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स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, ‘बचाव’ फॉर्मूला से बनेगी बात

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स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है. यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. ऐसे में हर मिनट मायने रखता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज मिले, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है. नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है. ऐसे में एनएचएम आसान और कारगर बचाव फॉर्मूला के बारे में जानकारी देता है. स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है ‘बचाव’. स्ट्रोक में देरी मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है. इसके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य इलाज दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं. स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान-शराब छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें. वहीं, ‘बचाव’ फॉर्मूला लक्षणों को आसानी से समझाता है- ब मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें. अगर एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत है. च मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने को कहें. अगर चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए या असमान दिखे, तो ध्यान दें. आ मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने या दोहराने को कहें. अगर आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलना मुश्किल हो, तो यह बड़ा खतरा है. व मतलब वक्त (समय): ऊपर के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत समय बर्बाद न करें. 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज) पहुंचें. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये लक्षण अचानक दिखते हैं और ज्यादातर शरीर के एक तरफ प्रभावित होते हैं. अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकता है. स्ट्रोक को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन ‘बचाव’ फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जल्दी पहचान संभव है.

40 की हुईं कंगना रनौत, इतनी चमकदार त्वचा और बालों का क्या है सीक्रेट, जानें डाइट रूटीन

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Last Updated:March 23, 2026, 23:47 IST क्या आपने कभी सोचा है कि 40 की उम्र पार करने के बाद भी कैसे कुछ सेलिब्रिटीज इतनी यंग, ग्लोइंग और फिट दिखती हैं. इसी लिस्ट में शामिल हैं Kangana Ranaut, जिनका फिट और फ्रेश लुक हर किसी को हैरान कर देता है. उनके यंग और ग्लोइंग स्किन का राज किसी महंगे ट्रीटमेंट में नहीं, बल्कि एक बेहद सिंपल और देसी डाइट में छिपा है. आइए जानते हैं कैसे… ख़बरें फटाफट कंगना रनौत की फिटनेस और खूबसूरती का राज. कंगना रनौत आज 23 मार्च को 40 साल की हो गई हैं, लेकिन उनकी चमकदार त्वचा और घने बालों को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है. बढ़ती उम्र के बावजूद उनका ग्लो और फिटनेस लोगों को हैरान कर देती है. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर उनकी इस यंग और फ्रेश लुक का राज क्या है. दरअसल, इसका जवाब उनकी सिंपल और संतुलित डाइट रूटीन में छिपा है, जिसे वह लंबे समय से फॉलो कर रही हैं. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंगना का मानना है कि खूबसूरत त्वचा और हेल्दी बालों के लिए महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, बल्कि सही खानपान ज्यादा जरूरी होता है. उनकी डाइट में ताजे और घर के बने खाने को प्राथमिकता दी जाती है. वे प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड से दूरी बनाकर रखती हैं, जिससे उनकी स्किन नेचुरली ग्लो करती है और बाल भी मजबूत बने रहते हैं. सुबह की शुरुआत हेल्दी आदतों सेकंगना अपने दिन की शुरुआत पानी पीकर करती हैं और इसके बाद चाय के साथ भीगे हुए किशमिश और बादाम लेती हैं. यह आदत उनके शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाती है. साथ ही यह स्किन को अंदर से पोषण देती है, जिससे चेहरे पर नेचुरल चमक बनी रहती है. हल्का और संतुलित नाश्तानाश्ते में कंगना भारी और तला-भुना खाने से बचती हैं. वे योग और मेडिटेशन के बाद हल्का और हेल्दी आहार जैसे फल लेना पसंद करती हैं. इससे उनका शरीर दिनभर एक्टिव और हल्का महसूस करता है. उनका मानना है कि सुबह का खाना जितना आसान और हल्का होगा, उतना ही शरीर के लिए अच्छा होता है. घर का खाना रखता है फिट और हेल्दीदोपहर के खाने में कंगना पूरी तरह से घर का बना खाना खाती हैं. उनकी थाली में दाल, सब्जी, चावल और दही जैसी पौष्टिक चीजें शामिल होती हैं. वे खाने में नींबू मिलाना भी पसंद करती हैं, जिससे पाचन बेहतर रहता है और शरीर में संतुलन बना रहता है. यह सादा खाना ही उनकी फिटनेस और ग्लो का बड़ा कारण है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 23, 2026, 23:46 IST

सफेद नमक या गुलाबी नमक? जानिए कौन सा है ज्यादा फायदेमंद, आयुर्वेद में जानें हेल्थ बेनिफिट्स

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आज के समय में नमक को लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन देखने को मिलता है. बाजार में सफेद नमक और गुलाबी नमक दोनों आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि सेहत के लिए कौन सा नमक बेहतर है. आयुर्वेद के अनुसार, गुलाबी नमक को सामान्य तौर पर सफेद नमक से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें केवल सोडियम ही नहीं, बल्कि आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी खनिज तत्व भी पाए जाते हैं. ये सभी तत्व शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को सही तरीके से चलाने में मदद करते हैं और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाते हैं. आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो गुलाबी नमक शरीर के लिए ज्यादा संतुलित माना जाता है. इसमें मौजूद खनिज तत्व कोशिकाओं के निर्माण और शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. वहीं दूसरी ओर, सफेद नमक को हाई-प्रोसेस्ड माना जाता है, जिसमें मुख्य रूप से सोडियम और आयोडीन की मात्रा अधिक होती है. हालांकि, सफेद नमक में आयोडीन मिलाया जाता है, जो शरीर के लिए जरूरी भी होता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा कई बार स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकती है. गुलाबी नमक कम प्रोसेस्ड होने के कारण इसे ज्यादा नेचुरल माना जाता है और यह पचने में भी अपेक्षाकृत आसान होता है. इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं. इसके विपरीत, सफेद नमक में सोडियम की अधिकता होने के कारण यह शरीर में पानी रिटेंशन यानी सूजन बढ़ा सकता है. लंबे समय तक अधिक मात्रा में सफेद नमक का सेवन करने से मांसपेशियों में पानी भरने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि गुलाबी नमक में आयोडीन की मात्रा नहीं होती, जबकि सफेद नमक में आयोडीन मिलाया जाता है. आयोडीन शरीर के लिए बेहद जरूरी तत्व है, खासकर थायरॉयड ग्रंथि के सही काम करने के लिए. जिन लोगों को आयोडीन की कमी या थायरॉयड से जुड़ी समस्याएं होती हैं, उनके लिए सफेद नमक का सीमित मात्रा में सेवन फायदेमंद हो सकता है. इसलिए पूरी तरह से किसी एक नमक को सही या गलत कहना उचित नहीं होगा, बल्कि जरूरत और स्वास्थ्य के अनुसार इसका चुनाव करना चाहिए. हृदय से जुड़ी बीमारियों के संदर्भ में भी नमक का चुनाव अहम हो जाता है. सफेद नमक में सोडियम की अधिक मात्रा होने के कारण यह ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है. वहीं, गुलाबी नमक अपेक्षाकृत हल्का होता है और सीमित मात्रा में इसका सेवन हृदय रोगियों के लिए बेहतर विकल्प माना जा सकता है. हालांकि, किसी भी प्रकार का नमक अधिक मात्रा में लेना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है. गुलाबी नमक और सफेद नमक दोनों के अपने-अपने फायदे और सीमाएं हैं. जहां गुलाबी नमक में प्राकृतिक खनिज अधिक होते हैं और यह शरीर के लिए हल्का माना जाता है, वहीं सफेद नमक आयोडीन की जरूरत को पूरा करता है. इसलिए सबसे जरूरी बात यह है कि नमक का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में किया जाए और अगर कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका चुनाव किया जाए.

असम चुनाव 2026: जोरहाट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, गौरव गोगोई के नामांकन में आए 12,000 समर्थक, बीजेपी पर तीखा हमला

असम चुनाव 2026: जोरहाट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, गौरव गोगोई के नामांकन में आए 12,000 समर्थक, बीजेपी पर तीखा हमला

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल पूरी तरह से तेज हो गई है। चुनाव से पहले राज्य के जोरहाट जिले में सोमवार (23 मार्च, 2026) को कांग्रेस ने नामांकन शक्ति का प्रदर्शन किया। जोरहाट क्षेत्र से कांग्रेस समिति और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान गोगोई के साथ 12 हजार से अधिक की संख्या में समरटेक, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कांग्रेस के झंडों के साथ हजारों लोगों की रैली और बैठक से पूरा शहर गूंज उठा, जिससे ऊपरी असम में पार्टी की मजबूत जनाधार और एकजुट ताकत का साफ संकेत मिला। इस दौरान टीओके विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार पल्ली गोगोई और तिताबर से उम्मीदवार प्राण कुर्मी ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। तीर्थयात्रियों के एक सहयोगी ने कांग्रेस और उनके सहयोगी आश्रमों की एकता का चित्रण किया। बीजेपी सरकार पर गौरव गोगोई का तीखा हमला नामांकन के बाद नामांकन से बात करते हुए कांग्रेस के उम्मीदवार और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दस्तावेजी भाजपा सरकार पर मुहर लगा दी। उन्होंने कहा, ‘असम की राजनीति का माहौल अब गंदा और नफरत से भर गया है।’ असम के लोग अब इस स्थिति से परेशान हो गए हैं और एक बड़े सफाई अभियान की जरूरत महसूस कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह स्वच्छता अभियान राजनीति से ही शुरू होना चाहिए।’ ‘बिजली गठबंधन का लक्ष्य भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की छवि लोगों के मन से है।’ पल्लबी गोगोई ने बिग बॉस 19 में बिग बॉस 19 को फॉलो किया था टियोक की उम्मीदवार पल्बी गोगोई ने नामांकन के बाद जनता का समर्थन हासिल किया और अपनी जीत को लेकर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘ईश्वर की कृपा से मुझे आज अपना नॉमिनेशन मिल गया है। टियोक की जनता का मुझे भरपूर समर्थन मिल रहा है। ‘मैंने महान नेता गौरव गोगोई की जीत के लिए भी प्रार्थना की है।’ प्राण कुर्मी ने भी भरी पोजीशन जबकि तिताबर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार प्राण कुर्मी ने भी मैदान में अपनी उम्मीदवारी के लिए नामांकित पद के लिए अभिनय किया। इससे इस क्षेत्र में कांग्रेस की रणनीति को और जगह मिली है। आध्यात्मिक शुरुआत के साथ वैचारिक अभियान नामांकन से पहले गौरव गोगोई ने दिन की शुरुआत आध्यात्म में की थी। उन्होंने सुबह एक गुरुद्वारे में मत्था टेककर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे जोरहाट के प्रसिद्ध माछरहाट नामघर भी गए, जहां उन्होंने राज्य की शांति, समृद्धि और जनता की खुशी के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनके आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताई। आगे की कड़ी प्रतियोगिता नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह से और भारी जनसमर्थन के प्रदर्शन के बाद अब जोर हट, टायक और टाइटैबर में चुनावी मुकाबला और तेजी से होने वाला है। अपने कांग्रेस सहयोगी विचारधारा के साथ भाजपा को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह से तैयारी पर नजर रख रही है। यह भी पढ़ेंः ईरान ने खारिज किया दावा, कहा- अमेरिका से जवाबी कार्रवाई, नहीं हुई कोई बातचीत (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)जोरहाट(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस नेता गौरव गोगोई(टी)राहुल गांधी(टी)प्रियंका गांधी वाड्रा(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी सरकार(टी)असम की राजनीति(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)जोरहाट(टी)भाजपा(टी)कांग्रेस नेता गौरव गोगोई(टी)राहुल गांधी(टी)प्रियंका गांधी मठ(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)भाजपा सरकार(टी)असम की राजनीति

कर्नाटक में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर्स पर विवाद तेज, स्थानीय चुनावों में पेपर्स वोटिंग की वापसी का बिल पेश

कर्नाटक में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर्स पर विवाद तेज, स्थानीय चुनावों में पेपर्स वोटिंग की वापसी का बिल पेश

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित कर्नाटक में एक बार फिर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) बनाम बैलेट पेपर को लेकर आपत्तिजनक बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सख्त विरोध के बावजूद राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने स्थानीय चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान की वापसी के लिए अहम संशोधन नामांकन विधानसभा में पेश किया है। राज्य सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कर्नाटक स्वराज ग्राम और पंचायत राज (संशोधन) बिश्नोई, 2026 को सदन में पेश किया। इस यूनिवर्सल में प्रस्ताव रखा गया है कि स्थानीय चुनावों में ईवीएम के बजाय फिर से बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाए। सरकार के कदम पर निर्भरता की डिग्री इस कदम को लेकर गणितज्ञ ने गणितीय निर्णय लिया है और इसे राजनीतिक निर्णय बताया है। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल समूह प्रक्रिया में भागीदारी और जनता की हिस्सेदारी को मजबूत करने का उद्देश्य रखा गया है। इस मुद्दे पर अब सिद्धांत घमासान वृद्धि के आसरे हैं और आने वाले दिनों में यह चिंता और समाधान हो सकता है। कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने बैलेट पेपर का उपयोग क्या कहा? कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त जी. एस. संग्रेशी ने घोषणा की कि ग्रेटर एसोसिएट्स अथॉरिटीज (जीबीए) के तहत आने वाले पांच नगर निगमों के चुनाव 25 मई, 2026 के बाद और 30 जून, 2026 से पहले आयोजित किए जाएंगे और इस बार होने वाले स्थानीय एसोसिएट्स एसोसिएट्स में एसोसिएट्स की जगह बैलेट पेपर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। तीन दशक बाद राज्य में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा कर्नाटक राज्य चुनाव आयुक्त जी. एस. संग्रेशी ने कहा कि मोस्ट का पहली बार उपयोग तीन दशक पहले वर्ष 1996 में किया गया था। इसके बाद से राज्य में हर चुनाव में एक बार फिर से पारंपरिक पेपर के बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया। यह भी पढ़ें: ‘भारत के पास 53 लाख टन का तेल भंडार मौजूद’, तेल-एलपीजी संकट पर संसद में क्या बोले पीएम मोदी?

सतना में मेयर-कमिश्नर टकराव में फंसा नगर निगम बजट:13 दिन बाद रिमाइंडर पत्र, 31 मार्च डेडलाइन पर संशय, विकास कार्य प्रभावित होने के आसार

सतना में मेयर-कमिश्नर टकराव में फंसा नगर निगम बजट:13 दिन बाद रिमाइंडर पत्र, 31 मार्च डेडलाइन पर संशय, विकास कार्य प्रभावित होने के आसार

सतना नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट 31 मार्च तक परिषद में पेश हो कर पास हो जाना चाहिए लेकिन अभी तक बजट प्रस्ताव का ही पता नहीं है। दरअसल, नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना और मेयर योगेश ताम्रकार के बीच पिछले लगभग एक माह से खुलकर चल रही नाराजगी और टकराहट के इस दौर में नगर सरकार पत्राचार से चल रही है। आमतौर पर शहर विकास से जुड़े मसलों पर कमिश्नर और मेयर के बीच पहले की तरह टेबल टॉक न होकर दोनों के बीच चिट्ठी-पत्री के जरिए संवाद चल रहा है। मार्च माह में नगर निगम का बजट पेश हो जाना चाहिए। लेकिन अब तक बजट प्रस्ताव को ले कर दोनों के बीच कोई चर्चा ही नहीं हुई है। जबकि महापौर योगेश ताम्रकार ने 10 मार्च को पत्र लिख कर कमिश्नर शेर सिंह मीना से सभी संबंधित विभागों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार कर अंतिम रूप देते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन 13 दिन हो जाने के बाद भी कमिश्नर द्वारा बजट के प्रस्ताव को लेकर कोई जानकारी नहीं दिए जाने से महापौर नाराज हैं। उन्होंने 23 मार्च को एक बार फिर रिमाइंडर पत्र लिख कर कमिश्नर के इस रवैए पर खेद प्रगट किया है। इसके साथ महापौर ने कमिश्नर को स्पष्ट किया है कि यदि शहर विकास के लिए पेश होने वाले बजट की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी (कमिश्नर) होगी। एक माह पहले खुल कर खोला था मोर्चा दरअसल, महापौर और कमिश्नर के बीच छोटी छोटी अनबन की शुरुआत वैसे तो दिसंबर 2025 से शुरू हो गई थी। इस दौरान एमआईसी की बैठक भी बीच में छोड़कर महापौर चले गए थे। तब महापौर ने आरोप लगाया था कि विकास कार्यों के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आए भ्रष्टाचारों पर दोषी इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने के निर्देश निगम प्रशासन को दिए जाते हैं जिन्हें अनदेखा किया जाता है। कमिश्नर से लगातार इन्हीं शिकायतों के बीच 18 फरवरी को महापौर के नेतृत्व में कुछ पार्षदों ने कमिश्नर शेर सिंह मीना के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस से मिलकर पूरी बात रखी थी। इतना ही नहीं 45 पार्षद वाली नगर निगम में कमिश्नर की कार्यशैली से नाराज 30 पार्षदों के हस्ताक्षर वाली सूची भी सौंपी गई थी। इसी दिन मेयर और कुछ पार्षद भोपाल भी रवाना हो गए थे। इसके बाद से महापौर और कमिश्नर के मध्य फेस टू फेस कोई बात नहीं हुई। सिर्फ पत्राचार के माध्यम से बजट और बैठक बुलाए जाने को ले कर संवाद चल रहा है। बजट को लेकर मेयर ने क्या लिखा है पत्र में 23 मार्च को मेयर योगेश ताम्रकार द्वारा एक बार फिर कमिश्नर शेर सिंह मीना को बजट प्रस्ताव को ले कर पत्र लिखा गया। पत्र में लिखा कि 10 मार्च 2026 को आगामी बजट के संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए थे, जिसमें स्पष्ट रूप से अपेक्षा की गई थी कि आप सभी संबंधित विभागों के साथ समुचित चर्चा कर प्रस्तावों को अंतिम रूप देते हुए मुझे अवगत कराएंगे। आज दिनांक 23 मार्च 2026 तक इस संबंध में न तो आपकी ओर से कोई जवाब प्राप्त हुआ है और न ही इस विषय पर कोई चर्चा की गई है, जो अत्यंत खेदजनक एवं चिंताजनक है। यह विषय शहर के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है। यदि बजट संबंधी प्रक्रिया में विलंब होता है अथवा पर्याप्त विचार-विमर्श के बिना निर्णय लिए जाते हैं, तो इससे भविष्य में विभिन्न विकास कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। आपके द्वारा चर्चा न करने के कारण मेयर-इन-काउंसिल की बैठक नहीं कर पा रहे हैं। अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए शीघ्रातिशीघ्र सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा सुनिश्चित करें तथा उसकी प्रगति से मुझे तत्काल अवगत कराएं। यदि बजट प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी होती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी। महापौर बोले- IAS अधिकारी हैं और इतने गैर जिम्मेदार दैनिक भास्कर से बातचीत में महापौर योगेश ताम्रकार ने बताया कि बजट पेश होने के पहले आयुक्त द्वारा सभी संबंधित विभाग की बैठक कर प्रस्ताव तैयार किया जाता है। प्रस्ताव पर मुझसे चर्चा के बाद मेयर इन काउंसिल में रखा जाता है। वहां बजट प्रस्ताव में शहर के विकास को देखते हुए संशोधन कर परिषद में पेश किया जाता है। मेयर ने बताया कि अभी तक कमिश्नर द्वारा बजट को लेकर एक भी बिंदु पर मेरे साथ चर्चा नहीं की है। एक फाइल मेरे पास आई थी। मुझे समझ में नहीं आया तो मैंने फाइल लौटाते हुए 10 मार्च को पत्र लिखा था और कहा था आयुक्त मुझसे चर्चा करेंगे लेकिन आज 23 तारीख हो गई मेरे से कोई चर्चा नहीं की गई। अगर शहर का बजट समय पर पास नहीं होता है तो कहीं न कहीं अगले वर्ष के काम करने में असुविधा होगी। इसी लिए आज पत्र लिखकर रिमाइंडर किया है कि अगर समय पर बजट प्रस्तुत नहीं होगा तो संपूर्ण जवाबदारी आयुक्त की होगी। महापौर ने कहा कि मुझे आश्चर्य होता है, हमारे आयुक्त महोदय एक आईएएस अधिकारी है और इतना गैरजिम्मेदाराना इनका व्यवहार है मुझे सोच कर ही बड़ा कष्ट होता है। कमिश्नर ने कहा- कॉर्डिनेशन कर बैठक बुलाएं इस मामले में नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना ने बताया कि लगभग 2 हफ्ते पहले हमने बजट प्रस्ताव बना कर मेयर इन काउंसिल के कार्यालय को भेज दिया था। अब एमआईसी कार्यालय की जिम्मेदारी होती है कि कॉर्डिनेशन कर बैठक बुलाएं और चर्चा करें। लेकिन एमआईसी अब क्या कर रही है उन्हें जानकारी नहीं है।

भाजपा के वाकआउट के बीच हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने ईंधन पर ‘अनाथ, विधवा उपकर’ के प्रस्ताव वाला विधेयक पारित किया | राजनीति समाचार

Several people are feared to have been injured after an incoming Air Canada Express CRJ-900 flight and a fire engine collided on runway 4 of the airport.

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 23:18 IST हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026, अनाथों और विधवाओं को लक्षित करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के लिए ईंधन पर 5 रुपये प्रति लीटर तक उपकर का प्रस्ताव करता है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य विधानसभा में। (फोटो: एक्स/@सुक्खूसुखविंदर) हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के कड़े विरोध के बीच पेट्रोल और डीजल पर “अनाथ और विधवा उपकर” लगाने का प्रस्ताव वाला एक विधेयक पारित कर दिया, जिन्होंने विरोध में बहिर्गमन किया। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अनाथों और विधवाओं को लक्षित करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के लिए ईंधन पर 5 रुपये प्रति लीटर तक का उपकर लगाने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि यह कानून अनाथों और विधवाओं की सहायता करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक स्थिर, स्थायी राजस्व प्रदान करेगा। भाजपा ने प्रस्तावित उपकर का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि इससे राज्य में ईंधन की कीमतें पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से अधिक हो जाएंगी। विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने “विधवाओं और अनाथों के नाम पर” राजस्व उत्पन्न करना अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि लोग पड़ोसी राज्यों से ईंधन खरीदने के लिए मजबूर होंगे, जिससे हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा, खासकर सीमावर्ती जिलों में। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने भी संशोधन का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि उपकर से ईंधन की कीमतें पड़ोसी राज्यों से ऊपर चली जाएंगी। यह भी पढ़ें: वित्तीय संकट के बीच हिमाचल सरकार ने 6 महीने के लिए सीएम, मंत्रियों, अधिकारियों के वेतन में कटौती की उन्होंने कहा, “पंजाब में पेट्रोल 97.70 रुपये और डीजल 88.20 रुपये के आसपास है। यहां तक ​​कि चंडीगढ़ में भी हिमाचल से सस्ता डीजल है। आगे कीमतें बढ़ने से हमारा ईंधन इस क्षेत्र में सबसे महंगा हो जाएगा।” बीजेपी नेता सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि सेस की शब्दावली विधवा महिलाओं के लिए आपत्तिजनक मानी जा सकती है. भाजपा की टिप्पणियों के जवाब में, सुक्खू ने नीति का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी विधवा या अनाथ असहाय महसूस न करे और ईंधन की कीमतें पंजाब और हरियाणा से अधिक नहीं होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने भाजपा नेताओं पर पेट्रोल पंप मालिकों के साथ साठगांठ करने का भी आरोप लगाया और कहा कि विधेयक का उनका विरोध राजनीति से प्रेरित है। सुक्खू ने भाजपा नेताओं से केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए कई उपकरों का मामला प्रधानमंत्री के समक्ष उठाने का आग्रह किया और विपक्ष पर राज्य प्रशासन पर गलत तरीके से निशाना साधने का आरोप लगाया। जगह : शिमला, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 23, 2026, 23:18 IST समाचार राजनीति भाजपा के वाकआउट के बीच हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने ईंधन पर ‘अनाथ, विधवा उपकर’ के प्रस्ताव वाला विधेयक पारित किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हिमाचल प्रदेश अनाथ और विधवा उपकर(टी)हिमाचल प्रदेश ईंधन उपकर(टी)हिमाचल प्रदेश वैट संशोधन विधेयक 2026(टी)पेट्रोल और डीजल उपकर हिमाचल(टी)अनाथों और विधवाओं के लिए कल्याण योजनाएं(टी)ईंधन उपकर पर भाजपा का विरोध(टी)हिमाचल प्रदेश ईंधन की कीमतें बनाम पंजाब हरियाणा(टी)हिमाचल प्रदेश विधानसभा कर विधेयक

जोरहाट में बीजेपी-एजीपी ने नामांकित किया, स्वास्थ्य-पानी और विकास के वादों को लेकर गरमाई नागरिकता

जोरहाट में बीजेपी-एजीपी ने नामांकित किया, स्वास्थ्य-पानी और विकास के वादों को लेकर गरमाई नागरिकता

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम के जोरहाट जिले में सोमवार (23 मार्च, 2026) को उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई, जब भारतीय पार्टी (बीजेपी) और असम गण परिषद (एजीपी) के असम ने जिले के चार जिलों के लिए अपना नामांकन पत्र जारी किया। इस दौरान बेन्जिम ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, स्वच्छ सपने की व्यवस्था और क्षेत्र के समग्र विकास को अपनी प्राथमिकता दी। नामांकन भरने वालों में जोरहाट से बीजेपी उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी, मरियानी से बीजेपी उम्मीदवार रूपज्योति कुर्मी, टाटा से बीजेपी उम्मीदवार धीरज गोवला और टायक से एजीपी उम्मीदवार विकास सैकिया शामिल रहे। जनता के समर्थन से हासिल करेंगे जीतः गोस्वामी नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव लड़ेंगे और जनता के समर्थन से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य क्षेत्र का समग्र विकास है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मेडिकल कॉलेजों को उन्नत बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए गंभीर रसायनों का इलाज आर्थिक बोझ बन जाता है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि गुणवत्तापूर्ण और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाए। प्रिंस क्राइसिस पर उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी से सागर तक पानी परियोजना के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। साथ ही, असम कृषि विश्वविद्यालय के आसपास और शहरी वार्डों में जल आपूर्ति सुधार का काम तेजी से चल रहा है, जिसे इस साल पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में कुछ विकास कार्य समय की कमी के कारण शुरू किये गये, जिसमें सामूहिक अवसर बैठक भी शामिल थी। हम क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह से सत्यः धीरज गोवला तिताबर से भाजपा उम्मीदवार धीरज गोवला ने भी जिला कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जनता का भारी समर्थन मिल रहा है और वे क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्हें विश्वास है कि आगामी चुनाव में जनता उन्हें भारी भरकम गोलियों से उड़ा देगी। ग्राउंड लेवल पर सतत श्रम सेसफलताः रूपज्योति मरियानी से भाजपा उम्मीदवार रूपज्योति कुर्मी ने नामांकन के बाद कहा कि राजनीति में सफलता केवल ईश्वर के रूप में नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर निरंतर मेहनत है। उन्होंने कहा कि जनता का मजबूत संसाधन ही उनकी असली ताकत है। कुर्मी ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद उनके क्षेत्र में 10,000 से अधिक समर्थक हैं, जो जनता के दावे का संकेत है। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बना हुआ है। जबकि रायजोर दल के उम्मीदवार डॉ. ज्ञानश्री बोरा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है, लेकिन नामांकन के दिन ही जमीनी समर्थन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। जनता की सभी समस्याओं का समाधानः विकास सैकिया जबकि टियोक से एजीपी उम्मीदवार विकास सैकिया ने भी अपना नामांकन प्राप्त किया और क्षेत्र के विकास, विशाल सुविधाओं के विस्तार और जनता की समस्याओं के समाधान का समर्थन किया। जोरहाट और आस-पास के क्षेत्रीय क्षेत्रों में कैथोलिक एलायंस और चर्च के सक्रिय सदस्यों के बीच चुनावी मुकाबला आने वाले दिनों में और भी तेज होने की संभावना है। यह भी पढ़ें: ‘भारत के पास 53 लाख टन का तेल भंडार मौजूद’, तेल-एलपीजी संकट पर संसद में क्या बोले पीएम मोदी? (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)एजीपी(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)पीएम मोदी(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)असम(टी)असम चुनाव 2026(टी)भाजपा(टी)एजेपी(टी)हिमंत बिस्वा सरमा (टी) पीएम मोदी (टी) भारतीय जनता पार्टी (टी) असम विधानसभा चुनाव 2026 (टी) कांग्रेस (टी) गौरव गोगोई

छिंदवाड़ा में संतरे से भरे ट्रक-पिकअप की आमने-सामने टक्कर:तीन की मौत; एक घायल, लावाघोघरी घाट पर हादसा

छिंदवाड़ा में संतरे से भरे ट्रक-पिकअप की आमने-सामने टक्कर:तीन की मौत; एक घायल, लावाघोघरी घाट पर हादसा

छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ थाना क्षेत्र में लावाघोघरी के पास घाट परासिया इलाके रविवार रात करीब दो बजे संतरे से भरे ट्रक और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। तीन लोगों की मौत, एक घायल सूचना मिलते ही पुलिस डायल 112 के माध्यम से मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उप निरीक्षक राजकुमार मार्को के अनुसार मृतकों की पहचान प्रजुल चावले, भूषण मधुकर राव और नागेंद्र रावत के रूप में हुई है। वहीं वाहन का क्लीनर गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे शव सोमवार को तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उप निरीक्षक राजकुमार मार्को के अनुसार मृतकों की पहचान प्रजुल चावले, भूषण मधुकर राव और नागेंद्र रावत के रूप में हुई है। वहीं वाहन का क्लीनर गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार को तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

कोलंबिया में वायुसेना का विमान क्रैश:110 कोलंबियाई सैनिक सवार थे, 57 को जिंदा निकाला; टेकऑफ के दौरान हादसा

कोलंबिया में वायुसेना का विमान क्रैश:110 कोलंबियाई सैनिक सवार थे, 57 को जिंदा निकाला; टेकऑफ के दौरान हादसा

कोलंबिया में सोमवार को वायुसेना का एक सैन्य विमान उड़ान भरते समय क्रैश हो गया। इस विमान में 110 कोलंबियाई सैनिक सवार थे। हादसा पेरू सीमा के पास दक्षिणी अमेजन क्षेत्र के प्यूर्टो लेगुइजामो में हुआ। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 57 सैनिकों को जिंदा बचाया गया है। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि एयरफोर्स का हरक्यूलिस C-130 विमान टेक-ऑफ के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। उन्होंने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं है कि हादसे में कितने लोग घायल हुए या उनकी मौत हुई है। राहत और बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है। हादसे की वजह की जांच की जा रही है। हादसे की 4 तस्वीरें… कोलंबियाई राष्ट्रपति ने हादसे पर दुख जताया कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सैन्य विमान हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर हादसा है और उम्मीद जताई कि इसमें किसी की जान न गई हो। पेट्रो ने कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी और जवानों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सेना को मजबूत बनाने और बेहतर सुविधाएं देने पर काम कर रही है, ताकि आगे ऐसे हादसे न हों। पेट्रो ने कहा कि सेना के हथियार और संसाधनों को आधुनिक बनाने का फैसला पहले ही लिया जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नागरिक या सैन्य अधिकारी इस चुनौती के अनुरूप काम नहीं कर पाए, तो उन्हें हटाया जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि सेना के लिए नए हेलीकॉप्टर, ट्रांसपोर्ट विमान और एंटी-ड्रोन सिस्टम तुरंत खरीदे जाने चाहिए, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हादसे में क्रैश हुए C-130 हरक्यूलिस विमान को जानिए… C-130 हरक्यूलिस दुनिया के सबसे भरोसेमंद सैन्य परिवहन विमानों में से एक है, जिसका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों और राहत सामग्री को पहुंचाने के लिए किया जाता है। यह विमान कठिन और कच्चे रनवे पर भी उतर सकता है।यह एक बार में भारी सामान, हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद गाड़ियां और बड़ी मात्रा में राहत सामग्री ले जा सकता है। इसका इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा राहत, आग बुझाने और मौसम की जानकारी जुटाने जैसे कामों में भी होता है। C-130 हरक्यूलिस एक बार में लगभग 42,000 पाउंड (करीब 19,000 किलोग्राम) तक वजन एयरड्रॉप कर सकता है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर प्लेन-ट्रक की टक्कर, दोनों पायलट की मौत:एयर ट्रैफिक कंट्रोलर स्टॉप-स्टॉप चिल्लाता रहा, 72 यात्री सवार थे अमेरिका के न्यूयॉर्क में ला गार्डिया एयरपोर्ट पर रविवार रात (स्थानीय समयानुसार) एयर कनाडा एक्सप्रेस का एक विमान लैंडिंग के समय रनवे पर फायर ट्रक से टकरा गया। इससे विमान का अगला हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…