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MP में LPG संकट…12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को गैस नहीं:छुट्‌टी वाले दिन अपर प्रमुख सचिव ने सुनी संचालकों की बात; कल कोई ठोस निर्णय लेने की उम्मीद

MP में LPG संकट...12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को गैस नहीं:छुट्‌टी वाले दिन अपर प्रमुख सचिव ने सुनी संचालकों की बात; कल कोई ठोस निर्णय लेने की उम्मीद

मध्य प्रदेश में LPG संकट बरकरार है। होटल और रेस्टोरेंट को लगातार 12 दिन से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है। इसे लेकर रविवार को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर प्रमुख सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की। प्रमुख सचिव शमी ने छुट्‌टी वाले दिन संचालकों से बात और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक भी की। बता दें कि ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन में 10% कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है, लेकिन सप्लाई के आदेश नहीं आए हैं। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वे बंद होने की कगार पर है। भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है। जिसके समाधान पर चर्चा की। गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा गया है। NRAI प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की बात से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसे दूर करने की मांग की गई है। भोपाल के 2 हजार होटल में परेशानी एसोसिएशन के अध्यक्ष पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि भोपाल के पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का एक सीमित कोटा आवंटित किया जाए। प्रत्येक प्रतिष्ठान को आवश्यक रसोई संचालन बनाए रखने और खाद्य सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किए जाए। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं। केंद्र सरकार के आदेश पर भी नहीं हो रहा अमल मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि प्रदेश भर के होटल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र के आपूर्ति के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिससे स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है। सूरी ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें मदद मिलेगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिशन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सभी के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सभी होटलों के लिए एक जैसे नियम सही नहीं अध्यक्ष सूरी के अनुसार, संगठन की प्रमुख मांग है कि वर्तमान 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए ताकि व्यवसायों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा उन्होंने एक नया प्रस्ताव भी रखा है कि सभी संस्थानों के लिए आपूर्ति का एक समान नियम नहीं होना चाहिए। होटलों की श्रेणी और उनकी मांग के आधार पर गैस का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। बड़े संस्थानों को उनकी खपत के अनुसार अधिक और छोटे संस्थानों को उनके अनुपात में गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पीएनजी सप्लाई को भी मांग के अनुरूप बढ़ाने की मांग रखी गई है। ये पदाधिकारी रहे मौजूद एनआरएआई के प्रतिनिधि बाहेती ने बताया कि प्रमुख सचिव ने होटल और रेस्टोरेंट को गैस उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। सोमवार तक कोई उचित निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया है। प्रतिनिधिमंडल में सचिन अग्रवाल, दीपेश मोटवानी, श्रीकांत सिंह, अमित बाहेती, गर्वित अग्रवाल, सागर गैरे, विष्णु शर्मा, कुश मनोहर, सपन अरोड़ा, दिनेश डावर, जस्तेज पाली आदि भी मौजूद थे।

डॉक्टर सिर्फ बात करेंगे, पर्चा लिखेगा AI! तीन दोस्तों का कमाल, हेल्थकेयर सेक्टर में मचेगा तहलका – News18 हिंदी

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X डॉक्टर सिर्फ बात करेंगे, पर्चा लिखेगा AI! हेल्थकेयर सेक्टर में मचेगा तहलका   Ashwin AI App: भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़ा डिजिटल बदलाव आने वाला है. आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और उनके दो दोस्तों ने मिलकर Ashwin AI विकसित किया है. जो डॉक्टरों और मरीजों के बीच होने वाली बातचीत को रीयल-टाइम में सटीक डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड में तब्दील कर देता है. इस स्वदेशी AI टूल की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS दिल्ली में इसे लागू करने की तैयारी है. एनआईसी (NIC) के साथ मिलकर टीम इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. AI समिट 2026 में इस तकनीक को जबरदस्त सराहना मिली है. प्रभु राजगोपाल, अनिरुद्ध वर्ना और विजयराजा द्वारा बनाया गया यह प्लेटफॉर्म कई भारतीय भाषाओं को समझने में सक्षम है. अब डॉक्टरों को लंबे पर्चे लिखने या कंप्यूटर पर डेटा एंट्री करने की जरूरत नहीं होगी. सारा रिकॉर्ड सुरक्षित क्लाउड पर रहेगा. जिसे मरीज कहीं भी और कभी भी किसी भी डॉक्टर को अपनी मेडिकल हिस्ट्री के तौर पर दिखा सकेंगे. इससे डॉक्टर कागजी कार्रवाई के बजाय मरीज के इलाज पर अधिक ध्यान दे पाएंगे. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Ahmedabad Accused Arrested; Woman Called Him to Settle Dispute

Ahmedabad Accused Arrested; Woman Called Him to Settle Dispute

घर घुसकर आरोपियों ने महिला का गला घोंटा था। पैसे और ज्वेलरी लेकर भाग गए थे। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साल 2021 में हुई हत्या का आरोपी अहमदाबाद में पकड़ा गया है। टिकरापारा की रहने वाली महिला ने पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए अजय कुमार को 4 लाख दिए थे, लेकिन अजय ने उसी महिला को मारकर घर से 10 लाख कैश और 35 तोला सोना चुरा . 21 मार्च 2026 को गुजरात की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा है। सूचना पर रायपुर पुलिस अहमदाबाद रवाना हुई है। महिला की हत्या होने की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी जांच करते हुए। शकुंतला देवी हत्याकांड की पूरी कहानी जानिए दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2021 का है। रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान में शकुंतला देवी (पति स्व. अमर यादव) का शव संदिग्ध हालत में मिला था। जांच में पता चला कि शकुंतला का अपने बड़े बेटे अजय यादव के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए शकुंतला और उनके छोटे बेटे अमित यादव ने अजय कुमार मिश्रा से मदद मांगी थी। सेटलमेंट के लिए 4 लाख दिए आरोपी अजय और शकुंतला का बेटा अमित पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम करते थे। बड़े भाई से संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए अमित ने आरोपी अजय को सेटलमेंट के लिए 4 लाख कैश दिए और 10 हजार एडवांस दिए गए थे। लेकिन आरोपी पैसे लेकर भाग निकला, जिसके बाद शकुंतला उसके गांव तक पहुंच गई थी। बदला लेने और लूट के इरादे से आरोपी अजय अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर आया और शकुंतला के घर पर ही रुका। मौका मिलते ही दोनों ने महिला का गला घोंट दिया। मृतिका का शव रस्सी से बांधकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। 10 लाख कैश और 35 तोला सोना अहमदाबाद पुलिस के सामने आरोपी ने कबूल किया कि, हत्या के बाद उसने घर से 10 लाख रुपए कैश और करीब 30-35 तोला सोना लूटा था। इस सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक सराफा कारोबारी को बेच दिया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल फोन, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था। वह लगातार ठिकाने बदलता रहा पहले गोवा, फिर अहमदाबाद और फिर मुंबई में छिपा रहा। महिला की हत्या करने के बाद घटनास्थल पर पुलिस टीम निगरानी करते हुए। 3 साल तक दबी रही फाइल, कई थानेदार बदले रायपुर के टिकरापारा थाने में हत्या का मामला दर्ज था। पुलिस इस ब्लाइंड केस की छानबीन कर रही थी। इस दौरान थाने के कई टीआई (TI) बदल गए, लेकिन पुलिस कातिल तक नहीं पहुंच सकी। डायरी में केवल एक संदेही का जिक्र था। अब गुजरात पुलिस ने सूचना ही है कि आरोपी पकड़ा गया है। इस इनपुट के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोली है। टिकरापारा थाना से पुलिस टीम रवाना हुई है। रायपुर पुलिस की टीम अहमदाबाद रवाना अहमदाबाद पुलिस की इस गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस एक्टिव हो गई है। एडिशनल डीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा के मुताबिक, एक विशेष टीम को अहमदाबाद भेजा गया है। वहां आरोपी से पूछताछ के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जाएगा, जिससे हत्या और लूट के इस पूरे मामले का खुलासा होगा। अब पढ़ें पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा रायपुर कमिश्नरेट के एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने टिकरापारा हत्याकांड के संदेही को पकड़ने की सूचना भेजी थी। सूचना पर टीम रवाना किया गया है। मामले में अभी कुछ कहना ठीक नहीं है। टीम पहुंने के बाद विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें.. रायपुर सूटकेस हत्याकांड…इन 6 बड़ी वजहों से फंसे आरोपी: खून नहीं रोक पाए, पेटी में नाम लिखा मिला, फर्जी आधार-कार्ड दिया, लेकिन पेमेंट ऑनलाइन किया तीसरी मंजिल के इसी गलियारे से लाश को लिफ्ट के माध्यम से नीचे उतारा गया था। रायपुर सूटकेस हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी घटना में पुलिस को कई अहम सबूत और गवाह मिले हैं, जिनकी मदद से पुलिस 24 घंटे के अंदर ही आरोपियों तक पहुंच गई। पढ़ें पूरी खबर…

किचन में रखी इस चीज में भरे करोड़ों बैक्टीरिया, आप रोज करते हैं इस्तेमाल, 90% लोगों को कुछ पता ही नहीं !

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Last Updated:March 22, 2026, 19:57 IST Kitchen Sponges Danger: रसोई में इस्तेमाल होने वाला स्पंज आपको बीमार कर सकता है, क्योंकि इसमें लाखों बैक्टीरिया हो सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार स्पंज में मौजूद नमी और खाने के कण इसे कीटाणुओं के पनपने के लिए एक अनुकूल जगह बनाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. स्पंज को नियमित रूप से डिसइन्फेक्ट करना बेहद जरूरी होता है. किचन के स्पंज में लाखों की संख्या में बैक्टीरिया इकट्ठा हो सकते हैं. Is Your Sponge Making You Sick: किचन और बर्तनों की साफ-सफाई में स्पंज सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. यह छोटा सा स्पंज बड़े काम की चीज है. अधिकतर लोग बर्तन या किचन साफ करने के लिए स्पंज को धोकर रख देते हैं और कई महीनों तक इसे इस्तेमाल करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यही छोटा सा स्पंज हमारे स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा भी बन सकता है. हाल ही में न्यूट्रिशन कोच रयान फर्नांडो ने सोशल मीडिया पर किचन स्पंज को साइलेंट किलर करार दिया है. उनका दावा है कि बर्तनों को चमकाने वाला यह उपकरण असल में लाखों खतरनाक बैक्टीरिया का ठिकाना हो सकता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. इससे हमारी सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं. रयान फर्नांडो के अनुसार किचन स्पंज की बनावट ऐसी होती है कि वह तरल पदार्थों और सूक्ष्म कणों को आसानी से सोख लेता है. जब हम कच्चा चिकन या कच्ची सब्जियों के संपर्क में आए बर्तनों को साफ करते हैं, तो उन पर मौजूद पैथोजन्स स्पंज के छिद्रों में फंस जाते हैं. अगर इसे ठीक से डिसइन्फेक्ट न किया जाए, तो वही स्पंज अगले बर्तन को साफ करने के बजाय उसे और भी ज्यादा संक्रमित कर देता है, जिससे किचन की अन्य सतहों पर भी बीमारियां फैलने का डर रहता है. ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीता सिंह टंडन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि स्पंज में बैक्टीरिया का पनपना एक गंभीर समस्या है. स्पंज अधिकांश समय गीला रहता है और इसमें भोजन के छोटे-छोटे कण फंसे रह जाते हैं, इसलिए यह कीटाणुओं के विकास के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है. नमी और रसोई की गर्माहट मिलकर बैक्टीरिया की संख्या को कुछ ही घंटों में लाखों तक पहुंचा सकती है, जो फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं. ऐसे में लोगों को स्पंज को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉ. टंडन का कहना है कि समस्या केवल स्पंज का गंदा होना नहीं है, बल्कि हमारी आदतें भी हैं. हम दिन भर में कई बार स्पंज का उपयोग तो करते हैं, लेकिन उसे उतनी बार गहराई से साफ नहीं करते. लंबे समय तक एक ही पुराने स्पंज का इस्तेमाल करना उसे गंदगी फैलाने का एक जरिया बना देता है. उचित रख-रखाव के अभाव में यह बर्तनों के माध्यम से हमारे हाथों और आखिरकार हमारे खाने तक पहुंचकर इंफेक्शन का चक्र पूरा करता है. किचन को सुरक्षित रखने के लिए केवल बर्तनों को धोना काफी नहीं है, बल्कि सफाई के उपकरणों को भी साफ रखना अनिवार्य है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि स्पंज को इस्तेमाल के बाद गर्म पानी या एंटीबैक्टीरियल सॉल्यूशन से धोएं और उसे पूरी तरह सूखने दें. इसके अलावा हर एक से दो सप्ताह में पुराना स्पंज बदलकर नया इस्तेमाल करना स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे बेहतर है. सफाई का यह छोटा सा बदलाव आपके परिवार को कई गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रख सकता है. अगर आप भी महीनों से एक ही स्पंज इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जल्द से जल्द उसे फेंककर नया स्पंज लें और उसकी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 19:57 IST

कुट्टू के आटे के फायदे: नवरात्रि व्रत का बेहतरीन सुपरफूड

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Last Updated:March 22, 2026, 19:42 IST Kattu Ka Atta Kyun Khana Chahiye: कुट्टू का आटा सिर्फ फलाहार नहीं है. ये पोषक तत्वों से भरा सेहत के लिए फायदेमंद फूड भी है. यदि आपका पाचन कमजोर है या फिर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की समस्या है तो इस आटे को डाइट में शामिल कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट Kattu Ka Atta Kyun Khana Chahiye:  अभी चैत्र नवरात्रि का समय चल रहा है. इन नौ पवित्र दिनों में लोग मां दुर्गा की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. व्रत के दौरान अनाज नहीं खाया जाता, इसलिए लोग फलाहार के रूप में कुट्टू का आटा खाते हैं. ये बहुत अच्छा और सेहतमंद विकल्प भी माना जाता है. कुट्टू असल में अनाज नहीं, बल्कि एक बीज है. यह ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए पचने में आसान और शरीर को ऊर्जा देने वाला होता है कुट्टू के आटे से पूरी, पराठा, पकौड़ी, खीर, हलवा और खिचड़ी जैसे कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं. इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होते हैं, जो व्रत के दौरान शरीर को ताकत देते हैं और थकान कम करते हैं. इसमें फाइबर भी होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ज्यादा खाने से बचाव होता है. कुट्टू के आटे के फायदे (Buckwheat Flour Health Benefits) कुट्टू में मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं. यह ग्लूटेन-फ्री होने के कारण उन लोगों के लिए भी सुरक्षित है जिन्हें गेहूं से एलर्जी या पाचन की समस्या होती है, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर जल्दी नहीं बढ़ता. इसलिए यह डायबिटीज वाले लोगों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है. व्रत के दौरान पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज, गैस या अपच हो सकती हैं, लेकिन कुट्टू खाने से ये समस्याएं कम होती हैं. यह हल्का होता है और आसानी से पच जाता है. कुट्टू में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो दिल को स्वस्थ रखते हैं, खराब कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. इसमें प्रोटीन, विटामिन बी और अन्य जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखते हैं. कुट्टू के सेवन का तरीकाकुट्टू के आटे से अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाना आसान है. आप इसका घोल बनाकर कढ़ी बना सकते हैं या सब्जियों के साथ खिचड़ी तैयार कर सकते हैं. व्रत में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करना चाहिए. कुट्टू से बनी खीर, हलवा और तेहरी भी व्रत के लिए अच्छे विकल्प हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 22, 2026, 19:42 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

सत्तू बनाम छाछ बनाम निम्बू पानी: सत्तू, छाछ या फिर नींबू पानी…चिलचिलाती गर्मी में कौन सा सा पीना सबसे अच्छा है?

सत्तू बनाम छाछ बनाम निम्बू पानी: सत्तू, छाछ या फिर नींबू पानी...चिलचिलाती गर्मी में कौन सा सा पीना सबसे अच्छा है?

सत्तू बनाम छाछ बनाम निम्बू पानी: मार्च का महीना अब ख़त्म होने वाला है। ऐसे में शरीर को डॉक्टरी सलाह देना अत्यंत आवश्यक है। जब प्यास गले को लगती है, तो अक्सर हमारा हैंड कोल्ड ड्रिंक्स की ओर जाना जाता है, लेकिन क्या आप सत्तू, छाछ और पानी के बाजार में मिल रहे कोल्ड ड्रिंक और सोडा से ज्यादा खराब हैं। आइए आपको इस लेख में विस्तार से बताते हैं कि गर्मी में सत्तू, छाछ या फिर नींबू का पानी क्या है? सत्तू सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि एक पूरा भोजन है। उत्तर भारत, खासकर बिहार और यूपी में इसे बड़े ही शौक से खाया-पिया जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और हरा होता है। यह पेट लंबे समय तक बना रहता है। जो लोग धूप में बाहर काम करते हैं या जिनमें तुरंत एनर्जी की जरूरत होती है। यह रामबाण में लू से बच गया है। अगर आपको गैस या ब्लोटिंग की समस्या है तो सत्तू का सेवन सीमित मात्रा में करें। दो के खाने के बाद एक टैंकर छाछ अमृत के समान है। यह न केवल शरीर को ठंडा करता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी मापता है। लैक्टिक एसिड और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट की जलन को शांत करते हैं। यह कैल्शियम और विटामिन का भी अच्छा स्रोत है। जिसमें एसिडिटी, अपच या भारी भोजन के बाद बुरा महसूस होता है। उनके लिए यह सबसे बड़ा कमाल है। साथ ही वजन के लिए भी प्रभावशाली है। गर्म में थर्मल पानी पीने के फायदे नींबू पानी सबसे आसान ड्रिंक है। इसमें विटामिन सी से भरपूर पेय पदार्थ आपकी को मिनटों में पिलाया जा सकता है। यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखता है। अगर आप इसमें काला नमक और इसके अलावा जीरा मिलाते हैं, तो यह और भी गुणकारी हो जाता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है।

40 की उम्र में महिलाओं का कोलेस्ट्रॉल लेवल क्यों होने लगता है गड़बड़? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताई वजह

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Last Updated:March 22, 2026, 19:05 IST Menopause and Heart Health: महिलाओं में अक्सर 40 की उम्र के बाद कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या हो जाती है. इसकी वजह हमेशा खराब खान-पान नहीं होती, बल्कि हार्मोनल बदलाव होता है. महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की कमी होने से कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं. यह हार्मोन हार्ट की सुरक्षा करता है और इसके घटने से रिस्क बढ़ जाता है. एस्ट्रोजन हार्मोन में गिरावट के कारण 40 की उम्र के बाद महिलाओं की हार्ट हेल्थ बिगड़ने लगती है. Cholesterol Spike in Women: महिलाओं की जिंदगी में 40 की उम्र के बाद कई बायोलॉजिकल बदलाव होते हैं. इस समय को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है और कुछ साल बाद मेनोपॉज की कंडीशन आ जाती है. मेनोपॉड के बाद महिलाओं की सेहत पूरी तरह बदल जाती है. आमतौर पर इसे केवल रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन असल में इस दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं. मेनोपॉज के बाद मेटाबॉलिज्म, ब्रेन और हार्ट हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होती है. यही कारण है कि कई महिलाओं में बिना किसी स्पष्ट वजह के कोलेस्ट्रॉल स्तर में बदलाव देखने को मिलता है. HT की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और फंक्शनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. संजय भोजराज ने एक हालिया पॉडकास्ट में बताया कि 40 की उम्र के आसपास महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल का अचानक बढ़ना अक्सर केवल खान-पान या लाइफस्टाइल की वजह से नहीं होता. कई बार इसके पीछे हार्मोनल बदलाव और विशेष रूप से एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट होती है. यह एक ऐसा पहलू है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अक्सर देखा जाता है कि जिन महिलाओं का बैड कोलेस्ट्रॉल पहले सामान्य रहता था, उनमें अचानक हल्की बढ़ोतरी हो जाती है. ऐसे में अक्सर इसे लाइफस्टाइल से जोड़ देते हैं और मान लेते हैं कि खान-पान या दिनचर्या में बदलाव हुआ होगा. हालांकि हकीकत हार्मोन्स से जुड़ी होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. दरअसल पेरिमेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है. यह हार्मोन लंबे समय तक महिलाओं के हार्ट और धमनियों की रक्षा करता है. जैसे-जैसे इसका स्तर घटता है, यह प्राकृतिक सुरक्षा भी कम होने लगती है. इससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है. यह प्रक्रिया बिना किसी बाहरी संकेत के भी हो सकती है, इसलिए इसे समझना जरूरी है. जब एस्ट्रोजन का सुरक्षात्मक कवर कम होता है, तो हार्ट और ब्लड वेसल्स ज्यादा जोखिम में आ जाती हैं. यही कारण है कि इस उम्र में कोलेस्ट्रॉल और कार्डियोवैस्कुलर रिस्क बढ़ सकता है, भले ही आपकी जीवनशैली पहले जैसी ही क्यों न हो. ऐसे में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में सामने आती है. डॉ. भोजराज का मानना है कि मेनोपॉज को केवल हॉट फ्लैश या बाल झड़ने जैसे लक्षणों तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे हार्ट हेल्थ के संदर्भ में भी देखना जरूरी है. सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर HRT पर विचार करना महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह न केवल हार्मोनल संतुलन को सुधारने में मदद करता है, बल्कि दिल की सुरक्षा में भी भूमिका निभा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 19:05 IST

बाल झड़ना और स्कैल्प इंफेक्शन से हैं परेशान? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताए आसान और असरदार उपाय

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बालों का झड़ना, स्कैल्प में इंफेक्शन या गंजेपन के धब्बे आजकल आम समस्याएं बनती जा रही हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन सभी परेशानियों की जड़ अक्सर स्कैल्प की खराब सेहत होती है. अगर स्कैल्प हेल्दी नहीं है, तो बाल कमजोर होने लगते हैं और तेजी से झड़ते हैं. इसी वजह से त्वचा विशेषज्ञ स्कैल्प केयर को उतनी ही अहमियत देने की सलाह देते हैं जितनी स्किन केयर को दी जाती है. डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आकांक्षा संघवी के अनुसार, स्कैल्प की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है सही तरीके से बालों की सफाई करना. बहुत ज्यादा बार बाल धोना भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे स्कैल्प के नैचुरल ऑयल खत्म हो जाते हैं और बाल सूखे व कमजोर हो जाते हैं. वहीं, बहुत कम धोने से गंदगी, पसीना और ऑयल जमा होकर हेयर फॉल को बढ़ा सकते हैं. इसलिए बालों को अपने स्कैल्प टाइप के अनुसार धोना चाहिए और हमेशा माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. स्कैल्प इंफेक्शन भी बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण है. जैसे फॉलिकुलाइटिस में बालों की जड़ों में सूजन और छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, जो खुजली और दर्द का कारण बनते हैं. ऐसे मामलों में एंटीमाइक्रोबियल शैम्पू या एंटी-इंफ्लेमेटरी लोशन का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही भारी तेल या गंदगी जमा होने से बचना जरूरी है, क्योंकि इससे स्कैल्प की समस्या और बढ़ सकती है. डॉक्टर यह भी बताते हैं कि बालों की देखभाल हमेशा हल्के हाथों से करनी चाहिए. जोर-जोर से कंघी करना, गीले बालों को रगड़ना या बहुत टाइट हेयरस्टाइल बनाना बालों की जड़ों को कमजोर करता है. खासकर गीले बाल ज्यादा नाजुक होते हैं, इसलिए उन्हें धीरे-धीरे सुलझाना चाहिए. इसके अलावा बार-बार हीट स्टाइलिंग और केमिकल ट्रीटमेंट से भी बालों की गुणवत्ता खराब होती है और बाल टूटने लगते हैं. स्कैल्प हेल्थ सिर्फ बाहर से देखभाल करने से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी जुड़ी होती है. सही पोषण बालों के लिए बेहद जरूरी है. शरीर में आयरन, प्रोटीन, विटामिन डी और बी-कॉम्प्लेक्स की कमी होने पर बाल तेजी से झड़ सकते हैं. इसलिए डाइट में हरी सब्जियां, फल, नट्स और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करना चाहिए. साथ ही स्ट्रेस भी बाल झड़ने का एक बड़ा कारण है, क्योंकि तनाव बालों के ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है. एक और अहम बात यह है कि स्कैल्प की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर लंबे समय तक डैंड्रफ, खुजली, लालपन या बाल झड़ने की समस्या बनी रहती है, तो खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर के अनुसार, खुद से अनुमान लगाकर इलाज करने से समस्या और बढ़ सकती है, जबकि सही जांच के बाद ही सही उपचार मिल पाता है.

नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला ममेरा भाई वृंदावन में गिरफ्तार:शिवपुरी से बहला-फुसलाकर यूपी ले गया था आरोपी; 5 दिन बाद मिली लड़की

नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला ममेरा भाई वृंदावन में गिरफ्तार:शिवपुरी से बहला-फुसलाकर यूपी ले गया था आरोपी; 5 दिन बाद मिली लड़की

शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र से लापता हुई एक 15 वर्षीय नाबालिग को वृंदावन से बरामद कर लिया गया है। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में उसके 26 वर्षीय ममेरे भाई को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 21 मार्च को यह कार्रवाई की। करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि पीड़िता के परिजनों ने 17 मार्च को पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी नाबालिग बेटी 16 मार्च से लापता है। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि नाबालिग का ममेरा भाई भी उसी दिन से लापता था। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस को उनकी वृंदावन में होने की जानकारी मिली। तत्काल एक पुलिस टीम वृंदावन रवाना की गई। वृंदावन पहुंचने पर पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर आरोपी ममेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग ने अपने बयानों में बताया कि उसे बहला-फुसलाकर वृंदावन लाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में बढ़ोतरी की है।

केरल में बीजेपी ने जारी की चौथी लिस्ट, सिर्फ एक जिओबोल का ऐलान, जानिए कौन है वो?

केरल में बीजेपी ने जारी की चौथी लिस्ट, सिर्फ एक जिओबोल का ऐलान, जानिए कौन है वो?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने चौथी सूची जारी की है। इसमें एक अभ्यर्थी का नाम जारी किया गया है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए एडवोकेट एस. स्मिता को असुविधा बनी है. घरेलू वर्कशॉप सीट से वेबसाइट ने टिकट दिए हैं। कौन हैं एस. स्मिता? वकील एस स्मिता केरल में कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) में रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब बीजेपी ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव में एडवोकेट एस.एस. स्मिता ने अप्रैल में वर्कशॉप सीट से अपना कैंडिडेट बनाया है, जो 2026 में होने वाले हैं। तीसरी सूची में 11 केश का विनाश इससे पहले 21 मार्च को बीजेपी ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए 11 क्यूबिक की अपनी तीसरी लिस्ट जारी की थी। पार्टी ने तिरुवंतपुरम से कर्मना जैन को उम्मीदवार बनाया है। पुथुपल्ली से रवींद्रनाथ वकथानम को, चवारा से के आर राजेश को, चदायमंगलम से आरएस अरुण राज को और पीरुमाडे सीट से वी रतीश चुनाव मैदान में उतरेंगे। विवेक गोपन को अरुविक्करा सीट, टी एन सुरेश को कोवलम और एसशेखरन नायर को नैयट्टिनकारा सीट से राज उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने मावेलिकरा सीट से अजिमोन, चिरयिनकीझू से बी एस एस अनूप और अदूर सीट से अनंतम प्रतापन को प्रतियोगी बनाया है। केरल में कब होगा विधानसभा चुनाव? केरल में 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में वोटिंग होगी, जबकि 140 विधानसभा वाले राज्य में किस दल की सरकार होगी, इसका फैसला वहां के कुल 2.71 करोड़ होंगे। चुनाव 20 फरवरी को तैयार और जारी किया जाएगा, अंतिम मतदाता सूची के आधार पर, जिसमें विशेष गहन संशोधन के बाद तैयारी की गई है। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक आश्रमों ने नामांकन तेज कर दिया है। अत्यंत कठिन प्रतियोगिता होने की संभावना है।