Sunday, 23 Aug 2026 | 01:52 PM

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वर्ल्ड अपडेट्स:US, 12 और देशों से वीजा आवेदनों के लिए USD 15,000 तक के बॉन्ड की मांग करेगा

वर्ल्ड अपडेट्स:US, 12 और देशों से वीजा आवेदनों के लिए USD 15,000 तक के बॉन्ड की मांग करेगा

अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि वह उन देशों की बढ़ती सूची में 12 और देशों को जोड़ रहा है जिनके नागरिकों को US वीजा के लिए आवेदन करने हेतु USD 15,000 तक के बॉन्ड जमा करने होंगे। 2 अप्रैल से प्रभावी, कंबोडिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रेनाडा, लेसोथो, मॉरीशस, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, निकारागुआ, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स और ट्यूनीशिया के पासपोर्ट धारकों को यह बॉन्ड जमा करना होगा। यह बॉन्ड तब वापस कर दिया जाता है जब वीजा आवेदन अस्वीकार हो जाता है, या यदि वीजा मिल जाता है, तो वह व्यक्ति वीजा की शर्तों का पालन करता है। यह जानकारी बुधवार को विदेश विभाग की वेबसाइट पर जारी एक नोटिस के अनुसार है। 2 अप्रैल के बाद, ऐसे 50 देश हो जाएंगे जिनके नागरिकों पर यह शर्त लागू होगी। इस शर्त को पिछले साल ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किया गया था, जब उसने वीजा की अवधि से ज्यादा रुकने वालों पर सख्ती बरती थी और बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासन को रोकने की दिशा में कदम उठाए थे। आज की अन्य बड़ी खबरें… पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे पर हमलों में अस्थायी रोक की घोषणा की अफगानिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद पर काबुल के एक पुनर्वास अस्पताल पर हमले में 400 लोगों को मारने का आरोप लगाने के एक दिन बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने बुधवार को ईद-उल-फितर के मद्देनजर और सऊदी अरब, तुर्की तथा कतर के अनुरोध पर लड़ाई में अस्थायी रोक की घोषणा की। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने ‘X’ पर एक पोस्ट में यह घोषणा की। यह घोषणा उनके देश द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में कथित तालिबान ठिकानों पर नए हमले किए जाने के कुछ घंटों बाद की गई। उन्होंने कहा, आने वाले इस्लामी त्योहार ईद-उल-फितर के मद्देनजर, अपनी पहल पर और साथ ही सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे ‘भाईचारे वाले इस्लामी देशों’ के अनुरोध पर, पाकिस्तान ने चल रहे ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के बीच एक अस्थायी रोक की घोषणा करने का फैसला किया है।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे पर हमलों में अस्थायी रोक की घोषणा की

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे पर हमलों में अस्थायी रोक की घोषणा की

अफगानिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद पर काबुल के एक पुनर्वास अस्पताल पर हमले में 400 लोगों को मारने का आरोप लगाने के एक दिन बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने बुधवार को ईद-उल-फितर के मद्देनजर और सऊदी अरब, तुर्की तथा कतर के अनुरोध पर लड़ाई में अस्थायी रोक की घोषणा की। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने ‘X’ पर एक पोस्ट में यह घोषणा की। यह घोषणा उनके देश द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में कथित तालिबान ठिकानों पर नए हमले किए जाने के कुछ घंटों बाद की गई। उन्होंने कहा, आने वाले इस्लामी त्योहार ईद-उल-फितर के मद्देनजर, अपनी पहल पर और साथ ही सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे ‘भाईचारे वाले इस्लामी देशों’ के अनुरोध पर, पाकिस्तान ने चल रहे ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के बीच एक अस्थायी रोक की घोषणा करने का फैसला किया है।

नसों के बीच ट्यूमर, महिला का उठना-बैठना था मुश्किल:निजी अस्पतालों ने लौटाया, एम्स में माइक्रोसर्जिकल तकनीक से डॉक्टरों ने निकाला

नसों के बीच ट्यूमर, महिला का उठना-बैठना था मुश्किल:निजी अस्पतालों ने लौटाया, एम्स में माइक्रोसर्जिकल तकनीक से डॉक्टरों ने निकाला

नसों के बीच विकसित हुए खतरनाक ट्यूमर ने एक 40 वर्षीय महिला की जिंदगी पूरी तरह बदल दी थी। हालत यह हो गई थी कि उनका उठना-बैठना तक मुश्किल हो गया और धीरे-धीरे वे बिस्तर पर निर्भर हो गईं। कई निजी अस्पतालों ने इस जटिल सर्जरी को जोखिम भरा बताकर हाथ खड़े कर दिए, जिससे परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। ऐसे कठिन समय में एम्स Bhopal के डॉक्टरों ने चुनौती स्वीकार की और माइक्रोसर्जिकल तकनीक के जरिए नसों के बीच मौजूद ट्यूमर को निकालकर मरीज को नई जिंदगी दी। बिस्तर तक सीमित हो गई थी जिंदगी भोपाल निवासी 40 वर्षीय महिला पिछले कई महीनों से इस न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रही थीं। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि वे खुद से उठ-बैठ भी नहीं पा रही थीं। धीरे-धीरे उन्होंने अपने शरीर पर नियंत्रण खोना शुरू कर दिया, जिसमें सबसे बड़ी समस्या मल और मूत्र पर नियंत्रण खत्म होना था। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को इंट्रामेडुलरी स्पाइनल ट्यूमर की समस्या थी। यह वह गांठ होती है जो रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) के अंदर विकसित होती है। यह बेहद दुर्लभ स्थिति है और कुल स्पाइनल ट्यूमर मामलों में इसका प्रतिशत बहुत कम होता है। इस तरह के ट्यूमर में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि यह सीधे नसों के बीच विकसित होता है, जिससे सर्जरी के दौरान जरा सी चूक स्थायी लकवे का कारण बन सकती है। इसके लक्षणों में शरीर के हिस्सों में कमजोरी, सुन्नपन, चलने में दिक्कत, और मल-मूत्र नियंत्रण में समस्या शामिल हैं। समय पर पहचान और विशेषज्ञ इलाज ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। एक प्रतिशत मामलों में होती है यह बीमारी यह ट्यूमर स्पाइनल श्वाननोमा के बेहद कम, लगभग 1.1 प्रतिशत मामलों में ही देखने को मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति रीढ़ की सर्जरी में सबसे जटिल मानी जाती है, क्योंकि इसमें स्पाइनल कॉर्ड के भीतर से ट्यूमर निकालना होता है। जरा सी चूक भी स्थायी लकवा जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। कई अस्पतालों ने ठुकराया, एम्स में मिली उम्मीद मरीज और उनके परिजनों ने इलाज के लिए कई अस्पतालों का रुख किया, लेकिन कहीं सर्जरी को टाल दिया गया तो कहीं इसे अत्यधिक जोखिम भरा और महंगा बताया गया। लगातार निराशा और आर्थिक संकट के बीच परिवार ने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी। ऐसे कठिन समय में उन्होंने एम्स का रुख किया, जहां उन्हें नई उम्मीद मिली। ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. पंकज मिश्रा के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण केस को स्वीकार किया। सर्जरी से पहले विस्तृत जांच और सटीक योजना बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान माइक्रोसर्जिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे स्पाइनल कॉर्ड के भीतर मौजूद ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इस प्रक्रिया में नसों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। ये सावधानियां जरूरी अलग-अलग विभागों के डॉक्टरों ने मिलकर की सर्जरी इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में कई विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. एसआरएएन भूषण ने ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा। वहीं, शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग के डॉ. विट्ठल पुरी ने सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। उनकी देखरेख में मरीज ने धीरे-धीरे अपनी शारीरिक क्षमता वापस पाना शुरू किया। आयुष्मान योजना से मिला फ्री इलाज इस पूरे इलाज की एक और खास बात यह रही कि सर्जरी और उपचार पूरी तरह आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्री किया गया। इससे मरीज और उसके परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। यह योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। तेजी से हो रहा सुधार, लौट रही सामान्य जिंदगी सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिला। उन्होंने धीरे-धीरे अपनी ताकत वापस पाना शुरू कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने फिर से मल-मूत्र पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है, जो उनके लिए बड़ी राहत की बात है। अब वह धीरे-धीरे सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रही हैं।

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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 23 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र के बीड शहर में एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में 16 साल के एक लड़के को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, छह साल की वह लड़की आरोपी के घर के सामने से गुजर रही थी, तभी उसने फल देने का लालच देकर उसे अपने पास बुलाया। इसके बाद लड़का लड़की को अपने घर की पहली मंजिल पर ले गया और सोमवार शाम को उसका यौन शोषण किया। घर पहुंचने पर, पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मां ने मंगलवार को पेठबीड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भोपाल के बैरसिया में सुपरवाइजर के मुंह पर कालिख पोती:पाइप लाइन बिछाने पर देरी से नाराज पार्षद प्रतिनिधि; कहा-2 साल से परेशान हैं

भोपाल के बैरसिया में सुपरवाइजर के मुंह पर कालिख पोती:पाइप लाइन बिछाने पर देरी से नाराज पार्षद प्रतिनिधि; कहा-2 साल से परेशान हैं

भोपाल के बैरसिया में पानी की पाइप लाइन बिछाने में हुई देरी पर पार्षद प्रतिनिधि का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज पार्षद प्रतिनिधि रवि करोसिया ने ठेकेदार के सुपरवाइजर के मुंह पर कालिख पोत दी। कहा कि जनता दो साल से परेशान हो रही है। बैरसिया नगर पालिका में शहरी अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना के तहत काम चल रहा है। यह शमशाबाद डेम से बैरसिया शहर तक पाइप लाइन बिछा हर घर तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से 13 सितंबर 2023 को शुरू की गई थी। इसे दो साल हो चुके हैं, लेकिन यह अधूरी है। करीब 22 करोड़ रुपए की इस योजना ने जहां लोगों को राहत देने का वादा किया था, वहीं अब यह नगरवासियों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गई है। कारण प्रोजेक्ट के ठेकेदार द्वारा नगर के वार्डों की सड़कों और गलियों में जगह-जगह खुदाई कर पाइप लाइन डाली गई, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। इस नाराजगी के चलते मंगलवार को नगर पालिका में पार्षद प्रतिनिधि करोसिया सहित अन्य पार्षदों ने ठेकेदार के सुपरवाइजर के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित पार्षदों ने काम में लापरवाही को लेकर सुपरवाइजर के चेहरे पर कालिख पोतकर अपना विरोध जताया। हंगामे की देखिए 3 तस्वीरें… दो साल से आश्वासन ही मिल रहा नाराज पार्षदों का कहना है कि ठेकेदार पिछले दो वर्ष से सिर्फ आश्वासन दे रहा है, लेकिन काम पूरा करने की कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा। अगर काम नहीं करना है तो ठेका छोड़ दें, ताकि किसी दूसरे जिम्मेदार ठेकेदार को काम सौंपा जा सके। पूरे नगर की सड़कें उखड़ी जानकारी के अनुसार, पूरे नगर के वार्डों में उखड़ी सड़कें और खुले गड्ढे अब हादसों को न्योता दे रहे हैं। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। जिससे आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

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वॉशिंगटन डीसी26 मिनट पहले कॉपी लिंक सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में तुलसी गबार्ड ने जवाब दिया। अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा है जो भविष्य में अमेरिका तक हमला कर सकती हैं। उन्होंने वॉशिंगटन DC में एक मीटिंग के दौरान बताया कि आने वाले समय में दुनिया में खतरनाक मिसाइलों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ सकती है। इंटेलिजेंस कम्यूनिटी (IC) का आंकलन है कि अभी करीब 3,000 मिसाइलें ऐसी हैं जो अमेरिका तक हमला कर सकती हैं, लेकिन 2035 तक ये बढ़कर 16,000 से ज्यादा हो सकती हैं। गबार्ड के मुताबिक, रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश नई-नई मिसाइल तकनीक और हथियार बना रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बना सकता है, जो बहुत दूर तक मार कर सकती है। वहीं ईरान भी 2035 से पहले ऐसी मिसाइल बना सकता है। गबार्ड बोलीं- रूस और चीन अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भेद सकते हैं गबार्ड ने चीन और रूस को सबसे बड़ा और लगातार खतरा बताया। उनके मुताबिक, ये देश ऐसी उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं जो अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भेद सकती हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के साइबर खतरे का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में उसने क्रिप्टोकरेंसी चोरी के जरिए करीब 2 बिलियन डॉलर जुटाए, जिससे उसके हथियार कार्यक्रम को फंड मिला। सुनवाई के दौरान ईरान के साथ संभावित युद्ध और पहले दी गई खुफिया जानकारी पर गबार्ड ने सवालों का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे आंतरिक चर्चाओं का खुलासा नहीं कर सकतीं। साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि अगर ईरान पर हमला होता है तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है। गबार्ड के जवाब से डेमोक्रेट नाराज तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति को दी गई खुफिया जानकारी के बारे में पूछे गए सवालों को बार-बार टाल दिया। इससे डेमोक्रेट नाराज हो गए। सीनेट खुफिया समिति के शीर्ष डेमोक्रेट, वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वार्नर ने गबार्ड से पूछा कि क्या उन्होंने ट्रंप को सलाह दी थी कि अगर ईरान को अमेरिकी हमलों का निशाना बनाया गया तो वह खाड़ी देशों पर हमला करेगा और होर्मूज स्ट्रेट को बंद कर देगा। इस सवाल का भी गबार्ड ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा- मैंने आंतरिक बातचीत का खुलासा नहीं किया है और न ही करूंगी। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगी कि खुफिया समुदाय में हम सभी राष्ट्रपति को उनके फैसलों में मदद करने के लिए उपलब्ध सभी बेहतरीन वस्तुनिष्ठ खुफिया जानकारी प्रदान करते रहते हैं। भारत-पाकिस्तान संबंधों से परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है: अमेरिकी खुफिया एजेंसियां बुधवार को अमेरिकी सीनेट में पेश की गई अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्यूनिटी की ‘ऐनुअल थ्रेट असेसमेंट’ रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है। 34 पन्नों की इस रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि भारत और पाकिस्तान खुलकर युद्ध नहीं चाहते, लेकिन ऐसी परिस्थितियां मौजूद हैं जिनमें आतंकवादी तत्व लगातार संकट पैदा करने वाले हालात बना सकते हैं। भारत-पाकिस्तान संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा इसलिए बना हुआ है, क्योंकि अतीत में जब भी ये दोनों परमाणु-सशस्त्र देश आमने-सामने आए हैं, तो तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने यह दिखा दिया था कि आतंकवादी हमले किस तरह युद्ध की चिंगारी भड़का सकते हैं रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया परमाणु तनाव कम हुआ था। रिपोर्ट में और क्या… दक्षिण एशिया में ISIS-K अभी भी सक्रिय है और बाहर हमले करने की योजना बना रहा है। तालिबान अपनी सुरक्षा मजबूत कर रहा है और ISIS-K के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। अफगानिस्तान में पाकिस्तान-विरोधी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी है। 26 फरवरी को तालिबान ने पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया, यह पाकिस्तान के पहले हमलों का बदला बताया गया। जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों और काबुल (राजधानी) पर बमबारी की। यह पहली बार था जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के शहरों को सीधे निशाना बनाया। 19 फरवरी: पाकिस्तानी पीएम ने ट्रम्प को ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ बताया था फरवरी में बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने यह बात मानी थी कि उनकी पहल से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया। ट्रम्प के मुताबिक, अगर यह टकराव नहीं रुकता तो करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से दोनों देशों के बीच हालात काबू में आए और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान टल गया। इस दौरान ट्रम्प ने शहबाज शरीफ से खड़े होने के लिए कहा वो खड़े हो गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने ट्रम्प को दक्षिण एशिया की हिफाजत करने वाला बताया। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की तारीफ करने पर पाकिस्तानी-PM अपने देश में ट्रोल:लोग बोले- शरीफ को चापलूसी का नोबेल दो, हमारे नेता इतने चाटुकार क्यों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उनके ही देश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का चापलूस और चाटुकार बताकर ट्रोल किया गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि अगर चापलूसी के लिए नोबेल होता, तो शरीफ सबसे बड़े दावेदार होते। दरअसल, 19 फरवरी को मिस्र में गाजा पीस समिट के दौरान शरीफ ने ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने के दावे का समर्थन किया था। शरीफ ने ट्रम्प को नोबेल देने की मांग की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

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वॉशिंगटन डीसी42 मिनट पहले कॉपी लिंक सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में तुलसी गबार्ड ने जवाब दिया। अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा है कि पाकिस्तान लंबी दूरी की ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलें डेवलप कर रहा है, जो अमेरिका तक हमला करने में सक्षम हो सकती हैं। उन्होंने यह बयान वॉशिंगटन DC में सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में दिया। गबार्ड के मुताबिक, इंटेलिजेंस कम्यूनिटी(IC) का आकलन है कि 2035 तक अमेरिका के लिए खतरा पैदा करने वाली मिसाइलों की संख्या 3,000 से बढ़कर 16,000 से ज्यादा हो सकती है। रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक हथियार ले जाने वाले नए मिसाइल सिस्टम डेवलप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम में ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हो सकती हैं, जिनकी मारक क्षमता अमेरिका तक है। वहीं ईरान के पास भी ऐसी तकनीक मौजूद है, जिससे वह 2035 से पहले ICBM विकसित कर सकता है। गबार्ड बोलीं- रूस और चीन अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भेद सकते हैं गबार्ड ने चीन और रूस को सबसे बड़ा और लगातार खतरा बताया। उनके मुताबिक, ये देश ऐसी उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं जो अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भेद सकती हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के साइबर खतरे का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में उसने क्रिप्टोकरेंसी चोरी के जरिए करीब 2 बिलियन डॉलर जुटाए, जिससे उसके हथियार कार्यक्रम को फंड मिला। सुनवाई के दौरान ईरान के साथ संभावित युद्ध और पहले दी गई खुफिया जानकारी पर गबार्ड ने सवालों का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे आंतरिक चर्चाओं का खुलासा नहीं कर सकतीं। साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि अगर ईरान पर हमला होता है तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है। गबार्ड के जवाब से डेमोक्रेट नाराज तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति को दी गई खुफिया जानकारी के बारे में पूछे गए सवालों को बार-बार टाल दिया। इससे डेमोक्रेट नाराज हो गए। सीनेट खुफिया समिति के शीर्ष डेमोक्रेट, वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वार्नर ने गबार्ड से पूछा कि क्या उन्होंने ट्रंप को सलाह दी थी कि अगर ईरान को अमेरिकी हमलों का निशाना बनाया गया तो वह खाड़ी देशों पर हमला करेगा और होर्मूज स्ट्रेट को बंद कर देगा। इस सवाल का भी गबार्ड ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा- मैंने आंतरिक बातचीत का खुलासा नहीं किया है और न ही करूंगी। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगी कि खुफिया समुदाय में हम सभी राष्ट्रपति को उनके फैसलों में मदद करने के लिए उपलब्ध सभी बेहतरीन वस्तुनिष्ठ खुफिया जानकारी प्रदान करते रहते हैं। 19 फरवरी: पाकिस्तानी पीएम ने ट्रम्प को ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ बताया था फरवरी में बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने यह बात मानी थी कि उनकी पहल से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया। ट्रम्प के मुताबिक, अगर यह टकराव नहीं रुकता तो करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से दोनों देशों के बीच हालात काबू में आए और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान टल गया। इस दौरान ट्रम्प ने शहबाज शरीफ से खड़े होने के लिए कहा वो खड़े हो गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने ट्रम्प को दक्षिण एशिया की हिफाजत करने वाला बताया। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की तारीफ करने पर पाकिस्तानी-PM अपने देश में ट्रोल:लोग बोले- शरीफ को चापलूसी का नोबेल दो, हमारे नेता इतने चाटुकार क्यों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उनके ही देश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का चापलूस और चाटुकार बताकर ट्रोल किया गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि अगर चापलूसी के लिए नोबेल होता, तो शरीफ सबसे बड़े दावेदार होते। दरअसल, 19 फरवरी को मिस्र में गाजा पीस समिट के दौरान शरीफ ने ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने के दावे का समर्थन किया था। शरीफ ने ट्रम्प को नोबेल देने की मांग की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भोपाल की 732 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी:63 सुझावों पर मंथल, 23 मार्च को फिर मीटिंग; सांसद-विधायकों की कई मुद्दों पर आपत्ति

भोपाल की 732 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी:63 सुझावों पर मंथल, 23 मार्च को फिर मीटिंग; सांसद-विधायकों की कई मुद्दों पर आपत्ति

सांसद-विधायकों और आम लोगों की आपत्ति के बाद भोपाल की कुल 732 लोकेशन पर प्रॉपर्टी गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। कुल 63 दावे-आपत्ति को लेकर मंथन जरूर हुआ है और कुछ को मान्य भी कर लिया, लेकिन उन जगहों को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई, जहां प्रस्ताव 181 प्रतिशत तक बढ़ाने का है। पंजीयन विभाग ने एक महीने के अंदर 100 लोकेशन और बढ़ा दी। कमेटी ने अलार्क रेजीडेंसी की प्रस्तावित दरों को कम करने का सुझाव पास किया। वहीं, भौंरी की कृषि भूमि की दरों को बढ़ाए जाने या प्रचलित दरों अनुरूप रखे जाने के लिए और भूखंड की दरों को कम किए जाने का सुझाव दिया गया था। समिति ने इसे यथावत रखने का निर्णय लिया है। नूर-उस-सबाह रेजीडेंसी कोहेफिजा की ओर से प्रस्तुत सुझाव को अमान्य कर दिया गया। नगर निगम के वार्ड-74 स्थित महोली की मेयर कॉलोनी की प्रस्तावित दरों को प्रचलित गाइड लाइन की दर की श्रेणी में शामिल करने के सुझाव को मंजूर कर लिया गया। कृष्णा होम्स द्वारा भोजपुर रोड ग्राम दीपड़ी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं करने का सुझाव दिया गया था। जिसे मंजूर कर लिया गया। गोल्डन सिटी जाटखेड़ी की प्रस्तावित दरें कम नहीं होगी। ग्राम अचारपुरा, परेवाखेड़ा, चांदपुर, मनीखेड़ी, अरवलिया, परवलिया, ईंटखेड़ी, इमालिया आदि क्षेत्रों में गाइड लाइन को भी नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। री-ट्रांसफर को लेकर प्रस्ताव क्रेडाई ने री-ट्रांसफर को लेकर सुझाव दिया था। इसमें अनुसार, महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी कोई संपत्ति तीन वर्ष की अवधि के भीतर पुनः अंतरण (री ट्रांसफर) की जाती है तो संबंधित संपत्ति के पूर्व पंजीयन में जमा की गई स्टॉम्प ड्यूटी की राशि का समायोजन (इनपुट क्रेडिट) नवीन पंजीयन में प्रदान किया जाना चाहिए। इससे संपत्ति के बार-बार क्रय-विक्रय की स्थिति में नागरिकों एवं व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था में एक ही संपत्ति पर अल्प अवधि में पुनः पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी देना पड़ती हैं, जो व्यवहारिक एवं न्याय संगत नहीं है। स्टॉम्प ड्यूटी समायोजन की सुविधा मिलने से रियल एस्टेट क्षेत्र में लेन-देन सरल होंगे। निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और संपत्ति बाजार में तरलता बढ़ेगी। जिससे शासन को भी दीर्घकाल में राजस्व वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। इस सुझाव से सहमत होकर विधायक भगवानदास सबनानी ने उनकी ओर से भी अनुशंसा की जाकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड और शासन को सुझाव भेजने के लिए कहा है। अन्य सुझाव जो शासन एवं केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से संबंधित होने से उन्हें केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भेजे जाने के लिए कहा। सांसद ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई… 23 मार्च को फिर होगी बैठक कलेक्टर एवं जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष सिंह ने प्रस्तावित गाइड लाइन वर्ष 2026-27 को अंतिम रूप दिये जाने के लिए 23 मार्च को फिर से बैठक करने की बात कहीं। इसके बाद यह केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजी जाएगी। इन इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ेंगे रेट जानकारी के अनुसार निर्मल सिटी, निशातपुरा रोड, मुर्गी बाजार, समर ग्रीन में 181% बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। वहीं, यशोदा नगर, भोपाल टॉकीज से सेफिया रोड, मालीपुरा, माया विहार, पाल विहार, रेत घाट से वीआईपी रोड, कबाड़खाना, गौतम नगर, पंचशील नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा, सेवनिया गौंड, चौकी बरखेड़ी, एयरोसिटी परिसर, बेहटा, दामखेड़ा समेत में रेट बढ़ेंगे। इसके अलावा कोलार रोड, बंजारी, अकबरपुर, बावड़ियाकलां, मिसरोद, एयरपोर्ट, अयोध्या बायपास में भी गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। भौंरी क्षेत्र में 58 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव एक ओर जहां सैकड़ों इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। वहीं, दूसरी ओर भौंरी क्षेत्र में गाइड लाइन को 58 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जहां सरकार के बड़े प्रोजेक्ट हैं, वहां पर रेट घटाना समझ से बाहर है। भौंरी क्षेत्र की 3700 एकड़ में प्रदेश की पहली एआई एंड नॉलेज सिटी प्रस्तावित है। इसे लेकर किसानों ने भोपाल कलेक्टर के पास जाकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। हालांकि, इसे यथावत रखने की बात कही गई है। लगातार दूसरे साल बढ़ेगी गाइड लाइन भोपाल जिला मूल्यांकन समिति 12 महीने में दूसरी बार गाइड लाइन बढ़ेगी। इसके पहले 1 हजार 312 लोकेशन पर औसत 11% गाइडलाइन बढ़ाई थी। इनमें सुल्तानिया रोड, गांधीनगर, दानिश हिल्स, मैकेनिकल मार्केट, नयापुरा, जहांगीराबाद समेत अन्य इलाके शामिल हैं। इतनी लोकेशन का ड्राफ्ट जारी कुल 2175 लोकेशन का ड्राफ्ट जारी किया गया है। नगर निगम सीमा में 607 लोकेशन पर प्रॉपर्टी के रेट 5% से लेकर 181% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। पंजीयन विभाग ने 628 लोकेशन पर दरें बढ़ाने और 795 लोकेशन को मर्ज करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी दाम बढ़ेंगे। ड्राफ्ट के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी भानपुर स्थित निर्मल सिटी में प्रस्तावित है, जहां दर 6400 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 18 हजार रुपए की गई है, यानी 181% तक वृद्धि। भोपाल में 4 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जिले में जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन उप पंजीयक कार्यालयों में होता है। लोगों की सुविधा के लिए भोपाल शहर में चार उप पंजीयक कार्यालय काम कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए संपदा 2.0 का नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन से पहले संपत्ति का वास्तविक स्थल निरीक्षण किया जाता है। जियो-टैगिंग के जरिए फोटो अपलोड की जाती है। इससे संपत्ति की सही लोकेशन और जानकारी की पुष्टि हो सके और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने। इन कारणों से बढ़ सकती हैं गाइडलाइन दरें टीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियों और आम जनता की सुविधाओं के कारण 38 लोकेशन प्रभावित हुईं। नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास और रिंग रोड बनने से 18 लोकेशन पर असर पड़ा। वहीं नए औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से 3 लोकेशन प्रभावित पाई गईं। इस तरह जिले की कुल 621 लोकेशनों पर दर वृद्धि का प्रस्ताव है। इनमें कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, भोपाल बायपास और कई पॉश इलाके शामिल हैं, जहां प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो सकता है।