चैत्र नवरात्रि: हिमाचल के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़:पंजाब की साक्षी बोली-अच्छे से दर्शन हो रहे, चिंतपूर्णी मंदिर 50 लाख के फूलो से सजाया

चैत्र नवरात्रि आज से शुरू हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में पांच प्रमुख शक्तिपीठों सहित माता के दूसरे मंदिरों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु मां के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मंदिरों में सुबह से ही भंडारा, हवन और कन्या पूजन हो रहा है। देवभूमि हिमाचल में इससे भक्तिमय माहौल हो गया है। नवरात्रि के लिए सभी मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और लाइटों से सजाया गया है। विशेषकर ऊना स्थित चिंतपूर्णी मंदिर इस बार विदेशी फूलों से महक रहा है। दिल्ली के श्रद्धालु प्रवीण क्वात्रा ने करीब 50 लाख रुपए के रंग-बिरंगे फूलों से मंदिर को सजाया है।चिंतपूर्णी के अलावा कांगड़ा के ज्वालाजी, बृजेश्वरी देवी, चामुंडा देवी और बिलासपुर के नैनादेवी में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। पंजाब के अमृतसर से नैनादेवी पहुंची साक्षी और शिवम ने बताया कि मंदिर में दर्शन के लिए बहुत अच्छे इंतजाम किए गए है। सभी श्रद्धालुओं के आसानी से दर्शन हो पा रहे हैं और मंदिर में बहुत अच्छी सजावटी की गई है। दर्शन में कोई परेशानी नहीं हो रही। 23 घंटे खुले रहेंगे चिंतपूर्णी मंदिर के कपाट नवरात्रि में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए चिंतपूर्णी मंदिर के द्वार 23 घंटे खुले रखने का निर्णय लिया गया है। रात को केवल एक घंटे के लिए मंदिर को सफाई के लिए बंद किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 300 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। शिमला के मंदिरों में सुबह 6 बजे से दर्शन शिमला के कालीबाड़ी और तारादेवी मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह 6 बजे से भक्तों के लिए खोले गए। मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। तारादेवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर आधे घंटे बाद शिमला के आईएसबीटी से अतिरिक्त बसें चलाई जा रही है। सभी मंदिरों में दान के लिए डिजिटल व्यवस्था, जैसे QR कोड, उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 1300 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं, जबकि कई जगहों पर CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। शक्तिपीठों में हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा चैत्र नवरात्रि शक्ति उपासना का प्रमुख पर्व है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु व्रत, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से देवी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पूजा के दो शुभ मुहूर्त पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना की जाती है। इस वर्ष घट स्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं: सुबह 6:54 से 7:58 बजे और दोपहर 12:05 से 12:53 बजे। चैत्र नवरात्रि पर मंदिरों में श्रद्धालुओं के PHOTOS..
Delhi Airport Flights Diverted | Rajasthan Hail Alert, Himachal Snowfall

Hindi News National Delhi Airport Flights Diverted | Rajasthan Hail Alert, Himachal Snowfall भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून25 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से उत्तर, मध्य और पूर्व भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। बुधवार शाम को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के कई इलाकों में बारिश हुई। दिल्ली में बुधवार शाम धूल भरी आंधी और तेज बारिश से उड़ानों पर असर पड़ा। खराब मौसम के कारण 22 फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट डायवर्ट करना पड़ा। यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में आंधी के साथ बारिश हुई। मेरठ में भी बूंदाबांदी हुई। नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर 63 किमी की स्पीड से हवाएं रिकॉर्ड की गईं। वहीं गाजियाबाद के हिंडन में 44 की स्पीड से हवाएं चलीं। हरियाणा के रेवाड़ी में बुधवार शाम होते-होते तेज बारिश के साथ ओले गिरे। वहीं भिवानी, हिसार, सिरसा, पानीपत, नारनौल और महेंद्रगढ़ में भी बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और मनाली में बुधवार शाम बर्फबारी हुई। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है। साथ ही 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। देशभर में मौसम से जुड़ी 2 तस्वीरें… उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार शाम को तेज बारिश हुई। छत्तीसगढ़ के मैनपाट में ओले गिरे। नगालैंड में तूफान-बारिश से तबाही, 46 परिवार प्रभावित नगालैंड में तेज तूफान और बारिश से 46 परिवार प्रभावित हुए हैं। चुमौकेडिमा और पेरेन जिलों में कई घरों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है। मोन जिले के एक सरकारी स्कूल को भी नुकसान हुआ, जिससे मिड-डे मील प्रभावित हुआ। हालांकि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है। अगले दो दिन मौसम का हाल 20-21 मार्च- मौसम विभाग ने दिल्ली में यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। राजस्थान में ओले गिरने का अलर्ट। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में आंधी का अलर्ट है। नॉर्थ-ईस्ट में भी तेज बारिश की आशंका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
घरेलू फ्लाइट्स में 60% सीटें बगैर एक्स्ट्रा चार्ज के मिलेंगी:बच्चा अडॉप्ट करने पर मिलेगी 12 हफ्ते मैटरनिटी लीव, 19 मार्च करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. फ्लाइट में 60% सीटें बगैर एक्स्ट्रा चार्ज के मिलेंगी 18 मार्च को सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने घरेलू हवाई यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 2. बच्चा गोद लेने पर 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव मिलेगी 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि किसी भी उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली महिला को 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव दी जाएगी। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. अमेरिकी NCTC प्रमुख जोए केंट ने इस्तीफा दिया 17 मार्च को डोनाल्ड ट्रम्प के टॉप काउंटर टेरिरिज्म सेंटर डायरेक्टर (NCTC) जोए केंट ने अमेरिका- ईरान युद्ध के विरोध में अपने पद से रिजाइन दे दिया। निधन (DEATH) 4. ईरानी सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की मौत 17 मार्च को ईरानी नेशनल सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी और बासिज फोर्स के हेड घोलम रजा सुलेमानी की इजराइल एयर स्ट्राइक में मौत हो गई। 5. अमेरिकी मॉडल और होस्ट किकी शेपर्ड का निधन 17 मार्च को मशहूर अमेरिकी सिंगर किकी शेपर्ड का निधन हो गया। 6. हॉलीवुड एक्टर मैट क्लार्क का निधन हॉलीवुड एक्टर मैट क्लार्क का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 7. कर्नल श्रीकांत पुरोहित के रिटायरमेंट को AFT ने होल्ड किया 16 मार्च को आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (AFT) की प्रिंसिपल बेंच ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित के रिटायरमेंट को होल्ड कर दिया है। आज का इतिहास 19 मार्च —————— ये खबरें भी पढ़ें… यूपी में हर अंडे पर लिखी जाएगी एक्सपायरी डेट: अब 24 घंटे में डिलीवर होंगे सरकारी डाक और पार्सल; 18 मार्च के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें…
Sant Gorakhnath Life Lessons; Yoga Social Equality

Hindi News Lifestyle Sant Gorakhnath Life Lessons; Yoga Social Equality | Spiritual Mental Health 3 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक किताब- लोककथाएं प्रेम की और संत गोरखनाथ (लोर्स ऑफ लव एंड सैंट गोरखनाथ का हिंदी अनुवाद) लेखक- नलिन वर्मा, लालू प्रसाद यादव अनुवाद- विजय कुमार झा प्रकाशक- पेंगुइन मूल्य- 299 रुपए भारतीय संत परंपरा में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ आध्यात्मिक मार्ग नहीं दिखाया, बल्कि समाज और संस्कृति को भी प्रभावित किया। संत गोरखनाथ ऐसे ही व्यक्तित्व हैं। ‘लोककथाएं प्रेम की और संत गोरखनाथ‘ किताब में गोरखनाथ के विचारों और लोकजीवन पर पड़े उनके प्रभाव को समझाया गया है। यह किताब बताती है कि गोरखनाथ केवल एक योगी या संत नहीं, बल्कि ऐसे विचारक थे, जिनकी शिक्षा ने समाज की सोच और जीवनशैली पर भी गहरा असर डाला। किताब क्या कहती है? यह किताब बताती है कि गोरखनाथ के लिए योग सिर्फ शरीर की कसरत नहीं, बल्कि मन को जीतने का रास्ता भी है। उनकी शिक्षाओं का मूल मंत्र है, बाहरी दिखावे को छोड़कर अपने भीतर की शक्ति को पहचानना। भारतीय योग परंपरा में संत गोरखनाथ का नाम अनुशासन और आत्मज्ञान का पर्याय है। समाज को जोड़ने का संदेश इस किताब का सबसे सशक्त पक्ष ‘समानता’ है। नाथ संप्रदाय ने उस दौर में जात-पात की बेड़ियां तोड़ीं, जब समाज में यह सब बहुत गहरे व्याप्त था। इसमें किसान, जुलाहे और चरवाहे सभी को बराबर का स्थान मिला। गोरखनाथ की यह समावेशी दृष्टि आज के दौर में भी उतनी ही जरूरी है। किताब के 9 सबक ग्राफिक में देखिए- योग और वैराग्य के संत गोरखनाथ भारतीय योग परंपरा के प्रमुख संत माने जाते हैं और नाथ संप्रदाय के सबसे प्रभावशाली गुरु के रूप में उनकी पहचान है। उनकी शिक्षा का मूल आधार योग, संयम और आत्मानुशासन है। उनका मानना था कि मनुष्य अपने भीतर की शक्ति को पहचानकर ही जीवन का सही अर्थ समझ सकता है। उनकी शिक्षा में यह संदेश भी मिलता है कि बाहरी वैभव और मोह से दूर रहकर सादगी और संतुलन का जीवन अपनाना ही वास्तविक आध्यात्मिकता है। समाज और संस्कृति का दस्तावेज है ये किताब यह किताब केवल धार्मिक या आध्यात्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि अपने समय के समाज और संस्कृति का दस्तावेज भी है। इसमें दिखता है कि नाथ संप्रदाय में विभिन्न जातियों और समुदायों के लोग शामिल थे। इससे यह संकेत मिलता है कि उस दौर में भी आध्यात्मिक परंपराएं सामाजिक सीमाओं को तोड़ने का प्रयास कर रही थीं। नाथ परंपरा ने साधारण लोगों, जुलाहों, किसानों और चरवाहों को भी आध्यात्मिक मार्ग में स्थान दिया। लोकभाषा और आसान शैली किताब की भाषा सरल है। इसमें भारी-भरकम दार्शनिक शब्दों की जगह सहज तरीका अपनाया गया है। यही वजह है कि पाठक इन कथाओं को पढ़ते समय केवल जानकारी ही नहीं प्राप्त करता, बल्कि लोकजीवन की जीवंतता भी महसूस करता है। लेखक ने लोकगाथाओं और संत परंपरा की कहानियों को इस तरह लिखा है कि वो रोचक लगती हैं और प्रेरित भी करती हैं। प्रेम और वैराग्य का संतुलन इस किताब की सबसे रोचक बात यह है कि इसमें प्रेम और वैराग्य दोनों साथ-साथ चलते हैं। एक ओर लोककथाएं प्रेम की तीव्रता और भावनात्मकता को दिखाती हैं, तो दूसरी ओर गोरखनाथ की शिक्षाएं वैराग्य और आत्मसंयम की ओर संकेत करती हैं। यह विरोधाभास नहीं, बल्कि जीवन का संतुलन है। प्रेम मनुष्य को संवेदनशील बनाता है, जबकि वैराग्य उसे संतुलित और जागरूक बनाता है। किताब का यही संतुलन इसे अलग और अर्थपूर्ण बनाता है। आधुनिक समय में प्रासंगिकता आज के समय में जब रिश्तों में धैर्य कम और अपेक्षाएं अधिक हो गई हैं, तब ऐसी लोककथाएं हमें याद दिलाती हैं कि प्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। इसी तरह संत गोरखनाथ की शिक्षाएं यह भी बताती हैं कि जीवन में सादगी, संयम और आत्मचिंतन का महत्व हमेशा बना रहता है। इसलिए यह किताब केवल अतीत की कहानियां नहीं बताती, बल्कि वर्तमान जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। इसे क्यों पढ़ें? इसमें संत गोरखनाथ के प्रभाव से उपजी लोककथाओं को बेहद सहज अंदाज में लिखा गया है। यह केवल आध्यात्मिक विचार नहीं देती, बल्कि प्रेम, सादगी, समानता और आत्मचिंतन जैसे जीवन के जरूरी मूल्यों को भी समझाती है। मौजूदा वक्त में यह किताब और भी प्रासंगिक है, जो सोच को संतुलित और संवेदनशील बनाती है। किताब के बारे में मेरी राय ये किताब कोई भारी-भरकम लेक्चर नहीं देती, बल्कि हाथ पकड़कर गांव की गलियों में घुमाती है। हर कहानी में एक सबक छिपा है कि आस्था कोई बड़ी चीज नहीं, यह तो हमारे रोजमर्रा के हर छोटे-मोटे काम में है। किताब में कुछ कहानियां अचानक खत्म हो जाती हैं। अगर इसमें थोड़ा और तुलनात्मक इतिहास शामिल किया जाता तो यह ज्यादा इंटरेस्टिंग होता। किताब को पढ़ने में बोरियत नहीं महसूस होती है। अगर आप भी कभी सोचते हैं कि आस्था कहां बची है, तो ये किताब बताती है कि आपके आसपास, आपकी मिट्टी में, आपके सपनों में हर जगह आस्था बसी हुई है। अगर आप लोककथाओं, आस्था और इंसानी जज्बातों को पढ़ने के शौकीन हैं, तो ये किताब आपके लिए अनमोल है। ……………… ये खबर भी पढ़िए बुक रिव्यू- एक शानदार एपिक करियर कैसे बनाएं: सबसे जरूरी है जानना अपना पैशन और पर्पज, इसी से बनेगा ग्रोथ माइंडसेट, आएगा डिसिप्लिन अंकुर वारिकू ने इस किताब में अपनी जिंदगी के रियल एक्सपीरियंस शेयर किए हैं और बताया है कि अपना पैशन कैसे पहचानें। उन्होंने किताब में बताया है कि सक्सेस माइंडसेट कैसे बनाएं, अच्छी आदतें कैसे डेवलप करें और खुद को कैसे पहचानें। यह ट्रेडिशनल सेल्फ-हेल्प बुक नहीं, बल्कि एक एक्शन-ओरिएंटेड किताब है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… बुक रिव्यू: ताकत बाहर नहीं, भीतर है: हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें 1:31 कॉपी लिंक शेयर बुक रिव्यू- फीलिंग से हीलिंग तक: जो भी महसूस करते हैं, उसे दबाएं नहीं, समझें और सही दिशा दें, यही सिखाती है किताब ‘फील टू हील’ 1:49 कॉपी लिंक शेयर बुक रिव्यू- मंजिल तक पहुंचने का ‘फ्लाइट प्लान’: मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन उनसे लड़ें कैसे, यही सीक्रेट बताती है ये किताब 1:27 कॉपी लिंक
Blunt Speaking Child Psychology; Social Skills Guidance

Hindi News Lifestyle Blunt Speaking Child Psychology; Social Skills Guidance | Comm Skill Parenting Tips 4 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं पटना से हूं। मेरी 10 साल की बेटी बहुत होशियार, समझदार है। लेकिन उसकी एक आदत बहुत परेशान करने वाली है। वो जो सोचती है, फट से बोल देती है। अगर उसे किसी की ड्रेस अच्छी नहीं लगी तो सीधे कह देती है, “ये अच्छी नहीं है।” अगर कोई दोस्त गलत खेले तो कह देगी, “तुम्हें खेलना नहीं आता।” वह बोलने से पहले सोचती नहीं है। दोस्त उसकी बातों का बुरा मान जाते हैं। उसकी कुछ दोस्तियां भी टूट चुकी हैं। ये साफगोई है या मुंहफटपन। मैं कन्फ्यूज हूं। समझ नहीं पा रही, उसे कैसे गाइड करूं। मुझे क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए आपका शुक्रिया। सबसे पहले तो मैं आपको आश्वस्त करना चाहूंगी कि ये कोई ‘अवगुण’ नहीं है। ये आपकी बेटी की पर्सनैलिटी का एक ‘रॉ’ यानी कच्चा रूप है। 10 साल की उम्र में बच्चे अपने विचारों को साफ तरीके से रखना सीख रहे होते हैं। उनमें लॉजिकल ब्रेन विकसित हो रहा होता है। लेकिन ‘सोशल इंटेलिजेंस’ (सामाजिक समझ) अभी पूरी तरह मेच्यौर नहीं हुई होती है। उनमें अभी यह समझ पूरी तरह विकसित नहीं हुई होती कि सच बोलने का तरीका भी मायने रखता है। साइकोलॉजी में इसे ‘सोशल फिल्टर डेवलपमेंट’ कहा जाता है। यह समझ जन्म से नहीं होती है, बल्कि धीरे-धीरे सीखने वाली चीज है। इसलिए बेटी को कम्युनिकेशन स्किल सिखाना जरूरी है। बच्चे के बिना फिल्टर बोलने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। आइए पहले इसे समझते हैं। बच्चे बिना फिल्टर के क्यों बोलते हैं? डेवलपमेंटल साइकोलॉजी के मुताबिक, टीनएज से पहले बच्चे दुनिया को ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ नजरिए से देखते हैं। उनके दिमाग में ‘सही’ और ‘गलत’ दो ही चीजें होती हैं। वह डिप्लोमेसी के महत्व को नहीं समझते हैं। उन्हें लगता है कि अगर कोई चीज बुरी दिख रही है, तो उसे बुरा कहना ही ईमानदारी है। वह ये नहीं समझ पाते कि उनके शब्द किसी के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा सकते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। क्या यह चिंता की बात है? यहां समझने वाली बात ये है कि अगर आपकी बच्ची जानबूझकर किसी को नीचा दिखाने या मजाक उड़ाने के लिए ऐसा करती है, तो यह बिहेवियरल प्रॉब्लम है। लेकिन अगर वह अनजाने में सिर्फ ‘सच’ कह रही है, तो यह केवल सोशल स्किल की कमी है। अच्छी बात यह है कि 10-12 साल की उम्र में इसे बहुत आसानी से सुधारा जा सकता है। ‘मुंहफट’ बच्चे को कैसे गाइड करें? सबसे पहले यह समझ लें कि आपकी बच्ची की ‘साफगोई‘ ही उसकी असली ताकत है। उसे बदलने की कोशिश करना उसके आत्मविश्वास को चोट पहुंचा सकता है। ऐसे में जरूरत उसे चुप कराने की नहीं, बल्कि उसे बातचीत का तरीका सिखाने की है। उसे समझाएं कि सच बोलना अच्छी बात है, लेकिन हर सच उसी रूप में और उसी समय बोलना जरूरी नहीं होता है। बोलने से पहले रुकना, सोचना और सामने वाले की भावना को समझना भी उतना ही जरूरी है। बच्ची को यह सिखाएं कि वह अपनी बात रखते समय लहजा नरम रखे। शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करे और सामने वाले के नजरिए को भी समझे। आप रोल-प्ले, कहानियों और रोजमर्रा की छोटी घटनाओं के जरिए उसे यह कला सिखा सकती हैं। याद रखें, आपका उद्देश्य उसे बदलना नहीं, बल्कि उसकी बेबाकी को थोड़ा संवेदनशील बनाना है। नीचे दिए गए ग्राफिक में कुछ आसान और व्यवहारिक तरीके दिए गए हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। ‘सत्यं ब्रूयात, प्रियं ब्रूयात’ आपकी बेटी में ईमानदारी है, ये अच्छी बात है। लेकिन उसे ये नहीं पता कि ‘सच’ और ‘कड़वे सच’ के बीच एक बहुत बारीक लकीर होती है। संस्कृत का एक श्लोक है- “सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात् सत्यमप्रियम्।” इसका अर्थ है, ‘’सच बोलो, मीठा बोलो। लेकिन ऐसा सच न बोलो, जो दिल को आहत करे।’’ बेटी को समझाएं कि सच बोले, लेकिन इसे ऐसे बोले कि सामने वाले का दिल न दुखे। उसे ये बातें उदाहरण के साथ समझाएं। जैसेकि– मान लो आपके पास एक खिलौना है। आपका कोई दोस्त कहे कि खिलौना खराब है तो आपको कैसा लगेगा? बुरा लगेगा न। वैसे ही हमें किसी को ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए, जिससे उसका दिल दुखे। जब क्लास में कोई स्पीच देता है तो टीचर अंत में हमेशा क्या कहती हैं– “वेरी गुड।” वो कभी ऐसे तो नहीं बोलतीं कि ये स्पीच गंदी थी, तुम्हें बोलना नहीं आता। वैसे ही हमें हमेशा दूसरों को इनकरेज करना चाहिए। अगर उन्होंने बहुत अच्छा नहीं बोला, अच्छा नहीं किया, तो भी हमें “वेरी गुड” ही बोलना चाहिए। तभी तो वो आगे और कोशिश करेंगे। मान लो, आपकी दोस्त ने एक ड्रॉइंग बनाई और आपको दिखाकर पूछा- “कैसी है?” तो आप क्या कहोगी? क्या ये कहना चाहिए कि ये पेंटिंग अच्छी नहीं लगी। नहीं न। हम यही कहेंगे, “ये तो बहुत सुंदर है। लेकिन अगर इसमें एक और पेड़ बना लो तो ये और सुंदर हो जाएगी।“ इस तरह हमने सच भी बोला, फीडबैक भी दिया और उसका दिल भी नहीं दुखाया। ‘रुको, सोचो, फिर बोलो’ का फॉर्मूला बताएं बच्ची को यह बताना जरूरी है कि बोलना एक जिम्मेदारी का काम है। उसे बताएं कि जो शब्द हम एक बार बोल देते हैं, वे कभी वापस नहीं आते। इसलिए प्रतिक्रिया देने से पहले थोड़ा रुकना और सोचना बहुत जरूरी है। उसे कम्युनिकेशन का ‘थिंक’ फॉर्मूला समझाएं। बताएं कि कुछ भी बोलने से पहले खुद से ये 5 सवाल जरूर पूछे- ‘मुंहफट’ बच्चों के साथ पेरेंट्स न करें ये गलतियां कई बार पेरेंट्स बच्चे को सुधारने के इरादे से ऐसी प्रतिक्रियाएं देते हैं, जो अनजाने में समस्या को और बढ़ा देती है। तुरंत डांटना, सबके सामने टोकना या बार-बार उसकी कमी गिनाना बच्चे को सुधारता नहीं, बल्कि उसे डिफेंसिव बना देता है। ऐसे में बच्चा या तो चुप हो जाता है या और ज्यादा जिद्दी। इसलिए सुधार का तरीका संतुलित होना चाहिए। इसलिए पेरेंट्स को कभी भी ये गलतियां नहीं करनी चाहिए- बच्ची को ‘मुंहफट’ या ‘बदतमीज’ न कहें। सबके
Chaitra Navratri 2026 Vrat Recipes List; Healthy Falahar Diet Tips

Hindi News Lifestyle Chaitra Navratri 2026 Vrat Recipes List; Healthy Falahar Diet Tips | Makhana Kuttu Singhara Benefits 5 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक आज चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है। इस बार नवरात्रि 19 से 27 मार्च 2026 तक है। इस दौरान बहुत से लोग पूरे नौ दिनों का व्रत रखते हैं। व्रत में खाने को लेकर संयम बरतने होते हैं। व्रत में खाने के विकल्प कम होने पर आमतौर पर लोग या तो लंबे समय तक भूखे रहते हैं या फिर तली-भुनी चीजें ज्यादा खाते हैं। इससे थकान, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि व्रत के दौरान ऐसी डिशेज चुनी जाएं, जो स्वाद के साथ शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण भी दें। मूंगफली, मखाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, दही और फलों से व्रत के लिए कई हेल्दी व टेस्टी डिशेज आसानी से तैयार की जा सकती हैं। इसलिए जरूरत की खबर में आज बात आसान और पौष्टिक व्रत रेसिपीज की। साथ ही जानेंगे कि- व्रत के खाने को हेल्दी कैसे बना सकते हैं? व्रत का खाना बनाते समय क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- व्रत के लिए ऐसी कौन-सी डिशेज हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ पोषण से भरपूर भी हैं? जवाब- व्रत की डाइट में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जैसे मूंगफली, मखाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना और राजगिरा। इनसे कई हेल्दी और स्वादिष्ट डिशेज तैयार की जा सकती हैं। उदाहरण के लिए, रोस्टेड मखाना, कुट्टू चीला और राजगिरा पराठा जैसी डिशेज स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होती हैं। नीचे दिए ग्राफिक में व्रत के लिए कुछ हेल्दी डिशेज की लिस्ट देखिए- आइए, अब इन डिशेज की रेसिपीज को एक-एक करके विस्तार से समझते हैं- 1. साबूदाना खिचड़ी सामग्री 1 कप साबूदाना 2 उबले आलू (कटे हुए) एक चौथाई कप भुनी मूंगफली 1 हरी मिर्च 2 चुटकी जीरा 1 छोटा चम्मच घी सेंधा नमक (स्वादानुसार) नींबू और हरा धनिया साबूदाना खिचड़ी की रेसिपी साबूदाना 4-5 घंटे पहले धोकर भिगो दें। पैन में थोड़ा घी गर्म करके जीरा डालें। हरी मिर्च और आलू डालकर हल्का भूनें। अब साबूदाना और सेंधा नमक डालें। 3-4 मिनट चम्मच चलाते हुए पकाएं। मूंगफली और नींबू डालकर सर्व करें। 2. रोस्टेड मखाना सामग्री 2 कप मखाना 1 चम्मच घी सेंधा नमक (स्वादानुसार) काली मिर्च पाउडर रोस्टेड मखाना की रेसिपी कढ़ाई में घी गर्म करें। मखाना डालकर धीमी आंच पर 5-6 मिनट भूनें। जब कुरकुरे हो जाएं तो नमक और काली मिर्च डालें। रूम टेम्परेचर में आने पर स्नैक की तरह खाएं। 3. राजगिरा आलू पराठा सामग्री 1 कप राजगिरा आटा 2 उबले आलू हरी मिर्च सेंधा नमक (स्वादानुसार) घी राजगिरा आलू पराठा की रेसिपी आलू मैश करके नमक और मिर्च मिलाएं। राजगिरा आटे को गुनगुने पानी से गूंथ लें। छोटी लोई बनाकर आलू भरें। हल्के हाथ से बेलें। तवे पर थोड़ा घी लगाकर सेंक लें। 4. कुट्टू आलू पराठा सामग्री 1 कप कुट्टू का आटा 2 उबले आलू हरी मिर्च सेंधा नमक (स्वादानुसार) घी कुट्टू आलू पराठा की रेसिपी आलू मैश करके नमक और मिर्च मिलाएं। कुट्टू आटा गूंथ लें। लोई बनाकर आलू भरें। तवे पर हल्का घी लगाकर सेंकें। चटनी या वेजिटेबल रायते के साथ गरमा-गर्म खाएं। 5. सिंघाड़े के आटे की बेक्ड पूरियां सामग्री 1 कप सिंघाड़ा आटा 1 उबला आलू सेंधा नमक (स्वादानुसार) थोड़ा घी बेक्ड पूरियों की रेसिपी आटा और मैश आलू मिलाकर गूंथ लें। छोटी पूरियां बेल लें। हल्का घी लगाएं। एयर फ्रायर में 2-4 मिनट बेक करें। 6. फल और दही की स्मूदी सामग्री 1 कप दही 1 केला या थोड़े अंगूर 1 चम्मच शहद थोड़े ड्राई फ्रूट्स फल और दही की स्मूदी की रेसिपी ब्लेंडर में दही और फल डालें। शहद मिलाकर ब्लेंड करें। ऊपर से ड्राई फ्रूट्स डालकर सर्व करें। 7. कुट्टू चीला सामग्री 1 कप कुट्टू आटा 1 उबला आलू हरी मिर्च सेंधा नमक (स्वादानुसार) घी कुट्टू चीला की रेसिपी कुट्टू आटा का गाढ़ा घोल बना लें। आलू और मिर्च मिलाएं। तवे पर थोड़ा घी लगाकर घोल फैलाएं। दोनों तरफ से सेक लें। गरमा-गर्म सर्व करें। 8. लौकी रायता सामग्री 1 कप कद्दूकस लौकी 1 कप दही सेंधा नमक (स्वादानुसार) भुना जीरा लौकी रायता की रेसिपी लौकी को हल्का उबाल लें। ठंडा करके दही में मिलाएं। नमक और जीरा डालें। तैयार होने पर सर्व करें। 9. शकरकंद चाट सामग्री 2 उबली शकरकंद सेंधा नमक (स्वादानुसार) काली मिर्च नींबू हरा धनिया शकरकंद चाट की रेसिपी शकरकंद को छोटे टुकड़ों में काटें। नमक और थोड़ी काली मिर्च मिलाएं। ऊपर से नींबू और धनिया डालें। अच्छी तरह मिलाकर खाएं। 10. मखाना खीर (लो-शुगर) सामग्री 1 कप मखाना 2 कप दूध 1 चम्मच चीनी इलायची पाउडर मखाना खीर की रेसिपी मखाने को घी में हल्का भून लें। दूध उबालें और मखाना डालें। 8-10 मिनट पकाएं। हल्की चीनी और इलायची डालें। तैयार होने पर सर्व करें। 11. फ्रूट सलाद सामग्री सेब केला पपीता अनार शहद फ्रूट सलाद की रेसिपी सभी फलों को छोटे टुकड़ों में काटें। एक बाउल में मिलाएं। ऊपर से शहद डालें। 12. कुट्टू की इडली सामग्री 1 कप कुट्टू आटा आधा कप दही सेंधा नमक (स्वादानुसार) थोड़ा पानी कुट्टू की इडली की रेसिपी कुट्टू आटा, दही और नमक मिलाकर बैटर (घोल) बनाएं। इडली मोल्ड (सांचे) में डालें। 10-12 मिनट स्टीम करें। नारियल चटनी के साथ खाएं। सवाल- व्रत के खाने को हेल्दी कैसे बना सकते हैं? जवाब- व्रत के दौरान लोग अक्सर तली-भुनी और ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खा लेते हैं। इससे व्रत का खाना हेल्दी होने के बजाय हैवी हो जाता है। हालांकि कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर व्रत के भोजन को ज्यादा पौष्टिक बनाया जा सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- व्रत का खाना बनाते समय कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- व्रत के दौरान लोग भोजन की शुद्धता और स्वाद पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जिससे फलाहार हैवी हो जाता है और उसके न्यूट्रिशन कम हो जाते हैं। इसलिए व्रत का भोजन बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। साबूदाना वड़ा, चिप्स या पूड़ी जैसी चीजें तेल में तली होती हैं। इससे कैलोरी बढ़
घर के बाहर से मंडी व्यापारी की कार चोरी

चिमनगंज थाना क्षेत्र में चोर सक्रिय हो गए। यहां रतन एवेन्यू कॉलोनी में रहने वाले मंडी व्यापारी विकास अग्रवाल की घर के बाहर खड़ी कार बदमाश चुरा ले गए। सीसीटीवी कैमरे में पांच बदमाश दिखाई दिए हैं। इसी तरह अगस्त 2025 में भी चिमनगंज थाना क्षेत्र में ही कानीपुरा मार्ग की कॉलोनी में बदमाशों का गिरोह आया था और एक साथ चार बाइके चुरा ले गए थे। कोचिंग संचालक अमित सक्सेना के घर दो गाड़ियां थी, लेकिन बदमाश अब तक नहीं पकड़ाए। अब मंडी व्यापारी की घर के बाहर खड़ी कार को बदमाश चुरा ले गए। पांच बदमाश सीसीटीवी में कैद हुए, जो बाइक पर सवार होकर आए थे और चंद मिनट में घर के बाहर खड़ी कार का लॉक खोलकर उसमें दो बदमाश गाड़ी में बैठकर बेखौफ उसे ले गए। बदमाश अन्य कैमरों में कैद हुए और कार को कानीपुरा मार्ग की तरफ ले जाते दिखाई दिए। व्यापारी अग्रवाल ने कुछ साल पहले ही कार खरीदी थी। बुधवार सुबह उन्होंने चिमनगंज थाने पहुंच पुलिस को चोरी की घटना से अवगत कराते हुए रिपोर्ट की।
Gold Silver Prices Down | India Iran Israel Tension; Dry Fruits Paracetamol Expensive in Delhi

Hindi News Business Gold Silver Prices Down | India Iran Israel Tension; Dry Fruits Paracetamol Expensive In Delhi नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर ईरान-इजराइल जंग से जुड़ी रही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी की वजह से दिल्ली के बाजारों में डाई फ्रूट्स 50% तक महंगे हो गए हैं। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत भी 47% तक बढ़ गई है। सोने-चांदी की कीमतों में 18 मार्च को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 2,433 रुपए घटकर 2.50 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.52 लाख रुपए किलो थी। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. दिल्ली में ड्राई फ्रूट्स 50% और पैरासिटामोल 47% महंगी: ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई ठप; गैस की किल्लत से 1.20 लाख लोगों ने PNG कनेक्शन लिए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी की वजह से दिल्ली के बाजारों में डाई फ्रूट्स 50% तक महंगे हो गए हैं। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत भी 47% तक बढ़ गई है। वहीं, गैस की किल्लत के कारण पिछले दो हफ्तों में 1.20 लाख नए PNG कनेक्शन बढ़ें हैं। इसके अलावा, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रेडी-टू-ईट मील और पैक्ड फूड की डिमांड में 15% से ज्यादा बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X भारत सहित दुनियाभर में डाउन: अमेरिका में सबसे ज्यादा 14,000 से शिकायतें; एक्सेस नहीं कर पा रहे यूजर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, भारत सहित दुनिया के कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट ‘डाउनडिटेक्टर’ के मुताबिक, यूजर्स न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए लिंक लोड हो रहे हैं। यहां तक कि टाइमलाइन भी रिफ्रेश नहीं हो पा रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. चांदी तीन दिन में ₹18,138 सस्ती, ₹2.50 लाख पर आई: सोना ₹4,778 गिरकर ₹1.55 लाख पर आया, ईरान जंग का असर सोने-चांदी की कीमतों में 18 मार्च को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 2,433 रुपए घटकर 2.50 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.52 लाख रुपए किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 789 रुपए गिरकर 1.55 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 17 मार्च को सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10g था। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना तीन दिन में 4,218 और चांदी 16,793 सस्ती हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी: पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। मार्च की इस अवधि में LPG की खपत 1.147 मिलियन टन रही, जबकि पिछले साल इसी समय में ये 1.387 मिलियन टन थी। फरवरी के पहले पखवाड़े की तुलना में मार्च में 26.3% कम खपत रही। दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी। पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर 1.5 मिलियन टन और डीजल की बिक्री 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. जियो ने IPO के लिए 17 ग्लोबल बैंकर्स नियुक्त किए: ₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है कंपनी, ये देश का सबसे बड़ा IPO होगा रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 17 ग्लोबल और घरेलू इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। ईटी नाऊ की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है। जियो ने इस इश्यू को मैनेज करने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों को ऑनबोर्ड किया हैं। इनके अलावा कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल जैसे घरेलू बैंक भी इस टीम का हिस्सा हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… बुधवार के शेयर मार्केट और सोना चांदी के हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Silver Prices Down | India Iran Israel Tension; Dry Fruits Paracetamol Expensive in Delhi

Hindi News Business Gold Silver Prices Down | India Iran Israel Tension; Dry Fruits Paracetamol Expensive In Delhi नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर ईरान-इजराइल जंग से जुड़ी रही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी की वजह से दिल्ली के बाजारों में डाई फ्रूट्स 50% तक महंगे हो गए हैं। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत भी 47% तक बढ़ गई है। सोने-चांदी की कीमतों में 18 मार्च को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 2,433 रुपए घटकर 2.50 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.52 लाख रुपए किलो थी। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. दिल्ली में ड्राई फ्रूट्स 50% और पैरासिटामोल 47% महंगी: ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई ठप; गैस की किल्लत से 1.20 लाख लोगों ने PNG कनेक्शन लिए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी की वजह से दिल्ली के बाजारों में डाई फ्रूट्स 50% तक महंगे हो गए हैं। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत भी 47% तक बढ़ गई है। वहीं, गैस की किल्लत के कारण पिछले दो हफ्तों में 1.20 लाख नए PNG कनेक्शन बढ़ें हैं। इसके अलावा, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रेडी-टू-ईट मील और पैक्ड फूड की डिमांड में 15% से ज्यादा बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X भारत सहित दुनियाभर में डाउन: अमेरिका में सबसे ज्यादा 14,000 से शिकायतें; एक्सेस नहीं कर पा रहे यूजर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, भारत सहित दुनिया के कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट ‘डाउनडिटेक्टर’ के मुताबिक, यूजर्स न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए लिंक लोड हो रहे हैं। यहां तक कि टाइमलाइन भी रिफ्रेश नहीं हो पा रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. चांदी तीन दिन में ₹18,138 सस्ती, ₹2.50 लाख पर आई: सोना ₹4,778 गिरकर ₹1.55 लाख पर आया, ईरान जंग का असर सोने-चांदी की कीमतों में 18 मार्च को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 2,433 रुपए घटकर 2.50 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.52 लाख रुपए किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 789 रुपए गिरकर 1.55 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 17 मार्च को सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10g था। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना तीन दिन में 4,218 और चांदी 16,793 सस्ती हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी: पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। मार्च की इस अवधि में LPG की खपत 1.147 मिलियन टन रही, जबकि पिछले साल इसी समय में ये 1.387 मिलियन टन थी। फरवरी के पहले पखवाड़े की तुलना में मार्च में 26.3% कम खपत रही। दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी। पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर 1.5 मिलियन टन और डीजल की बिक्री 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. जियो ने IPO के लिए 17 ग्लोबल बैंकर्स नियुक्त किए: ₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है कंपनी, ये देश का सबसे बड़ा IPO होगा रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 17 ग्लोबल और घरेलू इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। ईटी नाऊ की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है। जियो ने इस इश्यू को मैनेज करने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों को ऑनबोर्ड किया हैं। इनके अलावा कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल जैसे घरेलू बैंक भी इस टीम का हिस्सा हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… बुधवार के शेयर मार्केट और सोना चांदी के हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Odisha Hospital Fire | BJD Calls CMs Suspension Farce

कटक34 मिनट पहले कॉपी लिंक कटक के श्रीराम चंद्र भंज(SCB) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 14-15 मार्च की दरमियानी रात करीब 3 बजे आग लग गई थी। कटक के श्रीराम चंद्र भंज(SCB) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आग लगने की घटना के दो दिन बाद ओडिशा मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 4 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में अग्निशमन सेवा के तीन कर्मचारी और विद्युत विभाग का एक कर्मचारी शामिल है। इस बीच, विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल(BJD) ने चार जूनियर अधिकारियों के निलंबन को सिर्फ दिखावा बताया। BJD के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इतने संवेदनशील मामले को लेकर बहुत ही लापरवाही भरा रवैया अपनाया है। दरअसल, SCB मेडिकल कॉलेज में 14-15 मार्च की दरमियानी रात करीब 3 बजे आग लग गई। हादसे में 12 मरीजों की मौत हो गई है। इनमें से 7 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, 5 की मौत इलाज के दौरान हुई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया था। विकास आयुक्त की रिपोर्ट पर कार्रवाई सूत्रों ने मुताबिक यह कार्रवाई विकास आयुक्त डी.के. सिंह की अध्यक्षता वाली समिति की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। निलंबित अधिकारियों में डिप्टी फायर ऑफिसर प्रकाश कुमार जेना, असिस्टेंट फायर ऑफिसर संजीव कुमार बेहरा (दोनों कटक सर्किल से), SCB मेडिकल और अस्पताल के स्टेशन ऑफिसर अभिनव प्रुस्टी शामिल हैं। इनके अलावा कटक GED के तहत SCB उप-मंडल के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रंजन कुमार बिस्वाल को निलंबित किया गया है। कांग्रेस ने घटना को सुरक्षा और निगरानी में नाकामी बताया ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने आरोप लगाया कि SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आग लगने की एक और घटना ने सुरक्षा और निगरानी में गंभीर नाकामी को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि ICU की दुखद घटना के बाद भी बार-बार ऐसी घटनाएं होना, साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को दिखाता है। जवाबदेही तुरंत तय की जानी चाहिए और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दाल ने आगे लिखा कि अगर स्वास्थ्य मंत्री अपना कर्तव्य निभाने में असमर्थ हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। हादसे की तीन तस्वीरें… हादसे के बाद अस्पताल के बाहर मची अफरातफरी। हादसे की खबर लगते ही मरीजों के परिजन हॉस्पिटल के बाहर जमा हो गए। परिजन को ही ऑक्सीजन सिलेंडर समेत बाकी जरूरी सामान लाना पड़ा। अस्पताल में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे घटना के बाद परिजन में काफी गुस्सा देखने को मिला। लोग सवाल उठा रहे थे कि ICU में फायर सेफ्टी का सही इंतजाम नहीं था। एक मृतक के भाई का कहना था कि अगर समय पर सही व्यवस्था होती, तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि आग पहली मंजिल पर ही लगी थी। लेकिन घना धुआं बाकी मंजिलों तक फैल गया था। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग वार्डों से मरीजों को बाहर निकालना पड़ा। कर्मचारियों ने बताया कि फायर टेंडर को घटनास्थल तक पहुंचने में लगभग 30 मिनट लगे, जबकि फायर स्टेशन एससीबी परिसर के अंदर ही मौजूद था। अस्पताल के डॉक्टर और नर्सों ने तुरंत मरीजों को वहां से बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। इसी बीच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। अलार्म या पब्लिक अनाउंसमेंट सुनाई नहीं दिया एक मरीज के रिलेटिव ने बताया कि आईसीयू में कोई फायर प्रोटेक्शन नहीं था। आग लगने के वक्त उन्हें किसी तरह का अलार्म या पब्लिक अनाउंसमेंट भी सुनाई नहीं दिया। अगर समय रहते अलर्ट मिलता, तो शायद हालात इतने खराब नहीं होते। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि आग लगने के बाद शुरुआती कुछ मिनटों तक लोगों को यह समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। धुआं बढ़ने के बाद ही लोगों में घबराहट फैली और तब जाकर मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। डॉक्टर ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार किया डॉक्टर और स्टाफ की भूमिका जानने के बाद हम पोस्टमॉर्टम काउंटर के सामने मौजूद एक डॉक्टर से भी बात करने की कोशिश की। हम उनसे पूछना चाहते थे कि आखिर कुल कितने लोगों की मौत हुई है। क्योंकि वहां मौजूद कुछ लोग कह रहे थे कि जितनी संख्या मीडिया में सामने आ रही है, संख्या कहीं उससे ज्यादा है। लेकिन जब हमने डॉक्टर से सवाल पूछने की कोशिश की, तो उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया और कुछ ही देर बाद मोटरसाइकिल के पीछे बैठकर वहां से चले गए। चश्मदीदों ने बताया कि धुआं तेजी से फैलने के कारण ICU में भर्ती कई मरीजों की हालत बिगड़ने लगी थी। जो मरीज पहले से गंभीर थे और ऑक्सीजन या वेंटिलेटर पर थे, उन्हें सांस लेने में और ज्यादा परेशानी हो रही थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हादसे में करीब 10 मरीजों की मौत हो गई। सुबह जब आग बुझी तब ICU के अंदर बेड और मशीनें जले हुए नजर आए। 10 साल पहले भी हुई 22 मौतें, दोबारा हुआ ऐसा हादसा 2016 में ओडिशा में भुवनेश्वर के एक निजी SUM हॉस्पिटल में आग लगी थी। इसमें 22 मरीजों की मौत हो गई थी। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल के मालिक के करीबी थे। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। अस्पताल के मालिक को भी हत्या के केस में जेल जाना पड़ा था। 2016 में SUM हॉस्पिटल की घटना के बाद उसके मालिक मनोज को गिरफ्तार किया गया था। आज SCB मेडिकल की इस घटना के बाद लोगों के मन में यही सवाल है- इस बार जिम्मेदार कौन होगा और सरकार किस पर कार्रवाई करेगी? ————————– हॉस्पिटल में आग से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जयपुर के SMS हॉस्पिटल में आग से 8 मरीजों की मौत हुई थी, ट्रॉमा सेंटर के ICU में शॉर्ट सर्किट से हादसा अक्टूबर 2025 में जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भी आग लगी थी। इस हादसे में 8 मरीजों की मौत हुई थी। हादसे के समय आईसीयू में 11 मरीज थे। हादसे का शिकार मरीज वेंटिलेटर पर थे। यह भी पता चला था कि स्टोर रूम में लगे स्मोक डिटेक्टर ने








