NZ Vs SA 5th T20 2026 Update; Connor Esterhuizen

स्पोर्ट्स डेस्क1 दिन पहले कॉपी लिंक साउथ अफ्रीका ने क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड को पांचवें टी-20 में 33 रन से हरा दिया। इसके साथ ही प्रोटियाज ने 5 मैचों की सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली। इस मैच से पहले यह सीरीज 2-2 की बराबरी पर थी। न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी टी-20 सीरीज 2005 में जीती थी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 6 सीरीज खेली गईं, जिनमें से 5 साउथ अफ्रीका ने जीतीं, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही। कॉनर एस्टरहुइजन प्लेयर ऑफ द मैच बुधवार को हेगले ओवल स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने बॉलिंग चुनी। साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट खोकर 187 रन बनाए। कॉनर एस्टरहुइजन ने अर्धशतक लगाया। उन्होंने 33 बॉल पर 75 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 188 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी कीवी टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 154 रन ही बना सकी। एस्टरहुइजन ने 200+ स्ट्राइक रेट से रन बनाए पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। चौथे ओवर में टोनी डी जॉर्जी (12) LBW हो गए। इसके बाद वियान मुल्डर और रुबिन हरमन (39) के बीच दूसरे विकेट के लिए 39 गेंदों पर 55 रन की साझेदारी हुई। 11वें ओवर की पहली गेंद पर मुल्डर (31) कैच आउट हुए। 4 नंबर पर उतरे कॉनर एस्टरहुइजन ने 227.27 की स्ट्राइक रेट से 33 गेंदों पर 75 रन बना दिए। न्यूजीलैंड के लिए बेन सियर्स ने 2 विकेट लिए। जोश क्लार्कसन और जैकरी फॉल्क्स को 1-1 विकेट मिला। तीन बॉलर ने 2-2 विकेट लिए न्यूजीलैंड टीम के लिए बेवॉन जैकब्स ने सबसे ज्यादा 36 रनों की पारी खेली। उनके अलावा कप्तान जिमी नीशम ने 24 और डेन क्लीवर ने 22 रन बनाए। टिम रॉबिन्सन 25 के स्कोर पर रन आउट हुए। साउथ अफ्रीका की ओर से जेराल्ड कूट्जी ने 4 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर 2 विकेट झटक। वियान मुल्डर और ओटनेल बार्टमैन को भी 2-2 विकेट मिला। कप्तान केशव महाराज ने 1 विकेट लिया। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 न्यूजीलैंड: टिम रॉबिन्सन, कैटीन क्लार्क, डेन क्लीवर (विकेटकीपर), निक केली, बेवॉन जैकब्स, जिमी नीशम (कप्तान), जोश क्लार्कसन, कोल मैकॉन्ची, जैकरी फॉल्क्स, काइल जैमीसन, बेन सियर्स। साउथ अफ्रीका: वियान मुल्डर, टोनी डी जॉर्जी, कॉनर एस्टरहुइजन (विकेटकीपर), रुबिन हरमन, जेसन स्मिथ, डियान फॉरेस्टर, जॉर्ज लिंडे, जेराल्ड कूट्जी, केशव महाराज (कप्तान), प्रेनेलन सुब्रायन, ओटनील बार्टमैन। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mumbai Sikh Group Complaint Against Ranveer Singh Poster Controversy

2 दिन पहले कॉपी लिंक बॉक्स ऑफिस पर 900 करोड़ कमा चुकी फिल्म धुरंधर: द रिवेंज के मेकर्स और रणवीर सिंह के खिलाफ पुलिस कंप्लेन की गई है। मुंबई में एक सिख संगठन ने फिल्म के मेकर्स और लीड एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। सिख्स इन महाराष्ट्र’ नामक संगठन ने मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में यह शिकायत दी है। संगठन का कहना है कि फिल्म के एक पोस्टर में सिख मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया है। सिख प्रतीकों के साथ सिगरेट पर आपत्ति संगठन के मुताबिक, फिल्म के एक पोस्टर में रणवीर सिंह को पगड़ी, लंबी दाढ़ी और हाथ में कड़ा पहने दिखाया गया है, जो सिख धर्म के बेहद पवित्र प्रतीक हैं। इसी लुक में एक्टर को हाथ में सिगरेट पकड़े हुए दिखाया गया है। संगठन का कहना है कि इस चित्रण से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह शिकायत 17 मार्च को मिली थी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। संगठन ने अपनी शिकायत में फिल्म के निर्देशक, प्रोड्यूसर और रणवीर सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आर. माधवन पर भी लग चुके आरोप इससे पहले आर. माधवन पर फिल्म में गुरु गोविंद सिंह जी के ‘दशम ग्रंथ’ की लाइनें बोलते वक्त सिगरेट पीने का आरोप लग चुका है। हालांकि विवाद को बढ़ता देख माधवन इस पर माफी मांग चुके हैं। माधवन ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था, मैं साफ करना चाहता हूं कि यह पूरी तरह गलतफहमी है। डायरेक्टर आदित्य धर इन चीजों का बहुत ध्यान रखते हैं। शूटिंग के दौरान उन्होंने मुझे साफ निर्देश दिया था कि ये पवित्र लाइनें बोलने से पहले सिगरेट बुझा देनी है और स्क्रीन पर धुआं भी नहीं दिखना चाहिए। मैंने ऐसा ही किया था। डायलॉग बोलते वक्त मेरे हाथ में सिगरेट नहीं थी। माधवन ने भावुक होते हुए कहा कि वे अनजाने में भी किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते। उन्होंने कहा, “हम पूरे सिख समुदाय के साथ खड़े हैं। मेरी हर फिल्म की रिलीज से पहले मैं खुद गोल्डन टेंपल (स्वर्ण मंदिर) जाता हूं, यह बात सबको पता है। सीन की शुरुआत में मेरे हाथ में सिगरेट जरूर थी, लेकिन जैसे ही पवित्र लाइनें शुरू हुईं, मैंने उसे बुझा दिया था। फिल्म में कहीं भी डायलॉग के दौरान धुआं या सिगरेट का नामोनिशान नहीं है।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सोनिया गांधी की हालत स्थिर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निगरानी में, डॉक्टरों का कहना है | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 25, 2026, 15:30 IST रात में सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराए गए गांधी की हालत कड़ी निगरानी में स्थिर है क्योंकि डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं के साथ संभावित पेट और मूत्र संक्रमण की निगरानी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी | फ़ाइल छवि दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की हालत स्थिर है और वह करीबी चिकित्सा निगरानी में हैं। डॉक्टरों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें मंगलवार रात करीब 10.22 बजे भर्ती कराया गया। चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर करीब से नजर रख रही है। अस्पताल ने कहा कि डॉक्टर पेट और मूत्र पथ में संभावित संक्रमण की जांच के लिए आगे की जांच कर रहे हैं और उपचार के हिस्से के रूप में एंटीबायोटिक्स दी गई हैं। सूत्रों ने पहले कहा था कि गांधी संभवतः मौसम परिवर्तन के कारण अस्वस्थ थे, और उन्हें निगरानी के लिए भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और उनकी हालत गंभीर नहीं है. पहले प्रकाशित: मार्च 25, 2026, 15:30 IST समाचार राजनीति डॉक्टरों का कहना है कि सोनिया गांधी की हालत स्थिर है, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निगरानी में हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सोनिया गांधी स्वास्थ्य(टी)सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती(टी)सर गंगा राम अस्पताल दिल्ली(टी)सोनिया गांधी की चिकित्सा स्थिति(टी)सोनिया गांधी संक्रमण उपचार(टी)कांग्रेस नेता सोनिया गांधी समाचार(टी)सोनिया गांधी स्वास्थ्य अपडेट(टी)सोनिया गांधी की हालत स्थिर
मोबाइल से बाहर निकला मनोरंजन, 44% बढ़े लाइव इवेंट:मेगा वेडिंग्स, ग्लोबल कॉन्सर्ट्स के दम पर 1.45 लाख करोड़ का हुआ इवेंट बाजार

डिजिटल स्क्रीन की चमक के बीच भारत की ‘एक्सपीरियंस इकोनॉमी’ करवट ले रही है। जहां सब कुछ ऑनलाइन होने की होड़ मची है, वहीं फिक्की-ईवाई की 2026 की रिपोर्ट एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने लाई है। साल 2025 में मनोरंजन के तमाम डिजिटल माध्यमों को पछाड़ते हुए ‘लाइव इवेंट्स’ ने 44% की रिकॉर्ड बढ़त हासिल की है। यह केवल आंकड़ों का उछाल नहीं, बल्कि भारतीय दर्शकों के बदलते मिजाज का प्रमाण है, जो अब कंटेंट को केवल देखना नहीं, बल्कि उसे अनुभव करना चाहते हैं। साल 2025 में पूरा मीडिया-इंटरटेनमेंट सेक्टर 9% बढ़कर 2.78 लाख करोड़ रुपए का हो गया, लेकिन लाइव इवेंट्स ने सबको पीछे छोड़ दिया। यह बदलाव केवल शौक नहीं, बल्कि एक ‘स्ट्रक्चरल शिफ्ट’ है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘संगठित लाइव इवेंट्स सेगमेंट में 44% की वृद्धि हुई, जिसे टिकट वाले कार्यक्रमों, शादियों जैसे निजी कार्यों, सरकारी आयोजनों और धार्मिक समारोहों पर बढ़ते खर्च ने बढ़ावा दिया।’ महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के वर्ल्ड टूर ने टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप राजस्व में उछाल लाया है। अनुभव आधारित उपभोग अब युवाओं के बीच एक नई प्राथमिकता बन चुका है। लाइव इवेंट्स का यह बाजार 2025 में 145 अरब तक पहुंच गया है और 2028 तक इसके 196 अरब होने का अनुमान है। अब यह केवल दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है। आने वाले वर्षों में देश के 20 से अधिक शहर बड़े पैमाने के कार्यक्रमों की मेजबानी करेंगे। 10,000 से अधिक दर्शकों वाले बड़े कॉन्सर्ट के दिनों की संख्या 2025 के 130 से बढ़कर 2028 तक सालाना 200 से अधिक होने की उम्मीद है। दिलचस्प है कि डिजिटल क्रांति लाइव इवेंट्स को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा पहुंचा रही है। सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स प्रशंसकों की संख्या बढ़ा रहे हैं, जिससे टिकटों की बिक्री बढ़ती है। रिपोर्ट में ‘फिजिटल’ अनुभवों के उभरने पर जोर दिया गया है, जहां भौतिक कार्यक्रमों को लाइव स्ट्रीम और वर्चुअल इंटरेक्शन के माध्यम से डिजिटल रूप से विस्तार दिया जा रहा है। शादियां और कुंभ बने लाइव इवेंट के ग्रोथ इंजन आमतौर पर लाइव इवेंट्स का मतलब केवल म्यूजिक कॉन्सर्ट माना जाता है, लेकिन भारत में इस 44% ग्रोथ के पीछे असली ताकत ‘वेडिंग इकोनॉमी’ और ‘धार्मिक पर्यटन’ है। महाकुंभ जैसे आयोजनों ने करोड़ों की भीड़ जुटाई, वहीं प्रीमियम शादियों पर खर्च ने इस सेक्टर को एक मंदी-मुक्त बिजनेस बना दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज रफ्तार के बावजूद, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की ऊंची लागत और जटिल रेगुलेटरी प्रक्रियाएं इस सेक्टर की राह में रोड़ा बन सकती हैं।
वाहनों की टंकी फुल कराने की लग रही भीड़:पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाह, गांवों में पंप पर लगी कतारें

धार जिले के ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल को लेकर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अफवाहों के चलते लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि, धार शहर में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और ईंधन की कोई कमी नहीं है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में लोग अपने वाहनों की टंकी फुल करवाने की होड़ में लगे हैं। इन क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर भीड़भाड़ और लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहें हैं। इसके विपरीत, धार शहर में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। यहां किसी भी पेट्रोल पंप पर भीड़ या अफरा-तफरी जैसी स्थिति नहीं है। वाहन चालक बिना किसी परेशानी के आसानी से ईंधन भरवा रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक उत्कर्ष अग्रवाल ने बताया कि उनके पंप पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कमी या भीड़ केवल अफवाहों का परिणाम है। अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ईंधन भरवाएं। वाहन चालकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें शहर में बिना किसी परेशानी के आसानी से पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। उनका कहना है कि कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है और स्थिति सामान्य है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और इसमें कोई बाधा नहीं है।
Gas Pipeline Rules 2026; LPG Cylinder Crisis Vs PNG Connection

Hindi News Business Gas Pipeline Rules 2026; LPG Cylinder Crisis Vs PNG Connection | Iran War नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक देश में LPG कनेक्शन करीब 33.2 करोड़ हैं, वहीं PNG अभी 1.65 करोड़ घरों तक ही पहुंची है। अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। इसके तहत अब पाइप वाली गैस (PNG) का कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, इसके लिए पहले नोटिस दिया जाएगा। सूचना मिलने के बाद भी अगर कोई कनेक्शन नहीं लेता, तो 90 दिन बाद उसकी LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। साथ ही सोसाइटियों को 3 दिन में पाइपलाइन की मंजूरी भी देनी होगी। सरकार के गजट नोटिफिकेशन के 7वें पॉइंट में PNG कनेक्शन के लिए बनाए गए नियम बताए गए हैं। नए नियम की 4 बड़ी बातें 1. सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी कई बार हाउसिंग सोसायटियों या RWA (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के विरोध की वजह से पाइपलाइन का काम रुक जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। अगर कोई कंपनी पाइपलाइन के लिए रास्ता मांगती है, तो सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी। अगर सोसाइटी ने मना किया या देरी की, तो वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सप्लाई पर रोक लगाई जाएगी। 2. छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी पाइपलाइन बिछाने के लिए अब सरकारी विभागों को फाइलों को अटकाने की इजाजत नहीं है। छोटे नेटवर्क के लिए 10 दिन और बड़ी लाइनों के लिए 60 दिन में मंजूरी देना अनिवार्य है। अगर विभाग तय समय में जवाब नहीं देता, तो उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ यानी ‘ऑटोमैटिक मंजूरी’ मान लिया जाएगा और काम शुरू कर दिया जाएगा। 3. पाइपलाइन के लिए जमीन मालिक को दोगुना मुआवजा अगर पाइपलाइन किसी की निजी जमीन से गुजर रही है, तो अब मुआवजे को लेकर सालों तक केस नहीं चलेंगे। सरकार ने इसके लिए एक फिक्स फॉर्मूला बना दिया है: जमीन के कमर्शियल सर्किल रेट का 30% हिस्सा मालिक को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। जमीन मालिक अगर आवेदन मिलने के 24 घंटे में मंजूरी दे देता है, तो उसे दोगुना यानी 60% मुआवजा मिलेगा। अगर जमीन मालिक मंजूरी नहीं देता है, तो ‘डेजिग्नेटेड अथॉरिटी’ (कलेक्टर या अन्य अधिकारी) फैसला लेंगे। 4. क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है? सरकार ने नया आदेश ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत जारी किया है, ताकि युद्ध जैसे हालात में भी आपको रसोई गैस की कमी न पड़े। फायदा: आपको सिलेंडर बुकिंग या खत्म होने की टेंशन नहीं रहेगी। नुकसान: जो लोग अपनी मर्जी से सिलेंडर इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके पास अब विकल्प सीमित हो जाएंगे। PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर सरकार ने 14 मार्च को ही PNG कनेक्शन को लेकर नए नियम जारी किए थे। इसके तहत अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर 4 बार नए नियम जारी कर चुकी है। किराएदार के लिए क्या प्रोसेस होगी? नोटिफिकेशन में लिखा है कि PNG कनेक्शन के लिए आवेदन घर का ‘कानूनी कब्जाधारी’ या ‘मालिक’ कर सकता है। यानी आप किराएदार के तौर पर खुद भी आवेदन कर सकते हैं। आपके पास PNG कनेक्शन लगाने का नोटिस आने पर दो रास्ते हैं मकान मालिक के जरिए: मकान मालिक से बात करके उनके नाम पर कनेक्शन लगवा सकते हैं। यह सबसे आसान तरीका है क्योंकि पाइपलाइन फिक्स्ड प्रॉपर्टी का हिस्सा बन जाती है। किराएदार के नाम पर: गैस कंपनियां किराएदारों को भी कनेक्शन देती हैं। इसके लिए आमतौर पर रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक से एक NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) की जरूरत होगी। अगर आपके नाम पर पहले से LPG कनेक्शन है तो उसे सरेंडर करना होगा। मकान मालिक PNG लगाने से मना करें तब भी LPG सप्लाई बंद होगी अगर मकान मालिक पाइपलाइन फिटिंग के लिए मना कर देता है, तो भी 90 दिन बाद उस पते पर LPG सप्लाई बंद हो जाएगी। सरकार का नया नियम पते पर आधारित है, व्यक्ति पर नहीं। अगर उस पते पर पाइपलाइन संभव है, तो तेल कंपनियां वहां सिलेंडर देना बंद कर देंगी। घर बदलते समय PNG कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं अगर आप घर बदलते हैं, तो PNG कनेक्शन वहीं रहेगा । घर छोड़ने से पहले गैस कंपनी को इसकी जानकारी देनी होगी। कंपनी अकाउंट बंद कर सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस दे देगी। नए घर में अगर PNG नहीं लगी है तो जाकर फिर से वही प्रक्रिया दोहरानी होगी। अगर उस घर के आस-पास पाइपलाइन सुविधा नहीं है, तो फिर से LPG सिलेंडर ले सकते हैं। यूजर्स के लिए 3 बड़े सवाल सवाल: क्या मुझे अभी सिलेंडर लौटाना होगा? जवाब: अभी नहीं। आपके घर तक पाइपलाइन पहुंचने के बाद कंपनी नोटिस देगी, तब आपको 3 महीने का समय मिलेगा। कनेक्शन लेने के बाद ही सिलेंडर लौटाना होगा। सवाल: क्या PNG, सिलेंडर से सस्ती है? जवाब: हां, इसमें आपको सिर्फ इस्तेमाल की गई गैस का पैसा देना होता है और कोई फालतू चार्ज नहीं लगता। यह सुरक्षित भी ज्यादा है। सवाल: अगर मेरे घर तक पाइपलाइन तकनीकी रूप से संभव न हो तो? जवाब: ऐसी स्थिति में आपकी LPG सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। यह नियम सिर्फ उन घरों के लिए है जहां पाइपलाइन पहुंचना संभव है। ————— ये खबर भी पढ़ें… रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल न
संगठनात्मक बदलाव, कैडर फीडबैक और पाठ्यक्रम सुधार: बीजेपी ने 2027 यूपी की रणनीति को मजबूत किया | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 25, 2026, 14:58 IST भाजपा ने राज्य भर में जिला कार्यकारिणी समितियों का गठन पूरा करने की समय सीमा 30 मार्च तय की है आरएसएस ने भाजपा को सलाह दी है कि वह चुनाव में जाति-आधारित आख्यानों के बजाय राष्ट्रवाद पर ध्यान केंद्रित करे। क्या भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में एक बड़े संगठनात्मक पुनर्गठन के लिए मंच तैयार कर रही है? उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवीनतम उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श से समन्वय को कड़ा करने, संदेश अनुशासन को लागू करने और तेजी से संगठनात्मक पुनर्गठन का एक स्पष्ट संदेश सामने आया है, यह संकेत देता है कि पार्टी 2027 के चुनावों से पहले आंतरिक अंतराल को संबोधित करने के लिए निर्णायक रूप से आगे बढ़ रही है। इस नए सिरे से फोकस का कारण भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और राज्य सरकार की हालिया समन्वय बैठक के दौरान सामने आई चिंताएं हैं। जमीनी स्तर से मिल रहे फीडबैक में मंत्रियों, विधायकों और संबद्ध संगठनों के बीच कमजोर समन्वय, संगठनात्मक कार्यों में देरी और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते असंतोष की ओर इशारा किया गया। इसमें कुछ नेताओं के विवादास्पद बयानों के उदाहरण भी शामिल थे, जिन्हें पार्टी की व्यापक विचारधारा को चोट पहुंचाने के रूप में देखा गया था। इस पृष्ठभूमि में, भाजपा की कोर कमेटी की लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आधिकारिक आवास पर बैठक हुई, जो स्थापित प्रथा से एक महत्वपूर्ण प्रस्थान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ साल के कार्यकाल में ऐसी बैठकें आम तौर पर उनके आवास 5, कालिदास मार्ग या पार्टी मुख्यालय पर होती रही हैं। यह पहली बार है कि किसी डिप्टी सीएम के आवास पर कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें तात्कालिकता और आंतरिक गतिशीलता में संभावित बदलाव दोनों को रेखांकित किया गया। सीएम आदित्यनाथ के नोएडा में होने और समय पर लौटने में असमर्थ होने के कारण, बैठक वरिष्ठ नेतृत्व के साथ आगे बढ़ी, जिसमें राज्य भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, संगठन महासचिव धर्मपाल सिंह और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल थे। चर्चा के केंद्र में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में सुधार के लिए एक समयबद्ध रोडमैप था। भाजपा ने राज्य भर में जिला कार्यकारिणी समितियों का गठन पूरा करने की समय सीमा 30 मार्च तय की है। इसके बाद 15 अप्रैल तक नई राज्य टीम की घोषणा की जाएगी और 15 मई तक निगमों, बोर्डों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां की जाएंगी। पुनर्गठन की कवायद पार्टी के फ्रंटल संगठनों तक भी विस्तारित होगी। युवाओं, महिलाओं, किसानों, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों सहित प्रमुख मोर्चों के लिए नए अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की तैयारी है। जिन नेताओं को बदला जा सकता है, उन्हें व्यापक संगठनात्मक ढांचे के भीतर समायोजित किए जाने की उम्मीद है, जो आंतरिक स्थिरता के साथ पीढ़ीगत परिवर्तन को संतुलित करने के उद्देश्य से एक रणनीति का संकेत देता है। बैठक में व्यापक रणनीतिक चिंताओं को कार्रवाई योग्य कदमों में बदलने पर ध्यान केंद्रित किया गया। मुख्य निष्कर्षों में से एक सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता थी, एक अंतर जिसे आरएसएस ने पिछली बैठक के दौरान चिह्नित किया था। नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि कलह की किसी भी धारणा से बचना चाहिए और सभी स्तरों पर एक एकीकृत मोर्चा पेश करना चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद बेहतर करने पर भी जोर दिया गया. कैडर की शिकायतों को संबोधित करना और यह सुनिश्चित करना कि जमीनी स्तर से मिले फीडबैक पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई है, यह इस समझ को दर्शाता है कि 2027 के चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर संगठनात्मक ताकत महत्वपूर्ण होगी। चर्चा में आया एक और बड़ा बदलाव पार्टी की संदेश रणनीति में था। आरएसएस ने भाजपा को सलाह दी है कि वह चुनाव में जाति-आधारित आख्यानों के बजाय राष्ट्रवाद पर ध्यान केंद्रित करे। नेताओं को वैचारिक सामंजस्य बनाए रखने और अनावश्यक विवाद पैदा करने वाले बयानों से बचने के स्पष्ट निर्देश के साथ जाति-केंद्रित टिप्पणी करने के प्रति आगाह किया गया है। चर्चा में सुरक्षा और शासन के मुद्दे भी शामिल रहे। अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाने और नेपाल सीमा से लगे जिलों में निगरानी बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, आगामी पंचायत चुनावों के संदर्भ में ओबीसी आयोग के गठन पर भी चर्चा की गई, जिसमें प्रशासनिक निर्णयों और चुनावी विचारों के बीच परस्पर क्रिया पर प्रकाश डाला गया। घटनाक्रम से पता चलता है कि भाजपा न केवल अपनी संगठनात्मक चुनौतियों को स्वीकार कर रही है, बल्कि एक संरचित और समयबद्ध योजना के माध्यम से उन्हें संबोधित करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। एकता, समन्वय और अनुशासित संदेश पर ध्यान देने के साथ, पार्टी 2027 में एक महत्वपूर्ण चुनावी लड़ाई के लिए काफी पहले से ही तैयारी कर रही है। पहले प्रकाशित: मार्च 25, 2026, 14:58 IST समाचार चुनाव संगठनात्मक बदलाव, कैडर फीडबैक और पाठ्यक्रम सुधार: बीजेपी ने 2027 यूपी रणनीति को मजबूत किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी संगठनात्मक पुनर्गठन उत्तर प्रदेश(टी)बीजेपी उत्तर प्रदेश 2027 चुनाव(टी)बीजेपी आंतरिक गतिशीलता यूपी(टी)आरएसएस उत्तर प्रदेश में बीजेपी समन्वय(टी)योगी आदित्यनाथ बीजेपी रणनीति यूपी(टी)बीजेपी कैडर प्रबंधन उत्तर प्रदेश(टी)बीजेपी संदेश अनुशासन राष्ट्रवाद बनाम जाति(टी)2027 चुनावों से पहले बीजेपी संगठनात्मक रीसेट
फिल्म सरकार 4 नहीं बनाएंगे राम गोपाल वर्मा:कहा- धुरंधर के बाद गैंगस्टर फिल्में नहीं चलेंगी, अमिताभ और अभिषेक के साथ शूटिंग प्लान कैंसिल

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा अगले महीने यानी अप्रैल से अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन के साथ फिल्म सरकार 4 की शूटिंग शुरू करने वाले थे, लेकिन अब उन्होंने यह प्लान कैंसिल कर दिया है। यह फैसला उन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर और उसके सीक्वल के इंपैक्ट के बाद लिया। बॉलीवुड हंगामा के साथ बातचीत में राम गोपाल वर्मा ने कहा कि धुरंधर और उसके सीक्वल के बाद उन्हें नहीं लगता कि सरकार या कोई अन्य गैंगस्टर फिल्म चलेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली गैंगस्टर फिल्में हॉलीवुड फिल्म द गॉडफादर से प्रेरित थीं, जैसे सत्या, कंपनी और सरकार। वर्मा ने माना कि कुछ फिल्में उन्होंने बिना खास मकसद के भी बनाई थीं। उन्होंने कहा कि उस समय वह लगातार फिल्में बनाना चाहते थे और उन्हें लगता था कि सेट पर जाकर फिल्म अपने आप बन जाएगी। धुरंधर से बदला नजरिया: वर्मा वर्मा ने कहा कि धुरंधर और उसके सीक्वल ने उनकी सोच को बदला है। उनके अनुसार, आदित्य धर ने यह फिल्म सिर्फ कहानी कहने के लिए बनाई, न कि कोई बात साबित करने के लिए। उन्होंने कहा कि वह अपने करियर को नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं और आदित्य धर के काम से प्रभावित हैं। वर्मा ने कहा कि कॉलेज के दिनों में वह जैसे स्टीवन स्पीलबर्ग को देखते थे, वैसा ही नजरिया अब आदित्य धर के लिए है। वर्मा अब फिल्म सरकार 4 नहीं बनाएंगे। उन्होंने बताया कि उनकी अगली फिल्म सिंडिकेट होगी। उनका कहना है कि वह इस फिल्म पर पूरी ईमानदारी से काम करेंगे और यह सत्या के बाद उनका सबसे ईमानदार काम होगा।
फिल्म सरकार 4 नहीं बनाएंगे राम गोपाल वर्मा:कहा- धुरंधर के बाद गैंगस्टर फिल्में नहीं चलेंगी, अमिताभ और अभिषेक के साथ शूटिंग प्लान कैंसिल

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा अगले महीने यानी अप्रैल से अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन के साथ फिल्म सरकार 4 की शूटिंग शुरू करने वाले थे, लेकिन अब उन्होंने यह प्लान कैंसिल कर दिया है। यह फैसला उन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर और उसके सीक्वल के इंपैक्ट के बाद लिया। बॉलीवुड हंगामा के साथ बातचीत में राम गोपाल वर्मा ने कहा कि धुरंधर और उसके सीक्वल के बाद उन्हें नहीं लगता कि सरकार या कोई अन्य गैंगस्टर फिल्म चलेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली गैंगस्टर फिल्में हॉलीवुड फिल्म द गॉडफादर से प्रेरित थीं, जैसे सत्या, कंपनी और सरकार। वर्मा ने माना कि कुछ फिल्में उन्होंने बिना खास मकसद के भी बनाई थीं। उन्होंने कहा कि उस समय वह लगातार फिल्में बनाना चाहते थे और उन्हें लगता था कि सेट पर जाकर फिल्म अपने आप बन जाएगी। धुरंधर से बदला नजरिया: वर्मा वर्मा ने कहा कि धुरंधर और उसके सीक्वल ने उनकी सोच को बदला है। उनके अनुसार, आदित्य धर ने यह फिल्म सिर्फ कहानी कहने के लिए बनाई, न कि कोई बात साबित करने के लिए। उन्होंने कहा कि वह अपने करियर को नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं और आदित्य धर के काम से प्रभावित हैं। वर्मा ने कहा कि कॉलेज के दिनों में वह जैसे स्टीवन स्पीलबर्ग को देखते थे, वैसा ही नजरिया अब आदित्य धर के लिए है। वर्मा अब फिल्म सरकार 4 नहीं बनाएंगे। उन्होंने बताया कि उनकी अगली फिल्म सिंडिकेट होगी। उनका कहना है कि वह इस फिल्म पर पूरी ईमानदारी से काम करेंगे और यह सत्या के बाद उनका सबसे ईमानदार काम होगा।
India Archers Win 2 Bronze; Mens Recurve & Womens Compound Teams Reach Finals

Hindi News Sports India Archers Win 2 Bronze; Mens Recurve & Womens Compound Teams Reach Finals 1 घंटे पहले कॉपी लिंक थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में चल रहे एशिया कप वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट (स्टेज-1) के दूसरे दिन भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने बुधवार को दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने मेंस रिकर्व और विमेंस कंपाउंड टीम इवेंट के फाइनल में जगह बना ली है। विमेंस कंपाउंड टीम: थाईलैंड को हराकर फाइनल में पहुंची महिला कंपाउंड टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 229-226 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। चिकिता तनिपार्थी, राज कौर और तेजल साल्वे की टीम अब खिताबी मुकाबले में तीसरे नंबर की सीड कजाकिस्तान से भिड़ेगी। पिछले साल टीम ने ब्रॉन्ज जीता था। मेंस कंपाउंड टीम सेमीफाइनल में हारी पुरुष कंपाउंड टीम को सेमीफाइनल में वियतनाम से 233-234 से हार का सामना करना पड़ा। टीम के पास बढ़त थी, लेकिन आखिरी पलों में मुकाबला हाथ से निकल गया। हालांकि टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में भूटान को 234-232 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। रजत चौहान, ऋषभ यादव और उदय कंबोज की अनुभवी टीम अपना खिताब डिफेंड करने में नाकाम रही। सेमीफाइनल में वियतनाम के खिलाफ एक समय भारतीय टीम 5 पॉइंट की बढ़त पर थी, लेकिन दूसरे और तीसरे एंड में वियतनाम ने परफेक्ट 60 का स्कोर कर वापसी की और भारत को 234-233 से हरा दिया। हालांकि, बाद में ब्रॉन्ज मेडल मैच में भारत ने भूटान को 234-232 से हराकर पदक पक्का किया। मेंस रिकर्व टीम: मलेशिया को 5-1 से दी शिकस्त पुरुष रिकर्व टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। देवांग गुप्ता, सुखचैन सिंह और जुयेल सरकार की टीम ने बिना कोई सेट गंवाए जीत दर्ज की और अब फाइनल में कजाकिस्तान से मुकाबला होगा। पहले सेट को भारत ने 53-50 और दूसरे को 53-52 से जीता। तीसरे सेट में मुकाबला 56-56 की बराबरी पर रहा, जो भारत को फाइनल में पहुंचाने के लिए काफी था। वहीं, महिला रिकर्व टीम ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। रूमा बिस्वास, कीर्ति और रिधि फोर की टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। —————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… डकेट ने IPL से नाम वापस लिया:2 साल के बैन का खतरा; CSK ने एलिस की जगह जॉनसन को किया शामिल इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन डकेट ने IPL 2026 से नाम वापस ले लिया है। खराब फॉर्म के बीच अपने टेस्ट करियर पर ध्यान देने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया। हालांकि, आखिरी समय पर हटने के कारण उन्हें IPL से दो साल के बैन का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि पिछले साल फ्रेंचाइजियों ने ऐसे विदेशी खिलाड़ियों पर सख्ती करने का फैसला किया था। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








