जहानाबाद के छात्रों का कमाल, 5–10 रुपये में मिलेगा सैनिटरी पैड, बनाई स्मार्ट वेंडिंग मशीन

Last Updated:April 02, 2026, 22:11 IST बिहार के जहानाबाद जिले में महिला स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल सामने आई है, जहां पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों ने कम कीमत में आसानी से सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट वेंडिंग मशीन तैयार की है. यह मशीन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में काम करती है और मात्र 5 से 10 रुपये में अलग-अलग प्रकार के पैड उपलब्ध कराती है, जिससे कॉलेज और अन्य संस्थानों में पढ़ने वाली लड़कियों को बड़ी राहत मिल सकती है. रिपोर्ट- शशांक शेखर आज के समय में महिलाओं की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रख हर कदम प्रयास किए जा रहे हैं. खास तौर पर सैनिटरी पैड का प्रचलन काफी अधिक बढ़ा है. सैनिटरी पैड की उपलब्धता आसानी से हो सके, इसके लिए कई स्तरों से काम जारी है. इसी कड़ी में बिहार के अलग अलग जिलों में सैनिटरी पैड उपलब्धता की अलग प्रक्रिया चल रही है, जहानाबाद जिले में पॉलीटेक्निक के छात्रों ने सैनिटरी पैड की आसान उपलब्धता को लेकर खास तरह की मशीन तैयार की है. Local 18 से जहानाबाद पॉलीटेक्निक कॉलेज के स्टूडेंट सत्यम सिन्हा (मेंस्ट्रोकेयर प्राइवेट लिमिटेड, फाउंडर) ने कहा कि हमने स्मार्ट सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन तैयार की है. इस मशीन का कार्य यह है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में संचालित होता है. हमलोग इसे व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग सिक्के से निकाल सकते हैं. इस मशीन में अलग-अलग प्रकार के पैड्स होंगे, ऐसे में जिस भी टाइप की सैनिटरी पैड महिलाएं चाहती हैं वो यहां कॉइन डालकर निकाल सकती हैं. हमारे यहां इस मशीन में दो प्रकार के पैड्स प्रदान किए जा रहे हैं, जो 5 रुपए और 10 रुपए वाला है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने कहा कि ये दोनों पैड्स की गुणवत्ता काफी अच्छी रहती है. हमारी कंपनी हाइजीन और हेल्थ दोनों को ध्यान में रखकर काम करती है. हमारी कंपनी एक अलग ही लेवल पर काम कर रही है, जिसमें महिलाओं को हर स्टेज की सुविधाएं मिल पाएंगी. इस कंपनी के साथ कई डॉक्टर्स जुड़े हुए हैं. समय समय पर जागरूकता अभियान भी चलाते हैं. हमारा यह लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आसान रास्ते महिलाओं की सुरक्षा प्रदान हो सके. ये वेंडिंग मशीन जिले के हर कॉलेज और संस्थानों में लगाने का हमारा प्रयास है. खास बात यह है कि बिना लाइट के भी वेंडिंग मशीन काम करती है. सत्यम सिन्हा ने कहा कि इस मशीन की कीमत 8 हजार रुपए हैं, जिसमें हम मार्केट से 50 से 70 प्रतिशत तक कम कीमत में उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इस मशीन में 4 स्लॉट्स है और हार्ड बॉडी के साथ प्रोवाइड किया जाता है. यह मशीन आसानी से ले जाने और लाने लायक है. हमें सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन बनाने का आइडिया खुद अपने कॉलेज से ही आया है. वहां एक मशीन इसी प्रकार की पड़ी हुई थी तो देखा कि यह मशीन कितनी काम की है, लेकिन देख रेख के अभाव में उपयोग में नहीं आ पा रही है. ऐसे में इन सारी बातों को ध्यान में रखकर काम करना शुरू कर दिया. First Published : April 02, 2026, 22:11 IST
जबलपुर के पूर्व महापौर ने पुलिसकर्मियों से किया था विवाद:हाईकोर्ट में खोली गई एसटीएफ की जांच रिपोर्ट, बढ़ सकती है प्रभात साहू की मुश्किलें

सितंबर 2025 में जबलपुर के पूर्व महापौर प्रभात साहू का वाहन चेंकिग के दौरान एक पुलिस आरक्षक के बीच जमकर विवाद हुआ। मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि जब थानों में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे आम जनता को सुरक्षा कैसे देंगे। मामले पर चीफ जस्टिस की कोर्ट ने जांच के लिए एसटीएफ को निर्देश दिए थे, जहां जांच के बाद गुरुवार को एसटीएफ की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष खोली गई। एसटीएफ ने कोर्ट को बताया कि पूर्व महापौर प्रभात साहू पर पुलिस आरक्षक ने जो आरोप लगाए थे, वह सही थे। जांच में पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट दी गई है, लिहाजा अब भाजपा नेता प्रभात साहू सहित 5 पर मुकदमा चलेगा। बता दें कि इस विवाद के बाद प्रभात साहू की शिकायत पर लार्जगंज थाने में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि पूर्व महापौर की शिकायत पर दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। पुलिसकर्मियों ने निलंबन की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जबलपुर निवासी अधिवक्ता मोहित वर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए कोर्ट को बताया कि पूर्व महापौर प्रभात साहू ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता की थी। कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि पूर्व महापौर के द्वारा वर्दी फाड़ने का स्पष्ट वीडियो भी वायरल होने के बावजूद उनके व समर्थकों के विरुद्ध राजनीतिक दबाव में नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। यह था पूरा घटनाक्रम जनहित याचिकाकर्ता के अनुसार पूर्व महापौर प्रभात साहू को लार्डगंज थाना अंतर्गत बल्देव बाग के समीप वाहन सितंबर 2025 को चेकिंग दौरान पुलिसकर्मी ने बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते हुए रोका था। पूर्व महापौर अपना परिचय देते हुए पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता करने लगे। इसके कुछ ही देर बाद समर्थकों की भीड़ एकत्र हो गया। याचिका में आरोप है कि सरेराह पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हुआ था। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव के कारण ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया। पुलिसकर्मी की शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो में आरोपियों की शिनाख्त स्पष्ट थी।
पन्ना में अब सरकार चलाएगी शराब दुकानें:ठेकेदार नहीं मिलने पर आबकारी अधिकारी संभालेंगे कमान; आरक्षक-नगर सैनिक बनेंगे सेल्समैन

मध्यप्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत पन्ना जिले में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाई है। जिला प्रशासन ने 31 मार्च की समय सीमा तक सभी 39 दुकानों के टेंडर निकालने का प्रयास किया था, लेकिन इनमें से 6 दुकानों के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिला। इसके चलते कलेक्टर की अध्यक्षता वाली ‘जिला निष्पादन समिति’ ने इन दुकानों का संचालन सीधे करने का निर्णय लिया है। पवई-अजयगढ़ समेत 6 दुकानें आबकारी विभाग के पास जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य ने बताया कि पवई, गुनौर, सलेहा, कृष्णगढ़, अजयगढ़ और मोहन्द्रा की शराब दुकानों का संचालन अब विभाग स्वयं करेगा। जब तक इन दुकानों की नीलामी प्रक्रिया सफल नहीं हो जाती, तब तक आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही यहां की संपूर्ण व्यवस्थाएं संभालेंगे। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उपनिरीक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी दुकानों के सुचारू संचालन के लिए उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय को पवई, कृष्णगढ़ और मोहन्द्रा का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, उपनिरीक्षक हरीश पाण्डेय को गुनौर व सलेहा और उपनिरीक्षक विक्रांत जैन को अजयगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी दुकानों की निगरानी और स्टॉक प्रबंधन का कार्य देखेंगे। आरक्षक और नगर सैनिक बनेंगे सेल्समैन इन दुकानों पर शराब की बिक्री के लिए आबकारी आरक्षकों और नगर सैनिकों को विक्रयकर्ता (सेल्समैन) के रूप में तैनात किया गया है। इनमें आरक्षक सोनू कोरकू, कुलदीप जाटव और नगर सैनिक मोतीलाल प्रजापति व वीरेंद्र यादव सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य ने बताया- आमजन की सुविधा के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक नई नीलामी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
लांजी में शराब दुकान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन:रहवासी देरशाम तक धरने पर, विधायक ने कहा- लोगों की मांग सही है

बालाघाट के कोटेश्वर नगरी लांजी में भिलाई मार्ग पर प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में वार्डवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाएं सहित बड़ी संख्या में लोग दो स्थानों पर पंडाल लगाकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। रहवासी क्षेत्र में दुकान खोलने के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों के कारण प्रशासन के सामने दुकान खुलवाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, ठेके के बाद शराब ठेकेदार अब दुकान खोलना चाहते हैं, लेकिन रहवासी इसके विरोध में खड़े हैं। पिछले दो वर्षों से लांजी-सालेटेकरी मार्ग पर संचालित शराब दुकान को हटाकर अब दूसरे क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। गुरुवार देर शाम तक जनप्रतिनिधि और रहवासी विरोध में डटे रहे और शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग करते रहे। धरना दे रहे लोगों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी स्थिति में रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया है कि दुकान को नगर सीमा से बाहर संचालित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, शराब ठेकेदारों का कहना है कि वे प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ही दुकान संचालित करेंगे। उनका यह भी तर्क है कि दुकान नहीं खुलने से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस मामले पर विधायक राजकुमार कर्राहे का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि शराब दुकान को लेकर संबंधित ठेकेदार और एसडीएम से चर्चा की गई है और जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। विधायक ने वार्डवासियों की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि जहां शराब दुकान प्रस्तावित है, वह एक रहवासी क्षेत्र है और वहां आवागमन अधिक रहता है। आसपास स्कूल, मंदिर, बैंक सहित अन्य गतिविधियां संचालित होती हैं, ऐसे में भारती लॉन और सिद्धेश्वर मंगल भवन के सामने शराब दुकान का खुलना उचित नहीं है। विधायक के इस बयान के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस और संतुलित निर्णय ले सकता है।
केरलम चुनाव 2026: ‘फर्जी आधार कार्ड में पिछड़ों की मौजूदगी’, चुनाव से पहले कांग्रेस का सीपीआईएम पर बड़ा आरोप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित केरलम में अगले सप्ताह गुरुवार (9 अप्रैल, 2026) को होने वाले विधानसभा चुनाव की सभी दुकानें पूरी हो चुकी हैं। चुनाव आयोग राज्य में इलेक्शन इंजीनियर्स की नियुक्ति के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। इस बीच राज्य में राजनीतिक मठों के बीच सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है और राजनीतिक भिक्षुओं की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की स्थापना का जारी है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के नेता के. सी. वेणुगोपाल ने केरल राज्य में साम्यवादी पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (सी क्रूज़-एम) पर बड़ा आरोप लगाया है। वेणुगोपाल का फर्जी आधार कार्ड के लिए इस्तेमाल किया जाएगा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को आरोप लगाते हुए कहा कि सतारूढ़ सी क्रुक्स-एम केरल में फर्जी आधार कार्ड झुकाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रही है, ताकि राज्य के विभिन्न सूची में शामिल किया जा सके। वीडियो | केरल चुनाव: कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल का कहना है कि फर्जी वोट डालने के लिए कन्नूर में सीपीआई (एम) कार्यालयों में नकली आधार कार्ड छापे जा रहे हैं। (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/EIyMFH9934 – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 2 अप्रैल 2026 कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के पायनूर स्थित पार्टी कार्यालय की तीसरी मंजिल पर बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं और कथित तौर पर फर्जी वोटिंग के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह तो स्पष्ट है कि यह यात्रा सीपीएम के वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि देश का फर्जी पहचान पत्र बनाना एक अत्यंत गंभीर आपराधिक कृत्य है और यह देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। केंद्रीय विद्यालय से हस्तक्षेप की मांग कांग्रेस के संगठन संगठन के. सी. वेणुगोपाल ने इस दौरान यह मांग की कि इस अत्यंत गंभीर मामले में केंद्रीय जनन हस्तक्षेप किया जाए और केरल के पयानूर में स्थित सी साक्ष्य (एम) के कार्यालय में जारी किए गए कथित आधार कार्ड सत्यापन की व्यापक जांच की जाए और इस दौरान जो भी स्पष्ट पाया जाए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए, उनके राजनीतिक संबंध किसी भी दल से हो। यह भी पढ़ें: दोष-विशेषज्ञों का या सिस्टम का? विधानसभा में ‘मच्छरदानी’ रेगिस्तानी क्षेत्र बीआरएस पर कब्जा, ज्वालामुखी तूफान
चौधरी असलम की पत्नी ने संजय दत्त की तारीफ की:बोलीं- उनकी एक्टिंग देख कर एक पल को लगा पति ही सामने खड़े हों

फिल्म ‘धुरंधर’ में संजय दत्त ने पाकिस्तानी पुलिस अफसर चौधरी असलम का किरदार निभाया है। उनके इस रोल की अब खुद दिवंगत चौधरी असलम की पत्नी नौरीन असलम ने भी इसकी तारीफ की है। नौरीन ने कहा कि संजय दत्त को फिल्म में देखकर एक पल के लिए उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके पति ही पर्दे पर सामने खड़े हों। हालांकि, उन्होंने फिल्म के मेकर्स से थोड़ी नाराजगी भी जताई है। संजय की आंखों में दिखा पति का अक्स आजतक रेडियो के एक पॉडकास्ट में नौरीन असलम ने फिल्म में संजय दत्त की परफॉर्मेंस पर बात की। उन्होंने कहा, संजय दत्त इस रोल के लिए बिल्कुल सही पसंद थे। फिल्म के एक सीन में जब वह गाड़ी के पास खड़े होकर अपनी नजरें उठाते हैं, तो मुझे लगा जैसे खुद असलम खड़े हैं। नौरीन ने यह भी बताया कि उनके पति अक्सर मजाक में कहा करते थे कि उनकी मौत के बाद उनके जीवन पर फिल्म बनेगी। मेकर्स से जताई थोड़ी शिकायत तारीफ के साथ-साथ नौरीन ने फिल्म की गहराई पर सवाल भी उठाए। उनका कहना है कि फिल्म में उनके पति के किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं किया गया। नौरीन ने कहा, अगर वे फिल्म बना रहे थे, तो कम से कम मुझसे, पुलिस विभाग या उन पत्रकारों से बात करनी चाहिए थी जिन्होंने असलम को करीब से देखा है। इससे उनके किरदार के सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों पहलुओं को बेहतर तरीके से दिखाया जा सकता था। नौरीन ने पूरी फिल्म नहीं देखी नौरीन ने बताया कि उन्होंने पूरी फिल्म नहीं देखी है, लेकिन कुछ क्लिप्स देखी हैं। फिल्म में पुलिस अफसर के किरदार द्वारा इस्तेमाल की गई गालियों पर उन्होंने कहा कि यह फैमिली ऑडियंस के लिए भले ही ठीक न हो, लेकिन पुलिस महकमे में ऐसी भाषा आम बात है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म के किरदार और माहौल पर फिट बैठता है।
नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, अप्रैल के मध्य में नई बिहार सरकार बनने की संभावना | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 20:43 IST बिहार के सीएम नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. संभावना है कि वह पटना लौटने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार (फाइल तस्वीर/पीटीआई) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संभावित रूप से अपने वर्तमान पद से हटते हुए राज्यसभा में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं। समारोह से पहले, उनके 9 अप्रैल को पटना से दिल्ली जाने और दो से तीन दिनों तक राष्ट्रीय राजधानी में रहने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान उनके भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने की संभावना है। सूत्र आगे बताते हैं कि कुमार पटना लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे बिहार में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। 11 अप्रैल या उसके बाद राज्य में उनकी वापसी की उम्मीद है। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा। कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण, सूत्रों ने संकेत दिया है कि नई सरकार का गठन अप्रैल के मध्य तक हो जाएगा। राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार को मिलेगी जेड-प्लस सुरक्षा पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा में प्रवेश करने के बाद जेड-प्लस सुरक्षा कवर मिलेगा। मुख्यमंत्री के रूप में, कुमार को बिहार विशेष सुरक्षा अधिनियम, 2000 के तहत प्रदान किए गए एक विशेष सुरक्षा कवर के तहत संरक्षित किया गया है, जो प्रधान मंत्री के लिए बने एसपीजी अधिनियम पर आधारित है। अधिसूचना में कहा गया है कि कुमार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय जद (यू) अध्यक्ष के संसद में आसन्न कदम के मद्देनजर लिया गया था, जिसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए कुमार के इस महीने सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अपनी नई भूमिका संभालने की उम्मीद है। बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव हुए, जिनका कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होगा। पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 20:11 IST समाचार राजनीति नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, नई बिहार सरकार अप्रैल के मध्य में बनने की संभावना है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नीतीश कुमार राज्यसभा शपथ(टी)नीतीश कुमार इस्तीफा(टी)बिहार के मुख्यमंत्री(टी)नई बिहार सरकार(टी)राज्यसभा सदस्यता(टी)बीजेपी नेतृत्व बैठकें(टी)बिहार की राजनीति(टी)पटना से दिल्ली यात्रा
क्या बच्चों को जायफल देना चाहिए? आयुर्वेद से जाने फायदे, मात्रा, खिलाने से पहले क्या बरतें सावधानियां

Jaifal benefits for kids: मौसम बदलता है तो बच्चे सबसे पहले बीमार पड़ते हैं. सर्दी-जुकाम, गले में खराश, बुखार, पेट खराब होना आदि बच्चों को जल्दी होता है. दरअसल, इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिसके कारण ये जल्दी इंफेक्शन से प्रभावित होते हैं. ऐसे में आप अपने बच्चों को कई तरह की दवाइयां खिला देते होंगे, लेकिन बच्चों को खुद से दवा खिलाने से बेहतर है कि उन्हें कुछ घरेलू उपचार से ठीक करने की कोशिश करें. कुछ हर्ब्स, मसाले के इस्तेमाल से कोई भी नुकसान नहीं होता है. बदलते मौसम में आप अपने बच्चों को जायफल (Nutmeg) भी दे सकते हैं. जायफल भूरे रंग का एक सख्त मसाला, जिसे पाउडर की तरह कई व्यंजनों में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जानिए यहां बच्चों के लिए जायफल कैसे है फायदेमंद… बच्चों के लिए जायफल के फायदे -आयुर्वेद में जायफल को वात-शामक, पाचक और मेध्य माना गया है. यह इम्यूनिटी से लेकर मस्तिष्क को पोषण देने में मदद करता है. इससे पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे गैस, ब्लोटिंग, अपच आदि में भी आराम मिलता है, लेकिन इसके सेवन का सही तरीका आपको जरूर जान लेना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -आयुर्वेद के अनुसार, जायफल स्वभाव से तीक्ष्ण होता है, इसलिए बच्चों को जायफल देने से पहले एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए. -बच्चों को जायफल सीधे नहीं देना चाहिए. पहले उसे दूध में उबालें, तब दें. दही में भी मिक्स करके दे सकते हैं. घी में पकाकर भी दिया जाता है. दूध में घिसकर बच्चों को बहुत थोड़ी मात्रा में देना चाहिए. -सबसे पहले जायफल को थोड़ी देर दूध में उबालें. इससे जायफल की गर्म और तीखी तासीर कम होती है. इसके औषधीय गुण भी बढ़ जाते हैं. -इसके चुटकीभर सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. बैचेनी कम होती है. पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं. सर्दी, खांसी-जुकाम में आराम मिलता है. -अगर बच्चा ठीक से सो नहीं पाता है, तब भी कम मात्रा में इसे आप बच्चे को दे सकते हैं. यह तंत्रिक तंत्र को शांत करके बच्चों को गहरी नींद लाने में मदद करता है. -6 महीने से कम उम्र के बच्चे को बिना चिकित्सक की सलाह के जायफल बिल्कुल भी न दें. बच्चे का पेट खराब है, तो भी जायफल न दें.
शादी के गिफ्ट पर नाराजगी ‘क्रूरता नहीं:हाईकोर्ट ने पति पर दर्ज FIR की रद्द, न्यूजीलैंड सहित विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि शादी में दिए गए गिफ्ट को लेकर असंतोष जताना “क्रूरता” नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने न्यूजीलैंड में रह रहे पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। यह मामला मोहाली के खरड़ थाने का है। पत्नी ने साल 2015 में शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने आरोप लगाया था कि पति और उसके परिवार ने दहेज को लेकर मानसिक उत्पीड़न किया। शादी का गिफ्ट नहीं आया पसंद सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पति भारत में बहुत कम समय के लिए रहा था। शादी के बाद वह केवल 16 दिन भारत में रहा और बाद में 15 दिन के लिए आया। इस पूरे समय में उसके खिलाफ मुख्य आरोप सिर्फ इतना था कि उसे शादी में दिए गए गिफ्ट पसंद नहीं आए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल गिफ्ट को लेकर नाराजगी जताना क्रूरता नहीं है। अदालत के अनुसार, इस तरह की बात न तो किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर करती है और न ही इससे किसी की जान को कोई खतरा होता है, इसलिए इसे कानून के तहत क्रूरता नहीं माना जा सकता विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला अदालत ने विदेश में हुई घटनाओं को लेकर भी साफ फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की ज्यादातर घटनाएं न्यूजीलैंड में हुई थीं, इसलिए भारत में इन पर केस तभी चल सकता है जब केंद्र सरकार की अनुमति हो। बिना अनुमति भारत में ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि पत्नी ने पहले घरेलू हिंसा और भरण-पोषण से जुड़े मामले भी दर्ज किए थे, लेकिन उसमें उसे कोई राहत नहीं मिली। हालांकि बच्चे के लिए भरण-पोषण तय किया गया था। साथ ही, दोनों का विवाह वर्ष 2022 में समाप्त हो चुका है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट संदेश दिया कि पारिवारिक विवाद और आपराधिक मामलों में अंतर समझना जरूरी है। केवल छोटे-छोटे घरेलू मतभेदों को आधार बनाकर गंभीर आपराधिक धाराओं का सहारा लेना कानून का गलत इस्तेमाल है।
असम चुनाव 2026: ‘मोहब्बत और नफरत की सोच के बीच…’, टाटा में सीएम हिमंत बिस्बा सरमा पर राहुल गांधी का वार, कांग्रेस की पांच गारंटी का ऐलान

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इस बीच विपक्ष में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के कम्युनिस्ट नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को असम के तिताबर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल ओझा को संबोधित किया। राहुल गांधी यहां समिति प्राण कुर्मी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। तिताबर को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री युवा गोगोई ने असम का नेतृत्व करते हुए कई बार नामांकन जीता था। राहुल गांधी को संबोधित करते हुए बोले राहुल गांधी सदन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता से जो कुछ छीना है, उसे वापस लाना होगा और मुख्यमंत्री को इसके लिए माफ़ी मांगनी होगी। उन्होंने कहा, ‘जो भी जनता ने लिया है, वह वापस आएगा।’ मुख्यमंत्री को माफ़ी माँगनी उपज, लेकिन केवल माफ़ी से काम नहीं मिलता- हम क़ानून का सहारा। वह कहीं भी, पास या दूर, उन्हें उत्तरदेह दोषी ठहराएगा। कितना भी हिल लें या उछल लें, कानून से बच नहीं सकते।’ भारत जोड़ो यात्रा का ज़िक्र कर बोले राहुल गांधी राहुल गांधी ने असम की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूमि श्रीमंत शंकरदेव, भूपेन हजारिका, ज्योति प्रसाद अघारा और जुबिन गर्ग जैसे महान व्यक्तित्वों की है, जो हमेशा प्रेम, एकता और विश्वसनीयता का संदेश देते हैं। उन्होंने अपनी यात्रा में भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैसाबोल में मोहब्बत की बात की। असम के लोग भी इसी भावना में विश्वास करते हैं, लेकिन यहां के मुख्यमंत्री इससे बिल्कुल दूर हैं और केवल नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।’ जुबिन गर्ग का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे असम की असली भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा, ‘जो भी गरीब व्यक्ति उनके पास जाता था, वह मुस्कान के साथ लौट आता था।’ वे हमेशा एकता और इंसानियत की बात करते थे।’ राहुल ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को सैद्धांतिक विश्लेषण दिया राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व मुख्यमंत्री युवा गोगोई के साथ मिलकर काम किया और भाजपा सरकार अपने पिछले वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने 500 रुपये के प्रॉमिस को पूरी तरह से हिट करने का वादा किया। साथ ही, छह सेट किए गए वादों को भी अधूरा बताया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम की जमीन पर कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों का कब्जा है और राज्य सरकार दिल्ली से तय हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार के दबाव में असम के हालात प्रभावित हो रहे हैं। सभा के अंत में राहुल गांधी ने कहा, ‘यह चुनावी मोहभंग और अधर्म की सोच के बीच की लड़ाई है। कांग्रेस को वोट और गरीब व आम जनता की सरकार का समर्थन।’ कांग्रेस पार्टी की प्रमुख पाँच गारंटियाँ क्या हैं? इस दौरान कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने अपनी ओर से पांच प्रमुख पार्टियों की घोषणा कर दी। जिसमें, महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता और सहायता के लिए 50 हजार रुपये ज़ुबीन गर्ग से जुड़े 100 दिनों के भीतर न्याय पर 10 लाख लोगों को भूमि पट्टा वृद्ध नागरिकों को 1,250 रुपये की मासिक सहायता गंभीर के लिए 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा यह भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट ने रेत माफिया को ‘चंबल के नए डकैत’ कहा; राजस्थान, एमपी और यूपी के लिए कड़ी चुनौती (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)राहुल गांधी(टी)कांग्रेस(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)तिताबर(टी)गुवाहाटी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)राहुल गांधी(टी)कांग्रेस(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)तिताबार(टी)गुवाहाटी









