Saturday, 20 Jun 2026 | 10:21 PM

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इजराइल बोला- ईरान को घुटनों पर लाकर ही रुकेंगे:ईरान बोला- धमकियों का जवाब मैदान में देंगे, परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ तो होर्मुज बंद

इजराइल बोला- ईरान को घुटनों पर लाकर ही रुकेंगे:ईरान बोला- धमकियों का जवाब मैदान में देंगे, परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ तो होर्मुज बंद

अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 24वां दिन हैं। अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा है कि उनका देश तब तक मिलिट्री ऑपरेशन जारी रखेगा, जब तक ईरान को घुटनों पर नहीं ला दिया जाता। उन्होंने साफ कहा कि इजराइल अब ऐसे देश के साथ नहीं रह सकता, जो लगातार उसे खत्म करने की बात करता है और मिसाइल हमले कर रहा है। दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि किसी भी हमले का जवाब मैदान में दिया जाएगा। अगर ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा। रिपोर्ट- ईरान से सीजफायर पर बात करना चाहते हैं ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बात करना चाहती है। इस काम में ट्रम्प के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी लगे हुए हैं। यह जानकारी एक्सियोस न्यूज ने दी है। हालांकि ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है कि पहले जंग रोकी जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ईरान का यह भी कहना है कि भविष्य में उस पर फिर से हमला नहीं होगा, इसकी पक्की गारंटी मिले। दूसरी तरफ, ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे अभी ईरान की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं हैं, खासकर मुआवजे की मांग को। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिलहाल नहीं हो रही है। लेकिन मिस्र, कतर और ब्रिटेन जैसे देश मध्यस्थ का रोल निभा रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना मिसाइल प्रोग्राम कुछ समय के लिए बंद करे, यूरेनियम एनरिचमेंट रोक दे और अपने परमाणु ठिकानों को भी बंद करे। इसके अलावा, ईरान हिजबुल्लाह और हमास को पैसे देना भी बंद करे। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

West Bengal Assam Kerala Tamilnadu Puducherry Election 2026 TMC Mamata Himanta Stalin Modi Congress

West Bengal Assam Kerala Tamilnadu Puducherry Election 2026 TMC Mamata Himanta Stalin Modi Congress

Hindi News National West Bengal Assam Kerala Tamilnadu Puducherry Election 2026 TMC Mamata Himanta Stalin Modi Congress नई दिल्ली/गुवाहाटी/कोलकाता17 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले महीने विधानसभा चुनाव हैं। सभी राज्यों नें राजनीति उठापटक जारी। रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 30 सेकेंड का एनिमेटेड टीजर जारी किया। इसमें सीएम ममता बनर्जी को बंगाली पहचान की रक्षा करने वाली आखिरी दीवार बताया गया। वीडियो में बंगाल के आसमान में मंडराते काले बादल, घबराई जनता और मुरझाए कमल वाला झंडा दिखाया गया, जिसे बीजेपी पर निशाना माना जा रहा है। वीडियो के आखिर में सीएम ममता को मजबूत और संघर्षशील नेता के तौर पर दिखाया गया। उनके साथ देवी दुर्गा, रॉयल बंगाल टाइगर की इमेज दिखाई गईं। आखिर में स्क्रीन पर ‘फाइटर दीदी’ का नारा उभरता है। ममता आवाज में कहा गया- खेला होबे। TMC का जारी टीचर देखिए… अपडेट्स 19 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा उम्मीदवार बोले- ममता सरकार ने हिंदू वोटरों के नाम कटवाए पश्चिम बंगाल में चंदिताला विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबाशीष मुखर्जी ने कहा, भारत का चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। राज्य सरकार ने कुछ हिंदू वोटरों के नाम हटा दिए हैं। BJP का रुख यह है कि एक भी नाम ऐसे लोगों का नहीं होना चाहिए जो भारतीय नहीं हैं। 29 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल चुनाव: AIMIM-हुमायूं कबीर की पार्टी में गठबंधन AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ मिलकर लड़ेगी। ओवैसी ने कहा कि वे 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। दोनों पार्टियों राज्य की 182 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगी। AIMIM 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। अब तक 18 उम्मीदवारों की सूची जारी की जा चुकी है, जिसमें हुमायूं कबीर रानीनगर सीट से, एक अन्य उम्मीदवार भगवानगोला से और मनीषा पाठक पांडे मुर्शिदाबाद सीट से चुनाव लड़ेंगी। 30 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: हिमंता की मंत्री ने भाजपा छोड़ी, टिकट कटने से नाराज थीं नंदिता गार्लोसा रविवार शाम को कांग्रेस में शामिल हुईं। वे हाफलोंग सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। असम सरकार में मंत्री भाजपा नेता नंदिता गार्लोसा पार्टी से नाराज होकर कांग्रेस में शामिल हुईं। भाजपा ने हाफलोंग सीट से गार्लोसा का टिकट काटकर नई उम्मीदवार रुपाली लांगथासा को दिया था। इससे गार्लोसा नाराज चल रही थीं। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: नाराज पार्टी नेताओं को मनाने में जुटे सीएम हिमंता और प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने के बाद असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। असम में बीजेपी के भीतर नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी है। पार्टी टिकट से वंचित कई मौजूदा विधायक और दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया खुद आगे आकर नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने के बाद बोरदोलोई को दिसपुर सीट से बोरा को बिहपुरिया सीट से पार्टी टिकट दिए गया है। इस फैसले से पार्टी के कई पुराने दावेदारों में नाराजगी बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

गुजरात दौरे पर जाएंगे राहुल गांधी:वडोदरा में आदिवासी अधिकार संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर सरकार की नीतियों पर करेंगे चर्चा

गुजरात दौरे पर जाएंगे राहुल गांधी:वडोदरा में आदिवासी अधिकार संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर सरकार की नीतियों पर करेंगे चर्चा

राहुल गांधी सोमवार को वडोदरा में ‘आदिवासी अधिकार संवाद’ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में आदिवासी क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए लगभग 1,000 आदिवासी डॉक्टर, इंजीनियर, गैर सरकारी संगठन (NGO) के सदस्य, कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ाई तेज करना, सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व और मनरेगा व अन्य योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर चर्चा करना है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह दौरा कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सम्मेलन के बाद, राहुल गांधी पार्टी के राज्य नेतृत्व के साथ भी बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। गुजरात कांग्रेस के नेता अमित चावडा ने कहा कि राहुल गांधी दोपहर 2 बजे वडोदरा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और करीब एक घंटे बाद अजवा रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल होंगे। आदिवासी संस्कृति, शिक्षा और वनाधिकार कानून (Forest Rights Act) जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यकर्ता पैनल डिस्कशन में भाग लेंगे। इसी महीने हो सकता है निकाय चुनाव का ऐलान गुजरात में नगर निगम और जिला पंचायत चुनावों की घोषणा होने वाली है। राज्य विधानसभा का सत्र 25 मार्च को खत्म हो जाएगा। इसके बाद 26 मार्च गुजरात राज्य चुनाव आयोग लोकल बॉडी चुनावों के लिए शेड्यूल का ऐलान कर सकता है। इससे पहले राहुल गांधी पिछले साल 12 सितंबर को जूनागढ़ पहुंचे थे, तब उन्होंनें सभी जिला अध्यक्षों के कार्यक्रम को संबोधित किया था। निकाय चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी के दौरे के बाद कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं के बीच गुजरात आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। देश में आंदोलन की शुरुआत गुजरात से होगी: चावडा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि देश में लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। हर तरफ से अतिक्रमण हो रहा है। सरकार रक्षा करने के बजाय समर्थन कर रही है। आदिवासी समुदाय के जल और वन भूमि के अधिकार छीने जा रहे हैं। आज भी आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। आज भी आदिवासियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। विकास बजट में भी भारी भेदभाव है। आदिवासियों के नाम पर आवंटित बजट में भ्रष्टाचार है। गुजरात में आदिवासी समुदाय के लोग विभिन्न मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। यह समुदाय वर्तमान में संघर्षरत है। राहुल गांधी गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में संघर्ष कर रहे युवाओं, महिलाओं, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों के लोगों से सीधे संवाद करने के लिए गुजरात आ रहे हैं। गुजरात से ही देश में आदिवासी समुदाय के लिए आंदोलन की शुरुआत होगी। ———————— गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में UCC की तैयारी:समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी, 24 मार्च को पेश हो सकता है विधेयक उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट पेश की है। पूरी खबर पढ़ें…

नाटक खिड़की का मंचन आज, प्रवेश रहेगा नि:शुल्क:आज फिल्म प्रदर्शन भी ; जानिए शहर में कहां-क्या रहेगा खास

नाटक खिड़की का मंचन आज, प्रवेश रहेगा नि:शुल्क:आज फिल्म प्रदर्शन भी ; जानिए शहर में कहां-क्या रहेगा खास

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन

Sri Lanka Fuel Price Hike

Sri Lanka Fuel Price Hike

47 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। कच्चे तेल की सप्लाई संकट के बीच श्रीलंका सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25% तक की बढ़ोतरी की है। वहीं भारत में अब एयरलाइन कंपनियां घरेलू फ्लाइट्स का किराया सीटों की मांग की हिसाब से बढ़ा सकेंगी। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने हवाई किराए पर लगी रोक को हटा दिया है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 81 रुपए तक महंगा:पेट्रोल 398 और डीजल 382 रुपए लीटर हुआ, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर कच्चे तेल की सप्लाई संकट के बीच श्रीलंकाई सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25% तक की बढ़ोतरी की है। आज यानी 22 मार्च को हुई बढ़ोतरी के बाद श्रीलंका में रेगुलर पेट्रोल की कीमत 81 श्रीलंकाई रुपए बढ़कर 398 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 79 रुपए महंगा होकर 382 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. घरेलू फ्लाइट्स का किराया 23 मार्च से बढ़ा सकेंगी एयरलाइंस:सरकार ने रोक हटाई; इंडिगो संकट के दौरान ₹18 हजार तय की थी अधिकतम सीमा अब एयरलाइन कंपनियां घरेलू फ्लाइट्स का किराया सीटों की मांग की हिसाब से बढ़ा सकेंगी। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने हवाई किराए पर लगी रोक को हटा दिया है। आदेश के मुताबिक यह फैसला 23 मार्च से लागू होगा। पिछले साल दिसंबर में इंडिगो की उड़ानों में आई रुकावटों के बाद फेयर कैप लगाया लगाया गया था। सरकार ने एयरलाइंस का अधिकतम किराया ₹18000 तय किया था। एयरलाइन इससे ज्यादा दाम नहीं ले सकती थीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. 48 घंटे में हॉर्मुज-स्ट्रेट नहीं खुला तो ईरान पर हमला:ट्रम्प की चेतावनी से शेयर बाजार में डर; इस हफ्ते 5 फैक्टर तय करेंगे मार्केट की चाल 23 मार्च से शुरू होने वाले हफ्ते में निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें, विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी और ग्लोबल मार्केट की चाल बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. होटल-रेस्टोरेंट्स LPG की जगह PNG चुनें: सरकार ने गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को जल्दी कनेक्शन देने को कहा, राज्यों को कल से 20% ज्यादा गैस मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन जैसे कॉमर्शियल संस्थानों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने में प्राथमिकता दें। ताकि उन्हें लगातार जरूरी गैस मिलती रहे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. टॉप-10 कंपनियों की मार्केट वैल्यू ₹1 लाख करोड़ घटी:HDFC बैंक टॉप लूजर रहा, वैल्यू ₹56 हजार करोड़ गिरी; HUL का मार्केट कैप भी घटा पिछले हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच देश की टॉप-10 कंपनियों में से पांच को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इन पांच कंपनियों का कंबाइंड मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) 1.02 लाख करोड़ रुपए कम हो गया है। सबसे ज्यादा मार HDFC बैंक पर पड़ी है, जिसकी वैल्यू में अकेले 56,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों ने बाजार की गिरावट के बावजूद अपनी वैल्यू बढ़ाई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

युद्ध के बीच तेल-गैस से ईरान की रिकॉर्ड कमाई:खर्ग टर्मिनल से सप्लाई जारी; खाड़ी देशों का प्रोडक्शन 70% तक गिरा

युद्ध के बीच तेल-गैस से ईरान की रिकॉर्ड कमाई:खर्ग टर्मिनल से सप्लाई जारी; खाड़ी देशों का प्रोडक्शन 70% तक गिरा

अमेरिका-इजराइल के साथ युद्ध लड़ रहे ईरान ने जंग को भी अवसर में बदल दिया है। अमेरिका ने खर्ग आइलैंड के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन वैश्विक तेल संकट के डर से तेल टर्मिनल को सीधे निशाना नहीं बनाया। इसी का फायदा उठाते हुए ईरान ने खर्ग टर्मिनल चालू रखा और ‘घोस्ट फ्लीट’ के जरिए चीन को सप्लाई जारी रखी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और एसएंडपी ग्लोबल के मुताबिक, ईरान रोजाना 1.7 से 2 मिलियन बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है, जिसमें बड़ा हिस्सा चीन जा रहा है। देश के करीब 90% तेल का एक्सपोर्ट अभी भी खर्ग टर्मिनल से हो रहा है। साउथ पारस गैस फील्ड पर हमले से एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ, लेकिन गैस सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई। रिपोर्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से ईरान करीब 16.5 करोड़ रुपए प्रति जहाज ‘वॉर टैक्स’ भी वसूल रहा है। खाड़ी देशों का प्रोडक्शन 70% तक गिरा ईरान की होर्मुज स्ट्रेट पर पकड़ और लगातार हमलों के कारण सऊदी अरब, कतर, इराक, कुवैत और यूएई जैसे खाड़ी देशों की सप्लाई प्रभावित हुई है। सुरक्षित समुद्री रास्तों की कमी, बढ़ते हमले और लॉजिस्टिक्स बाधाओं के चलते इन देशों का कुल उत्पादन 70% तक गिर गया है। होर्मुज स्ट्रेट बंद करने से इन पांच देशों की सप्लाई पर असर… ———– ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- ईरान से सीजफायर वार्ता करना चाहते हैं ट्रम्प:ईरान की शर्त- पहले मुआवजा दो, आगे हमला नहीं होगा इसकी गारंटी भी चाहिए अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 22वां दिन है। ईरानी नेवी ने 13 मार्च की रात को एक भारतीय जहाज को सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कराया था। LPG लेकर आ रहा ये जहाज 10 दिन से फारस की खाड़ी में फंसा था। यह खबर ब्लूमबर्ग ने दी है। पूरी खबर पढ़ें…

Kangana Ranaut Birthday Interesting Facts Aditya Pancholi Nepotism Controversy

Kangana Ranaut Birthday Interesting Facts Aditya Pancholi Nepotism Controversy

5 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक कंगना की फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ को जर्मन भाषा में डब करके रिलीज किया गया था। साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना रनोट की बचपन तस्वीरें। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। फिल्म गैंगस्टर में कंगना ने सिमरन नाम की महिला की मुख्य भूमिका निभाई थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। तनु वेड्स मनु में कंगना ने ‘तनु’ (तनुजा त्रिवेदी) का किरदार निभाया था। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो ‘आप की अदालत’ में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर

INS Taragiri Commissioned | Lipulekh Pass Reopens for India-China Trade

INS Taragiri Commissioned | Lipulekh Pass Reopens for India-China Trade

Hindi News Career INS Taragiri Commissioned | Lipulekh Pass Reopens For India China Trade 19 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. INS तारागिरी नौसेना में कमीशन होगा 3 अप्रैल को सुपरसोनिक मिसाइलों और आधुनिक हथियारों से लैस स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS ‘तारागिरी F41’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने 21 मार्च को इसकी जानकारी दी। तारागिरी ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है। INS तारागिरी को विशाखापत्तनम में एक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शामिल किया जाएगा। INS तारागिरी, पूरी तरह से आत्मनिर्भर नौसैनिक युद्धपोत फ्रिगेट यानी एक मध्यम आकार का, तेज गति और बहुत ज्यादा फुर्तीवाला युद्धपोत (नौसेना का जहाज) है। फ्रिगेट का मुख्य काम समुद्र में गश्त करना, बड़े जहाजों की सुरक्षा करना, पनडुब्बियों को नष्ट करना और हवाई हमले से रक्षा करना होता है। INS तारागिरी प्रोजेक्ट-17A मेक इन इंडिया का हिस्सा है और ये नीलगिरि क्लास का चौथा जहाज है। INS तारागिरी को मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड (MDL) ने बनाया है। INS तारागिरी एक हाईस्पीड, मल्टी डाइमेंशल मैरिटाइम कंबाइंड डीजल या गैस (CODOG) से ऑपरेट होने वाला युद्धपोत है। INS तारागिरी सतह से सतह, सतह से हवा में वार करने वाला आधुनिक सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार से लैस है। INS तारागिरी प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास के युद्धपोतों में से एक है। 17ए क्लास का पहला एडवांस स्टेल्थ फ्रिगेट INS नीलगिरी जनवरी 2025 में नौसेना में शामिल किया गया था। मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लि. ने तीसरा जहाज, ‘तारागिरी’ (यार्ड 12653) 28 नवंबर 2025 में मुंबई में नौसेना को सौंपा था। प्रोजेक्ट 17 और 17A के सभी फ्रिगेट के नाम भारत की पर्वत शृंखलाओं पर रखे गए हैं। जैसे- शिवालिक, सह्याद्रि, सतपुड़ा, नीलगिरी, हिमगिरी, तारागिरी, उदयगिरी, दूनागिरी, महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि। साल 2026 की शुरुआत में एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ को भी नौसेना में शामिल किया गया था। INS तारागिरी फ्रिगेट में हेलिकॉप्टर हैंगर भी हैं, जिसमें दो हेलिकॉप्टर आसानी से लैंड किए जा सकते हैं। 2. भारत-चीन के बीच व्यापार के लिए लिपुलेख पास दोबारा शुरू 22 मार्च को भारत सरकार ने भारत- चीन के बीच ट्रेड के लिए उपयोग किए जाने वाले उत्तराखंड के लिपुलेख पास को दोबारा खोलने को मंजूरी दी है। विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिस्री ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को लिपुलेख पास से व्यापार करने की मंजूरी की ऑफिशियल NOC दी। भारत-चीन के बीच 6 साल बाद दोबारा बॉर्डर ट्रेड शुरू होगा। लिपुलेख पास को इस साल जून-सितंबर सेशन के लिए खोला जाएगा। कोविड-19 और साल 2020 में गलवान घाटी (लद्दाख) में हुई हिसंक झड़पों के बाद से अब तक लिपुलेख पास को बंद रखा गया था। लिपुलेख से व्यापार को आसान बनाने के लिए कस्टम्स डिपार्टमेंट और धारचुला प्रशासन व्यापारियों के लिए एक ट्रेड पास जारी करेगा। ट्रेड पास के साथ ही बैंकिंग सर्विसेस, कम्युनिकेशन, मेडिकल सर्विसेस और ट्रेडर्स की सुरक्षा के साथ ही ट्रांजिट कैंप्स बनाए जाएंगे। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद पहली बार लिपुलेख पास से होने वाला व्यापार और कैलाश मानसरोवर यात्रा दोनों पर पूरी तरह रोक लग गई थी। 1991-92 में भारत-चीन के बीच समझौते के तहत सीमा व्यापार दोबारा शुरू किया गया। इसके बाद हर साल जून से सितंबर तक व्यापार चलता रहा। लिपुलेख पास से अब तक ‘वस्तु विनिमय’ आधारित यानी सामान के बदले सामान का लेन-देने होता था। 19 अगस्त 2025 में चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान भारत-चीन ने रुपए और युआन में ट्रेड करने का फैसला किया था। अगस्त 2025 में भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग ई की ने एक हाई लेवल मीटिंग में लिपुलेख पास खोलने पर सहमति जताई थी। पहली बार उत्तराखंड में धारचुला को लिपुलेख पास से जोड़ने वाले रोड की सुविधा भी मिलेगी। इसे सरकार ने 2020 में पूरा करवाया था। पहले व्यापारी घोड़े-खच्चरों या पोर्टरों के जरिए सामान ढोकर तिब्बत की तकलाकोट मंडी तक पहुंचते थे, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। 3. पीएम नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक सरकार में रहने वाले नेता बने 22 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार में बने रहने वाले नेता बन गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने 8,931 दिन का कार्यकाल पूरा किया है। पीएम मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का 8,930 दिन का रिकॉर्ड तोड़ा है। पीएम मोदी भारत के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे पीएम भी बन गए हैं। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 4077 दिनों (24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977) का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। 22 मार्च 2026 तक बतौर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी 4318 पूरे कर चुके हैं। हालांकि अभी तक का सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के नाम ही है। 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक यानी लगातार कुल 6126 दिन तक इस पद पर रहे। PM मोदी नेहरू के रिकॉर्ड से 1812 दिन पीछे हैं। निधन (Death) 4. पूर्व FBI डायरेक्टर रॉबर्ट म्यूलर का निधन 21 मार्च को फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन यानी FBI के पूर्व डायरेक्टर रॉबर्ट म्यूलर का निधन हो गया। वे 81 साल के थे। बीबीसी यूएस पार्टनर सीबीएस न्यूज ने म्यूलर की मौत की पुष्टि की। राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 2001 में म्यूलर को FBI चीफ के लिए नॉमिनेट किया था। साल 2001 में म्यूलर FBI डायरेक्टर अपॉइंट हुए थे और उनके अपॉइंटमेंट के एक हफ्ते बाद सितंबर 2001 में अमेरिका पर 9/11 टेरेरिस्ट अटैक हुआ था। म्यूलर जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा दोनों के ही कार्यकाल में रहे। वे 2013 तक इस पद पर रहते हुए रिटायर हुए। म्यूलर ने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान उनके कैंपेन की जांच की थी और रूस के साथ ट्रम्प के रिश्तों पर एक रिपोर्ट भी जारी की थी। म्यूलर ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। इसके बाद वे मरीन में शामिल हुए थे। म्यूलर ने 1968 में

Kangana Ranaut Birthday Interesting Facts Aditya Pancholi Nepotism Controversy

Kangana Ranaut Birthday Interesting Facts Aditya Pancholi Nepotism Controversy

1 घंटे पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक कंगना की फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ को जर्मन भाषा में डब करके रिलीज किया गया था। साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना रनोट की बचपन तस्वीरें। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। फिल्म गैंगस्टर में कंगना ने सिमरन नाम की महिला की मुख्य भूमिका निभाई थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। तनु वेड्स मनु में कंगना ने ‘तनु’ (तनुजा त्रिवेदी) का किरदार निभाया था। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो ‘आप की अदालत’ में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर

Dehydration Blood Pressure Effect; Water Deficiency Heart Risk

Dehydration Blood Pressure Effect; Water Deficiency Heart Risk

Hindi News Lifestyle Dehydration Blood Pressure Effect; Water Deficiency Heart Risk | Common Symptoms 2 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने पर शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ जाता है। यह कॉमन है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी ब्लड सर्कुलेशन और दिल की धड़कनों को भी कंट्रोल करता है? जब शरीर में फ्लूइड कम होता है तो खून गाढ़ा होने लगता है। साथ ही हॉर्मोनल सिस्टम में गड़बड़ी होने लगती है। इससे ब्लड प्रेशर (BP) अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। ऐसे में अगर कोई पहले से हाई बीपी या दिल की बीमारी से जूझ रहा है तो डिहाइड्रेशन एक ‘साइलेंट थ्रेट’ साबित हो सकता है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज डिहाइड्रेशन से बीपी पर होने वाले असर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- आखिर पानी की कमी से ब्लड वेसल्स क्यों सिकुड़ने लगती हैं? क्यों प्यास न लगना भी खतरे की घंटी हो सकता है? हार्ट पेशेंट्स को गर्मियों में किन गलतियों से बचना चाहिए? सवाल- डिहाइड्रेशन क्या होता है और यह कब होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन वह कंडीशन है, जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम-पोटेशियम) की कमी हो जाती है। यह आमतौर पर ज्यादा पसीना आने, उल्टी-दस्त होने, बुखार या पर्याप्त पानी न पीने से होता है। गर्म मौसम, हैवी फिजिकल एक्टिविटी और लंबे समय तक धूप में रहने से जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर में फ्लूइड की मात्रा कम हो जाती है। इससे शरीर में ब्लड का वॉल्यूम घट जाता है, जिससे कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। शरीर इसकी भरपाई के लिए एक हॉर्मोनल सिस्टम एक्टिव करता है। इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा दिखता है, जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट की समस्या होती है। सवाल- डिहाइड्रेशन के दौरान शरीर में ऐसा क्या होता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर पानी की कमी को संतुलित करने की कोशिश करता है। शरीर खतरे को भांपकर किडनी और हॉर्मोनल सिस्टम को एक्टिव कर देता है। इस प्रक्रिया को ‘रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन सिस्टम’ कहते हैं। यह सिस्टम ब्लड वेसल्स को संकुचित कर देता है। शरीर इस स्थिति में सोडियम और पानी को रोकने की कोशिश करने लगता है। इससे अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अगर किसी को पहले से ही हाई बीपी की समस्या है तो यह खतरनाक हो सकता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर खून का वॉल्यूम कम होने लगता है। इससे दिल को शरीर के सभी अंगों तक खून पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रोसेस को स्मूद करने के लिए हार्ट तेजी से पंप करने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन डिहाइड्रेशन से ब्लड गाढ़ा होने लगता है, जिससे सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है। गंभीर कंडीशन में चक्कर, कमजोरी और बेहोशी का खतरा हो सकता है। जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज है, उनमें हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। सवाल- किन लोगों के लिए डिहाइड्रेशन ज्यादा खतरनाक हो सकता है? जवाब- डिहाइड्रेशन सबके लिए खतरनाक है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह गंभीर स्थितियां पैदा कर सकता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर किसी को हाई बीपी है या हार्ट से जुड़ी समस्या है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- सबसे पहले तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करते रहें। दिनभर में पर्याप्त पानी और फ्लूइड लेते रहें। तेज धूप और गर्मी में लंबे समय तक न रहें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार बीपी और हार्ट की दवाएं नियमित रूप से लें। नमक और कैफीन का सेवन सीमित करें। हल्का और संतुलित भोजन करें, ताकि शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। चक्कर, कमजोरी या हार्ट बीट तेज होने पर तुरंत आराम करें। जरूरत महसूस हो तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। सवाल- अगर किसी को हार्ट स्ट्रोक, अटैक हो चुका है या हार्ट की कोई सर्जरी हुई है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- इन लोगों के लिए गर्मियाें का मौसम अधिक संवेदनशील साबित हो सकता है- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। बहुत गर्म और उमस भरे वातावरण में जाने से बचें। गर्मी में हैवी फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज सीमित करें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं और डाइट प्लान का पालन करें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे। अचानक थकान, सांस फूलना या सीने में दर्द हो तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें। सवाल- गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन का खतरा क्यों बढ़ जाता है? जवाब- गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा पसीना निकलता है। पसीने के साथ पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स भी शरीर से बाहर निकलते हैं। अगर उतनी मात्रा में पानी न पिया जाए तो शरीर में इसकी कमी हो जाती है। तेज धूप और ज्यादा तापमान शरीर से वाटर लॉस ज्यादा होता है। बाहर काम करने वाले लोगों और खिलाड़ियों में जोखिम ज्यादा होता है। इसलिए गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। सवाल- डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत क्या हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? जवाब- इन संकेतों को नजरअंदाज करने पर कंडीशन ज्यादा गंभीर हो सकती है- सवाल- किन लोगों को डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन का जोखिम हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होता। कुछ खास फिजिकल कंडीशंस और उम्र में यह खतरा गंभीर हो जाता है- शिशु और बच्चे- बच्चों के शरीर का वजन कम होता है और मेटाबॉलिज्म तेज, जिससे उनमें पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का टर्नओवर बहुत जल्दी होता है। वे अपनी प्यास ठीक से बता भी नहीं पाते हैं। बुजुर्ग- उम्र बढ़ने के साथ ब्रेन की ‘प्यास का सिग्ननल’ देने की क्षमता कम हो जाती है। साथ ही बुजुर्गों के शरीर में वाटर रिटेंशन कम होता है। क्रॉनिक डिजीज पेशेंट्स: अनियंत्रित डायबिटीज और किडनी की बीमारी वाले लोगों को खतरा अधिक होता है। जो मेडिकेशन पर हैं- जो लोग हाई बीपी के लिए डाइयूरेटिक दवाएं