Monday, 06 Apr 2026 | 05:50 AM

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Hearing Loss Early Sign| कान खराब होने के 5 शुरुआती संकेत

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Hearing Loss Sign: सुनने की समस्या अचानक नहीं आती, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है. कई बार हमें पता भी नहीं चलता कि हमारी सुनने की क्षमता कम हो रही है. समय रहते इसके संकेत पहचान लेना बहुत जरूरी है, ताकि आगे की समस्याओं से बचा जा सके. डॉ. सिद्धार्थ एस. श्रीवास्तव, कंसल्टेंट – कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा ने ऐसे 5 शुरुआती संकेतों को बताया है, जिस पर वक्त रहते ध्यान न देने पर कान हमेशा के लिए खराब हो सकते हैं. कान खराब होने के शुरुआती लक्षण बातें साफ सुनाई न देना- अगर आपको लोगों की बातें साफ समझ नहीं आतीं और ऐसा लगता है कि वे बुदबुदा रहे हैं, तो यह सुनने की कमजोरी का संकेत हो सकता है. खासकर “स”, “फ” और “थ” जैसे शब्द सुनने में मुश्किल होने लगते हैं. टीवी या रेडियो की आवाज बार-बार बढ़ाना– अगर आप बार-बार टीवी या रेडियो की आवाज बढ़ाते हैं और दूसरों को यह बहुत तेज लगती है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है. अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. शोर वाली जगहों पर परेशानी होना- भीड़भाड़ या शोर वाली जगहों, जैसे बाजार या रेस्टोरेंट में बात समझना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में दिमाग को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे थकान भी महसूस होती है. बार-बार बात दोहराने को कहना- कभी-कभी किसी से बात दोहराने को कहना सामान्य है, लेकिन अगर यह आदत बन जाए, खासकर शांत माहौल में भी, तो ध्यान देने की जरूरत है. इससे रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है. कानों में घंटी या भनभनाहट की आवाज (टिनिटस)- अगर बिना किसी वजह के कानों में घंटी बजने या भनभनाहट की आवाज आती रहती है, तो इसे हल्के में न लें. यह सुनने की समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है. समय पर ध्यान क्यों जरूरी है?अगर सुनने की समस्या का इलाज न किया जाए, तो यह अकेलापन और दिमागी कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है. इसलिए समय-समय पर जांच कराना और तेज आवाज से बचना बहुत जरूरी है. सही समय पर इलाज करने से आप अपनी सुनने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता दोनों को बेहतर रख सकते हैं.

मांडू में गणगौर पर्व शुरू, मंदिरों में बोए ज्वारे:नगर में गूंज रहे पारंपरिक लोकगीत; 16 दिनों तक चलेगा उत्सव

मांडू में गणगौर पर्व शुरू, मंदिरों में बोए ज्वारे:नगर में गूंज रहे पारंपरिक लोकगीत; 16 दिनों तक चलेगा उत्सव

मांडू और आसपास के ग्रामीण अंचलों में गणगौर पर्व का उल्लास पर है। होली के दो दिन बाद से शुरू हुआ यह 16 दिवसीय अनुष्ठान माता पार्वती (गौरी) और भगवान शिव (ईसर) की भक्ति को समर्पित है। नगर के प्राचीन चतुर्भुज राम मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने मिट्टी के पात्रों में ज्वारे (जवारा) बोए हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘बाड़ी’ या ‘खोर’ कहा जाता है। रात 9 बजे जवारा पूजन और मंगल गीत गूंजे प्रतिदिन रात 9 बजे महिलाएं और युवतियां पूर्ण श्रृंगार कर मंदिरों में एकत्रित हो रही हैं। ढोल-थाली की थाप पर ‘गौर-गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती’ और ‘जवारे बोवण चाली रे’ जैसे पारंपरिक लोकगीतों के साथ ज्वारों की पूजा की जा रही है। इन गीतों के माध्यम से ईसर-गौरी के विवाह प्रसंगों का वर्णन और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है। अटूट दांपत्य और हरियाली के प्रतीक ज्वारे मान्यता है कि ये ज्वारे माता पार्वती का प्रतीक हैं। महिलाएं प्रतिदिन नियम से इन ज्वारों को सींचती हैं और कई श्रद्धालु इस दौरान कठिन उपवास भी रखते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि निमाड़ और मालवा की समृद्ध लोक संस्कृति, नृत्य और संगीत का एक अनूठा संगम भी पेश करता है। 16 श्रृंगार और मेहंदी से सजा उत्सव गणगौर के अवसर पर युवतियां और महिलाएं विशेष रूप से मेहंदी लगाकर और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर बाड़ी पूजन के लिए पहुंच रही हैं। 16 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की प्रार्थना के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के अंतिम दिनों में इन ज्वारों का भव्य चल समारोह निकालकर विसर्जन किया जाएगा।

केरलम चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 23:10 IST कांग्रेस ने केरल चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की। यहां पूरे निर्वाचन क्षेत्र-वार नाम देखें। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को नई दिल्ली में केरल के लिए कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बातचीत की। (छवि: पीटीआई) केरलम विधानसभा चुनाव 2026 कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची: केरल में कांग्रेस ने आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, केरलम में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में निर्धारित किया गया है, जिसमें 9 अप्रैल को मतदान होगा। 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतगणना 4 मई को होगी। कांग्रेस ने मंगलवार को 55 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। 40 उम्मीदवारों की नवीनतम सूची में मोहम्मद शियास जैसे नेता शामिल हैं जो कोच्चि से और एडी थॉमस अलाप्पुझा से चुनाव लड़ेंगे। पूरी सूची यहां देखें उडुमा – के नीलकंदन त्रिकारीपुर-संदीप वारियर कल्लियासेरी – राजीवन कप्पाचेरी कन्नूर – सलाहकार। मोहनन को मट्टनुर – चंद्रन थिलेनकेरी पट्टांबी – टीपी शाजी शोरनुर – पी हरिगोविंदन कुन्नमकुलम – अजय मोहन वडक्कनचेरी – वैशाख नारायणस्वामी पेरुम्बावूर-मनोज मूथेदान वाइपीन – टोनी चैमनी कोच्चि – मोहम्मद शियास त्रिपुनिथुरा – दीपक जॉय देवीकुलम – एससी – एफ राजा उडुम्बनचोला – सलाहकार। सेनापति वेणु लडुक्की रॉय के पॉलोज़ पीरुमाडे – सलाहकार। सिरिएक थॉमस एट्टुमानूर – नट्टाकोम सुरेश कंजिरापल्ली – प्रो. रोनी के. बेबी पूनजर – ​​सेबस्टियन एमजे एस (वकील साजी जोसेफ) अलाप्पुझा – एडी थॉमस कायमकुलम – एम लिजू चेंगन्नूर – एबी कुरियाकोस रन्नी – पझाकुलम मधु अरनमुला – अबिन वर्की कोन्नी – प्रो. सतीश कोचुपराम्बिल अडूर-एससी – सलाहकार। संतकुमार चदयामंगलम – एमएम नज़ीर वर्कला – वर्कला कहार नेदुमंगड – मीनांकल कुमार वामनपुरम-सुधीरशा पालोडे कज़हक्कुट्टम – सरथचंद्र प्रसाद नेमोम – केएस सबरीनाधन अरुविक्कारा – वीएस शिवकुमार परसाला – नेय्याट्टिनकरा सनल कट्टक्कडा – एमआर बैजू नेय्यत्तिनकारा – एन. शक्तान जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 23:08 IST समाचार राजनीति केरलम चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची केरलम विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरलम विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस उम्मीदवार

नदी में मिला चार दिन से लापता बुजुर्ग का शव:मैहर के गुढ़वा में घर से बिना बताए निकले; मानसिक रूप से अस्वस्थ थे

नदी में मिला चार दिन से लापता बुजुर्ग का शव:मैहर के गुढ़वा में घर से बिना बताए निकले; मानसिक रूप से अस्वस्थ थे

मैहर जिले के गुढ़वा गांव में गुरुवार सुबह एक बुजुर्ग का शव नदी में मिला। मृतक की पहचान 75 वर्षीय रामस्वरूप पटेल के रूप में हुई है, जो पिछले चार दिनों से लापता थे। परिजनों ने 18 मार्च को रामनगर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मानसिक अस्वस्थता के चलते घर से निकले थे परिजनों ने बताया कि रामस्वरूप पिछले एक वर्ष से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अक्सर बाणसागर डूब क्षेत्र में स्थित अपने पुराने पुश्तैनी मकान पर जाने की जिद करते थे। 16 मार्च की शाम को वे बिना बताए घर से कहीं चले गए थे, जिसके बाद काफी तलाश करने पर भी उनका कोई सुराग नहीं लगा था। मगरमच्छ के हमले की थी आशंका परिजनों ने पुलिस को दी सूचना में आशंका जताई थी कि बुजुर्ग नदी की ओर गए होंगे और वहां मगरमच्छों का शिकार हो गए होंगे। हालांकि, गुरुवार सुबह 7 बजे जब शव नदी में मिला, तो प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी जलीय जीव के हमले के निशान नहीं पाए गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जांच में जुटी पुलिस रामनगर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा:गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान

बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा:गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान

बालाघाट जिले के गर्रा औद्योगिक क्षेत्र में चैत्र नवरात्र के अवसर पर शासकीय भूमि पर स्थापित की गई मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को प्रशासन ने गुरुवार देर शाम हटा दिया। एसडीएम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लगभग 12 घंटे बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने न केवल प्रतिमाओं को अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित किया, बल्कि रात में ही जेसीबी चलाकर निर्माणाधीन मंदिर के ढांचे को भी ढहा दिया। प्रतिमाओं को वाहन में रखकर भेजा प्रशासनिक अमले ने शाम को विवादित स्थल की घेराबंदी कर बंद पर्दों के बीच मूर्तियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मां दुर्गा, भगवान शंकर, नंदी, सूर्य और विष्णु की प्रतिमाओं को सरकारी वाहन में रखवाकर सम्मानपूर्वक विसर्जित या अन्यत्र स्थापित करने के लिए भेजा गया। हालांकि, प्रशासन ने अधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन प्रतिमाओं को वर्तमान में कहां रखा गया है। अतिक्रमण और बेदखली आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने बताया कि उक्त भूमि पूरी तरह शासकीय है और वहां प्रतिमा स्थापना नियम विरुद्ध थी। प्रशासन ने पूर्व में भी यहां चल रहे निर्माण कार्य को रोकने और अतिक्रमणकारियों को बेदखली के आदेश दिए थे। निर्देशों के उल्लंघन और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को देखते हुए हिंदू शास्त्रों के विधि-विधान और सम्मान के साथ प्रतिमाओं को वहां से हटाने का निर्णय लिया गया। सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान ग्राम पंचायत सरपंच वैभवसिंह बिसेन ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे हिंदुत्व का अपमान बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से ग्रामीण यहां नवरात्र मनाते आ रहे हैं और जनसहयोग से मंदिर खड़ा किया गया था। सरपंच ने बताया कि इस बेशकीमती जमीन को शराब भट्टी के लिए आवंटित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और मंदिर के ढांचे को हटाया है। देर रात चलाया बुलडोजर प्रतिमा स्थापना की सूचना के बाद गुरुवार सुबह से ही गर्रा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन सहमति न बनने पर बलपूर्वक कार्रवाई की गई। रात के अंधेरे में निर्माण कार्य गिराए जाने के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

धार में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरी:सोनगढ़ गांव में 5 बच्चे घायल, 2 साल से जर्जर स्थिति में है ब्लिडिंग

धार में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरी:सोनगढ़ गांव में 5 बच्चे घायल, 2 साल से जर्जर स्थिति में है ब्लिडिंग

धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र के ग्राम सोनगढ़ स्थित शासकीय स्कूल प्रांगण में गुरुवार को अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों के क्रिकेट खेलते समय स्कूल भवन की जर्जर छत अचानक गिर गई। हादसे में करीब 5 बच्चे मलबे की चपेट में आए और उन्हें हल्की चोटें आईं। छत गिरने की आवाज सुनते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंची। उन्होंने फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत निजी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। 15 वर्षीय कालू को कमर में और 9 वर्षीय बालू को पैर में चोट लगी, जबकि अन्य तीन बच्चों को मामूली चोटें आईं। स्कूल भवन की हालत जर्जर थी सूत्रों के अनुसार, सोनगढ़ का यह शासकीय स्कूल भवन पिछले 2 साल से जर्जर स्थिति में था। बावजूद इसके परिसर में बच्चों का आना-जाना बना हुआ था, जिससे ऐसे हादसे का खतरा लगातार बना था। हालांकि स्कूल में कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा था, लेकिन बच्चों के खेलने के दौरान यह हादसा हुआ। ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद सुरक्षा और मरम्मत के लिए जल्द कार्रवाई करने की बात कही है।

पूर्व शीर्ष पुलिसकर्मी भाजपा से बंगाल के चुनावी मैदान में उतरे, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग के प्रयास का समर्थन किया | विशेष | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 22:28 IST डॉ. राजेश कुमार ने News18 को बताया कि चुनाव आयोग अपने पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर काम कर रहा है और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है. हाल के महीनों में, डॉ. कुमार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के खिलाफ अपनी सैद्धांतिक कानूनी चुनौती के कारण लोगों की नजरों में बने हुए हैं। फ़ाइल छवि भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सूची में गुरुवार को एक आश्चर्य की बात सामने आई जब पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश कुमार को शामिल किया गया, जो 31 जनवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस से महानिदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। भाजपा में शामिल होने के बाद, डॉ. कुमार ने News18 से विशेष रूप से बात की, जिसमें कहा गया कि राज्य में कानून और व्यवस्था एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है और उन्होंने अधिकारियों से चुनाव के दौरान कानून का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया। साक्षात्कार के अंश: राजनीति में आने के बाद आपकी प्रारंभिक प्रतिक्रिया क्या है? मैंने हमेशा लोगों की सेवा की है और ऐसा करना जारी रखने का यह एक और अवसर है। मैं माननीय प्रधान मंत्री, माननीय गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व को उनके विश्वास के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुआ और अपने पूरे करियर के दौरान सार्वजनिक सेवा में लगा रहा। चाहे वर्दी में हों या राजनीति में, उद्देश्य एक ही रहता है- लोगों की सेवा करना। जगद्दल जैसे क्षेत्रों में अपराध से संबंधित मुद्दे हैं और मैं उन्हें संबोधित करने के लिए काम करूंगा। सरकारी सेवा में आपकी पृष्ठभूमि को देखते हुए, आप भाजपा में क्यों शामिल हुए, टीएमसी में नहीं? यह तुलना के बारे में नहीं है. हर कोई अपने विकल्प बनाता है। मैं सार्थक काम करने का अवसर चाहता था और वह मंच मुझे यहां मिल गया है।’ पार्टी ने मेरी क्षमताओं पर भरोसा दिखाया है और मैं उस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।’ लोगों को आपको वोट क्यों देना चाहिए? लोगों को बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बंगाल में कानून व्यवस्था भी एक मुद्दा है. यदि निर्वाचित हुआ तो मैं इन मुद्दों को सुलझाने के लिए लगन से काम करूंगा। आपका राजीव कुमार के साथ जुड़ाव है-क्या यह राजनीतिक बदलाव उस रिश्ते को प्रभावित करेगा? यह एक राजनीतिक मुकाबला है, व्यक्तिगत नहीं. मैं राजीव कुमार को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है कि वह अच्छा करेगा, और मुझे विश्वास है कि वह भी मेरी भलाई की कामना करता है। हालिया नौकरशाही फेरबदल पर आपका क्या विचार है? चुनाव आयोग उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय ले रहा है. अधिकारियों को कानून का पालन करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हों। आयोग अपना काम कर रहा है, अधिकारियों को सहयोग करना चाहिए. टीएमसी ने इन तबादलों को राजनीति से प्रेरित बताया है. आपका जवाब? स्थानांतरण एक प्रशासनिक मामला है और अधिकारी अपनी पोस्टिंग का चयन नहीं करते हैं। चुनाव आयोग अपने पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्य कर रहा है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। अधिकारियों को इस प्रक्रिया का समर्थन करना चाहिए. आपको कथित तौर पर अनिवार्य प्रतीक्षा पर रखा गया था। क्या इससे राजनीति में शामिल होने के आपके फैसले पर असर पड़ा? पोस्टिंग, चाहे अच्छी हो या अन्यथा, सेवा जीवन का हिस्सा है। मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है. पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 22:28 IST समाचार राजनीति पूर्व शीर्ष पुलिसकर्मी भाजपा से बंगाल के चुनावी मैदान में उतरे, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग के प्रयास का समर्थन किया | अनन्य अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पुलिस(टी)बंगाल(टी)टीएमसी(टी)चुनाव आयोग

Ireland Cricket: Paul Stirling Quits T20 Captaincy

Ireland Cricket: Paul Stirling Quits T20 Captaincy

डबलिन11 मिनट पहले कॉपी लिंक आयरलैंड के स्टार बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग ने T20 इंटरनेशनल टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने यह फैसला टी-20 वर्ल्ड कप में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद लिया है। 35 साल के स्टर्लिंग ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि वे सभी फॉर्मेट में खेलते रहेंगे। उन्होंने कहा- ‘इस फैसले से मैं खुद को बेहतर करने और मैदान पर ज्यादा योगदान देने पर फोकस कर सकूंगा। आयरलैंड की टीम टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं, स्टर्लिंग खुद भी घुटने की चोट के कारण बीच टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। स्टर्लिंग ने कहा- नए कप्तान को पूरा सपोर्ट दूंगा स्टर्लिंग ने कहा- ‘यह टीम के लिए नई शुरुआत करने का सही समय है। नए कप्तान को मेरा पूरा सपोर्ट रहेगा।’ उन्होंने कहा- ‘टी-20 में आयरलैंड की कप्तानी करना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान रहा है। इस पर मुझे बेहद गर्व है।’ स्टर्लिंग ने कहा- ‘देश की कप्तानी करना मेरा सौभाग्य है। इस रोल में अपने कार्यकाल के दौरान मुझे जो सपोर्ट मिला है, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूं।’ स्टर्लिंग ने 2023 में एंडी बालबर्नी के बाद टीम की कमान संभाली थी। उन्होंने 48 T20 मैचों में कप्तानी की। उन्होंने कहा- वे ODI टीम की कप्तानी जारी रखेंगे। वे 2027 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफिकेशन पर ध्यान देंगे। नए कप्तान का ऐलान नहीं, लोर्कन-हैरी दावेदार क्रिकेट आयरलैंड ने अभी तक नए कप्तान का ऐलान नहीं किया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज लोर्कन टकर और हैरी टेक्टर को संभावित विकल्प माना जा रहा है। वर्ल्ड कप में स्टर्लिंग के चोटिल होने के बाद लोर्कन टकर टीम की कप्तानी की थी। पॉल स्टर्लिंग 11 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में चोटिल हो गए थे। जून में भारत से टी-20 सीरीज खेलेगा आयरलैंड आयरलैंड जून 2026 में भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलेगा। इस सीरीज में आयरलैंड नई कप्तानी के साथ उतरेगा। हालांकि, अभी तरीखों का ऐलान नहीं हुआ है। आयरलैंड के आगामी घरेलू सीजन में न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज प्रस्तावित हैं, जिनकी घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। ——————————————- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आयरलैंड के जॉन मूनी DC के फील्डिंग कोच बने; तीन वनडे वर्ल्ड कप खेल चुके IPL टीम दिल्ली कैपिटल्स ने आयरलैंड के पूर्व ऑलराउंडर जॉन मूनी को टीम का नया फील्डिंग कोच बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मूनी जल्द ही भारत आकर टीम के साथ जुड़ेंगे और आगामी सीजन की तैयारियों में हिस्सा लेंगे। मूनी ने एंटोन रूक्स और ज्ञानेश्वर राव की जगह ली है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दमोह में हवा-आंधी के साथ झमाझम बारिश:तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आधे घंटे बरसे बादल; गेहूं-चना की कटाई कर रहे किसान चिंतित

दमोह में हवा-आंधी के साथ झमाझम बारिश:तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आधे घंटे बरसे बादल; गेहूं-चना की कटाई कर रहे किसान चिंतित

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तेज आंधी और आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बेमौसम वर्षा से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। आंधी के कारण क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित रही। खेतों में कटी रखी फसलें भीगी वर्तमान में क्षेत्र में गेहूं, चना और मसूर की कटाई का कार्य चरम पर है। किसान कमल नारायण यादव और राजकुमार लोधी के अनुसार, कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही रखी है, जो इस बारिश में भीग गई है। किसानों का कहना है कि यदि बादल छाए रहते हैं और दोबारा बारिश होती है, तो अनाज की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। तेजगढ़ और तेंदूखेड़ा में आधे घंटे बरसात गुरुवार शाम पहले तेजगढ़ में धूलभरी आंधी चली, जिसके बाद तेंदूखेड़ा मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में तेज बारिश शुरू हुई। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन में असुविधा हुई, हालांकि उमस भरी गर्मी से लोगों को फौरी राहत मिली है। किसानों ने इस स्थिति को ‘आफत की बारिश’ करार दिया है क्योंकि कटाई का सीजन अंतिम दौर में है। आंधी से चरमराई बिजली व्यवस्था, जनजीवन प्रभावित बारिश से पहले चली तेज आंधी के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट आने से तेंदूखेड़ा ब्लॉक की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। रात के समय अचानक हुई इस बारिश ने खलिहानों में रखे अनाज को सुरक्षित करने की जद्दोजहद बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि इस समय की बारिश से कटी हुई फसलों में चमक कम होने और दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

kuchla vati uses in hindi | Kuchla Vati Benefits | कुचला वटी के फायदे | कुचला वटी |

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Last Updated:March 19, 2026, 22:01 IST Kuchla Vati Benefits: कुचला वटी एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो कमजोर शरीर में ऊर्जा भरने और नसों की कमजोरी को दूर करने में सहायक है. बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी के अनुसार, यह जोड़ों के दर्द, साइटिका, पाचन तंत्र की समस्याओं और पुरुष स्वास्थ्य के लिए रामबाण इलाज है. हालांकि, इसका सेवन बिना डॉक्टरी परामर्श और शोधन के जोखिम भरा हो सकता है. बागपत: आयुर्वेद की दुनिया में कई ऐसी औषधियां हैं जो लाइलाज बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखती हैं. इन्हीं में से एक है ‘कुचला वटी’, जिसे एक चमत्कारी औषधि माना जाता है. अगर आप शारीरिक कमजोरी, नसों की सुन्नता या जोड़ों के पुराने दर्द से परेशान हैं, तो कुचला वटी आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. बागपत के अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी के अनुसार, यह औषधि न केवल शरीर को फौलादी ताकत देती है, बल्कि पाचन तंत्र और नर्वस सिस्टम को भी नए सिरे से सक्रिय कर देती है. हालांकि, इसका उपयोग जितना लाभकारी है, सावधानी न बरतने पर उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है. कुचला वटी: आयुर्वेद का एक शक्तिशाली उपहारकुचला वटी एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग सदियों से शरीर की शक्ति बढ़ाने और वात रोगों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है. डॉ. राघवेंद्र बताते हैं कि कुचला वटी का मुख्य घटक ‘कुचला’ है. यह औषधि विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रभावी है जिनका शरीर समय से पहले कमजोर होने लगा है या जिन्हें नसों से जुड़ी गंभीर समस्याएं हैं. यह शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाकर आलस और थकान को कोसों दूर रखती है. जोड़ों के दर्द और सूजन में तुरंत आरामआज के समय में गठिया, साइटिका और मांसपेशियों का खिंचाव एक आम समस्या बन गई है. कुचला वटी इन समस्याओं में प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करती है. यह शरीर के भीतर की सूजन को नियंत्रित करती है, जिससे जोड़ों की गतिशीलता बढ़ती है. जिन लोगों को चलने-फिरने में कठिनाई होती है या जिनके घुटनों में हमेशा दर्द बना रहता है, उनके लिए यह औषधि काफी राहत देने वाली साबित होती है. पुरुष स्वास्थ्य और यौन शक्ति में सुधारयौन स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कुचला वटी का विशेष महत्व माना गया है. डॉ. राघवेंद्र के अनुसार, यह पुरुषों में स्तंभन दोष जैसी समस्याओं को दूर करने में बेहद मददगार है. यह शरीर की आंतरिक कार्यक्षमता को बढ़ाती है और स्टैमिना में सुधार करती है, जिससे वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है. पाचन तंत्र को बनाए फौलादीखराब जीवनशैली के कारण कब्ज, अपच और पेट दर्द की समस्या अब घर-घर की कहानी है. कुचला वटी पाचन अग्नि को प्रदीप्त करती है. यह पुरानी से पुरानी कब्ज को ठीक करने और खाया-पिया शरीर को लगाने में मदद करती है. अगर आपका पेट साफ नहीं रहता, तो यह औषधि पाचन क्रिया को सुधारकर पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक है. नसों की कमजोरी और झनझनाहट का अंतहाथ-पैरों का सुन्न हो जाना या नसों में झनझनाहट होना तंत्रिका तंत्र की कमजोरी का संकेत है. कुचला वटी नसों को सक्रिय और मजबूत बनाती है. यह मस्तिष्क से शरीर के अंगों तक पहुंचने वाले संकेतों को तेज करती है, जिससे लकवा जैसी स्थितियों के बाद रिकवरी में भी मदद मिलती है. सावधानी: बिना शोधन है जानलेवाकुचला वटी के फायदों के साथ इसकी सावधानी सबसे महत्वपूर्ण है. डॉ. राघवेंद्र चौधरी चेतावनी देते हैं कि कच्चा कुचला अत्यंत विषैला होता है. आयुर्वेद में इसे शुद्ध करने (शोधन) की एक लंबी प्रक्रिया है, जिसके बाद ही यह औषधि बनती है. इसलिए कभी भी कच्चे कुचले का प्रयोग न करें. डॉक्टर की सलाह और सेवन विधिइसका सेवन दूध या पानी के साथ किया जा सकता है, लेकिन इसकी खुराक व्यक्ति की उम्र और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है. डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने स्पष्ट किया है कि इसका अधिकतम सेवन नुकसानदेह हो सकता है. इसलिए, इस्तेमाल से पहले अपने नजदीकी सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालय या किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : March 19, 2026, 21:58 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.