Sunday, 23 Aug 2026 | 04:50 PM

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Chhattisgarh Temple Ropeway Accident | Khallari Temple

Chhattisgarh Temple Ropeway Accident | Khallari Temple

महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रोप-पे केबल टूटने से ट्रॉली नीचे गिर गई। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन सुबह करीब 10:30 बजे मंदिर पहुंचने के लिए बने रोपवे का केबल अचानक टूट गया। ट्रॉली में सवार 5 श्रद्धालु 20 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर ग . हादसे में एक युवती की मौत हो गई है। 4 गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी को तुरंत बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पलात रेफर किया गया है। जानकारी के मुताबिक श्रद्धालु देवी के दर्शन कर रोपवे से लौट रहे थे। पहले देखिए ये तस्वीरें- केबल टूटने से ट्रॉली झटके के साथ नीचे आ गई। नीचे गिरकर ट्रॉली के पार्ट टूट कर अलग हो गए। घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया है। दर्शन करके लौटते समय हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालु दर्शन करके रोपवे से लौट रहे थे। केबल टूटने के बाद ट्रॉली अनियंत्रित हो गई। लगभग 20 फीट नीचे पहाड़ी की चट्टान से जा टकराई। इस जोरदार झटके के कारण ट्रॉली में बैठे लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु दहशत में आ गए। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। नवरात्र के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ चैत्र नवरात्र के कारण खल्लारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। स्थानीय लोगों ने रोपवे के नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर इसका मेंटेनेंस किया जाता तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। खल्लारी माता मंदिर के बारे में जानिए महासमुंद से 25 किमी. दक्षिण की ओर खल्लारी गांव की पहाड़ी के शीर्ष पर खल्लारी माता का मंदिर स्थित है। प्रतिवर्ष क्वांर और चैत्र नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ इस दुर्गम पहाड़ी में दर्शन के लिए आती है। हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी होती है। ऐसा माना जाता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आए थे। ………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… डोंगरगढ़ में रोप-वे ट्रॉली टूटकर गिरी: बाल-बाल बचे पूर्व गृहमंत्री पैकरा; प्रदेश महामंत्री भारत वर्मा को गंभीर चोट, रायपुर रेफर डोंगरगढ़ मां बमलेश्वरी मंदिर की रोपवे ट्राली गिरी। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी धाम में शुक्रवार को हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी रोपवे की एक ट्रॉली अचानक टूटकर जमीन पर गिर गई। इस हादसे में भाजपा प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें रायपुर ले जाया गया है। वहीं पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा इस हादसे में बाल-बाल बच गए। पढ़ें पूरी खबर…

Trump Warning Sparks Market Fear

Trump Warning Sparks Market Fear

Hindi News Business Trump Warning Sparks Market Fear | 5 Factors Dictate Indias Stock Market नई दिल्ली56 मिनट पहले कॉपी लिंक 23 मार्च से शुरू होने वाले हफ्ते में निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें, विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी और ग्लोबल मार्केट की चाल बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे। पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिली थी। सेंसेक्स 300 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ, वहीं निफ्टी ने भी 23,100 के पार क्लोजिंग दी। शुक्रवार की तेजी के बाद क्या बाजार इस बढ़त को बरकरार रख पाएगा। चलिए समझते हैं… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 22,868 | 22,637 | 22,556 | 22,506 | 22,408 | 22,258 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,331 | 24,142 | 23,875 | 23,814 | 23,320 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. मिडिल ईस्ट में तनाव: निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होनें कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़ेऊर्जा ढांचे पर हमला करेगा। अगर यह संघर्ष और खिंचता है, तो निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है। इससे बाजार में गिरावट आ सकती है। 2. कच्चा तेल: जंग के कारण कीमतें 110 डॉलर के पार मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का सबसे सीधा असर कच्चे तेल पर पड़ा है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 3.26% की उछाल के साथ 112.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो जुलाई 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। अगर तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर बनी रहती हैं, तो इससे भारत में महंगाई बढ़ेगी जो बाजार के लिए अच्छा नहीं है। 3. विदेशी निवेशक: भारतीय बाजार में FIIs की बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने 20 मार्च को ₹5,518 करोड़ की नेट बिकवाली की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान ₹5,706 करोड़ की खरीदारी की। अब तक मार्च में FIIs ₹86,780 करोड़ निकाल चुके हैं। वहीं DIIs ने ₹101,168 करोड़ की खरीदारी की है। 4. भारतीय रुपया: 93.73 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार 20 मार्च को 110 पैसे टूटकर 93.73 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। यह 2022 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से रुपया 2.5% से ज्यादा कमजोर हो चुका है। रुपए की कमजोरी से आयात महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर इकोनॉमी और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर पड़ता है। 5. टेक्निकल सेटअप: 23,000 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट निफ्टी 23,000 के पास संभलने की कोशिश कर रहा है। अगर निफ्टी इससे नीचे फिसलता है, तो यह 22,500 या 22,000 तक भी जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,400 को पार करना जरूरी है। इंडिकेटर्स से बाजार में बड़ी रिकवरी की गुंजाइश सीमित लग रही है। चॉइस ब्रोकिंग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुमीत बगड़िया का मानना है कि बाजार का मौजूदा रुख ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग का है। निफ्टी के लिए 23,000 से 22,950 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट है। अगर बाजार इस सपोर्ट को तोड़ता है, तो और भी कमजोरी दिख सकती है। सुमीत बगड़िया ने कहा कि डेली RSI 31.84 पर है, जो ‘ओवरसोल्ड’ यानी जरूरत से ज्यादा बिकवाली वाली स्थिति के करीब है। इससे संकेत मिलता है कि थोड़े समय के लिए बाजार में उछाल आ सकता है, लेकिन यह अभी भी बाजार की अंदरूनी कमजोरी को ही दिखाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

जीशान ने ईशान को आउटकर बाहर जाने का इशारा किया:चार गेंद में 20 रन खाने के बाद विकेट लिया, किशन मुस्कुराते हुए लौटे

जीशान ने ईशान को आउटकर बाहर जाने का इशारा किया:चार गेंद में 20 रन खाने के बाद विकेट लिया, किशन मुस्कुराते हुए लौटे

IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनिंग मैच के साथ होने वाली है। इससे पहले अब बीते शनिवार यानी 21 मार्च को हैदराबाद ने एक प्रैक्टिस मैच भी खेला। इस मैच में गेंदबाज जीशान अंसारी ने अपने स्टेंड इन कप्तान ईशान किशन को आउट कर उंगली उठाकर उन्हें बाहर जाने का इशारा किया। इसका वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, ईशान किशन हंसते हुए बाहर चले गए। जीशान की शुरुआती चार गेंदों पर ईशान ने बनाए 20 रन दरअसल, यह घटना दूसरी पारी के 8वें ओवर में हुई, जिसे 26 साल के लेग स्पिनर जीशान अंसारी गेंदबाजी कर रहे थे। ईशान किशन ने ओवर की शुरुआती चार गेंदों पर दो छक्के और दो चौके जड़कर 20 रन बना लिए। हालांकि, अगली ही गेंद पर जीशान अंसारी ने उन्हें डीप स्क्वायर लेग पर कैच आउट करा दिया। ईशान किशन का विकेट लेने के बाद जीशान अंसारी ने उंगली से इशारा करते हुए उन्हें मैदान से बाहर जाने का संकेत दिया। इस दौरान जीशान थोड़े गंभीर नजर आए, जबकि ईशान किशन उनके इस इशारे पर मुस्कुराते हुए पवेलियन लौट गए। पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में ईशान किशन को बनाया गया कप्तान ईशान किशन को नियमित कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि अभिषेक शर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। पैट कमिंस इंजरी से रिकवर कर रहे हैं। ऐसे में वह शुरुआती कुछ मैच हैदराबाद के लिए IPL 2026 में मिस करेंगे। कमिंस चोट की वजह से टी-20 वर्ल्ड कप से भी बाहर थे। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा हाल ही में भारतीय टीम के साथ टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर आ रहे हैं। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीता था। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम पैट कमिंस (कप्तान), ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर. स्मरण, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कार्स, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, जीशान अंसारी, शिवांग कुमार, सलिल अरोड़ा, ओंकार तरमाले, साकिब हुसैन, क्रेन्स फुलेट्रा, प्रफुल्ल हिंज, अमित कुमार, लियाम लिविंगस्टन, अमित कुमार। ——————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाश दीप IPL 2026 से बाहर हुए:KKR के पेसर इंजरी के कारण नहीं खेलेंगे; मेगा ऑक्शन में एक करोड़ में खरीदा था कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को IPL 2026 से पहले एक और झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। शनिवार को क्रिकेट वेबसाइट क्रिकबज को फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। पूरी खबर

हरदा में ट्रक-डंपर की टक्कर में ड्राइवर की मौत:जेसीबी से दो घंटे बाद निकाला शव, महाराष्ट्र से शक्कर भरकर आ रहा था, लोगों ने बोरियां लूटी

हरदा में ट्रक-डंपर की टक्कर में ड्राइवर की मौत:जेसीबी से दो घंटे बाद निकाला शव, महाराष्ट्र से शक्कर भरकर आ रहा था, लोगों ने बोरियां लूटी

हरदा में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम कांकरिया के पास देर रात ट्रक और डंपर की भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर अजमल (33) केबिन में फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उनका शव बाहर निकाला। मंडीदीप जा रहा था शक्कर से भरा ट्रक पुलिस के अनुसार, अजमल खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र से महाराष्ट्र के कन्नड़ से शक्कर भरकर मंडीदीप जा रहे थे। रात करीब 11:30 बजे सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में डंपर चालक दीपक कुशवाहा को भी चोटें आई हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता ने बताया कि अजमल चार भाइयों में सबसे बड़े थे और उनका एक तीन साल का बेटा है। लोगों ने बोरियां लूटी घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा ट्रक से शक्कर की बोरियां उठाकर ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस के पहुंचने के बाद यह बंद हो गया।

मोदी सबसे ज्यादा दिन सरकार प्रमुख रहने वाले राजनेता:CM और PM मिलाकर 8931 हेड ऑफ गवर्नमेंट रहे; पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ा

मोदी सबसे ज्यादा दिन सरकार प्रमुख रहने वाले राजनेता:CM और PM मिलाकर 8931 हेड ऑफ गवर्नमेंट रहे; पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर सरकार के प्रमुख के रूप में 8,931 दिन पूरे करने के साथ ही PM मोदी ने चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ दिया है। PM मोदी इससे पहले गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री रह चुके हैं, और वे ऐसे प्रधानमंत्री भी हैं जिनके पास मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने का सबसे लंबा अनुभव है। मोदी 4 बार गुजरात के मुख्यमंत्री, 3 बार प्रधानमंत्री बने 17 सितंबर को जन्मे नरेंद्र मोदी 6 साल की उम्र में ही कांग्रेस की ओर से महागुजरात आंदोलन का हिस्सा बने। फिर 8 साल की उम्र में RSS से जुड़ गए थे। 7 अक्टूबर 2001 को 51 साल की उम्र में बिना विधायक बने ही मोदी गुजरात के 14वें मुख्यमंत्री बने। 24 सालों में 14 साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और अब तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री हैं। 2025 में मोदी ने बतौर पीएम इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन नेहरू से अब भी पीछे नरेंद्र मोदी भारत के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे PM भी हैं। वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 4077 दिनों (24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977) का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। 22 मार्च 2026 तक बतौर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी 4318 पूरे कर चुके हैं। हालांकि सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम है। वे 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक यानी लगातार कुल 6126 दिन तक इस पद पर रहे। PM मोदी नेहरू के रिकॉर्ड से 1812 दिन पीछे हैं।

India Gas Ships Arrive; 22 Ships Safe in Persian Gulf

India Gas Ships Arrive; 22 Ships Safe in Persian Gulf

Hindi News National India Gas Ships Arrive; 22 Ships Safe In Persian Gulf | US LPG Reaches Mangalore बेंगलुरु7 घंटे पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर अमेरिका से आए जहाज की है, जिसे मेंगलुरु पोर्ट पर डॉक किया गया है। अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक कार्गो शिप रविवार को मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गया है। वहीं रूस से एक जहाज क्रूड लेकर भारत आया। पिछले 7 दिनों में करीब पांच जहाज गैस-कच्चा तेल लेकर समुद्र के रास्ते भारत पहुंचे। इससे पहले 18 मार्च को क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात में अडाणी पोर्ट्स आया था। वहीं, दो अन्य LPG कैरियर MT शिवालिक और MT नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर 16 और 17 मार्च को भारत आए थे। हालांकि, ये तीनों जहाज होर्मुज के रास्ते से होकर गुजरे थे। फारस की खाड़ी में अभी भी करीब 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। हालांकि, वे सभी सुरक्षित हैं। फारस की खाड़ी में मौजूद होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के अहम शिपिंग रूट्स में शामिल है। यहां से दुनियाभर की करीब 20% ऑयल की सप्लाई होती है। पिछले 3 जहाज कब-कब भारत पहुंचे… 18 मार्च: जग लाडकी टैंकर 81 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया यह तस्वीर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर जग लाडकी शिप की है। भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा पोर्ट (अडानी पोर्ट्स) पर आया था। इस टैंकर में करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल था। यह तेल UAE से आया, जिसे फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया था। 17 मार्च: नंदा देवी जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचा नंदा देवी जहाज भी गुजरात के पोर्ट आया था। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक नंदा देवी नाम का जहाज भी करीब 46 हजार टन LPG लेकर भारत आया। जहाज गुजरात के वडीनार (जामनगर) बंदरगाह पर पहुंचा था। 16 मार्च: शिवालिक जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात आया था शिवालिक पहला जहाज था जो जंग के हालातों में भारत आया था। जंग के बीच LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से गैस लेकर भारत पहुंचा। यह जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर आया था। शिवालिक जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो करीब 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है। यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज था। LPG संकट- राज्यों को 23 मार्च से 20% ज्यादा गैस मिलेगी केंद्र ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। 23 मार्च से राज्यों को अब पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के 50% तक पहुंच जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया कि सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता से 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गैस की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाने को भी कहा गया है। जहाज का भारत आना क्यों है बड़ी बात, जंग से होर्मुज रास्ता बंद अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला किया, जिसमें कई सैन्य और परमाणु ठिकाने निशाना बने। इस ऑपरेशन में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई मंत्री-अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है। देश की 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने, लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहे। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। ———————- गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

चिलचिलाती गर्मी में शरीर रहेगा हमेशा हाइड्रेटेड, हर दिन पिएं ये 6 टॉप देसी ड्रिंक्स, लू से भी होगा बचाव

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Last Updated:March 22, 2026, 11:07 IST Summer healthy drinks: गर्मियों से लोगों की हालत खराब है. तेज धूप और अधिक गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल है. प्रॉपर लिक्विड डाइट ना लिया जाे, तो शरीर डिहाइड्रेशन से ग्रस्त हो सकता है. इससे आपको सिरदर्द, थकान, सुस्ती, चक्कर आने जैसा महसूस हो सकता है. बेहतर है कि आप दिन भर में पानी पीने के साथ ही कुछ समर कूलिंग ड्रिंक्स का भी सेवन करते रहें. आपको यहां कुछ हेल्दी, मगर नेचुरल देसी ड्रिंक्स के बारे में बता रहे हैं, जिसे आप हर दिन गर्मी के मौसम में पी सकते हैं.  गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है. ऐसे में सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त नहीं होता, इसलिए गर्मियों में कुछ हेल्दी और नेचुरल ड्रिंक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी है. इसके लिए आप फलों का जूस, नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, लस्सी, नमक-चीनी पानी का घोल आदि पीना हेल्दी ऑप्शन है. आम पन्ना- आप परफेक्ट देसी ड्रिंक्स में आम पन्ना भी पी सकते हैं. आम पन्ना कच्चे आम से बनता है. यह पारंपरिक रूप से गर्मियों का सबसे पसंदीदा पेय माना जाता है. छोटे शहरों, गांव में लोग इसे खूब पीते हैं. यह बेहद ही टेस्टी, चटपटा और हेल्दी ड्रिंक है. आम पन्नी पीने से आप गर्मियों में लू, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से बचे रह सकते हैं. शरीर को तुरंत फ्रेश महसूस कराता है. इसमें आप काला नमक और पुदीना भी डाल सकते हैं. इससे ये स्वादिष्ट और ठंडक देने वाला ड्रिंक बन सकता है. नारियल पानी- ये गर्मी का एक बेहद ही हेल्दी और सुपर ड्रिंक है. इसे पीने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है. इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ड्रिंक बेहद फायदेमंद है. इसे पीते ही शरीर को फुल एनर्जी मिलती है. थकान मिटाने में भी कारगर है. Add News18 as Preferred Source on Google तरबूज का जूस- तरबूज में पानी की मात्रा लगभग 95 प्रतिशत तक होती है. तरबूज खाना या इसका जूस बनाकर पीना, सभी बेहद फायदेमंद माने गए हैं. गर्मियों के लिए इसे एक बेहद ही हेल्दी ड्रिंक माना गया है. तरबूज का जूस शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है. साथ ही इसमें मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों प्रदान करते हैं. खट्टे फलों से बने जूस- संतरा, मौसमी और नींबू के जूस भी गर्मियों में जरूर पीना चाहिए. ये न केवल शरीर को तरोताजा रखते हैं, बल्कि विटामिन सी से भरपूर होने की वजह से इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं. आप चाहें तो इनमें थोड़ी पुदीना, अदरक या काला नमक डालकर स्वाद और भी बढ़ा सकते हैं. छाछ- आप गर्मियों लस्सी, छाछ का भी सेवन जरूर करें. विटामिंस, कैल्शियम से भरपूर छाछ, लस्सी हड्डियों को हेल्दी रखता है. शरीर को कूल रखने के साथ ही गर्मियों में पाचन तंत्र को खराब होने से बचाए रखता है. यह पेट को ठंडक देता है. पाचन बेहतर करता है. शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करने में भी बेहद फायदेमंद होता है. First Published : March 22, 2026, 11:07 IST

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर बांटे:अमृतसर वाला बेटी को, पटियाला वाला पुश्तैनी मकान बेटे को दिया; गृह प्रवेश के फोटो पोस्ट किए

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर बांटे:अमृतसर वाला बेटी को, पटियाला वाला पुश्तैनी मकान बेटे को दिया; गृह प्रवेश के फोटो पोस्ट किए

पंजाब कांग्रेस के नेता व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घरों का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अमृतसर स्थित मकान को अपनी बेटी राबिया और पटियाला स्थित पुश्तैनी मकान को बेटे करन को दिया है। इस संबंध में उन्होंने एक पोस्ट भी शेयर की। पोस्ट के साथ उन्होंने अमृतसर के घर में गृह प्रवेश के फोटो भी शेयर किए। इनके साथ उन्होंने लिखा कि राजनीति से बिना पैसे लिए उन्होंने अपनी मेहनत से यह घर बनाया है। माता पार्वती की कृपा से उन्हें यह सब मिला। पोस्ट के साथ सिद्धू ने पोस्ट किए ये 3 PHOTOS… पोस्ट में ये बातें लिखीं… सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में नवजोत सिंह सिद्धू ने लिखा- मां पार्वती के आशीर्वाद से अमृतसर को दिए गए वचन का मान रखने के लिए मैंने जो घर बनाया था। इसके बारे में लोगों ने कहा था कि चुनाव के बाद मैं एक प्रवासी पक्षी बन जाऊंगा। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया था कि मैं यहीं रहूंगा। एमपी के तौर पर दो कार्यकाल पूरे होने के बाद भी वह वादा पूरा नहीं हो पाया था। आगे लिखा- नवरात्रि के दिन मुझे बाहर निकलकर कुछ नया संकेत मिला। बिग बॉस से लेकर स्टार प्लस के साथ हिंदी कमेंट्री तक और फिर कपिल शर्मा शो तक मैंने 2022 में यह सफर शुरू किया और 2024 में उनकी कृपा से उसे पूरा किया। राजनीति में एक भी पैसा नहीं लिया। सिर्फ अपनी मेहनत की कमाई से यह सब मिला। मेरे पिता द्वारा बनाया गया मेरा पुश्तैनी घर बेटे करन को मिलेगा और अमृतसर वाला घर राबिया को मिलेगा। एक एकड़ से अधिक में बना है अमृतसर का घर नवजोत सिंह सिद्धू का अमृतसर वाला घर लगभग 49500 वर्ग फीट (1.1 एकड़) से अधिक जगह में बना हुआ है, जोकि वर्ष 2014-15 में करीब 25 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ। यह घर अमृतसर के पॉश इलाके में स्थित है। इसमें स्विमिंग पूल, जिम, स्पा और एक शानदार मंदिर है। जिसमें 100 से 600 साल पुराने पेड़ चेन्नई, गोवा और बेंगलुरु से लाकर लगाए गए हैं। सिंगापुर से मंगवाया गया था शिवलिंग 2014 में जब सिद्धू परिवार ने गृह-प्रवेश किया था, तब यहां स्थापित किया गया शिवलिंग भी सुर्खियों में रहा था। इस शिवलिंग को सिंगापुर से मंगवाया गया। इसकी कीमत करीब ढाई करोड़ रुपए है। इस पूजा के लिए अलग-अलग जगहों से पंडितों को भी बुलाया गया था। इस पूजा में सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी उनके साथ मौजूद थीं। इसके साथ ही इस घर में बने मंदिर में माता गायत्री, भगवान गणेश और दूसरे भगवानों की कीमती मूर्तियां भी लगाई गई हैं। एक दूसरे कमरे में श्री गुरुग्रंथ साहिब रखे गए हैं। 16 मार्च को आए थे मोहाली नवजोत सिंह सिद्धू 16 मार्च को मोहाली की एक यूनिवर्सिटी में आए थे। वह यहां कॉमेडियन और एक्टर कपिल शर्मा के शो के प्रमोशन के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने राजनीति से जुड़ी कोई बात नहीं की। हालांकि, कपिल शर्मा ने मजाक के अंदाज में कहा कि इस बार वोट नवजोत सिद्धू को ही डालना। इस पर सिद्धू हंस पड़े। इसके बाद कपिल शर्मा ने सिद्धू को गले लगाया।

भरंगी पौधा औषधीय गुणों से भरपूर, दमा से लेकर पेट दर्द तक में लाभकारी, कई रोगों में उपयोगी

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Last Updated:March 22, 2026, 10:55 IST Benefits of Bharangi: प्रकृति ने इंसान को कई ऐसे पौधे दिए हैं जो देखने में साधारण लगते हैं, लेकिन उनके भीतर कई औषधीय गुण छिपे होते हैं. सही जानकारी और सही उपयोग से ये पौधे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इन्हीं पौधों में एक नाम भरंगी का भी आता है. यह पौधा आमतौर पर जंगल या बगीचों के आसपास देखने को मिल जाता है, लेकिन बहुत कम लोगों को इसके गुणों की जानकारी होती है. भरंगी का पौधा करीब 10 से 12 फीट तक लंबा हो सकता है और इसमें बैंगनी रंग के फूल भी आते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे को खास महत्व दिया गया है और इसकी जड़ को कई औषधीय प्रयोगों में इस्तेमाल किया जाता है.समस्तीपुर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मेडिसिनल प्लांट विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दिनेश राय ने लोकल 18 से बातचीत करते बताया कि भरंगी का पौधा औषधीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. उन्होंने बताया कि यह पौधा लगभग 8 से 14 फीट तक बढ़ सकता है और इसके फूल बैंगनी रंग के होते हैं. आयुर्वेद में इसकी जड़ का विशेष उपयोग किया जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार भरंगी का उपयोग दमा यानी अस्थमा जैसी समस्या में लाभकारी माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा पेट दर्द, बवासीर और मूत्र रोग जैसी समस्याओं में भी इसका प्रयोग किया जाता है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसे कई रोगों के उपचार में काफी उपयोगी माना जाता है. डॉ. दिनेश राय के अनुसार भरंगी के पौधे को घर या बगीचे में आसानी से लगाया जा सकता है. यह पौधा ज्यादा देखभाल के बिना भी बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में इसकी जड़ का पाउडर बनाकर उपयोग किया जाता है. हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. आमतौर पर 5 से 10 ग्राम तक इसका उपयोग किया जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी औषधीय पौधे का उपयोग करने से पहले आयुर्वेदाचार्य या चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है, ताकि इसका सही और सुरक्षित लाभ मिल सके. First Published : March 22, 2026, 10:55 IST

आदिरंग महोत्सव में भीली गायन, गणगौर नृत्य की प्रस्तुति:3 दिनी समारोह का आज समापन, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर करेंगी शिरकत

आदिरंग महोत्सव में भीली गायन, गणगौर नृत्य की प्रस्तुति:3 दिनी समारोह का आज समापन, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर करेंगी शिरकत

खंडवा जिले के नया हरसूद (छनेरा) के स्टेडियम ग्राउंड में जनजातीय नृत्य, संगीत एवं शिल्प कलाओं पर आधारित तीन दिवसीय “आदिरंग” महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार रात देशभर की लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके और प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय महापुरुषों के योगदान और समाज के विकास पर बात की। उड़ीसा के ढीमसा सहित कई लोक नृत्यों ने दर्शकों का मन मोहा। महोत्सव का समापन आज (रविवार) मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर की उपस्थिति में होगा। केंद्रीय मंत्री बोले- गौरव दिवस मनाने का निर्णय ऐतिहासिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को “जनजाति गौरव दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बिरसा मुंडा, टंट्या भील, शंकर शाह और रघुनाथ शाह के योगदान को याद किया। मंत्री शाह ने जताया आभार प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि “आदिरंग” महोत्सव के माध्यम से विभिन्न जनजातियों की समृद्ध कला और संस्कृति को एक मंच मिल रहा है। उन्होंने छनेरा जैसे छोटे नगर में राज्य स्तरीय आयोजन की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया। विधायक कंचन तन्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उड़ीसा के ढीमसा और बरेदी नृत्य की प्रस्तुतियां महोत्सव के दूसरे दिन भीली गायन, गणगौर नृत्य, ढीमसा नृत्य, लहंगी नृत्य, बरेदी नृत्य, सौंगी मुखौटा और भवाड़ा नृत्य जैसी आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें उड़ीसा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ढीमसा लोक नृत्य ने विशेष रूप से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। समापन समारोह में शामिल होंगी मंत्री महोत्सव का समापन आज रविवार को होगा। समापन समारोह में मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वहीं केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री भूरिया दोपहर में खंडवा पहुंचकर स्थानीय संस्थाओं का निरीक्षण करेंगी और दादाजी धूनी वाले मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके बाद शाम को छनेरा में आयोजित समापन समारोह में भाग लेंगी।