फल खाने का भी होता है बेस्ट टाइम ! आयुर्वेद में बताया गया है यह नियम, अच्छी सेहत के लिए जानना जरूरी

Last Updated:March 18, 2026, 14:40 IST Ayurveda Rules for Fruits: अधिकतर फलों को कभी भी सुबह खाली पेट या सूर्यास्त के बाद नहीं खाना चाहिए. नाश्ते के बाद या दोपहर के वक्त इनका सेवन सबसे उपयुक्त माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार फल और दूध का कॉम्बिनेशन शरीर में टॉक्सिन पैदा कर सकता है, जिससे पाचन और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इन कॉम्बिनेशंस से बचना चाहिए. आयुर्वेद में कहा गया है कि फल सूर्यास्त के बाद नहीं खाने चाहिए. Best Way To Eat Fruits: फलों का सेवन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, क्योंकि इनमें अनगिनत पोषक तत्व होते हैं. फल शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और बीमारियों से बचाते हैं. आयुर्वेद में कुछ फलों को औषधि समान माना गया है. अक्सर हम फलों को सेहतमंद मानकर किसी भी समय और किसी भी तरीके से खा लेते हैं. हालांकि आयुर्वेद का मानना है कि गलत समय या गलत कॉम्बिनेशन के साथ खाए गए फल शरीर में विषाक्त पदार्थ पैदा कर सकते हैं. आयुर्वेद मनुष्य की शारीरिक प्रवृत्ति के आधार पर आहार के चयन पर जोर देता है. अगर फलों का सेवन सही नियमों के साथ किया जाए, तो ये न केवल पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं, बल्कि ओज और जीवनी शक्ति में भी वृद्धि करते हैं. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो हमेशा ताजा और मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए. पूरी तरह पके हुए फल ही खाने चाहिए. उदाहरण के लिए पका हुआ आम दोपहर या शाम के समय खाने पर शरीर को ऊर्जा देता है, जबकि कच्चा आम शरीर में पित्त दोष को बढ़ा सकता है. कच्चे आम का सेवन सीधे करने के बजाय उसे चटनी या सब्जी के रूप में लेना आयुर्वेद में बेहतर माना गया है. इसी तरह फलों को हमेशा उनकी प्राकृतिक अवस्था में ही खाना चाहिए, क्योंकि अधूरा पका फल पाचन में भारी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. लोगों को अपने शरीर की प्रकृति के हिसाब से फल खाने चाहिए. केला साल भर उपलब्ध रहता है, लेकिन शरीर में कफ दोष को बढ़ाने वाला माना जाता है. इसलिए जिन लोगों के शरीर की प्रवृत्ति कफ प्रधान है या जिन्हें खांसी-जुकाम की समस्या रहती है, उन्हें केले का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. इसके अलावा वात दोष वाले व्यक्तियों के लिए खजूर और अंगूर जैसे मीठे व खट्टे फल अत्यंत लाभदायक होते हैं. आयुर्वेद यह भी सलाह देता है कि एक समय में एक ही प्रकार का फल खाना बेहतर होता है, ताकि पाचन अग्नि उन्हें आसानी से पचा सके. समय की बात करें तो फलों को कभी भी सुबह एकदम खाली पेट नहीं खाना चाहिए. बेहतर होगा कि आप नाश्ता करने के कुछ समय बाद या दोपहर के भोजन के बीच में फल लें. सूरज ढलने के बाद फलों का सेवन वर्जित माना गया है, क्योंकि शाम के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और फल ठीक से पच नहीं पाते. इसके अलावा फलों के साथ दूध का मेल जैसे मैंगो शेक या बनाना शेक विरुद्ध आहार की श्रेणी में आता है. दूध और फलों का संयोग पाचन को बिगाड़कर त्वचा रोगों और एलर्जी का कारण बन सकता है. फलों के रस की तुलना में उन्हें चबाकर खाना कहीं अधिक गुणकारी है. फलों का रस निकालने की प्रक्रिया में उनका महत्वपूर्ण फाइबर छिलके के रूप में बाहर निकल जाता है, जिससे केवल मीठा रस बचता है. यह फिल्टर रस शरीर में शुगर की मात्रा को तेजी से बढ़ाता है और पूर्ण पोषण नहीं दे पाता. चबाकर खाने से लार के एंजाइम फलों के साथ मिलकर बेहतर पाचन सुनिश्चित करते हैं. आयुर्वेद के इन सरल नियमों को अपनाकर आप फलों से अधिकतम पोषण प्राप्त कर सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 18, 2026, 14:40 IST
पंजाबी सिंगर दिलजीत ने शो से दिया 114 करोड़ टैक्स:दिल लुमिनाती टूर ने कमाए 943 करोड़, 3.2 लाख लोग पहुंचे, सिंगर ने किया थैंक्स

पंजाबी सुपरस्टार, सिंगर दिलजीत दोसांझ के दिल लुमिनाटी इंडिया टूर 2024 ने पंजाबी म्यूजिक के इतिहास में कमाई का रिकॉर्ड तोड़ा है। दिल-लुमिनाती टूर ने 943 करोड़ रुपए कमाए। इसका खुलासा मार्च 2026 में आई सोशियो इकोनॉमिक इम्पैक्ट रिपोर्ट में किया गया है। इस टूर से 114 करोड़ रुपए टैक्स मिला, जबकि 1.2 लाख लोगों को रोजगार मिला है। दिलजीत दोसांझ के दिल लुमिनाटी इंडिया टूर 2024 ने देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाई दी। अर्न्स्ट एंड यंग (EY) की ताजा सोशियो इकोनॉमिक रिपोर्ट के मुताबिक, 13 शहरों में 14 शो वाले इस टूर ने कुल 943 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया। इससे 114 करोड़ टैक्स के रूप में आए। यह आंकड़ा भारतीय कलाकार के लाइव टूर का नया बेंचमार्क है। रिपोर्ट में बताया गया है कि, टूर के दौरान 3.2 लाख से ज्यादा दर्शकों ने शो देखे। दिल्ली का शो तो रिकॉर्ड 55 हजार दर्शकों के साथ देश का सबसे बड़ा शो बना। EY रिपोर्ट के अनुसार, टिकट बिक्री और स्पॉन्सरशिप से 276 करोड़ का डायरेक्ट रेवेन्यू मिला, जबकि होटल, ट्रैवल, खान-पान, शॉपिंग और लोकल सर्विसेज में फैंस के खर्च से 553 करोड़ रुपए आए। टैक्स में 111 करोड़ GST और बाकी लोकल परमिशन फीस शामिल हैं। सवा लाख दिहाड़ी के बराबर रोजगार दिया सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस टूर ने 1.18 लाख मैन डे रोजगार दिया है। लॉजिस्टिक्स, सिक्योरिटी, स्टेज प्रोडक्शन, टेक्निशियन और लोकल वेंडर्स समेत हजारों लोगों को सीधा रोजगार मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि, टियर-2 और टियर-3 शहरों से 49% दर्शक आए, जबकि 38% फैंस दूसरे शहरों से ट्रैवल करके शो में शामिल हुए और कई ने अपनी ट्रिप 2-5 दिन बढ़ा दी जिससे टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला। दिलजीत बोले- हमने मिलकर कुछ एतिहासिक किया है दिलजीत ने टूर के सफल समापन पर फैंस और टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमने मिलकर कुछ ऐतिहासिक बनाया है। पंजाबी रूट्स को ग्लोबल अपील के साथ जोड़ने वाले दिलजीत ने साबित कर दिया कि घरेलू कलाकार अब बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक और आर्थिक गति पैदा कर सकते हैं। इस टूर ने भारतीय लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नई दिशा दी है। EY की रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े लाइव इवेंट्स अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को पावर देते हैं। यह सफलता सिर्फ दिलजीत की नहीं, बल्कि पूरे भारत की लाइव म्यूजिक इंडस्ट्री की जीत है। आने वाले समय में और बड़े टूर की उम्मीद जाग रही है।
डायरेक्टर आदित्य धर बोले-धुरंधर 2 के स्पॉयलर शेयर न करें:कहा- फैंस फिल्म के सरप्राइज और सस्पेंस को खराब न होने दें

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की रिलीज से कुछ घंटे पहले डायरेक्टर आदित्य धर ने फैंस से एक खास गुजारिश की है। फिल्ममेकर ने सोशल मीडिया पर एक लंबी और इमोशनल पोस्ट लिखकर लोगों से फिल्म के सस्पेंस को लीक न करने की अपील की है। 19 मार्च को रिलीज होने वाली इस फिल्म के प्रीव्यू शोज आज यानी 18 मार्च से शुरू हो चुके हैं, जिसे लेकर मेकर्स काफी सतर्क हैं। आदित्य धर ने इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि वे चाहते हैं कि दर्शक फिल्म के हर ट्विस्ट और इमोशन को उसी तरह महसूस करें, जैसा कि उन्हें महसूस करने के लिए बनाया गया है। फिल्म के सीक्रेट्स बचाने की गुजारिश आदित्य ने लिखा, “मैं आपसे एक दिली गुजारिश करता हूं… कृपया स्पॉयलर शेयर न करें! हर फैन को थिएटर में बिना किसी जानकारी के जाने दें, ताकि वे फिल्म देखते समय खुद को सरप्राइज महसूस कर सकें।” निर्देशक ने अपनी पोस्ट में इनडायरेक्टली पायरेसी का मुद्दा भी उठाया। पायरेसी के खिलाफ भी बोले आदित्य उन्होंने कहा कि फिल्म को फोन पर धुंधली इमेज में नहीं, बल्कि थिएटर के अंधेरे में परिवार और दोस्तों के साथ देखना चाहिए। उन्होंने लिखा, “हमने धुरंधर: द रिवेंज में अपना दिल लगा दिया है। फिल्मों का अनुभव थिएटर में ही लिया जाना चाहिए, जहां आप अजनबियों के साथ भी एक ही तरह की भावनाएं महसूस करते हैं।” कल रिलीज होगी फिल्म कल यानी 19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली इस फिल्म में लंबी स्टारकास्ट है। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, आर माधवन, राकेश बेदी, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। माना जा रहा है कि यह जासूसी थ्रिलर फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। आदित्य ने अपने नोट का अंत ‘भारत माता की जय’ के साथ किया। धुरंधर 2 की शुरुआत सुनामी की तरह कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों के प्रोड्यूसर अभिषेक अग्रवाल ने कहा की धुरंधर 2 की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर किसी सुनामी से कम नहीं है। डायरेक्टर आदित्य धर ने बिना ज्यादा शोर किए अपने काम से कमाल दिखाया है और उन्होंने प्रोड्यूसर की सोच और जोखिम दोनों को अच्छी तरह समझते हुए बेहतरीन फिल्म बनाई है। इतनी बड़ी फिल्म बनाने के बाद सिर्फ “ऑल द बेस्ट” कहना छोटा लगता है, क्योंकि आदित्य खुद ही अपना मुकाबला हैं। जियो स्टूडियोज और ज्योति देशपांडे को भी इस साहसी प्रोजेक्ट के लिए खास श्रेय जाता है। फिल्म की स्टार कास्ट—रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, सारा अर्जुन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और आर. माधवन—सब शानदार प्रदर्शन देंगे, ऐसा भरोसा है।
पनीर लौकी चीला: नवरात्रि में असली पनीर-लौकी का टेस्टी और क्लासी चीला, व्रत के लिए है परफेक्ट रेसिपी

नवरात्रि स्पेशल फूड रेसिपी:नवरात्रि के दौरान अक्सर लोग देखते हैं कि व्रत में ऐसा क्या बनाया जाता है जो क्लासी भी हो और स्वादिष्ट भी। अगर आप भी कुछ नया नया डिज़ाइन बनाना चाहते हैं, तो चीज़-लौकी का चीला एक बेहतरीन पद है। यह प्रभाव, मैकेनिकल और अर्ली बनने वाला व्यंजन है, जो व्रत के लिए बिल्कुल प्रभावित करता है। तो जानें इसे बनाने की आसान रेसिपी- पनीर और लोकी चीला बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पनीर और लौकी चीला बनाने की आसान विधि गरमा-गरम पनीर-लौकी चीला आप व्रत वाली हरी चटनी या दही के साथ खा सकते हैं. यह व्यावसायिक या व्यावसायिक उपकरण के लिए प्रभाव डालता है। अगर आप नवरात्रि में कुछ मसाले, टेस्टी और झटपट बनने वाला खाना ढूंढ रहे हैं, तो आपके लिए पनीर-लौकी चीला बिल्कुल सही है। यह पेट के साथ-साथ शरीर को आवश्यक पोषण भी देता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)चिला रेसिपी(टी)पनीर चिल्ला रेसिपी(टी)लौकी चीला(टी)लौकी चिल्ला(टी)पनीर लौकी चिल्ला(टी)लौकी का चीला(टी)पनीर का चीला(टी)पनीर-लौकी चीला रेसिपी
बस किराया बढ़ा तो बुजुर्ग को पार्सल करने की कोशिश:बेंगलुरु में कूरियर खुला तो जिंदा निकला, पकड़ने जाने पर कहा- विरोध जता रहे थे

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक परिवार ने बुजुर्ग को बोरे में बांधकर कूरियर से पार्सल करने की कोशिश की। परिवार ने यह कदम बस किराया बढ़ने के विरोध में उठाया। घटना मंगलवार शाम की है, जिसका वीडियो बुधवार को सामने आया। कूरियर सेंटर के कर्मचारियों को बोरे में हलचल दिखी तो उन्होंने उसे खोलकर देखा। अंदर से एक बुजुर्ग व्यक्ति निकला। इसके बाद कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक परिवार एक निजी कूरियर सेंटर पहुंचा और कहा कि वे बुजुर्ग को पार्सल करना चाहते हैं। बोरी में बंद होने के कारण बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। दो तस्वीरों में देखिए कैसे पकड़ा गया पारर्सल… माफी के बाद चेतावनी देकर छोड़ा पुलिस की पूछताछ में बुजुर्ग की बेटी ने बताया कि यह पूरा मामला सोशल मीडिया रील बनाने के लिए किया गया था। परिवार ने बुजुर्ग को एक बोरी में डालकर यह स्टंट किया। परिवार ने पुलिस और लोगों से माफी मांगी। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह का स्टंट किसी की जान को खतरे में डाल सकता है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया। परिवार से वीडियो के जरिए माफी मंगवाकर सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया। ———– रील बनाने के दौरान हुई घटना की ये खबर भी पढ़ें… रील बना रहे युवक ने खुद पर गोली चलाई, मौत:VIDEO शूट कर रहा दोस्त अरे नहीं–अरे नहीं चिल्लाया, पुलिस बोली– पिस्तौल दोस्त की थी दिल्ली के न्यू अशोका गार्डन में मंगलवार को रील बनाते वक्त एक युवक की मौत हो गई। वह अपने दोस्त की पिस्तौल लेकर रील बना रहा था। दोस्त ही इसे शूट कर रहा था। पुलिस का कहना है पिस्तौल का लाइसेंस वीडियो शूट करने वाले दोस्त के नाम पर है। मामले की जांच की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…
मूंग दाल खिचड़ी रेसिपी: सब्जियों में छिपा है पेट की हर समस्या का रामबाण इलाज, जानें इसे स्वादिष्ट बनाने की आसान रेसिपी

पेट की समस्याओं के लिए खिचड़ी: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट के खतरे जैसे अपच, गैस, एसिडिटी और पेट दर्द आम हो गए हैं। ऐसा ही एक आम लेकिन बेहद असरदार घरेलू भोजन है ‘मूंग दाल के टुकड़े’, यह प्रभाव और सुपाच्य आहार पेट को आराम देता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। विभिन्न चावल और मूंग दाल के मिश्रण से बने उत्पाद, जो प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और स्थिर का स्रोत प्रदान करता है। मूंग दाल से पचने में आसानी होती है, जिससे गैस या ब्लोटिंग की समस्या कम होती है। जीरा, अदरक, हल्दी और हींग जैसे मसाले के पाउडर को पेट पर लोड नहीं डाला जाता। यह बीमारी के बाद बैक्टीरिया, दस्त या एसिडिटी में भी बहुत जादुई साबित होता है। पाचन क्रिया को सुधारा जाता है और चॉकलेट को शांत किया जाता है। सबसे अधिक होने से कब्जियत से राहत मिलती है। ऑयली तासीर के कारण एसिडिटी और गैस में आराम मिलता है। प्रोटीन और पोषक तत्वों से शरीर को ऊर्जा मिलती है बिना भारीपन के। बच्चे, बूढ़े और पाचन वाले लोगों के लिए आदर्श। निर्माण के लिए क्या-क्या करना चाहिए? 2 कप चावल 1/4 कप छिलका उतारी हुई मूंग दाल 1 छोटा चम्मच घी 1/2 जीरा 1/2 इंच कद्दूकस 1 हल्दी पाउडर 1/4 मोल हींग 1/2 मकबरे 4-5 कचौरी नमक का स्वाद चावल और दाल को अच्छे से धोकर 10-15 मिनिट. घी में जीरा चटकाएं, फिर अदरक, हल्दी, हींग, अजेय स्थिर चुंबक। वैकल्पिकय वस्तुएं और कढ़ी-बुनाई। 4-5 कप पानी और नमक के टुकड़े। 10-15 मिनट में स्मारक होने तक, समुद्र तट पर पानी की जांच करें। तैयार टुकड़े-टुकड़े में महल मशीनरी गर्म गर्म इकाइयाँ। यह दही, पापड़ या वैधानिक आचार्य के साथ है। नियमित सेवन से पेट संबंधी विकार काफी हद तक कम हो सकते हैं। यह पारंपरिक भारतीय भोजन न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि रामबाण के लिए स्वास्थ्यवर्धक भी साबित होता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पेट की समस्याओं के लिए खिचड़ी(टी)मूंग दाल की खिचड़ी के फायदे(टी)आसान पाचन नुस्खा(टी)एसिडिटी गैस के लिए खिचड़ी(टी)स्वस्थ खिचड़ी भारतीय
आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे पर ट्रक-कार भिड़े, दो की मौत:आगरा से भोपाल जा रहे थे, एक घंटे कार की बॉडी में फंसे रहे घायल

ग्वालियर के घाटीगांव में आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे पर एक इको कार में सामने से तेज रफ्तार में रहे आयशर ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर से कार पूरी पिचक गई और कार में सवार युवक उसमें फंस गए। घटना मंगलवार शाम की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कार की बॉडी में घायल फंसे हुए थे। पुलिस ने तत्काल क्रेन व कटर की मदद से तीनों घायलों को बाहर निकाला और हॉस्पिटल पहुंचाया है। घटना में एक घायल ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल की देर रात मौत हुई है। पुलिस ने शवों को निगरानी में लेकर पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक व घायल आगरा के व्यापारी हैं और यह व्यापारिक काम से आगरा से भोपाल जा रहे थे। उत्तर प्रदेश के आगरा एटमादौल स्थित टेडी बगिया इस्लाम नगर निवासी 22 वर्षीय सोहेल पुत्र फिरोज खान कांच की मूर्तियों का व्यापार करते हैं। उसके साथ में 23 वर्षीय सलमान खान, 32 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ भी व्यापार करते हैं। मंगलवार को सोहेल अपने बड़े भाई की ईको कार नंबर UP80 GA-1120 में कांच की मूर्तियों की पेटियों को लेकर आगरा से भोपाल के लिए निकले थे। आगरा से निकलते समय कार को यूसुफ चला रहा था, लेकिन ग्वालियर आने के बाद सलमान ने कार की स्टेयरिंग संभाल ली और यूसुफ पास में बैठ गया, जबकि सोहेल पीछे की सीट पर बैठा था। ग्वालियर क्रॉस कर आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे पर यह सभी लोग अभी घाटीगांव-मोहना के बीच सिरसा गांव की तरफ पहुंचे ही थे कि इसी समय सामने से आ रहे आयशर ट्रक नंबर UP25 JT-5251 के चालक ने तेजी व लापरवाही से चलाते हुए कार में टक्कर मार दी। कार में ट्रक की सीधी टक्कर लगने के बाद कार आगे से पूरी तरह पिचक गई। फ्रंट की सीट पर बैठे सलमान व यूसुफ कार की बॉडी में फंस गए, जबकि पीछे की सीट पर बैठे सोहेल भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही घाटीगांव थाना पुलिस स्पॉट पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया है। कार की बॉडी में फंसे से सलमान-युसूफ जब पुलिस ने रेस्क्यू शुरू किया तो ड्राइविंग सीट पर सलमान खान व फ्रंट की सीट पर यूसुफ फंसा हुआ था। पुलिस को कटर व क्रेन की मदद से उनको कार की बॉडी से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाने में एक घंटा लग गया। अस्पताल पहुंचाने के बाद सलमान ने तत्काल दम तोड़ दिया था, जबकि मोहम्मद युसूफ ने देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ा है। सोहेल की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे परिजन आगरा ले गए हैं और वहां के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। सिर में कांच ही कांच मिला मृतकों की कार में कांच की मूर्तियां भरी हुई थीं। आगे ट्रक ने टक्कर मारी और पीछे से कांच की मूर्तियां टूटकर घायल व मृतकों के सिर में घुस गई हैं। घायल सोहेले के सिर से डॉक्टर अभी तक कांच के 50 टुकड़े निकाल चुके हैं। जबकि सलमान व यूयुफ के शरीर में 30 से ज्यादा स्थानों पर कांच घुसे पाए गए हैं। ट्रक पकड़ा, चालक फरार इस मामले में घाटीगांव थाना पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद भागने से पहले ही ट्रक को पकड़ लिया गया था, लेकिन ट्रक चालक फरार हो गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है और शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है।
पाकिस्तान को सस्ता तेल देने को रूस तैयार:बोला- वे खुद बात करें; PAK के पास सिर्फ 11 दिन का ऑयल रिजर्व

पाकिस्तान में रूसी राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने बुधवार को कहा कि उनका देश पाकिस्तान को सस्ता तेल देने के लिए तैयार है। हालांकि अभी तक पाकिस्तान की तरफ से कोई आधिकारिक मांग नहीं आई है। उनका कहना है कि अगर पाकिस्तान खुद आगे बढ़कर बात करता है, तो रूस उसे कम कीमत पर ऑयल सप्लाई कर सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक रूसी क्रूड ऑयल की कीमत करीब 70 से 76 डॉलर प्रति बैरल है। जबकि इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमत 95 से 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक पाकिस्तान के पेट्रोलियम सचिव ने देश की संसदीय समिति को बताया कि देश के पास फिलहाल सिर्फ 11 दिन का कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) बचा है। इसके अलावा 21 दिन का डीजल, 27 दिन का पेट्रोल, 9 दिन का LPG और करीब 14 दिन के लिए जेट फ्यूल मौजूद है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग की वजह से सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान होर्मुज से तेल लाने के लिए ईरान से बात कर रहा सरकार ईरान से बात कर रही है ताकि होर्मुज स्ट्रेट से तेल लाने की इजाजत मिल सके। अगर मंजूरी मिलती है, तो पाकिस्तान के चार जहाज इस रास्ते से तेल ला सकते हैं। साथ ही अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 14 अप्रैल के बाद देश में गैस की भारी कमी हो सकती है, क्योंकि LNG की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। पाकिस्तान का करीब 70% तेल मिडिल ईस्ट से आता है, लेकिन जंग के कारण शिपिंग रूट और सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। तेल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। डीजल की कीमत 88 डॉलर से बढ़कर 187 डॉलर और पेट्रोल 74 डॉलर से बढ़कर 130 डॉलर तक पहुंच गया है। पहले जहां तेल 4-5 दिन में पहुंच जाता था, अब रेड सी के रास्ते आने में करीब 12 दिन लग रहे हैं। पाकिस्तान में कतर से आने वाली गैस सप्लाई बंद अधिकारियों ने यह भी बताया कि कतर से आने वाली गैस सप्लाई लगभग बंद हो गई है। मार्च में आने वाले 8 LNG कार्गो में से सिर्फ 2 ही पहुंचे, जबकि अप्रैल में भी आधे से ज्यादा कार्गो नहीं पहुंच सकते। ऐसे में गैस की सप्लाई घट सकती है और सरकार घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस बचाने पर विचार कर रही है। हालात को संभालने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने 23 अरब पाकिस्तानी रुपए की सब्सिडी देने का फैसला किया है, जो मोटरसाइकिल और रिक्शा चलाने वाले करीब 3 करोड़ लोगों को दी जाएगी। यह पैसा सरकार की बचत से दिया जाएगा, जो खर्च कम करने की पॉलिसी से आया है। सरकार रोजाना तेल के स्टॉक पर नजर रख रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में अभी तेल की सप्लाई ठीक है और लोगों को बेवजह पेट्रोल जमा करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई जमाखोरी की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रूस ने 2023 में पाकिस्तान को ऑयल सप्लाई की थी रूस ने 2023 में भी पाकिस्तान को ऑयल सप्लाई की थी। तब जून 2023 में पहला जहाज कराची पहुंचा था। उस समय यह डील उतनी फायदेमंद साबित नहीं हुई, जितनी उम्मीद की जा रही थी। पाकिस्तान की रिफाइनरियों को रूसी तेल प्रोसेस करने में दिक्कत आई, क्योंकि इससे पेट्रोल और डीजल कम निकलता था और फर्नेस ऑयल ज्यादा बनता था। इसके अलावा रूस से तेल लाने में दूरी ज्यादा होने के कारण शिपिंग खर्च भी बढ़ गया। पाकिस्तान के पोर्ट बड़े जहाजों को सीधे हैंडल नहीं कर पाते, इसलिए तेल को बीच में छोटे जहाजों में ट्रांसफर करना पड़ता था, जिससे लागत और बढ़ जाती थी। साथ ही पाकिस्तान को भुगतान चीनी मुद्रा युआन में करना पड़ा, जबकि उसके पास विदेशी मुद्रा की कमी पहले से ही थी। इन सारी दिक्कतों की वजह से पाकिस्तान ने कुछ समय बाद यह तेल खरीदना बंद कर दिया था। हालांकि अधिकारियों का कहना था कि यह सिर्फ ट्रायल था और अगर भविष्य में रूस और ज्यादा छूट देता है, तो पाकिस्तान फिर से इस ऑप्शन पर विचार कर सकता है। होर्मुज के रास्ते 20% तेल की सप्लाई होती है ईरान जंग के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना-जाना पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से अब तक करीब 90 जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं, जिनमें तेल ले जाने वाले टैंकर भी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी AP ने बताया कि कई जहाज चुपचाप बिना जानकारी दिए इस रास्ते से गुजर रहे हैं, ताकि वे पश्चिमी देशों के नियमों और रोक से बच सकें। हाल में भारत और पाकिस्तान से जुड़े कुछ जहाज भी इस रास्ते से निकलने में सफल रहे हैं। इस जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दूसरे देशों पर दबाव डाला है कि वे मिलकर इस रास्ते को फिर से पूरी तरह खोलें, ताकि तेल सस्ता हो सके। होर्मुज दुनिया का बहुत अहम रास्ता है, जहां से करीब 20% तेल सप्लाई होती है। जंग के बाद ज्यादातर जहाजों की आवाजाही कम हो गई थी और कई जहाजों पर हमले भी हुए हैं। फिर भी ईरान ने मार्च से अब तक 1.6 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल बेच दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन, ईरान का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुश्किल हालात के बावजूद ईरान अपना तेल बेचने में कामयाब रहा है। UN की समुद्री संस्था जहाजों की सुरक्षा पर जल्द बैठक करेगी UN की समुद्री संस्था इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) खाड़ी इलाके के हालात पर जल्द इमरजेंसी बैठक करने वाली है। यह बैठक इसलिए बुलाई गई है क्योंकि जंग की वजह से जहाजों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में है। इस बैठक में कई देश हिस्सा लेंगे और बड़े फैसले हो सकते हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और खाड़ी के देश चाहते हैं कि ईरान के हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश की निंदा की जाए। वहीं जापान, पनामा,
Harish Rana News: क्या हरीश राणा का लिवर, किडनी और आंख दूसरों के काम आएगा?

नई दिल्ली. गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा अब इस दुनिया में कुछ ही दिनों और घंटों के मेहमान हैं. हरीश राणा साल 2013 के एक्सीडेंट के बाद से ही वेजिटेटिव स्टेट यानी स्थायी अचेत अवस्था में हैं. सुप्रीम कोर्ट के इच्छा मृ्त्यु के आदेश के बाद पिछले दिनों हरीश राणा को एम्स दिल्ली में पैलिएटिव केयर में भर्ती किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में देश के इतिहास में पहली बार उनके मामले में पैसिव इच्छामृत्यु यानी लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति दी थी. डॉक्टर्स ने उनके जीवन रक्षक उपकरण, पेट में लगी न्यूट्रिशन ट्यूब और पानी बंद कर दिया है. लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या हरीश के काम कर रहे अंग किडनी, लीवर और आंख किसी दूसरे शख्स को डोनेट किए जा सकते हैं? हालांकि, परिवार ने अंगदान की सहमति दे दी है. लेकिन अंगदान में कई दिक्कतें आ रही हैं? हरीश एम्स में अपनी विदाई की बाट जोह रहे हैं. पिता अशोक राणा के आंसू थम नहीं रहे हैं. धीमे स्वर में वे कहते हैं कि वह अपने मन की व्यथा बता नहीं सकते. उनके पास शब्द नहीं हैं. पिता और मां निर्मला देवी ने स्पष्ट कहा है कि बेटे की यह पीड़ा खत्म हो तो उनके काम करने वाले अंग दान कर दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि 2 साल पहले ही दादीची देहदान समिति से संपर्क किया था. लेकिन इच्छामृत्यु केस में अंगदान के कानून नहीं हैं. क्योंकि हरीश राणा पूरी तरह ब्रेन डेड नहीं हैं. इसलिए अंगदान फिलहाल संभव नहीं है. लेकिन मंगलवार को एम्स के डॉक्टर्स ने हरीश के किडनी, लीवर, लंग्स, हार्ट, पैंक्रियास, आंतों, कॉर्निया और हार्ट वॉल्व की जांच शुरू कर दी है, जिसकी रिपोर्ट 1-2 दिन में आएगी. पिता अशोक राणा का कहना है कि अगर हरीश की जिंदगी किसी को नई जिंदगी दे सके, तो हम तैयार हैं. अंगदान संभव है, लेकिन कई जटिलताएं भी हैं. हरीश अभी ब्रेन डेड नहीं हैं, सिर्फ वेजिटेटिव स्टेट में हैं. पैसिव इच्छामृत्यु में डॉक्टर्स मौत को जल्दी नहीं करेंगे. सिर्फ प्राकृतिक तरीके से जाने देंगे. यह प्रक्रिया 15 से 30 दिन या उससे ज्यादा भी ले सकती है. इस दौरान अंगों की स्थिति खराब हो सकती है क्योंकि न्यूट्रिशन और पानी बंद है. ट्रांसप्लांट के लिए अंगों को तुरंत निकालना पड़ता है. मौत के कुछ मिनट या घंटों के अंदर. अगर मौत धीरे-धीरे होती है तो अंगों में खून का बहाव रुकने से वे खराब हो जाते हैं. भारत में अंगदान का कानून भारत में THOA एक्ट मुख्य रूप से ब्रेन डेथ के बाद ही आसान है. यहां डोनेशन आफ्टर सर्कुलेटरी डेथ संभव है, लेकिन बहुत कम अस्पतालों में होता है और इसके लिए खास प्रोटोकॉल, तुरंत टीम और NOTTO की मंजूरी चाहिए. एम्स पैलिएटिव केयर टीम का फोकस सिर्फ हरीश को दर्द-मुक्त रखना है न कि अंगों को बचाना. डॉक्टर्स कहते हैं, ‘हम मौत को न तो तेज करेंगे, न रोकेंगे.’ अगर अंग अच्छे रहें तो किडनी-लीवर 2-4 लोगों को नई जिंदगी दे सकते हैं, लेकिन समय और स्थिति के चलते यह आसान नहीं. हरीश केस में आगे क्या होगा? हरीश के शरीर का जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर्स फैसला लेंगे कि अंग दान के लायक हैं या नहीं. मौत के बाद तुरंत अंग निकालने की तैयारी रखी जा रही है. अगर दान हुआ तो यह देश के लिए मिसाल बनेगा. एक परिवार का दर्द दूसरों की जिंदगी बन सकता है. हरीश राणा का यह केस सिर्फ इच्छामृत्यु नहीं, बल्कि अंगदान की नई राह भी खोल रहा है. परिवार की इच्छा साफ है, लेकिन मेडिकल रियलिटी और कानूनी प्रक्रिया में चुनौतियां बाकी हैं. एम्स डॉक्टर्स और परिवार दोनों मिलकर यह तय करेंगे कि हरीश की अंतिम यात्रा कितने लोगों के लिए उम्मीद की किरण बने.
Director clarify on Sarke chunar teri sarke controversy, says- its based on bottle, wife also raised question on choli ke peeche song

Hindi News Entertainment Bollywood Director Clarify On Sarke Chunar Teri Sarke Controversy, Says Its Based On Bottle, Wife Also Raised Question On Choli Ke Peeche Song 19 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म केडीः द डेविल के अश्लील गाने सरके चुनर तेरी सरके के विवाद पर डायरेक्टर प्रेम जोगी ने सफाई दी है। उनका कहना है कि ये पूरा गाना बोतल पर बना है, जिसे पूरा सुने बिना ही लोग निष्कर्ष पर पहुंच गए। उनका ये भी कहना है कि अगर किसी की सोच गलत है तो वो गाने को गलत ही समझेगा। डायरेक्टर प्रेम के अलावा उनकी पत्नी रक्षिता ने भी विवाद पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये गाना अश्लील है तो जब चोली के पीछे जैसे गाने या डर्टी पिक्चर आई तब उस पर आपत्ति क्यों नहीं ली गई। फिल्म केडीः द डेविल के डायरेक्टर प्रेम जोगी ने हाल ही में बैंग्लोर टाइम्स को दिए इंटरव्यू में विवाद पर कहा, “अगर किसी का नजरिया सही है, तो वह इस गाने को गलत तरीके से नहीं लेगा। जब भी किसी महिला का मामला होता है, लोग सबसे बुरा क्यों सोच लेते हैं? लोग असली वीडियो देखे बिना या संदर्भ समझे बिना रिएक्शन दे रहे हैं।” फिल्म केडीः द डेविक के डायरेक्टर प्रेम जोगी। आगे डायरेक्टर कहते हैं, “सेंसर बोर्ड किसी कारण से है। मुझे उन पर भरोसा है और मैं उनके फैसले के साथ खड़ा रहूंगा। अगर कुछ लोग इस गाने को कोई लेबल देना चाहते हैं, तो वे स्वतंत्र हैं। लेकिन मैं जानता हूं कि मेरा इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं है।” बातचीत में प्रेम जोगी ने ये भी कहा है कि भले ही हिंदी गाना हटा दिया गया है, लेकिन इसका कन्नड़ वर्जन हटाया नहीं जाएगा। वे आलोचना को खारिज नहीं कर रहे, लेकिन उनका कहना है कि वो ऐसे मामलों से निपटने के लिए तैयार हैं। डायरेक्टर की पत्नी ने चोली के पीछे गाने पर उठाया सवाल विवाद के बीच डायरेक्टर प्रेम की पत्नी रक्षिता ने भी कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर गाने और डायरेक्टर के समर्थन वाले कई पोस्ट शेयर किए हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा है, जब ‘फीलिंग्स’(पुष्पा-2 का गाना), ‘ड्रीमम वेकअपम’ (अय्या मूवी का गाना), ‘चोली के पीछे’ (खलनायक का गाना) या ऐसे ही 100 गानों में एक जैसी बातें थीं, तब सबको ठीक लगा। जब पूरी फिल्म आई जिसमें दिखाया गया कि एक्टर्स ने पूरी फिल्म में यौन संबंध बनाए, तब भी सबको ठीक लगा। लेकिन एक गाने पर इतना बड़ा मुद्दा बना दिया गया। मैं सिर्फ इसे समझने की कोशिश कर रही हूं, ताकि समझ सकूं कि ऐसा क्यों हो रहा है।” डायरेक्टर की पत्नी ने इस समय डर्टी पिक्चर पर भी सवाल उठाए, जो बोल्ड कंटेंट के लिए विवादों में थी। क्या है पूरा विवाद? पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाने नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल। इसके अलावा गाने में दिखाए गए डांस स्टेप्स और पिक्चराइजेशन भी काफी आपत्तिजनक थे। सोशल मीडिया पर गाने की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद इसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








