‘डब्बा इंजन’: तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इरोड में चुनावी रैली के दौरान बीजेपी का मजाक उड़ाया | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:06 IST तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इरोड रैली में भाजपा की डबल इंजन सरकार का डब्बा इंजन कहकर मजाक उड़ाया, कहा कि एनडीए हार जाएगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (क्रेडिट: एक्स) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला किया और इसे “डब्बा इंजन” कहा। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब वह विधानसभा चुनाव से पहले इरोड में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर निशाना साधते हुए स्टालिन ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पर भरोसा जताते हुए कहा कि चुनाव में एनडीए की हार होगी। रैली के दौरान, तमिलनाडु के सीएम ने एनडीए पर पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच एमएसएमई का “गला घोंटने” सहित “विश्वासघात” की एक श्रृंखला का भी आरोप लगाया। स्टालिन ने अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन की विफलताओं को गिनाया। उन्होंने कहा कि एनईईटी को रद्द करने में विफलता और सीएए को लागू करना लोगों के हितों के खिलाफ जाने वाले फैसले थे। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “अमेरिकी टैरिफ के मुकाबले बुनकरों की रक्षा करने में असफल होना और पश्चिम एशिया संकट के दौरान एमएसएमई का गला घोंटना” एनडीए के साथ विश्वासघात था। स्टालिन ने एडप्पादी के पलानीस्वामी पर भी कटाक्ष किया और उन्हें “अपने करीबी रिश्तेदार को ठेका देने वाले व्यक्ति” (संबांडी) के रूप में संदर्भित किया। उन्होंने सीधे नाम लिए बिना टीटीवी दिनाकरन, अंबुमणि रामदास और अन्य एआईएडीएमके नेताओं पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निशाना साधा। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 तमिलनाडु में चुनाव 23 अप्रैल, 2026 को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव में एक महीने से भी कम समय रह गया है और राज्य में चुनाव प्रचार जोरों पर है। 2121 विधानसभा चुनाव में क्या हुआ? पिछला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (2021) एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने जीता था। डीएमके ने 234 में से 133 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया। इसके गठबंधन (सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस) को कुल 159 सीटें हासिल हुईं। एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने 66 सीटें जीतीं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 12:51 IST समाचार चुनाव ‘डब्बा इंजन’: तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इरोड में चुनावी रैली के दौरान बीजेपी का मजाक उड़ाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एमके स्टालिन बीजेपी आलोचना(टी)एमके स्टालिन रैली(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)डबल इंजन सरकार(टी)डब्बा इंजन टिप्पणी(टी)बीजेपी एनडीए गठबंधन(टी)इरोड चुनाव रैली(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव
ब्रिटेन की जेलों में चोरी के फोन से ऑर्डर:जेलों में ड्रोन से ड्रग्स-हथियारों की डिलीवरी; कैदियों के परिवारों से पैसे वसूल रहे गैंग

ब्रिटेन की जेलों में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान पहुंचाने का नया संकट बढ़ रहा है। कैदी जेल के अंदर से मोबाइल, ड्रग्स, चार्जर और चाकू जैसे हथियार तक ऑर्डर कर रहे हैं। ड्रोन ये पैकेट सीधे सेल की खिड़की या जेल के मैदान में गिरा रहे हैं। जज ने इसे उबर ईट्स जैसी डिलीवरी बताया है। 29 साल के शफकत उल्लाह मोहसेनी को 140 से ज्यादा अवैध ड्रोन उड़ानें का दोषी पाया गया है। उसने दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच इंग्लैंड की 9 जेलों में सप्लाई की और कैदियों के परिजनों से करीब 30 लाख रुपए वसूले। मार्च 2025 तक जेलों में ड्रोन देखे जाने की रिकॉर्ड 1,712 घटनाएं दर्ज हुईं। विशेषज्ञों के मुताबिक असली संख्या इससे ज्यादा हो सकती है, क्योंकि ड्रोन अक्सर रात में उड़ाए जाते हैं। पहले तस्करी के लिए दीवार के ऊपर से सामान फेंका जाता था। अब कमर्शियल ड्रोन सबसे आसान तरीका बन गए हैं। कैदी चोरी से रखे फोन से बाहर के गैंग को ऑर्डर देते हैं और भुगतान अक्सर उनके डरे हुए परिवार वाले करते हैं। गैंग द्वारा परिवार को डराया-धमकाया जाता है कि उन्होंने सामान का भुगतान नहीं किया, तो जेल में बंद उनके परिजन को नुकसान पहुंचाया जाएगा। खतरे से निपटने के लिए ब्रिटिश सरकार यूक्रेन में रूसी ड्रोन रोकने वाली तकनीक का अध्ययन कर रही है। जेलों की खिड़कियों पर ग्रिल और इमारतों के ऊपर जालियां लगाई जा रही हैं। साथ ही डिजिटल फॉरेंसिक, फिंगरप्रिंट और मेटाडाटा के जरिए तस्करों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जेल के अंदर सामानों की कीमत 10 गुना तक जेल में सामानों की कीमत बाजार से 5-10 गुना तक वसूली जा रही है। इससे हिंसा, नशे की लत और वसूली का दबाव बढ़ा है। नेशनल ऑडिट ऑफिस के मुताबिक ड्रोन बड़े पैकेट सटीक तरीके से पहुंचा सकते हैं, इसलिए जेलों में नशा बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
ED Raids I-PAC Election Management TMC

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक 8 जनवरी 2026 को ED ने I-PAC के कोलकाता वाले दफ्तर पर रेड की थी। वहां से जब्त दस्तावेज। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंट कंपनी I-PAC के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। टीम दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद में कंपनी के दफ्तरों पर कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी कोयला चोरी और घोटाले से जुड़े मामले में हो रही है। कंपनी के को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह के ठिकाने भी इस कार्रवाई के दायरे में हैं। I-PAC पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC के लिए चुनाव मैनेजमेंट का काम देखती है। I-PAC और उसके डायरेक्टर पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस मामले में CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला करीब 2,742 करोड़ रुपए से जुड़ा है। इससे पहले जनवरी में ED ने कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी। हाल ही में ED ने सिंह और जैन को बयान दर्ज कराने के लिए समन भेजा था। दोनों ने इन नोटिस को रद्द कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उनका कहना है कि वे बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव में व्यस्त हैं। 8 जनवरी को पिछली रेड के बीच पहुंची थीं ममता ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। इस दौरान वहां ED की रेड चल रही थी। 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। नॉलेज पॉइंट: जानिए I-PAC के बारे में ममता अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर प्रतीक जैन (दाएं) के साथ। यह फोटो प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 4 जून 2024 को पोस्ट की थी। I-PAC (Indian Political Action Committee) एक पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म है। इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन हैं। यह राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, डेटा-आधारित कैंपेन, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में मदद करती है। I-PAC पहले Citizens for Accountable Governance (CAG) थी। इसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर ने प्रतीक के साथ की थी। बाद में इसका नाम I-PAC रखा गया। प्रशांत किशोर के हटने के बाद I-PAC की कमान प्रतीक के पास आ गई। प्रशांत ने बाद में बिहार में ‘जन सुराज’ पार्टी बनाई। I-PAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ 2021 से जुड़ी है। ————– ये खबर भी पढ़ें… I-Pac रेड विवाद-ममता पर पावर के गलत इस्तेमाल का आरोप:ED सुप्रीम कोर्ट में बोली-CM के फायदे के लिए पुलिस ने काम में रुकावट डाली केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि CM और राज्य की मशीनरी कथित कोयला चोरी स्कैम के सिलसिले में I-PAC ऑफिस और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घुसे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सुबह उठकर सबसे पहले चाय पीते हैं आप? आयुर्वेद में इसकी सख्त मनाही, इन समस्याओं को हो जाएंगे शिकार

Last Updated:April 02, 2026, 12:54 IST Morning Tea Side Effects: सुबह उठकर खाली पेट चाय पीना एक कॉमन आदत है, लेकिन यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार खाली पेट चाय पीने से शरीर में पित्त दोष बढ़ सकता है, जिससे एसिडिटी और जलन पैदा हो सकती है. चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित करते हैं. इससे गैस, भारीपन और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. सुबह पहले गुनगुना पानी लें और नाश्ते के बाद ही चाय पिएं, ताकि इसके साइड इफेक्ट न हों. सुबह खाली पेट चाय पीने से एसिडिटी और जलन की समस्या हो सकती है. Tea Health Risks in Morning: चाय हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है. कई लोग सुबह उठकर सबसे पहले चाय पीना पसंद करते हैं. चाय के बिना उनकी आंख ही नहीं खुलती है. चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है, बल्कि लोगों के लिए एक फीलिंग बन चुकी है. भारत में करोड़ों लोग सुबह की शुरुआत चाय के साथ करते हैं. माना जाता है कि सुबह के वक्त चाय पीने से शरीर अलर्ट हो जाता है और सुस्ती दूर हो जाती है, लेकिन आयुर्वेद इस आदत को सेहत के लिए नुकसानदायक मानता है. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो चाय पीने की टाइमिंग बहुत जरूरी होती है. अगर आप खाली पेट चाय पीते हैं, तो इससे सेहत से जुड़ी कई परेशानियां पैदा हो सकती हैं. अगर आप सही समय पर चाय पिएंगे, तो इससे शरीर को नुकसान नहीं होगा. आयुर्वेद के अनुसार सुबह का समय शरीर में पित्त के संतुलन के लिए सबसे अच्छा होता है. अगर इस समय खाली पेट चाय पी जाती है, तो यह पित्त दोष को बढ़ा सकती है. पित्त बढ़ने का मतलब है शरीर में गर्मी और एसिडिटी का बढ़ना. इससे पेट में जलन, खट्टापन और बेचैनी महसूस हो सकती है. इसलिए सुबह सबसे पहले शरीर को हल्का और पौष्टिक आहार देना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र धीरे-धीरे सक्रिय हो सके. चाय इस प्रक्रिया को बिगाड़ सकती है और पाचन पर बुरा असर डाल सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. आयुर्वेद ही नहीं, बल्कि मॉडर्न साइंस भी खाली पेट चाय को नुकसानदेह मानता है. चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन पेट के खालीपन के चलते अंदरूनी परत पर असर डालते हैं. जब पेट खाली होता है, तब ये तत्व एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं. इससे गैस, एसिडिटी और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जो लोग पहले से ही पेट से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह आदत और ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकती है. धीरे-धीरे यह समस्या क्रॉनिक भी बन सकती है. कई रिसर्च में पता चला है कि कैफीन का असर दिल और दिमाग पर भी असर डालता है. खाली पेट चाय पीने से कुछ लोगों को दिल की धड़कन तेज होने का अनुभव हो सकता है. कई लोग सोचते हैं कि चाय पीने से उन्हें एनर्जी मिल रही है, लेकिन असल में यह कुछ समय के लिए ही असर दिखाती है और बाद में थकान बढ़ सकती है. कुछ लोगों में खाली पेट चाय पीने की आदत कमजोरी, चक्कर या सिरदर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है. कई बार यह आदत भूख को भी कम कर देती है, जिससे दिनभर सही मात्रा में भोजन नहीं हो पाता और शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स का मानना है कि चाय को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन इसे सही समय पर लेना बेहद जरूरी है. सुबह उठने के बाद पहले हल्का गुनगुना पानी पीना बेहतर माना जाता है. इसके बाद जब आप थोड़ा नाश्ता कर लें, तब चाय पी सकते हैं. इससे चाय का शरीर पर नकारात्मक असर काफी हद तक कम हो जाता है और आप इसके स्वाद का आनंद ले सकते हैं. अगर आपको पेट से जुड़ी कोई समस्या है, तो चाय का सेवन कम करें और इस बारे में डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य की सलाह लें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 02, 2026, 12:54 IST
Gold Down ₹16K, Silver ₹42K; Today ₹3,263 & ₹13K Fall

Hindi News Business Iran War Impact: Gold Down ₹16K, Silver ₹42K; Today ₹3,263 & ₹13K Fall नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच गुरुवार को भी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, गुरुवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,245 रुपए घटकर 1.47 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले बुधवार को यह 1.51 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 12,023 रुपए घटकर 2.28 लाख रुपए रह गई, जो 25 मार्च को 2.40 लाख रुपए पर थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 34 दिन में 12,489 और चांदी 38,887 सस्ती हुई है। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलर्स एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलर्स एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना ऑल टाइम हाई से ₹30 हजार सस्ता हुआ साल की शुरुआत में सोने में तेजी थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान जंग से गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹30 हजार सस्ता हो चुका है। चांदी में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.28 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख गिरावट का आंकड़ा: पिछले 63 दिन में चांदी ₹1.58 लाख सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: कैश पर भरोसा बढ़ा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग में निवेशक जोखिम से बचते हुए गोल्ड-सिल्वर बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि अनिश्चितता में लिक्विडिटी बनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में रिकॉर्ड कीमतों पर बड़े निवेशकों ने होल्डिंग बेची, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतें गिरीं। ब्याज दरों का असर: अमेरिका के फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से कीमती धातुओं की चमक फीकी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
नई घड़ा सफाई युक्तियाँ: गर्मियों में घड़ा का उपयोग करने से पहले जान सफाई का तरीका, इन युक्तियों से प्राप्त करें ठंडा और शुद्ध पानी

2 अप्रैल 2026 को 12:32 IST पर अपडेट किया गया नई घड़ा सफाई युक्तियाँ: गर्मियों के मौसम में ठंडे पानी के लिए अक्सर लोग मिट्टी के घड़े का उपयोग करते हैं। लेकिन इससे पहले जान लें इसे साफ करने का सही तरीका के बारे में… (टैग्सटूट्रांसलेट) नए मिट्टी के बर्तनों की सफाई के टिप्स (टी) मिट्टी के बर्तनों को कैसे साफ करें (टी) घड़ा सफाई टिप्स (टी) मिट्टी के बर्तनों की देखभाल (टी) गर्मियों में पानी के भंडारण के टिप्स (टी) प्राकृतिक जल शीतलन के तरीके (टी) मिट्टी के बर्तनों की स्वच्छता (टी) घरेलू उपचार सफाई
अगर शरीर में एक किडनी और एक आंख – कान ही होते तो क्या होता…साइंस क्या कहती है

होमफोटोनॉलेज अगर शरीर में एक किडनी और एक आंख – कान ही होते तो क्या होता-साइंस क्या कहती है Last Updated:April 02, 2026, 12:30 IST शरीर से एक किडनी निकालने के मामले अक्सर चर्चा में आ जाते हैं. धोखाधड़ी से एक किडनी निकाल लेने का गैंग देशभर में सक्रिय रहता आया है. ये कहा जाता है कि दूसरी किडनी का शरीर में होना बैकअप है. जानते हैं कि शरीर में जो अंग दो हैं, क्या उनके एक होने पर भी काम चल सकता है. आखिर ये दो क्यों दिए गए. विज्ञान कहता है कि दो आंख, दो कान, दो किडनी होना एक “इवोल्यूशनरी डिजाइन” है, जिसमें बैकअप + काम करने में बेहतरी + बॉडी सिमेट्री यानि शरीर का अपने सभी अंगों के साथ संतुलन का खास रोल होता है. इवोल्यूनरी डिजाइन इंसान द्वारा बनाया गया डिज़ाइन नहीं है, बल्कि यह एक लंबी प्राकृतिक प्रक्रिया का नतीजा है. (AI News18 IMAGE) करोड़ों सालों में जीवों का शरीर धीरे-धीरे बदलकर ऐसा बनता है जो उसके जीवित रहने और प्रजनन के लिए सबसे बेहतर हो. इसे सबसे बेहतर चार्ल्स डार्विन ने समझाया था. आप इसे इस तरह भी कह सकते हैं कि शरीर हमारे शरीर में ऐसा सिस्टम समय के साथ विकसित करती है, जो हमें जिंदा रखने में मदद करे. (AI News18 Image) अगर साइंस की भाषा में समझें तो इंसानी शरीर में कई अंग “अतिरिक्त क्षमता” के साथ आते हैं, यानी शरीर इस तरह बना है कि अगर एक खराब हो जाए तो दूसरा काम संभाल सके. वैसे आपको बता दें कि आप एक किडनी के साथ पूरी जिंदगी जी सकते हैं. एक आंख या एक कान से भी जीवन संभव है. हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार शरीर में ऐसी क्षमता होती है कि ताकि बीमारी और चोट में भी जीवित रह सकें. (AI News18 Image) Add News18 as Preferred Source on Google इवोल्यूशनरी का सिद्धांत कहता है, जिन लोगों के शरीर में बैकअप था, उनके बचने की संभावना ज्यादा थी, लिहाजा प्रकृति और शरीर में भी वही जीन आगे बढ़े हमारा शरीर दो हिस्सों में बनाकर जोड़ा हुआ ज्यादा लगता है. तकरीबन सभी जटिल इसी तरह बने हैं. यानी शरीर दो बराबर हिस्सों में बंटा होता है. (AI news18 image) बीबीसी साइंस फोकस का कहना है कि अधिकांश जानवर बाएं और दाएं दोनों ओर एक जैसे तरीके से बने होते हैं. इसी वजह से शरीर में दो आंख, दो कान, दो किडनी विकसित हुए. इसी वजह से शरीर के बीच में अंगर जैसे हृदय और लिवर एक होते हैं. (ai news18 image) वैसे दो अंग होने से शरीर का काम बेहतर” भी होता है. दो आंखें थ्री डी विजन की क्षमता रखती हैं, दूरी का अंदाज बेहतर तरीके से लगा लेती हैं. अगर एक ही आंख होती तो दुनिया फ्लैट दिखती, ड्राइविंग, खेल, चलना सभी कुछ मुश्किल होता. साइंस कहती है कि दो आंखों से हमारा दूरी और गहराई को ज्यादा बेहतर तरीके से समझता है. (ai news18 image) दो कान आवाज की दिशा को ज्यादा सटीक तरीके से समझ पाते हैं. तुरंत पता लग जाता है कि आवाज किधर से आ रही है. अगर एक कान होता तो आवाज तो सुनाई पड़ती लेकिन दिशा नहीं पता चलती. (ai news18 image) शरीर में दो किडनी होने से खून का फिटलर और बैकअप का काम बेहतर तरीके से होता है. अगर एक खराब हो जाए तो दूसरी काम संभाल लेती है. इसीलिए किडनी डोनेट भी कर सकते हैं. और इसके बाद भी सामान्य जीवन जीते हैं. वैज्ञानिक रिसर्च कहती हैं कि एक किडनी से जीवन संभव है, लेकिन दो होने से सुरक्षा बढ़ती है. (ai news18 image) अब मान लीजिए कि हमारी एक ही आंख, कान और किडनी होते तो क्या होता. एक आंख होने की सूरत में दुर्घटनाओं का जोखिम ज्यादा रहता. कान आवाज सुन पाते लेकिन उसकी दिशा का अंदाज नहीं लगा पाते. अगर एक किडनी होती और वो भी खराब हो जाती तो सीधे जीवन मरण की स्थिति बन जाती. मतलब शरीर ज्यादा असुरक्षित और नाजुक हो जाता. (news18 ai image) ऐसे में ये सवाल हो जाता है कि जब ऐसी ही बात है तो दिल और लिवर दो क्यों नहीं हैं. दिल एक ही होता है लेकिन उसमें पॉवरफुल पंप होता है. फिर ये भी कह सकते हैं कि दिल भी दो पंप जैसा ही है, क्योंकि इसकी दोनों साइड होती हैं. अगर दो दिल होते तो उनमें तालमेल मुश्किल होता. शरीर को उनसे काम लने के लिए ज्यादा एनर्जी खर्च करनी होती. (news18 ai image) लिवर के साथ खास बात ये है कि वो बहुत बड़ा और क्षमतावान होता है. और ये खुद को दोबारा पैदा भी कर सकता है. यानि उसको बैकअप की जरूरत ही नहीं है. तो आप कह सकते हैं कि दो आंख, दो कान और दो किडनी हमारे शरीर में अतिरिक्त लग्जरी नहीं है बल्कि स्मार्ट बॉयोलॉजिकल डिजाइन है. जो जीवन को बचाने वाला बैकअप देते हैं. इनके एक होने पर इंसान का जीवन ज्यादा जोखिम वाला और कम सक्षम होता. (news18 ai image) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : April 02, 2026, 12:30 IST
केरल चुनाव 2026: यूडीएफ की घोषणापत्र जारी, ‘5+1 विचारधारा’ के साथ फ्री गेन की बिक्री

केरल चुनाव से पहले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें कई किशोर नारा और “5+1 भ्रष्टाचार” का खुलासा किया गया है। एर्नाकुलम में आयोजित कार्यक्रम में नामांकन के नेता वी.डी. श्रीशेषन ने की घोषणापत्र जारी किया। इस मौक पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. श्रीशिशन ने बताया कि यह घोषणा पत्र पांच प्रमुख वारंटियों पर आधारित है, प्रोटोकोल की घोषणा राहुल गांधी ने तिरुवनंतपुरम में ‘पुथु युग यात्रा’ के समापन के दौरान की थी। उन्होंने कहा कि सत्या में आने वाले यूडीएफ कल्याण पेंशन को ₹2,000 से लेकर ₹3,000 कर देवी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग सरकारी विभाग भी बनाया जाएगा। तेलंगाना मॉडल का नारा देते हुए अभिषेकन ने कहा कि जिस तरह रेवंत रेड्डी ने 100 दिनों में अपना वादा पूरा किया, उसी तरह यूडीएफ ने भी अपने वादे पूरे किए। घोषणापत्र की प्रमुख गारंटियाँ इस प्रकार हैं: केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की निःशुल्क यात्रा कॉलेज जाने वाली लड़कियों को ₹1,000 की मासिक सहायता पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चंदी के नाम पर ₹25 लाख का स्वास्थ्य बीमा कल्याण पेंशन को ₹3,000 देना होगा युवाओं के लिए ब्याज-मुक्त ऋण और वृद्ध नागरिकों के लिए अलग-अलग मंत्रालय का गठन यूडीएफ ने इन घोषणाओं में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को साधने की कोशिश की है। (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल चुनाव 2026(टी)यूडीएफ(टी)यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट(टी)केरल(टी)यूडीएफ घोषणापत्र 2026(टी)यूडीएफ केरल
हाई ब्लड प्रेशर में नजर आते हैं ये 3 लक्षण, तुरंत भागें डॉक्टर के पास, लापरवाही करने से चली जाएगी जान !

Last Updated:April 02, 2026, 12:11 IST Hypertension Symptoms: हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या है और अधिकतर लोगों में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं. इस वजह से धीरे-धीरे शरीर को नुकसान होता रहता है और लोगों को पता ही नहीं चलता है. कुछ सीवियर मामलों में सिरदर्द, सांस फूलना और नाक से खून आना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ये लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहे, तो यह हार्ट, ब्रेन और अन्य ऑर्गन्स को नुकसान पहुंचा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर जब सीवियर हो जाता है, तब नाक से खून, तेज सिरदर्द और सांस फूलने जैसे संकेत नजर आते हैं. Hypertension Warning Signs: हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है और भारत में करोड़ों लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं. चिंता की बात यह है कि हाई बीपी के अधिकतर मरीजों को अपनी बीमारी के बारे में पता ही नहीं है. मेडिकल की भाषा में इस परेशानी को हाइपरटेंशन कहा जाता है. डॉक्टर्स हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर मानते हैं, क्योंकि इसके लक्षण आमतौर पर नजर नहीं आते हैं और लोगों को अचानक हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ जाता है. ऐसे में हाई बीपी को कंट्रोल करना जरूरी होता है, वरना यह मौत की वजह बन सकता है. कुछ मरीजों में हाई बीपी के लक्षण दिखते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. ये लक्षण अक्सर तब नजर आते हैं, जब बीपी खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है. अमेरिका के मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक जब शरीर की धमनियों में बहने वाले खून का दबाव लगातार ज्यादा रहता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है. सामान्य रूप से ब्लड प्रेशर 120/80 mm Hg से कम होना चाहिए. जब यह 120–129/
WhatsApp SIM Binding Rule Jan 2027 Update

नई दिल्ली8 घंटे पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने ‘सिम बाइंडिंग’ के नियमों को लागू करने की डेडलाइन को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया है। यानी नए नियम अब 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इंडस्ट्री की मांग को देखते हुए सरकार ने ये कदम उठाया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। 6 सवालों के जवाब से समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर? सवाल 1. क्या है सिम बाइंडिंग? जवाब. सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ ‘लॉक’ कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा। सवाल 2. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जवाब. जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगा। सवाल 3. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? जवाब. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। सवाल 4. 1 जनवरी से यूजर्स को क्या करना होगा? जवाब. यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग एप काम करना बंद कर सकता है। सवाल 5. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? जवाब. इंडस्ट्री एसोसिएशन (IAMAI) ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉगआउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा। साथ ही उन यूजर्स को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं। सवाल 6. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? जवाब. केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक कंपनियों को 120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









