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परीक्षा परिणाम का तनाव और बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य | Child Depression Symptoms & Expert Advice

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Last Updated:April 03, 2026, 10:05 IST Child Depression Symptoms & Expert Advice: राजस्थान में बोर्ड परीक्षा परिणामों के बाद बच्चों में बढ़ते आत्महत्या के मामलों ने समाज को झकझोर दिया है. पाली की हालिया घटना के संदर्भ में मनोचिकित्सक डॉ. संजय गहलोत ने माता-पिता को विशेष सलाह दी है. उनका कहना है कि बच्चों के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करना और उनके साथ समय बिताना बहुत जरूरी है. आज के दौर में माता-पिता की व्यस्तता और बच्चों से संवाद की कमी उन्हें डिप्रेशन की ओर धकेल रही है. बच्चों की तुलना दूसरों से करना और उन पर ऊंचे अंकों का दबाव बनाना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक है. डॉ. गहलोत के अनुसार, माता-पिता को बच्चों को यह विश्वास दिलाना चाहिए कि कोई भी परीक्षा जीवन से बड़ी नहीं है. ख़बरें फटाफट Child Depression Symptoms & Expert Advice: एक माता-पिता के लिए दुनिया का सबसे खौफनाक मंजर क्या हो सकता है? शायद वह, जब उन्हें अपने जिगर के टुकड़े की ‘खून से सनी देह’ देखनी पड़े या मासूम को ‘फंदे’ से झूलता देखना पड़े. यह सोचने मात्र से दिल दहल जाता है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि ‘परीक्षा का परिणाम’ अब बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है. हाल ही में पाली में 10वीं के रिजल्ट के बाद एक छात्र द्वारा डिप्रेशन में आकर उठाया गया खौफनाक कदम इसी ओर इशारा करता है. सवाल यह है कि क्या इस मासूम को बचाया जा सकता था? जवाब है-हाँ. अगर माता-पिता समय रहते अपने बच्चे के बदलते हाव-भाव और उसकी ‘खामोश चीख’ को सुन लेते, तो शायद आज वह हमारे बीच होता. लोकल-18 से खास बातचीत में राजस्थान के जाने-माने मनोचिकित्सक डॉ. संजय गहलोत ने कहा कि यह ऐसी स्थितियां हैं जिन्हें समय रहते भांप लिया जाए तो अनहोनी को रोका जा सकता है. अक्सर माता-पिता चाहते हैं कि जो वे स्वयं जीवन में नहीं कर पाए, वह उनका बच्चा करे. इसके कारण बच्चे भारी दबाव महसूस करते हैं. डॉ. गहलोत के अनुसार, बच्चों के व्यवहार में बदलाव अचानक नहीं होता. इसके पीछे कई कारण होते हैं. यदि माता-पिता जागरूक हैं और बच्चों के साथ पर्याप्त समय व्यतीत करते हैं, तो बच्चा अपनी हर छोटी-बड़ी परेशानी पहले अपने परिवार को बताता है. आज के व्यस्त दौर में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद कम हो गया है, जिससे बच्चे घर में खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं. इम्तिहान जिंदगी का आखिरी मकसद नहींडॉ. संजय गहलोत सलाह देते हैं कि बच्चों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि इम्तिहान जिंदगी का आखिरी मकसद नहीं है. परीक्षाएं और पढ़ाई जीवन का एक हिस्सा मात्र हैं. केवल 10वीं और 12वीं की परीक्षा ही भविष्य तय नहीं करती, यह तो बस शुरुआत है. कई बार परिवार का आपसी कलह और माता-पिता के बीच अनबन भी बच्चे को मानसिक रूप से तोड़ देती है. ऐसी स्थिति में बच्चा अपनी बात कहने से डरता है. उसे लगता है कि यदि नंबर अच्छे नहीं आए या वह फेल हो गया, तो वह माता-पिता को क्या मुंह दिखाएगा. माता-पिता द्वारा बच्चों के सामने बहुत ऊंचे आदर्श रख देना और दूसरे बच्चों से उनकी निरंतर तुलना करना डिप्रेशन का सबसे बड़ा कारण बनता है. स्कूल और शिक्षकों की भी अहम जिम्मेदारीसिर्फ घर ही नहीं, स्कूल का वातावरण भी बच्चों पर गहरा प्रभाव डालता है. अच्छे रिजल्ट और स्कूल की रैंकिंग के लिए बच्चों पर अतिरिक्त दबाव डाला जाता है. डॉ. गहलोत का मानना है कि स्कूलों को भी बच्चों की मनोस्थिति समझते हुए काम करना चाहिए. शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को नोटिस करें. यदि कोई बच्चा अचानक शांत रहने लगे, अकेला महसूस करे या पढ़ाई से कतराने लगे, तो उसे तुरंत सहायता और परामर्श दिया जाना चाहिए. समय रहते पहचान और सहयोग ही बच्चों को मौत के मुंह से बाहर निकाल सकता है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें Location : Pali,Pali,Rajasthan First Published : April 03, 2026, 10:05 IST

Datia MLA Rajendra Bharti Assembly Membership Terminated

Datia MLA Rajendra Bharti Assembly Membership Terminated

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी रात में ही विधानसभा सचिवालय पहुंचे और आपत्ति दर्ज कराई। विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया है। गुरुवार देर रात रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भ . इधर, घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक पीसी शर्मा भी रात में ही विधानसभा पहुंच गए। दोनों नेता सीधे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चैंबर में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई? शर्मा के बिना जवाब दिए वहां से निकलने के बाद पटवारी ने आरोप लगाया कि भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया। यह नियमों के खिलाफ है। देखिए, तीन तस्वीरें… गुरुवार देर रात विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने ये आदेश जारी किया। सचिवालय खुलने की सूचना मिलते ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, दूसरे कांग्रेसी नेताओं के साथ विधानसभा पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं ने प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा से सवाल किए लेकिन वे बिना जवाब दिए ही विधानसभा से चले गए। 27 साल पुराने मामले में मिली सजा दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार सुबह 11 बजे भारती को सजा सुनाने की प्रक्रिया शुरू की और दोपहर 12:41 बजे 3 साल की सजा का फैसला सार्वजनिक हुआ। हालांकि, कोर्ट ने अपील के लिए 60 दिन की मोहलत देते हुए सजा निलंबित रखी है। सहआरोपी बैंक क्लर्क रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने भारती को आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) में दोषी माना। उन्हें दो धाराओं में 3-3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। इससे उनकी विधायकी पर खतरा बना हुआ है। वरिष्ठ वकीलों के अनुसार, अपील के लिए उन्हें 60 दिन मिलेंगे। अगर हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन (स्टे) मिल जाता है, तो उनकी विधायकी बरकरार रह सकती है। फर्जी दस्तावेजों से FD का ब्याज निकाला घटनाक्रम की शुरुआत 1998 में तब हुई, जब श्याम सुंदर संस्थान की अध्यक्ष और राजेंद्र भारती की मां सावित्री श्याम ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपए की एफडी की थी। साल 1998 से 2001 के बीच राजेंद्र भारती उसी बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष थे। वे श्याम सुंदर संस्थान के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य भी थे। भारती ने क्लर्क रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर बैंक के रिकॉर्ड में हेरफर की और एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी। इसके बाद सालाना 13.5% की दर से ब्याज के 1,35,000 रुपए साल 1999 से 2011 के बीच निकाले गए। बीजेपी नेता ने किया मामले को उजागर 3 मार्च 2011 को बैंक अध्यक्ष बने भाजपा नेता पप्पू पुजारी मामले को सामने लाए। सहकारिता विभाग के तत्कालीन संयुक्त पंजीयक अभय खरे ने जांच की, जिसमें एफडी पर ऑडिट आपत्ति दर्ज हुई। 2012 में भारती ने बैंक से एफडी की राशि मांगी, लेकिन ऑडिट आपत्ति के चलते भुगतान से इनकार किया गया। भुगतान न मिलने पर भारती उपभोक्ता फोरम पहुंचे, जहां से राहत नहीं मिली। राज्य उपभोक्ता फोरम से राहत मिलने के बाद मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम और फिर सुप्रीम कोर्ट तक गया, जहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद 2015 में तत्कालीन कलेक्टर प्रकाशचंद्र जांगड़े ने आपराधिक मामला दर्ज कराने की पहल की। कोर्ट के आदेश पर आईपीसी की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज हुआ। एमपी-एमएलए कोर्ट के गठन के बाद मामला ग्वालियर पहुंचा और अक्टूबर 2025 में इसे दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट ट्रांसफर किया गया। 2 साल या ज्यादा सजा पर विधायकी जाने का प्रावधान कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर विधायकी स्वत: जा सकती है। दतिया विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा हुई है। सीट खाली होने पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है।हालांकि, हाईकोर्ट से सजा पर स्टे मिलने पर राहत संभव है। विधायक के बेटे अनुज भारती ने बताया कि उनके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे और जमानत के लिए आवेदन देंगे। ये खबर भी पढ़ें… फर्जीवाड़े में फंसे विधायक, कोर्ट ने भेजा जेल दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की फाइल तस्वीर । मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली MP-MLA कोर्ट ने भूमि विकास बैंक से जुड़े मामले में बुधवार को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उन्हें IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को तिहाड़ जेल भेज दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25% जुर्माना:KKR के खिलाफ मैच में IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला

अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25% जुर्माना:KKR के खिलाफ मैच में IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला

सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा पर IPL मैच के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ गुरुवार को ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में उन्होंने IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। अभिषेक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। IPL द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने लेवल-1 के अपराध के तहत मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को मंजूर कर लिया है। आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन के दोषी पाए गए अभिषेक अभिषेक शर्मा को IPL की आचार संहिता के आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह आर्टिकल आमतौर पर मैच के दौरान ‘अनुचित व्यवहार’ या खेल भावना के विपरीत कमेंट्स या इशारों से संबंधित होता है। कैच आउट होने पर नाराजगी जताई मैच रेफरी ने अभी तक उस घटना का खुलासा नहीं किया है, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। हालांकि, माना जा रहा है कि अभिषेक शर्मा ने कैच आउट होने पर थर्ड अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताई थी। दरअसल, 8.4 ओवर में अभिषेक शर्मा आउट हो गए। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 112 किमी/घंटा की धीमी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिस पर अभिषेक ने पुल शॉट खेला। गेंद डीप स्क्वेयर लेग की ओर गई, जहां बाउंड्री पर मौजूद वरुण चक्रवर्ती तेजी से अपने दाईं ओर भागे, नीचे झुककर शानदार डाइव लगाई और कैच पकड़ लिया। हालांकि, रिप्ले से कैच पूरी तरह स्पष्ट नहीं लग रहा था, लेकिन तीसरे अंपायर ने अलग-अलग एंगल से जांच करने के बाद अभिषेक को आउट करार दिया। फैसले से असंतुष्ट अभिषेक नाराज होकर मैदान से बाहर जाते नजर आए। अभिषेक अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 21 गेंदों पर 48 रन बनाकर आउट हुए। मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम IPL के नियमों के अनुसार, लेवल-1 के उल्लंघन के मामलों में मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम और बाध्यकारी होता है। इसमें खिलाड़ी के पास अपील करने का विकल्प नहीं होता। अभिषेक ने अपनी गलती मान ली है, इसलिए अब इस मामले में आगे कोई औपचारिक सुनवाई नहीं होगी। सस्पेंशन का भी खतरा अभिषेक शर्मा के खाते में एक डिमेरिट पॉइंट जुड़ने का मतलब है कि उन्हें अब अगले मैचों में सावधान रहना होगा। IPL के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी एक निश्चित समय सीमा के भीतर 4 या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट जमा कर लेता है, तो उस पर एक या अधिक मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हैदराबाद ने KKR को 65 रन से हराया गुरुवार को हुए इस मुकाबले में अभिषेक की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हराया। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में KKR ने बॉलिंग चुनी। हैदराबाद ने 8 विकेट खोकर 226 रन बनाए। कोलकाता 16 ओवर में 161 रन बनाकर सिमट गई।

अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25% जुर्माना:KKR के खिलाफ मैच में IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला

अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25% जुर्माना:KKR के खिलाफ मैच में IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला

सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा पर IPL मैच के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ गुरुवार को ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में उन्होंने IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। अभिषेक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। IPL द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने लेवल-1 के अपराध के तहत मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को मंजूर कर लिया है। आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन के दोषी पाए गए अभिषेक अभिषेक शर्मा को IPL की आचार संहिता के आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह आर्टिकल आमतौर पर मैच के दौरान ‘अनुचित व्यवहार’ या खेल भावना के विपरीत कमेंट्स या इशारों से संबंधित होता है। कैच आउट होने पर नाराजगी जताई मैच रेफरी ने अभी तक उस घटना का खुलासा नहीं किया है, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। हालांकि, माना जा रहा है कि अभिषेक शर्मा ने कैच आउट होने पर थर्ड अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताई थी। दरअसल, 8.4 ओवर में अभिषेक शर्मा आउट हो गए। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 112 किमी/घंटा की धीमी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिस पर अभिषेक ने पुल शॉट खेला। गेंद डीप स्क्वेयर लेग की ओर गई, जहां बाउंड्री पर मौजूद वरुण चक्रवर्ती तेजी से अपने दाईं ओर भागे, नीचे झुककर शानदार डाइव लगाई और कैच पकड़ लिया। हालांकि, रिप्ले से कैच पूरी तरह स्पष्ट नहीं लग रहा था, लेकिन तीसरे अंपायर ने अलग-अलग एंगल से जांच करने के बाद अभिषेक को आउट करार दिया। फैसले से असंतुष्ट अभिषेक नाराज होकर मैदान से बाहर जाते नजर आए। अभिषेक अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 21 गेंदों पर 48 रन बनाकर आउट हुए। मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम IPL के नियमों के अनुसार, लेवल-1 के उल्लंघन के मामलों में मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम और बाध्यकारी होता है। इसमें खिलाड़ी के पास अपील करने का विकल्प नहीं होता। अभिषेक ने अपनी गलती मान ली है, इसलिए अब इस मामले में आगे कोई औपचारिक सुनवाई नहीं होगी। सस्पेंशन का भी खतरा अभिषेक शर्मा के खाते में एक डिमेरिट पॉइंट जुड़ने का मतलब है कि उन्हें अब अगले मैचों में सावधान रहना होगा। IPL के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी एक निश्चित समय सीमा के भीतर 4 या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट जमा कर लेता है, तो उस पर एक या अधिक मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हैदराबाद ने KKR को 65 रन से हराया गुरुवार को हुए इस मुकाबले में अभिषेक की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हराया। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में KKR ने बॉलिंग चुनी। हैदराबाद ने 8 विकेट खोकर 226 रन बनाए। कोलकाता 16 ओवर में 161 रन बनाकर सिमट गई।

INS तारागिरी आज नेवी में शामिल होगा:यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस

INS तारागिरी आज नेवी में शामिल होगा:यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस

INS तारगिरी आज विशाखापत्तनम में इंडियन नेवी में शामिल होगा। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह इस सेरेमनी में मौजूद रहेंगे। तारागिरी को मझगांव डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने प्रोजेक्ट 17-ए के तहत तैयार किया है। युद्धपोत में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, एमएफस्टार(रडार), मीडियम रेंज सर्फेस टु एयर मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम, 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम के साथ पनडुब्बी रोधी रॉकेट व टॉरपीडो भी शामिल हैं। यह नीलगिरि-क्लास का चौथा युद्धपोत है भारत की नीलगिरी क्लास (Project 17A) में कुल 7 स्टील्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। तारागिरी इस क्लास का चौथा युद्धपोत है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रोजेक्ट 17-ए युद्धपोत को आगे आने वाली समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। ‘तारागिरी’ उसी नाम के पुराने युद्धपोत का एडवांस्ड वर्जन है, जिसने 1980 से 2013 तक नौसेना में 33 सालों तक सेवा दी थी। नई ‘तारागिरी’ हाईटेक स्टेल्थ तकनीक, बेहतर मारक क्षमता, अत्याधुनिक ऑटोमेशन और मजबूत सर्वाइवेबिलिटी से लैस है। इस युद्धपोत को वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। प्रोजेक्ट 17-ए के युद्धपोत में पिछली पी-17 (शिवालिक) क्लास की तुलना में अधिक आधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं। 2026 तक नौसेना को सौंपे जाएंगे 3 युद्धपोत पिछले 11 महीनों में नौसेना को यह प्रोजेक्ट 17-ए का चौथा जहाज मिला है। पहले दो जहाजों के अनुभव के कारण ‘तारागिरी’ का निर्माण समय घटाकर 81 महीने कर दिया गया, जबकि शुरुआती जहाज ‘नीलगिरि’ में 93 महीने लगे थे। प्रोजेक्ट के बाकी तीन जहाज 2026 के अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से नौसेना को सौंपे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना में 75 प्रतिशत स्वदेशी हिस्सेदारी है और इसमें 200 से अधिक एमएसएमई जुड़े हैं। —————– ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते तेजस के इंजन की सप्लाई रुकी, अमेरिकी कंपनी को डिलीवरी देनी है मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत के बहुप्रतीक्षित लड़ाकू विमान तेजस के इंजन की सप्लाई रुक गई है। इन विमानों के इंजन सप्लाई करने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को कह दिया है कि अभी सप्लाई नहीं दे पाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

INS तारागिरी आज नेवी में शामिल होगा:यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस

INS तारागिरी आज नेवी में शामिल होगा:यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस

INS तारगिरी आज विशाखापत्तनम में इंडियन नेवी में शामिल होगा। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह इस सेरेमनी में मौजूद रहेंगे। तारागिरी को मझगांव डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने प्रोजेक्ट 17-ए के तहत तैयार किया है। युद्धपोत में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, एमएफस्टार(रडार), मीडियम रेंज सर्फेस टु एयर मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम, 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम के साथ पनडुब्बी रोधी रॉकेट व टॉरपीडो भी शामिल हैं। यह नीलगिरि-क्लास का चौथा युद्धपोत है भारत की नीलगिरी क्लास (Project 17A) में कुल 7 स्टील्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। तारागिरी इस क्लास का चौथा युद्धपोत है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रोजेक्ट 17-ए युद्धपोत को आगे आने वाली समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। ‘तारागिरी’ उसी नाम के पुराने युद्धपोत का एडवांस्ड वर्जन है, जिसने 1980 से 2013 तक नौसेना में 33 सालों तक सेवा दी थी। नई ‘तारागिरी’ हाईटेक स्टेल्थ तकनीक, बेहतर मारक क्षमता, अत्याधुनिक ऑटोमेशन और मजबूत सर्वाइवेबिलिटी से लैस है। इस युद्धपोत को वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। प्रोजेक्ट 17-ए के युद्धपोत में पिछली पी-17 (शिवालिक) क्लास की तुलना में अधिक आधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं। 2026 तक नौसेना को सौंपे जाएंगे 3 युद्धपोत पिछले 11 महीनों में नौसेना को यह प्रोजेक्ट 17-ए का चौथा जहाज मिला है। पहले दो जहाजों के अनुभव के कारण ‘तारागिरी’ का निर्माण समय घटाकर 81 महीने कर दिया गया, जबकि शुरुआती जहाज ‘नीलगिरि’ में 93 महीने लगे थे। प्रोजेक्ट के बाकी तीन जहाज 2026 के अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से नौसेना को सौंपे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना में 75 प्रतिशत स्वदेशी हिस्सेदारी है और इसमें 200 से अधिक एमएसएमई जुड़े हैं। —————– ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते तेजस के इंजन की सप्लाई रुकी, अमेरिकी कंपनी को डिलीवरी देनी है मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत के बहुप्रतीक्षित लड़ाकू विमान तेजस के इंजन की सप्लाई रुक गई है। इन विमानों के इंजन सप्लाई करने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को कह दिया है कि अभी सप्लाई नहीं दे पाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

हेयर रिमूवल वैक्सिंग टिप्स: सेंस नॉर्म्स के लिए वरदान हैं ये सिलाई तरीके, बिना दर्द और खर्चे के साफ होंगे अनचाहे बाल

हेयर रिमूवल वैक्सिंग टिप्स: सेंस नॉर्म्स के लिए वरदान हैं ये सिलाई तरीके, बिना दर्द और खर्चे के साफ होंगे अनचाहे बाल

बाल हटाने वाली वैक्सिंग युक्तियाँ: औरों का सपना होता है कि उनकी त्वचा मक्खन जैसी दिखती है और साफ नजर आती है। इसके लिए ज्यादातर लोग वैक्सिंग करवाती हैं, लेकिन इसे बाहर का दर्द झेलना पड़ता है। विशेष रूप से सेंस समुद्र तट पर सैलून वाली लेडीजों के लिए वैक्सिंग से किसी भी तरह की सजा कम नहीं होती है। अगर आप भी बालों के उस लंबे दर्द से बचना चाहते हैं और त्वचा को साफ करने के तरीके ढूंढते हैं, तो आपके लिए हैं कुछ घरेलू नुस्खे, जो बिना साइड इफेक्ट के बालों को धीरे-धीरे कम करने में मदद करेंगे। बेसन और हल्दी के उबटन का युग युग से त्वचा को निखारने के लिए किया जाता है। अनचाहे बालों को साफ करने के लिए दो बेसन में एक पिज़्ज़ा और छोटे सा दूध के टुकड़ों को साफ करने के लिए तैयार करें। इस लेप को स्कार्फ पर रखें और इसका इंतेज़ार तक करें। जब तक यह पूरी तरह से सूख जाए तो इसे उल्टे साइड में हाथ से खींचकर छोड़ दिया जाता है। इसका उपयोग करने से बाल की बिक्री कम होती है। चीनी और डेमोक्रेट को मिक्स करके एक सिलाई एक्सफोलिएटर के रूप में माना जाता है। चीनी भाषा में एक प्रसिद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति के रस की कुछ बूँदें। इसे मुलायम हाथों से मसाज करें। यह उपाय केवल डेड स्किन सेल्स को हटाना नहीं है, बल्कि बाल के बच्चों को अस्थायी कर उन्हें जल्दी से बेचना नहीं है। पपीते में पपैन एंजाइम मौजूद होते हैं, जो बालों के रोम को तोड़ने में हेल्पफुल होता है। कच्चे पपीते को मैश करके मिलाकर हल्की सी हल्दी मजबूत और कच्चे पपीते को मैश करें। एक हफ्ते में इस तरीके को दो से तीन बार इस्तेमाल करें तो शरीर के अनचाहे बाल धीरे-धीरे कम हो जाते हैं और त्वचा में चमक भी आ जाती है। अंडा और कॉर्न फ्लोर का पील-ऑफ मास्क अंडे और कॉर्न फ्लोर के पेस्ट को बालों से जड़ से निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सी या फिर हाथ- पैर पर इसे लगाकर छोड़ दें। फिन के बाद यह मास्क की तरह बन जाता है, जिसे खींचकर निकालने पर छोटे-छोटे बाल आसानी से निकल जाते हैं। ये एक अजीबो-गरीब नुस्खा होता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)प्राकृतिक बाल हटाना(टी)अनचाहे बालों के लिए घरेलू उपचार(टी)दर्द रहित वैक्सिंग विकल्प(टी)त्वचा देखभाल युक्तियाँ हिंदी में(टी)बालों को हटाने के लिए बेसन और हल्दी(टी) चिकनी त्वचा के उपचार(टी)हर्बल सौंदर्य युक्तियाँ(टी)डाय हेयर रिमूवल मास्क

Anjeer In Summer: गर्मियों में अंजीर किस तरह का है? जानिए खाने का सही समय और फायदे

Anjeer In Summer: गर्मियों में अंजीर किस तरह का है? जानिए खाने का सही समय और फायदे

गर्मियों में अंजीर: गर्मी का मौसम आते ही खान-पान में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। लोग अक्सर मानते हैं कि ऑफिस की तासीर हॉट होती है। इसलिए इसे केवल समुद्र में ही खाना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सही तरीके से खाया जाए तो चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच के पदार्थों को शामिल करने का सही तरीका, समय और इसके बेमिसाल फायदे क्या हैं। क्या गर्मियों में कपड़े खाना सुरक्षित है? छात्र छात्र-छात्राओं का खजाना है। इसमें बादाम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हालाँकि, असभ्य छात्रों की तासीर गर्म होती है, लेकिन जब हम इसे सिलकर खाते हैं, तो इसकी तासीर बदल जाती है और यह शरीर को ठंडक प्रक्रिया में मदद करती है। इसलिए, गर्मियों में इसे बिना परहेजए भोजन से बचना चाहिए। गर्मियों में खेलने का सही तरीका रात को 2 आकर्षक खिलाड़ियों को एक कप पानी में अकेलाकर रख दें। सुबह खाली पेट इन भीगे हुए आलूओं का सेवन करें। प्रयोजनने से इसकी गर्मी निकल जाती है और यह सुपाच्य हो जाती है।जिस पानी में आपने सामान खरीदा है, उसे फेंकें नहीं। उस पानी में भी छात्रों के पोषक तत्त्व पाए जाते हैं, यह फ़ालतू शक्ति के लिए बहुत बढ़िया है।आप ठंडे दूध के साथ दोस्तों को ब्लेंड करके शेक बना सकते हैं। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और पेट को ठंडा रखता है। ग्रीष्मकालीन ग्रीष्मकालीन खिलाड़ी का सही समय क्या है? छात्र-छात्राओं का अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है। सुबह इसका सेवन करने से शरीर में इसकी दीवारों को सोख ले जाता है और मजबूत ऊर्जा बनी रहती है। छात्र-छात्राओं के क्या-क्या फायदे हैं? गर्मियों में अक्सर कब्ज और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। छात्रों में मौजूद हाई ऑलवेज मेटाबोलिज्म को तेज किया जाता है और पुराने से पुराने कब्ज से राहत दी जाती है।शामिल किए गए उपकरणों में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट को बनाए रखने में मदद करता है। इससे मधुमेह का खतरा कम होता है।कैल्शियम से भरपूर होने के कारण कैल्शियम के अवशेष और दांतों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। किशोरावस्था में जोड़ों के दर्द से बचने का यह एक प्राकृतिक उपाय है।अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो बिजनेस एक बेहतरीन विकल्प है। इसे खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगी, जिससे आप अनहेल्दी बास्टिंग से बच जाते हैं।छात्रों में मौजूद पोटेशियम पोटेशियम के स्तर को कायम रखा जाता है, जिससे ब्लड कंट्रोल में रहता है और दिल की धड़कन कम होने का खतरा होता है। गर्मी में उपकरण से पहले इन बातों का रखें ध्यान अगर आप गर्मियों में उपकरणों का सेवन कर रहे हैं तो सीमित ही करें। एक दिन में आप 2-3 छात्र ही स्थिर। अगर आपको शुगर की समस्या है या फिर आप किसी मेडिकल कंडीशन में हैं तो इसे पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ये भी पढ़ें – आज का राशिफल 3 अप्रैल 2026: आज मेष, मिथुन और तुला सहित इन 4 राशियों को मिलेंगे नए अवसर, मिलेगा मान-सम्मान; जानें कैसा रहेगा आपका दिन अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)गर्मियों में अंजीर(टी)अंजीर के फायदे(टी)गर्मियों में अंजीर खाना(टी)अंजीर गर्म प्रकृति(टी)गर्मियों में सूखे मेवे(टी)अंजीर के फायदे(टी)ग्रीष्मकालीन आहार युक्तियाँ(टी)अंजीर पोषण(टी)विशेषज्ञ सलाह अंजीर(टी)गर्मियों में स्वस्थ भोजन

RPSC Deputy Commandant Exam Result

RPSC Deputy Commandant Exam Result

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पहली बार भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने और इंटरव्यू से पहले कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन करेगा। डिप्टी कमाडेंट भर्ती-2025 में ऐसा किया जा रहा है। . परीक्षा में शामिल सभी 255 कैंडिडेट्स को 15 से 20 अप्रैल के बीच आयोग कार्यालय बुलाया गया है। इसके बाद लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी कर इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस भर्ती में बड़ी संख्या में बिना योग्यता के कैंडिडेट्स ने फार्म भर दिए थे। बाद में योग्यता नहीं होने पर भी एग्जाम में शामिल हुए। ऐसे में जो योग्य नहीं हैं, उनकी छंटनी पहले ही की जाएगी। बताया जा रहा है कि इसीलिए आयोग ने ऐसा निर्णय लिया। डिप्टी कमाडेंट के 4 पदों पर निकली भर्ती में 10 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे। सेना के कैप्टन स्तर के रिटायर्ड, त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी अथवा इमरजेंसी और शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त/विमुक्त कैंडिडेट्स ही योग्य थे। इसके अलावा जिन कैटेगरी में आवेदन नहीं मांगे गए, उनमें भी आवेदन कर दिया गया था। सख्ती के बाद आधे से ज्यादा अभ्यर्थियों ने फॉर्म वापस ले लिए थे। वहीं बचे अभ्यर्थियों में भी 10 प्रतिशत भी एग्जाम देने नहीं आए थे। RPSC सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार- परीक्षा देने वाले सभी कैंडिडेट्स को 15 से 20 अप्रैल के बीच बुलाया गया है। अभ्यर्थियों को ये डॉक्यूमेंट्स लाने होंगे RPSC के सचिव (IAS) रामनिवास मेहता के अनुसार- लिखित परीक्षा में उपस्थित सभी कैंडिडेट्स को आयोग की वेबसाइट www.rpsc.rajasthan.gov.in से काउंसलिंग पत्र और विस्तृत आवेदन पत्र डाउनलोड करना है। आवेदन पत्र (दो प्रतियों) में सभी प्रविष्टियां पूरी कर 50 रुपए फॉर्म ऑनलाइन शुल्क भुगतान की रसीद, संबंधित शैक्षणिक दस्तावेज के साथ, कैप्टन के पद से रिटायर्ड/सेवात्याग/NOC प्रमाण पत्र, PPO, जाति, मूल-निवास और अन्य दस्तावेज की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी और मूल दस्तावेज सहित आयोग कार्यालय में उपस्थिति देनी होगी। दैनिक भास्कर ऐप पर 14 जनवरी 2026 को खबर प्रकाशित कर जानकारी दी थी कि इस भर्ती पर संकट के बादल हैं और पद खाली रहने के आसार हैं। मार्च 2025 में निकाली वैकेंसी RPSC ने 18 मार्च 2025 को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमाडेंट के 4 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 24 मार्च से 22 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किए, लेकिन विड्रॉ करने के बाद 4 हजार 221 कैंडिडेट्स रह गए। इसकी लिखित परीक्षा 11 जनवरी 2026 को हुई। इसमें 255 कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। वैकेंसी में आवेदन करने के लिए केवल सेना के कैप्टन स्तर के रिटायर्ड, त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी अथवा इमरजेंसी और शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त/विमुक्त कैंडिडेट्स ही योग्य थे। बिना योग्यता कई अभ्यर्थियों ने भरे थे फॉर्म इस भर्ती में बिना योग्यता बहुत से अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिए। आवेदन की जांच में कई अभ्यर्थी अयोग्य पाए गए। इन्हें फॉर्म वापस लेने का मौका भी दिया गया। आयोग ने फॉर्म विड्रॉ नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 217 के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इसके बाद करीब 6 हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन फॉर्म विड्रॉ कर लिए। भर्ती और एग्जाम के यह रोचक तथ्य EWS, जनरल और MBC में कोई वैकेंसी नहीं थी। इसके बावजूद कैंडिडेट्स ने आवेदन किए। ST का एक पद है और 791 ने आवेदन किए, जबकि एक्स सर्विस मैन केवल एक ही है। SC के दो पद हैं, लेकिन आवेदन एक हजार लोगों ने किए, जबकि एक्स सर्विस मैन 3 ही हैं। RPSC ने 4 हजार 221 कैंडिडेट्स के एग्जाम की व्यवस्था की, लेकिन 255 ही परीक्षा देने आए। एग्जाम एक सेंटर पर ही हो सकता था, लेकिन कैंडिडेट्स ज्यादा होने के कारण 17 सेंटर बनाने पड़े। एग्जाम एक लाख के खर्च में हो सकता था। इसके लिए आयोग को 20 लाख खर्च करना पड़ा। … ये खबरें भी पढ़ें… RPSC की डिप्टी कमांडेंट भर्ती पर संकट के बादल:जिस कैटेगरी में वैकेंसी ही नहीं, भरे फॉर्म और दिया एग्जाम; पद खाली रहने के आसार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा विभाग) की भर्ती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आयोग ने 4 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसमें ओबीसी और एसटी के 1-1 और एससी के दो पद थे। इस भर्ती के लिए आर्मी का एक्स कैप्टन होना जरूरी था। इसके बावजूद बिना योग्यता फॉर्म भर दिए गए। (पूरी खबर पढ़ें) 255 कैंडिडेट्स के एग्जाम के लिए 511 अफसर-कर्मचारी लगाए:RPSC को खर्च करने पड़े 20 लाख से ज्यादा रुपए, चेतावनी के बाद 6 हजार फॉर्म विड्रॉ राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 11 जनवरी को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमांडेंट पदों के लिए भर्ती परीक्षा कराई थी। यह परीक्षा पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुई। परीक्षा में कुल 255 उम्मीदवार शामिल हुए। (पूरी खबर पढे़ं)

Seema Haider, son, Bharat, Sachin Meena, Noida, Pakistan

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नोएडा2 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने अपने बेटे का नाम ‘भारत’ रखा है। गुरुवार को नोएडा के रबूपुरा स्थित घर पर बेटे का नामकरण हुआ। नामकरण संस्कार के पहले सीमा ने जागरण कराया। इसके बाद कुंआ पूजन किया। डीजे की धुन पर नाचती-गाती मोहल्ले की महिलाएं पूजा के लिए निकलीं। घर पर भी संगीत समारोह का आयोजन किया गया। पूजा के बाद घर वापस आते वक्त सीमा ने मीडिया से बात की। सीमा हैदर ने कहा- मेरे बेटे का नामकरण था। घर में जागरण भी कराया। हिंदू धर्म में जब घर में बेटा होता है तो नामकरण किया जाता है। बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। बहुत खुशी का पल है। यह दूसरा कुआं पूजन है, इससे पहले जब मीरा हुई थी, तब कराया था। हिंदू धर्म बहुत खूबसूरत है। उन्हें हिंदू होने पर गर्व है। सीमा हैदर ने कहा- मैं क्रिकेट मैच में भारत को सपोर्ट करती हूं। भारत जब मैच जीतता है तो मुझे खुशी होती है। मैच के दौरान भगवान से प्रार्थना करती हूं कि भारत की ही जीत हो। भारत के लोग बहुत ही अच्छे हैं। वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहती। हर कास्ट के लोग रबूपुरा में रहते हैं। मुझे प्यार करते हैं, सम्मान देते हैं। मुझे अपनी बहू मानते हैं। दरअसल, गुरुवार को सीमा हैदर के छठवें बच्चे का नामकरण संस्कार हुआ। उन्होंने 18 फरवरी 2026 को नोएडा के एक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। इससे पहले एक बेटी को भी जन्म दिया था। सीमा के पाकिस्तानी पूर्व पति से चार बच्चे है। जबकि भारतीय पति सचिन मीणा से 2 बच्चे हैं। सीमा, पाकिस्तान छोड़कर चार साल पहले अपने प्रेमी सचिन के पास आ गई थी। बच्चे के नामकरण संस्कार के दौरान घर में जश्न मनाती सीमा हैदर और उसके परिजन। पंडित जी ने नाम निकाला तो ‘भ’ अक्षर से आया सीमा हैदर ने कहा- पंडित जी ने जब नाम निकाला तो ‘भ’ अक्षर से आया। हम लोगों ने बहुत देर तक सोच विचार किया। उसका बाद नाम ‘भारत’ रखा। भारत से सुंदर नाम कोई हो ही नहीं सकता है। पाकिस्तान से भारत आकर मैं बहुत खुश हूं। यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। मुझे कभी पाकिस्तान छोड़ने का पछतावा नहीं होता है। ये तस्वीर सीमा हैदर और पति सचिन मीणा की हैं। उनके 6 बच्चे हैं। जिसमें से 4 बच्चे पाकिस्तानी पति से हैं। यूट्यूब चैनल पर सीमा के 2 मिलियन फॉलोअर- सीमा अपने पति सचिन के साथ वीडियो बनाती हैं। उसके चैनल पर 2 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। सीमा हैदर साल- 2023 से नोएडा के रबूपुरा में सचिन मीणा के साथ रह रही हैं। दोनों की कहानी पहले भी काफी चर्चा में रह चुकी है। यह दंपती सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहता है। इनके यूट्यूब चैनल को 2 मिलियन से अधिक लोग देखते हैं। बड़ी संख्या में लोग इन्हें फॉलो करते हैं। सीमा हैदर की यह तस्वीर कुआं पूजन के बाद की है। यह रस्म बच्चे के नामकरण से पहले की जाती है। पबजी गेम से प्यार, नेपाल के रास्ते भारत आई पाकिस्तान में सीमा हैदर और गुलाम हैदर का निकाह 2014 में हुआ था। 2019 में गुलाम हैदर, सीमा और चार बच्चों को कराची में छोड़कर दुबई चला गया। इस दौरान 2019 में ही पबजी खेलते-खेलते सीमा की नोएडा के रबूपुरा निवासी सचिन मीणा से ऑनलाइन मुलाकात हुई। 10 मार्च 2023 को नेपाल में सीमा और सचिन की आमने-सामने मुलाकात हुई। वहीं पर उन्होंने एक मंदिर में धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दावा किया। नेपाल से सीमा पाकिस्तान चली गई। सचिन नोएडा आ गया। 13 मई को सीमा फिर से पाकिस्तान से दुबई होते हुए नेपाल आ गई। नेपाल से बस पकड़कर नोएडा के रबूपुरा पहुंचीं। 1 जुलाई को सचिन-सीमा बुलंदशहर में वकील से मिले और सीमा की भारतीय पहचान बनवाने के लिए आवेदन करने को कहा। वकील ने सीमा के पाकिस्तानी होने की जानकारी पुलिस को दी। यह तस्वीर सीमा हैदर की है। इसमें वह पीला लहंगा, लाल चुनरी पहने नजर आ रही हैं। हरियाणा से हिरासत में लिए गए थे सचिन-सीमा इसके बाद दोनों घर से फरार हो गए। 3 जुलाई को सीमा-सचिन को हरियाणा के बल्लभगढ़ से हिरासत में लिया गया। 4 जुलाई, 2023 को पुलिस ने सचिन के पिता नेत्रपाल को गिरफ्तार कर लिया। 8 जुलाई को तीनों को कोर्ट से जमानत मिली। 17 और 18 जुलाई को एटीएस ने सीमा-सचिन से पूछताछ की। 21 जुलाई 2023 को सीमा और सचिन की शादी के फोटो और वीडियो सामने आए। सीमा ने राष्ट्रपति को भेजी याचिका में ये फोटो लगाई थी। इसमें सीमा और सचिन एक-दूसरे को वरमाला पहनाते दिख रहे हैं। एक फोटो में सीमा सचिन के पैर छूते दिख रही हैं। नागरिकता के लिए राष्ट्रपति से लगाई थी गुहार 21 जुलाई 2023 को सीमा ने भारतीय नागरिकता के लिए राष्ट्रपति के यहां पर याचिका लगाई थी। 23 जुलाई को सचिन के फुफेरे भाई से बुलंदशहर में हुई पूछताछ के बाद अहमदगढ़ के दो युवकों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया। 30 जुलाई 2023 को सीमा ने एक वीडियो जारी किया। इसमें गुहार लगाई कि उसके पास खाने-पीने के पैसे तक नहीं हैं। इसके बाद 2 अगस्त को मेरठ के फिल्म डायरेक्टर अमित जानी ने सीमा-सचिन पर फिल्म ‘कराची टु नोएडा’ बनाने का ऐलान किया, जिसका प्रोमो शॉट शूट किया गया था। हालांकि, अभी तक फिल्म बन नहीं पाई है। सीमा हैदर पर एक फिल्म बन रही है, जिसका नाम ‘कराची टु नोएडा’ है। ये तस्वीर फिल्म के प्रोमो की है। ————————— अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…