Monday, 24 Aug 2026 | 07:58 AM

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फिल्म का ऐलान:विवेक अग्निहोत्री करेंगे डायरेक्शन, के.जे.एस. ढिल्लों की किताब पर आधारित प्रोजेक्ट होगा

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फिल्म का ऐलान:विवेक अग्निहोत्री करेंगे डायरेक्शन, के.जे.एस. ढिल्लों की किताब पर आधारित प्रोजेक्ट होगा

भूषण कुमार और विवेक अग्निहोत्री ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फिल्म बनाने का ऐलान किया है। यह फिल्म पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना की कार्रवाई से प्रेरित होगी। फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों (रिटायर्ड) की किताब “ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान” पर आधारित होगी। इसका डायरेक्शन विवेक अग्निहोत्री करेंगे। इस प्रोजेक्ट को भूषण कुमार की टी-सीरीज और अग्निहोत्री की आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस मिलकर प्रोड्यूस करेंगे। मेकर्स के मुताबिक, फिल्म में भारत की ताकत, हिम्मत और सटीक कार्रवाई को दिखाया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में हुआ था ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की 6-7 मई 2025 की रात पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई थी। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य हमले के जिम्मेदार आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। फिल्म को लेकर भूषण कुमार ने कहा कि यह कहानी खुद सामने आई है और इसे जिम्मेदारी के साथ दिखाना जरूरी है। उन्होंने इसे देश की एक अहम घटना को दर्ज करने की कोशिश बताया। वहीं, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि फिल्म के लिए भारतीय सेना के अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर गहराई से रिसर्च किया गया, ताकि घटनाओं को सही तरीके से समझा जा सके। अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि उनकी कोशिश इस कहानी को सही और असली रूप में दर्शकों तक पहुंचाने की है। उन्होंने इसे गंभीर और सटीक तरीके से पेश करने की बात कही। फिल्म से जुड़ी अन्य जानकारी जल्द जारी की जाएगी।

तमिल चुनाव: विक्ट्री की पार्टी टीवीके सभी 234 क्वार्टरों में अकेले लड़ाकू इलेक्शन, कर दी बड़ी घोषणा

तमिल चुनाव: विक्ट्री की पार्टी टीवीके सभी 234 क्वार्टरों में अकेले लड़ाकू इलेक्शन, कर दी बड़ी घोषणा

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर थोक सरगर्मियां तेजी से बढ़ी हैं। राजनीतिक ने चुनावी प्रचार तेज कर दिये हैं। इस बीच अभिनेता से राजनेता बने विक्ट्री ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) सभी 234 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी, जो एक आक्रामक डेमोक्रेटिक शुरुआत का संकेत है। इस कदम से पार्टी की स्थिति ऐसे राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण नए प्रवेशकर्ता के रूप में स्थापित हो गई है, जिस पर लंबे समय से स्थापित द्रविड़ियन प्रमुख आश्रम का विधर्म बना हुआ है। चुनाव प्रचार अभियान के तहत पार्टी 27 मार्च को मामल्लापुरम में एक हाई-प्रोफाइल सार्वजनिक सभा में अपने समर्थकों को पेश करने वाली है। पार्टी के दिग्गजों ने बताया कि विजय स्वयं मंच पर गठबंधन को पेश किया जाएगा और पार्टी के विचारधारा और ओलेक रोडमैप की अंतिम प्रस्तुति होगी, जो टीवीके के संवाद में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पार्टी के आधिकारिक घोषणापत्र के अनुसार, विजय के चेन्नई के पेरम्बूर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से चुनाव की संभावना है। हालाँकि, अभी भी आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है। उनके प्रतियोगी उम्मीदवारों में काफी रुचि पैदा हुई है, विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले कॉलेजों और युवाओं के बीच, जो उनके समर्थन आधार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पार्टी 28 मार्च को अपने चुनावी प्रचार की पूरी तैयारी कर रही है। विजय चेन्नई के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र, जिनमें पेरम्बूर, कोलाथुर, विल्लीवाक्कम, अन्ना नगर शामिल हैं, में कई मिसालों को निशाना बनाने वाले हैं। खबरों के मुताबिक, हर साइट पर 3,000 लोगों तक की सभाओं की जानकारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने 12 अतिरिक्त इलेक्टोरल क्षेत्र में प्रोमोशन कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उम्मीदवारों को छूट दी है। बता दें कि ये प्रतिबंध 27 सितंबर 2025 को विजय के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान करूर में हुई बगदाद की पृष्ठभूमि में लगाए गए थे, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तमिल पुलिस ने अभिनेता-राजनेता से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़ प्रबंधन पर सख्त निर्देश लागू किए, ताकि ऐसी घटनाओं को याद किया जा सके। जैसे-जैसे वोटिंग का दिन करीब आ रहा है, विजय और उनकी पार्टी के प्रवेश से जुड़े हुए टेलीकॉम में एक नया आयाम शामिल होने की उम्मीद है, जबकि स्थापित गठबंधन पूरे राज्य में अपनी स्थिति मजबूत जारी रखना चाहता है। यह भी पढ़ें बंगाल चुनाव में क्या होने वाला है बड़ा उलटफेर, ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी में किसको क्वेश्चन का अनुमान, सर्वे के नतीजे वाले बंगाल में चुनाव ड्यूटी के दौरान इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए तो सात अर्धसैनिक बल के खिलाफ कार्रवाई, जानें पूरा मामला

‘ममता ने मुझसे मुलाकात तक नहीं की’: मुर्शिदाबाद लिंचिंग पीड़ित की विधवा का कहना है कि चुनाव में बीजेपी को वोट दूंगी | चुनाव समाचार

Smoke rises after an Israeli strike on a bridge in lebanon. (File Image: Reuters)

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 11:10 IST पारुल दास ने अपने क्षेत्र में एक बीएसएफ शिविर स्थापित करने के लिए कहा, यह देखते हुए कि चुनाव के बाद सेना हटने के बाद उनके मुस्लिम पड़ोसी उन्हें ‘जीवित’ नहीं रहने देंगे। पारुल दास को डर है कि अगर उनके इलाके से सेना हटा ली गई तो उनका भी वही हश्र होगा जो उनके पति और बेटे का हुआ। (न्यूज़18) पश्चिम बंगाल चुनाव आएँ, और पारुल दास स्पष्ट हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देंगी। पारुल के पति हरगोबिंद दास और बेटे चंदन दास को पिछले साल अप्रैल में खून की प्यासी भीड़ ने उनके घर से बाहर खींच लिया था और वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद मुर्शिदाबाद में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पीट-पीट कर मार डाला था। सीएनएन-न्यूज18 ने पारुल को उसके घर की प्रवेश सीढ़ियों पर देखा, जहां ईंटों के टुकड़े अभी भी बिखरे हुए थे – जो पिछले साल की घटनाओं की एक गंभीर याद दिलाते हैं। पारुल के लिए बहुत कुछ नहीं बदला है, सिवाय कुछ सीसीटीवी कैमरों और लोहे के दरवाज़ों के, जो सुरक्षा खतरों के बीच उसके घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए अपनी प्राथमिकता बताते हुए भावुक पारुल ने स्वीकार किया कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस बात को लेकर नाराज हैं कि वह हार के बावजूद उनके घर नहीं गईं। संपादित अंश: यह चुनाव आपके लिए क्या मायने रखता है? आप इस चुनाव से क्या चाहते हैं? मुझे यहां बीएसएफ कैंप चाहिए. नहीं तो हम जीवित नहीं रह पाएंगे. जिस तरह से वे (मुस्लिम पड़ोसी) व्यवहार कर रहे हैं… एक बार चुनाव खत्म हो गया और अर्धसैनिक बल चला गया… वे पहले से ही धमकी दे रहे हैं, ‘तुम्हारे पिता तुम्हें कब तक बचाएंगे?’ क्या आपको रात में डर लगता है? फिलहाल मुझे डर नहीं लग रहा है. हमारे लड़के इन मार्गों पर मार्च कर रहे हैं।’ मुझे क्यों डर लगना चाहिए? लेकिन जब (मेरे पति और बेटे के) शव मिले, तो पुलिस प्रशासन से कोई नहीं आया। उन्होंने अर्धसैनिक बलों को गुमराह किया और उन्हें कहीं और भेज दिया.’ यहां आपके स्थानीय विधायक… नहीं, उनमें से कोई भी यहाँ नहीं आया। पुलिस ने कहा कि हमारे हाथ बंधे हुए हैं. क्या आप ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई संदेश देना चाहते हैं? मैं बीजेपी को वोट दूंगा. सुवेंदु (अधिकारी) मेरे पास आकर खड़े हो गए। राज्य सरकार (अधिकारी) आये. लेकिन ममता (बनर्जी) नहीं आईं. एक महीने बाद वो आई लेकिन मेरे घर नहीं आई। बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) कार्यालय में आर्थिक सहायता प्रदान की गई। लेकिन वह हमारे घर नहीं आईं और न ही हमारे साथ खड़ी हुईं।’ यदि संघीय ढांचे के कारण बीएसएफ शिविर क्रियान्वित नहीं हो पाता है, तो अगली सबसे अच्छी चीज़ क्या है जो आपकी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करेगी? अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं जिंदा नहीं रहूंगा.’ वे (हत्यारे) मुझ पर चाकू से वार करेंगे और मेरे शरीर को वैसे ही छोड़ देंगे जैसे उन्होंने मेरे पति और मेरे बेटे के साथ किया था। हम क्या मांग सकते हैं? जगह : मुर्शिदाबाद, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 26 मार्च, 2026, 11:10 IST समाचार चुनाव ‘ममता ने मुझसे मुलाकात तक नहीं की’: मुर्शिदाबाद लिंचिंग पीड़ित की विधवा का कहना है कि चुनाव में बीजेपी को वोट दूंगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)मुर्शिदाबाद सांप्रदायिक हिंसा(टी)वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 विरोध(टी)पश्चिम बंगाल में भाजपा का समर्थन(टी)ममता बनर्जी की आलोचना(टी)बीएसएफ शिविर सुरक्षा मांग(टी)हिंदू मुस्लिम तनाव मुर्शिदाबाद(टी)राजनीतिक हिंसा पश्चिम बंगाल

फिल्म ‘धुरंधर’ के चलते क्या पाकिस्तान में भिखारियों पर एक्शन?:जासूसी के शक में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने का दावा, जानें सच्चाई

फिल्म ‘धुरंधर’ के चलते क्या पाकिस्तान में भिखारियों पर एक्शन?:जासूसी के शक में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने का दावा, जानें सच्चाई

पाकिस्तान में भिखारियों के खिलाफ चल रहा बड़ा पुलिस ऑपरेशन इन दिनों सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा का विषय बन गया। इसकी वजह सिर्फ बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां नहीं हैं, बल्कि इस कार्रवाई को भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार ‘हमजा’ का खुलासा होने के बाद पाकिस्तान में भिखारियों के खिलाफ स्पेशल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। वायरल दावों में कहा गया कि पुलिस भिखारियों के भेष में छिपे ‘रॉ’ के जासूसों की तलाश कर रही है। हालांकि, फैक्ट चेक में यह गलत पाया गया और कोई आधिकारिक संबंध नहीं मिला। सर्च ऑपरेशन 2025 से चल रहा है आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में भिखारियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन साल 2025 से जारी है। पुलिस और एजेंसियां सड़कों से एयरपोर्ट तक कार्रवाई कर रही हैं। करीब 66,000 लोग डिटेन हुए, हजारों पासपोर्ट सस्पेंड हुए और कई लोग खाड़ी देशों से डिपोर्ट किए गए। जांच में सामने आया कि भिखारियों के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहे थे। इनमें बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल कर पैसे कमाने वाले गैंग शामिल थे। कुछ मामलों में इनका संबंध चोरी और ड्रग्स से भी जुड़ा पाया गया। कार्रवाई के वीडियो सामने आए सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई के वीडियो वायरल हुए, जिनमें पुलिस टीमें भिखारियों और संदिग्धों को पकड़ती दिख रही हैं। इन्हीं वीडियो को भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़कर दावा किया गया कि फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार के चलते यह ऑपरेशन शुरू हुआ। हालांकि, यह कनेक्शन सिर्फ सोशल मीडिया पर बनाया गया नैरेटिव है। किसी भी आधिकारिक स्रोत ने फिल्म और इस ऑपरेशन के बीच संबंध की पुष्टि नहीं की है। सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहरों को भिखारी-मुक्त बनाना, मानव तस्करी पर रोक लगाना और देश की इंटरनेशनल इमेज सुधारना है। अब कार्रवाई का फोकस गैंग चलाने वालों पर है। इंटेलिजेंस सिस्टम और सेफ सिटी कैमरों की मदद से इन नेटवर्क्स को ट्रैक किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, समस्या की जड़ गरीबी और बेरोजगारी है, इसलिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पुनर्वास भी जरूरी है।

तमिलनाडु चुनाव से पहले हाई-टेक कंपनी ‘रथ’ की बंपर डिजायन, एलईडी-साउंड-डिजिटल स्क्रीन से इंटरमीडिएट पर विशेष तकनीक जंग

तमिलनाडु चुनाव से पहले हाई-टेक कंपनी 'रथ' की बंपर डिजायन, एलईडी-साउंड-डिजिटल स्क्रीन से इंटरमीडिएट पर विशेष तकनीक जंग

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जैसे- जैसे कि नज़दीक आ रहे हैं, टेलीकॉम का रंग अब सिर्फ रेलवे और पोस्टरों तक सीमित नहीं है। इस बार इलिनोइस के मैदान में सबसे ज्यादा कस्टम प्रचार प्रसार समूह है, जो तकनीक और रणनीति का नया संगम उभर कर सामने आया है। त्रिशूलचिरापल्ली सहित कई प्लास्टिक में इन हाई-टेक प्रमोशन सोसाइटी की मांग तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय व्यापारियों और मॉड असथेड के आंकड़ों के अनुसार, उम्मीदवार अब अपने प्रचार के लिए ऐसे साथियों को प्रतिबद्धता दे रहे हैं जो फिर से डिजिटल मंच का काम करते हैं। तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु: सेंथिल, जो वाहनों में संशोधन कर रहे हैं, कहते हैं, “मांग लगातार बढ़ रही है, और हमें आने वाले दिनों में ऑर्डर में और बढ़ोतरी की उम्मीद है क्योंकि उम्मीदवार चुनाव से पहले अपनी अभियान रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर रहे हैं। हमारे पास… https://t.co/U2Rh1a0Lq है pic.twitter.com/0YSra1raRb – एएनआई (@ANI) 26 मार्च 2026 एक ऑटोमोबाइल ऑटोमोबाइल इंजीनियर विशेषज्ञ ने बताया, “जैसे-जैसे उम्मीदवार अपनी-अपनी चुनावी रणनीति तय कर रहे हैं, वैसे-वैसे हमारे पास की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।” उनका कहना है कि इन कम्यूनिटी में LED लाइटिंग, डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम, एडवांस्ड साउंड प्लांट और विजुअल डिस्प्ले प्लांट जा रहे हैं ताकि जिले तक बड़े पैमाने पर प्रभावशाली तरीके से संदेश भेजा जा सके। प्रौद्योगिकी ने परिवर्तनकारी प्रचारक का चेहरा दिखाया राजनीतिक प्रचार में प्रौद्योगिकी का यह प्रचुर प्रयोग केवल दिखावे तक सीमित नहीं है। डिजिटल स्क्रीन और हाई-डेफिनिशन साउंड सिस्टम की मदद से अभ्यर्थी अब अपने संदेश को गांव-गांव और मोहल्लों तक अधिक स्पष्टता और प्रभाव के साथ पहुंचा रहे हैं। इन प्रचार में पार्टी के प्रतीक चिन्ह, नेताओं की बड़ी तस्वीरें और नारे प्रमुखता से लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल ब्रांड दृश्यता में वृद्धि हुई है, बल्कि जमीनी स्तर पर रचनात्मकता का उत्साह भी बढ़ा है। वैल्यूएशन वैल्यूएशन का मानना ​​है कि मोबाइल युग में यह भारतीय राजनीति की स्थिर रणनीति बन सकती है, क्योंकि इससे कम समय में बड़े पैमाने पर इंकलाब तक पहुंच संभव है। गठबंधन की लोकप्रियता और लोकप्रियता की लोकप्रियता हलचल के बीच राजनीतिक गठजोड़ का अनुपात भी तेजी से बदल रहा है। अन्नाद्रमुक ने 234 में से 169 विधानसभा सीटों पर चुनावी लड़ाई शुरू कर दी है, जबकि बाकी बचे हुए सहयोगी दलों ने भाजपा और पीएमके को छोड़ दिया है। पार्टी के घोषित पत्र में महिला मुखियाओं को मासिक आर्थिक सहायता और आर्थिक सहायता जैसे वादे शामिल हैं। इस चुनाव में डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन और एआईएडीएमके-नेतृत्व वाले एनडीए के बीच सीधा टकराव जारी है। वहीं एक्टर-से-राजनेता बनी विजय की पार्टी इस गैजेट को त्रिकोणीय बनाया जा सकता है. भक्ति से पहले प्रचार की अंतिम दौड़ तमिल में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हो रहा है, जबकि तमिल में 4 मई को होगा। ऐसे में इनमें से कुछ भी सार्वभौम प्रचार की दृष्टि से बेहद अहम हैं। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि टेक्नोलॉजी-संचालन प्रचार-प्रसार का विशाल चलन रणनीति का गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह सिर्फ चुनावी जीत की कोशिश नहीं है, बल्कि राजनीति के नाटकीय डिजिटल दौर की कहानी भी है, जहां अब निवेशकों के लिए मोशन पिक्चर और इकोनोमिक स्पीकर्स के जरिए डिजिटल दौर की पहुंच बनी हुई है।

आरजी कर सुपरस्टार की मां को कायम रखने पर रेजिडेंट ने दावा किया, कहा- ‘सम्मान करते हैं लेकिन…’

आरजी कर सुपरस्टार की मां को कायम रखने पर रेजिडेंट ने दावा किया, कहा- 'सम्मान करते हैं लेकिन...'

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने रविवार को 19 बजे की तीसरी लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में बीजेपी ने अर्ज़ी कर रेंट की मां को भी पानी हटी से मैदान में उतारा है। अब समकालीन लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेजी से हो गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेता यूनिवर्सल घोष ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। फिनटेक घोष ने वीडियो जारी कर कहा कि आरजी कर स्टांप की मां बिजनेस की संभावनाएं बन गई हैं। इसमें हम पूरी तरह से आदर करते हैं और सहानुभूति रखते हैं, लेकिन उन्होंने खुद का सम्मान खो दिया है। डॉक्यूमेंट्री के साथ बोले हम लोगों ने निंदा की. कोलकाता पुलिस ने 24 घंटे की अंदरुनी तस्वीर को गिरफ्तार कर लिया। मूर्ति के माता-पिता ने वैज्ञानिकता की जांच की मांग की थी। इस मामले पर दस्तावेज़ की जांच हुई। अर्थशास्त्री घोष ने कहा कि अर्थशास्त्री ने कोलकाता पुलिस की जांच को सही ठहराया। ट्रायल कोर्ट, उच्च न्यायालय, और सर्वोच्च न्यायालय ने जांच की निगरानी की और सही दोषी ठहराया। बाद में माता-पिता के बारे में पूछताछ से भी पता नहीं चला। उन्होंने कहा कि साबकात अंडरगार्मेंट्स मौजूद हैं। उद्योगपति के उद्यम मौजूद है. अब बीजेपी की उम्मीदवार बन गयीं. उन्होंने कहा कि सरदार के माता-पिता ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात करने की कोशिश की थी। उन्होंने आपको एक मिनट भी नहीं दिया और आपका अपमान किया। आप भाजपा की उम्मीदवारी जस्टिस की मांग कर रही हैं। एक लड़की की मौत को लेकर आप राजनीति में आ गए। उन्होंने कहा कि आपको इस प्रश्न का उत्तर यह देना होगा कि आप जिस पार्टी के खिलाफ थे, उसी पार्टी के उम्मीदवार बन गये। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल के 19 वें क्वार्टर के लिए ऑर्केस्ट्रा की घोषणा की। इस सूची में राज्य के विभिन्न चमत्कारों को शामिल किया गया है, जिसमें कुशबिहार दक्षिण, राजगंज, इस्लामपुर, हेमताबाद, अंग्रेजी बाजार, शांतिपुर, पानीहाटी, हावड़ा मध्य, उत्तरपाड़ा, सिंगूर, चंदननगर, चुंचुड़ा, हरिपाल, तमालुक, मेदिनीपुर, पूर्वस्थली दक्षिण, कटवा, सैंथिया और नलहाटी शामिल हैं। यह भी पढ़ें बंगाल चुनाव में क्या होने वाला है बड़ा उलटफेर, ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी में किसको क्वेश्चन का अनुमान, सर्वे के नतीजे वाले बंगाल में चुनाव ड्यूटी के दौरान इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए तो सात अर्धसैनिक बल के खिलाफ कार्रवाई, जानें पूरा मामला

तमिलनाडु चुनाव 2026: मतदाता सूची में नाम दर्ज का आज आखिरी दिन, EC ने की ये खास अपील

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तमिलनाडु चुनाव 2026: 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव की सूची के मतदान से पहले गुरुवार यानी आज गुरुवार को तमिल के पात्र नागरिकों को अपना नाम दर्ज करने का अंतिम अवसर है। चुनाव आयोग ने सभी झीलों से इस अंतिम अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। तमिल में एक ही चरण में मतदान हो रहा है, जिसमें लगभग 5.67 करोड़ प्रतिभागी शामिल हैं। चुनाव से पहले, अधिकारियों ने नागरिकों से लगातार अपील की है कि वे मतदान के दिन किसी भी तरह से लाभ के लिए नामांकन सूची में अपना नाम दर्ज करवा लें। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 मार्च निर्धारित की गई है। जिन लोगों के नाम कलाकारों की सूची में नहीं है, वे फॉर्म 6 संबंधित रजिस्ट्रार अधिकारी (ईआरओ) को सीधे जमा करके या आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि इस पुनरीक्षण अवधि के दौरान तीन लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिसमें जनता की ओर से निरंतर प्रतिक्रिया शामिल है। नामांकित अभियान अधिकांश नामांकित भागीदारी और एक समावेशी नामांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा, मगरमच्छ सूची में अपना नाम क्रीएट होम ही महत्वपूर्ण है, धीरे-धीरे खुद को वोट देना। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आगामी चुनाव में निर्धारित समय सीमा के लॉगइन में मतदान का अवसर मिलना संभव है, क्योंकि आगे कोई विस्तार विवरण की संभावना नहीं है। पंजीकरण को आसान बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं दी गई हैं, जिनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय स्तर पर परिवहन अधिकारियों की सहायता शामिल है। नागरिकों को लाभ का लाभ उठाने और प्रक्रिया को बिना देरी किए पूरा करने के लिए मंजूरी दे दी गई है। समय सीमा समाप्त होने में कुछ ही घंटे शेष हैं, ऐसे में चुनाव आयोग ने एक बार फिर से सभी पात्र कैथेड्रल, विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वालों और हाल ही में निवास स्थान तय करने वालों से शीघ्रता से कार्रवाई करने की अपील की है। राज्य की अपनी सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रथाओं में से एक में मतदान के अधिकार का प्रयोग करना, मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भी पढ़ें बंगाल चुनाव में क्या होने वाला है बड़ा उलटफेर, ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी में किसको क्वेश्चन का अनुमान, सर्वे के नतीजे वाले बंगाल में चुनाव ड्यूटी के दौरान इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए तो सात अर्धसैनिक बल के खिलाफ कार्रवाई, जानें पूरा मामला

नवरात्रि व्रत स्नैक: नवरात्रि के व्रत में भी प्रोटीन का ध्यान, आसान सी रेसिपी से लेकर देसी पनीर टिक्की, अभी नोट करें

नवरात्रि व्रत स्नैक: नवरात्रि के व्रत में भी प्रोटीन का ध्यान, आसान सी रेसिपी से लेकर देसी पनीर टिक्की, अभी नोट करें

26 मार्च 2026 को 10:33 IST पर अपडेट किया गया नवरात्रि व्रत नाश्ता: नवरात्रि के व्रत में आप भी आसानी से घर बैठे एक हाई-प्रोटीन बाॅसट बना सकते हैं जिसे आप शाम को भी चाय के साथ खा सकते हैं।

'मोनालिसा जिहादियों के जाल में फंसी':डायरेक्टर का दावा; महाकुंभ गर्ल के गलत तरीके से छूने के आरोप पर सफाई दी

'मोनालिसा जिहादियों के जाल में फंसी':डायरेक्टर का दावा; महाकुंभ गर्ल के गलत तरीके से छूने के आरोप पर सफाई दी

फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा प्रयागराज कुंभ मेले से चर्चा में आईं मोनालिसा भोंसले के आरोपों के बाद पहली बार सामने आए। वीडियो जारी कर उन्होंने बुधवार को कहा- आम को खास बनाने की मेरी गलत जिद ने मेरे ही हाथ जला दिए। हालांकि, मुझे उतना अफसोस नहीं है, क्योंकि मैंने एक सार्थक और ईमानदार प्रयास किया था। उन्होंने कहा- जिहादियों के जाल में फंसी मोनालिसा को ट्रेनिंग देकर आरोप लगवाए जा रहे, लेकिन उनका पूरा परिवार मां, बहन, पिता जय सिंह के साथ सभी सनातनी लोग मेरे साथ हैं। लव-जिहाद की लड़ाई रुकेगी नहीं। ये कोई पहली बार नहीं है, जब मेरे चरित्र पर सवाल उठाया गया। हर बार लोग बेनकाब हुए हैं। इस बार भी होंगे। मोनालिसा ने मंगलवार को डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। केरल के कोच्चि में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सनोज मिश्रा अच्छा इंसान नहीं है। उसने मुझे 10 बार गलत तरीके से छुआ। परिवार ने भी मेरा साथ नहीं दिया। कहा गया कि यह तुम्हारी पहली फिल्म है। क्या पहली फिल्म के लिए रेप करवाओगे? मोनालिसा ने केंद्र-केरल और मध्य प्रदेश सरकार से सुरक्षा मांगी थी मोनालिसा ने केंद्र सरकार के साथ केरल और मध्य प्रदेश सरकार से मदद मांगी थी। कहा था- उन्हें और उनके पति फरमान को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उनके पोस्टर जलाए जा रहे। डायरेक्टर उनके बारे में गलत बातें फैला रहा। वह ऐसे व्यक्ति के साथ काम नहीं करना चाहतीं। मोनालिसा बोलीं- पति से अलग किया तो दोनों सुसाइड कर लेंगे मोनालिसा ने कहा- पति के खिलाफ शादी को लेकर गलत आरोप न लगाए जाएं। दोनों ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। डायरेक्टर उनकी शादी को लव जिहाद बता रहा है। समाज में तनाव फैलाने की कोशिश कर रहा है। अगर उन्हें उनके पति से अलग करने की कोशिश की गई तो दोनों आत्महत्या कर लेंगे। फरमान बोले- डायरेक्टर आतंकवादी बता रहा फरमान ने भी आरोप लगाया कि डायरेक्टर उन्हें आतंकवादी बता रहा है। मुस्लिम परिवार में जन्म लेने और उनका नाम फरमान खान होने के कारण उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। वह श्री नारायण गुरु में विश्वास रखते हैं। उन्होंने उसी के एक मंदिर में शादी की है। सनोज बोले- जिहादियों के साथ केरल की ईसाई मिशनरी जॉइंट ऑपरेशन कर रही मोनालिसा के आरोपों के 24 घंटे बाद सनोज मिश्रा ने बुधवार को वीडियो जारी कर सफाई दी। कहा- पिछले कई दिनों से मोनालिसा का जो लव जिहाद का मैटर हुआ। उसके बाद मैंने पीड़ित परिवार के साथ लव जिहाद के खिलाफ अभियान शुरू किया। देशभर में इसकी काफी तारीफ हुई, लेकिन अब मामला बदलता जा रहा है। मेरे खिलाफ जिहादियों के साथ-साथ केरल की ईसाई मिशनरी भी जॉइंट ऑपरेशन कर रही हैं। उस बच्ची को समझा-बुझाकर सोशल मीडिया पर अनर्गल बातें कराई जा रही हैं। ‘जिहादियों के आगे सिर नहीं झुकाऊंगा’ उन्होंने कहा- आज मैं उस बाप के दर्द को महसूस कर रहा हूं, जिनके लिए मोनालिसा ने कहा कि उस आदमी से उसे जान का खतरा है। मेरी फिल्म के ट्रेलर के लॉन्च होने के बाद से ही ये सब किया जा रहा है, लेकिन मैं जिहादियों के आगे सिर नहीं झुकाऊंगा। आने वाले समय में मेरे साथ, मेरे परिवार के साथ कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, इसलिए आपके सामने वीडियो के जरिए आया हूं। ‘मेरे साथ कोई अनहोनी हो सकती है’ उन्होंने कहा कि आप सभी का साथ चाहिए होगा। मेरी मां बहुत बीमार है। आपका साथ मेरी ताकत बनेगा। पूरा प्रकरण सनातन को बदनाम करने और हिंदू-मुस्लिम शादी को सक्सेसफुल बताने के लिए गढ़ा गया है, लेकिन जनता जानती है कि ये सब गलत है। मोनालिसा के पिता बोले- कभी शिकायत नहीं की इधर, दैनिक भास्कर से बातचीत में मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले ने भी आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान वे और उनका परिवार 24 घंटे मोनालिसा के साथ थे। सनोज मिश्रा उसे अपनी बेटी की तरह मानते हैं। सनोज हमारी मदद कर रहे हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बेटी से अपील की कि किसी के दबाव में आकर झूठे आरोप न लगाए। ———————– ये खबर भी पढ़िए- यूपी में 5 दिन बिगड़ा रहेगा मौसम, बारिश-ओले का अलर्ट:50 की रफ्तार से हवाएं चलेंगी; जानिए आज कहां बरसात होगी यूपी में अगले 5 दिन मौसम बिगड़ा रहेगा। आज पश्चिमी यूपी में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग (IMD) का कहना है- गुरुवार को बरेली, आगरा, मथुरा समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। दिन में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। 50 की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पूरी खबर पढ़िए

LPG Gas Crisis Charges; Hotel Restaurant Bill Vs Government

LPG Gas Crisis Charges; Hotel Restaurant Bill Vs Government

नई दिल्ली6 घंटे पहले कॉपी लिंक होटल-रेस्टोरेंट ग्राहकों से ‘LPG चार्ज’ नहीं ले सकेंगे। केंद्र सरकार ने कहा कि रेस्टोरेंट अपने बिल में खाने की कीमत के अलावा केवल सरकारी टैक्स जोड़ सकेंगे। LPG संकट के बीच सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने कहा कि होटल-रेस्टोरेंट को अपनी सभी इनपुट कॉस्ट को मेन्यू में दी गई कीमतों में ही शामिल करना होगा। अगर कोई रेस्टोरेंट गैस की बढ़ती कीमतों या किसी अन्य ऑपरेशनल खर्च का हवाला देकर बिल में अलग से चार्ज जोड़ता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला था बेंगलुरु के एक कैफे ने नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ लगाया था। ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए, जिनकी कुल कीमत 358 रुपए थी। कैफे ने ₹17.90 (5%) डिस्काउंट दिया, फिर GST के साथ 5% यानी ₹17.01 ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ जोड़ा। इससे कुल बिल ₹374 हो गया। सर्विस चार्ज पर लगी रोक को घुमाने की कोशिश CCPA जांच में पाया गया कि कई होटल-रेस्टोरेंट ‘सर्विस चार्ज’ रोक को बाईपास करने के लिए नए नाम से चार्ज ले रहे हैं। इसे उपभोक्ता अधिकारों का हनन बताते हुए अथॉरिटी ने सख्त निगरानी और कार्रवाई की बात कही। बिल में ऐसे चार्ज दिखें तो क्या करें? CCPA ने कहा है कि अगर बिल में LPG चार्ज, फ्यूल चार्ज या कोई अन्य एक्स्ट्रा फीस जुड़ी हुई दिखे, तो सबसे पहले होटल या रेस्टोरेंट मैनेजमेंट से उसे हटाने को कहें। अगर वे इसे हटाने से मना करते हैं, तो ग्राहक 4 तरीकों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर: नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर कॉल कर शिकायत करें। मोबाइल ऐप: NCH एप से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। ई-जाग्रति पोर्टल: ऑनलाइन शिकायत के लिए e-Jagriti पोर्टल का इस्तेमाल करें। कलेक्टर को शिकायत: जिला कलेक्टर या CCPA को भी शिकायत कर सकते हैं। ———————————————————— तेल संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अप्रैल में रूस से 6 करोड़ बैरल कच्चा-तेल खरीदेगा भारत:यह डिस्काउंट की जगह प्रीमियम पर मिलेगा मिडिल ईस्ट में जारी इजराइल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए भारतीय रिफाइनर्स ने रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, अप्रैल महीने की डिलीवरी के लिए भारत ने रूस से लगभग 60 मिलियन यानी 6 करोड़ बैरल कच्चे तेल का सौदा किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…