Tuesday, 07 Apr 2026 | 03:28 AM

Trending :

असम, केरल और पुडुचेरी में आज थमेगा चुनाव प्रचार:तमिलनाडु में नॉमिनेशन प्रक्रिया खत्म; लिएंडर पेस को X-कैटेगरी सुरक्षा, पिछले हफ्ते BJP में शामिल हुए भोपाल में आसिफ रजा ने आशीष पांडे बनकर किया रेप:गर्भवती पीड़िता ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIR, पुलिस ने शुरू की जांच दावा- एअर इंडिया CEO कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दिया:सितंबर 2027 तक कार्यकाल था; अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति ग्वालियर में अपहरण कर नाबालिग से रेप:मुंह दबाकर 14 साल की लड़की को घर से उठा ले गया; एकांत में किया दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार ग्वालियर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को रौंदा:2 दिन चले उपचार के बाद एक की मौत; हादसे के वक्त सैलरी लेकर लौट रहा था घर
EXCLUSIVE

सरकार ने मार्च में ₹2 लाख करोड़ GST वसूला:यह 10 महीने में सबसे ज्यादा; वित्त वर्ष-26 में कुल कलेक्शन ₹22 लाख करोड़ रहा

सरकार ने मार्च में ₹2 लाख करोड़ GST वसूला:यह 10 महीने में सबसे ज्यादा; वित्त वर्ष-26 में कुल कलेक्शन ₹22 लाख करोड़ रहा

मार्च में ग्रॉस GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया। यह 10 महीने का हाई है। वहीं मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.83 लाख करोड़ रहा था। वहीं सरकार का मार्च में नेट GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.2% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए रहा। 1 अप्रैल को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.64 लाख करोड़ रहा था। टोटल रिफंड 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए रहा वहीं टोटल रिफंड सालाना आधार पर 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹0.19 लाख करोड़ था। ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5.9% की बढ़ोतरी हुई। जबकि ग्रॉस इम्पोर्ट रेवेन्यू 0.54 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 17.8% रहा। वित्त वर्ष-26 में कुल GST कलेक्शन 22.27 लाख करोड़ पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रॉस GST कलेक्शन साल-दर-साल 8.3% बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया, जबकि नेट GST कलेक्शन 7.1% बढ़कर 19.34 लाख करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2025 में ग्रॉस GST कलेक्शन 20.25 लाख करोड़ रुपए और नेट GST कलेक्शन 18.07 लाख करोड़ रुपए रहा था। सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन अप्रैल 2025 में हुआ था सरकार ने अप्रैल 2025 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से 2.37 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सालाना आधार पर इसमें 12.6% की बढ़ोतरी हुई थी। यह GST कलेक्शन का रिकॉर्ड है। इससे पहले हाईएस्ट जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड अप्रैल 2024 में बना था। तब सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। ये खबर भी पढ़ें… रिसर्च-AI डेटा सेंटर्स से बढ़ रहा धरती का तापमान: सेंटर्स के आसपास 2 डिग्री तक गर्मी बढ़ी, भारत में 8 सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डेटा सेंटर्स से तापमान बढ़ रहा है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च में कहा गया कि जहां ये डेटा सेंटर्स काम कर रहे हैं, वहां औसतन 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ गया है। वैज्ञानिकों ने इसे ‘डेटा हीट आइलैंड इफेक्ट’ नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें…

साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।

साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।

iran middle east war Fake lockdown notice war april fool

iran middle east war Fake lockdown notice war april fool

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर एक अप्रैल को ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की। मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर सच्चाई सामने आई। उसमें ‘April Fool’ लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था। मंत्री बोले- लॉकडाउन की खबर झूठी हैं हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन की खबर पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव, हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकने की आशंका और भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोग पहले से ही चिंतित थे। इसी वजह से कई लोगों ने वायरल पोस्ट को सच मान लिया। इसके साथ ही 2020 के कोविड लॉकडाउन की यादें और उसी समय के आसपास का माहौल भी इस अफवाह के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह बना। कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं है सरकार या किसी भी सरकारी एजेंसी ने युद्ध या सुरक्षा कारणों से किसी लॉकडाउन की कोई सलाह या सूचना जारी नहीं की है। यह घटना फिर से बताती है कि डर और भ्रम के माहौल में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैल जाते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा है कि किसी भी मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक सोर्स से जरूर जांच लें। सरकार के 3 मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को नकारा… लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। 27 मार्च को सरकार के तीन मंत्रियों ने इसे नकारा था… संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू: लॉकडाउन की अफवाह कौन उड़ा रहा है। पीएम ने साफ तौर पर कहा था कि पैनिक नहीं होना है। आम लोगों को तकलीफ न हो इसके लिए टॉप लेवल से लेकर नीचे लेवल तक, यहां तक कि पीएम खुद मॉनीटर कर रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी: लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं। लॉकडाउन पर राहुल-खड़गे का बयान राहुल गांधी: मोदी जी ने कह दिया कि कोविड जैसा समय आने वाला है। कोविड में जो किया था वो भूल गए कि कितने लोग मरे थे। कैसी दुखद स्थिति हुई थी। मल्लिकार्जुन खड़गे: कोविड के दौरान हुई दुखद पीड़ा को नहीं भूला जा सकता। ऐसे में पीएम क्या 140 करोड़ भारतीयों को एक बार फिर खुद ही ऊर्जा संकट के साथ-साथ भोजन, उर्वरक और महंगाई के बढ़ते दबाव जैसे संकट का सामना करने के लिए कह रहे हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी की ईरान जंग पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, कहा- मिलकर काम करें और तैयारियां मजबूत रखें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च को ईरान जंग को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा था कि सभी राज्य टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करें और अपनी तैयारियां मजबूत रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में PM ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Millions of trees of 800 varieties turn the country pink, a sight that lasts for two weeks.

Millions of trees of 800 varieties turn the country pink, a sight that lasts for two weeks.

Hindi News Happylife Millions Of Trees Of 800 Varieties Turn The Country Pink, A Sight That Lasts For Two Weeks. टोक्यो16 मिनट पहले कॉपी लिंक इन फूलों का जीवन मात्र 7 से 14 दिन का ही होता है।- प्रतीकात्मक फोटो जापान में इन दिनों विश्व प्रसिद्ध चेरी ब्लॉसम का सीजन चल रहा है। इससे पूरा देश गुलाबी और सफेद फूलों की चादर से ढक गया है। जापान में चेरी ब्लॉसम की 800 से ज्यादा किस्में पाई जाती हैं, लेकिन यहां के 80 फीसदी पेड़ ‘सोमेई-योषिनो’ प्रजाति के हैं। इनका जीवन मात्र 7 से 14 दिन का ही होता है। इन फूलों को देखने के लिए लाखों लोग देश-विदेश से यहां पहुंचते हैं। इन फूलों को न सिर्फ देखा जाता है, बल्कि इनकी पंखुड़ियों को सुखाकर चाय और मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है। अगले एक हफ्ते तक यह नजारा बना रहेगा, जिसके बाद पंखुड़ियां गिरना शुरू हो जाएंगी। इससे जापान में पर्यटन बढ़ता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है। चेरी ब्लॉसम देखने के लिए जापान जाने का सबसे अच्छा समय जापान में चेरी के फूल खिलने का मौसम वसंत ऋतु में मार्च से मई तक रहता है। देश के चेरी के पेड़ों को पूरी तरह खिलते हुए देखने का सबसे अच्छा समय आमतौर पर मार्च के अंत से अप्रैल तक होता है, हालांकि, यह आपके घूमने के क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। फुकुओका में, पहला फूल आमतौर पर मार्च के मध्य से अंत तक खिलता है, और मार्च के आखिरी कुछ दिनों से अप्रैल के पहले कुछ दिनों तक यह अपने चरम पर होता है। टोक्यो, क्योटो और ओसाका में, चेरी के पेड़ आमतौर पर मार्च के आखिरी सप्ताह में फूलना शुरू करते हैं और अप्रैल के पहले सप्ताह में पूरी तरह खिल जाते हैं। मौसम के आखिरी चेरी के फूल होक्काइडो जैसे उत्तरी क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जो अप्रैल के अंत से मई के शुरुआती दिनों तक खिलते हैं। अंततः, चेरी के फूल कब और कितने समय तक खिलेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है, और पूर्वानुमान तापमान, वर्षा और हवा जैसे कई कारकों से प्रभावित होते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

शिवपुरी में सड़क हादसा, हेल्पर की मौत:अमोला घाटी पर खड़े टैंकर में डंपर ने मारी टक्कर, चालक फरार

शिवपुरी में सड़क हादसा, हेल्पर की मौत:अमोला घाटी पर खड़े टैंकर में डंपर ने मारी टक्कर, चालक फरार

शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सड़क हादसे में डंपर हेल्पर की मौत हो गई। अमोला घाटी स्थित एनएच-27 पर खड़े एक टैंकर में पीछे से आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी थी। मृतक की पहचान मुरैना निवासी अजीत गुर्जर के रूप में हुई है। यह हादसा मंगलवार रात करीब 11 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर में सवार हेल्पर केबिन में फंस गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी प्रयासों के बाद हेल्पर को बाहर निकाला। उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद डंपर चालक फरार हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बताया गया है कि शिवपुरी की ओर आ रहा टैंकर रास्ते में खराब हो गया था, जिसके कारण उसे हाइवे किनारे खड़ा किया गया था। इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से उसमें टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त टैंकर खाली था। सुरवाया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या AC बना रहा आपको कमजोर? सेहत पर कैसे डाल रहा असर, जानें एक्सपर्ट्स से

authorimg

Last Updated:April 01, 2026, 14:51 IST Side effects of AC: गर्मी से राहत पाने के लिए एसी का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन घंटों एसी की हवा में रहने से आंखों की सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है. ड्राईनेस, जलन और इन्फेक्शन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. अलीगढ़: जैसे-जैसे गर्मियां अपने चरम की ओर बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे घरों में एसी का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है. लोग अपने आराम और ठंडक के लिए एयर कंडीशनर का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके लगातार इस्तेमाल से न सिर्फ पर्यावरण बल्कि स्वास्थ्य पर भी कई तरह के प्रभाव पड़ते हैं. आइए जानते हैं एसी के नुकसान. एएमयू के जोग्राफी विभाग की प्रोफेसर सालेहा जमाल ने बताया कि एसी का आपके शरीर पर कैसा असर पड़ता है इसके बारे में बात करें तो एसी बंद कमरे की हवा को बार-बार सर्कुलेट करता है. इस प्रक्रिया में हवा में मौजूद धूल के कण (डस्ट पार्टिकल्स) और परागकण (पोलन) भी लगातार घूमते रहते हैं. ऐसे में जिन लोगों को सांस से जुड़ी समस्याएं हैं, जैसे अस्थमा या अन्य क्रॉनिक पल्मोनरी डिजीज, उनके लिए यह स्थिति परेशानी बढ़ाने वाली हो सकती है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा एसी हवा को ठंडा करने के साथ-साथ कमरे की नमी (मॉइस्चर) भी कम कर देता है. नमी की कमी के कारण आंखों में सूखापन, गले में खराश और सांस की नलियों में ड्रायनेस की समस्या हो सकती है. इससे बचने के लिए कमरे में पानी से भरा खुला बर्तन रखने से नमी को कुछ हद तक बनाए रखा जा सकता है. एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि लगातार ठंडे वातावरण में रहने से शरीर उस तापमान का आदी हो जाता है. ऐसे में जब व्यक्ति अचानक तेज गर्मी में बाहर निकलता है, तो शरीर पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसलिए एसी का तापमान बहुत कम 16-18 डिग्री रखने के बजाय 24-26 डिग्री के बीच रखना अधिक उचित माना जाता है. उन्होंने बताया कि एसी की नियमित सफाई और सर्विसिंग भी बेहद जरूरी है. यदि समय-समय पर इसकी देखभाल नहीं की जाए, तो इसमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं. अगर पर्यावरण पर इसके प्रभाव की बात करें, तो एसी से निकलने वाली गैसें जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती हैं और ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देती हैं. इसके अलावा एसी की बाहरी यूनिट गर्म हवा छोड़ती है, जिससे आसपास का तापमान और अधिक बढ़ जाता है. हालांकि, अब नई तकनीकों के माध्यम से इन प्रभावों को कम करने की कोशिश की जा रही है. इन्वर्टर एसी और इको-फ्रेंडली रेफ्रिजरेंट्स वाले एसी का उपयोग करके ऊर्जा की खपत और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है. इस प्रकार, एसी का उपयोग जहां एक ओर आराम देता है, वहीं इसके सही इस्तेमाल और रखरखाव पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को सुरक्षित रखा जा सके. About the Author काव्‍या मिश्रा Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें Location : Aligarh,Uttar Pradesh First Published : April 01, 2026, 14:51 IST

Admit Cards Tomorrow, 7.70 Lakh Candidates in 1174 Centers

Admit Cards Tomorrow, 7.70 Lakh Candidates in 1174 Centers

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से एसआई भर्ती एग्जाम 5 एवं 6 अप्रैल को होंगे। प्रदेश के 41 चयनित शहरों में स्थापित 1174 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7.70 लाख कैंडिडेट्स सम्मिलित होंगे। . ये वैकेसी 1015 पदों के लिए है। दोनों दिन सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक सामान्य हिंदी तथा दोपहर 3 से सांय 5 बजे तक जनरल नॉलेज एंड जनरल साइंस के प्रश्न-पत्र की परीक्षा होगी। परीक्षा के प्रवेश पत्र 2 अप्रैल 2026 को आयोग की वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। परीक्षा जिला की जानकारी 29 मार्च 2026 से एसएसओ पोर्टल पर उपलब्ध है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार-परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न पत्र के लिए ओएमआर उत्तर पत्रक के पांचवें विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से आवेदन-पत्र क्रमांक व जन्म दिनांक प्रविष्ट कर डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी प्रवेश-पत्रों को डाउनलोड किया जा सकता है। एक घंटे पहले मिलेगी सेंटर पर एंट्री परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। पहचान पत्र जरूरी है मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लाएं। अगर आधार पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएँ- वोटर आईडी पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस (सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए) एडमिट कार्ड पर भी अपना लेटेस्ट रंगीन फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। आरपीएससी ने एग्जाम को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। बहकावें में नहीं आए, करें सूचना आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। ….. पढें ये खबर भी…. ‘SI भर्ती-2025’ एग्जाम इस बार दो दिन!:पेपरलीक से बचने के लिए बड़े बदलाव; जानिए-पिछले-इस एग्जाम क्या अंतर? राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 का एग्जाम इस बार तीन दिन के बजाय दो दिन में ही होने की संभावना है। हर दिन दो पारियों में पेपर होंगे। इस परीक्षा में करीब पौने आठ लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किए हैं। (पूरी खबर पढें)

कड़वाहट में छिपा है स्वास्थ्य का खजाना, रोजाना करें करेले का सेवन, मोटापा घटाने में मददगार – News18 हिंदी

arw img

X रोजाना करें करेले का सेवन, मोटापा घटाने में मददगार   Benefits of Bitter Gourd: करेला एक ऐसी सब्जी है जो स्वाद में भले कड़वी हो. लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों के उपचार में उपयोगी बताया गया है. इसमें मौजूद औषधीय गुण अपच, कब्ज, मोटापा, लिवर समस्या, यूरिन इन्फेक्शन, स्किन एलर्जी और किडनी संबंधी दिक्कतों में लाभ पहुंचाते है. बाराबंकी जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा के अनुसार करेले का जूस पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस की समस्या से राहत देता है. वजन बढ़ने या कैलोरी असंतुलन की स्थिति में भी करेले का सेवन लाभकारी है. इसके रस का सेवन त्वचा संबंधी समस्याओं और यूरिन इन्फेक्शन में मददगार माना जाता है. हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि करेले का नियमित सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें, क्योंकि हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरत अलग होती है.

Mumbai High Court Rejects Anita Advani Petition

Mumbai High Court Rejects Anita Advani Petition

Hindi News Entertainment Mumbai High Court Rejects Anita Advani Petition | Rajesh Khanna, Dimple Kapadia, Akshay Kumar Relief 19 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को अभिनेत्री अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दिवंगत एक्टर राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस शर्मिला देशमुख ने दिंडोशी कोर्ट के पुराने फैसले को बरकरार रखते हुए यह आदेश सुनाया। इस फैसले के साथ ही राजेश खन्ना के परिवार यानी डिंपल कपाड़िया, अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना को कानूनी राहत मिली है। दरअसल अनीता आडवाणी ने सार्वजनिक तौर पर दावा किया था कि वह पिछले कई सालों तक एक्टर की साथी रहीं थी। उन्होंने संपत्ति में हिस्सेदारी और रहने के लिए घर की मांग की थी। दिंडोशी कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती अनीता आडवाणी ने दिंडोशी की एक सिविल कोर्ट के 2017 के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। उस समय दिंडोशी कोर्ट ने तकनीकी आधार पर अनीता के सिविल सूट को खारिज कर दिया था। बुधवार को हाई कोर्ट ने अनीता के वकील और डिंपल कपाड़िया व अक्षय कुमार के वकीलों की लंबी दलीलें सुनने के बाद कहा कि पहली अपील को खारिज किया जाता है। 2012 से चल रही है कानूनी लड़ाई राजेश खन्ना के निधन के बाद साल 2012 से ही अनीता आडवाणी और खन्ना परिवार के बीच कई अदालती मामले चल रहे हैं। अनीता ने दावा किया था कि वह सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ उनके बांद्रा स्थित बंगले ‘आशीर्वाद’ में लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया, अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज कराया था। अनीता का आरोप था कि राजेश खन्ना की मौत के बाद उन्हें बंगले से जबरन बाहर निकाल दिया गया था। कोर्ट ने कहा था- यह रिश्ता शादी जैसा नहीं इससे पहले साल 2015 में भी बॉम्बे हाई कोर्ट ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ चल रही घरेलू हिंसा की कार्यवाही को रद्द कर दिया था। तब कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा था कि अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना का रिश्ता घरेलू हिंसा कानून, 2005 के तहत ‘शादी की प्रकृति’ वाला नहीं था। इसी टिप्पणी को आधार बनाकर अब उनकी शादी की मान्यता वाली अपील भी खारिज हो गई है। बंगले ‘आशीर्वाद’ से शुरू हुआ विवाद राजेश खन्ना का निधन जुलाई 2012 में हुआ था। उनकी मौत के तुरंत बाद अनीता आडवाणी ने सार्वजनिक तौर पर दावा किया था कि वह पिछले कई सालों से एक्टर की साथी रही हैं। उन्होंने संपत्ति में हिस्सेदारी और रहने के लिए घर की मांग की थी। हालांकि, खन्ना परिवार ने हमेशा इन दावों को नकारा। विवादों के केंद्र में रहा बंगला ‘आशीर्वाद’ बाद में बेच दिया गया था, लेकिन कानूनी लड़ाई पिछले 14 सालों से जारी थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔