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माउथ फ्रेशनर बनी चाय!, झारखंड के किसान ने बनाई अनोखी औषधीय चायपत्ती

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Last Updated:March 20, 2026, 23:46 IST Palamu News:आज के समय में जहां लोग स्वाद के साथ सेहत को भी प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं झारखंड के पलामू के शिव कुमार पांडे ने चाय को एक नया रूप दे दिया है. उन्होंने ऐसी खास चायपत्ती तैयार की है, जो सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि माउथ फ्रेशनर और औषधीय गुणों से भरपूर हेल्थ ड्रिंक भी है. प्राकृतिक तेलों से तैयार इस अनोखी चाय की खुशबू और स्वाद लोगों को आकर्षित कर रही है, वहीं इसके स्वास्थ्य लाभ इसे आम चाय से अलग बनाते हैं. रिपोर्ट- शशिकांत कुमार ओझा चाय हमारे दैनिक खान-पान में शामिल हो गयी है. आज के दौर में लोग सेहत के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं. यही वजह है कि सामान्य चाय के साथ-साथ हर्बल और औषधीय चाय की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. लोग ऐसी चाय पसंद कर रहे हैं जो स्वाद के साथ सेहत को भी फायदा पहुंचाए. इसी बीच झारखंड के पलामू जिले के डाल्टनगंज निवासी शिव कुमार पांडे ने चाय की दुनिया में एक अनोखा प्रयोग किया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. उन्होंने एक ऐसी खास चायपत्ती तैयार की है, जो न केवल स्वाद और सुगंध में अलग है, बल्कि माउथ फ्रेशनर के रूप में भी काम करती है. शिव कुमार पांडे का दावा है कि उनकी बनाई हुई यह चायपत्ती औषधीय गुणों से भरपूर है. इस चाय से बनी एक कप चाय सिर्फ ताजगी देने वाला पेय नहीं, बल्कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में भी फायदेमंद साबित हो सकती है. उनके अनुसार यह चाय गठिया, जोड़ों के दर्द, सिरदर्द, साइट्रिक समस्या और पाचन संबंधी परेशानियों को कम करने में मदद कर सकती है. यानी एक कप चाय अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी साथ लेकर आती है. Add News18 as Preferred Source on Google शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि यूं तो चाय पीना लगभग हर किसी के खान पान में शामिल है. वहीं चाय कई प्रकार की होती है. लेकिन आयुर्वेदिक चाय स्वास्थ्य के लिए कई लाभ देती है. उन्होंने एक खास प्रकार की चाय बनाई है. इस खास चायपत्ती को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मसालों के पाउडर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया है. इसके बजाय उन्होंने बगानों से लाई गई शुद्ध चायपत्ती में विभिन्न प्राकृतिक मसालों के तेलों का मिश्रण किया है. इस चायपत्ती को तैयार करने में इलायची का तेल, गुलाब का तेल, लौंग का तेल, दालचीनी का तेल, जावित्री का तेल, अदरक का तेल और सौंफ के तेल का इस्तेमाल किया गया है. इन प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार चायपत्ती न सिर्फ बेहद सुगंधित हो जाती है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी बढ़ जाते हैं. इस चाय की एक और खासियत यह बताई जा रही है कि इसे पीने के बाद मुंह लंबे समय तक ताजगी से भरा रहता है. शिव कुमार पांडे के अनुसार यदि कोई व्यक्ति चाय पीने के बाद भोजन भी नहीं करता है, तब भी उसके मुंह में ताजगी बनी रहती है. इसी वजह से इसे माउथ फ्रेशनर चायपत्ती कहा जा रहा है. कीमत की बात करें तो यह चायपत्ती पूरी तरह प्राकृतिक और औषधीय तेलों से तैयार की गई है, इसलिए इसकी कीमत सामान्य चायपत्ती से अधिक रखी गई है. इसकी 100 ग्राम की कीमत 600 रुपये तय की गई है. इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं. शिव कुमार पांडे पहले भी कई तरह के प्राकृतिक तेल, पाउडर और खाद्य उत्पाद तैयार कर चुके हैं. अपने नए प्रयोगों के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं. इस बार उन्होंने जिस अनोखी चायपत्ती को तैयार किया है, उसे लेकर उनका कहना है कि आने वाले समय में यह न केवल झारखंड बल्कि देश और विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाएगी. First Published : March 20, 2026, 23:46 IST

जोरहाट में कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार ने दम दिखाया, ज्ञानश्री बोरा ने नामांकन किया; बीजेपी का भेद कैसे पता चलेगा?

जोरहाट में कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार ने दम दिखाया, ज्ञानश्री बोरा ने नामांकन किया; बीजेपी का भेद कैसे पता चलेगा?

असम में डेमोनैकी ज़ोरा पकड़ का भुगतान किया गया है। यहां मारियानी और जोरहाट में शुक्रवार को शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। यहां कांग्रेस-रायजोर दल गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. ज्ञानश्री बोरा ने अपना नामांकन नामांकन दाखिल किया। लिनेक्स शोरगुल के बीच मेरियानी क्षेत्र राजनीतिक क्षेत्र बन गया है। नामांकन रैली के दौरान भारी भीड़ डॉ. बोरा के समर्थन में देखने को मिला। इस दौरान एक भव्य रैली भी हुई। इसमें सैकड़ा सैकड़ा भाग लिया गया। ढोल की थाप, नारों और जबरदस्त उस्ताह ढोल की थाप में देखने को मिला। जोरहार्ट के कमिश्नर कार्यालय में नामांकित पद पर नियुक्त किया गया। डॉ. बोरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर जनता उन्हें चुनती है, तो वह विधानसभा के हर सत्र में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाएंगे. साथ ही कहा कि उनकी देशी जनता की आवाज प्रभावी ढंग से स्वस्थ रहने को लेकर रहेगी। साथ ही लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम की सूची। जनसेवा समर्पित रहेगी मेरी राजनीति: डॉ. बोरा डॉ. बोरा ने कहा कि राजनीति में एक निर्णय क्षेत्र के लोगों के लिए जनसेवा और मारियानी के विकास को लेकर रहेंगे। उन्होंने असम-नागालैंड विवाद, पीने के पानी की कमी, परिवारों की खराब स्थिति और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को संस्थागत सीमा तक सीमित कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने में स्थिर सहयोगी के रूप में ज्योतिकुरमी पर भी अर्थशास्त्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में बार-बार मशीन निर्माण के बाद भी मारियानी से जुड़ी समस्याओं को विधानसभा में प्रभावशाली ढंग से नहीं उठाया गया। साथ ही कहा कि जहां एक ओर सागर में एक ओर जनता अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस विद्युत क्षेत्र की आवाज बड़े पैमाने पर अनसुनी हो रही है। क्यों अहम है मरियानी विधानसभा? मरियानी विधानसभा का यह मुकाबला इसलिए भी अहम है, क्योंकि इस क्षेत्र से पांच बार से विधायक के रूप में विधायक ज्योति कुर्मी विधायक हैं। वे 2021 में बीजेपी में शामिल होने से पहले कांग्रेस नेता के तौर पर इस पद पर आसीन थे. पार्टी परिवर्तन के बाद उन्होंने संसदीय चुनाव लड़ा। विधानसभा में फिर से जीत हासिल की. इससे क्षेत्र में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। इसके अलावा डॉ. बोरा ने इलाके में बदलाव की लहर की ओर रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अलग-अलग परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। जनता से मिल रहे इस समर्थन ने अविश्वास को अपने पक्ष में आने के लिए उनके विश्वास को और मजबूत किया है। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर संवैधानिक अधिकार, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव डालने का भी आरोप लगाया। साथ ही धर्म और जाति की राजनीति की भी आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह इलेक्ट्रोनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए एक सामूहिक लड़ाई होगी। यह जनता के लिए लड़की जाने वाली लड़ाई है। आख़िरकार जीत जनता की ही होगी. अगर वह तकनीशियन बनाए जाते हैं, तो वे विधानसभा में मारियानी से जुड़े मुद्दे पर विवाद करेंगे। असलहा, मारियानी बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। लेकिन ऐसे में सवाल है कि डॉ. ज्ञानश्री बोरा कैथोलिक का कट्टर विचारधारा? यह भी पढ़ें: असम चुनाव: कांग्रेस ने जारी की तीसरी सूची, 22 क्लबों का किया ऐलान

म्यांमार तक फैले साइबर गुलामी रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार:थाईलैंड के रास्ते युवाओं की तस्करी, एमपी में पहली बार एमिग्रेशन एक्ट के तहत केस

म्यांमार तक फैले साइबर गुलामी रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार:थाईलैंड के रास्ते युवाओं की तस्करी, एमपी में पहली बार एमिग्रेशन एक्ट के तहत केस

विदेश में नौकरी के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाकर उन्हें साइबर ठगी के अड्डों तक पहुंचाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का राज्य साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश में पहली बार इस तरह के मामले में एमिग्रेशन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसमें मानव तस्करी और आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। जिस मामले में कार्रवाई हुई है वह तीन महीने पुराना है। शुक्रवार को इसमें साइबर पुलिस ने दो गिरफ्तारी की है। झांसे से शुरू, बंधक बनाकर खत्म होता था सफर जांच में सामने आया कि भोपाल के एक युवक को डेटा एंट्री जॉब का लालच देकर पहले ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया और फिर थाईलैंड भेजा गया। वहां से उसे अवैध रूप से सीमा पार कर म्यांमार पहुंचाया गया, जहां साइबर ठगी करने वाले गिरोह के पास उसे बेच दिया गया। यहां उससे मारपीट कर ठगी करवाई जाती थी। बाद में म्यांमार की सेना ने उसे मुक्त कराया। दो राज्यों से जुड़े एजेंटों पर शिकंजा साइबर पुलिस की कार्रवाई में बिहार और उत्तरप्रदेश से जुड़े दो एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी को बिहार से पकड़ा गया, जबकि दूसरे को दिल्ली एयरपोर्ट पर लुकआउट सर्कुलर के आधार पर दबोचा गया। इनके कब्जे से मोबाइल, टैबलेट और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। सोशल मीडिया बना जाल, सैलरी का लालच हथियार गिरोह के सदस्य फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते थे। उन्हें 30 से 40 हजार थाई बाथ तक की सैलरी का झांसा देकर डेटा एंट्री, एचआर या होटल इंडस्ट्री में नौकरी का ऑफर दिया जाता था। फर्जी इंटरव्यू के बाद उन्हें विदेश भेजकर तस्करी की जाती थी। सीमावर्ती इलाकों में ‘साइबर गुलामी’ का जाल म्यांमार, लाओस और कंबोडिया की सीमाओं पर सक्रिय साइबर स्कैम ठिकानों में भारत समेत कई देशों के युवाओं को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। इन ठिकानों से 30 से ज्यादा देशों में ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफ्रीकी देशों के युवक भी इस जाल में फंस रहे हैं। अलर्ट: ऐसे ऑफर दिखें तो तुरंत सावधान विदेश में नौकरी के नाम पर आने वाले ऑफर्स को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। बिना सरकारी रजिस्ट्रेशन वाले एजेंट से दूरी बनाएं और जल्दबाजी में पासपोर्ट या यात्रा से जुड़े फैसले न लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर दी जा सकती है।

बालाघाट में मनाया भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव:सिंधु भवन से निकली शोभायात्रा; सजीव झांकियां और 'आयोलाल-झूलेलाल' के जयघोष से गूंजा शहर

बालाघाट में मनाया भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव:सिंधु भवन से निकली शोभायात्रा; सजीव झांकियां और 'आयोलाल-झूलेलाल' के जयघोष से गूंजा शहर

बालाघाट जिले में शुक्रवार को सिंधी समाज ने इष्टदेव भगवान झूलेलाल का 1076वां जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’ के रूप में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया। पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के दौरान देर शाम सिंधु भवन से विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन और नगरवासी शामिल हुए। सजीव झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में भगवान झूलेलाल की मनमोहक प्रतिमा के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। इनमें भगवान शंकर का शिवलिंग, राधा-कृष्ण की रासलीला और भोलेनाथ की लीलाओं के दृश्यों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करती हुई रात को मोती तालाब पहुंची, जहां विशेष पूजन-अर्चन और भजन-कीर्तन के पश्चात बहराणा साहिब का विसर्जन किया गया। 17 मार्च से जारी थे कार्यक्रम सिंधी समाज के जिलाध्यक्ष अमर मंगलानी ने बताया कि जन्मोत्सव की तैयारियां 17 मार्च से ही शुरू हो गई थीं। उत्सव की कड़ी में गुरुवार सुबह सिंधु भवन से एक विशाल स्कूटर रैली निकाली गई थी, जिसने पूरे नगर का भ्रमण कर एकता का संदेश दिया। शुक्रवार सुबह सिंधी मोहल्ला और सिंधु भवन स्थित मंदिर में भगवान झूलेलाल का दूध से अभिषेक और विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद दोपहर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दूध अभिषेक और विसर्जन के साथ पूर्णाहुति धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शाम को निकली शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। अंत में मोती तालाब के तट पर ज्योत प्रज्वलित कर और आरती के साथ महोत्सव की गरिमापूर्ण पूर्णाहुति हुई। सेवादारों ने दिन भर चले आयोजनों में व्यवस्थाएं संभालीं और सभी आगंतुकों को प्रसादी वितरित की। देखें तस्वीरें…

नो-कुकिंग रेसिपी: जब गैस खत्म हो जाए, चिंता छोड़ दें और बिना चूल्हे के असली स्वाद और सेहत से भरपूर यह रेसिपी

नो-कुकिंग रेसिपी

नो-कुकिंग रेसिपी | छवि: मेटा एआई बिना खाना पकाने की विधि: आज सुबह की शुरुआत चाय की लत से कम और रसोई गैस खत्म होने की चिंता सबसे ज्यादा हो रही है। मध्य पूर्व के तनाव और जीवाश्म के कारण हमारे बजट और वैज्ञानिक सिद्धांत निकाले गए हैं। शहरों में गैस इंजीनियरों के लिए आईएसआई कतारें बता रही हैं कि अब हमें अपने सुझाव में थोड़ा ‘स्मार्ट’ बदलाव करने की जरूरत है। विशेष रूप से सुबह के उद्घोषणा के वक्ता, जब समय कम हो गया और गैस संकट की चुनौती बड़ी हो गई, तो ‘नो-कुकिंग ब्रेकफ़ास्ट’ एक उत्कृष्ट विकल्प उभर कर सामने आया। ये ना सिर्फ आपका समय और गैस बचाते हैं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं। आइए विस्तार से जानें। स्पॉर्ट्स चाट चाट प्रोटीन से परिपूर्ण यह चाट सबसे अधिक स्वास्थ्यवर्धक है। मूंगफली प्याज, टमाटर, खेडा और हरी मिर्च के टुकड़ों में मूंगफली का मूंगा या चने। ऊपर दिए गए सेलेनियम का रस, काला नमक और चाट मसाला का मिश्रण करें। हरा धनिया छिड़कें और सजावट। दही चूहा बिहार और यूपी का यह पारंपरिक नाश्ता मिनटों में तैयार होता है। पोहे यानी कि चूड़ा को धोकर साफ कर लें। इसमें ताजा दही, गुड़ या चीनी की सब्जी शामिल है। ऊपर से कटे हुए केले या आम फोटोग्राफर आनंद लें। पीनट बटर रचना मीठे खाने के शौकीनों के लिए यह सबसे अच्छा है। पीनट बटर बटर पर ब्राउन ब्रेडर की नियुक्ति। उस पर केले के गोल टुकड़े टुकड़े और छोटी शहद या दालचीनी पाउडर छिड़कें। दूसरा अस्वीकरण शेष और स्थिर। क्रीमी चीज़ की तरह यूनिवर्सल क्रीम या गाये दही दही को फेंट लें। इसमें सेब, सेब, पपीता और अनार जैसे मनपसंद फल शामिल हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए साइंटिस्ट मेवे डाल डे। ककड़ी-टमाटर का ठंडा सूप अगर आपके पास मिक्सी चल रही है, तो खेडा, टमाटर, मीठी मिर्च और लहसुन को फिर से जैतून के तेल और सिरके के साथ ब्लेंड करें और आप इसे पी सकते हैं। चीज़केक रेसिपी कच्ची पनीर को मैश करें। इसमें मेयोनीज़, काली मिर्च, नमक और डेनमार्क कटी की सलाह दी जाती है। इस बेडिब्लेडी के बीच क्रिएटर्स की वेबसाइट तैयार करें। मसाला मसाला या मुरमुरा मुरमुरा यानि कि कटी हुई प्याज, टमाटर, शलजम आलू, मूँगफली, किशमिश और ढेर सारा नींबू का रस पकाया जाता है। इसे आप खा सकते हैं। ओट्स डॉट कॉम जार में दूध, इंस्टेंट ओट्स, एक केला और सीधे से नट शामिल हैं। इसे अच्छे से ब्लेंड करें। यह एक कंप्लीट माइल्स है जो आपको लंबे समय तक भरा हुआ रोजगार देता है। चीले जैसे ओट्स भेल रोस्टेड ओट्स में नींबू कटा खेड़ा, टमाटर और पुदीने की बर्बादी। इसे सेव के साथ गार्निश करें। ये भी पढ़ें – ईरान इजराइल युद्ध: दुनिया भर में संकट विश्व युद्ध का संकट…तो जानिए कौन थे वो अमेरिकी राष्ट्रपति जिन्होंने जापान के 2 शहरों पर परमाणु बम गिराने का लिया फैसला (टैग्सटूट्रांसलेट)एलपीजी संकट भारत(टी)बिना गैस वाला नाश्ता(टी)कोई कुक रेसिपी नहीं(टी)स्वस्थ नाश्ता विचार(टी)आसान नाश्ता भारत(टी)गैस बचत युक्तियाँ(टी)बिना गैस नाश्ता(टी)हल्दी नाश्ता(टी)झटपट नाश्ता(टी)नो कुकिंग ब्रेकफास्ट आइडियाज

रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी:इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए; हादसे में भारतीय समेत 2 लोग लापता

रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी:इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए; हादसे में भारतीय समेत 2 लोग लापता

रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में स्पीडबोट पलटने से घायल हो गए हैं। हादसे में सिंघानिया को चोटें आई हैं और उन्हें एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। उनके साथ बोट पर सवार भारत के दिग्गज रैली ड्राइवर हरि सिंह और उनके एक अन्य दोस्त अब भी लापता हैं। स्थानीय प्रशासन को अंदेशा है कि लंबा समय बीत जाने के कारण उनकी जान जा सकती है। यह घटना गुरुवार रात करीब 11 बजे मालदीव के फेलिधू एटोल के पास हुई। गौतम सिंघानिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘गौतम सिंघानिया को मामूली चोटें आई हैं। वे मुंबई में डॉक्टरों की देखरेख में हैं। हम उन सभी दोस्तों की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं जो इस हादसे में घायल हुए हैं।’ रैली ड्राइवर हरि सिंह और एक अन्य लापता कोस्ट गार्ड के मुताबिक, हादसा तट से करीब 2 नॉटिकल मील दूर हुआ। रात करीब 11 बजे बोट अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। स्पीडबोट पर एक कैप्टन और गौतम सिंघानिया समेत कुल 7 लोग सवार थे। इनमें 5 भारतीय, एक ब्रिटिश और एक रूसी नागरिक शामिल थे। रेस्क्यू टीम ने सिंघानिया को बचा लिया, लेकिन रैली चैंपियन हरि सिंह और एक अन्य व्यक्ति लापता हैं। रेस्क्यू टीम गोताखोरों और हाई-स्पीड जहाजों की मदद से लापता भारतीय को खोजने की कोशिश कर रही है। मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) के कोस्ट गार्ड का कहना है कि केयोधू के पास सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन समंदर की लहरों के कारण उन्हें ढूंढने में दिक्कतें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि एक अन्य यात्री का हाथ कट गया है, जिसकी हालत नाजुक है। एडवेंचर के शौकीन हैं सिंघानिया और हरि सिंह गौतम सिंघानिया और हरि सिंह दोनों ही पुरानी दोस्ती और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए जाने जाते हैं। सिंघानिया खुद एक प्रोफेशनल रेसर हैं और हरि सिंह ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रैली खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। वे छुट्टियां मनाने और पावर बोटिंग के लिए मालदीव गए थे। सिंघानिया के क्लॉथ, रियल एस्टेट सहित कई बिजनेस गौतम सिंघानिया रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 11 हजार करोड़ रुपए है। रेमंड ग्रुप के पास क्लॉथ, डेनिम, कंज्यूमर केयर, इंजीनियरिंग और रियल एस्टेट सहित अन्य बिजनेस हैं। रेडिमेड कपड़ों के बाजार में ग्रुप की दमदार मौजूदगी है। यह डेनिम कैटेगरी में भी लीडिंग मैन्युफैक्चरर है। कंपनी हाई क्वालिटी डेनिम सप्लाई करती है। 1925 में ठाणे से हुई थी रेमंड की शुरुआत रेमंड भारत का एक बड़ा और भरोसेमंद मेंस वियर ब्रांड है, जिसकी शुरुआत 1925 में ठाणे से हुई थी। आज यह हजारों करोड़ रुपए की कंपनी बन चुकी है। इस कंपनी को आगे बढ़ाने में सिंघानिया परिवार की अहम भूमिका रही है, खासकर गौतम सिंघानिया की। सिंघानिया परिवार ने रेमंड को एक साधारण वूलन मिल से देश-विदेश में फैले बड़े ब्रांड में बदल दिया। पहले यह मिल सेना के लिए वर्दी बनाती थी, लेकिन बाद में इसे आम लोगों तक पहुंचाया गया। विजयपत सिंघानिया के समय कंपनी ने तेजी से तरक्की की और छोटे शहरों तक अपने शोरूम खोले। गौतम सिंघानिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए कंपनी को मॉडर्न बनाया। उन्होंने नए फैब्रिक, डिजाइन और टेक्नोलॉजी पर काम किया, जिससे रेमंड की पहचान और मजबूत हुई। आज कंपनी देश के साथ-साथ विदेशों में भी कारोबार कर रही है। पिछले सालों में गौतम सिंघानिया अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहे, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का बिजनेस लगातार आगे बढ़ रहा है। सिंघानिया परिवार की मेहनत और फैसलों ने रेमंड को एक मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड बना दिया है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 देने होंगे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 20 मार्च से ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। प्लेटफॉर्म फीस हर एक फूड ऑर्डर पर लागू होने वाला ऐडिशनल चार्ज हैं। ये GST, रेस्तरां चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग है। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। पूरी खबर पढ़ें…

असम में कांग्रेस ने जारी की चौथी सूची, 7 का विमोचन

असम में कांग्रेस ने जारी की चौथी सूची, 7 का विमोचन

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव (असम विधानसभा चुनाव 2026) के लिए कांग्रेस (कांग्रेस) ने नोबेल की चौथी लिस्ट जारी की है। इस सूची में पार्टी ने अपने सात जंगलों का जंगल की घोषणा की है। इसके अलावा, पार्टी ने 11 वामपंथी गठबंधन में वामपंथियों को शामिल करने की घोषणा की है। सूची में कौन-कौन से अभ्यर्थी शामिल? पार्टी कांग्रेस की ओर से जारी चौथी सूची में सात झुंझुनू के नाम शामिल हैं, जिसमें राज्य के जालुक बाबा विधानसभा क्षेत्र से बिदिशा नियोग को उम्मीदवार बनाया गया है, तांगला से रोहित परिगा, बिश्वनाथ सीट से जयंत बोरा, नौबोइचा की (एससी) रिजर्व सीट से डॉ. जॉय प्रकाश दास, महमोरा सीट से ज्ञानदीप मोहन, तिताबोर सीट से प्राण कुर्मी और हेलकांडी सीट से राहुल रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस ने वामपंथियों की दी उपाधि कौन सा मंदिर? पार्टी ने अपने सहयोगी दल के साथ चौथी सूची के साथ 11 विधानमंडल के किले की भी घोषणा की है, जिसे वह अपने सहयोगी सहयोगी दल के लिए छोड़ रही हैं। इसमें मानस, दलगांव, धिंग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, दिगबोई, सिबसागर, मारियानी और बोकाखाट विधानसभा के नाम शामिल हैं। जोरहाट सीट से चुनाव लड़ेंगे गौरव गोगोई असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने राज्य की प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष और विपक्ष में नामांकन के लिए गौरव गोगोई को जोर-शोर से सीट से उम्मीदवार बनाया है। अब तक कांग्रेस पार्टी ने ब्याज की कुल चार लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में 3 मार्च, 2026 को अपने बॉन्ड के रिलीज की पहली सूची जारी की थी। इसके बाद दूसरी सूची 14 मार्च को, फिर 22 किले के जंगलों के साथ तीसरी सूची 18 मार्च को और अब 7 किले के जंगलों के साथ चौथी सूची जारी की जाएगी। असम में कब होंगे विधानसभा चुनाव? भारतीय चुनाव आयोग ने असम में चुनावी तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को एकल चरण में विधानसभा का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद गणित की गिनती और कल्पना की घोषणा 4 मई, 2026 को की जाएगी। यह भी पढ़ें: भारत में प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े, डीजल ईंधन में बदलाव नहीं, जानें दिल्ली, मुंबई से लेकर यूपी-बिहार तक की कीमतें

‘बदल’ देते हैं दिमाग, बिहार के मनोवैज्ञानिक आर शंकर का काम जानकर चौंक उठेंगे आप

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Last Updated:March 20, 2026, 21:40 IST आर शंकर ने बिहार के प्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह के दिमाग का इलाज बिना दवाई के करने का दावा किया, जिससे उन्हें देशभर में अलग पहचान मिली. इस काम की चर्चा कई मंचों पर हुई और लोगों का ध्यान इस ओर गया. दुनिया के जाने माने मनोवैज्ञानिक और एसोसिएट मेंबर ऑफ द इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियर्स, इंडिया इंजीनियर आर शंकर (Er R. Shankar) की किताब अंडरस्टैंडिंग एंड फिक्सिंग योर मेमोरी लॉस (Understanding and Fixing Your Memory Issues) की दुनियाभर में चर्चा में है. लेखक के मुताबिक यह किताब आज 150 देशों में पढ़ी जा रही है, जिससे उनकी सोच और शोध एक वैश्विक पहचान बनी है. इन्होंने अब तक दुनिया के करीब 40 देशों में जाकर लोगों को दिमाग, मेमोरी और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के बारे में समझाने का काम किया है. वे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बतौर स्पीकर आमंत्रित किए गए, जहां उन्होंने लोगों को दिमाग की कार्यप्रणाली और उसकी क्षमता के बारे में बताया. इंजीनियर आर शंकर ने बताया कि किताब लिखने से पहले ही उन्हें 20 से 25 देशों में बतौर स्पीकर बुलाया गया था. वहां उन्होंने लोगों को दिमाग की ताकत, मेमोरी की क्षमता और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ को बेहतर बनाने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया. Add News18 as Preferred Source on Google इन्होंने विदेशों में भी लोगों को दिमाग और मेमोरी से जुड़े विषयों को गहराई से समझाया. उनके लेक्चर में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और दिमाग की कार्यप्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछते हैं. आर शंकर ने बिहार के प्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह के दिमाग का इलाज बिना दवाई के करने का दावा किया, जिससे उन्हें देशभर में अलग पहचान मिली. इस काम की चर्चा कई मंचों पर हुई और लोगों का ध्यान इस ओर गया. बताया जाता है कि कई बार जिला जज ने उन्हें जेल में जाकर कैदियों को मानसिक रूप से सुधारने और उनका इलाज करने की अनुमति दी. वहां उन्होंने कैदियों को दिमाग और व्यवहार से जुड़ी समस्याओं को समझाने का प्रयास किया. आर शंकर को अमेरिका सहित कई देशों में दिमाग से जुड़े विषयों पर इलाज और बच्चों को दिमाग की क्षमता विकसित करने के तरीके सिखाने के लिए बुलाया जाता है. विदेशों में उनकी फीस भी काफी अधिक बताई जाती है और कई जगहों से उन्हें सम्मान भी मिल चुका है. First Published : March 20, 2026, 21:40 IST

Political Ads on Social Media Need Certificate

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Hindi News National Election Commission Strict: Political Ads On Social Media Need Certificate नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक चुनाव आयोग (ECI) ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर किसी भी पॉलिटिकल एड से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) से परमिशन लेना जरूरी होगा। यह निर्देश पांच राज्यों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों और छह राज्यों के उपचुनावों के लिए लागू होगा। आयोग के मुताबिक बिना प्रमाणन के कोई भी राजनीतिक विज्ञापन टीवी, रेडियो, सार्वजनिक स्थानों पर ऑडियो-वीडियो डिस्प्ले, ई-पेपर, बल्क SMS/वॉयस मैसेज, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी नहीं किया जा सकेगा। पेड न्यूज और सोशल मीडिया पर निगरानी चुनाव आयोग ने MCMC को पेड न्यूज के मामलों पर कड़ी निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र में अपने सभी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। खर्च का पूरा हिसाब देना होगा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत, राजनीतिक दलों को चुनाव खत्म होने के 75 दिनों के भीतर पूरा खर्च विवरण देना होगा। इसमें इंटरनेट और सोशल मीडिया पर विज्ञापन, कंटेंट तैयार करने और अकाउंट संचालन से जुड़े सभी खर्च शामिल होंगे। फेक न्यूज, भ्रामक जानकारी और दुष्प्रचार पर नियंत्रण के लिए 19 मार्च को आयोग ने सभी चुनावी राज्यों के अधिकारियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की। फोटो AI जनरेटेड। 5 राज्यों में अप्रैल में चुनाव अप्रैल में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 15 मार्च को इसका ऐलान किया था। पांच राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में 17.4 करोड़ मतदाता हैं। यहां 824 सीटों पर चुनाव होने हैं। 2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता का ऐलान- SC-ST महिलाओं को हर महीने ₹1700 देंगे, बाकी को ₹1500 मिलेंगे, TMC घोषणापत्र में पक्के घर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। ममता ने लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली सहायता राशि 500-500 रुपए बढ़ाने का वादा किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

छतरपुर में कुएं में मिला तेंदुए का शव:बंसिया हार गांव में बदबू फैलने पर पता चला; शनिवार को होगा पोस्टमार्टम

छतरपुर में कुएं में मिला तेंदुए का शव:बंसिया हार गांव में बदबू फैलने पर पता चला; शनिवार को होगा पोस्टमार्टम

छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बंसिया हार में एक बिना मुंडेर के कुएं में तेंदुए का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार को बदबू आने के बाद इस घटना का पता चला। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, तेंदुए की मौत 5 से 7 दिन पहले हुई होगी। सूचना मिलते ही वन मंडल अधिकारी ऋषि मिश्र के नेतृत्व में वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। वन विभाग ने शिकार की आशंका को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। रात होने के कारण शुक्रवार को तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जिसे अब शनिवार को किया जाएगा। कुएं से बदबू आने पर पता चला जानकारी के अनुसार, बंसिया हार में स्थित यह कुआं बिना मुंडेर का है और इससे लगभग आधा किलोमीटर दूर अग्निहोत्री परिवार रहता है। शुक्रवार को जब उन्हें तेज बदबू महसूस हुई, तो उन्होंने खेत स्थित कुएं में झांककर देखा, जहां तेंदुए का शव दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस और वन विभाग को सूचित किया। वन मंडल अधिकारी मिश्रा के साथ एसडीओ स्वामी कार्तिक नायक और रेंजर नीलेश प्रजापति भी वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। तेंदुए के शव को कुएं से बाहर निकालने के लिए खटिया का उपयोग किया गया। पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र से पहुंची चिकित्सकों की टीम ने रात होने के कारण शव को पैक करके रख दिया है। शनिवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पन्ना टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वायड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत जांच करेगी।