Virat Kohli; RCB Vs SRH IPL 2026 LIVE Score Update: Abhishek Sharma Ishan Kishan

01:37 PM28 मार्च 2026 कॉपी लिंक बेंगलुरु ने बॉलिंग चुनी, टीमों की प्लेइंग-11 देखिए रजत पाटीदार ने अपनी कप्तानी के पहले ही सीजन में RCB को IPL चैंपियन बना दिया। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग चुनी। सनराइजर्स हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर और कप्तान), हेनरिक क्लासन, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, सलिल अरोड़ा, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा। इम्पैक्ट: शिवांग कुमार, लियम लिविंगस्टन, डेविड पैन, स्मरण रविचंद्रन, साकिब हुसैन। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिलिप साल्ट, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी, सुयश शर्मा। इम्पैक्ट: देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल, रसिख सलाम डार, कनिष्क चौहान, वेंकटेश अय्यर
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Hindi News National IMD Weather Update Today Up MP Rain Alert Himachal Uttarakhand Jammu Kashmir Snowfall भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून2 दिन पहले कॉपी लिंक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बदल रहा है। राजस्थान में शनिवार से एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। इसका असर प्रदेश के सभी जिलों में रहेगा। बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। वहीं मध्य प्रदेश में 29 मार्च से लगातार 3 दिन बारिश की संभावना है। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश के करीब 40 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। हालांकि, शनिवार को प्रदेश में तेज गर्मी रहेगी। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को लखनऊ, कानपुर समेत 10 जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई। अगले 5 दिनों तक मौसम ऐसे ही रहेगा। कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। बिहार में आधी रात को पटना समेत 5 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। आज 38 जिलों में अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिन तक बर्फबारी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लेह हाईवे पर एवलांच से बड़ा हादसा हुआ, जिसमें कई गाड़ियां बर्फ में दब गईं और 7 लोगों की जान चली गई। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में आंधी-बारिश से दीयों में पानी भर गया। अगले दो दिन मौसम का हाल 29 मार्च- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज बारिश की आशंका है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में हल्की बारिश की संभावना। 30 मार्च- पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश की संभावना है। अन्य राज्यों में मौसम का हाल… राजस्थान: आज से तेज बारिश, ओले गिरेंगे; तीन दिन पूरे राज्य में रहेगा असर राजस्थान में पिछले 24 घंटे में सभी शहरों का मौसम साफ रहा। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर में दिनभर तेज धूप रही। शनिवार से एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। इस सिस्टम का असर प्रदेश के सभी जिलों में रहेगा। अगले कुछ दिन बादल छाए रहेंगे। पूरी खबर पढ़ें… मध्य प्रदेश: 29 मार्च से लगातार 3 दिन बारिश, भोपाल-उज्जैन समेत 40 जिलों में अलर्ट मध्य प्रदेश में 29 मार्च से आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसका असर लगातार 3 दिन तक रहेगा। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश के करीब 40 जिलों में बारिश का अलर्ट है। हालांकि, शनिवार को प्रदेश में तेज गर्मी रहेगी। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: 40 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन तक ऐसा ही रहेगा मौसम यूपी में शुक्रवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, सीतापुर समेत 10 जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई। आगरा और मेरठ समेत 10 जिलों में बादल छाए रहे। साथ ही 30 किमी की रफ्तार से हवाएं चलीं। आज 40 जिलों में बारिश का अलर्ट है। अगले 4 दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: पटना समेत 5 जिलों में आधी रात आंधी-बारिश, आज 38 जिलों में अलर्ट बिहार में शुक्रवार से मौसम बदला हुआ है। आधी रात पटना समेत 5 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। शनिवार सुबह भी कुछ इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने आज 38 जिलों में आंधी-बारिश और बिजली का अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: चंडीगढ़ में तीन दिन बारिश का अलर्ट; तापमान गिरेगा, 10 जिलों में आंधी चलेगी पंजाब और चंडीगढ़ में आज से मौसम पूरी तरह बदलने वाला है। तीन दिन तक तूफान, बिजली के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पिछले 24 घंटे में तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। 29 और 30 मार्च को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हरियाणवी रैपर बोले-क्लास में मजाक उड़ा था, आज सबसे कामयाब:चंडीगढ़ शो में ढांडा न्योलीवाला ने सुनाया किस्सा, लेक्चरर ने लुक पर किया था कमेंट

हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला कोई कंट्रोवर्सियल नहीं, बल्कि मोटिवेशन और इमोशन से भरे उसे किस्से का है, जिसे रैपर ने चंडीगढ़ में पिछले सप्ताह हुए एक लाइव शो के दौरान सुनाया। इस किस्से को सुनने के बाद ऑडियन्स भावुक हो गईं। रैपर की स्टोरी का एक वीडियो अब सामने आया है, जिसमें सभी रैपर ढांडा की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। ढांडा ने बताया कि हिसार के गवर्नमेंट कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उनकी कमजोर अंग्रेजी और अलग लुक के चलते क्लास में उनका मजाक उड़ाया गया था। मजाक उड़ाने वाला कोई और नहीं था, बल्कि लेक्चर लेने आए टीचर खुद थे। टीचर ने उनका लुक देखकर कहा था- ‘फौज में लग जा, यहां क्या कर रहा है’। ढांडा ने कहा- जो लोग उस दिन मुझ पर हंसे थे, मैं आज उनसे ज्यादा कामयाब हूं। इसके पीछे कारण है कि उन्होंने कभी भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। चंडीगढ़ लाइव शो में सिंगर-रैपर ढांडा न्योलीवाला ने कही तीन बातें… ढांडा के अप्रैल में इंडिया में कई शो होंगे दरअसल, ढांडा न्योलीवाला इंडिया में अपने शो कर रहे हैं। उनका पहला शो जयपुर में 28 फरवरी को हुआ। पहले शो में ही उस समय धमाल मचा था जब एक्टर रणबीर हुड्डा स्टेज पर आए थे। बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने सिंगर ढांडा न्योलीवाला के लाइव कॉन्सर्ट में जमकर ठुमके लगाए थे। एक्टर रणदीप हुड्डा ने सॉन्ग नाइफ ब्राउट पर डांस करते हुए स्टेज पर सरप्राइज एंट्री ली थी। दोनों ने मिलकर डांस किया। गीत संगीत का खुमार चढ़ा तो रणदीप ने अपनी जैकेट उतार दी और सिंगर न्योनीवाला के साथ स्टेज पर ही सपाटे लगाए। यह देख दर्शक खूब उत्साहित नजर आए थे। इसके बाद ढांडा ने 13 मार्च को दिल्ली-एनसीआर में शो किया। 21 मार्च को चंडीगढ़ में शो किया। आज 28 मार्च को उनका शो देहरादून में है और मुंबई में 4 अप्रैल को उनका इंडिया टूर का अंतिम शो है। ढांडा न्योलीवाला की ये एल्बम भी हो चुकी बैन रैपर ढांडा न्योलीवाला के गाने ‘इल्लीगल’ (Illegal) और ‘रशियन बंदना’ हरियाणा सरकार की ओर सो बैन किए गए हैं। इनमें गन कल्चर और बदमाशी को बढ़ावा देने का आरोप लगा था। यह कार्रवाई मासूम शर्मा और अमित सैनी रोहतकिया जैसे अन्य सिंगर्स के गाने बैन होने के बाद की गई थी। उनका ‘इल्लीगल’ गाना 19 अक्टूबर 2024 को अपलोड किया गया था, जिस पर 22 लाख 72 हजार (2.2M) से ज्यादा व्यूज आ चुके थे। नाइफ ब्रोज गाने पर एक साल के अंदर 12 करोड़ से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। ढांडा की हरियाणवी रैपर कुलवीर दनौदा उर्फ केडी के साथ कॉन्ट्रोवर्सी भी हो चुकी है। वहीं, ढांडा न्योलीवाला ने मैं गिरा होया बंदा जमा नीच बल्लिये, ‘जट रूबीकॉन, रिगरेट, अप-टू-यू जैसे हिट गाने दिए हैं, जिनके व्यूज मिलियंस में हैं। वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। पत्नी डिस्कस थ्रो में नेशनल चैंपियन रहीं ढांडा की पत्नी आशा सहारण ढांडा डिस्कस थ्रो में नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं। वो पति के साथ ऑस्ट्रेलिया में ही रहती हैं। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं। उनकी भी काफी फैन फॉलोइंग है। वह अकसर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सिंगर के साथ तस्वीरें शेयर करती हैं। एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ पर हुई थी कन्ट्रोवर्सी करीब तीन माह पहले हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला की नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ पर कन्ट्रोवर्सी हो गई थी। ढांडा की इस इस एल्बम में रैपर ने भगवाधारी बाबाओं को मारने-पीटने के सीन थे। साथ ही बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगाकर ‘साले’ शब्द का यूज किया गया था। इस पर विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर हरियाणवी रैपर के पक्ष और विरोध में लोग खड़े हो गए थे। साध्वी देवा ठाकुर ने तो वीडियो जारी कर कह दिया था- तू साधु-संतों को पीट नहीं सकता। मगर, अब तेरे पिटने का टाइम आ गया है। 2 महीने लग जाओ, 6 महीने लग जाओ, पिटेगा जरूर। अगर मेरी जैसी के हाथ लग गया, तो पक्का पिटेगा। वहीं, रैपर के सपोर्ट में भी कुछ लोग खड़े हुए। इसके बाद न्योलीवाला ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर सफाई दी थी। कहा था कि दुख होता है जब उनके अपने लोग इन मुद्दों पर आपस में लड़ते हैं। फिर भी अपने लोगों का दिल रखने और मामला बंद करने के लिए जिस लाइन पर आपत्ति थी, उसे अब बदला जा रहा है। उनके विचार वही रहेंगे, लेकिन अब बेहतर तरीके से पेश किए जाएंगे। ————————– ये खबर भी पढ़ें…. सॉन्ग कंट्रोवर्सी पर सामने आया हरियाणवी रैपर,VIDEO:बोला-लाइन बदलूंगा, पाखंडियों पर विचार कायम; बाबा बागेश्वर को कहा था-‘बना-बना पर्ची ये लावै साले अर्जी’ हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला की नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ पर कन्ट्रोवर्सी बढ़ गई है। हिसार के आदमपुर के न्योलीवाला गांव के रहने वाले रैपर प्रवीण ढांडा की यह एल्बम हाल में रिलीज हुई है। रिलीज होते ही एल्बम विवादों में घिरती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर हरियाणवी रैपर के पक्ष और विरोध में लोग खड़े हो रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
8 साल की बच्ची का हत्यारोपी किराएदार एनकाउंटर में ढेर:आगरा में मकान मालिक से बदला लेने के लिए वारदात की, लाश कनस्तर में ठूंसी थी

आगरा में कारोबारी मकान मालिक की 8 साल की बच्ची की हत्या का आरोपी किराएदार शनिवार तड़के 3 बजे एनकाउंटर में ढेर हो गया। DCP सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि शुक्रवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि हत्यारोपी फिरोजाबाद भागने की फिराक में है। उन्होंने बताया- पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी फायरिंग करने लगा। इसमें एक दरोगा को गोली लग गई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी को भी गोली लग गई। उसे एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ बमरौली कटारा के पास हुई। 29 साल के सुनील ने 24 मार्च को जूता कारोबारी की बच्ची का गला काटकर हत्या कर दी थी। शव को कनस्तर में भर दिया था। करीब 30 घंटे बाद पुलिस ने शव बरामद किया था। तब से वह फरार था। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि 11 दिन पहले बकाया किराए को लेकर बच्ची के चाचा ने उसे थप्पड़ मार दिया था और कमरे पर ताला लगा दिया था। यह बात उसे नागवार गुजरी। उसने बाद में किराया तो दे दिया, लेकिन देख लेने की धमकी भी दी थी। इसके बाद बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। एनकाउंटर स्पॉट की 3 तस्वीरें देखिए- मां पुलिस से बोली- आरोपी का चेहरा दिखाइए तब यकीन होगा हत्यारोपी सुनील के एनकाउंटर के बाद मृतक बच्ची की मां ने पुलिस से कहा- हमें आरोपी की डेडबॉडी दिखाइए तब यकीन होगा कि उसका एनकाउंटर हुआ है। इसके बाद परिवार के लोगों ने हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझाया और फोटो दिखाई तब जाकर सभी शांत हुए। दादी ने कहा- हमें इंसाफ मिला हत्यारोपी सुनील की फोटो देखकर मृतका की दादी ने पुलिस का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी के एनकाउंटर से बहुत खुश हैं। अब जाकर उनको सुकून मिला है। उनकी बेटी को न्याय मिला। पुलिस ने उनका बहुत साथ दिया। सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला पढ़िए- घर के बाहर से लापता हुई थी बच्ची सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी के रहने वाले कारोबारी का जूते का कारखाना है। कारोबारी के इलाके में 2 मकान हैं। एक घर में वो, पत्नी और 2 बेटियों के साथ रहते हैं। ठीक सामने वाले मकान के ग्राउंड फ्लोर पर फैक्ट्री और गोदाम है। घर के ऊपर एक कमरा किराए पर दे रखा है। इसमें आरोपी पेंटर सुनील रहता था। उन्होंने बताया था कि सुनील पूरे परिवार के साथ ही मोहल्ले में रहता था। कोविड काल के दौरान उसने 25 लाख रुपए में अपना मकान बेच दिया था। इसके बाद किराए पर रह रहे थे। करीब एक साल पहले सुनील के माता-पिता हमारे यहां किराए पर रहने आए थे। तब सुनील उनके साथ नहीं था। मगर, पिछले कुछ समय से सुनील भी यहां आकर रहने लगा था। किराया 2200 रुपए देते थे। कारोबारी ने बताया था- मंगलवार दोपहर 2 बजे मोहल्ले के कुछ बच्चे आए। बड़ी बेटी उनके साथ खेलने चली गई। काफी देर तक वह दिखाई नहीं दी तो मुझे लगा ट्यूशन पढ़ने चली गई होगी। शाम के 4:30 बजे तक लौटी नहीं तो उसकी मां को चिंता हुई। फिर हम लोगों ने तलाश शुरू की। ट्यूशन टीचर को फोन कर पूछा। उन्होंने बताया कि बेटी आज आई ही नहीं थी। पुलिस ने 4 टीमें बनाई थीं, मोहल्ले के CCTV खंगाले थे पिता ने बताया था- मैंने पुलिस को सूचना दी। मोहल्ले के लोगों के साथ हम बेटी को आसपास खोजते रहे। पुलिस ने गलियों में लगे CCTV खंगाले। इसमें दोपहर 2:00 बजे बेटी गली के बाहर एक दुकान पर चिप्स का पैकेट लेती नजर आई। फिर वह वहां से वापस जाती दिखी। पुलिस ने देर शाम मेरी तहरीर पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर ली। ACP पीयूष कांत राय के नेतृत्व में 4 टीमें बनाईं। पुलिस की एक टीम घर के आसपास के कैमरे देख रही थी। दूसरी टीम घरवालों से बातचीत और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही थी। गुमशुदगी दर्ज कराने थाने तक गया किराएदार, फिर लापता हो गया था पिता ने बताया था कि तीसरी टीम घरों की तलाशी में लग गई। पुलिस ने मोहल्ले के हर घर की तलाशी ली, मगर बच्ची का कोई सुराग नहीं लगा। इसी बीच, मैंने पुलिस को बताया कि किराएदार सुनील बच्ची के लापता होने के बाद से हमारे साथ था। वह भी बच्ची को तलाश रहा था। वह मेरे साथ गुमशुदगी दर्ज कराने थाने भी गया था। उन्होंने बताया था कि जब पुलिस मोहल्ले के घरों की जांच करने लगी तो सुनील दिखाई नहीं दिया। वह अपने कमरे पर ताला लगाकर चला गया। मेरे शक जाहिर करने पर पुलिस ने बुधवार रात 8 बजे किराएदार के कमरे का ताला तोड़ा। इसके बाद कमरे की तलाशी ली गई, तो कनस्तर में बेटी की लाश मिली। ऊपर आटे की बोरी रखी थी। उसके ऊपर एक लाल रंग की रजाई रखी थी। 30 मिनट तक भीड़ का हंगामा, सड़क पर पत्थर फेंके डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया था- छानबीन के दौरान बच्ची का शव कमरे में रखे छोटे आटे के कनस्तर में मिला। जब पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने लगी तो घरवालों और मोहल्ले के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया था। हालांकि, पुलिस कनस्तर समेत शव को ले गई। इसके बाद लोग सड़क पर उतर आए और फतेहाबाद रोड के मुगल पुलिया पर जाम लगा दिया। करीब 30 मिनट तक हंगामा चला। DCP ने परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया था। 8 साल में 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक यूपी पुलिस ने 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 15,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 31,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 10,000 से अधिक को गोली मारी गई। ————————- ये खबर भी पढ़िए- LPG की जगह एथेनॉल से पकेगा खाना: यूपी में प्रोडक्शन सबसे ज्यादा; जानिए ये नॉर्मल स्टोव से कितना अलग अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की वजह से देश में LPG को लेकर माहौल खराब है। यूपी के 75 जिलों में 15 दिन से रसोई गैस के लिए लंबी लाइनें लग रही
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में स्कूल बस, ट्रक और SUV की टक्कर; 2 बच्चों की मौत, 7 घायल

अमेरिका के टेनेसी में शुक्रवार को स्कूल बस हादसे में 2 छात्रों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हो गए। बस में 25 छात्र और 5 स्टाफ सवार थे। यह बस क्लार्क्सविल के केनवुड मिडिल स्कूल से जैक्सन शहर की फील्ड ट्रिप पर जा रही थी। हादसे में टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन का डंप ट्रक, एक SUV और स्कूल बस शामिल थे। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों को एयर एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। इनमें से 4 लोगों को नैशविल के मोनरो कैरेल जूनियर चिल्ड्रन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर है। टेनेसी हाईवे पेट्रोल के मुताबिक, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
IPL 2026 Winning Contender Teams Analysis; KKR MI

स्पोर्ट्स डेस्क1 दिन पहले कॉपी लिंक IPL का 19वां सीजन आज से शुरू हो रहा है। हैदराबाद और बेंगलुरु के बीच ओपनिंग मैच होगा। RCB डिफेंडिंग चैंपियन है, वहीं SRH ने 10 साल पहले बेंगलुरु को फाइनल हराकर ही टाइटल जीता था। 2008 में शुरू हुए टूर्नामेंट को 7 टीमें जीत चुकी हैं, वहीं पंजाब, दिल्ली और लखनऊ को पहले टाइटल का इंतजार है। इस बार इंजर्ड पेसर्स ने 2024 की चैंपियन कोलकाता की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं 5 बार की विजेता मुंबई इंडियंस खिताब की दावेदार नजर आ रही है। IPL टीम एनालिसिस स्टोरी के पार्ट-2 में मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइटराइडर्स, गुजरात टाइटंस, दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स की डिटेल्स… 1. मुंबई इंडियंस 4 वर्ल्ड कप विनिंग प्लेयर शामिल स्पिनर्स में अनुभव की कमी कप्तान हार्दिक पंड्या ने मुंबई से पहले गुजरात की कप्तानी की। इतना ही नहीं, 2022 के पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन भी बनाया। अगले सीजन टीम रनर-अप भी रही। 2024 में हार्दिक फिर मुंबई में शामिल हुए और कप्तान भी बना दिए गए। तब टीम 10वें नंबर पर रही, लेकिन पिछले सीजन 8 मैच जीतकर प्लेऑफ में जगह बना ली। मुंबई ने एलिमिनेटर जरूर जीता, लेकिन क्वालिफायर-2 में पंजाब से हार मिली। हार्दिक ने तब 224 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी लिए। वे 60 IPL मैचों में कप्तानी कर चुके हैं, 35 में टीम को जीत और 25 में हार मिली। टीम कॉम्बिनेशन सभी प्लेयर्स फिट हैं, लेकिन दीपक चाहर और जसप्रीत बुमराह का वर्कलोड मैनेज करना पड़ सकता है। चाहर पिछले सीजन इंजरी के कारण ही सभी मैच नहीं खेल सके थे। उनके बैकअप के लिए टीम में शार्दूल ठाकुर मौजूद हैं। पॉसिबल स्टार्टिंग-12: रोहित शर्मा, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, नमन धीर, हार्दिक पंड्या (कप्तान), शेरफन रदरफोर्ड, दीपक चाहर, अल्लाह गजनफर/मिचेल सैंटनर, मयंक मारकंडे, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट। प्लेयर परफॉर्मेंस जनवरी 2023 के बाद टॉप ऑर्डर ने 149.85 के स्ट्राइक रेट और 31.78 के औसत से रन बनाए। मिडिल ऑर्डर ने 149.08 के स्ट्राइक रेट और 31.98 के औसत से स्कोरिंग की। स्पिनर्स ने 7.88 की इकोनॉमी से 154 विकेट लिए। वहीं पेसर्स के नाम 7.73 की इकोनॉमी से 264 विकेट हैं। पॉसिबल गेम प्लान हर डिपार्टमेंट में स्ट्रॉन्ग मुंबई के पास बैटिंग और बॉलिंग दोनों के दम पर मैच जीतने की ताकत है। टीम अपने होमग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में 225 प्लस रन बनाकर जीतने पर फोकस करेगी। मुंबई के नाम IPL में सबसे ज्यादा 200 प्लस रन चेज करने का रिकॉर्ड भी है। एक्सपर्ट ओपिनियन पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा कि रोहित को इम्पैक्ट प्लेयर की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनके फील्ड पर होने से कप्तान को फैसले लेने में आसानी ही होगी। वहीं रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि सूर्यकुमार यादव को कप्तानी करनी चाहिए। उनका वर्ल्ड कप एक्सपीरियंस मुंबई के काम आएगा। फाइनल वर्डिक्ट: चैंपियन बन सकते हैं। 2. कोलकाता नाइट राइडर्स 3 तेज गेंदबाज इंजर्ड, 1 बाहर टूर्नामेंट के बेस्ट स्पिनर्स शामिल कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 2017 में पहली बार IPL टीम की कप्तानी की थी। तब से वे 38 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं। 14 में टीम को जीत और 23 में हार मिली। पिछले साल KKR की कप्तानी संभाली, लेकिन टीम 7 मैच हारकर 8वें नंबर पर रही। रहाणे ने जरूर 147.73 के स्ट्राइक रेट से 390 रन बनाए, लेकिन टीम प्लेइंग कॉम्बिनेशन में कन्फ्यूज नजर आई। टीम कॉम्बिनेशन हर्षित राणा और आकाशदीप इंजरी के कारण बाहर हो गए, वहीं बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान राजनीतिक विवाद के कारण IPL नहीं खेल पाएंगे। श्रीलंका के मथीश पथिराना भी पूरी तरह फिट नहीं हैं। 4 अहम पेसर्स की गैरमौजूदगी में टीम की बॉलिंग कमजोर हो गई। KKR में ब्लेसिंग मुजरबानी, नवदीप सैनी और सौरभ दुबे की एंट्री हुई, लेकिन तीनों का IPL अनुभव बहुत कम है। पॉसिबल स्टार्टिंग-12: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, सनील नरेन, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती, उमरान मलिक, ब्लेसिंग मुजरबानी। प्लेयर परफॉर्मेंस टॉप ऑर्डर ने 163.99 के स्ट्राइक रेट और 36.26 के औसत से रन बनाए। मिडिल ऑर्डर ने 150.88 के स्ट्राइक रेट और 29.08 के औसत से स्कोरिंग की। स्पिनर्स ने 7.29 की इकोनॉमी से 285 विकेट लिए। पेसर्स के नाम 8.63 की इकोनॉमी से 170 विकेट रहे। पॉसिबल गेम प्लान KKR में 1 से 8 नंबर पर तक विस्फोटक बैटर्स हैं। गेंदबाजों की कमी के बाद टीम अब बैटिंग के दम पर ही मैच जीतने पर ध्यान देगी। स्क्वॉड में न्यूजीलैंड के फिन एलन और टिम साइफर्ट जैसे विस्फोटक ओपनर्स हैं, जो टीम को पावरप्ले में ही 80-90 के पार पहुंचा सकते हैं। एक्सपर्ट ओपिनियन पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा, कप्तान रहाणे पिछले सीजन प्रेशर में नजर आए। रिंकू सिंह को कप्तानी देने का सही समय आ चुका है। आंद्रे रसेल ने संन्यास ले लिया, टीम ने उनकी जगह कैमरन ग्रीन को जरूर खरीदा, लेकिन वे रसेल के मुकाबले बेहद कमजोर टी-20 प्लेयर हैं। फाइनल वर्डिक्ट: बॉटम-4 में फिनिश के चांस है। 3. गुजरात टाइटंस टॉप ऑर्डर का स्ट्राइक रेट 145+ स्पिनर्स के नाम 250+ विकेट कप्तान 2022 में डेब्यू के बाद गुजरात टाइटंस ने 4 में से 3 सीजन के प्लेऑफ खेले। हार्दिक के बाद शुभमन गिल ने कमान संभाली। 2024 में फ्लॉप रहने के बाद पिछले साल उन्होंने टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाया। हालांकि, टीम मुंबई से एलिमिनेटर हार गई। शुभमन ने जरूर 155.88 के स्ट्राइक रेट से 650 रन बनाए। वे पिछले 6 सीजन से लगातार 400 प्लस रन बना रहे हैं। टीम कॉम्बिनेशन पिछले सीजन इंजर्ड रहे ग्लेन फिलिप्स पूरी तरह फिट हैं, वे अपनी ऑफ स्पिन और विस्फोटक बैटिंग से टीम का बैलेंस बढ़ा रहे हैं। जिन्होंने 2025 से 150 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। पृथ्वीराज यारा इंजर्ड हो गए, उनकी जगह लेफ्ट आर्म पेसर कुलवंत खेजरोलिया को शामिल किया। इनके अलावा सभी प्लेयर्स पूरी तरह फिट हैं। पॉसिबल स्टार्टिंग-12: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, साई किशोर, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। प्लेयर परफॉर्मेंस टॉप ऑर्डर ने 147.39 के स्ट्राइक रेट और 41.21 के औसत से स्कोरिंग की। मिडिल
Olympics Transgender Women Ban | Womens Category March 28 Current Affairs

Hindi News Career Olympics Transgender Women Ban | Womens Category March 28 Current Affairs 4 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. डॉलर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सिग्नेचर होंगे 26 मार्च को अमेरिकी ट्रेजरी ने बताया कि अमेरिका में पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर डॉलर नोट पर होंगे। अमेरिकी करेंसी पर अब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के सिग्नेचर दिखाई देंगे। यह फैसला अमेरिकी ट्रेजरी ने लिया है और सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इसकी जानकारी दी। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के सिग्नेचर के साथ ट्रम्प के सिग्नेचर नोट पर होंगे। डॉलर करेंसी 1861 में शुरू हुईं थी और अब तक किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर करेंसी पर नहीं आए हैं। अमेरिकी करेंसी पर ट्रेजरी सेक्रेटरी और अमेरिकी ट्रेजर (कोषाध्यक्ष) के साइन होते हैं। अब कोषाध्यक्ष के साइन हटाकर राष्ट्रपति ट्रम्प के साइन होंगे। लिन मलेरबा आखिरी कोषाध्यक्ष होंगे जिनका नाम करेंसी पर है। मार्च में ही फेडरल आर्ट्स कमीशन ने ट्रम्प की तस्वीर वाले 24 कैरेट गोल्ड मेमोरियल सिक्के के डिजाइन को भी मंजूरी दी है। जून 2026 तक 100 डॉलर के बिल पर राष्ट्रपति ट्रम्प के साइन होंगे। 2. ओलिंपिक में अब ट्रांसजेंडर्स की महिला इवेंट्स में एंट्री बैन 26 मार्च को इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने ट्रांसजेंडर्स की महिला कैटेगरी के इवेंट्स में एंट्री बैन कर दी है। अब 2028 में लॉस एंजिल्स ओलिंपिक से ट्रांस महिलाओं को महिला कैटेगरी के इवेंट्स में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नई नीति के मुताबिक, अब सिर्फ बायोलॉजिकल फीमेल्स, यानी जन्म से महिला ही वुमन कैटेगरी में खेल सकेंगी। इसके लिए एक बार जीन टेस्ट (SRY जीन स्क्रीनिंग) कराना जरूरी होगा, जिससे लिंग की पुष्टि की जाएगी। जीन टेस्ट थूक, गाल के स्वैब या ब्लड सैंपल से किया जा सकता है। ऐसे एथलीट जो जन्म के समय महिला थे, लेकिन अब खुद को ट्रांसजेंडर पुरुष (Trans Men) मानते हैं, वे महिला कैटेगरी इवेंट्स में खेलना जारी रख सकते हैं। इस फैसले से पहले तक IOC ट्रांसजेंडर महिलाओं को टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने की शर्त पर खेलने की अनुमति देता था या फैसला स्पोर्ट्स यूनियन अपने विवेक से लेते थे। IOC ने कहा है कि नया नियम खेलों में फेयर कॉम्पिटिशन तय करने के लिए लागू होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल फरवरी में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पास किया था। इसमें लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में ट्रांसजेंडर महिलाओं को वीजा न देने की बात कही गई थी। 23 जून 1894 को पियरे डे कोबेर्टिन ने इंटरनेशनल ओलिंपिक की स्थापना की थी। इंटरनेशनल ओलिंपिक का हेडक्वार्टर लॉजेन, स्विट्जरलैंड में है। ये कमेटी ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन और युवा ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करती है। IOC के मुताबिक नया नियम सिर्फ प्रोफेशनल खेलों पर लागू होगा। 3. बालेन शाह ने नेपाल के पीएम पद की शपथ ली 27 मार्च को बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम बने। बालेन ने शपथ लेने के बाद अपना पहला संदेश रैप गाने के जरिए जारी किया। इसमें उन्होंने भ्रष्टाचार, सिस्टम में बदलाव और युवाओं का जिक्र किया। अब तक नेपाल की कार्यवाहक पीएम सुशीला कार्की थीं। बालेन पहले काठमांडू के मेयर थे। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने पद से इस्तीफा दिया था और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए थे। बालेन मधेस क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री बने हैं। मधेश क्षेत्र नेपाल का वह इलाका है जो देश के दक्षिणी हिस्से में भारत की सीमा के साथ फैला हुआ है। मधेस को तराई क्षेत्र भी कहा जाता है। यहां रहने वाले लोगों को मधेशी कहा जाता है। RSP 2022 के राष्ट्रीय चुनाव में चौथी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस बार RSP को 275 में से 182 सीटें मिली। बालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च को चुनाव में जीत दर्ज की थी। 4. पेरियासामी कुमारन UK के नए हाई कमिश्नर अपॉइंट हुए 26 मार्च को विदेश मंत्रालय ने पेरियासामी कुमारन को यूनाइटेड किंगडम में भारत का हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त) अपॉइंट किया। पेरियासामी अभी विदेश मंत्रालय में सेक्रेटरी के तौर पर कार्यरत हैं। पेरियासामी 1992 बैच के IFS हैं। वे विक्रम दोराईस्वामी की जगह लेंगे। पेरियासामी 1994-1997 तक काहिरा में इंडियन एम्बेसी में सेक्रेटरी रहे। 1997 से 2000 तक त्रिपोली और 2000 से 2003 तक ब्रुसेल्स में सेक्रेटरी रहे। पेरियासामी 2005 से 2007 तक बेंगलुरु में रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर रहे। इसके साथ ही पेरियासामी ने 2007-2009 तक पाकिस्तान के इस्लामाबाद और 2009-2011 तक वाशिंगटन में काउंसलर के तौर पर भी काम किया। पेरियासामी 2014 से 2016 तक विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (काउंसलर, पासपोर्ट और वीजा डिवीजन) रहे। 2016 से 2020 तक पेरियासामी कतर में भारत के राजदूत रहे और बाद में सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त अपॉइंट हुए। जुलाई 2023 में पेरियासामी ने विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी का कार्यभार संभाला था। 5. भारतीय नौसेना ने होर्मुज पर ऊर्जा सुरक्षा ऑपरेशन शुरू किया 26 मार्च को भारतीय नौसेना ने होर्मुज के रास्ते आने वाले एनर्जी शिपमेंट (LNG, LPG, कच्चा तेल) को एस्कॉर्ट करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा ऑपरेशन शुरू किया। इस मिशन के तहत 5 से ज्यादा युद्धपोत तैनात कर, 22 से ज्यादा महत्वपूर्ण जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट और गाइड करके भारत लाया जा रहा है। ऑपरेशन के तहत ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य से अरब सागर तक सुचारू आवाजाही के लिए जहाजों को एस्कॉर्ट किया जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा ऑपरेशन के तहत अब तक तीन शिपमेंट पाइन गैस, जग बसंत, शिवालिक और नंदा देवी ने होर्मुज पार किया। होर्मुज दुनिया का एक बेहद मुश्किल चेक पोस्ट माना जाता है और इससे पूरे दुनिया में 20% ऑयल ट्रेड होता है। भारत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल, LPG और LNG के लिए होर्मुज रूट पर निर्भर रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना जहाजी टैंकरों को पूरे रूट के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश देती है और यह तय करती है कि जहाजों के लिए पूरा रास्ता सुरक्षित हो। डीजी शिपिंग के सूत्रों के मुताबिक, जब होर्मुज से भारत की ओर जाने वाले जहाजी टैंकर निकलते हैं, तब ओमान की खाड़ी में खड़े भारतीय नौसेना के युद्धपोत उन
US Iran Missile Attack Video; Tomahawk Cruise

वॉशिंगटन डीसी22 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका ने बड़े पैमाने पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इसे अमेरिकी हथियारों के जखीरे का अहम हथियार माना जाता है। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक चार हफ्तों में 850 से ज्यादा मिसाइलें दागी गईं। अनुमान है कि अमेरिकी नौसेना के पास लगभग 4,000 टॉमहॉक मिसाइलें थीं। अगर यह सही है तो टॉमहॉक मिसाइलों का करीब एक चौथाई हिस्सा खत्म हो चुका है। रक्षा मंत्रालय के भीतर इसको लेकर चिंता बढ़ गई है। करीब 34 करोड़ रुपए की टॉमहॉक बनाने में करीब 2 साल लग सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस कमी पूरी करने में कई साल लगेंगे। अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूएंस ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुए सैन्य अभियान के दौरान टॉमहॉक क्रूज मिसाइल दागी अमेरिका के पास करीब 4000 टॉमहॉक मिसाइलें टॉमहॉक अमेरिका की खास क्रूज मिसाइल है। यह 1,000 मील (1609 किमी) तक उड़कर 1,000 पाउंड (453 किलो) विस्फोटक सटीक निशाने पर गिरा सकती है। इसके एडवांस वर्जन की रेंज 2500 किमी है। टॉमहॉक का बड़े पैमाने पर पहला इस्तेमाल 1991 के खाड़ी युद्ध में हुआ। अमेरिका ने इराक पर दूर से सैकड़ों मिसाइलें दागीं। इसे रिमोट वार कहा गया, क्योंकि पहली बार इतनी सटीक और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें इस्तेमाल हुईं। टॉमहॉक को समुद्र में मौजूद युद्धपोतों और पनडुब्बियों से भी दागा जा सकता है, जिससे दुश्मन के इलाके में घुसे बिना हमला संभव हो जाता है। अमेरिका बीते एक महीने से ईरान पर हमले कर रहा है। यह पूरी तरह ‘स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक’ है। यानी हमला इतनी दूर से किया गया कि अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ रही है। एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक अमेरिका के पास फिलहाल 4000 के करीब टॉमहॉक मिसाइलें हैं। यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया में बढ़ते खतरों के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को टॉमहॉक मिसाइलों की बहुत जरूरत है। अगर युद्ध लंबा चला, तो अमेरिका के पास अपने उपयोग के लिए भी टॉमहॉक खत्म हो सकते हैं, सहयोगियों को देना मुश्किल होगा। एक साल में 600 टॉमहॉक मिसाइल बनाता है अमेरिका अमेरिका टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का उत्पादन बहुत सीमित मात्रा में करता है। मौजूदा क्षमता के मुताबिक एक साल में करीब 600 टॉमहॉक मिसाइलें बनाई जा सकती हैं। एक टॉमहॉक की लागत करीब 36 लाख डॉलर (34 करोड़ रुपए) है, जिससे तेज इस्तेमाल ने सप्लाई पर दबाव बढ़ाया है। समस्या यह है कि एक टॉमहॉक बनने में लगभग 2 साल लगते हैं, इसलिए ऑर्डर के बाद तुरंत उपलब्ध नहीं होती। यही वजह है कि जब युद्ध में इनका तेजी से इस्तेमाल होता है, जैसे अभी ईरान संघर्ष में हुआ, तो स्टॉक जल्दी घट जाता है और उसे भरने में कई साल लग सकते हैं। जापान के साथ मिसाइल बनाने की डील अटकी 2024 में टॉमहॉक की कमी का समाधान दिखा, जब अमेरिका जापान में जॉइंट प्रोडक्शन के करीब पहुंचा, जिससे उत्पादन दोगुना हो सकता था। प्लान यह था कि जापान, अमेरिका के लिए टॉमहॉक मिसाइल के कुछ हिस्से का उत्पादन करे। इसका फायदा दोनों देशों को मिलता। जापान अपनी रक्षा नीति में बदलाव कर रहा है और लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। यही वजह है कि उसने मिसाइल बनाने में मदद करने की हामी भरी। हालांकि अमेरिका ने इस साझेदारी के लिए कई सख्त शर्तें रखी थीं। जैसे कि मिसाइलों की तकनीक और डिजाइन पर पूरा कंट्रोल अमेरिका का रहेगा जापान इन मिसाइलों को बिना अमेरिका की मंजूरी के किसी तीसरे देश को नहीं बेच सकेगा इनका इस्तेमाल भी तय नियमों और शर्तों के तहत ही होगा संवेदनशील तकनीक के ट्रांसफर को सीमित रखा जाएगा हालांकि अमेरिका के अंदर ही इस डील का विरोध शुरू हो गया। दोनों ही पार्टी में कई नेताओं और विशेषज्ञों को डर था कि एडवांस्ड मिसाइल टेक्नोलॉजी विदेश में शेयर करना जोखिम भरा हो सकता है। टोमहॉक बनाने वाली कंपनी RTX के एक सीनियर अधिकारी ने भी इस विरोध में साथ दिया। यह भी चिंता थी कि इससे अमेरिका की रक्षा इंडस्ट्री को नुकसान होगा और देश की इकोनॉमी पर भी असर पडे़गा। इस वजह से यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो पाई और मामला अटका गया। अमेरिका मिडिल ईस्ट में मौजूद वॉरशिप से ईरान के खिलाफ टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका से 6 गुना तेज हथियार बना रहा चीन न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक यह मामला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की बड़ी समस्या दिखाता है। वह अकेले चीन की बढ़ती औद्योगिक क्षमता का मुकाबला नहीं कर पा रहा, जो अब सैन्य शक्ति में बदल रही है। चीन वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का 28% और अमेरिका 17% हिस्सेदारी रखता है। अनुमान है कि चीन 5-6 गुना तेजी से एडवांस हथियार हासिल कर रहा है। चीन का एक शिपयार्ड अमेरिका के सभी शिपयार्ड्स से ज्यादा जहाज बना सकता है। अमेरिका को चीन से पिछड़ने का खतरा अब अमेरिका को यह खतरा है कि वह इतिहास में ब्रिटेन, जर्मनी और जापान की तरह किसी उभरती औद्योगिक ताकत से सैन्य रूप से पिछड़ जाए। इतिहास बताता है कि ऐसी प्रतिस्पर्धाओं अक्सर विनाशकारी युद्धों में खत्म होती हैं। समाधान यह है कि अमेरिका अकेले नहीं, बल्कि जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर चीन का मुकाबला करे। काफी समय तक कई सहयोगी देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका पर छोड़ते रहे। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसे ‘फ्री राइडिंग’ कहा था। ये देश अपनी अर्थव्यवस्था का बहुत छोटा हिस्सा रक्षा पर खर्च करते थे और अमेरिका पर निर्भर रहते थे। ट्रम्प अक्सर फ्री राइडर्स के खिलाफ सख्ती का श्रेय लेते हैं। पिछले 60 सालों में अमेरिका ने अपनी जीडीपी का 3 से 9.4 प्रतिशत तक रक्षा पर खर्च किया है, जबकि कई सहयोगी देशों का खर्च 1 प्रतिशत से भी कम रहा है। अब एशिया में चीन की बढ़ती आक्रामकता और यूरोप में रूस की जंगबाजी को देखते हुए यह व्यवस्था अब टिकाऊ नहीं रही। अब अमेरिका को दुनिया में अपनी भूमिका और गठबंधनों को नए सिरे से सोचना होगा, क्योंकि अब वह अकेला सबसे ताकतवर देश नहीं रहा। —————————————– ईरान जंग से जुड़ी यह खबर भी
Natural Laxative Food Benefits; Constipation Relief

3 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक आज की तेज रफ्तार जिंदगी में खराब लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान के कारण कब्ज एक कॉमन समस्या बन गई है। अगर लंबे समय तक कब्ज बना रहे तो इससे बॉडी फंक्शनिंग और ओवरऑल हेल्थ प्रभावित होती है। ‘एबॉट’ की गट हेल्थ सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 22% वयस्कों को कब्ज है। इनमें से 13% लोग गंभीर रूप से प्रभावित हैं। अक्सर लोग कब्ज से राहत के लिए दवाएं लेते हैं। जबकि नेचुरल लैक्सेटिव कब्ज से राहत दिला सकते हैं। ये ऐसे फूड या सब्सटेंस होते हैं, जिससे बाउल मूवमेंट सुधरता है। इससे स्टूल सॉफ्ट हो जाता है और कब्ज की समस्या नहीं होती है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- नेचुरल लैक्सेटिव क्या होते हैं? ये शरीर में कैसे काम करते हैं? किन फूड्स में नेचुरल लैक्सेटिव होता है? एक्सपर्ट: डॉ. नृपेन साइकिया, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोलॉजी, पीएसआरआई हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- लैक्सेटिव क्या होते हैं? जवाब- लैक्सेटिव यानी ऐसी दवाएं या खाने की चीजें, जो कब्ज में राहत देकर पेट साफ करने में मदद करती हैं। लैक्सेटिव अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। आमतौर पर डॉक्टर पेट साफ न होने पर लैक्सेटिव्स देते हैं। सवाल- नेचुरल लैक्सेटिव क्या होते हैं? जवाब- नेचुरल लैक्सेटिव यानी ऐसी नेचुरल चीजें जो पेट साफ करने में मदद करती हैं। इसमें फाइबर से भरपूर फल, सब्जियां, होल ग्रेन्स शामिल हैं। आर्टिफिशियल लैक्सेटिव की तरह इनमें केमिकल नहीं होता है। ये आमतौर पर रोजमर्रा के खाने का ही हिस्सा होते हैं और धीरे-धीरे, नेचुरल तरीके से कब्ज में राहत देते हैं। सवाल- नेचुरल लैक्सेटिव शरीर में कैसे काम करते हैं? जवाब- नेचुरल लैक्सेटिव शरीर में दो तरह से काम करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर और पानी स्टूल (मल) को मुलायम बनाते हैं, जिससे ये आसानी से पास हो सकें। कुछ नेचुरल ऑप्शन आंतों की हल्की मूवमेंट बढ़ाकर बॉवेल को नियमित रखते हैं। सवाल- कौन से फूड्स नेचुरल लैक्सेटिव होते हैं? जवाब- नेचुरल लैक्सेटिव वो फाइबर रिच फूड होते हैं, जो पेट को साफ रखने में मदद करते हैं। ग्राफिक में नेचुरल लैक्सेटिव की लिस्ट देखिए- इन्हें थोड़ा विस्तार से समझते हैं- फल कुछ फल नेचुरल लैक्सेटिव की तरह काम करते हैं। पपीता, अमरूद, सेब (छिलके सहित), नाशपाती, केला (पका हुआ), संतरा, मौसंबी, अंगूर, कीवी और अनार जैसे फल फाइबर से भरपूर होते हैं। फाइबर स्टूल का वॉल्यूम बढ़ाता है और उसे सॉफ्ट बनाता है, जिससे बाउल मूवमेंट आसान हो जाती है। इसके अलावा इन फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो बॉडी को हाइड्रेट रखती है और कब्ज की समस्या कम करती है। अंजीर (ताजा/सूखा) अंजीर में हाई फाइबर होता है, खासकर इसके छोटे-छोटे बीज आंतों को स्टिमुलेट करते हैं। यह स्टूल को सॉफ्ट बनाता है और आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिए इसे पहले के समय में कब्ज के घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। प्रून्स (सूखा आलूबुखारा) प्रून्स में एक नेचुरल तत्व ‘सॉर्बिटोल’ होता है। इससे आंतों में पानी एब्जॉर्ब होता है, जिससे स्टूल सॉफ्ट हो जाता है और बाउल मूवमेंट बेहतर हो जाता है। इससे कब्ज में राहत मिलती है। अलसी के बीज अलसी के बीज फाइबर से भरपूर होते हैं। ये आंतों में जेल जैसा टेक्सचर बनाते हैं, जिससे स्टूल स्मूदली पास होता है और बाउल मूवमेंट रेगुलर रहता है। कॉफी कॉफी में मौजूद कैफीन आंतों की मसल्स को स्टिमुलेट करता है। यह कोलन (बड़ी आंत) की एक्टिविटी बढ़ाकर बाउल मूवमेंट को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए कई लोगों को कॉफी पीने के बाद तुरंत टॉयलेट जाने की इच्छा होती है। नींबू नींबू का रस डाइजेशन में मदद करता है। यह गैस्ट्रिक जूस के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। गुनगुने पानी के साथ लेने पर बाउल मूवमेंट में मदद करता है। सवाल- कब्ज से बचने के नेचुरल उपाय क्या हैं? जवाब- इसके लिए कुछ तरीके अपनाए जा सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या नेचुरल लैक्सेटिव के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं? जवाब- हां, गलत तरीके या ज्यादा मात्रा में नेचुरल लैक्सेटिव लेने पर नुकसान हो सकता है। जैसे बहुत ज्यादा कॉफी पीने से कैफीन टॉक्सिसिटी हो सकती है। ग्राफिक में इसके सभी साइड इफेक्ट्स देखिए- थोड़ा विस्तार से समझते हैं- 1. गैस, ब्लोटिंग इसबगोल, चिया सीड्स या ओट्स जैसे नेचुरल लैक्सेटिव्स ज्यादा लेने पर गैस हो सकती है। 2. पेट में ऐंठन या दर्द कुछ नेचुरल लैक्सेटिव्स जैसे प्रून्स या अंजीर ज्यादा मात्रा में नहीं लेने चाहिए। इससे बाउल मूवमेंट बहुत बढ़ जाता है, जिसके कारण क्रैम्प्स हो सकते हैं। 3. डायरिया नेचुरल लैक्सेटिव्स ज्यादा लेने से स्टूल ढीला हो सकता है, लेकिन इससे कब्ज ठीक होने की बजाय डायरिया हो सकता है। 4. डिहाइड्रेशन लैक्सेटिव्स पानी को एब्जॉर्व करते हैं। इसलिए इनके साथ लगातार ढेर सारा पानी पीना जरूरी है। पानी कम पीने पर डिहाइड्रेन हो सकता है। 5. इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन ज्यादा मात्रा में नेचुरल लैक्सेटिव्स लेने पर शरीर में सोडियम-पोटेशियम का बैलेंस बिगड़ सकता है। 6. दवाओं का असर कम हो सकता है इसबगोल या हाई फाइबर नेचुरल लैक्सेटिव्स से कुछ दवाओं के एब्जॉर्प्शन पर असर पड़ता है। 7. एलर्जी कुछ लोगों को नेचुरल लैक्सेटिव फूड से एलर्जी हो सकती है। सवाल- क्या नेचुरल या ओवर-द-काउंटर लिए गए लैक्सेटिव्स पर परमानेंट निर्भरता भी हो सकती है? जवाब- हां, दोनों तरह के लैक्सेटिव्स डिपेंडेंसी पैदा कर सकते हैं। लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि डिपेंडेंसी का जोखिम हमेशा और सबके लिए एक जैसा नहीं होता। डिपेंडेंसी के कुछ कारण हैं- अगर हफ्तों-महीनों तक रोज लैक्सेटिव्स लिए जाएं। अगर बिना डॉक्टर की सलाह के अपने मन से लैक्सेटिव्स लिए जाएं। अगर इंस्टेंट रिलीफ पर फोकस हो, लेकिन लाइफस्टाइल में सुधार न किए जाएं। अगर IBS या थायरॉइड जैसी कोई मेडिकल कंडीशन हो। अगर ओवर-द-काउंटर मिलने वाले स्टिमुलेंट लैक्सेटिव का यूज ज्यादा किया जाए। अगर टॉयलेट जाने का टाइमिंग और रूटीन खराब हो। कुल मिलाकर, नेचुरल लैक्सेटिव रोजमर्रा की डाइट के ऐसे विकल्प हैं, जो पेट को हल्का रखने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। हालांकि ये ज्यादातर सुरक्षित होते हैं, पर हर शरीर का रिस्पॉन्स अलग होता है। इसलिए इन्हें संतुलित मात्रा में लें और अपनी लाइफस्टाइल को भी साथ में बैलेंस रखना जरूरी है। अगर अक्सर
PAN-Based CAS Statement Explained; Mutual Funds

6 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक आजकल ज्यादातर निवेशक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या एप के जरिए SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) करते हैं। निवेशक कुछ SIP जारी रखते हैं, कुछ बीच में ही बंद कर देते हैं, जबकि समय बीतने पर कुछ फंड्स के तो नाम तक भूल जाते हैं। इसके बाद जब टैक्स फाइलिंग या फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत होती है, तब इन्वेस्टमेंट डॉक्यूमेंट्स, लॉगिन आईडी और स्टेटमेंट ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ऐसी कंडीशंस के लिए PAN बेस्ड कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) एक आसान तरीका है। इसके जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड्स के सभी निवेश एक ही जगह देख सकते हैं। इससे निवेश की ट्रैकिंग आसान होती है, ओवरलैप का जोखिम भी नहीं होता है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में हम ‘PAN बेस्ड कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- कैसे इसका इस्तेमाल करें? इसके जरिए क्या-क्या जानकारी मिल सकती है? सवाल- क्या वाकई सिर्फ PAN से सारी SIP की जानकारी मिल सकती है? जवाब- हां, निवेशक PAN नंबर के जरिए SEBI-रजिस्टर्ड RTA (रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट) प्लेटफॉर्म से अपने म्यूचुअल फंड निवेश की पूरी जानकारी एक जगह देख सकते हैं। ये एजेंसियां फंड हाउस के निवेश रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से मेंटेन करती हैं। PAN आधारित CAS में निवेशक को म्यूचुअल फंड्स से जुड़ी सारी जानकारी मिलती है। यह सुविधा निवेश की पारदर्शिता बढ़ाती है और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बिखरे निवेश को व्यवस्थित तरीके से समझने में मदद करती है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- PAN कार्ड के जरिए SIP और म्यूचुअल फंड की सारी जानकारी पाने का सही तरीका क्या है? जवाब- आप CAMS या KFintech जैसी ऑफिशियल RTA की वेबसाइट पर जाकर अपना PAN नंबर और रजिस्टर्ड ईमेल/मोबाइल नंबर डालकर सभी म्यूचुअल फंड SIP की जानकारी पा सकते हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- यह स्टेटमेंट किन इन्वेस्टमेंट्स और SIP को कवर करता है? जवाब- PAN बेस्ड CAS स्टेटमेंट में सभी एक्टिव और बंद SIP देखी जा सकती हैं। आइए इसे पॉइंटर्स में देखिए- ‘इक्विटी’ म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश। ‘डेट’ म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश। ‘ELSS’ (इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम) फंड में किया गया निवेश। ‘हाइब्रिड’ फंड में किया गया निवेश। ‘लिक्विड’ फंड में किया गया निवेश। ‘गोल्ड’ में किया गया निवेश। ‘लंप-सम’ (एकमुश्त) निवेश। यह निवेशक को अपने पूरे पोर्टफोलियो का ओवरऑल व्यू देता है। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कुल निवेश किस एसेट क्लास में ज्यादा है और कहां बैलेंस बनाने की जरूरत है। यह जानकारी लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए बेहद उपयोगी साबित होती है। सवाल- क्या CAS स्टेटमेंट ओवरलैप और डुप्लीकेट SIP से बचा सकता है? जवाब- PAN नंबर के जरिए अपनी SIPs की जानकारी देखकर ओवरलैप और डुप्लीकेट निवेश से बच सकते हैं। अक्सर निवेशक अलग-अलग एप्स से SIP करते हैं और फिर भूल जाते हैं कि उनका पैसा कहां लगा है। इससे कई बार एक ही कैटेगरी के कई फंड्स में निवेश हो जाता है, जिन्हें डुप्लीकेट फंड्स कहते हैं। बहुत ज्यादा फंड्स रखने से रिटर्न कमजोर हो सकता है और पोर्टफोलियो मैनेज करना भी मुश्किल हो सकता है। PAN बेस्ड रिपोर्ट निवेशक को यह समझने में मदद करती है कि किन फंड्स को बनाए रखना है और किन्हें मर्ज या बंद करना बेहतर है। सवाल- टैक्स फाइलिंग और प्लानिंग में यह रिपोर्ट कैसे मददगार है? जवाब- CAS स्टेटमेंट निवेशक को कैपिटल गेन, ELSS डिडक्शन और कुल निवेश की स्पष्ट जानकारी देता है। इससे टैक्स फाइलिंग के दौरान सही आंकड़े दर्ज करना आसान हो जाता है और गलती की आशंका कम हो जाती है। निवेशक यह भी देख सकते हैं कि किस निवेश पर लॉन्ग टर्म या शॉर्ट टर्म टैक्स लागू होगा। इसके अलावा यह रिपोर्ट फाइनेंशियल गोल्स जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदने की योजना बनाने में भी मदद करती है। इसके सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या CAS स्टेटमेंट सर्विस पूरी तरह सुरक्षित है? जवाब- हां, PAN बेस्ड SIP स्टेटमेंट सर्विस SEBI-रजिस्टर्ड एजेंसियां ही देती हैं। इसलिए यह विश्वसनीय है। डेटा ट्रांसमिशन एन्क्रिप्टेड (वॉट्सएप चैट की तरह) होता है और OTP बेस्ड वेरिफिकेशन के बाद ही स्टेटमेंट जारी किया जाता है। रिपोर्ट केवल रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भेजी जाती है, जिससे अनऑफिशियल एक्सेस का जोखिम नहीं होता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने PAN, ईमेल और मोबाइल की जानकारी अपडेट रखें और स्टेटमेंट केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें। इससे साइबर फ्रॉड का रिस्क कम होता है। सवाल- क्या मोबाइल पर भी यह स्टेटमेंट देख सकते हैं? जवाब- हां, CAMS और KFintech जैसी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली हैं। मेल पर आई स्टेटमेंट (PDF फाइल) को स्मार्टफोन में आसानी से खोला जा सकता है। निवेशक इसे सेव, शेयर या प्रिंट भी कर सकते हैं। कुछ फंड हाउस RTA एप्स के जरिए भी पोर्टफोलियो ट्रैकिंग की सुविधा देते हैं। मोबाइल पर स्टेटमेंट मिलने से निवेश की रेगुलर रिव्यू करना आसान हो जाता है। निवेशक जरूरत के अनुसार समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकते हैं। सवाल- क्या PAN बेस्ड रिपोर्ट से इन्वेस्ट स्ट्रेटजी बनाने में मदद मिलती है? जवाब- हां, पूरे पोर्टफोलियो को एक साथ देखकर एसेट एलोकेशन और रिस्क प्रोफाइल समझने में आसानी होती है। इससे यह तय करना आसान होता है कि इक्विटी, डेट या गोल्ड में निवेश का अनुपात सही है या नहीं। PAN रिपोर्ट लॉन्ग टर्म में ‘इन्वेस्टमेंट डिसिप्लिन’ को मजबूत करती है और इमोशनल डिसीजन को कम करने में मदद करती है। रेगुलर रिव्यू से निवेशक खराब परफॉर्मेंस वाले फंड्स को समय रहते बदल सकते हैं और बेहतर अवसरों का फायदा उठा सकते हैं। सवाल- अगर कोई SIP भूल गए हैं या बंद करना चाहते हैं तो क्या करें? जवाब- CAS स्टेटमेंट में इनएक्टिव या लो परफॉर्मेंस वाली SIP का पता चल जाता है। निवेशक उसे बंद या मॉडिफाई कर सकते हैं। हालांकि, SIP बंद करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसके लिए आपको कोई चार्ज तो नहीं देना पड़ेगा, टैक्स कितना लगेगा और आपके फाइनेंशियल गोल्स पर क्या असर होगा। कुछ मामलों में SIP को पूरी तरह बंद करने की बजाय उसकी रकम कम करना या पैसा किसी बेहतर फंड में डालना ज्यादा सही फैसला है। ऐसा






