सरसों के तेल से लंबे बाल: सरसों के तेल के साथ ये चीज, बालों की लंबाई तक बढ़ाएंगे बाल!

इसे बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको आधा कप शुद्ध सरसों का तेल और 2 बड़े आकार का मेथी दाना लेना होगा। एक लोहे की चटनी या किसी भी छोटे पेस्ट में सरसों का तेल लें। 2 मेथी दाना डाल डे में। छवि: फ्रीपिक अब इस तेल को बिल्कुल मध्यम आंच पर गर्म करें। इसे तब तक बनाया जाए जब तक कि मेथी के दाने भूरे या काले न हो जाएं। गैस बंद कर दी गई और तेल पूरी तरह से ठंडा हो गया। छवि: एआई ठंडा होने के बाद तेल को अच्छा लें और किसी कांच की शीशी में स्टोर कर लें। आपका हेयरस्टाइल तेल तैयार है। अफ़गानिस्तान की 10-15 मिनट तक हाथ से मसाज करें। छवि: फ्रीपिक इसे रात भर बालों में लगा रहने दें और अगली सुबह किसी भी तरह के बालों से बाल धो लें। सप्ताह में दो बार इस तेल को प्रभावित करके अपने बालों की जड़ों में लगाएं। छवि: फ्रीपिक सरसों का तेल स्कैल्प में ब्लड सरकरोल की गिनती होती है और मेथी दाना बालों के रोम को मजबूत बनाता है। इससे बालों का टूटना और बिखरना काफी हद तक कम हो जाता है। छवि: फ्रीपिक यह तेल और बालों के लिए एक केबेलिन का काम करता है, जिससे बालों में रूखे बेजान जान आ जाती है और वे चमकदार दिखने लगते हैं। छवि: एआई सरसों के तेल में मौजूद एंटी-अल्कोहल और एंटी-फंगल गुण स्कैल्प से डैंड्रफ और खुजली को दूर करते हैं। छवि: फ्रीपिक कोई भी प्राकृतिक प्लास्टिक रातों-रात का असर नहीं दिखता। सर्वोत्तम और स्थायी परिणाम पाने के लिए इस तेल का कम से कम 1 से 2 महीने तक नियमित रूप से उपयोग करें। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
बादशाह के 'टटीरी' सॉन्ग पर अब हरियाणा पुलिस का एक्शन:यूट्यूब-इंस्टाग्राम से 857 लिंक हटाए, शेयर करने वालों की हो रही पहचान, रील्स क्रिएटर्स को चेतावनी

बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह द्वारा अपने आपत्तिजनक सॉन्ग टटीरी को यूट्यूब से हटाने के बाद अब हरियाणा पुलिस ने भी एक्शन लिया है। पंचकूला पुलिस ने सारे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से गाने से जुड़े कुल 857 लिंक हटवा दिए हैं, जिनमें 154 यूट्यूब वीडियो और 703 इंस्टाग्राम रील्स शामिल हैं। इसी के साथ पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जो इन्हें अब तक शेयर कर रहे हैं। पुलिस ने सभी प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर सॉन्ग के सभी वर्जन- री-अपलोड, शॉर्ट वीडियो और अन्य रूपों को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। दरअसल, बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। सॉन्ग के रिलीज होने के साथ ही इसमें बादशाह के लिरिक्स और लड़कियों के सीन को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। जिसके बाद हरियाणा महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग ने इस पर संज्ञान लिया था। हरियाणा महिला आयोग द्वारा बादशाह को पानीपत में पेशी के लिए बुलाया गया था, जिसमें पेश न होने पर उनकी गिरफ्तारी का ऑर्डर दिया गया। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और पुलिस से लुकआउट नोटिस वापस लेने को कहा। पहले जानिए सॉन्ग को लेकर विवाद क्यों… टटीरी विवाद पर क्या बोले हरियाणा के DGP हरियाणा DGP अजय सिंघल ने कहा कि राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की गरिमा के विरुद्ध किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और “टटीरी” जैसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी को और मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी आपत्तिजनक बातों को हटाया जा सके और कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके। रील्स क्रिएटर्स को चेतावनी, शेयर करने वालों की हो रही पहचान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पंचकूला आयुक्त शिबास कविराज ने रील क्रिएटर्स को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी इस गाने पर रील, शॉर्ट या अन्य वीडियो बनाकर शेयर करेगा उसके खिलाफ केस दर्ज एक्शन लिया जाएगा। वहीं, ऐसा करने वालों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक या बैन भी किया जा सकता है। वहीं, बार-बार उल्लंघन करने वालों पर कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार भी किया जा सकता है। बादशाह पर दर्ज हुए थे 3 केस बादशाह पर न्यू रिलीज सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर हरियाणा में 3 मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें भी गठित कर दी थी। वहीं, लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया था। हालांकि, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भी सिंगर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने शर्त रखी कि बादशाह को खुद जांच में सहयोग करना होगा। बता दें कि हरियाणा राज्य महिला आयोग ने 13 मार्च को पानीपत में बादशाह की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, जिसके बाद गुरुवार को सिंगर को हाईकोर्ट से राहत मिली। 2 पॉइंट में सॉन्ग के बारे में जानिए…
बंगाल चुनाव में AIMIM की शुरुआत, ओवैसी ने बाबरी मस्जिद वाले हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन की घोषणा की

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक तस्वीरें और जटिलताएं सामने आई हैं। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की आम जनता पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरेगी। ओसाइ ने कहा कि वह 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूँ कबीर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। एआईएमआईएम की चुनावी लड़ाई पर संक्षिप्त विवरण दारुस्सलाम में ईद मिलाप समारोह में ओसामी ने इस गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि इस गठबंधन में इमाम इमाम के रूप में करीब 8 चुनावी मैदान में हैं। इमाम की ये 8 पवित्र भूमि बीरभूम में 3, मुर्शिदाबाद में 3 और मालदा में 2 शामिल हैं। हुमायूँ कबीर भरतपुर के नेता और वैष्णव कांग्रेस के पूर्व नेता हैं। मुर्शिदाबाद बाबरी मस्जिद की मस्जिद पर एक नई मस्जिद बनाने के बाद उन पर आपत्तिजनक बयान दिया गया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दिसंबर 2024 में आम जनता पार्टी का गठन किया। 182 पर फाइटगी आम जनता डेमोक्रेटिक पार्टीआम जनता पार्टी अकेले 182 क्वार्टर पर चुनाव लड़ेगी। हुमायूं कबीर खुद रेनगर और नाओडा दोनों से चुनावी लड़ाई लड़ेंगे। कबीर का दावा है कि मुस्लिम आइलैंड का 114 क्षेत्र में ढहने वाला प्रभाव है और वे क्लासिक से गायब हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उनकी पार्टी सरकार में आई तो पहली बार किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री या वेतनमान दिया जाएगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होगा और तीसरे चरण में 4 मई को होगा। राज्य में 294 सीटें हैं और मुख्य प्रतियोगिता पारंपरिक कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की उम्मीद है। एआईएमआईएम और आम जनता पार्टी का यह गठबंधन मुर्शिदाबाद, मालदा और बीरभूम जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में कम्युनिस्ट कांग्रेस और बीजेपी दोनों का गठबंधन बन सकता है। ओसाकी की 25 मार्च को कोलकाता प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीट फ्रेंड का पूरा खुलासा होने की उम्मीद है। ये भी पढ़ें इस राज्य की सरकार ने लिया बड़ा फैसला, 38 हजार फर्मों के नीचे दी गई हैं गार्डनिंग दुकानें (टैग्सटूट्रांसलेट) असदुद्दीन ओवेसी (टी) डब्ल्यूबी चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (टी) असदुद्दीन ओवैसी (टी) हुमायूं कबीर (टी) आम जनता जनता पार्टी (टी) टीएमसी (टी) बीजेपी (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026
RPSC RAS Interview Phase 9 Starts April 1

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से RAS-2024 के इंटरव्यू का 9वां चरण 1 अप्रैल से शुरू करने जा रहा है। ये इंटरव्यू 17 अप्रैल तक चलेंगे। फिलहाल, 8वें चरण के इंटरव्यू चल रहे हैं।इंटरव्यू का पहला चरण 1 दिसंबर से शुरू हुआ था। . भर्ती कुल 1096 पदों के लिए है, जिनके लिए 2461 उम्मीदवार इंटरव्यू देने के लिए चुने गए हैं। इंटरव्यू में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को ऑनलाइन भरा हुआ विस्तृत आवेदन पत्र (एप्लीकेशन फॉर्म) दो कॉपी में, साथ ही अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और उनकी फोटोकॉपी भी साथ लानी होंगी। इसके अलावा, एक हाल ही का पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और एक ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) भी साथ लाना अनिवार्य है। RPSC ने 2 सितंबर 2024 को भर्ती विज्ञापन जारी किया था। 18 अक्टूबर 2024 तक 6 लाख 75 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। 2 फरवरी 2025 को प्रारंभिक परीक्षा (प्री-एग्जाम) हुई, जिसमें 3 लाख 75 हजार 657 उम्मीदवार शामिल हुए थे। 20 फरवरी को परिणाम जारी हुआ और 21 हजार 539 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा (मेंस एग्जाम) के लिए चयनित हुए थे। इसके बाद 17 और 18 जून 2025 को मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी। 8 अक्टूबर 2025 को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें 2461 उम्मीदवार साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए चयनित हुए थे। पहले 733 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। 17 फरवरी 2025 को पदों की संख्या बढ़ाकर 1096 कर दी गई थी, जिनमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 पद हैं। पहले चरण के साक्षात्कार की शुरुआत 1 दिसंबर से हुई। आरएएस-2024 से संबंधित ये खबरें भी पढ़ें… आरएएस मेंस-2024 का रिजल्ट घोषित:2461 कैंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए सिलेक्ट; 17-18 जून को हुआ था एग्जाम RAS प्री-2024 का रिजल्ट जारी:जनरल कैटेगरी में मेल की कटऑफ 71.59 और फीमेल की 69.80 रही अब 1096 पदों पर होगी RAS-2024 भर्ती:RPSC ने 363 पद बढ़ाए RPSC ने 733 पदों पर निकाली RAS की भर्ती
बीजेपी, टीएमसी के अभियान तेज होने से भबनीपुर प्रमुख युद्धक्षेत्र के रूप में उभरा; पीएम मोदी की रैली संभावित | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 08:09 IST अंतिम चरण के मतदान से पहले पीएम मोदी के कोलकाता में एक बड़ी रैली करने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित मार्ग भबनीपुर निर्वाचन क्षेत्र से गुजरने की संभावना है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (दाएं) दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (बाएं) से भिड़ेंगी। (फ़ाइल छवि: पीटीआई) आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भवानीपुर केंद्रीय युद्धक्षेत्र के रूप में उभरा है, जिसमें ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला राज्यव्यापी ध्यान आकर्षित कर रहा है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, अंतिम चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता में एक बड़ी रैली कर सकते हैं. प्रस्तावित मार्ग भबनीपुर निर्वाचन क्षेत्र से गुजरने की संभावना है, जो इस सीट पर पार्टी के रणनीतिक फोकस को रेखांकित करता है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि अभियान के आखिरी चरण के लिए रैली की योजना बनाई गई है। भबनीपुर पर भाजपा का जोर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले निर्वाचन क्षेत्र में अपने अभियान को मजबूत करने के प्रयास का संकेत देता है। सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही क्षेत्र में अपना अभियान शुरू कर दिया है और न्यूज 18 को बताया कि वह ममता बनर्जी को हराने के लिए आश्वस्त हैं। इस बीच अभिषेक बनर्जी ने भबनीपुर में कार्यकर्ताओं की बैठक की. सूत्रों ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें कहा गया है कि भबनीपुर को सबसे अधिक जीत का अंतर दर्ज करना चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, ममता बनर्जी ने भबनीपुर को बेहद व्यक्तिगत बताते हुए कहा, “भबनीपुर मेरी मां की तरह है; मैं उन्हें सम्मान देने के बाद राज्य भर में अपने अभियान के लिए निकल रही हूं।” उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र के साथ अपने दीर्घकालिक संबंध पर भी जोर दिया और कहा कि वह पूरे साल वहां रहती हैं और उन्होंने अपना पता कभी नहीं बदला है। भाजपा और टीएमसी दोनों द्वारा अपनी पहुंच तेज करने के साथ, भवानीपुर पश्चिम बंगाल में चुनावी मुकाबले का केंद्र बिंदु बना रहेगा। पश्चिम बंगाल में भबनीपुर निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान दूसरे चरण में 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। पहले प्रकाशित: मार्च 23, 2026, 07:52 IST समाचार चुनाव बीजेपी, टीएमसी के अभियान तेज होने से भबनीपुर प्रमुख युद्धक्षेत्र के रूप में उभरा; पीएम मोदी की रैली संभावित अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भबानीपुर विधानसभा चुनाव(टी)भबानीपुर निर्वाचन क्षेत्र(टी)ममता बनर्जी भवानीपुर(टी)सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)कोलकाता में बीजेपी की रैली(टी)भबानीपुर में टीएमसी अभियान(टी)नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल रैली
कार में लगाई गई थी आग, पुलिस को मिले सबूत:BSF की ट्रेनिंग ले चुका है डॉक्टर, पूछताछ में तबीयत खराब होने का नाटक कर रहा

सागर जिले के चनाटोरिया के पास शनिवार तड़के 4 बजे चलती कार में डॉक्टर की 38 वर्षीय पत्नी सीमा कुर्मी की जलकर हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच और जुटाए गए साक्ष्यों में सामने आया है कि डॉ. नीलेश कुर्मी ने कार में ज्वलनशील पदार्थ डालकर जानबूझकर आग लगाई थी। घटना के समय कार में डॉक्टर और उसके दो साथी रामकृष्ण व शुभम भी सवार थे, जो सुरक्षित बच गए। पुलिस ने डॉ. पति और उसके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल डॉ. नीलेश पुलिस को अलग-अलग कहानियां सुनाकर गुमराह कर रहा है और पुलिस को पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। पूछताछ में नाटक कर रहा डॉक्टर हिरासत में लिए जाने के बाद डॉक्टर पति पुलिस को गुमराह कर रहा है। वह कभी पत्नी को हार्ट अटैक तो कभी सीने में दर्द उठने की बात कह रहा है। पुलिस के सख्ती करने पर वह खुद की तबीयत खराब होने, गैस बनने या घबराहट होने का बहाना बनाने लगता है। पुलिस ने डॉक्टर बुलाकर उसका चेकअप भी करवाया, लेकिन रिपोर्ट में उसे सामान्य बताया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार में मौजूद डॉ. के दो साथियों ने पुलिस को घटनाक्रम की कहानी बताई है, जिसमें कार में आग लगाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन बयानों की सत्यता जानने के लिए पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम की डिटेल रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत जलने से हुई है या फिर मौत के बाद उसका शव कार में जलाया गया है। डॉ. पति ने अब तक अपराध स्वीकार नहीं किया है। बीएसएफ की ट्रेनिंग ले चुका है शातिर डॉक्टर पूछताछ में सामने आया है कि डॉक्टर नीलेश बेहद शातिर है और वह कई वर्षों पहले बीएसएफ (BSF) की ट्रेनिंग भी ले चुका है। हालांकि, वह नौकरी करने नहीं गया और बाद में पढ़ाई कर डॉक्टर बन गया। वर्तमान में वह गढ़ाकोटा में क्लीनिक संचालित करता है। वारदात के दौरान कार में सवार रामकृष्ण और शुभम पटेल गढ़ाकोटा में डॉक्टर के घर किराए से रहते हैं और उसकी लैब में जांच सैंपल लाने-ले जाने का काम करते हैं। इसी का फायदा उठाकर नीलेश उन्हें पत्नी का इलाज कराने का बहाना देकर कार में साथ ले गया था। घटना के समय डॉ. नीलेश कार चला रहा था और उसके बाजू वाली सीट पर रामकृष्ण बैठा था। पीछे की सीट पर सीमा लेटी थी और शुभम उसका सिर अपनी गोद में रखे था। आग लगने पर ड्राइवर साइड के दोनों गेट लॉक हो गए, लेकिन डॉक्टर और उसके दोनों साथी सुरक्षित बाहर निकल आए और उन्होंने सीमा को बाहर निकालने की कोशिश नहीं की। 3 कहानियों से बढ़ा संदेह, बात करने को लेकर होता था विवाद डॉ. पति नीलेश और पत्नी सीमा के बीच शंका को लेकर अक्सर विवाद होते थे। करीब एक साल पहले हुए विवाद में नीलेश ने सीमा के साथ मारपीट भी की थी। नीलेश फोन पर बात करता था और देर रात घर लौटता था, जिसे लेकर सीमा शंका करती थी। पुलिस के अनुसार यही विवाद इस वारदात का कारण बना। घटना से पहले डॉ. नीलेश ने ससुर राधाचरण कुर्मी को फोन पर बताया था कि सीमा को हार्ट अटैक/सीने में दर्द है और उसे राय हॉस्पिटल ले जा रहे हैं। मायके वाले जब जूना से निकले, तो रास्ते में नीलेश ने दोबारा फोन कर ट्रक द्वारा कट मारने की बात कही। कुछ देर बाद तीसरी बार फोन कर कार में आग लगने की जानकारी दी। इन्हीं तीन कहानियों ने पुलिस का संदेह बढ़ा दिया। घर से DVR जब्त, जली कार में CNG टैंक मिला सुरक्षित मामले में पुलिस टीम रविवार शाम डॉ. नीलेश को गढ़ाकोटा स्थित उसके घर लेकर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) भी जब्त किया है और मौजूद लोगों से पूछताछ की। शनिवार सुबह 4 बजे डॉक्टर की कार चनाटोरिया स्थित टोल नाके के सीसीटीवी में सागर की ओर जाती दिखी थी। वहां से करीब 500 मीटर दूर यह घटना हुई। घटनास्थल पर कार गढ़ाकोटा की ओर मुड़ी हुई मिली है। कार पूरी तरह जल चुकी है, लेकिन पीछे डिग्गी के पास लगे सीएनजी टैंक सुरक्षित हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद कार में छोटे-छोटे ब्लास्ट (बैटरी या टायर फटने के) हो रहे थे। एएसपी बोले- जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा कार्रवाई को लेकर एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि, “कार में आग लगने से हुई महिला की मौत के मामले में जांच की जा रही है। संदेह के आधार पर उसके पति और दो अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। कुछ साक्ष्य मिले हैं। जिनको लेकर मामले में जांच चल रही है। पीएम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।” 3 तस्वीरें देखिए आग में धधकती कार…
नक्सलियों ने किडनैप किया, सच्चाई जानकर खाना खिलाया,पैसे भी दिए:कमर में इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ा, 20 हजार किमी की पैदल यात्रा की

कमर में हुई इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ दिया। योग की मदद से ठीक हुए तो सभी को जागरूक कपने का संकल्प लिया। इसके लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़े। ये हैं मैसूर (कर्नाटक) के रहने वाले 32 साल के कृष्णा नायक। अपनी यात्रा के दौरान ये जयपुर पहुंचे हैं। कृष्णा नायक ने बताया कि 16 अक्टूबर 2022 को मैसूर से पैदल यात्रा शुरू की थी। तीन साल से ज्यादा समय में करीब 20 हजार किलोमीटर चलकर नेपाल और भूटान समेत भारत के 25 राज्यों तक पहुंच चुका हूं। इस दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने किडनैप भी किया। हकीकत सामने आई तो प्यार से खाना खिलाया, पैसे भी दिए। आगे पढ़िए कृष्णा नायक से पूरी बातचीत… सवाल – योग के प्रति आम जनता को जागरूक करने का यह सफर कहां से और कब शुरू किया? कृष्णा नायक – 16 अक्टूबर साल 2022 को मैं मैसूर से अपनी इस योग यात्रा की शुरुआत की थी। भारत के साथ मैं नेपाल और भूटान में भी आम जनता को योग के प्रति जागरूक करने के लिए यात्रा की है। अब तक मैं 1251 दिनों की यात्रा को पूरा कर चुका हूं। इस दौरान मैं नेपाल और भूटान की यात्रा पूरी कर ली है। फिलहाल में भारत के 25वें राज्य में प्रवेश कर यहां के अलग-अलग शहरों में आम जनता को योग के प्रति जागरूक कर रहा हूं। इस दौरान में अब तक लगभग 20 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुका हूं। मैं चाहता हूं कि भारत में बच्चा-बच्चा और यूथ यह जाने की योग कितना महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ में देश के स्कूल-कॉलेज में पहुंच उन्हें योग की जानकारी देता हूं। सवाल – तीन देशों की यात्रा करने से पहले आपको बैक इंजरी हुई थी। ऐसे वक्त में यात्रा करने की सोच कैसे आई? कृष्णा नायक – योग पथ पर आने से पहले मैं बतौर क्रिकेटर अपने जीवन को जी रहा था। अचानक मेरी पीठ में इंजरी हो गई। इसकी वजह से मैं ठीक ढंग से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। उस वक्त न मैं क्रिकेट खेल पा रहा था, न ठीक ढंग से उठ और सो पा रहा था। उस वक्त मैं योग के माध्यम से न सिर्फ अपनी इंजरी को ठीक किया, बल्कि खुद को और बेहतर और स्वस्थ भी महसूस किया। इसके बाद मुझे योग ने अपनी ओर बहुत ज्यादा आकर्षित किया। लोग मुझे बोलते थे कि मुझे योग की वजह से नया जीवन मिला है। इसके बाद मैंने अलग-अलग तरह के योग अभ्यास सीखे और यूथ को ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया था। सवाल – 20 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। छत्तीसगढ़ में आपको नक्सलियों ने भी पकड़ लिया था? कृष्णा नायक – मैंने अपनी यात्रा की शुरुआत मैसूर से की थी। इसके बाद केरला, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश को मैंने अच्छे से पार कर लिया था। जैसे ही मैंने छत्तीसगढ़ में एंट्री ली। उसके कुछ दिन बाद मैं वहां नक्सली क्षेत्र में पहुंचा था। वहां इंद्रावती नेशनल पार्क जो आज भी रेड अलर्ट एरिया है। उसके जंगल के बीच से गुजर रहा था। तभी कुछ नक्सलियों ने मुझे किडनैप कर लिया। वह लोग मुझे पकड़ के जंगल के बीच में ले गए। पूछताछ करने लगे। तब मुझे ठीक ढंग से हिंदी बोलना नहीं आता था। उन्हें ठीक ढंग से इंग्लिश समझ नहीं आ रही थी। मैं वहां काफी परेशान हो गया, रोने लगा। उन लोगों ने मुझे कहा सही-सही बताओ, यहां क्यों आए हो वरना तुम्हें जान से मार देंगे। आखिर में उन लोगों ने मेरे बारे में गूगल किया। लगभग 4 घंटे बाद उन्हें मेरी यात्रा की जानकारी मिली। तब उन्हें मुझ पर विश्वास हुआ। इसके बाद उन लोगों को मेरी सोच अच्छी लगी। उन्होंने न सिर्फ मुझे छोड़ा, बल्कि मुझे अच्छा खाना भी दिया। कुछ पैसे भी दिए। ताकि मैं अपने सफर को ठीक ढंग से पूरा कर सकूं। इसके बाद मणिपुर में भी मुझे इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। मैं तिरंगा लेकर अपनी पैदल यात्रा पर था। कुछ लोगों ने मुझे हिरासत में ले लिया। उन्होंने मुझे कहा कि यह भारत का हिस्सा नहीं है। उन लोगों ने मुझे काफी परेशान भी किया। इस तरह समस्याओं का सामना करना पड़ा। फिलहाल मेरी यात्रा भगवान की कृपा से जारी है। मैं देश की 800 से ज्यादा IIT-NIT और स्कूल-कॉलेज में जाकर हजारों बच्चों को योग के प्रति जागरूक कर चुका हूं। सवाल – लंबे वक्त से आप योग यात्रा पर हैं। आखिर आपको मोटिवेट और मदद कौन कर रहा है? जवाब – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी जवागल श्रीनाथ सर ही मुझे सबसे ज्यादा सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने ही मेरी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया था। वो ही मेरी यात्रा के सबसे बड़े मददगार हैं। मेरे सफर के दौरान मेरे खाने और पीने का सारा खर्चा वही उठा रहे हैं। उनके साथ परिवार और दोस्त मुझे सपोर्ट करते हैं। मुझे कर्नाटक गवर्नमेंट ने पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी दे रखा है। इसकी वजह से मैं जहां भी जाता हूं, वहां के स्कूल, कॉलेज, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरुद्वारे में मुझे रुकने दिया जाता है। मैं जंगल और पुलिस स्टेशन में भी रात बिता चुका हूं। सवाल – आपकी यात्रा कहां तक जाएगी और कब खत्म होगी? जवाब – नेपाल, भूटान के साथ ही भारत के 25 राज्यों की यात्रा को अब तक पूरा कर चुका हूं। फिलहाल मैं राजस्थान के बाद गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आखिर में चेन्नई पहुंचूंगा। लगभग 6 महीने का वक्त मुझे अभी अपनी यात्रा को पूरा करने में लगेगा। इसके बाद मैं चेन्नई में अपनी यात्रा का समापन करूंगा। सवाल – 3 साल से ज्यादा वक्त बीत गया है। क्या परिवार वालों से मुलाकात हुई। इस दौरान क्या कभी कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया? जवाब – मैं 100% पैदल यात्रा पर हूं। मेरे पास खुद का जीपीएस ट्रैकर है। फैमिली मेंबर्स से मेरी बात होती है। बीच में एक बार वह लोग मुझसे मिलने भी आए थे। मैं भी सब लोगों को मिस करता हूं। लेकिन पूरा देश मेरी फैमिली है। मैं चाहता हूं कि सभी
खुद के मोबाइल से करना होगी जनगणना की ड्यूटी:टीए-डीए भी नहीं मिलेगा, दो चरणों में काम पूरा होने पर मिलेगा मानदेय

आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जाएगी। उन्हें अपने निजी मोबाइल से ही पूरा काम करना होगा और टीए-डीए भी नहीं मिलेगा। जनगणना निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 1 मई से मकान सूचीकरण और इसके बाद जनसंख्या गणना का काम शुरू होगा। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिसके लिए प्रगणक और सुपरवाइजर को अपने स्वयं के मोबाइल फोन का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। निर्देशों में साफ किया गया है कि जनगणना कार्य के दौरान कर्मचारियों को यात्रा भत्ता (TA) और दैनिक भत्ता (DA) नहीं दिया जाएगा। यानी फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने संसाधनों के साथ ही जिम्मेदारी निभानी होगी। भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों में जनगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि डेटा कलेक्शन और अन्य कार्य तय समय पर पूरे हो सकें। संभागायुक्त को मिलेगा सबसे ज्यादा मानदेय सरकार ने इस बार जनगणना से जुड़े सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों का मानदेय भी पहले से तय कर दिया है। इसमें सबसे अधिक मानदेय संभागायुक्त और प्रमुख जनगणना अधिकारी को मिलेगा। दोनों चरण पूरे होने के बाद उन्हें कुल 60 हजार रुपए दिए जाएंगे। जानिये किस अधिकारी-कर्मचारी को कितना मानदेय मिलेगा प्रगणक और पर्यवेक्षक को पहले चरण में मकान सूचीकरण के लिए ₹9,000 और दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के लिए ₹16,000 दिए जाएंगे। इस तरह उन्हें कुल ₹25,000 मिलेंगे। राज्य स्तर पर काम करने वाले नोडल अधिकारी और समन्वयक को पहले चरण में ₹30,000 और दूसरे चरण में ₹45,000 मिलेंगे। कुल मिलाकर इन्हें ₹75,000 का मानदेय दिया जाएगा। वहीं, राज्य स्तर के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों (अधिकतम 5) को कुल ₹30,000 दिए जाएंगे। संभागायुक्त, प्रमुख जनगणना अधिकारी और अतिरिक्त प्रमुख अधिकारियों को सबसे ज्यादा मानदेय मिलेगा। इन्हें पहले चरण के बाद ₹25,000 और दूसरे चरण के बाद ₹35,000 दिए जाएंगे। इस तरह कुल ₹60,000 मिलेंगे। जिला और उप जिला स्तर के जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारियों को कुल ₹45,000 दिए जाएंगे। इसी तरह उपखंड अधिकारी, चार्ज अधिकारी और अतिरिक्त चार्ज अधिकारी को भी ₹45,000 का मानदेय मिलेगा। कार्यालय में जनगणना का काम संभालने वाले जनगणना लिपिक को पहले चरण में ₹12,000 और दूसरे चरण में ₹18,000 दिए जाएंगे। इस तरह उनका कुल मानदेय ₹30,000 तय किया गया है।
असम चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल ने छोड़ा थामा का ‘हाथ’

असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. हिमंत सरकार में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा रविवार (22 मार्च) को मुख्यमंत्री पद से कांग्रेस में शामिल हो गईं। बीजेपी द्वारा टिकटें न जाने के दिए गए निर्देश के अनुसार उन्होंने यह निर्णय लिया है। अब वो कांग्रेस के टिकटों पर अपनी सीलबंद सीट हाफलोंग से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने असम कंपनी पर लगाया आरोप असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के महासचिव निर्मल लंगथासा की उपस्थिति में नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल हुईं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हमें यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि नंदिता गरलोसा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले 5 वर्षों से वो दिमा हसाओ की आवाज रही हैं और वो हमेशा अपने विश्वासों और सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रही हैं। लंगथासा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने उन्हें इसकी कीमत चुकाई है क्योंकि हिमंता बिस्वा सरमा की जमीन की मजबूती के लिए बड़ी कंपनी ने ही उन्हें नाटक में शामिल किया है। बीजेपी ने अनकित गरलोसा के टिकट निकालेनिर्मल लंगथासा ने आगे कहा कि कांग्रेस कल उन्हें हाफलोंग सीट से अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। इस संबंध में सभी प्रभावकारी जल्द ही पूरी कर ली मांग हैं। बता दें कि गरलोसा असम सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री वेला और वोलांग विधानसभा क्षेत्र में हाफलोंग सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस बार बीजेपी ने अपनी जगह नए चेहरे रूपाली लांगथासा को टिकट दिया, उसके बाद गरलोसा ने बीजेपी छोड़ दी। पिछले रविवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आधी लंबी प्रिय नंदिता गरलोसा से अपने घर पर मुलाकात की थी लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही। सीएम सरमा से मुलाकात के कुछ ही घंटे बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया. बता दें कि असम की 126 रांची विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि असम की गिनती 4 मई को होगी. ये भी पढ़ें मौसम पूर्वानुमान: बिहार, राजस्थान समेत 6 राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी, दिल्ली-यूपी में कैसा रहेगा मौसम, जानें (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)असम चुनाव 2026(टी)नंदिता गरलोसा(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी(टी)नंदिता गरलोसा(टी)कांग्रेस(टी)चुनाव
8-10 दिन का सीजन, फिर गायब! स्वाद और सेहत दोनों के लिए फिट है यह फल, जानें कीमत और फायदे

Last Updated:March 23, 2026, 07:02 IST Khirni Fruit Benefits: खिरनी फल न केवल स्वादिष्ट है बल्कि पोषक तत्वों का भी समृद्ध स्रोत है. इसमें मौजूद विटामिन्स, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सेवन गर्मी में शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करता है. खिरनी के बीज से निकलने वाला तेल औषधीय कार्यों में उपयोगी है, जबकि इसकी लकड़ी भी काम आती है. सीमित सीजन और अधिक मांग के कारण यह फल बाजार में खास आकर्षण बना हुआ है. ख़बरें फटाफट बीकानेर. गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजारों में मौसमी फलों की बहार नजर आने लगती है. आम, तरबूज और खरबूजे के बीच इन दिनों एक ऐसा फल भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है, जो न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. हम बात कर रहे हैं खिरनी फल की. जिसकी इन दिनों बीकानेर सहित राजस्थान के कई शहरों में अच्छी खासी मांग देखने को मिल रही है. खास बात यह है कि खिरनी का सीजन बहुत छोटा होता है. बीकानेर जैसे इलाकों में यह फल महज 8 से 10 दिनों के लिए ही बाजार में उपलब्ध रहता है. यही कारण है कि जैसे ही यह बाजार में आता है, लोगों में इसे खरीदने की होड़ लग जाती है. सीमित समय के लिए मिलने वाला यह फल जल्दी ही बाजार से गायब हो जाता है, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ जाती है. दुकानदार नरेश पंजाबी ने बताया कि इन दिनों बीकानेर में खिरनी फल गुजरात के अहमदाबाद से आ रहा है. उन्होंने बताया कि बाजार में इसकी कीमत करीब 300 रुपये प्रति किलो तक है. पोषक तत्वों का भंडार है खिरनी फल दिखने में खिरनी फल काफी हद तक नीम की निंबोली जैसा लगता है, लेकिन स्वाद के मामले में यह बिल्कुल अलग होता है. जहां निंबोली कड़वी होती है, वहीं खिरनी मीठा, मुलायम और रसदार होता है. इसका स्वाद इतना खास होता है कि एक बार खाने के बाद लोग इसे दोबारा लेने से खुद को रोक नहीं पाते. महंगा होने के बावजूद लोग इसके स्वाद और फायदों को देखते हुए इसे खरीदना पसंद कर रहे हैं. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि खिरनी फल पोषक तत्वों का भंडार है. इसमें विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे कमजोरी और थकान दूर रहती है. खिरनी का बीज भी है बेहद उपयोगी उन्होंने बताया कि खिरनी के बीज भी काफी उपयोगी माने जाते हैं. इनके बीज से तेल निकाला जाता है, जिसका उपयोग औषधीय कार्यों में किया जाता है. वहीं खिरनी के पेड़ की लकड़ी भी कई प्रकार के कामों में इस्तेमाल की जाती है, जिससे यह पेड़ हर दृष्टि से उपयोगी साबित होता है. खिरनी का नियमित सेवन शरीर को कई बीमारियों से बचाने में सहायक हो सकता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें Location : Bikaner,Rajasthan First Published : March 23, 2026, 07:02 IST









