Wednesday, 09 Sep 2026 | 05:00 PM

Trending :

नेहा कक्कड़ ने रियलिटी शोज को बताया गैर-स्क्रिप्टेड:सुनिधि चौहान की ‘फेक’ वाली टिप्पणी के बाद बोलीं- अंगूर जिसको नहीं मिलते, उसको खट्टे लगते हैं शिवराजकुमार ने हिंदी को कहा राष्ट्रीय भाषा:विवाद होने पर माफी मांगी, कहा- हिंदी उनकी भाषा, हमारे लिए हमारी भाषा कन्नड़ सबसे जरूरी; जानिए पूरा विवाद Noida SSC Exam Cancelled | Server Technical Glitch Sparks Student Protest लखनऊ के प्रणव को 83 लाख वजीफा, लंदन में पढ़ेंगे:AI और तकनीक नीति में हासिल करेंगे विशेषज्ञता, UCL में लेंगे परास्नातक की डिग्री बार-बार शिकायतें करने से अपने भी दूर हो सकते हैं:मन हल्का करें, लेकिन सामने वाले को भी बोलने दें बार-बार शिकायतें करने से अपने भी दूर हो सकते हैं:मन हल्का करें, लेकिन सामने वाले को भी बोलने दें
EXCLUSIVE

आईटी की नौकरी छोड़कर एक्टिंग चुनी:60 ऑडिशन बाद मिला पहला काम; नैना सरीन बोलीं- मुंबई में टिकना है तो पैसों का इंतजाम जरूरी

आईटी की नौकरी छोड़कर एक्टिंग चुनी:60 ऑडिशन बाद मिला पहला काम; नैना सरीन बोलीं- मुंबई में टिकना है तो पैसों का इंतजाम जरूरी

आईटी कंपनी की अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर एफटीआईआई पहुंचीं और फिर मुंबई आकर लगातार संघर्ष किया। 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला, लेकिन हार नहीं मानी। वेब सीरीज मेड इन हेवन, त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर, राख और प्रीतम एंड पेड्रो जैसी सीरीज में नजर आ चुकीं अभिनेत्री नैना सरीन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, ऑडिशन, इंडस्ट्री, परिवार और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। सवाल: एक्टिंग का सपना देखने पर परिवार और समाज का कितना दबाव था? जवाब : मैं बोकारो के एक मिडिल क्लास परिवार से हूं। रिश्तेदारों को लगता था कि यह सिर्फ शौक है और कुछ साल बाद मैं वापस नौकरी कर लूंगी। लेकिन मम्मी-पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया। मम्मी कहती थीं, “जब सिर पर पड़ेगा, तब देख लेंगे।” सवाल: मुंबई आने से पहले एफटीआईआई जाने का फैसला कैसे लिया? जवाब: मेरे पास सीधे मुंबई आने के पैसे नहीं थे। कॉलेज के एक सीनियर से एफटीआईआई के बारे में पता चला। मैं उस समय बेंगलुरु में आईटी कंपनी में इंस्ट्रक्शनल डिजाइनर थी। नौकरी के साथ वॉइस ओवर और मिमिक्री सीखती थी। फिर तैयारी करके एफटीआईआई का एंट्रेंस दोबारा दिया और चयन हो गया। सवाल: एफटीआईआई ने क्या सबसे बड़ा सबक दिया? जवाब: वहां सिर्फ एक्टिंग नहीं सिखाई जाती, बल्कि खुद को समझना और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना सीखते हैं। सबसे बड़ी ताकत वहां की कम्युनिटी है। मुंबई आने के बाद भी बैचमेट और सीनियर्स हमेशा साथ रहे। सवाल: मुंबई में पहला काम कैसे मिला? जवाब: मुंबई आने के बाद मैंने लगातार ऑडिशन दिए। करीब 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला। उसे नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया था। बाद में उन्होंने मुझे मेड इन हेवन में भी कास्ट किया। सवाल: आपकी पहली फिल्म कौन-सी थी? जवाब: एफटीआईआई में पढ़ाई के दौरान ही मुझे फिल्म ‘होटल मुंबई’ मिली। इसमें मैंने ताज होटल की रिसेप्शनिस्ट का किरदार निभाया। इसके बाद ‘ईब आले ऊ’ ने मुझे काफी पहचान दिलाई। यह कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई गई। सवाल: वेब सीरीज का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेड इन हेवन के बाद त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर मिली। इस शो में लंबा शूट था और कई दूसरे प्रोजेक्ट छोड़ने पड़े। लेकिन सेट का माहौल शानदार था। मानव कौल और पूरी टीम ने हर सीन में काफी मदद की। सवाल: राख में सिर्फ दो सीन थे, फिर भी रोल क्यों चुना? जवाब: किरदार छोटा था, लेकिन बहुत प्रभावशाली था। ऑडिशन देते समय ही समझ आ गया था कि यह आसान नहीं है। इसमें इंटिमेसी वाले सीन भी थे, लेकिन सेट पर इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर मौजूद थे, इसलिए पूरा माहौल सुरक्षित और प्रोफेशनल था। सवाल: प्रीतम एंड पेड्रो में राजकुमार हिरानी और अरशद वारसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अरशद सर बेहद अनुशासित हैं। उनकी दिनचर्या सुनकर मैं हैरान रह गई। वहीं राजकुमार हिरानी सर ने मेरा सीन देखकर पूछा कि क्या मैंने एक्टिंग की पढ़ाई की है। जब उन्हें पता चला कि मैं एफटीआईआई से हूं, तो उन्होंने संस्थान को लेकर काफी बातें कीं। सवाल: आपने कहा कि लीड रोल करने के बाद भी छोटे किरदार करने में संकोच नहीं करतीं? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैंने खुद कास्टिंग डायरेक्टर्स से कहा कि मुझे हर तरह के रोल के लिए ऑडिशन बुलाइए। मैं स्क्रीन टाइम नहीं देखती। अच्छा किरदार छोटा हो या बड़ा, फर्क नहीं पड़ता। सवाल: संघर्ष के दौरान सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: मुंबई में सबसे बड़ी चुनौती पैसों की होती है। मैं हर नए कलाकार से कहती हूं कि पहले अपनी कमाई का कोई जरिया तय करें। वॉइस ओवर करें, असिस्टेंट बनें, राइटिंग करें या कोई दूसरी नौकरी करें, लेकिन आर्थिक रूप से टिके रहना जरूरी है। सवाल: सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार कौन-सा रहा? जवाब: त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर में मां का किरदार। मां की जिम्मेदारी, उसकी बॉडी लैंग्वेज और भावनाएं समझना आसान नहीं था। इसके लिए मैंने अपनी मां को बहुत करीब से ऑब्जर्व किया। सवाल: इस समय किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं? जवाब: कुछ इंडिपेंडेंट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। इसके अलावा अपनी एफटीआईआई बैचमेट श्रेया भट्टाचार्य के साथ अपने निजी अनुभवों पर आधारित एक मिनी सीरीज लिख रही हूं। अभी उसके लिए प्रोड्यूसर की तलाश है। सवाल: निजी जिंदगी का क्या प्लान है? जवाब: मेरा फोकस अभी सिर्फ फिल्मों में काम करना है। शादी सही समय और सही इंसान मिलने पर हो जाएगी। फिलहाल मैं चाहती हूं कि मेरे पास इतना काम हो कि बाकी चीजों के बारे में सोचने का समय ही न मिले। सवाल: आपने मिमिक्री और वॉइस ओवर भी सीखा है? जवाब: हां। बेंगलुरु में इसकी ट्रेनिंग ली थी। आवाज निकालना आसान है, लेकिन उसे लंबे समय तक उसी टोन में बनाए रखना सबसे मुश्किल काम होता है। पहले बच्चों की ई-लर्निंग किताबों की रिकॉर्डिंग भी किया करती थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हिमाचल में ग्लेशियर टूटा, लोगों ने भागकर बचाई जान:सड़क बहाली में जुटे थे PWD कर्मचारी, 5 महीने से बंद है पांगी-चंबा मार्ग

May 1, 2026/
8:00 am

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के चुराह में बीती शाम (30 अप्रैल) को ग्लेशियर टूटकर अचानक सड़क पर आ गया।...

ग्वालियर में पारा 42.4 डिग्री पर पहुंचा:सीजन का सबसे गर्म दिन, रातें भी हो रही गर्म; जनजीवन प्रभावित

April 20, 2026/
10:21 am

ग्वालियर में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को...

महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री सिवनी पहुंचीं:बोलीं- स्कूलों में बालिकाओं के शौचालय का मुद्दा प्रदेश में उठाएंगी; संगठन विस्तार पर जोर

April 3, 2026/
7:39 pm

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ज्योति नरेश सिंह राजपूत ने सिवनी के दो दिवसीय दौरे पर रही।...

वीडी सतीशन एक्सक्लूसिव: केरल में कांग्रेस की जीत: धर्मनिरपेक्षता और नेतृत्व का एक नया युग इंतजार कर रहा है

May 5, 2026/
5:42 pm

एक ऐतिहासिक जीत में, यूडीएफ ने केरल में 100 से अधिक सीटें हासिल कीं, जो राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़े...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

आईटी की नौकरी छोड़कर एक्टिंग चुनी:60 ऑडिशन बाद मिला पहला काम; नैना सरीन बोलीं- मुंबई में टिकना है तो पैसों का इंतजाम जरूरी

आईटी की नौकरी छोड़कर एक्टिंग चुनी:60 ऑडिशन बाद मिला पहला काम; नैना सरीन बोलीं- मुंबई में टिकना है तो पैसों का इंतजाम जरूरी

आईटी कंपनी की अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर एफटीआईआई पहुंचीं और फिर मुंबई आकर लगातार संघर्ष किया। 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला, लेकिन हार नहीं मानी। वेब सीरीज मेड इन हेवन, त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर, राख और प्रीतम एंड पेड्रो जैसी सीरीज में नजर आ चुकीं अभिनेत्री नैना सरीन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, ऑडिशन, इंडस्ट्री, परिवार और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। सवाल: एक्टिंग का सपना देखने पर परिवार और समाज का कितना दबाव था? जवाब : मैं बोकारो के एक मिडिल क्लास परिवार से हूं। रिश्तेदारों को लगता था कि यह सिर्फ शौक है और कुछ साल बाद मैं वापस नौकरी कर लूंगी। लेकिन मम्मी-पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया। मम्मी कहती थीं, “जब सिर पर पड़ेगा, तब देख लेंगे।” सवाल: मुंबई आने से पहले एफटीआईआई जाने का फैसला कैसे लिया? जवाब: मेरे पास सीधे मुंबई आने के पैसे नहीं थे। कॉलेज के एक सीनियर से एफटीआईआई के बारे में पता चला। मैं उस समय बेंगलुरु में आईटी कंपनी में इंस्ट्रक्शनल डिजाइनर थी। नौकरी के साथ वॉइस ओवर और मिमिक्री सीखती थी। फिर तैयारी करके एफटीआईआई का एंट्रेंस दोबारा दिया और चयन हो गया। सवाल: एफटीआईआई ने क्या सबसे बड़ा सबक दिया? जवाब: वहां सिर्फ एक्टिंग नहीं सिखाई जाती, बल्कि खुद को समझना और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना सीखते हैं। सबसे बड़ी ताकत वहां की कम्युनिटी है। मुंबई आने के बाद भी बैचमेट और सीनियर्स हमेशा साथ रहे। सवाल: मुंबई में पहला काम कैसे मिला? जवाब: मुंबई आने के बाद मैंने लगातार ऑडिशन दिए। करीब 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला। उसे नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया था। बाद में उन्होंने मुझे मेड इन हेवन में भी कास्ट किया। सवाल: आपकी पहली फिल्म कौन-सी थी? जवाब: एफटीआईआई में पढ़ाई के दौरान ही मुझे फिल्म ‘होटल मुंबई’ मिली। इसमें मैंने ताज होटल की रिसेप्शनिस्ट का किरदार निभाया। इसके बाद ‘ईब आले ऊ’ ने मुझे काफी पहचान दिलाई। यह कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई गई। सवाल: वेब सीरीज का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेड इन हेवन के बाद त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर मिली। इस शो में लंबा शूट था और कई दूसरे प्रोजेक्ट छोड़ने पड़े। लेकिन सेट का माहौल शानदार था। मानव कौल और पूरी टीम ने हर सीन में काफी मदद की। सवाल: राख में सिर्फ दो सीन थे, फिर भी रोल क्यों चुना? जवाब: किरदार छोटा था, लेकिन बहुत प्रभावशाली था। ऑडिशन देते समय ही समझ आ गया था कि यह आसान नहीं है। इसमें इंटिमेसी वाले सीन भी थे, लेकिन सेट पर इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर मौजूद थे, इसलिए पूरा माहौल सुरक्षित और प्रोफेशनल था। सवाल: प्रीतम एंड पेड्रो में राजकुमार हिरानी और अरशद वारसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अरशद सर बेहद अनुशासित हैं। उनकी दिनचर्या सुनकर मैं हैरान रह गई। वहीं राजकुमार हिरानी सर ने मेरा सीन देखकर पूछा कि क्या मैंने एक्टिंग की पढ़ाई की है। जब उन्हें पता चला कि मैं एफटीआईआई से हूं, तो उन्होंने संस्थान को लेकर काफी बातें कीं। सवाल: आपने कहा कि लीड रोल करने के बाद भी छोटे किरदार करने में संकोच नहीं करतीं? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैंने खुद कास्टिंग डायरेक्टर्स से कहा कि मुझे हर तरह के रोल के लिए ऑडिशन बुलाइए। मैं स्क्रीन टाइम नहीं देखती। अच्छा किरदार छोटा हो या बड़ा, फर्क नहीं पड़ता। सवाल: संघर्ष के दौरान सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: मुंबई में सबसे बड़ी चुनौती पैसों की होती है। मैं हर नए कलाकार से कहती हूं कि पहले अपनी कमाई का कोई जरिया तय करें। वॉइस ओवर करें, असिस्टेंट बनें, राइटिंग करें या कोई दूसरी नौकरी करें, लेकिन आर्थिक रूप से टिके रहना जरूरी है। सवाल: सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार कौन-सा रहा? जवाब: त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर में मां का किरदार। मां की जिम्मेदारी, उसकी बॉडी लैंग्वेज और भावनाएं समझना आसान नहीं था। इसके लिए मैंने अपनी मां को बहुत करीब से ऑब्जर्व किया। सवाल: इस समय किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं? जवाब: कुछ इंडिपेंडेंट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। इसके अलावा अपनी एफटीआईआई बैचमेट श्रेया भट्टाचार्य के साथ अपने निजी अनुभवों पर आधारित एक मिनी सीरीज लिख रही हूं। अभी उसके लिए प्रोड्यूसर की तलाश है। सवाल: निजी जिंदगी का क्या प्लान है? जवाब: मेरा फोकस अभी सिर्फ फिल्मों में काम करना है। शादी सही समय और सही इंसान मिलने पर हो जाएगी। फिलहाल मैं चाहती हूं कि मेरे पास इतना काम हो कि बाकी चीजों के बारे में सोचने का समय ही न मिले। सवाल: आपने मिमिक्री और वॉइस ओवर भी सीखा है? जवाब: हां। बेंगलुरु में इसकी ट्रेनिंग ली थी। आवाज निकालना आसान है, लेकिन उसे लंबे समय तक उसी टोन में बनाए रखना सबसे मुश्किल काम होता है। पहले बच्चों की ई-लर्निंग किताबों की रिकॉर्डिंग भी किया करती थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.