Tuesday, 26 May 2026 | 09:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Gujarat Govt Jobs | 11000 Vacancies Released; DCC Bank 104 Posts

Gujarat Govt Jobs | 11000 Vacancies Released; DCC Bank 104 Posts

Hindi News Career Gujarat Govt Jobs | 11000 Vacancies Released; DCC Bank 104 Posts 1 घंटे पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी गुजरात में 11000 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की, जामनगर डीसीसी बैंक में 104 पदों पर भर्ती की। साथ ही बिहार में सिविल जज पीसीएस जे परीक्षा 2026 के तहत 173 भर्ती की लास्ट डेट एक्सटेंड होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. गुजरात में 11000 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 15 अप्रैल से करें अप्लाई गुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षा चयन समिति (GSPESC) ने 1 अप्रैल 2026 को विद्या सहायक (कक्षा-3) भर्ती 2026 का डिटेल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह भर्ती कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए की जाएगी। इस भर्ती के तहत गुजरात के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में लगभग 11,000 पद भरे जाएंगे, जो जिला और नगर प्राथमिक शिक्षा समितियों के अंतर्गत आते हैं। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट dpegujarat.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। कुल पदों में से 4% पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। जो पद पहले भर्ती अभियान में नहीं भर पाए थे, उन्हें इस भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। फीस जमा करने और हार्डकॉपी जमा करने की आखिरी तारीख भी 24 अप्रैल तय की गई है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : टीईटी – 1 एग्जाम पास, D.El.Ed. या इसके समकक्ष या D.El.Ed. फाइनल ईयर के स्टूडेंट भी आवेदन कर सकते हैं। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 33 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को गुजरात सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 200 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी : 100 सैलरी : पे लेवल – 7 के अनुसार शुरुआती 5 साल के लिए : 26 हजार रुपए प्रतिमाह 5 साल के बाद : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट लिस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन डिस्ट्रिक्ट एंड स्कूल एलोकेशन सिलेबस : चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी : लर्निंग थ्योरीज, चाइल्ड साइकोलॉजी, टीचिंग मैथड्स लैंग्वेज 1 (गुजराती) : ग्रामर, कॉम्प्रिहेंशन, टीचिंग स्किल्स, लैंग्वेज डेवलपमेंट लैंग्वेज 2 (इंग्लिश) : बेसिक इंग्लिश, वोकेब्यूलरी, ग्रामर, कम्युनिकेशन स्किल्स मैथमेटिक्स : एरिदमेटिक, जियोमेट्री, मेजरमेंट, टीचिंग मैथोडोलॉजी एनवायरोमेंटल स्टडीज : साइंस एंड सोशल स्टडीज बेसिक्स, एनवायरोमेंट, डेली लाइफ कॉन्सेप्ट्स ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट dpegujarat.in पर जाएं। होमपेज पर “Vidyasahayak Recruitment/Apply Online” लिंक पर क्लिक करें। अगर नए यूजर हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करें। लॉग इन करके अन्य डिटेल्स दर्ज करें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. जामनगर डीसीसी बैंक में 104 पदों पर भर्ती, जामनगर डीसीसी बैंक भर्ती 2026 के तहत क्लर्क, चपरासी और असिस्टेंट ऑफिसर सहित 104 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट recruitment.ugrowhrservices.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या असिस्टेंट ऑफिसर, आईटी 1 असिस्टेंट ऑफिसर, कंप्लायेंस 1 असिस्टेंट ऑफिसर,ट्रेजरी 1 असिस्टेंट ऑफिसर,स्टैटिक्स 1 क्लर्क 59 चपरासी 41 कुल पदों की संख्या 104 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार 10वीं, 12वीं पास, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 35 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम इंटरव्यू जरूरी डॉक्यूमेंट्स : एजुकेशनल सर्टिफिकेट आईडी प्रूफ फोटो और सिग्नेचर एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट recruitment.ugrowhrservices.com पर जाएं। करिअर सेक्शन पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके इस नंबर से लॉगिन करें। आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. बिहार में 173 पदों के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, 30 अप्रैल तक करें अप्लाई बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) सिविल जज पीसीएस जे परीक्षा 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल 2026 तक के लिए एक्सटेंड की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले आवेदन की आखिरी तारीख 18 मार्च 2026 थी। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या अनारक्षित 69 ईडब्ल्यूएस 17 ईबीसी 36 बीसी 21 एससी 28 एसटी 02 कुल 173 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से लॉ में बैचलर डिग्री। 3 साल का वर्क एक्सपीरियंस होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 22 साल अधिकतम : 35 साल महिला : अधिकतम 40 साल ओबीसी : 3 साल की छूट एससी/एसटी/महिला/पीडब्ल्यूडी : 5 साल की छूट फीस : सामान्य/ओबीसी/अन्य राज्य/एससी/एसटी/पीएच/महिला : 100 रुपए सैलरी : जारी नहीं सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम इंटरव्यू एग्जाम पैटर्न : प्रीलिम्स एग्जाम : पेपर की संख्या विषय प्रश्नों की संख्या अंक पेपर – 1 जनरल नॉलेज 100 100 पेपर – 2 लॉ 150 150 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं। अगर आपने OTR प्रोसेस पूरा नहीं किया है, तो पहले इसे पूरा करें। होमपेज पर लॉग इन डैशबोर्ड कॉलम में New Registration (One Time Registration) के लिंक पर क्लिक करें। अपनी ईमेल आईडी भरकर ओटीपी वेरिफाई करें। इसी तरह मोबाइल नंबर भी वेरिफाई करना होगा। अपना पासवर्ड क्रिएट करने के बाद कैंडिडेट्स का नाम और अन्य डिटेल्स भरें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक आवेदन की तारीख बढ़ने का नया नोटिफिकेशन 4. HPRCA में 312 पदों के लिए लास्ट डेट एक्सटेंड, 13 अप्रैल तक करें अप्लाई हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) की ओर से असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 312 पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख को 13 अप्रैल तक के लिए एक्सटेंड कर दिया गया है। कैटेगरी वाइज वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सामान्य (UR) 112 ईडब्ल्यूएस 40 जनरल (WFF) 4 अनुसूचित जाति (UR) 62 अनुसूचित जाति (IRDP) 12 अनुसूचित जाति (WFF) 2 अनुसूचित जनजाति (UR) 12 अनुसूचित जनजाति (IRDP) 4 अन्य पिछड़ा वर्ग (अनारक्षित) 50 अन्य पिछड़ा वर्ग (IRDP) 12 अन्य पिछड़ा वर्ग (WFF) 2 कुल पदों की संख्या 312 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

बरगवां आरओबी निर्माण में देरी, कंपनी पर कार्रवाई तय:सिंगरौली में डेढ़ साल पहले शुरू होना था काम, पीडब्ल्यूडी ने नोटिस दिया

बरगवां आरओबी निर्माण में देरी, कंपनी पर कार्रवाई तय:सिंगरौली में डेढ़ साल पहले शुरू होना था काम, पीडब्ल्यूडी ने नोटिस दिया

सिंगरौली जिले के बरगवां में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य में लगातार देरी हो रही है। परियोजना का काम जुलाई 2025 में शुरू होना था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, जिस कंपनी को आरओबी निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने अभी तक साइट पर सक्रिय रूप से काम शुरू नहीं किया है। प्रारंभिक तैयारियों में भी सुस्ती देखी गई है, जिसके कारण परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में इस देरी को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है। पीडब्ल्यूडी रीवा संभाग में ब्रिज का काम देखने वाले एसडीओ पीके सिंह बघेल ने बताया, “आरओबी निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। यदि जल्द काम शुरू नहीं किया गया, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

तमिलनाडु चुनाव: 21 सीटों पर द्रमुक, अन्नाद्रमुक नहीं। टीवीके का सबसे अच्छा मौका? | भारत समाचार

KKR vs SRH Live Score, IPL 2026

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 19:21 IST तमिलनाडु की चुनावी गतिशीलता में एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव को रेखांकित करते हुए, उनके संबंधित गठबंधन सहयोगियों के उम्मीदवार अपनी पार्टी के प्रतीकों का उपयोग करके आमने-सामने होंगे। छोटी या उभरती पार्टियों के सुविधाजनक दृष्टिकोण से, प्रमुख प्रतीकों की अनुपस्थिति एक दुर्लभ अवसर प्रदान करती है। (प्रतीकात्मक छवि) असामान्य रूप से प्रतिस्पर्धी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में, राज्य भर में 21 निर्वाचन क्षेत्रों में द्रमुक के परिचित “उगते सूरज” या मतपत्र पर अन्नाद्रमुक के “दो पत्तों” के बिना चुनाव होंगे। इसके बजाय, उनके संबंधित गठबंधन सहयोगियों के उम्मीदवार अपनी पार्टी के प्रतीकों का उपयोग करके मुकाबला करेंगे, जो तमिलनाडु की चुनावी गतिशीलता में एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव को रेखांकित करेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह 2021 के चुनावों में 11 ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों से उल्लेखनीय उछाल का संकेत देता है, जो गठबंधन रणनीतियों में छोटे दलों के बढ़ते वजन की ओर इशारा करता है। यह बदलाव टीवीके और एनटीके जैसे उभरते खिलाड़ियों के लिए भी अपनी चुनावी पकड़ मजबूत करने का रास्ता खोल रहा है। टीओआई ने चुनाव विशेषज्ञ आर चंद्रशेखरन के हवाले से कहा, “दोनों पार्टियों ने छोटी पार्टियों से वोट ट्रांसफर को ध्यान में रखा है। डीएमके नेता एमके स्टालिन ने यह आकलन करने के बाद 20 से अधिक पार्टियों को अपने गठबंधन में लाया है कि साझेदार एक निर्वाचन क्षेत्र में 5,000 से 20,000 वोटों का योगदान कर सकते हैं।” पुनर्गणना से सहयोगियों को अधिक सीटें आवंटित की गई हैं, जिनमें से कई प्रमुख पार्टी के बजाय अपने स्वयं के प्रतीकों के तहत चुनाव लड़ना पसंद कर रहे हैं। चन्द्रशेखरन ने आगे कहा कि अभिनेता विजय के तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के प्रवेश से राजनीतिक गणित जटिल हो गया है। उनके अनुसार, इस नए कारक से पिछले चुनावों की तुलना में जीत का अंतर कम होने की संभावना है, जिससे द्रमुक के नेतृत्व वाले और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले दोनों गठबंधनों को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। छोटी या उभरती पार्टियों के सुविधाजनक दृष्टिकोण से, प्रमुख प्रतीकों की अनुपस्थिति एक दुर्लभ अवसर प्रदान करती है। जैसा कि राष्ट्रीय दलों के वॉर रूम में काम कर चुके राजनीतिक विश्लेषक वी भारती ने टीओआई को बताया, दो प्रमुख प्रतीकों की अनुपस्थिति तीसरे और चौथे मोर्चों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालाँकि, उन्होंने आगाह किया कि ये पार्टियाँ अकेले इस कारक पर भरोसा नहीं कर सकतीं, खासकर इसलिए क्योंकि इनमें से कई निर्वाचन क्षेत्र स्थापित गठबंधन सहयोगियों के गढ़ बने हुए हैं। इनमें से कई सीटों पर जमीनी हकीकत मजबूत खिलाड़ियों के पक्ष में बनी हुई है। उदाहरण के लिए, थल्ली को लंबे समय से सीपीआई का गढ़ माना जाता है, जहां पार्टी लगातार जीत हासिल करती रही है। विरुधाचलम में विजयकांत की डीएमडीके की विरासत है, जिसने 2006 और 2011 दोनों में सीट जीती थी, और अब प्रेमलता 15 साल के अंतराल के बाद चुनाव लड़ने के लिए लौट रही हैं। कट्टुमन्नारकोइल में, वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन उस जगह से चुनाव लड़ रहे हैं जो परंपरागत रूप से उनकी पार्टी का गढ़ रहा है। विशेष रूप से, 21 निर्वाचन क्षेत्रों में से नौ का प्रतिनिधित्व वर्तमान में कांग्रेस विधायकों द्वारा किया जाता है। भारती ने कथित तौर पर कहा, “गठबंधन के उम्मीदवारों को इन सीटों पर स्थापित मतदाता आधार वाले स्थानीय नेताओं का समर्थन प्राप्त है। प्रतिस्पर्धा करने के लिए, टीवीके और एनटीके को तुलनीय स्थानीय उपस्थिति और प्रभाव वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की आवश्यकता होगी।” जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 19:21 IST न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु चुनाव: 21 सीटों पर द्रमुक, अन्नाद्रमुक नहीं। टीवीके का सबसे अच्छा मौका? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)डीएमके एआईएडीएमके गठबंधन(टी)उगता सूरज प्रतीक(टी)दो पत्तियों का प्रतीक(टी)छोटी पार्टियों का प्रभाव(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम टीवीके(टी)नाम तमिलर काची एनटीके(टी)गठबंधन साझेदार सीटें

जान जोखिम में पर 45,000 की तनख्वाह छोड़ना मुश्किल:खाड़ी से रेमिटेंस बंद हुआ तो डूब जाएगी 2.4 करोड़ परिवारों की इकोनॉमी

जान जोखिम में पर 45,000 की तनख्वाह छोड़ना मुश्किल:खाड़ी से रेमिटेंस बंद हुआ तो डूब जाएगी 2.4 करोड़ परिवारों की इकोनॉमी

जब सायरन बजता है, तो नॉर्मा टैक्टाकॉन बस दुआ करती हैं। 49 साल की नॉर्मा कतर में घरेलू कामगार हैं। फिलीपींस में उनके पति और तीन बच्चे हैं। अमेरिका-इजराइल से जंग के बीच खाड़ी के देश ईरान के निशाने पर हैं। नॉर्मा उसी आग की लपटों में फंसी हैं। वे कहती हैं, ‘हवा में मिसाइलें देखकर डर लगता है। मुझे जिंदा रहना है- बच्चों के लिए। मैं ही उनका सब कुछ हूं।’ दरअसल फिलीपींस में घरेलू काम से जो मिलता है, उससे 4-5 गुना यानी प्रति माह 500 डॉलर (करीब 45,000 रुपए) खाड़ी में मिलता है। यही वजह है कि जान जोखिम में होने के बावजूद वो घर नहीं लौट पा रहीं। नॉर्मा अकेली नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के मुताबिक, खाड़ी देशों में 2.4 करोड़ प्रवासी मजदूर हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, फिलीपींस और इंडोनेशिया के लोग सबसे ज्यादा हैं। इस युद्ध में अब तक कम से कम 12 दक्षिण एशियाई मजदूर जान गंवा चुके हैं। नेपाल के दिबास श्रेष्ठ (29) अबुधाबी में सिक्योरिटी गार्ड थे। 1 मार्च को ईरान के हमले में उनकी मौत हो गई। उनके चाचा रमेश बताते हैं, ‘मैंने उन्हें नेपाल लौटने को कहा था, पर वे कहते थे- यहां अच्छी जिंदगी है।’ दिबास 2015 के भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए माता-पिता का घर बनवाने के लिए पैसे जोड़ रहे थे। दुबई में बांग्लादेश के 55 साल के अहमद अली की मौत मिसाइल के मलबे से हुई। अली हर महीने 45-55 हजार रुपए घर भेजते थे। घर लौटना आसान भी नहीं है। युद्ध ने दुबई, अबुधाबी और कतर की उड़ानें बाधित कर दी हैं। फिलीपींस की आखिरी वापसी फ्लाइट में 234 मजदूरों को कुवैत, कतर और बहरीन से 8 घंटे सड़क मार्ग से सऊदी अरब ले जाया गया, तब जाकर वे फ्लाइट पकड़ पाए। पर ज्यादातर लोग घर जाना ही नहीं चाहते। म्यांमार की सू सू (31) दुबई में रियल एस्टेट कंपनी में काम करती हैं। वह म्यांमार में गृहयुद्ध से भागकर आई थीं। वे घर में काम कर रही हैं, सायरन सुनकर खिड़की से दूर हो जाती हैं। फिर भी कहती हैं, ‘यहां का माहौल शांत लगता है। मुझे भरोसा है कि सब ठीक हो जाएगा।’ खाड़ी से आए पैसे पर कुछ देशों की अर्थव्यवस्था 10% तक निर्भर फिलीपींस के कुल विदेशी मजदूरों में से आधे से ज्यादा करीब 10 लाख खाड़ी देशों में हैं। उनके भेजे पैसे फिलीपींस की अर्थव्यवस्था का 10% हैं। बांग्लादेश के 1.4 करोड़ प्रवासियों में से अधिकांश खाड़ी में काम करते हैं। उनकी रेमिटेंस देश की जीडीपी की जीवनरेखा है। आईएलओ के मुताबिक, खाड़ी में 2.4 करोड़ प्रवासी मजदूर हैं, जो कंस्ट्रक्शन से लेकर घरेलू काम तक हर सेक्टर की रीढ़ हैं। युद्ध ने इस पूरी व्यवस्था को हिला दिया है।

क्या मार्च महीने में पीरियड्स आने में होती है देरी? सामने आया चौंकाने वाला वैज्ञानिक कारण

ask search icon

Last Updated:April 02, 2026, 18:11 IST क्या इस बार मार्च के महीने में आपका पीरियड्स इर्रेगुलर या काफी लेट आया है? हर बार मार्च के महीने में ही मासिक धर्म में देरी होती है? इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. किसी खास महीने से पीरियड्स के लेट आने का क्या लेना-देना है, अगर मार्च में ही पीरियड्स लेट आते हैं तो इसके पीछे क्या कोई वैज्ञानिक कारण, मौसमी परिवर्तन आदि जिम्मेदार है? यहां जानिए एक्सपर्ट की राय… महिलाओं को हर महीने पीरियड्स आते हैं. कुछ को मासिक धर्म आने में थोड़ा लेट हो जाता है, तो कुछ के पीरियड्स कई बार मिस भी हो जाते हैं. इसके पीछे कई कारण होते हैं, जैसे प्रेग्नेंसी, हॉर्मोनल असंतुलन, स्ट्रेस, थायरॉइड, अचानक वजन बढ़ना या कम होना, बेतरतीब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन आदि लेट पीरियड्स या इर्रेगुलर पीरियड्स के कारण होते हैं. पीरियड्स लेट होने को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट ट्रेंड कर रही है. इस पोस्ट में बताया गया है कि मार्च का महीना अच्छा नहीं होता है, खासकर पीरियड्स को लेकर. इस पोस्ट को काफी लोगों ने पढ़ा और हैरान भी हुए कि आखिर मार्च में क्यों पीरियड्स आने में लेट होगा? हालांकि, बाद में यह चर्चा मीम्स में बदल गई. क्या वाकई मार्च के महीने में इस बार मासिक धर्म में देरी हुई. इस पोस्ट को लेकर डॉक्टर कहते हैं कि इन बदलावों के पीछे स्पष्ट वैज्ञानिक कारण हैं. मार्च का महीना स्ट्रेस फुल होता है, क्योंकि इस महीने में कई एग्जाम होते हैं. 10 और 12 क्लास के बोर्ड एग्जाम का लड़कियों पर प्रेशर होता है. इससे परीक्षा की तैयारी करने में छात्राओं पर प्रेशर बढ़ता है. लड़कों की तुलना में लड़कियां वैसे भी एग्जाम में अपना सौ प्रतिशत लगा देती हैं. साथ ही कामकाजी लोगों के लिए वित्तीय वर्ष के अंत का तनाव लेकर आता है. अत्यधिक तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे पीरियड्स में देरी या अनियमितता हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google नींद के पैटर्न और डेली रूटीन भी पीरियड्स को प्रभावित कर सकते हैं. काम के दबाव, यात्रा या जीवनशैली में बदलाव के कारण अनियमित नींद शरीर की आंतरिक घड़ी को बाधित कर सकती है, जिससे मासिक चक्र की नियमितता प्रभावित हो सकती है. जर्नल ऑफ वूमेन्स हेल्थ में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जब कोई महिला बहुत अधिक तनाव ग्रस्त होती है, तो भी पीरियड्स देर से आती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अध्ययनों की मानें तो हार्मोनल चक्र कैलेंडर तिथियों की तुलना में शरीर की सर्कैडियन रिदम से अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए मामूली बदलाव सामान्य हैं. कई बार इसके पीछे मौसमी बदलाव भी कारण हो सकते हैं. फरवरी के बाद मार्च महीने में सीजन में भारी बदलाव आता है. सर्दी खत्म होने के बाद मार्च में गर्मी शुरू होती है. इससे धूप काफी तेज होता है. इस कारण से मेलाटोनिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन के लेवल पर काफी असर पड़ सकता है. ये बदलाव ओव्यूलेशन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे मासिक चक्र के समय में मामूली परिवर्तन हो सकते हैं. बेहतर है कि आप किसी भी महीने को इसके लिए दोष न दें. पीरियड्स कई बार शरीर में होने वाले हॉर्मोनल बदलावों, स्ट्रेस, खानपान खराब होना आदि के कारण भी लेट आती है. बेहतर है कि अपनी लाइफस्टाइल, खानपान को बेहतर करें. स्ट्रेस को दूर करें. पर्याप्त नींद लें. बैलेंस डाइट लें. स्वस्थ दिनचर्या का पालन करें. यदि इन सभी चीजों को फॉलो करने के बाद भी आपका पीरियड्स 10 दिनों से अधिक लेट हो गया है तो डॉक्टर से तुरंत मिलें. First Published : April 02, 2026, 18:11 IST

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंकना है’, कोलकाता में आयोजित मेगा रोड शो में अमित शाह का हुंकार!

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंकना है', कोलकाता में आयोजित मेगा रोड शो में अमित शाह का हुंकार!

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य में राजनीतिक गरमी चरम पर पहुंच गई है. मुख्य दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में शामिल है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को बंगाल चुनाव में अपना मोर्चा संभाल लिया है. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने पूरी तरह से अपना मन बना लिया है कि अब राज्य में ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल क्षेत्र के लिए भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा सहयोगी और नेता विरोधी सुवेंदु अधिकारी का नामांकन किया। भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी के नामांकन से पहले अमित शाह ने राजधानी कोलकाता में एक मेगा रोड शो किया. इस दौरान उन्होंने डेमोक्रेटिक कांग्रेस (टीएमसी) को ललकारते हुए कहा कि मैं अगले 15 दिनों के विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल में ही रहने वाला हूं। अमित शाह ने कोलकाता में किया रोड शो कोलकाता में रोड शो के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनता से बातचीत की. उन्होंने कहा कि मैं अगले 15 दिनों तक विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल में ही रहूंगा। इस दौरान आप सभी के साथ बातचीत करने के लिए कई मजेदार मुलाकातें कीं। उन्होंने कहा, ‘मैं रिवाल्वर सुवेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए आया हूं, लेकिन मुझे बंगाल में हर जगह एक ही आवाज दी जा रही है- इस सरकार को दो और ममता को टाटा बाय बाय कर दो।’ अमित शाह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की जनता महिलाओं की असुरक्षा से विश्वास रखती है, प्रोटोटाइप कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडो से विश्वास है, घुसपैठियों के कारण बदली रही डेमोग्राफिक से विश्वास है और राज्य में हो रहे आश्रम से विश्वास है।’ जनता मांग कर रही है कि बंगाल में अब परिवर्तन होना चाहिए। पश्चिम बंगाल की सीमा को सील करके घुसपैठियों को चुना-चुनकर देश से बाहर निकालना है और गुरु के सपने का सोनार बनाना है।’ जनता भवानीपुर की सीट दिला दे, फिर बदलाव लायेः अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘अगर भवानीपुर की जनता एक ही सीट दिला दे तो बदलाव आप ही करेंगे।’ सुवेन्दु अधिकारी नंदीग्राम से बचना चाहते थे, लेकिन मैंने कहा कि ममता के घर में अंधेरा है। इस ममता बार बंगाल में भी हारेगी और भवानीपुर में भी हारेगी।’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा गठबंधन की हत्या करने वालों को जेल में बंद करना चाहिए।’ कुछ लोगों ने कहा कि बिल्डिंग के गुंडे वोट नहीं देंगे. मैंने कहा कि किसी भी होटल के गुंडे की औकात नहीं है कि बंगाल की जनता रोक सके। झील को मूल से उखाड़कर बंगाल की खाड़ी में फेंक दिया गया है। यहां घुसपैठिए इतनी बड़ी संख्या में हैं कि पश्चिम बंगाल का ही खतरा बन गया है। 2014 से बाद जिन राज्यों में मोदी पर भरोसा करके बीजेपी की सरकार बनाई गई, वो राज्य विकास कर रहे हैं।’ यह भी पढ़ें: बंगाल में एसआईआर अमीरों को बंधक बनाने को लेकर एससी पर लौटें अमीरों की नींद, जानें क्या है स्टॉक

हनी सिंह-बादशाह को अश्लील गाने पर हाई कोर्ट की फटकार:सभी जगह से हटाने के आदेश; कहा- अश्लीलता और महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं

हनी सिंह-बादशाह को अश्लील गाने पर हाई कोर्ट की फटकार:सभी जगह से हटाने के आदेश; कहा- अश्लीलता और महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को सिंगर हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उनके करीब दो दशक पुराने विवादित गाने ‘माफिया मुंडीर’ वॉल्यूम 1 को इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस गाने के बोल को ‘बेहद अश्लील’ और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया है। जस्टिस पुरुशेंद्र कौरव की अदालत ने हनी सिंह और बादशाह को नोटिस जारी कर कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि गाने का टाइटल और बोल इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें आधिकारिक आदेश में लिखना भी संभव नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि गूगल, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे सभी म्यूजिक और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म से इस गाने के ओरिजिनल वर्जन, रीमिक्स और यूआरएल को तुरंत ब्लॉक किया जाए। कोर्ट ने कहा- ‘अंतरात्मा को झकझोर दिया’ जस्टिस कौरव ने अपने चैंबर में गाने को सुनने और उसके बोल पढ़ने के बाद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यह उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसने कोर्ट की अंतरात्मा को अंदर तक हिला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाने के बोल महिलाओं का अपमान करते हैं और उन्हें मजाक का पात्र बनाते हैं। इसमें कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि कलात्मक अभिव्यक्ति की आड़ में ऐसी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंदू शक्ति दल ने दायर की थी याचिका यह कार्रवाई हिंदू शक्ति दल की याचिका पर हुई है। याचिका में दलील दी गई थी कि यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे साबित होता है कि यह गाना उन्हीं का है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी विवादित लिंक ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने की इजाजत नहीं कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाना, जो नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, समाज के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस कौरव ने कहा, समाज में शालीनता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। कानून से चलने वाला कोई भी सभ्य समाज ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने का जरिया बनने की इजाजत नहीं दे सकता। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 मई को तय की गई है।

ट्रम्प बोले-फ्रांसीसी राष्ट्रपति पत्नी के थप्पड़ से उबर रहे:वाइफ का उनसे बर्ताव खराब; मैक्रों का जवाब- अमेरिकी राष्ट्रपति गंभीर हो जाएं

ट्रम्प बोले-फ्रांसीसी राष्ट्रपति पत्नी के थप्पड़ से उबर रहे:वाइफ का उनसे बर्ताव खराब; मैक्रों का जवाब- अमेरिकी राष्ट्रपति गंभीर हो जाएं

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर उनकी पत्नी को लेकर तंज कसा है। ट्रम्प ने कहा कि मैक्रों अब भी जबड़े पर पड़े थप्पड़ से उबर रहे हैं। उनकी पत्नी उनके साथ बहुत खराब व्यवहार करती हैं। ट्रम्प ने मैक्रों पर यह टिप्पणी बुधवार को एक प्राइवेट लंच के दौरान की। ट्रम्प का यह वीडियो कुछ समय के लिए व्हाइट हाउस के यूट्यूब चैनल पर दिखा, लेकिन बाद में हटा दिया गया। मैक्रों पिछले साल 25 मई को वियतनाम दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान हनोई के नोई बाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनकी पत्नी उन्हें थप्पड़ मारती दिखी थीं। ट्रम्प ने यह टिप्पणी उसी घटना को जोड़कर की थी। हालांकि, मैक्रों ने उस वीडियो को लेकर सफाई देते हुए कहा था कि मीडिया ने गलत अंदाजा लगाया था। ट्रम्प के मजाक उड़ाने का वीडियो देखिए मैक्रों का जवाब- ट्रम्प को गंभीर होने की जरूरत ट्रम्प के मजाक के कुछ घंटों बाद मैक्रों ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हमें गंभीर रहना चाहिए। एक दिन कुछ और, अगले दिन कुछ और नहीं कहना चाहिए। बेहतर है कि हर दिन बयान देने के बजाय हालात को शांत करें और स्थायी शांति पर ध्यान दें।” ईरान जंग में साथ न देने से ट्रम्प नाराज ट्रम्प फ्रांस से ईरान के खिलाफ जंग में साथ न देने को लेकर नाराज चल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने लंच के दौरान कहा कि उन्होंने मैक्रों से खाड़ी क्षेत्र में मदद मांगी थी और जहाज भेजने को कहा था। ट्रम्प ने मैक्रों के जवाब की नकल करते हुए कहा कि उन्होंने मना कर दिया और कहा, “नहीं, हम ऐसा नहीं कर सकते, डोनाल्ड। हम यह काम युद्ध जीतने के बाद करेंगे।” इस पर ट्रम्प ने जवाब दिया, “मुझे बाद में मदद नहीं चाहिए।” ट्रम्प ने फिर से NATO को कमजोर संगठन कहा ट्रम्प ने इस मौके पर NATO की भी आलोचना की और उसे “पेपर टाइगर” यानी कमजोर संगठन बताया। उन्होंने कहा कि अगर बड़ा युद्ध हुआ तो NATO काम नहीं आएगा। ट्रम्प NATO देशों से नाराज चल रहे हैं। उनका कहना है कि कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी और समुद्री मदद देने से भी पीछे हट गए। ट्रम्प ने यहां तक कहा कि वह अमेरिका को नाटो से बाहर निकालने पर भी विचार कर रहे हैं और इस गठबंधन को कमजोर बताया। मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट के बारे में जानिए… मैक्रों से 24 साल बड़ी हैं उनकी पत्नी ब्रिगिट साल 1992 में जब इमैनुएल मैक्रों 15 साल के थे, उनकी मुलाकात ब्रिगिट ट्रोन्यू से हुई थी। ब्रिगिट तब 39 साल की थीं और उत्तरी फ्रांस के अमिएंस में ला प्रोविडेंस हाई स्कूल में फ्रेंच और ड्रामा की टीचर थीं। इमैनुएल उस स्कूल में पढ़ते थे। ब्रिगिट की बेटी मैक्रों की क्लासमेट थी। दोनों अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ दिखाई देते थे। ऐसे में कई लोग दोनों को गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समझते थे। लेकिन मैक्रों को उनकी क्लासमेट नहीं बल्कि उसकी टीचर मां पसंद थीं। इमैनुएल स्कूल के ड्रामा क्लब में शामिल हुए, जहां ब्रिगिट ड्रामा सिखाती थीं। दोनों ने एक साथ एक नाटक पर काम किया, जिसमें इमैनुएल ने स्क्रिप्ट लिखने में मदद की। यहीं से उनकी नजदीकी शुरू हुई। पिता ने स्कूल छुड़वाया, फिर भी प्यार बरकरार रहा इमैनुएल ने बाद में बताया कि उन्हें तब ही ब्रिगिट से प्यार हो गया था। इमैनुएल और ब्रिगिट के बीच बढ़ती नजदीकी की चर्चा स्कूल में हो गई। इमैनुएल के माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। उन्होंने इमैनुएल को पेरिस भेज दिया, ताकि वह ब्रिगिट से दूर रहें। उन्होंने ब्रिगिट को धमकी भी दी कि जब तक उनका बेटा बालिग नहीं हो जाता, तब तक वह उनसे दूर रहे। मैक्रों ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उसी समय मैंने ठान लिया था कि मुझे सफल होना है। मैं अपने माता-पिता को साबित करना चाहता था कि मैंने अपनी टीचर से प्यार करके कोई गलती नहीं की थी। पेरिस में पढ़ाई के दौरान इमैनुएल ने ब्रिगिट से संपर्क बनाए रखा। उन्होंने पत्र लिखे और फोन पर बात की। इमैनुएल ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा- मैंने ब्रिगिट से कहा था कि मैं किसी भी हाल में उनसे शादी करूंगा। मैक्रों से मुलाकात के 14 साल बाद पति को तलाक दिया ब्रिगिट के पति एक बैंकर आंद्रे-लुई औजिए थे। ब्रिगिट ने 2006 में अपने पति से तलाक ले लिया। इसके एक साल बाद 2007 में दोनों ने फ्रांस के तटीय शहर ले टौके में शादी की। उस वक्त इमैनुएल की उम्र 29 साल और ब्रिगिट 54 की थीं। इमैनुएल ने अपने शादी के भाषण में ब्रिगिट के बच्चों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उन्हें स्वीकार किया। इमैनुएल ने कभी अपने बच्चों की इच्छा नहीं जताई और वह ब्रिगिट के बच्चों और उनके पोते-पोतियों के साथ पारिवारिक जीवन जीते हैं। शादी के बाद, ब्रिगिट ने इमैनुएल के करियर में अहम भूमिका निभाई। वह उनकी सलाहकार रही हैं और उनके राजनीतिक अभियानों में सक्रिय रहीं। ब्रिगिट ने अपनी टीचिंग जॉब छोड़ दी और फ्रांस की प्रथम महिला के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ————————————– ब्रिगिट मैक्रों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में राष्ट्रपति की पत्नी के पुरुष होने की अफवाह:2 महिला यूट्यूबर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस, कहा था- जेंडर बदलकर शादी की फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों ने दो महिला यूट्यूबर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया है। इन महिलाओं ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा था कि ब्रिगिट मैक्रों महिला नहीं, बल्कि पुरुष हैं। इनका कहना था कि ब्रिगिट का असली नाम ज्यां-मिशेल ग्रोग्रेन्क्स था। हालांकि यह नाम ब्रिगिट के भाई का है। जीन-मिशेल और ब्रिगिट की शक्ल आपस में काफी हद तक मिलती है। इसके बाद प्रथम महिला ने इनके खिलाफ पेरिस की एक अदालत में केस किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Delhis Safdarjung Tomb Glows Blue

Delhis Safdarjung Tomb Glows Blue

Hindi News National Light It Up Blue Autism Awareness Day: Delhis Safdarjung Tomb Glows Blue नई दिल्ली48 मिनट पहले कॉपी लिंक विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के मौके पर दिल्ली के सफदरजंग का मकबरे को बुधवार शाम नीली रोशनी से सजाया गया। यह पहल गुरुग्राम स्थित ऑटिज्म सेंटर फॉर एक्सीलेंस (ACE) की ओर से की गई। ये आयोजन दुनिया भर में चल रहे लाइट इट अप ब्लू (LightItUpBlue) अभियान के तहत किया गया, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख स्मारकों को नीले रंग में रोशन किया जाता है। इसका उद्देश्य ऑटिज्म से जुड़े लोगों के प्रति जागरूकता और स्वीकृति बढ़ाना है। इस पहल में सब्यता फाउंडेशन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भी सहयोग किया। ‘हर जीवन का महत्व’ थीम पर आयोजन हर साल 2 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस दिन की थीम इस बार ‘ऑटिज्म और मानवता-हर जीवन का मूल्य’ रखी गई थी। नीली रोशनी, जो ऑटिज्म जागरूकता का वैश्विक प्रतीक मानी जाती है, शांति, स्वीकृति और समझ का संदेश देती है। स्मारक की नीली रोशनी ने समाज को यह संदेश दिया कि ऑटिज्म से जुड़े लोगों को समझना, स्वीकार करना और उन्हें समान अवसर देना जरूरी है। 11 साल से काम कर रहा है ACE ACE पिछले 11 साल से ऑटिज्म से जुड़े बच्चों और युवाओं के लिए काम कर रहा है। यह संस्था व्यक्तिगत और वैज्ञानिक तरीकों से शिक्षा और जीवन कौशल विकसित करने में मदद करती है। आयोजन पर संस्था की संस्थापक डॉ. अर्चना नायर ने कहा कि हर व्यक्ति में समाज का हिस्सा बनने की क्षमता होती है और ऑटिज्म से जुड़े लोग जीवन में खुशी और संतुलन लाते हैं। इस आयोजन में शिक्षकों, परिवारों, समर्थकों और समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। इस तरह की पहल के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाने और ऑटिज्म से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जा रही है। क्या है ऑटिज्म? ऑटिज्म एक दिमागी स्थिति है जो बचपन से विकसित होती है और पूरी उम्र रहती है। इसमें व्यक्ति को दूसरों से बातचीत करने, अपनी बात समझाने और सामाजिक रिश्ते बनाने में कठिनाई होती है। ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्ति अक्सर एक ही काम या व्यवहार को बार-बार दोहराते हैं। भारत में लगभग 1.8 से 2 करोड़ लोग ऑटिज्म से प्रभावित हैं। दुनिया भर में हर 100 में से 1 बच्चा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम पर है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- गैस स्टोव से घर की हवा प्रदूषित:जानें नुकसान, हवा साफ रखने के लिए करें ये 8 काम, बरतें 7 सावधानियां भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) उपभोक्ता देश है। भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में 33 करोड़ घरेलू एलपीजी कंज्यूमर्स हैं। यानी कुल आबादी का बड़ा हिस्सा खाना पकाने के लिए इस पर निर्भर है। पूरी खबर पढें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

5 महीने में एक्ट्रेस माईना नंदनि ने 13 किलो वजन कम किए, खाने में क्या खाया और कैसी रही दिनचर्या, खुद बताया

ask search icon

Last Updated:April 02, 2026, 17:53 IST Fat to Fit Transformation : साउथ की मशहूर एक्ट्रेस माईना नंदनि ने खुद इस बात को कबूल की है कि उसने सिर्फ 5 महीने के अंदर 13 किलो वजन घटा लिया है. उन्होंने जैसे ही सोशल मीडिया पर इस बात को रखी वैसे ही इस पर बहस छिड़ गई. लेकिन महज 5 महीनों के भीतर 13 किलो वजन कम कर उन्होंने साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही खान-पान से कुछ भी मुमकिन है. उनके इस ‘फैट टू फिट’ ट्रांसफॉर्मेशन को देखकर उनके फैंस हैरान हैं और हर कोई उनके इस जादुई बदलाव का राज जानना चाहता है. इस राज को नंदनि ने खुद बता भी दिया है. टीवी से लेकर फिल्मों तक मशहूर कॉमेडी एक्ट्रेस हैं माईना नंदिनी. नंदिनी ने अपने मीडिया करियर की शुरुआत वीजे के तौर पर की थी और सरवनन मीनाक्षी सीरियल में माईना नाम के किरदार से तमिलनाडु के लोगों के बीच पहचान बनाई. इसके बाद केडी पिल्ला किल्लाडी रंगा, नम्मा वीट्टु पिल्लै, अरनमणई 3, विक्रम जैसी फिल्मों में भी काम किया. विक्रम फिल्म में माईना नंदिनी ने विजय सेतुपति की पत्नी का रोल निभाया था. लेकिन आजकल नंदनि अपने पति के साथ वेट लॉस जर्नी के कारण काफी चर्चा में हैं.  वेट लॉस जर्नी से पहले नंदनि के पति योगेश 90 किलो वजन के थे जबकि नंदनि 75 किलो की थीं. ज्यादा वजन के कारण वे अक्सर अपना मजाक खुद ही उड़ाती रहती थी. नंदनि ने पहले टीवी में कदम रखा और बिग बॉस सीजन 6 में हिस्सा लिया. अभी वो किलाड़ी जोड़ी नाम के रियलिटी शो में अपने पति और टीवी एक्टर योगेश के साथ भाग ले रही हैं. दोनों मिलकर वेट लॉस जर्नी को काफी सहज बना दिया है.   इस बीच नंदिनी और योगेश ने मिलकर करीब 5 महीने में 13 और 20 किलो तक वजन कम किया है. योगेश ने 90 किलो से 70 किलो तक और नंदिनी ने 75 किलो से 62 किलो तक वजन घटाया है. इंस्टाग्राम पर अपने वजन कम करने का सीक्रेट शेयर करते हुए नंदिनी और योगेश ने बताया कि उन्होंने पूरी तरह से एक्सरसाइज के जरिए ही वजन कम किया है. Add News18 as Preferred Source on Google एक्ट्रेस मैना नंदिनी ने अपनी डाइट के सारे सीक्रेट्स शेयर किए हैं. उनके मुताबिक, सुबह उठते ही वो एक ग्लास पानी पीती हैं. इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म थोड़ी देर के लिए बढ़ जाता है और कैलोरी जल्दी बर्न होती है. इसके अलावा, रात भर शरीर में जमा हुए टॉक्सिन्स बाहर निकलने में और पेट साफ करने में भी ये मदद करता है. इसके बाद 15-20 मिनट बाद थोड़ा फ्रेश होकर नंदिनी जिम या योगा जैसी कोई एक्सरसाइज करती हैं जो उस दिन प्लान की होती है. सुबह पानी पीकर एक्सरसाइज करने से शरीर को ज्यादा एनर्जी मिलती है. खाली पेट एक्सरसाइज करने से शरीर में जमा फैट एनर्जी के लिए इस्तेमाल होता है, जिससे वजन जल्दी कम होता है. एक्सरसाइज के दौरान पसीना और पहले पीया गया पानी शरीर से गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है. नंदिनी ने बताया कि वो सुबह और रात के खाने से 30 मिनट पहले एप्पल साइडर विनेगर लेती हैं. एप्पल साइडर विनेगर से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे कम खाना खाने में मदद मिलती है. रिसर्च के मुताबिक, ये शरीर में फैट जमा होने को भी कम करता है. इसके अलावा, जब कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते हैं, तो एप्पल साइडर विनेगर ब्लड शुगर अचानक बढ़ने से रोकता है. लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए. खासकर जिन लोगों को पहले से पेट की समस्या है, उन्हें खुद से ये नहीं लेना चाहिए. नंदिनी ने बताया कि वो सुबह के खाने में अच्छे से मैश किया हुआ केला, एक्सपर्ट द्वारा सुझाया गया प्रोटीन पाउडर और अंडे का सफेद हिस्सा मिलाकर डोसा की तरह बनाकर खाती थीं. इससे पूरा दिन उन्हें एनर्जी की कमी नहीं होती है क्योकि इसमें प्रोटीन भरा रहता है.  दोपहर के खाने में बिना तेल के, एयर फ्रायर में मछली फ्राई (अगर जरूरत हो तो ऑलिव ऑयल), 3 अंडों का सफेद हिस्सा, 1 अंडे का पीला हिस्सा, 200 ग्राम चावल, 100 ग्राम सेब जैसे कोई भी फल खाती हैं. नंदिनी ने बताया कि वह रात का खाना 7 से 8 बजे के बीच खत्म कर लेती हैं. डिनर में वह शकरकंद, 200 ग्राम मछली और 2 अंडे का सफेद हिस्सा खाती हैं. शकरकंद में पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी6 विटामिन होते हैं, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं और अच्छी नींद के लिए मेलाटोनिन हार्मोन बनने में मदद करते हैं. इसके अलावा यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है, जिससे रात में भूख नहीं लगती. शकरकंद धीरे-धीरे पचता है, इसलिए इसे खाने के बाद 2-3 घंटे बाद ही सोना सही रहता है. डायबिटीज के मरीज इस कंद को खाने से बच सकते हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि रोज़ाना खाने में मछली और अंडा शामिल करने से शरीर को प्रोटीन समेत कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, स्पष्टीकरण: ये जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए दी गई है. अपनी खाने की आदत या रोजमर्रा की जिंदगी में कोई बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. News18  इन जानकारियों के लिए जिम्मेदार नहीं है. First Published : April 02, 2026, 17:53 IST