या बोर्डिंग न मिलने पर यात्रियों के क्या अधिकार हैं, इसे वेबसाइट, ऐप और एयरपोर्ट काउंटर पर प्रमुखता से दिखाना होगा। क्षेत्रीय भाषा: यात्रियों को उनके अधिकारों की जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में भी देनी होगी ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बना भारत भारत का घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और अब यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। भारतीय एयरपोर्ट्स पर हर दिन 5 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए एयरपोर्ट्स पर किफायती खाने के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’ और फ्री वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। —————- ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड: फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… जियो ने IPO के लिए 17 ग्लोबल बैंकर्स नियुक्त किए: ₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है कंपनी, ये देश का सबसे बड़ा IPO होगा कॉपी लिंक शेयर सेंसेक्स में 633 अंक चढ़कर 76,704 पर बंद: निफ्टी में भी 197 अंक की तेजी, 23,778 पर आया; IT और रियल्टी शेयर्स में खरीदारी कॉपी लिंक शेयर चांदी तीन दिन में ₹18,138 सस्ती, ₹2.50 लाख पर आई: सोना ₹4,778 गिरकर ₹1.55 लाख पर आया, ईरान जंग का असर 0:57 कॉपी लिंक शेयर अमेरिका में शराब की खपत घटी, कमाई पर बड़ा झटका: सर्वे 31% ऑपरेटर्स ने शराब बिक्री में गिरावट की बात कही कॉपी लिंक शेयर
जियो ने IPO के लिए 17 ग्लोबल बैंकर्स नियुक्त किए:₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है कंपनी, ये देश का सबसे बड़ा IPO होगा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 17 ग्लोबल और घरेलू इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। ईटी नाऊ की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है। गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज संभालेंगे कमान जियो ने इस इश्यू को मैनेज करने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों को ऑनबोर्ड किया हैं। इनके अलावा कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल जैसे घरेलू बैंक भी इस टीम का हिस्सा हैं। ₹16 लाख करोड़ की वैल्यूएशन हो सकती है जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन लगभग 180 बिलियन डॉलर (करीब ₹16 लाख करोड़) के आसपास हो सकती है। सेबी के नए नियमों के मुताबिक, जिन कंपनियों की वैल्यूएशन ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा है, वे सिर्फ 2.5% पब्लिक फ्लोट के साथ लिस्ट हो सकती हैं। इस आधार पर अगर रिलायंस सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी भी बेचता है, तो वह ₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकता है, जो इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बना देगा। सेबी के नए नियमों का फायदा मिलेगा जेफरीज और CLSA जैसे विश्लेषकों का मानना है कि सेबी के संशोधित नियमों से जियो को काफी मदद मिलेगी। पहले कंपनियों को कम से कम 10% हिस्सेदारी बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब बड़े आईपीओ के लिए 2.5% की छूट दी गई है। इससे प्रमोटर्स का कंपनी पर कंट्रोल भी बना रहेगा और मार्केट में शेयरों की सप्लाई कम होने से लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमतों को सपोर्ट भी मिल सकता है। KKR जैसे निवेशक बेच सकते हैं हिस्सा माना जा रहा है कि इस आईपीओ में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे । KKR, TPG, सिल्वर लेक और विस्टा इक्विटी पार्टनर्स जैसे शुरुआती निवेशक अपनी होल्डिंग को आंशिक रूप से कैश कर सकते हैं। इंटेल भी थोड़े शेयर बेच सकता है। इस महीने के अंत तक फाइल हो सकता है ड्राफ्ट ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज इस महीने के अंत तक सेबी के पास DRHP फाइल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें दिसंबर 2025 के अंत तक के फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। लिस्टिंग का सही समय बाजार की स्थिति और रेगुलेटरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
ईशान किशन SRH के शुरुआती मैचों में कप्तानी करेंगे:अभिषेक उपकप्तान होंगे; टीम मैनेजमेंट ने कहा– चोटिल कमिंस के फिट होने तक जिम्मेदारी

सनराइजर्स हैदराबाद ने ईशान किशन को IPL 2026 के शुरुआती मुकाबलों के लिए कप्तान बनाया है। वे टीम के रेग्युलर कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभालेंगे। टीम को 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के घर में IPL सीजन का पहला मैच खेलना है। सनराइजर्स की फ्रेंचाइजी ने बुधवार को सोशल प्लेटफार्म X पोस्ट के लिए फैंस को यह जानकारी दी। फ्रेंचाइजी ने लिखा- ‘पैट कमिंस चोट से उबरने के दौरान कुछ मैच मिस करेंगे। उनके पूरी तरह फिट होने तक ईशान किशन टीम के कप्तान और अभिषेक शर्मा उप-कप्तान होंगे।’ SRH की पोस्ट देखिए… पैट कमिंस चोट के कारण शुरुआती मैच नहीं खेलेंगे हैदराबाद के नियमित कप्तान पैट कमिंस बैक इंजरी से उबर रहे हैं। वे चोट के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। कमिंस को यह चोट 2025-26 एशेज सीरीज से पहले लगी थी। शुरुआत में माना जा रहा था कि वे पूरी सीरीज मिस करेंगे,लेकिन उन्होंने एक टेस्ट खेला और फिर दोबारा टीम से बाहर हो गए। ईशान की कप्तानी में झारखंड सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीता था ईशान किशन ने अपनी कप्तानी में झारखंड को पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब दिलाया है। कप्तानी के साथ-साथ ईशान बल्ले से भी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 197.33 की स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा 517 रन बनाए थे। इसी अनुभव के दम पर वे कप्तानी की रेस में अभिषेक शर्मा से आगे हैं। हालांकि, पिछले IPL सीजन में ईशान का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा था। उन्होंने टीम के लिए पहले मैच में शतक लगाया था और सीजन के आखिर में नाबाद 94 रन की पारी भी खेली थी,लेकिन बीच में वे लगातार रन नहीं बना पाए थे। वर्ल्ड कप और न्यूजीलैंड सीरीज में मचाया धमाल पिछले IPL सीजन में ईशान थोड़े इनकंसिस्टेंट थे, लेकिन पिछले एक महीने में उन्होंने अपनी फॉर्म से सभी आलोचकों को जवाब दिया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार खेल के बाद उनकी टीम इंडिया के टी-20 स्क्वॉड में वापसी हुई। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में कुल 532 रन बनाए। वर्ल्ड कप जीतने में भी ईशान ने अहम भूमिका निभाई,जहां उनका स्ट्राइक रेट 207 का रहा। गेंदबाजी यूनिट को संभालना होगी बड़ी चुनौती पैट कमिंस के बिना हैदराबाद की बॉलिंग यूनिट थोड़ी कमजोर नजर आ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईशान के लिए सबसे बड़ी चुनौती गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करना होगी। हालांकि टीम के पास कुछ अच्छे विकल्प हैं, लेकिन कमिंस जैसा लीडर मैदान पर न होना टीम के लिए एक कमी साबित हो सकता है। ————————————— SRH से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गावस्कर बोले- पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़; सनराइजर्स ने ब्रिटिश लीग में अबरार को खरीदा इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स के पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गावस्कर ने कहा कि भारतीय मालिकों का पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़ जैसा है। ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। इन पैसों से भारत के खिलाफ लड़ने के लिए हथियार खरीदे जाते हैं। पढ़ें पूरी खबर
विवादित गाने पर नोरा फतेही की सफाई:कहा- गलत ट्रांसलेशन बताकर शूट करवाया, बिना अप्रूवल हिंदी में बनाया, AI फोटोज यूज कीं, हिंदी गाना देखकर शॉक थी

नोरा फतेही पैन इंडिया फिल्म केडीःद डेविल के गाने सरके चुनर तेरी सरके की रिलीज से विवादों में हैं। अश्लील गाने पर विवाद बढ़ने के बाद अब एक्ट्रेस ने बयान जारी कर साफ कहा है कि उनसे कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना अप्रूवल या परमिशन गाने को हिंदी में बना लिया। एक्ट्रेस ने मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेकर्स ने लिरिकल गाने को बिना इजाजत लिए उनकी AI इमेज के साथ रिलीज किया। एक्ट्रेस ने ये भी माना कि गाना वाकई अनुचित है, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें सॉन्ग लॉन्च इवेंट में पहुंचकर मिलीं। हिंदी गाना देखकर एक्ट्रेस खुद शॉक में थीं। विवाद पर नोरा फतेही ऑफिशियल सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट कर कहा- ‘मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं।’ ‘मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम करने से मना करता। वो एक रीमेक था, नायक नहीं खलनायक हूं में, जैसा कि मैंने सोचा। वो भी एक आइकॉनिक गाना था।’ वीडियो में नोरा ने आगे कहा, ‘जब मैं ये गाना शूट कर रही थी तो मैं ट्रांसलेशन के लिए पूरी तरह मेकर्स पर डिपेंडेंट थी। जब उन्होंने गाना ट्रांसलेट किया, तो कुछ भी वल्गर और इनअप्रोप्रिएट नहीं था। मैं कन्नड़ नहीं समझती, तो वो जो भी कह रहे थे, मैं वही मान रही थी। जो उन्होंने अब किया कि उस गाने का हिंदी में बनाया, उसकी डबिंग करवाई, जिसकी लिरिक्स वाकई बहुत इनअप्रोप्रिएट है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझसे कोई परमिशन नहीं ली, न ही मुझे बताया। जब मुझे लॉन्च इवेंट में बुलाया, तब मैंने वो कन्नड़ गाना देखा, जो लिरिकल था, उसमें मेरे फोटोज लगाए गए।’ नोरा फतेही ने मेकर्स पर लगाए कई आरोप नोरा फतेही ने स्टेटमेंट में मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है, ‘उन्होंने (मेकर्स ने) मेरे अप्रूवल के बिना वो लिरिकल वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने मेरी और संजय दत्त की फोटो बनाई, जो AI जनरेटेड है। मैं पहले ही AI के खिलाफ हूं। मैं इवेंट में ही बहुत इरिटेट हो गई थी।’ ‘मैं इस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। वहां लोगों की मौजूदगी थी। मीडिया की मौजूदगी थी। वहां वो लोग थे, जिन्होंने मुझे मौका दिया था। अंदर से मैं बहुत फंसी हुई थी, जो मैंने देखा उसके बाद। जब मैंने वहां हिंदी गाना देखा, तो मैं समझ गई कि मैं इसमें नहीं हूं। मैं समझ गई कि इससे दिक्कत होने वाली है। क्योंकि कम से कम मैं हिंदी समझती हूं। मैंने डायरेक्टर से कहा कि ये ठीक नहीं है। मैंने कहा कि इससे काफी आलोचना होने वाली है। मैंने कहा कि मैं इसे प्रमोट नहीं करती। मैंने कहा कि मेरी इमेज और रेपुटेशन दाव पर है।’ नोरा बोलीं- मैं नेपोकिड्स नहीं, हमारे पीछे पावर नहीं है वीडियो में नोरा ने कहा, ‘हम आर्टिस्ट। खासकर मेरी तरह के आर्टिस्ट जिनके पास कोई बैकअप नहीं है, हम नेपोकिड्स नहीं हैं, हमारे पीछे किसी तरह का पावर नहीं है। हम सिर्फ इंडिविजुअल्स हैं और हमारे साथ सिर्फ ऑडियंस है। हमारे पास बहुत कम पावर है। हमारे पास बहुत कम कंट्रोल है। खुशकिस्मती से मैं लकी हूं कि बॉलीवुड में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है, जो मेरी ओपनियन की इज्जत करते हैं। जो मेरे क्रिएटिव कॉल की इज्जत करते हैं। जो मेरी सुनते हैं। हालांकि कुछ इंडस्ट्री में हमारी नहीं सुनी जाती। उन्हें मेरी ओपनियन से फर्क नहीं पड़ता। इस बैकलैश के बाद उन्हें वो गाना हटाना पड़ा। मैं इस चीज की शुक्रगुजार हूं।’ वीडियो में नोरा ने मीडिया के लिए कहा है कि जब इस तरह की घटना होती है तो मीडिया को बढ़-चढ़कर उन फिल्ममेकर्स के नाम और तस्वीरें पब्लिश करना चाहिए, जिससे वो उसकी जिम्मेदारी ले सकें और उन्हें डर हो। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदोरिया ने सरके चुनरिया गाने की अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं स्पष्ट तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ बता दें कि ये हिंदी गाना पहले ही बैन कर दिया है। इस गाने को यूट्यूब से भी हटा दिया है। हालांकि विवाद जारी है। मंगलवार को नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने शिकायत मिलने के बाद सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी तरफ लिरिसिस्ट रकीब आलम ने मामले पर सफाई देते हुए दावा किया है कि ये विवादित गाना उन्होंने नहीं बल्कि फिल्म के डायरेक्टर ने लिखा है।
थॉमस और उबर कप में भारत को कठिन ड्रॉ मिला:मेंस और विमेंस टीमें पहला मैच चीन से खेलेंगी; 24 अप्रैल से 3 मई तक टूर्नामेंट होगा

थॉमस और उबर कप 2026 में भारत को कठिन ड्रॉ मिला है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने बुधवार को टूर्नामेंट के लिए ड्रॉ जारी किया। इसके अनुसार भारत को पहले ही मैच में डिफेंडिंग चैंपियन चीन की कठिन चुनौती का सामना करना है। भारतीय पुरुष टीम को ग्रुप A में चीन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के साथ रखा गया है। वहीं, भारतीय महिला टीम भी ग्रुप A में चीन के साथ है, जहां मेजबान डेनमार्क और यूक्रेन भी शामिल हैं। थॉमस कप का 34वां और उबर कप का 31वां संस्करण 24 अप्रैल से 3 मई तक डेनमार्क के हॉर्सेंस में खेला जाएगा। थॉमस कप मेंस और उबर कप विमेंस टीमों के बीच अयोजित होता है। चीन की टीम मजबूत, भारत को लक्ष्य से उम्मीदें चीन की पुरुष टीम इस बार भी मजबूत मानी जा रही है, जिसमें वर्ल्ड नंबर-2 शी यू क्वी और नंबर-7 ली शी फेंग जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, भारत को लक्ष्य सेन के हालिया शानदार प्रदर्शन से उम्मीदें होंगी। टूर्नामेंट में 16 टीमें भाग लेंगी, जिन्हें चार-चार टीमों के चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल हार गई थीं भारतीय टीमें भारत की दोनों टीमें पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल राउंड से बाहर हो गई थीं। मेंस टीम को टॉप-8 मैच में चीन से हार गया था। वहीं, महिला टीम को क्वार्टर फाइनल में जापान ने हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था। भारत ने 2022 में जीता था थॉमस कप भारत ने 2022 में पहली बार थॉमस कप का खिताब जीता था। उसने बैंकॉक में फाइनल में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया था। 1949 से हो रही है चैंपियनशिप थॉमस कप चैंपियनशिप 1949 से खेली जा रही है। वहीं, उबर कप का आयोजन 1956 से हो रहा है। 1984 से दोनों टूर्नामेंट एक साथ आयोजित कराए जा रहे हैं। ———————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया है। दरअसल, मैच के आखिरी समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था,जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया है। पढ़ें पूरी खबर
थॉमस और उबर कप में भारत को कठिन ड्रॉ मिला:मेंस और विमेंस टीमें पहला मैच चीन से खेलेंगी; 24 अप्रैल से 3 मई तक टूर्नामेंट होगा

थॉमस और उबर कप 2026 में भारत को कठिन ड्रॉ मिला है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने बुधवार को टूर्नामेंट के लिए ड्रॉ जारी किया। इसके अनुसार भारत को पहले ही मैच में डिफेंडिंग चैंपियन चीन की कठिन चुनौती का सामना करना है। भारतीय पुरुष टीम को ग्रुप A में चीन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के साथ रखा गया है। वहीं, भारतीय महिला टीम भी ग्रुप A में चीन के साथ है, जहां मेजबान डेनमार्क और यूक्रेन भी शामिल हैं। थॉमस कप का 34वां और उबर कप का 31वां संस्करण 24 अप्रैल से 3 मई तक डेनमार्क के हॉर्सेंस में खेला जाएगा। थॉमस कप मेंस और उबर कप विमेंस टीमों के बीच अयोजित होता है। चीन की टीम मजबूत, भारत को लक्ष्य से उम्मीदें चीन की पुरुष टीम इस बार भी मजबूत मानी जा रही है, जिसमें वर्ल्ड नंबर-2 शी यू क्वी और नंबर-7 ली शी फेंग जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, भारत को लक्ष्य सेन के हालिया शानदार प्रदर्शन से उम्मीदें होंगी। टूर्नामेंट में 16 टीमें भाग लेंगी, जिन्हें चार-चार टीमों के चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल हार गई थीं भारतीय टीमें भारत की दोनों टीमें पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल राउंड से बाहर हो गई थीं। मेंस टीम को टॉप-8 मैच में चीन से हार गया था। वहीं, महिला टीम को क्वार्टर फाइनल में जापान ने हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था। भारत ने 2022 में जीता था थॉमस कप भारत ने 2022 में पहली बार थॉमस कप का खिताब जीता था। उसने बैंकॉक में फाइनल में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया था। 1949 से हो रही है चैंपियनशिप थॉमस कप चैंपियनशिप 1949 से खेली जा रही है। वहीं, उबर कप का आयोजन 1956 से हो रहा है। 1984 से दोनों टूर्नामेंट एक साथ आयोजित कराए जा रहे हैं। ———————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया है। दरअसल, मैच के आखिरी समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था,जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया है। पढ़ें पूरी खबर
निवाड़ी के वार्ड 7 में दूषित पानी की आपूर्ति:पाइपलाइन लीकेज से घरों में पहुंच रहा गंदा पानी; लोग बोले- इससे इंदौर जैसी त्रासदी का खतरा

निवाड़ी के घटिया क्षेत्र में नगर परिषद की लापरवाही के कारण स्थानीय निवासी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। पेयजल पाइपलाइन में लीकेज और अधूरी पड़ी नाली के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इंदौर में हुई दूषित पानी की त्रासदी जैसी घटना की पुनरावृत्ति होने का डर जताया है। पाइपलाइन लीकेज और अधूरी नाली बनी मुसीबत वार्ड नंबर 7 में जल आपूर्ति की पाइपलाइन कई जगह से क्षतिग्रस्त है। इसके साथ ही क्षेत्र में नाली का निर्माण कार्य भी लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इन दोनों समस्याओं के चलते नाली का गंदा पानी लीकेज के माध्यम से सीधे पीने के पानी की लाइन में मिल रहा है। नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी का आरोप इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश भर में जल आपूर्ति व्यवस्था की जांच के सख्त निर्देश दिए थे। निवाड़ी में सामने आई यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने अब निवाड़ी कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पाइपलाइन की मरम्मत और नाली निर्माण पूर्ण कराने की मांग की है। सीएमओ बोले- जल्द शुरू होगा कार्य इस समस्या के संबंध में नगर परिषद सीएमओ अरविंद तिवारी ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा मजदूरों की व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही अधूरी नाली का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने पाइपलाइन के लीकेज को भी शीघ्र दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया है।









