बाप रे बाप! 15.5KG का ओवेरियन ट्यूमर, डिलीवरी के बाद भी महिला के पेट में था दर्द, देखकर डॉक्टर भी हैरान

Last Updated:April 03, 2026, 09:24 IST PMCH Rare Ovarian Tumor Surgery: बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके एक महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी है. ख़बरें फटाफट 30 वर्षीया महिला एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला का पेट काफा बढ़ा हुआ था. जब डिलीवरी हुई फिर भी पेट कम नहीं हुआ. दर्द ओर सूजन लगातार बना रहा. आनन फानन में जब महिला की जांच की गई तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर और परिजन दोनों चौंक गए. उसके पेट में बच्चे के साथ 15.5 किलोग्राम का विशाल ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका था. इसके बाद बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी. लक्षण थे बिल्कुल आम, लेकिन पनप रही थी बीमारी जानकारी के अनुसार डिलीवरी के बाद भी 30 वर्षीय महिला पेट में सूजन, दर्द और भारीपन जैसी समस्याओं से जूझ रही थी. शुरुआत में उसने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज किया, स्थिति ऐसी हो गई कि उसे चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होने लगी. परिजनों ने पीएमसीएच लाया. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. डॉक्टरों ने पाया कि महिला के पेट में एक असामान्य रूप से बड़ा ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका है. यह आसपास के अंगों पर दबाव डाल रहा था और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता था. इसके बाद बिना देरी किए सर्जरी का फैसला लिया गया. डाक्टरों के अनुसार टयूमर इतना बड़ा हो गया था कि वह डायफ्राम तक पहुंच गया था, इससे महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. वह ठीक से भोजन नहीं कर पा रही थी. उसे लगातार उल्टी की शिकायत भी थी. साथ ही वह एनीमिया से भी पीड़ित थी. मार्च में ही हुई थी डिलीवरी 30 वर्षीया इस महिला ने एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद 26 मार्च को पेट में दर्द और गांठ की शिकायत लेकर वह पीएमसीएच पहुंची. यहां जांच के बाद ट्यूमर का पता चला. सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रो. मीनू शरण ने किया. उनके साथ ऑन्को सर्जन डॉ. नवीन, डॉ. नीना अग्रवाल, डॉ. अंजली और डॉ. माधुरी की टीम मौजूद रही. लगभग एक घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया में डॉक्टरों को ट्यूमर के बड़े आकार और संभावित रक्तस्राव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम के अनुभव और समन्वय ने हर मुश्किल को आसान बना दिया. दुर्लभ है इस तरह का ट्यूमर विशेषज्ञों के मुताबिक इतने बड़े आकार का ओवेरियन ट्यूमर बेहद दुर्लभ मामलों में ही देखने को मिलता है. आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं. इसीलिए मरीज समय पर पहचान नहीं कर पाते. यही लापरवाही बाद में गंभीर खतरा बन जाती है. फिलहाल सर्जरी के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. चिकित्सकों को उम्मीद है कि आने वाले 10 दिनों के भीतर उसको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 09:22 IST
चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश हुए राजपाल भावुक हो गए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने 6 करोड़ रुपए चुकाने के लिए 30 दिन का समय देने की मांग ठुकराते हुए कहा, “नहीं मतलब नहीं। फैसला सुरक्षित रखा जा रहा है और समय नहीं मिलेगा।” सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि पेमेंट करने की इच्छा है तो देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप पेमेंट करना चाहते हैं, लेकिन आपके वकील कह रहे हैं कि जेल जा चुके हैं, इसलिए पेमेंट नहीं करेंगे। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं, तो फिर मामले की सुनवाई क्यों हो रही है। पेमेंट कर दीजिए।” शिकायतकर्ता पक्ष बोला- 7.75 करोड़ अभी भी बाकी मामले में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में कहा कि सजा पूरी करने से वित्तीय देनदारी खत्म नहीं होती। वकील अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि राजपाल यादव 10 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पेमेंट न होने के बाद ही कार्यवाही शुरू की गई। कुल 7.75 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं, जबकि ट्रायल कोर्ट से पहले करीब 2 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने वन-टाइम सेटलमेंट की संभावना भी तलाशी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि कम समय में 6 करोड़ रुपए दिए जाएं तो विवाद सुलझ सकता है, जिस पर शिकायतकर्ता भी सहमत दिखा। राजपाल यादव ने कहा, “उन्होंने मुझसे 17 करोड़ रुपए ले लिए हैं। मेरे पांच फ्लैट बेचने पड़े हैं। मैं फिर से कोर्ट जाने के लिए तैयार हूं। मैं भावुक नहीं हूं, मुझे पांच बार और जेल भेज दो।” हालांकि, जब उन्होंने रकम जुटाने के लिए 30 दिन का समय मांगा तो अदालत ने इनकार कर दिया। समझौता नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। क्या है पूरा मामला साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे, वे बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टियों के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। इसके बाद वह लगभग 12 दिन जेल में रहने के बाद 1.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर 16 फरवरी को बाहर आए थे।
चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश हुए राजपाल भावुक हो गए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने 6 करोड़ रुपए चुकाने के लिए 30 दिन का समय देने की मांग ठुकराते हुए कहा, “नहीं मतलब नहीं। फैसला सुरक्षित रखा जा रहा है और समय नहीं मिलेगा।” सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि पेमेंट करने की इच्छा है तो देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप पेमेंट करना चाहते हैं, लेकिन आपके वकील कह रहे हैं कि जेल जा चुके हैं, इसलिए पेमेंट नहीं करेंगे। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं, तो फिर मामले की सुनवाई क्यों हो रही है। पेमेंट कर दीजिए।” शिकायतकर्ता पक्ष बोला- 7.75 करोड़ अभी भी बाकी मामले में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में कहा कि सजा पूरी करने से वित्तीय देनदारी खत्म नहीं होती। वकील अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि राजपाल यादव 10 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पेमेंट न होने के बाद ही कार्यवाही शुरू की गई। कुल 7.75 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं, जबकि ट्रायल कोर्ट से पहले करीब 2 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने वन-टाइम सेटलमेंट की संभावना भी तलाशी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि कम समय में 6 करोड़ रुपए दिए जाएं तो विवाद सुलझ सकता है, जिस पर शिकायतकर्ता भी सहमत दिखा। राजपाल यादव ने कहा, “उन्होंने मुझसे 17 करोड़ रुपए ले लिए हैं। मेरे पांच फ्लैट बेचने पड़े हैं। मैं फिर से कोर्ट जाने के लिए तैयार हूं। मैं भावुक नहीं हूं, मुझे पांच बार और जेल भेज दो।” हालांकि, जब उन्होंने रकम जुटाने के लिए 30 दिन का समय मांगा तो अदालत ने इनकार कर दिया। समझौता नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। क्या है पूरा मामला साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे, वे बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टियों के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। इसके बाद वह लगभग 12 दिन जेल में रहने के बाद 1.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर 16 फरवरी को बाहर आए थे।
65 की उम्र में 25 वाली फिटनेस! ऑस्ट्रेलियाई अम्मा की जवानी पर फिदा हैं सैंकड़ों लड़के, जानें उनके ‘Ageless’ बॉडी का राज

Last Updated:April 03, 2026, 08:50 IST Female Body Transformation After 60 : ऑस्ट्रेलिया की 65 साल की लेस्ली की फिटनेस ऐसी है कि सोशल मीडिया पर उन्हें देखने वाले लोग अपनी आँखों पर यकीन नहीं कर पाते. उनके इनबॉक्स में अक्सर उनसे उम्र में काफी छोटे लड़कों के ‘फ्लर्टी’ मैसेज की बाढ़ आई रहती है. ख़बरें फटाफट “मैं अब 40 की उम्र से भी ज्यादा जवान महसूस करती हूँ”Image Credit: lesleymaxwell.fitness Female Body Transformation after 60: क्या आप सोच सकते हैं कि एक 65 साल की दादी के एब्स (Abs) देखकर 20-22 साल के लड़के अपनी सुध-बुध खो बैठें? सुनने में थोड़ा फिल्मी लग सकता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न की रहने वाली लेस्ली मैक्सवेल (Lesley Maxwell) ने इसे सच कर दिखाया है.लेस्ली की फिटनेस ऐसी है कि सोशल मीडिया पर उन्हें देखने वाले लोग अपनी आँखों पर यकीन नहीं कर पाते. उनके इनबॉक्स में अक्सर उनसे उम्र में काफी छोटे लड़कों के ‘फ्लर्टी’ मैसेज की बाढ़ आई रहती है. “मैं अब 40 की उम्र से भी ज्यादा जवान महसूस करती हूँ”लेस्ली का कहना है कि बढ़ती उम्र का मतलब यह नहीं है कि आप अपने शरीर को ढीला छोड़ दें. वह गर्व से कहती हैं, “बहुत से लोग उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के आगे घुटने टेक देते हैं, लेकिन हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं है. उनका कहना है कि मैं आज खुद को ‘एजलेस’ (Ageless) महसूस करती हूँ और अपनी जिंदगी की सबसे बेहतरीन शेप में हूँ. सच तो यह है कि मैं अब 40 साल की उम्र के मुकाबले कहीं ज्यादा जवान और ऊर्जावान महसूस करती हूँ.” “मैं अब 40 की उम्र से भी ज्यादा जवान महसूस करती हूँ”Image Credit:lesleymaxwell.fitness क्या है लेस्ली की ‘वॉशबोर्ड एब्स’ का सीक्रेट?लेस्ली सिर्फ बातें नहीं करतीं, बल्कि इंस्टाग्राम पर अपने 1.5 लाख फॉलोअर्स के साथ अपनी मेहनत के वीडियो भी शेयर करती हैं. वह भारी वजन उठाती हैं और आसानी से ‘चिन-अप्स’ (Chin ups) कर लेती हैं. उनकी इस टोंड बॉडी के पीछे उनकी खास डाइट का बड़ा हाथ है. लेस्ली एक विशेष डाइट प्लान फॉलो करती हैं जिसे ‘कार्निवोर प्लस’ (Carnivore Plus) कहा जाता है. View this post on Instagram
तमिलनाडु चुनाव 2026: पहली बार चुनाव लड़ रही है इस पार्टी को लेकर सर्वे में सामने आए उम्मीदवारों की जीत, मिल सकती है इतनी बढ़त

तमिल विधानसभा चुनाव में इस बार एक नए चेहरे की चर्चा है। अभिनेता से नेता बने विजय थलापति की पार्टी टीवीके पहली बार इलिनोइस के मैदान में आई है और आकर ही उसने राजनीतिक माहौल को बदल दिया है। लोक पाल सर्वेक्षण के अनुसार टीवीके को 8 से 10 प्रवेश मिल सकते हैं। पोर्टफोलियो के हिसाब से यह संख्या भले ही कम लग रही हो, लेकिन इसका असर राजनीति पर साफ दिख रहा है। अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो डीएमके गठबंधन को करीब 40.1 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जिससे वह सबसे आगे नजर आ रही हैं. वहीं एआईएडीएमके और बीजेपी गठबंधन को करीब 29 फीसदी वोट मिल सकते हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि पहली बार चुनाव लड़ रही टीवीके को करीब 23.9 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। यह किसी नई पार्टी के लिए बहुत बड़ा किरदार माना जा रहा है और यह कहा जाता है कि लोगों के बीच इस पार्टी को अच्छा समर्थन मिल रहा है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भले ही टीवीके नामांकन के मामले में पीछे हो, लेकिन उनकी चुनावी टक्कर और दिलचस्प हो गई है और आने वाले समय में यह पार्टी बड़ी भूमिका निभा सकती है। तमिल में कब होगा चुनाव? तमिल में 23 अप्रैल को मतदान कक्ष। राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होगा, जहां सत्ता के लिए सभी प्रमुख मैदान मैदान में उतारे गए हैं। तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव 10 मई तक होगा, इसलिए पहले नई सरकार चुनेगी। अगर वोटर्स की बात करें तो तमिलनाडु में कुल करीब 5.6 करोड़ लोग हैं। इनमें करीब 2.7 करोड़ और 2.8 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 7617 दिग्गज जेंडर वोटर भी हैं, जो इस चुनाव में हिस्सा लेंगे। इन आंकड़ों से साफ है कि यह चुनाव बड़ा और महत्वपूर्ण होने वाला है, जिसमें करोड़ों लोग अपने वोट का इस्तेमाल कर नई सरकार चुनेंगे। ये भी पढ़ें: मौसम पूर्वानुमान: तूफान-बारिश के साथ पड़ेंगे ओले… दिल्ली-यूपी से बिहार तक आईएमडी ने दी चेतावनी, जानें कहां- कब उठेंगे बादल (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएन चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)टीवीके पार्टी सर्वेक्षण(टी)विजय थलापति राजनीति(टी)तमिलनाडु चुनाव सर्वेक्षण(टी)डीएमके बनाम एआईएडीएमके(टी)वोट शेयर तमिलनाडु(टी)टीएन चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)टीवीके पार्टी सर्वे(टी)विजय थलपति राजनीति(टी)तमिलनाडु चुनाव सर्वेक्षण(टी)डीएमके बनाम एआईएडीएमके(टी)वोट शेयर तमिल
ससुरालवालों को फंसाने स्पीकर बम बनाया, मंदिर परिसर में रखा:ब्लास्ट में तीन लोग घायल, पुजारी को किए मैसेज से पकड़ में आया आरोपी

पत्नी मायके गई थी। उसके भाई और परिवार के लोग उसे वापस नहीं आने दे रहे थे। मैं उन्हें फंसाना चाहता था, इसलिए स्पीकर बम बनाया। बम बूढ़ी रानगिर मंदिर के पास रखा था, जिससे यह आतंकी ब्लास्ट लगे और पत्नी के मायके वाले बुरी तरह से फंस जाएं। यह कबूलनामा उस व्यक्ति का है, जिसने 16 मार्च को सागर के रानगिर देवी धाम मंदिर परिसर में स्पीकर बम रखा था। विस्फोट में 11 साल की बच्ची समेत तीन लोग घायल हुए थे। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसका इलाज भोपाल में चल रहा है। आरोपी ने वारदात से पहले एक मैसेज रानगिर मंदिर के पंडित को भेजा था, इसी से पुलिस आरोपी तक पहुंची। कैसे, पढ़िए रिपोर्ट… दुकान के बाहर रखकर गया था स्पीकर बम 16 मार्च को एक व्यक्ति बूढ़ी रानगिर माता मंदिर पहुंचा। थोड़ी देर रुका और फिर राधेश्याम रैकवार की प्रसाद की दुकान के सामने ब्लूटूथ स्पीकर छोड़कर चला गया। रात को दुकान बंद करते समय राधेश्याम को लगा कि कोई गलती से स्पीकर छोड़ गया है, इसे व्यवस्थित रख लेता हूं ताकि जब वो लौटे तो वापस कर सकूं। उन्होंने इसे उठाकर घर के भीतर रख लिया। राधेश्याम पत्नी अशोकरानी और 11 वर्षीय नातिन संजना के साथ रहते हैं। रात में खाना खाने के बाद संजना ने स्पीकर चालू किया। मोबाइल से कनेक्ट कर जैसे ही उसे ऑन किया, जोरदार धमाका हुआ। इससे तीनों घायल हो गए। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तीनों को अस्पताल पहुंचाया। संजना को घुटने, चेहरे, सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोट आईं। भोपाल में उसकी सर्जरी की गई। राधेश्याम और अशोकरानी का इलाज सागर में चला। जांच में बारूद से ब्लास्ट की पुष्टि हो गई पुलिस-प्रशासन की शुरुआती जांच में मोबाइल की बैटरी फटने की बात कही गई। रहली तहसीलदार ने भी इसकी पुष्टि करते हुए किसी भी प्रकार के बम ब्लास्ट से इनकार कर दिया। संजना की हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने मोबाइल ब्लास्ट से ऐसी चोट आना असंभव बताया। इससे संदेह हुआ तो एसपी और एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे। जांच में उन्हें कुछ वायर और दूसरे इलेक्ट्रिक सबूत मिले। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। पता चला कि विस्फोट में बारूद का उपयोग हुआ है। पुजारी को किए मैसेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस को पड़ताल में पता चला कि वारदात से पहले मंदिर के पुजारी विनोद शास्त्री के मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें लिखा था- विनोद दुबे जी, मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप मंदिर में बम ब्लास्ट होने से बचा लें। बाहर के 6 लोग हैं। उनके नाम फिरोज, रमजान, हसन्ने, मन्ने, रफी खान और सोनू सुने हैं। उनका गांव चिंगीटोला है। रानगिर सरपंच अनिरुद्ध भी इसमें शामिल है। एफआईआर करोगे तो गवाही भी देंगे। इसकी सूचना पुजारी विनोद शास्त्री ने रहली थाने में दी थी, लेकिन तब पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। 11 साल बड़ी महिला से शादी की, विवाद के बाद मायके गई इसके बाद पुलिस, मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस कर पाटई गांव में रहने वाले गोलू उर्फ इमारत पटेल तक पहुंची। शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद टूट गया। पूछताछ में सामने आया कि गोलू की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान विदिशा में रहने वाले उसके परिचित ने बताया कि सिंगरौली जिले में एक महिला है, उससे शादी हो सकती है। रिश्ते की बात करने गोलू सिंगरौली के चिंगीटोला गांव पहुंचा। शादी की बात पक्की हो गई। जून 2025 में गोलू ने परिवार और समाज के खिलाफ जाकर खुद से 11 साल बड़ी नूरजहां से शादी कर ली और उसे पाटई ले आया। शादी में करीब 70 हजार रुपए खर्च भी किए। गोलू को कुछ समय बाद पता चला कि नूरजहां पहले से शादीशुदा है। उसके 4 बच्चे हैं। पैसों के लालच में उसने गोलू से शादी की थी। इस बात को लेकर दंपती में विवाद होने लगे। झगड़ा इतना बढ़ा कि फरवरी 2026 में नूरजहां मायके में रह रहे बच्चों के पास लौट आई थी। गोलू ने बार-बार नूरजहां के परिवार वालों को उसे वापस भेजने का बोला, मगर वह नहीं लौटी। ससुरालवालों को ब्लास्ट मामले में फंसाना चाहता था आरोपी पत्नी को वापस नहीं भेजने को लेकर गोलू, ससुरालवालों से नाराज था। उसने ससुरालवालों को फंसाने के लिए अपने दोस्त नीलेश के साथ मिलकर ब्लूटूथ स्पीकर बम तैयार करने की योजना बनाई। गोलू पहले माइंस में काम कर चुका है, इसलिए वह बारूद का उपयोग करना अच्छे से जानता था। उसने स्पीकर बम बनाने के लिए देवरी से डेटोनेटर खरीदा। एक सुतली बम लेकर उसका बारूद निकाला। यू-ट्यूब की मदद से नीलेश की मदद से ब्लूटूथ स्पीकर बम बना लिया। इसे उसने इलेक्ट्रिक सर्किट से असेंबल किया था। वह बूढ़ी रानगिर मंदिर परिसर में स्पीकर बम रखकर इसे आतंकी घटना दिखाना चाहता था, जिससे पत्नी के भाई और परिवार वाले इस प्रकार से फंसे कि फिर बाहर न निकल पाएं। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
केला या सेब? शरीर को फौलाद बनाने में कौन है नंबर 1? बच्चों की लंबाई और वजन बढ़ाने के लिए क्या खिलाएं रोज

Last Updated:April 03, 2026, 08:11 IST Banana Vs Apple For Kids Growth : हर माँ-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा फुर्तीला हो, उसकी लंबाई सही बढ़े और शरीर में कमजोरी न रहे. लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों में से ‘सुपर ग्रोथ’ के लिए सबसे बेस्ट कौन सा है? क्या सिर्फ एक सेब रोज खिलाने से काम चल जाएगा या वजन बढ़ाने के लिए केले का सहारा लेना जरूरी है? आइए, इस उलझन को सुलझाते हैं. Banana Apple Health Benefits: अक्सर जब हम बच्चों की सेहत की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले दो ही फलों का नाम आता है- केला और सेब. हर माँ-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा फुर्तीला हो, उसकी लंबाई सही बढ़े और शरीर में कमजोरी न रहे. लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों में से ‘सुपर ग्रोथ’ के लिए सबसे बेस्ट कौन सा है? क्या सिर्फ एक सेब रोज खिलाने से काम चल जाएगा या वजन बढ़ाने के लिए केले का सहारा लेना जरूरी है? आइए, इस उलझन को सुलझाते हैं. मसल्स और मजबूती के लिए केले का कमाल- USDA (United States Department of Agriculture) के मुताबिक, अगर बात बच्चों की हड्डियों को फौलाद जैसा मजबूत बनाने और तेजी से वजन बढ़ाने की हो, तो केला बाजी मार लेता है. केले में भरपूर मात्रा में पोटैशियम, विटामिन B6 और मैग्नीशियम होता है, जो बच्चों की मांसपेशियों के विकास के लिए बहुत जरूरी है. यह एक ‘एनर्जी बम’ की तरह काम करता है, जो खेल-कूद वाले बच्चों को तुरंत ताकत देता है. अगर आपका बच्चा दुबला-पतला है, तो उसे रोजाना दूध के साथ केला देना उसकी ग्रोथ में चमत्कारिक बदलाव ला सकता है. इम्यूनिटी और दिमाग का पावरहाउस है सेब- दूसरी तरफ, ‘एन एप्पल ए डे कीप्स द डॉक्टर अवे’ वाली कहावत बिल्कुल सच है. हेल्थलाइन के मुताबिक, सेब बच्चों की इम्यूनिटी यानी रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ाने में नंबर वन है. इसमें मौजूद पेक्टिन फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और विटामिन C संक्रमण से बचाता है. हालांकि, सेब सीधे तौर पर वजन बढ़ाने में केले जितना असरदार नहीं है, लेकिन यह बच्चे के मानसिक विकास और खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने के लिए रामबाण माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google लंबाई बढ़ाने में दोनों फलों का अलग-अलग रोल- लंबाई बढ़ाने के मामले में भी इन दोनों फलों का अपना अलग महत्व है. बच्चों की हाइट काफी हद तक उनके खान-पान और शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करती है. केले में मौजूद खनिज पदार्थ हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बढ़ाते हैं, जो लंबाई बढ़ने के दौरान हड्डियों को मजबूती देते हैं. वहीं, सेब शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर मेटाबॉलिज्म तेज करता है, जिससे शरीर को अन्य पोषक तत्व बेहतर तरीके से मिलते हैं और विकास में मदद मिलती है. एनर्जी और रिकवरी का बैलेंस- विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को ‘फौलाद’ बनाने के लिए किसी एक फल पर निर्भर रहने के बजाय दोनों का संतुलन जरूरी है. केला जहाँ शरीर को ‘बल्क’ और एनर्जी देता है, वहीं सेब शरीर को अंदर से साफ और बीमारियों से मुक्त रखता है. अगर आपका बच्चा बहुत एक्टिव है और खूब दौड़-भाग करता है, तो उसके नाश्ते में केला शामिल करना सबसे बेहतर है ताकि उसे जरूरी कैलोरीज मिल सकें. पाचन तंत्र के लिए कौन सा फल है आसान? पाचन के लिहाज से देखें तो छोटे बच्चों के लिए केला ज्यादा आसान होता है. इसे मैश करके आसानी से खिलाया जा सकता है. लेकिन ध्यान रहे कि कब्ज की समस्या होने पर पका हुआ केला ही दें. वहीं, सेब को छिलके के साथ या हल्का उबालकर (Applesauce) देने से बच्चों को भरपूर फाइबर मिलता है, जिससे उनका पेट साफ रहता है और भूख भी अच्छी लगती है. सही पाचन ही बेहतर शारीरिक विकास की पहली सीढ़ी है. कब और कैसे खिलाएं? जानें सही समय- अब सवाल उठता है कि रोज क्या खिलाएं? बेस्ट तरीका यह है कि आप फलों को समय के अनुसार बांट दें. सुबह के समय या स्कूल जाने से पहले केला देना सबसे अच्छा है क्योंकि यह दिनभर के लिए ऊर्जा देता है. दोपहर के समय या शाम के स्नैक में सेब देना फायदेमंद होता है. इस तरह बच्चे को विटामिन, मिनरल्स और फाइबर का सही कॉम्बो मिल जाता है, जो उसकी लंबाई और वजन दोनों पर सकारात्मक असर डालता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : April 03, 2026, 08:10 IST
असम चुनाव: ‘देबव्रत सैकिया इस बार अपना गढ़ हारेंगे’, केंद्रीय मंत्री बड़ा का बयान, जानिए क्या कहा

विदेश राज्य मंत्री सेक्योर मार्गेरिटा ने गुरुवार को दावा किया कि आगामी असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी नाजिरा सेंट्रल सीट पर कब्जा कर लिया है और कांग्रेस नेता डेब्रेट सैकिया इस बार अपना गढ़ हासिल करने वाले हैं। नाजिरा में बीजेपी उम्मीदवार मृगया बोर्गोहेन के समर्थन में चुनाव प्रचार करते हुए मार्गेरिटा ने कहा कि ग्राउंड मोरॉन अब संतृप्त पार्टी के पक्ष में बदल गया है. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब सरकार के साथ जुड़कर विकास और बेहतर अवसर चाहते हैं। मार्गेरिटा ने कहा, “नजीरा के लोग अब सरकार के साथ रहना चाहते हैं। वे विकास और प्रगति की उम्मीद कर रहे हैं और इस बार बदलाव के लिए वोट करेंगे।” उन्होंने दावा किया कि पूरे क्षेत्र में भाजपा को मजबूत समर्थन मिल रहा है। नाजिरा पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ बना हुआ है। 2016 के विधान सभा चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेस नेता देब्रत सैकिया ने कम्फर्टेबल इंटरेस्ट से यह सीट बरकरार रखी थी, जबकि राज्य में भाजपा सत्ता में आई थी। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी सैकिया ने भाजपा को झटका दिया और अपनी स्थिति मजबूत की थी। देबव्रत सैकिया वर्तमान में असम विधानसभा में विरोधी नेता हैं और राज्य में कांग्रेस के प्रमुख नेता गिने जाते हैं। वे अपने कुशल कौशल और ज़मीनी पकड़ के लिए जा रहे हैं और भाजपा के बढ़ते प्रभाव के बावजूद असम में कांग्रेस को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। साकिया के पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर के पुत्र भी हैं, जो असम की राजनीति के प्रमुख नेता रहे और उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। हालाँकि, इस राजनीतिक विरासत और पिछले विपक्ष के प्रदर्शन के बावजूद भाजपा का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर और विकास के मुद्दे इस बार नाजिरा सीट पर विपक्ष का रुख बदल सकते हैं। 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव में इस सीट पर होने वाला कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पाबित्रा मार्गेरिटा(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)पाबित्रा मार्गेरिटा(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम
गर्मियों में ग्लोइंग स्किन का सीक्रेट: बादाम या पिस्ता, कौन देगा असली चमक? जानकर चौंक जाएंगे

Glowing Skin Tips: गर्मियों की धूप, पसीना और धूल-इन सबके बीच त्वचा का ख्याल रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. ऐसे में लोग महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की ओर भागते हैं, लेकिन अक्सर एक छोटी सी बात नजरअंदाज कर देते हैं-आपकी डाइट. सच तो ये है कि आपकी प्लेट में जो है, वही आपकी त्वचा पर दिखता है. खासकर नट्स, जो छोटे जरूर होते हैं लेकिन पोषण के मामले में बड़े खिलाड़ी हैं. बादाम और पिस्ता, दोनों ही रोज़मर्रा में आसानी से खाए जाने वाले नट्स हैं और दोनों के अपने-अपने फायदे हैं. लेकिन सवाल यही है, अगर लक्ष्य है गर्मियों में नैचुरल ग्लो, तो किसे चुनें? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं, ताकि अगली बार स्नैक चुनते वक्त आप कंफ्यूज न हों. नट्स क्यों बनाते हैं फर्क?हम जो खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है. नट्स में हेल्दी फैट, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं. यही तत्व स्किन को अंदर से पोषण देते हैं, उसे ड्राई होने से बचाते हैं और सूरज की हानिकारक किरणों से लड़ने में मदद करते हैं. दिलचस्प बात ये है कि कई डर्मेटोलॉजिस्ट भी मानते हैं कि स्किनकेयर सिर्फ क्रीम और सीरम तक सीमित नहीं है. रोज़ की डाइट में छोटे-छोटे बदलाव बड़ा असर डाल सकते हैं. बादाम: नमी और सुरक्षा का पावरहाउसक्यों है बादाम खास?बादाम को लंबे समय से “स्किन फ्रेंडली” फूड माना जाता है. इसमें विटामिन E भरपूर मात्रा में होता है, जो त्वचा को मॉइस्चराइज रखने में मदद करता है. गर्मियों में अक्सर स्किन डिहाइड्रेट हो जाती है, जिससे चेहरा फीका लगने लगता है. ऐसे में रोज़ सुबह 4-5 भिगोए हुए बादाम खाना एक आसान और असरदार आदत हो सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. रियल लाइफ उदाहरणअगर आपने कभी नोटिस किया हो, तो कई लोग जिनकी स्किन स्मूद और सॉफ्ट दिखती है, वे अक्सर अपनी डाइट में बादाम शामिल करते हैं. ये कोई जादू नहीं, बल्कि लगातार सही पोषण का असर है. पिस्ता: रिपेयर और पोषण का साथीक्या बनाता है पिस्ता को अलग?पिस्ता में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन B6 अच्छी मात्रा में होते हैं. ये स्किन सेल्स की रिपेयर में मदद करते हैं और थकी हुई त्वचा को फिर से रिवाइव करने का काम करते हैं, अगर आपकी स्किन धूप से डैमेज हो गई है या टैनिंग ज्यादा हो गई है, तो पिस्ता एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है. रोज़मर्रा की झलकऑफिस में काम करने वाले लोग अक्सर शाम तक थकी हुई स्किन महसूस करते हैं. ऐसे में एक मुट्ठी पिस्ता न सिर्फ एनर्जी देता है, बल्कि धीरे-धीरे स्किन को भी हेल्दी बनाता है. ग्लो फैक्टर: आखिर कौन है आगे?अब बात आती है असली सवाल की-ग्लो के लिए कौन बेहतर है?सीधी बात ये है कि दोनों का काम अलग है. बादाम स्किन को नमी और सुरक्षा देता है, जबकि पिस्ता स्किन को रिपेयर और अंदर से मजबूत बनाता है, अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो बादाम ज्यादा फायदेमंद रहेगा. वहीं अगर स्किन डैमेज या डल लग रही है, तो पिस्ता बेहतर काम करेगा. इन्हें डाइट में कैसे शामिल करें?आसान तरीकेसुबह के समय 4-5 भिगोए हुए बादाम खाना एक पुरानी लेकिन असरदार आदत है.दूसरी तरफ, पिस्ता को आप स्नैक की तरह कभी भी खा सकते हैं-चाहे ऑफिस में हों या घर पर.आप चाहें तो दोनों को मिक्स करके भी खा सकते हैं. इससे आपको दोनों के फायदे मिलेंगे. छोटी-सी सावधानीध्यान रखें कि मात्रा सीमित हो. ज्यादा नट्स खाने से कैलोरी बढ़ सकती है, जो शरीर के लिए सही नहीं है. क्या कहती है आज की लाइफस्टाइल?आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग इंस्टेंट रिजल्ट चाहते हैं, लेकिन स्किन हेल्थ एक प्रोसेस है. इसमें धैर्य और सही खानपान दोनों जरूरी हैं. बादाम और पिस्ता जैसे नट्स कोई चमत्कारी इलाज नहीं हैं, लेकिन अगर इन्हें रोज़ की आदत बना लिया जाए, तो फर्क जरूर दिखता है-धीरे-धीरे, लेकिन साफ तौर पर. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
भगवान महाकाल को आज से ठंडे पानी की जलधारा अर्पित:11 कलशों से बह रही शीतल धारा, गंगा-नर्मदा के जल से महाकाल का 29 जून तक होगा अभिषेक

श्री महाकालेश्वर मंदिर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही बाबा महाकाल को शीतलता प्रदान करने की परंपरा शुरू हो गई है। शुक्रवार से भगवान महाकाल पर सतत शीतल जलधारा अर्पित करने का क्रम प्रारंभ हुआ, जो 29 जून (ज्येष्ठ पूर्णिमा) तक निरंतर चलेगा। परंपरा अनुसार प्रतिदिन भस्म आरती के बाद यह अभिषेक शुरू होता है और शाम की पूजा तक जारी रहता है। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक भगवान महाकाल पर लगातार जलधारा अर्पित की जाएगी, जिससे उन्हें भीषण गर्मी में शीतलता प्रदान की जाती है। 11 कलशों से गंगा-नर्मदा सहित पवित्र नदियों का आव्हान इस विशेष अनुष्ठान में 11 मिट्टी के कलशों के माध्यम से जलधारा चढ़ाई जाती है। इन कलशों में गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, कावेरी, सरयू, क्षिप्रा सहित प्रमुख पवित्र नदियों का मंत्रोच्चार के साथ स्मरण कर जल स्थापित किया जाता है, जो निरंतर भगवान महाकाल पर प्रवाहित होता है। ‘गलंतिका’ बांधकर किया जाता है विशेष अभिषेक मंदिर की प्राचीन परंपरा के तहत रजत अभिषेक पात्र के साथ ‘गलंतिका’ बांधकर यह जलधारा चढ़ाई जाती है। यह परंपरा वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से ज्येष्ठ पूर्णिमा तक हर वर्ष निभाई जाती है। पुजारी आशीष के अनुसार इस बार अधिक मास होने के कारण जलधारा अर्पण की अवधि एक माह तक और बढ़ाई गई है, जिससे भगवान महाकाल को अधिक समय तक शीतलता प्रदान की जाएगी।









