कलेक्टर ने सेमली-बोकराटा में किया श्रमदान:जल गंगा संवर्धन के तहत नए तालाबों का निरीक्षण, कहा- जल बचाना चाहिए

बड़वानी में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026’ चलाया जा रहा है। कलेक्टर जयति सिंह ने बुधवार को पाटी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर जल संरक्षण कार्यों में सहभागिता की और निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर सिंह ने पाटी विकासखंड के ग्राम सेमली पहुंचकर स्थानीय सरपंच, ग्राम पटेल और ग्रामीणों के साथ मिलकर ‘बोरी बंधान’ का कार्य किया। उन्होंने स्वयं श्रमदान कर ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों के माध्यम से छोटे-छोटे अवरोध बनाकर वर्षा जल को सहेजना और भू-जल स्तर को बढ़ाना है। इसके पश्चात, कलेक्टर ने ग्राम बोकराटा में भी चल रहे बोरी बंधान कार्यों का जायजा लिया और श्रमदान कर ग्रामीणों को जल सहेजने का संदेश दिया। उन्होंने जनपद पाटी के ग्राम चारपटिया और सावरियापानी का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने निर्माणाधीन नवीन तालाबों की प्रगति और कार्य की गुणवत्ता का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य मानसूनी वर्षा से पूर्व समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में जल संग्रहण का अधिकतम लाभ मिल सके। कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन है। तालाबों और बोरी बंधान के माध्यम से एकत्रित पानी न केवल सिंचाई में सहायक होगा, बल्कि इससे क्षेत्र के कुओं और हैंडपंपों का जल स्तर भी बना रहेगा।
health benefits of potato peel | aalu ke chilkon ke fayde | आलू के छिलके के फायदे | सफेद बालों को काला करने का घरेलू नुस्खा |

Last Updated:April 01, 2026, 17:17 IST Health Benefits of Potato Peel: आलू के छिलके जिन्हें हम अक्सर कूड़ा समझकर फेंक देते हैं, असल में सेहत और खूबसूरती का अनमोल खजाना हैं. बाराबंकी जिला अस्पताल के डॉक्टर अमित वर्मा के अनुसार, इन छिलकों में आयरन, कैल्शियम और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह न केवल वजन घटाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है, बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने की ताकत भी रखता है. जानिए कैसे चेहरे के दाग-धब्बों से लेकर सफेद बालों की समस्या तक, आलू के छिलकों का सही इस्तेमाल कैसे आपकी पूरी सेहत बदल सकता है. आलू एक ऐसी सब्जी है, जिसका इस्तेमाल लगभग हर घर में सब्जी, स्नैक्स और कई स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है. लेकिन अक्सर लोग इसका छिलका बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि यही छिलका सेहत और सुंदरता दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. आलू के छिलकों में कई ऐसे दुर्लभ पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को भीतर से मजबूती देते हैं. बस जरूरत है तो इनके सही इस्तेमाल का तरीका जानने की. जिला अस्पताल, बाराबंकी के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा (MD मेडिसिन) ने बताया कि आलू का छिलका स्वास्थ्य के लिए काफी गुणकारी होता है. इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर न केवल पाचन शक्ति को दुरुस्त रखता है, बल्कि हमें कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से भी बचाता है. अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आलू का छिलका आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और आप अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं. इसे हल्का उबालकर या सूप में डालकर डाइट में शामिल करने से वजन को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google त्वचा की समस्याओं के लिए आलू का छिलका एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है. इसे चेहरे पर रगड़ने से पिंपल्स, दाग-धब्बे और झाइयों से राहत मिलती है. छिलके में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा की गहराई से सफाई करते हैं और प्राकृतिक निखार लाते हैं. यह झुर्रियों को कम करने में भी काफी मददगार साबित होता है. आलू के छिलके कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं. इनमें ‘फाइटोकेमिकल्स’ और ‘क्लोरोजेनिक एसिड’ भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं. ये तत्व शरीर की कोशिकाओं को नुकसान होने से बचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है. आलू का छिलका बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसका रस नियमित रूप से स्कैल्प (सिर की त्वचा) पर लगाने से बाल झड़ना कम होते हैं और जड़ें मज़बूत होती हैं. यह बालों को प्राकृतिक चमक भी देता है. सबसे खास बात यह है कि अगर बाल समय से पहले सफेद हो रहे हों, तो छिलकों के उबले हुए पानी से बाल धोने पर वे धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से काले होने लगते हैं. हड्डियों की मजबूती के लिए भी आलू के छिलके बहुत प्रभावी हैं. इनमें कैल्शियम के साथ-साथ कई ऐसे मिनरल्स होते हैं जो बोन डेंसिटी को बढ़ाते हैं. बढ़ती उम्र में हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए छिलकों का उचित सेवन या इस्तेमाल एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है. First Published : April 01, 2026, 17:17 IST
मीठा खाने की लत से परेशान? गुड़मार कर सकता है कंट्रोल, शुगर, दिल और पाचन के लिए फायदेमंद

Last Updated:April 01, 2026, 17:11 IST आयुर्वेद की दुनिया में तमाम चमत्कारिक औषधीय भरी पड़ी हैं, जिसमें गुड़मार भी किसी संजीवनी से कम नहीं है. जो गुड़ यानी मीठे स्वाद को मार दे उसे गुड़मार कहते हैं. इसे मधुनाशिनी भी कहा जाता है. गुड़मार शुगर रोगियों के लिए एकदम रामबाण मानी जाती हैं. इसके अलावा भी यह कई रोगों में लाभकारी है. आगे जानिए… गुड़मार पौधें की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, इसका ब्लड शुगर पर सीधा असर देखा जाता है. यह शरीर में शुगर के अवशोषण को कम करने के साथ-साथ इंसुलिन की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाने में मदद करता है. यह टाइप 1 और टाइप 2 शुगर दोनों में सहायक मानी जाती है. इसके सही नियमित और संतुलित उपयोग से शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है. अगर आपको मीठा खाने की लत लग गई है, तो गुड़मार आपकी मदद कर सकती है. गुड़मार यानी मिठास को खत्म करने वाला. इसकी पत्तियां जीभ पर मिठास के स्वाद को अस्थायी रूप से खत्म कर देती हैं, जिससे मीठा खाने की इच्छा कम हो जाती है. इसी के चलते वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच भी यह तेजी से लोकप्रिय हो रही है और डाइट कंट्रोल में बहुत उपयोगी है. बलिया की फेमस सात साल अनुभवी डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, गुड़मार शरीर में फैट के अवशोषण को भी कम करने में सहायक है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को नियंत्रित करता है. इससे दिल की सेहत भी बेहतर बनी रहती है. यह एक ऐसा प्राकृतिक विकल्प है, जो कई समस्याओं का एक साथ समाधान कर सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google गुड़मार न केवल शुगर और वजन तक सीमित है, बल्कि यह पाचन और लिवर के लिए भी फायदेमंद है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और लिवर को मजबूत बनाते हैं. इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को सुधारकर गैस, अपच जैसी समस्याओं से बचाती हैं. इसमें सूजनरोधी और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं, जो इसे खास बनाते हैं. गुड़मार का उपयोग गठिया के दर्द और सूजन को कम करने में किया जाता है. इसके अलावा, यह त्वचा से जुड़ी समस्याओं जैसे मुंहासे और संक्रमण में भी सहायक हो सकती है, यानी यह जड़ी-बूटी अंदर से लेकर बाहर तक शरीर की सुरक्षा करती है. अगर गुड़मार के सेवन के तरीकों की बात करें, तो गुड़मार को चूर्ण, काढ़ा, पत्तियों या कैप्सूल के रूप में लिया जा सकता है. कुछ लोग इसे शहद या गुनगुने पानी के साथ लेते हैं, तो कुछ आयुर्वेद विशेषज्ञ इसे आंवला और हल्दी के साथ मिलाकर उपयोग करने की सलाह देते हैं. सही तरीका अपनाकर इसके लाभ लिए जा सकते हैं. गुड़मार के कई अद्भुत फायदे हैं. लेकिन, इसके सेवन सावधानी के साथ करना बहुत जरूरी होता है. ज्यादा मात्रा में लेने से ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है, जो खतरनाक हो सकता है. खासकर जो लोग पहले से डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इसका सेवन विशेषज्ञ के देखरेख में ही करनी चाहिए. First Published : April 01, 2026, 17:11 IST
इंदौर में शराब दुकान हटने पर मना जश्न:रहवासियों के साथ थिरके एमआईसी मेंबर, लोगों को बांटी मिठाई

इंदौर में एक शराब दुकान हटने पर जमकर जश्न मनाया गया। ढोलक की थाप पर रहवासियों के साथ एमआईसी मेंबर भी जमकर थिरकते दिखे। मिठाई से मुंह मीठा कराया गया। लंबे समय से इस शराब दुकान का विरोध चल रहा था। इसे लेकर एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा ने कलेक्टर व आबकारी विभाग को भी लेटर लिख चुके थे। आखिरकार जब उनकी मांग पूरी हो गई, तो बुधवार को दुकान के बाहर ही जश्न मनाया गया। महिलाएं कई बार कर चुकी थी शिकायत बता दें कि साजन नगर स्थित देशी और अंग्रेजी शराब दुकान सघन रहवासी क्षेत्र में स्थित थी। खुल्ले में शराब पीने वालों की वजह से महिलाओं को सड़क से निकलने में काफी परेशानी होती थी। इलाके में काफी भीड़भाड़ और शराबियों की जमघट की वजह से परेशानी उठाना पड़ रही थी। इस संबंध में एमआईसी मेंबर मनीष मामा ने कलेक्टर शिवम वर्मा को लेटर लिखकर दुकान हटाने की आग्रह किया था। नए वित्तीय वर्ष में अब यह शराब दुकान साजन नगर से चितावद क्षेत्र में ट्रांसफर कर दी है। जमकर की आतिशबाजी, ढोलक की थाप पर थिरके शराब दुकान हटाने के इस फैसले के बाद बुधवार को एमआईसी मेंबर की अगुवाई में साजन नगर पुरानी शराब दुकान के बाहर मिठाई वितरण और आतिशबाजी कर जश्न मनाया। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं, रहवासी और स्टूडेंट मौजूद थे।
IRGC vs President Pezeshkian Control Crisis

तेहरान2 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में सरकार और धार्मिक सेना (IRGC) के बीच टकराव बढ़ने की खबर है। तेहरान टाइम्स रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ताकतवर सेना जैसी संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है। अखबार के मुताबिक IRGC ने देश का कंट्रोल अब अपने हाथ में ले लिया है। दावा यह भी है कि राष्ट्रपति पजशकियान की मुलाकात सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से नहीं हो पा रही है। दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को लेकर एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत जारी है। ट्रम्प के मुताबिक, उनकी टीम कुछ ‘समझदार’ ईरानी नेताओं के संपर्क में है और बातचीत के जरिए हालात को शांत करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी भी तरह की सीधी बातचीत नहीं चल रही है। ट्रम्प का दावा खारिज होने के बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर ईरान में असली कंट्रोल किसके पास है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान। (फाइल फोटो) राष्ट्रपति के फैसलों में दखल दे रही IRCG रिपोर्ट के मुताबिक पजशकियान कोई बड़ा फैसला नहीं ले पा रहे हैं। IRGC जिसका काम अमेरिका के हमलों का जवाब देना था, अब सरकार की अहम फैसले भी ले रहा है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पजशकियान ने 26 मार्च को नया खुफिया मंत्री नियुक्त करने की कोशिश की थी। वे हुसैन देहगान को यह पद देना चाहते थे, लेकिन IRGC चीफ अहमद वहीदी ने इसे रोक दिया। वहीदी ने यह पद तब संभाला था, जब युद्ध की शुरुआत में पिछले कमांडर मोहम्मद पाकपुर मारे गए थे। वहीदी का कहना है कि युद्ध की स्थिति में सभी अहम और संवेदनशील पदों पर नियुक्ति IRGC ही करेगा और वही उन्हें संभालेगा। आमतौर पर ईरान की व्यवस्था में राष्ट्रपति खुफिया मंत्री का नाम तभी तय करते हैं, जब सुप्रीम लीडर की मंजूरी मिल जाती है, क्योंकि सुरक्षा से जुड़े मामलों में अंतिम अधिकार उन्हीं के पास होता है। ईरान की धार्मिक सेना IRGC के चीफ अहमद वहीदी। (फाइल फोटो) IRGC सिस्टम पर पकड़ मजबूत कर रहा अखबार लिखता है कि ईरान में सुप्रीम लीडर कौन है, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है। 28 फरवरी को जब जंग शुरू हुई उसी दिन अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई बड़े नेता मारे गए थे। कुछ दिनों बाद खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता बनाया गया, लेकिन तब से वे न तो सामने आए हैं और न ही सीधे कोई बयान दिया है। उनके संदेश सिर्फ टीवी पर पढ़कर सुनाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अब IRGC के बड़े अधिकारियों की एक ‘मिलिट्री काउंसिल’ रोज के फैसले ले रही है। इतना ही नहीं, IRGC ने मुजतबा के चारों तरफ कड़ी सुरक्षा लगा दी है। यहां तक कि देश की स्थिति से जुड़े सरकारी रिपोर्ट भी उन तक नहीं पहुंचने दी जा रही हैं। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति पजशकियान और खामेनेई के बीच हाल के दिनों में कोई संपर्क नहीं हुआ है। पजशकियान ने कई बार सुप्रीम लीडर से मिलने की कोशिश की, लेकिन IRGC ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। राष्ट्रपति और IRGC के बीच मतभेद पहले से ही सामने आने लगे थे। पजशकियान इस बात से नाराज थे कि IRGC पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर तनाव बढ़ा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक बुरा असर पड़ेगा। पहले से ही कई हफ्तों के युद्ध के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था कमजोर हो चुकी है और गोला-बारूद भी कम होता जा रहा है। होर्मुज पर भी IRGC का कंट्रोल ईरान में सत्ता का खालीपन पैदा हो गया है यही वजह है कि अब IRGC, जो नियमित सेना से अलग काम करता है, देश की कमान संभालता हुआ दिख रहा है। IRGC की शुरुआत 1979 की क्रांति के बाद एक अर्धसैनिक बल के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ यह बहुत ताकतवर बन गया। आज यह तेल, ट्रांसपोर्ट, बैंकिंग और रियल एस्टेट जैसे बड़े सेक्टर में भी काम करता है और अपनी कमाई से खुद को मजबूत बनाता है। अब होर्मुज जैसे अहम तेल मार्ग का नियंत्रण भी IRGC के पास है, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर रखा है। मुजतबा खामेनेई कहां हैं, यह भी साफ नहीं है। इसी वजह से IRGC ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। कुछ लोगों का कहना है कि मुजतबा की मौत हो चुकी है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वे शायद कोमा में हैं। ट्रम्प ने भी इशारा किया है कि उनकी हालत गंभीर हो सकती है, जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि उनका चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ममता और मोदी साधु भाई-बहन, सोसी का बड़ा हमला, बोले- हम सिर्फ अकेले से…

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक विचारधारा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कबीर के नेतृत्व वाली पार्टी एजेयूपी के समर्थन में आयोजित रैली में हुमायूं कबीर के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एकजुटता प्रमुखता लिबरेशन पार्टी को स्ट्रैटम जनरल रिसर्च में शामिल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कैथोलिक कांग्रेस और अन्य आश्रमों ने वोट बैंक का इस्तेमाल किया, लेकिन कम्युनिस्ट के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया। ममता और मोदी साधु भाई-बहन: सोसा मुर्शिदाबाद की रैली में ओसासी ने कहा कि मोदी और सीएम ममता बनर्जी भाई-बहन हैं। उन्होंने कहा, ‘ईद के दिन वोट हासिल करने के लिए ममता बनर्जी ड्रामा करती हैं।’ दिल में कोई मोहब्बत नहीं है. सिर्फ हमारा वोट हासिल करना चाहते हैं। मोदी और ममता बनर्जी साधु भाई-बहन की तरह हैं। अंदर से एक हैं. हमारा वोट करने के लिए इस तरह की बात करते हैं। अगर आपका वोट से आपका नेता नहीं बनेगा तो आप गूंगा वोट रखूंगा। ‘आपको मिलेगा, कुचला जाएगा।’ ममता के सामने सिर नहीं झुकाएंगे: सोसा असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘पीएम मोदी और ममता बनर्जी में कोई फर्क नहीं है. वे नहीं चाहते कि गरीबों की आज़ाद शिप का जन्म हो जाए। अगर भरोसा करना है तो सोलाज़ी और हुमायूँ कबीर पर भरोसा करो। यूपी से पूछ रहा हूं कि बिजनेस इतनी मजबूत कैसे हुई? मुर्शिदाबाद और बंगाल की जनता चाहती है कि हमारी लड़ाई मुस्लिम लीडरशिप का जन्म हो। हम हिंदू प्रशिक्षुओं के खिलाफ नहीं हैं। हम टमाटर चाहते हैं. हम पर्यावरण या मित्रता के सामने सिर नहीं झुकाएंगे। हम मोदी से नहीं डरेंगे.’ हुमायूं कबीर को लेकर क्या बोले सोसा ओसाई ने यह भी दावा किया कि पिछले 50 वर्षों में मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस, वाममोर्चा और ऑलमोर्चा कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में राजनीतिक निर्णय लेने में अधिक प्रतिनिधि और उनके वास्तविक विकास के लिए हमने हुमायूं कबीर के साथ हाथ मिलाया है। हम सब मिलकर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को झटका देंगे।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असदुद्दीन ओवैसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पीएम मोदी(टी)हुमायूं कबीर(टी)ममता बनर्जी(टी)असदुद्दीन औवेसी पर टीएमसी(टी)असदुद्दीन ओवैसी पीएम मोदी(टी)मुर्शिदाबाद(टी)मुर्शिदाबाद ओवेसी रैली(टी)पीएम मोदी(टी)ममता पर बनर्जी (टी) असदुद्दीन सोसाआई (टी) पश्चिम बंगाल (टी) मुर्शिदाबाद (टी) हुमायूं अकबर
NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase

Hindi News Sports NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase | Wellington वेलिंग्टन1 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेलिया केर ने 98 रन बाउंड्री से बनाए। न्यूजीलैंड ने विमेंस वनडे का सबसे बड़ा रनचेज कर लिया। टीम ने दूसरे वनडे में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 विकेट से जीत हासिल की। अमेलिया केर की नाबाद 179 रन की पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने 348 रन का लक्ष्य 49.4 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल किया और सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। वेलिंग्टन में बुधवार को न्यूजीलैंड ने भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में इंडियन विमेंस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 विकेट खोकर 341 रन का टारगेट हासिल किया था। इसाबेला की पारी ने मैच पलटा 348 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सूजी बेट्स जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद अमेलिया केर ने पारी संभाली और जॉर्जिया प्लिमर के साथ 52 रन की साझेदारी की। मिडिल ओवर्स में टीम का स्कोर 130/4 हो गया था और मैच साउथ अफ्रीका की पकड़ में दिख रहा था। तभी केर को इसाबेला गेज का साथ मिला, जिन्होंने 48 गेंद में 68 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। दोनों के बीच 120 रन की तेज साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को मुकाबले में वापस ला दिया। इसाबेला गेज ने 11 चौके की मदद से 68 रन की पारी खेली। केर ने 23 चौके लगाए अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। उन्होंने पहले पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिर में केर ने ही चौका लगाकर मैच खत्म किया और टीम को यादगार जीत दिलाई। अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए। साउथ अफ्रीका ने 346 रन बनाए थे इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 50 ओवर में 346/6 रन बनाए थे। लौरा वोलवार्ट और एनेके बोश ने दूसरे विकेट के लिए 132 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में क्लो ट्रायन ने 25 गेंद में नाबाद 52 रन बनाकर स्कोर 347 तक पहुंचाया। लौरा वोलवार्ट ने 74 बॉल पर 69 रन की पारी खेली। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase

Hindi News Sports NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase | Wellington वेलिंग्टन24 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेलिया केर ने 98 रन बाउंड्री से बनाए। न्यूजीलैंड ने विमेंस वनडे का सबसे बड़ा रनचेज कर लिया। टीम ने दूसरे वनडे में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 विकेट से जीत हासिल की। अमेलिया केर की नाबाद 179 रन की पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने 348 रन का लक्ष्य 49.4 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल किया और सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। वेलिंग्टन में बुधवार को न्यूजीलैंड ने भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में इंडियन विमेंस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 विकेट खोकर 341 रन का टारगेट हासिल किया था। इसाबेला की पारी ने मैच पलटा 348 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सूजी बेट्स जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद अमेलिया केर ने पारी संभाली और जॉर्जिया प्लिमर के साथ 52 रन की साझेदारी की। मिडिल ओवर्स में टीम का स्कोर 130/4 हो गया था और मैच साउथ अफ्रीका की पकड़ में दिख रहा था। तभी केर को इसाबेला गेज का साथ मिला, जिन्होंने 48 गेंद में 68 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। दोनों के बीच 120 रन की तेज साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को मुकाबले में वापस ला दिया। इसाबेला गेज ने 11 चौके की मदद से 68 रन की पारी खेली। केर ने 23 चौके लगाए अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। उन्होंने पहले पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिर में केर ने ही चौका लगाकर मैच खत्म किया और टीम को यादगार जीत दिलाई। अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए। साउथ अफ्रीका ने 346 रन बनाए थे इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 50 ओवर में 346/6 रन बनाए थे। लौरा वोलवार्ट और एनेके बोश ने दूसरे विकेट के लिए 132 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में क्लो ट्रायन ने 25 गेंद में नाबाद 52 रन बनाकर स्कोर 347 तक पहुंचाया। लौरा वोलवार्ट ने 74 बॉल पर 69 रन की पारी खेली। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ग्वालियर में युवक लापता, मां ने एसएसपी से गुहार लगाई:मारपीट के बाद गायब हुआ किशोर, फायरिंग का वीडियो भी सौंपा

ग्वालियर में एक किशोर की मारपीट के बाद लापता होने का मामला सामने आया है। शहर के लाइन नंबर 8 क्षेत्र में रहने वाली प्रीति रजक ने अपने बेटे की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक से मदद की गुहार लगाई है। पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, प्रीति रजक अपने दो नाबालिग बेटों के साथ रहती हैं। उनका बड़ा बेटा चुन्नू उर्फ कृष्णा 26-27 तारीख की दरमियानी रात करीब 2 बजे मारपीट का शिकार हुआ था। काम से लौटते समय युवक ने रोका आवेदन में बताया गया कि कृष्णा क्रोकरी का काम करके घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में आयुष खटीक नाम का युवक मिला, जिसने उसे रोक लिया। परिजनों के अनुसार, आयुष ने किशोर को गलत काम करने के लिए उकसाया। मना करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के बाद से घर से गायब मारपीट की घटना के बाद से कृष्णा भयभीत हो गया और अगले दिन से ही घर से लापता है। परिजन उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पीड़ित मां ने एसएसपी से मुलाकात कर घटना की जानकारी दी और फायरिंग से जुड़ा एक वीडियो भी सौंपा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने संबंधित थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने और किशोर की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं। जांच जारी, आरोपी की तलाश पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। किशोर का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
नारियल खरीदते वक्त करते हैं ये गलती? जानें मीठा पानी चुनने का सही तरीका, शरीर रहेगा एकदम कूल-कूल

Last Updated:April 01, 2026, 16:32 IST गर्मी के मौसम में नारियल पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन हर नारियल अच्छा नहीं होता. अगर आप सही तरीके से नारियल चुनना सीख लें, तो हर बार मीठा, ठंडा और ताजगी से भरपूर नारियल पानी का आनंद ले सकते हैं. आइए जानते है इसके फायदे… गर्मी में नारियल खरीदना आसान नहीं होता, क्योंकि बाहर से देखकर यह समझ पाना मुश्किल होता है कि अंदर पानी कितना है और नारियल सही है या नहीं. लेकिन अगर आप इसे हाथ में उठाकर उसका वजन महसूस करें, तो काफी हद तक सही चुनाव कर सकते हैं. आमतौर पर जो नारियल वजन में भारी होता है, उसमें पानी ज्यादा होता है, जबकि हल्का नारियल अक्सर अंदर से सूखा या ज्यादा मलाईदार निकल सकता है. नारियल खरीदते समय इसे हल्का सा हिलाकर जरूर देखें. अगर छप-छप की आवाज आती है, तो समझ जाएं कि अंदर पानी अच्छी मात्रा में मौजूद है. यही नारियल पानी पाचन को बेहतर करता है और पेट को ठंडक देता है. अगर आवाज नहीं आती, तो नारियल अंदर से सूखा हो सकता है. इस आसान ट्रिक को अपनाकर आप हर बार हेल्दी और फ्रेश नारियल पानी का आनंद ले सकते हैं. नारियल का ऊपरी हिस्सा उसकी क्वालिटी का संकेत देता है. अगर वहां काले दाग या दरारें दिखाई दें, तो ऐसे नारियल को लेने से बचें. साफ और हल्का नरम ऊपरी हिस्सा ताजगी का संकेत होता है. ऐसा नारियल पीने से शरीर को जरूरी मिनरल्स मिलते हैं, जो दिल और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद होते हैं. इसलिए नारियल खरीदते समय ऊपर का हिस्सा जरूर जांच लें. Add News18 as Preferred Source on Google हरा और ताजा नारियल ही सबसे ज्यादा पानी वाला होता है. इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को ठंडा रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं. वहीं भूरा या सूखा नारियल ज्यादा मलाईदार होता है, जिसमें पानी कम होता है. इसलिए गर्मियों में हमेशा हरा नारियल चुनें, ताकि आपको ज्यादा ताजगी और फायदा मिल सके. नारियल की शेप भी उसकी क्वालिटी के बारे में बहुत कुछ बताती है. जो नारियल गोल और भरा हुआ होता है, उसमें आमतौर पर पानी ज्यादा होता है. यह पानी वजन कंट्रोल करने में भी मदद करता है, क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है. ऐसे नारियल को चुनने से आपको एक हेल्दी ड्रिंक मिलता है, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और फिटनेस बनाए रखने में सहायक होता है. नारियल का छिलका भी उसकी ताजगी का संकेत देता है. अगर छिलका सूखा और सिकुड़ा हुआ हो, तो वह नारियल पुराना हो सकता है. ताजा नारियल का छिलका हल्का चमकदार और मुलायम होता है. ऐसा नारियल पीने से स्किन को भी फायदा मिलता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. ये त्वचा को ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं और शरीर को अंदर से साफ रखने में सहायक होते हैं. गर्मी में नारियल पानी सबसे बेहतरीन ड्रिंक माना जाता है, लेकिन सही नारियल चुनना बेहद जरूरी है. अगर आप ध्यान से नारियल चुनेंगे, तो हर बार मीठा और ठंडा पानी मिलेगा. यह शरीर को हाइड्रेट रखता है, दिल को स्वस्थ बनाए रखता है और स्किन को भी चमकदार बनाता है. इसलिए अगली बार नारियल खरीदते समय इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं. First Published : April 01, 2026, 16:32 IST









