नशे के खिलाफ देसी ब्रह्मास्त्र! साफ होगा शरीर का जहर, पाचन भी होगा दुरुस्त – News18 हिंदी

X नशे के खिलाफ देसी ब्रह्मास्त्र! साफ होगा शरीर का जहर, पाचन भी होगा दुरुस्त Natural Remedy For Alcohol And Smoking Addiction: नशे की जानलेवा लत से जूझ रहे परिवारों के लिए रसोई में रखी एक मामूली सी चीज संजीवनी साबित हो रही है. आयुर्वेद के जानकार पुरुषार्थी पवन आर्य के अनुसार अजवाइन का वैज्ञानिक तरीके से तैयार काढ़ा न केवल शरीर को डिटॉक्स करता है. बल्कि नशीले पदार्थों की तलब को भी धीरे-धीरे खत्म कर देता है. इस औषधि को तैयार करने की विधि बेहद खास है. आधा किलो अजवाइन को 8 लीटर पानी में तब तक उबाला जाता है. जब तक वह घटकर 4 लीटर न रह जाए. भोजन से 10 मिनट पहले एक कप इस काढ़े का सेवन करने से शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं. एक से दो महीने का नियमित सेवन सिगरेट, शराब और गुटखे जैसी आदतों को छुड़ाने में गेमचेंजर साबित हो सकता है. अजवाइन में मौजूद थाइमोल तत्व पाचन तंत्र को इतना मजबूत कर देता है कि शरीर प्राकृतिक रूप से नशे को नकारने लगता है. यह घरेलू नुस्खा गैस, कब्ज और एसिडिटी में भी रामबाण है. विशेषज्ञ किसी भी गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टरी सलाह लेने की ताकीद भी करते हैं.
MP Vulture Death | 1096Km Flight; GPS Signal Reveals Cause

23 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गिद्धों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा था। मध्य प्रदेश के हलाली डैम से 1 महीने पहले उड़ा लंबी चोंच वाला एक गिद्ध राजस्थान में मृत मिला है। कुल 1096 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद गिद्ध का शव राजस्थान के बारां जिले में मिला। जीपीएस सिग्नल की वजह से मौत का पता चला। सिग्नल एक ही जगह पर स्थिर था। . बता दें कि मध्यप्रदेश वन विभाग के गिद्ध संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी और वन विहार के वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर भोपाल के सहयोग से 23 फरवरी-26 को हलाली डैम से लंबी चोंच वाले 5 गिद्ध प्राकृतिक आवास में छोड़े गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन गिद्धों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा था। इनमें से एक गिद्ध के पोस्ट रिलीज मूवमेंट के विश्लेषण के दौरान उसकी मृत्यु की जानकारी मिली है। जीपीएस से रख रहे थे नजर रिलीज के बाद पक्षी की गतिविधियों एवं स्थानिक गतिशीलता का अध्ययन करने के लिए उसे GPS-GSM ट्रैकिंग उपकरण से सतत निगरानी में रखा गया था। प्राप्त ट्रैकिंग आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि गिद्ध ने विभिन्न स्थलों के मध्य विचरण करते हुए लगभग 1 हजार 96 किलोमीटर की कुल दूरी तय की। इसका मूवमेंट पैटर्न इस प्रजाति के ज्ञात व्यवहार के अनुरूप पाया गया। जिसमें भोजन एवं विश्राम स्थलों के बीच व्यापक आवागमन शामिल होता है। रविवार को मिला आखिरी सिग्नल रविवार को राजस्थान के बारां जिले से गिद्ध का अंतिम GPS सिग्नल प्राप्त हुआ। जहां उसकी स्थिति कुछ समय के लिए सीमित क्षेत्र में स्थिर रही। इसके बाद बारां वन मंडल को सूचित कर स्थल पर खोजबीन कराई गई। वन विभाग की टीम ने केलवाड़ा क्षेत्र के समीप एक कृषि क्षेत्र में गिद्ध का शव और उसका GPS टैग बरामद किया। शव का पोस्टमार्टम कराया वन विहार के अनुसार, गिद्ध के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रूप से बरामद किया गया है। मृत्यु के कारणों का निर्धारण करने के लिए विस्तृत जांच प्रारंभ की गई है। जांच प्रतिवेदन एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत विस्तृत जानकारी पता चलेगी। बता दें कि इसी कार्यक्रम के अंतर्गत मुक्त किए गए अन्य 4 गिद्ध वर्तमान में हलाली बांध क्षेत्र में सुरक्षित हैं और उनकी गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं। ये भी जानिए… प्रदेश में ऐसे बढ़ी गिद्धों की संख्या जानकारी के अनुसार, प्रदेश में गिद्धों की गणना की शुरुआत वर्ष 2016 से की गई थी। प्रदेश में गिद्धों की कुल 7 प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें से 4 प्रजातियां स्थानीय एवं 3 प्रजाति प्रवासी हैं। गिद्धों की गणना करने के लिए शीत ऋतु का अंतिम समय सही रहता है। इस दौरान स्थानीय एवं प्रवासी गिद्धों की गणना आसानी से हो जाती है। वर्ष 2019 की गणना में गिद्धों की संख्या 8 हजार 397, वर्ष 2021 में 9 हजार 446, वर्ष 2024 में 10 हजार 845 और 2025 में 12 हजार 981 हो गई थी। इस बार हुई गणना में यह संख्या 14 हजार से ज्यादा पहुंच सकती है। कभी विलुप्त होने की कगार पर थे गिद्ध एक्सपर्ट के मुताबिक, गिद्ध जल्दी अपना साथी या मैटिंग पेयर नहीं बनाते हैं। यह पक्षी असल में नर्वस किस्म का जीव है। इस मामले में शर्मिला कहा जा सकता है। गिद्ध कभी विलुप्त होने की कगार पर थे। मप्र सहित देशभर में ‘धरती के सफाई दूत’ की संख्या बुरी तरह घटती जा रही थी, लेकिन अब प्रदेश में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। वन विहार में 3 साल पहले हरियाणा से लाए गए थे गिद्ध भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में करीब तीन साल पहले हरियाणा से सफेद पीठ वाले 20 गिद्ध लाए गए थे। 1100 किलोमीटर की यात्रा करके यह भोपाल पहुंचे थे। वर्तमान में यह गिद्ध संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र की एवरी में है। 20 व्हाइट रम वल्चर (सफेद पीठ वाले गिद्ध) में 5 नर और 5 मादा, 10 सब एडल्ट गिद्ध थे। अंडे से जीवित निकलने का सक्सेस रेट 50% गिद्ध साल में एक ही बार अंडे देते हैं। साइज में यह मुर्गी के अंडे से तीन गुना बड़े होते हैं। मई-जून से अक्टूबर के दौरान मैटिंग सीजन और अंडे देने का समय होता है। अंडे से बच्चे जीवित निकलने का सक्सेस रेट 50% माना जाता है। यही वजह है कि आधे अंडे विकसित नहीं होते हैं। अंडे से 55 दिन में बच्चा निकलता है। चार महीने बच्चा घोंसले में रहता है। फिर वह उड़ने के लिए तैयार हो जाता है। इसलिए कम हो गई थी गिद्धों की संख्या एक आंकड़े के अनुसार, वर्ष 1990 से 92 में भारत में 4 करोड़ गिद्ध थे। साल दर साल ये संख्या कम होती गई। पशुओं को दर्द, सूजन आदि के दौरान डायक्लोफेनाक दवा दी जाती है। इनके खाने के बाद मरने वाले पशु या जानवर का मांस गिद्ध खाते हैं। दवा के प्रभाव से गिद्धों की ज्यादा मौत हो जाती है। यह दवा प्रतिबंधित की गई है। गिद्धों से जुड़ी जानकारी… 2014 में शुरू हुए थे संरक्षण के प्रयास भोपाल के केरवा डैम में गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना के साथ वर्ष 2014 में गिद्धों के संरक्षण के प्रयास शुरू हुए थे। मार्च 2017 में यहां पहले सफल प्रजनन के रूप में सफेद पीठ वाले गिद्ध का चूजा पैदा हुआ था। यहां सफेद पीठ वाले (Oriental White-backed) और लंबी चोंच वाले (Long-billed) गिद्धों का प्रजनन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गिद्धों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास के लिए पन्ना (पवई), रायसेन (हलाली डैम), शिवपुरी और गांधीसागर अभयारण्य (मंदसौर) में भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। 2016 में पहली बार हुई थी गणना मध्य प्रदेश में 2016 में पहली बार गिद्धों की गणना हुई थी। तब 7028 गिद्ध गिने गए थे। इसके बाद से लगातार गिनती की जा रही है। गिद्धों को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने से पहले GPS ट्रैकर लगाए जाते हैं ताकि उनकी गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके।
पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन करेगी AIMIM, ओवैसी ने कहा | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:22 मार्च, 2026, 21:22 IST ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (पीटीआई छवि) एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ गठबंधन में आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी। एजेयूपी के संस्थापक और पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता हुमायूं कबीर ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गुरुवार को, कबीर ने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही 15 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और तीन और जोड़े हैं: वह खुद रानीनगर से चुनाव लड़ेंगे, हुमायूँ कबीर नामक एक अन्य उम्मीदवार भगवानगोला से चुनाव लड़ेंगे, और मनीषा पाठक पांडे मुर्शिदाबाद 64 सीट से चुनाव लड़ेंगी। इससे एजेयूपी की वर्तमान घोषित सूची 18 उम्मीदवारों तक पहुंच गई। कबीर ने पुष्टि की कि एआईएमआईएम गठबंधन में भागीदार होगी, जो लगभग आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एआईएमआईएम पश्चिम बंगाल के पर्यवेक्षक एडवोकेट आदिल हुसैन के नेतृत्व में ओवैसी के साथ चर्चा हुई थी, जिसमें सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए आगे की बातचीत तय थी। उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही 15 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। अब, हुमायूं कबीर रानीनगर से चुनाव लड़ेंगे; वह एक अतिरिक्त काम भी कर रहे हैं। फिर, हुमायूं कबीर नाम के एक अन्य व्यवसायी भगवानगोला से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा, मनीषा पाठक पांडे 64-मुर्शिदाबाद सीट से चुनाव लड़ेंगी। इसलिए, पहले घोषित 15 और अब इन तीन के साथ, हमने आज 18 उम्मीदवारों की सूची खोली है।” उन्होंने कहा, “मेरी पार्टी, जिस गठबंधन में हम हैं, उसके साथ 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) भागीदार होगी और उनमें से लगभग 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।” कबीर ने यह भी पुष्टि की कि वह व्यक्तिगत रूप से मुर्शिदाबाद के रेजीनगर और नवादा दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने भवानीपुर सीट को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी. पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सीटें हैं। मतदान 23 और 29 अप्रैल को होना है, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 22 मार्च, 2026, 21:22 IST समाचार चुनाव पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन करेगी AIMIM: ओवैसी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)एआईएमआईएम गठबंधन(टी)असदुद्दीन ओवैसी(टी)आम जनता उन्नयन पार्टी(टी)हुमायूं कबीर(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)एआईएमआईएम पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गठबंधन
CSK रीयूनियन में धोनी-ब्रावो का चैंपियन गाने पर डांस:सुरेश रैना को गले लगाया; चेपॉक स्टेडियम में संजू-दुबे को सम्मानित किया गया

IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने अपने फैंस के लिए ‘ROAR 2026’ इवेंट को यादगार बना दिया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आयोजित इस फैन इवेंट में टीम के कई पुराने खिलाड़ी शामिल हुए। CSK के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ड्वेन ब्रावो के मशहूर ‘चैंपियन’ गाने पर डांस किया और इसके बाद उन्होंने अपने करीबी साथी सुरेश रैना को गले लगाया। वहीं, युवा खिलाड़ियों संजू सैमसन और शिवम दुबे का सम्मान भी किया गया, जो इस इवेंट की सबसे खास झलकियों में शामिल रहा। CSK रियूनियन की 3 फोटो देखिए… धोनी-ब्रावो का ‘चैंपियन’ मोमेंट वायरल CSK के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ड्वेन ब्रावो के मशहूर ‘चैंपियन’ गाने पर डांस किया। ब्रावो ने स्टेज पर यह गाना गाया और उसी दौरान धोनी को भी बुलाया। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और फिर साथ में डांस किया। पुराने सितारों का री-यूनियन, ‘ओल्डीजी स्क्वॉड’ की झलक ROAR 2026 से पहले CSK के कई दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर साथ नजर आए। पूर्व खिलाड़ी एस बद्रीनाथ द्वारा शेयर की गई फोटो में सुरेश रैना, मैथ्यू हेडन, मुथैया मुरलीधरन, पार्थिव पटेल, हरभजन सिंह, अंबाती रायुडू, मुरली विजय और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे बड़े नाम शामिल थे। इन सभी ने CSK की पांचों IPL ट्रॉफियों के साथ तस्वीर खिंचवाई, जिसे ओल्डीजी स्क्वॉड कैप्शन दिया गया। धोनी की एंट्री पर गूंजा चेपॉक, फैंस हुए भावुक 44 साल के धोनी इस इवेंट के केंद्र में रहे। उनकी एंट्री पर पूरा चेपॉक स्टेडियम खड़ा हो गया और जोरदार स्वागत किया गया। धोनी ने मैदान पर विकेटकीपिंग भी की, फैंस के साथ बातचीत की और अंत में टीम के साथ ‘लैप ऑफ ऑनर’ लिया। इस दौरान वह दर्शकों की ओर टेनिस बॉल मारते हुए भी नजर आए। युवा सितारों का सम्मान इवेंट में धोनी ने नए और उभरते खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया, जिनमें संजू सैमसन, शिवम दुबे और अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता आयुष म्हात्रे शामिल रहे। ब्रावो अब KKR में, लेकिन CSK से रिश्ता कायम ड्वेन ब्रावो, जिन्होंने CSK के लिए 116 मैचों में 140 विकेट और 1004 रन बनाए हैं, अब कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर हैं। क्या यह धोनी का आखिरी IPL? धोनी इस सीजन में भी CSK के लिए खेलेंगे, लेकिन अटकलें जारी हैं कि IPL 2026 उनका आखिरी सीजन हो सकता है। हालांकि, उन्होंने अब तक अपने रिटायरमेंट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। CSK का IPL 2026 शेड्यूल CSK अपने IPL 2026 अभियान की शुरुआत 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स, 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स से भिड़ेगी। ————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्ड-फ्लाइट वाली खबर को नकारा IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी खबर…
CSK रीयूनियन में धोनी-ब्रावो का चैंपियन गाने पर डांस:सुरेश रैना को गले लगाया; चेपॉक स्टेडियम में संजू-दुबे को सम्मानित किया गया

IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने अपने फैंस के लिए ‘ROAR 2026’ इवेंट को यादगार बना दिया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आयोजित इस फैन इवेंट में टीम के कई पुराने खिलाड़ी शामिल हुए। CSK के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ड्वेन ब्रावो के मशहूर ‘चैंपियन’ गाने पर डांस किया और इसके बाद उन्होंने अपने करीबी साथी सुरेश रैना को गले लगाया। वहीं, युवा खिलाड़ियों संजू सैमसन और शिवम दुबे का सम्मान भी किया गया, जो इस इवेंट की सबसे खास झलकियों में शामिल रहा। CSK रियूनियन की 3 फोटो देखिए… धोनी-ब्रावो का ‘चैंपियन’ मोमेंट वायरल CSK के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ड्वेन ब्रावो के मशहूर ‘चैंपियन’ गाने पर डांस किया। ब्रावो ने स्टेज पर यह गाना गाया और उसी दौरान धोनी को भी बुलाया। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और फिर साथ में डांस किया। पुराने सितारों का री-यूनियन, ‘ओल्डीजी स्क्वॉड’ की झलक ROAR 2026 से पहले CSK के कई दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर साथ नजर आए। पूर्व खिलाड़ी एस बद्रीनाथ द्वारा शेयर की गई फोटो में सुरेश रैना, मैथ्यू हेडन, मुथैया मुरलीधरन, पार्थिव पटेल, हरभजन सिंह, अंबाती रायुडू, मुरली विजय और लक्ष्मीपति बालाजी जैसे बड़े नाम शामिल थे। इन सभी ने CSK की पांचों IPL ट्रॉफियों के साथ तस्वीर खिंचवाई, जिसे ओल्डीजी स्क्वॉड कैप्शन दिया गया। धोनी की एंट्री पर गूंजा चेपॉक, फैंस हुए भावुक 44 साल के धोनी इस इवेंट के केंद्र में रहे। उनकी एंट्री पर पूरा चेपॉक स्टेडियम खड़ा हो गया और जोरदार स्वागत किया गया। धोनी ने मैदान पर विकेटकीपिंग भी की, फैंस के साथ बातचीत की और अंत में टीम के साथ ‘लैप ऑफ ऑनर’ लिया। इस दौरान वह दर्शकों की ओर टेनिस बॉल मारते हुए भी नजर आए। युवा सितारों का सम्मान इवेंट में धोनी ने नए और उभरते खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया, जिनमें संजू सैमसन, शिवम दुबे और अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता आयुष म्हात्रे शामिल रहे। ब्रावो अब KKR में, लेकिन CSK से रिश्ता कायम ड्वेन ब्रावो, जिन्होंने CSK के लिए 116 मैचों में 140 विकेट और 1004 रन बनाए हैं, अब कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर हैं। क्या यह धोनी का आखिरी IPL? धोनी इस सीजन में भी CSK के लिए खेलेंगे, लेकिन अटकलें जारी हैं कि IPL 2026 उनका आखिरी सीजन हो सकता है। हालांकि, उन्होंने अब तक अपने रिटायरमेंट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। CSK का IPL 2026 शेड्यूल CSK अपने IPL 2026 अभियान की शुरुआत 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स, 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स से भिड़ेगी। ————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्ड-फ्लाइट वाली खबर को नकारा IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी खबर…
प्रोस्टेट का साइज बढ़ जाए, तब क्या ट्रीटमेंट कराएं? यूरोलॉजिस्ट ने बताया आपके लिए क्या बेहतर, देखें वीडियो

Treatment for Enlarged Prostate: बढ़े हुए प्रोस्टेट की समस्या उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में कॉमन है, लेकिन सही समय पर इलाज बेहद जरूरी है. गंगाराम हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने यूट्यूब पर अपलोड किए गए एक वीडियो में बताया है कि जब प्रोस्टेट का साइज बढ़ जाए, तो आपके पास उपचार के क्या विकल्प होते हैं. शुरुआती स्टेज में दवाओं से राहत मिल सकती है, लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी अधिक प्रभावी साबित होती है. बार-बार पेशाब आना या पेशाब रुकने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें. यह बढ़े हुए प्रोस्टेट का संकेत हो सकता है.
ज्यादा स्ट्रेस की वजह से हो सकती हैं ये 8 बीमारियां, वक्त रहते कर लीजिए कंट्रोल, जवानी में नहीं बनेंगे मरीज !

Last Updated:March 22, 2026, 20:49 IST Stress Harmful Effects: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक सामान्य शब्द बन गया है, लेकिन इसकी गहराई हमारे स्वास्थ्य को भीतर से खोखला कर रही है. जब हम लंबे समय तक मानसिक दबाव में रहते हैं, तो हमारा शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में बना रहता है, जिससे कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर बढ़ जाता है. यह स्थिति न केवल मानसिक शांति छीनती है, बल्कि शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भी बीमार करने लगती है. अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो जवानी में ही व्यक्ति कई गंभीर रोगों का शिकार हो सकता है. हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज : WHO की रिपोर्ट के मुताबिक लगातार तनाव का सबसे बुरा असर हमारे दिल पर पड़ता है. जब आप तनाव में होते हैं, तो आपका हार्ट रेट बढ़ जाता है और ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है. लंबे समय तक हाई बीपी रहने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. तनाव के कारण शरीर में सूजन भी बढ़ती है, जो धमनियों के लिए हानिकारक है. टाइप-2 डायबिटीज : तनाव और शुगर लेवल का सीधा संबंध है. स्ट्रेस के दौरान शरीर एनर्जी के लिए खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ा देता है. अगर तनाव लगातार बना रहे, तो शरीर इस अतिरिक्त शुगर को प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होता है. यही कारण है कि अत्यधिक मानसिक दबाव झेलने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है. पाचन तंत्र की समस्याएं : क्या आपने गौर किया है कि घबराहट में अक्सर पेट खराब हो जाता है? हमारा मस्तिष्क और पेट आपस में गहराई से जुड़े हैं. क्रोनिक स्ट्रेस की वजह से एसिडिटी, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और पेट में अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यह पाचन क्रिया को धीमा कर देता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता. Add News18 as Preferred Source on Google कमजोर इम्यून सिस्टम : तनाव आपके शरीर की रक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है. कोर्टिसोल का उच्च स्तर प्रतिरक्षा कोशिकाओं की कार्यक्षमता को घटा देता है, जिससे आप बार-बार सर्दी, खांसी और अन्य संक्रमणों की चपेट में आने लगते हैं. एक तनावग्रस्त शरीर किसी भी बीमारी से लड़ने में सामान्य से अधिक समय लेता है. डिप्रेशन और एंजायटी : शारीरिक बीमारियों के अलावा स्ट्रेस सीधे तौर पर मानसिक विकारों का द्वार है. मामूली तनाव जब क्रोनिक बन जाता है, तो यह गंभीर डिप्रेशन और एंजायटी डिसऑर्डर में बदल सकता है. इससे व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और वह सामाजिक रूप से कटने लगता है. अनिद्रा और थकान : तनावग्रस्त दिमाग कभी शांत नहीं बैठता, जिससे नींद की गुणवत्ता खराब हो जाती है. घंटों बिस्तर पर लेटे रहने के बाद भी विचार चलते रहते हैं, जिससे अनिद्रा की समस्या पैदा होती है. पर्याप्त नींद न मिलने के कारण शरीर की मरम्मत नहीं हो पाती, जिससे व्यक्ति दिन भर थकान और चिड़चिड़ेपन का अनुभव करता है. मोटापे की समस्या : तनाव के दौरान शरीर में घ्रेलिन हार्मोन बढ़ता है, जो भूख को तेज करता है. अक्सर लोग तनाव को कम करने के लिए इमोशनल ईटिंग का सहारा लेते हैं और ज्यादा मीठा या फैटी फूड खाने लगते हैं. इसके अलावा कोर्टिसोल हार्मोन विशेष रूप से पेट के आसपास चर्बी जमा करने के लिए जिम्मेदार होता है, जिससे मोटापा बढ़ता है. त्वचा और बालों की समस्याएं : तनाव का असर आपके चेहरे और बालों पर भी साफ दिखता है. ज्यादा स्ट्रेस से शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे मुंहासे, एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं. इसके साथ ही अत्यधिक तनाव बालों के झड़ने का एक प्रमुख कारण माना जाता है. First Published : March 22, 2026, 20:49 IST
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को बताया गद्दार तो भड़के शुभेंदु अधिकारी, कहा- ‘वह खुद सांप्रदायिक’

पश्चिम बंगाल में अब पूरी तरह से अपने शबाब पर है। यहां नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को ममता बनर्जी पर मजबूत गठबंधन बनाया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सांप्रदायिकता का आरोप लगाया. अधिकारी का ये नाम दोस्ती के ईद समारोह में शामिल होते हुए आया. ममता बनर्जी आईडी के दिन एक समारोह में शामिल थीं। जहां वे बीजेपी और पीएम मोदी पर मजबूत डेमोक्रेट हैं। साथ ही बंगाल की जनता के साथ बने रहने की बात। जोर-शोर से लालची पार्टी शुभेंदु अधिकारी दो चरण में होने वाले चुनाव को लेकर पार्टी की कमान संभाले जोर शोर से प्रचार में जुटे हुए हैं। इसी तरह के शिष्य नंदीग्राम के दौरे पर थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी स्वंय सांप्रदायिक हैं. इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए है। क्या ममता बनर्जी इस्लाम धर्म का पालन करती हैं? वह मुस्लिम नहीं हैं. महिलाओं के लिए अलग-अलग तरह से नमाज का आयोजन किया जाता है। इस दौरान उन्होंने धार्मिक मंच पर धार्मिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। मुस्लिम समुदाय से इस बार हमें समर्थन मिल रहा है: शुभेंदु अधिकारी उन्होंने कहा कि समिति के खिलाफ कार्यक्रम में उन्होंने देश के सदस्यों पर अतिक्रमण करने की बात कही है। धार्मिक कार्यक्रम में भला कौन इस तरह की बातें करता है। मैं भी ऐसे ही प्रोग्राम में चलता हूँ. क्या मैं ऐसे कार्यक्रम में भाजपा को वोट देने के लिए आया हूं? मैं क्या कहता हूं कि मुख्यमंत्री भगवान हैं? उन्होंने कहा कि इस बार बीजेपी मुस्लिम समुदाय का काफी समर्थन कर रही है। कलिद के दिन भी मैं हल्दिया गया था। ईद उनका अपना त्यौहार था. इसके बावजूद वे मेरी सभा में आये। अभी इस रैली में 50 से ज्यादा युवा मुस्लिम पुरुष भी शामिल हैं. बीजेपी के नेता बोले- लोग रोजगार की मांग कर रहे हैं बीजेपी नेताओं ने कहा कि लोग रोजगार की मांग कर रहे हैं. नंदीग्राम के 30 हजार युवा उत्तर प्रदेश में प्रवासी श्रमिक के रूप में काम कर रहे हैं। इनमें 18 हजार मुस्लिम युवा हैं। 3 हजार से ज्यादा मुस्लिम युवा महाराष्ट्र में काम कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि लोगों को अब पता चल गया है कि 2021 के चुनाव में फ्लोरिडा कांग्रेस ने यूरोप के नाम पर वोट मांगे थे. इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा. इस बार न कोई हिंदू, न मुसलमान, और न कोई ममता बनर्जी के साथ है। नंदीग्राम में अपने प्रचार अभियान को लेकर अधिकारी ने कहा कि मैं यहां सिर्फ चुनाव के लिए नहीं, बल्कि इसलिए हूं, क्योंकि यह जगह मेरा घर है। बीजेपी ने मुझे फिर से यहां से उम्मीदवार बनाया है. मैं यहां दस्तावेज़ और लोगों से मिलने आया हूं। नंदीग्राम और शुभेंदु एक दूसरे के पर्याय हैं। इसे भी पढ़ें: मौसम ठंडा होने से बढ़ा हाई बीपी का खतरा? योग गुरु के नाम शामिल ये 4 आसन दिलाएंगे राहत
असम में कांग्रेस ने जारी की 5वीं सूची, सातवीं सूची का खुलासा किया

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 5वीं लिस्ट जारी की है। इस सूची में सात द्वीप के कारखाने का विमोचन किया गया है। कांग्रेस पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए जिन 7 सीटों पर अपने उम्मीदवार बनाए हैं, उनमें गोसाईंगांव विधानसभा सीट से जोसेफ हासदा, दोतमा की एसटी आरक्षित सीट से बिरखांग बोरा, बिजनी से रजत कांति साहा, भेरगांव से आंचुला गुआरा दैमारी, मजबत से नारायण अधिकारी, हाफलॉन्ग की एसटी रिजर्व सीट से निर्मल लंगथासा और कटिगोरा विधानसभा सीट से अमर चंद जैन कोयर को उम्मीदवार बनाया गया है। घटक कांग्रेस के घटकों की चार सूची होल जारी पार्टी कांग्रेस इससे पहले असम विधानसभा चुनाव के लिए जंगल के जंगलों की चार लिस्ट पहले जारी कर चुकी है। इसके बाद पार्टी ने आज रविवार (22 मार्च, 2026) को 7 असेंबली रिजॉर्ट्स की घोषणा की। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले चुनाव के लिए 7 समर्थकों को चिन्हित किया है। कांग्रेस के सीईसी ने असम विधान सभा के आगामी चुनावों के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुना है 👇 pic.twitter.com/lBHoGujobe – कांग्रेस (@INCIndia) 22 मार्च 2026 वामपंथियों को कांग्रेस ने दी उपाधि कांग्रेस ने राज्य में अपनी पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए असम में अपने सहयोगी वामपंथी समर्थकों के साथ नामांकन करने की भी घोषणा की है। कांग्रेस ने दो दिन पहले शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को अपनी चौथी सूची जारी की थी। लिस्ट में पार्टी ने अपने 7 जंगलों के जंगलों की घोषणा की। इसके साथ कांग्रेस ने लेफ्ट को लीज वाली 11 के बारे में जानकारी सार्वजनिक की। कांग्रेस ने असम के मानस, दलगांव, धींग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, दिगबोई, सिबसागर, मारियानी और बोकाखाट विधानसभा सीटों पर वामपंथी दल को चुनावी मैदान में उतारा है। जबकि असम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और अल्पसंख्यक गौरव गोगोई खुद राज्य के जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को बताया गद्दार तो भड़के शुभेंदु अधिकारी, कहा- ‘वह खुद सांप्रदायिकता’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026
Health Tips : आप भी एक झटके में गटक जाते हैं पानी की बोतल? खराब हो जाएगी किडनी, ये वाला काम भी घातक

Last Updated:March 22, 2026, 20:29 IST Kidney disease : देश में किडनी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. अक्सर भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और काम की धुन में हम अपनी सेहत को पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते. आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवा और घंटों पढ़ाई में जुटे छात्रों में ये आदत ज्यादा देखी जाती है. वे एक ऐसी आदत के शिकार हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे उनके शरीर के मुख्य अंगों को खोखला कर रही है. लोकल 18 ने पीलीभीत के आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे से इन छिपे हुए खतरों के बारे में पूछा. पीलीभीत. आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में हम अक्सर काम की धुन में अपनी सेहत को पीछे छोड़ देते हैं. खासकर आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवा और घंटों पढ़ाई में जुटे छात्र एक ऐसी आदत के शिकार हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे उनके शरीर के मुख्य अंगों को खोखला कर रही है. पीलीभीत के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे ने लोकल 18 से उन छिपे हुए खतरों के प्रति आगाह किया है, जिन्हें हम रोजमर्रा की जिंदगी में नजरअंदाज कर देते हैं. रोकना घातक डॉ. पांडे बताते हैं कि लगातार 12 से 16 घंटे तक एक ही जगह बैठकर काम करना केवल थकान का कारण नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर एक गंभीर संकट खड़ा कर रहा है. अक्सर काम के दबाव में युवा अपने शरीर के नेचुरल वेग, जैसे पेशाब को लंबे समय तक रोक लेते हैं. आयुर्वेद में इसे अधारणीय वेग कहा गया है. इस वेग को रोकने से शरीर के अंदर इंफेक्शन बढ़ने लगता है, जो सीधा आपकी किडनी (गुर्दों) पर हमला करता है. लंबे समय में यह आदत किडनी फेलियर जैसी नौबत भी ला सकती है. खतरा सिर्फ किडनी तक ही सीमित नहीं है. घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहने से शरीर के निचले हिस्सों की नसों पर भारी दबाव पड़ता है. सभी करते हैं ये गलती डॉ. पांडे का कहना है कि इसी कारण आजकल के युवाओं में बवासीर (पाइल्स) और फिशर जैसी बीमारियां बहुत तेजी से फैल रही हैं. शरीर को जरूरी मूवमेंट न मिलने और गलत तरीके से बैठने के कारण पाचन तंत्र और आंतों की कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है. डॉ. पांडे ने पानी पीने की एक ऐसी आम गलती के बारे में भी बताया है, जो लगभग हर दूसरा व्यक्ति करता है. लोग घंटों काम में डूबे रहते हैं और पानी पीना भूल जाते हैं, फिर अचानक याद आने पर एक साथ पूरी बोतल खाली कर देते हैं. अचानक लोड खतरनाक डॉ. पांडे के मुताबिक, यह तरीका किडनी के लिए बहुत खतरनाक है. जैसे किसी थके हुए आदमी पर अचानक भारी बोझ डाल दिया जाए तो वह ढह जाता है, वैसे ही प्यासी किडनी पर अचानक पानी का भारी लोड पड़ने से उसके ‘नेफ्रॉन्स’ डैमेज होने लगते हैं. डॉ. पांडे की सलाह है कि इस डिजिटल युग में अपनी सेहत को दांव पर न लगाएं. काम के बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेना और शरीर के संकेतों को समझना बहुत जरूरी है. पानी को एक साथ पीने के बजाय घूंट-घूंट करके और थोड़े-थोड़े अंतराल पर पिएं. अगर समय रहते इन छोटी आदतों को नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Pilibhit,Uttar Pradesh First Published : March 22, 2026, 20:29 IST







