Sunday, 12 Jul 2026 | 06:42 PM

Trending :

EXCLUSIVE

मझगवां में 11 माह की बच्ची की मौत:श्वास नली में दूध फंसना बताया गया कारण, कुपोषण से मौत की जताई गई थी आशंका

मझगवां में 11 माह की बच्ची की मौत:श्वास नली में दूध फंसना बताया गया कारण, कुपोषण से मौत की जताई गई थी आशंका

सतना जिले के आदिवासी बहुल मझगवां क्षेत्र में 11 माह की एक बच्ची की मौत के बाद महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत का कारण कुपोषण बताया जा रहा था, लेकिन प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में श्वास नली में दूध फंसने को मौत की वजह बताया गया है। जानकारी के अनुसार, मझगवां ब्लॉक की महतैन ग्राम पंचायत के कैमहा गांव में राजललन की 11 माह 20 दिन की बेटी भारती मवासी की रविवार-सोमवार की दरमियानी रात मौत हो गई। भारती को तीन दिन से बुखार था, जिसका इलाज परिजन गांव के कथित डॉक्टर लालबहादुर से करा रहे थे। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही सोमवार को प्रशासनिक, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम कैमहा गांव पहुंची। टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि इलाज के बाद बच्ची को आराम मिल रहा था। कुपोषण से मौत की आशंका को जांच टीम ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। श्वसन नली में दूध जाने की आशंका
जांच के दौरान सामने आया कि रविवार रात बच्ची अपनी मां के साथ सो रही थी। मां ने उसे लेटकर दूध पिलाया। रात करीब 12 बजे मां ने देखा तो भारती के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। शिशुरोग विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों को लेटकर दूध पिलाने के बाद उन्हें उठाकर थपकी देना आवश्यक होता है, अन्यथा दूध श्वसन नली में फंस सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया श्वसन नली में दूध जाने की वजह से ही मौत की आशंका है। हालांकि, मौत की स्पष्ट वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी होता है, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने भारती को दफना दिया था। टीम में मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला, डीपीओ राजीव सिंह, बीएमओ डॉ रूपेश सोनी, सीडीपीओ अभय द्विवेदी आदि शामिल रहे। इससे पहले डीआईओ डॉ सुचित्रा अग्रवाल ने भी गांव पहुंचकर जांच की। डीआईओ ने बताया आधार कार्ड नहीं होने की वजह से परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। तो क्या कुपोषित थी भारती?
भारती की मौत के बाद उसके कुपोषित होने का सवाल दिन भर चर्चा में रहा। विशेषज्ञ बताते हैं कि 11 माह की लड़कियों का वजन 8 से 10 किलोग्राम होना चाहिए, लेकिन 10 मार्च को आखिरी जांच में भारती का वजन 7 किलो 208 ग्राम था जो सामान्य से थोड़ा कम था। जांच टीम के मुताबिक भारती का वजन जरूर कम था, लेकिन इससे किसी की मौत नहीं होती। मौत की वजह जानने के लिए पीएम जरूरी थी, जो नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि 21 वर्ष की उम्र भूरी मवासी ने भारती को जन्म दिया था। अभी वह पांचवी दफा गर्भवती है, इससे बच्चों की बेहतर केयर नहीं हो पाती। मामले में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने बताया कि बच्ची की मौत की खबर मिलते ही मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम भेजी गई थी जिससे वास्तविक स्थित पता चल सके, टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

May 13, 2026/
11:07 pm

भरवाँ काली मिर्च बनाने की सामग्री: 4 बड़ी मीठी मिर्च, 3 छोटे टमाटर, 1 तरबूज़ कटे टमाटर, 2 हरी मिर्च,...

उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की नई जर्सी लॉन्च:CM और खेल मंत्री ने किया विमोचन; रेखा आर्या बोलीं- युवाओं के सपनों का मंच है हिमाद्री आइस रिंक

May 5, 2026/
7:21 pm

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज स्थित ‘हिमाद्री आइस रिंक’ के जीर्णोद्धार का एक साल पूरा होने पर मंगलवार को एक कार्यक्रम...

नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR:गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप; 2 दिन बाद फैक्ट्रियां खुलीं, फोर्स तैनात

April 15, 2026/
7:47 am

नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह...

थलापति विजय की 'जन नायकन' लीक करने पर 6 गिरफ्तार:300 से ज्यादा पाइरेटेड लिंक हटाए गए, क्लाउड स्टोरेज के जरिए बांटी गई थी फिल्म

April 13, 2026/
6:13 pm

थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ के इंटरनेट पर लीक होने के मामले में तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग ने 6...

रणबीर कपूर ने पहले ठुकरा दिया था रामायण का ऑफर:बेटी राहा के जन्म के बाद बदला फैसला; रामानंद सागर की रामायण देखकर की तैयारी

April 1, 2026/
8:49 pm

नीतीश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘रामायण’ का पहला टीजर कल यानी गुरुवार को भारत में रिलीज किया जाएगा।...

राजनीति

मझगवां में 11 माह की बच्ची की मौत:श्वास नली में दूध फंसना बताया गया कारण, कुपोषण से मौत की जताई गई थी आशंका

मझगवां में 11 माह की बच्ची की मौत:श्वास नली में दूध फंसना बताया गया कारण, कुपोषण से मौत की जताई गई थी आशंका

सतना जिले के आदिवासी बहुल मझगवां क्षेत्र में 11 माह की एक बच्ची की मौत के बाद महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत का कारण कुपोषण बताया जा रहा था, लेकिन प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में श्वास नली में दूध फंसने को मौत की वजह बताया गया है। जानकारी के अनुसार, मझगवां ब्लॉक की महतैन ग्राम पंचायत के कैमहा गांव में राजललन की 11 माह 20 दिन की बेटी भारती मवासी की रविवार-सोमवार की दरमियानी रात मौत हो गई। भारती को तीन दिन से बुखार था, जिसका इलाज परिजन गांव के कथित डॉक्टर लालबहादुर से करा रहे थे। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही सोमवार को प्रशासनिक, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम कैमहा गांव पहुंची। टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि इलाज के बाद बच्ची को आराम मिल रहा था। कुपोषण से मौत की आशंका को जांच टीम ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। श्वसन नली में दूध जाने की आशंका
जांच के दौरान सामने आया कि रविवार रात बच्ची अपनी मां के साथ सो रही थी। मां ने उसे लेटकर दूध पिलाया। रात करीब 12 बजे मां ने देखा तो भारती के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। शिशुरोग विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों को लेटकर दूध पिलाने के बाद उन्हें उठाकर थपकी देना आवश्यक होता है, अन्यथा दूध श्वसन नली में फंस सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया श्वसन नली में दूध जाने की वजह से ही मौत की आशंका है। हालांकि, मौत की स्पष्ट वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी होता है, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने भारती को दफना दिया था। टीम में मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला, डीपीओ राजीव सिंह, बीएमओ डॉ रूपेश सोनी, सीडीपीओ अभय द्विवेदी आदि शामिल रहे। इससे पहले डीआईओ डॉ सुचित्रा अग्रवाल ने भी गांव पहुंचकर जांच की। डीआईओ ने बताया आधार कार्ड नहीं होने की वजह से परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। तो क्या कुपोषित थी भारती?
भारती की मौत के बाद उसके कुपोषित होने का सवाल दिन भर चर्चा में रहा। विशेषज्ञ बताते हैं कि 11 माह की लड़कियों का वजन 8 से 10 किलोग्राम होना चाहिए, लेकिन 10 मार्च को आखिरी जांच में भारती का वजन 7 किलो 208 ग्राम था जो सामान्य से थोड़ा कम था। जांच टीम के मुताबिक भारती का वजन जरूर कम था, लेकिन इससे किसी की मौत नहीं होती। मौत की वजह जानने के लिए पीएम जरूरी थी, जो नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि 21 वर्ष की उम्र भूरी मवासी ने भारती को जन्म दिया था। अभी वह पांचवी दफा गर्भवती है, इससे बच्चों की बेहतर केयर नहीं हो पाती। मामले में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने बताया कि बच्ची की मौत की खबर मिलते ही मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम भेजी गई थी जिससे वास्तविक स्थित पता चल सके, टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.