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जबलपुर आंदोलन की तैयारी में जुटी युवा कांग्रेस:सीधी पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार को घेरा; कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली

जबलपुर आंदोलन की तैयारी में जुटी युवा कांग्रेस:सीधी पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार को घेरा; कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली

सीधी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पहुंचे। उनके आने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। घनघोरिया 16 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय बड़े आंदोलन की तैयारियों को लेकर विभिन्न जिलों के प्रवास पर हैं। जमोड़ी बाईपास पर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व में एक रैली निकाली, जिसके बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक संपन्न हुई। 16 अप्रैल को बड़ा आंदोलन बैठक को संबोधित करते हुए यश घनघोरिया ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है और शिक्षा नीति में सुधार के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। घनघोरिया ने घोषणा की कि इन जनविरोधी नीतियों और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ 16 अप्रैल को जबलपुर में युवा कांग्रेस एक विशाल आंदोलन करेगी। 10 दिनों से प्रदेश का दौरा कर रहे यश घनघोरिया ने बताया कि वे पिछले 10 दिनों से लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद कर उन्हें जबलपुर आंदोलन के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली सरकार को जगाने के लिए यह आंदोलन मील का पत्थर साबित होगा। सीधी में कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता इस दौरान युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष करुण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विकास सिंह परिहार और एनएसयूआई प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार मुख्य रूप से मौजूद रहे। जमोड़ी बाईपास से लेकर जिला कार्यालय तक हुए शक्ति प्रदर्शन में सैकड़ों युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। स्थानीय नेताओं ने भरोसा दिलाया कि सीधी जिले से बड़ी संख्या में युवा जबलपुर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएंगे।

आप भी फेंक देते हैं पपीते का बीज? सच जानने के बाद नहीं करोगे गलती, ये फल से ज्यादा जादुई

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Last Updated:April 03, 2026, 21:41 IST Papaya Seeds Benefits : अक्सर लोग पपीते के बीज को फेंक देते हैं, लेकिन सच्चाई तो ये है कि इसके बीज सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं. इनमें कुछ खास एंजाइम और पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. यह पाचन ठीक करने से लेकर वजन कम करने तक कई कामों में रामबाण है. अगर आपका पेट अक्सर खराब रहता है, तो इसके बीज आपके लिए प्राकृतिक इलाज हैं. इसका नियमित सेवन करने से लीवर बेहतर तरीके से काम करता है. पपीते के बीज में पपेन एंजाइम पाया जाता है, जो प्रोटीन को आसानी से तोड़ने में मदद करता है. इसी के चलते खाना जल्दी पचता है और कब्ज, गैस जैसी परेशानियां कम होती हैं. अगर आपका पेट अक्सर खराब रहता है, तो ये बीज आपके लिए प्राकृतिक इलाज साबित हो सकते हैं. वैसे पपीते के फल और पत्तियां भी औषधि है. पपीते के बीज शरीर के अंदर जमा गंदगी को बाहर निकालने में सहायता प्रदान कर सकते हैं. पपीते के बीज में लीवर को डिटॉक्स करने की अद्भुत क्षमता होती हैं. इसके नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से लीवर बेहतर तरीके से काम करता है और शरीर ज्यादा स्वस्थ महसूस करता है. शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बलिया में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. प्रियंका हरिनखेड़े के अनुसार, पपीते के बीजों में एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं, जो पेट के हानिकारक परजीवियों को खत्म करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी होते हैं. इससे पेट दर्द, संक्रमण और अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप भी अपना वजन कम करने की सोच रहे हैं या अच्छी तरकीब खोज रहे हैं, तो पपीते के बीज आपकी मदद कर सकते हैं. इनमें फाइबर और खास गुण पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं, जिससे शरीर तेजी से फैट बर्न करता है. सही डाइट के साथ इनका सेवन बड़े लाभकारी होते हैं. पपीते के बीजों में सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में बहुत उपयोगी हैं. इसके नियमित सेवन से शरीर में सूजन कम होते हैं और मूवमेंट बेहतर रहता हैं. यह प्राकृतिक तरीके से आराम पाने का एक अच्छा तरीका है. बस सही और सीमित मात्रा का ज्ञान जरूरी है. बेशक पपीते के बीज के कई अद्भुत फायदे हैं, लेकिन कुछ सावधानियां भी बहुत जरूरी हैं. इसके ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द, दस्त या जलन हो सकती है. पुरुषों में इसका अधिक सेवन अस्थायी रूप से स्पर्म काउंट को प्रभावित कर सकता है. गर्भवती महिलाओं को इससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए. बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए. पपीते के बीजों का सेवन हमेशा सीमित मात्रा और एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें. दिन में एक छोटा चम्मच पर्याप्त होता है. इन्हें सुखाकर, पीसकर सलाद, दही या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है. उम्र और बीमारी के हिसाब से इसका सही डोज एक एक्सपर्ट ही बता सकता है. इसलिए सावधानी पूर्वक सेवन ही लाभकारी और सुरक्षित है. First Published : April 03, 2026, 21:41 IST

भाई बताकर जमीन में हिस्सा मांगने पर की हत्या:कटनी में युवक की अधजली लाश मिली थी, आरोपी गिरफ्तार

भाई बताकर जमीन में हिस्सा मांगने पर की हत्या:कटनी में युवक की अधजली लाश मिली थी, आरोपी गिरफ्तार

कटनी पुलिस ने कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव में हुई हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। शुक्रवार शाम को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी वारदात जमीन-जायदाद के पुराने पारिवारिक विवाद का नतीजा निकली। 1 अप्रैल को कन्हवारा के एक खेत में एक युवक की अधजली लाश मिली थी। मृतक की पहचान 24 साल के छब्बू कोल के रूप में हुई। पुलिस ने शक के आधार पर खेत मालिक के बेटे आकाश लोधी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आकाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर था पुराना झगड़ा आरोपी आकाश ने बताया कि उसके पिता और मृतक छब्बू की मां पिछले 20 सालों से साथ रह रहे थे। इसी वजह से छब्बू खुद को आकाश का भाई बताता था और खानदानी जमीन में आधे हिस्से की मांग करता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर गाली-गलौज और मारपीट होती रहती थी। शराब के नशे में विवाद घटना वाले दिन छब्बू शराब के नशे में था और उसने फोन करके आकाश को खेत पर बुलाया। वहां फिर से जमीन को लेकर बहस शुरू हो गई और छब्बू ने आकाश पर डंडे से हमला कर दिया। गुस्से में आकर आकाश ने पास पड़ी ईंट से छब्बू के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सबूत मिटाने के लिए आकाश ने लाश को जलाने की कोशिश भी की थी। आरोपी को भेजा गया जेल कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने बताया कि आरोपी आकाश लोधी को ने कड़ाई से पूछताछ करने पर गुनाह मान लिया, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला, 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा:कलेक्टर ने दी अभियोजन स्वीकृति; राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और धोखाधड़ी की थी

श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला, 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा:कलेक्टर ने दी अभियोजन स्वीकृति; राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और धोखाधड़ी की थी

श्योपुर जिले में हुए बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इस मामले में संलिप्त 18 पटवारियों के खिलाफ अभियोजन (मुकदमा चलाने) की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब इन राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस ने जांच में पाया था कि राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा किया गया है। थाना बड़ौदा में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस यह पूरा प्रकरण थाना बड़ौदा में अपराध क्रमांक 439/23 के तहत दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी), 409 (अमानत में ख्यानत) और 120-बी (साजिश) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां करने और अपात्रों को लाभ पहुंचाने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद अभियोजन की मांग की गई थी। इन 18 पटवारियों पर होगी अदालती कार्रवाई प्रशासन द्वारा जिन पटवारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है, उनमें मेवाराम गौरछिया, हेमन्त मित्तल, राजकुमार शर्मा, महेन्द्र सिंह जाटव, सुमित देशलेहरा, योगेश जिंदल, विनोद भूषण, अखिलेश जैन, भोलाराम गुप्ता, हुकुमचंद बिसारिया, राजवीर जाटव, बृजराज मीणा, रामनरेश जाटव, रामदयाल जागा, सोनेराम धाकड़, नीतेश मीणा, संजय रावत और शंकरलाल मर्सकोले शामिल हैं। इस घोटाले में पटवारियों के अलावा अन्य कर्मचारियों सहित कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जल्द दाखिल होगा आरोप पत्र, गिरफ्तारी की संभावना अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब पुलिस संबंधित पटवारियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान (आरोप पत्र) पेश करेगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आपराधिक मामले के साथ-साथ इन कर्मचारियों पर विभागीय जांच और निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। जिले के राजस्व विभाग में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे विभाग के अन्य संदिग्ध मामलों की परतें भी खुलने की संभावना है।

केरलम विधानसभा चुनाव 2026: ‘तेलंगाना जनता से सवाल…’, केरलम में चुनावी प्रचार के बीच सीएम रेवंत रेड्डी बड़ा का बयान

केरलम विधानसभा चुनाव 2026: 'तेलंगाना जनता से सवाल...', केरलम में चुनावी प्रचार के बीच सीएम रेवंत रेड्डी बड़ा का बयान

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केरलम विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अपनी सरकार की मंजूरी का जिक्र करते हुए सारांश सार पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने जनता से सीधे-सीधे साक्षात्कार की भी बात कही. केरल विधानसभा चुनाव के दौरान चल रहे प्रचार अभियान के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार के कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में दिए गए वादों को पूरी ईमानदारी से लागू किया है और अगर किसी को संदेह है, तो वह तेलंगाना ज्ञान खुद जनता से पूछ सकते हैं। किसानों को हर साल 18 हजार की मदद मिलती है सरकारः रेवंत रेवंत रेड्डी ने अपनी किताब में कहा, ‘तेलंगाना में 6 गारंटी को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। यदि आप आश्वस्त नहीं हैं, तो आप वहां के लोगों से पूछ सकते हैं कि सरकार ने क्या काम किया है।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता के हित में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए अनुदान जा रही मंजूरी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर साल करीब 18,000 करोड़ रुपये की रतु भरोसेमंद योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता के रूप में दे रही है। उनका कहना था कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति को मिली है और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आई है। रोज़गार के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धियाँ इसके अलावा, उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की आवश्यकताओं को पूरा किया। रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल एक साल में 67,173 सरकारी रोजगार उपलब्ध कराए हैं, जो युवाओं के लिए एक बड़ी राहत है। उन्होंने इसे अपने शासन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सरकार के सिद्धांतों को बहुत गंभीर बताता है। रेवंत रेड्डी ने सैद्धांतिक संरचना पर काम किया अपने भाषण के दौरान रेवंत रेड्डी ने भी अर्थशास्त्र पर बहस की और कहा कि कुछ लोग केवल आरोप लगाते रहते हैं, जबकि उनकी सरकार जमीन पर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने अपील की कि वे विकास और काम के आधार पर निर्णय लें। रेवंत रेड्डी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केरलम में एंबेल्ट मोनाको हॉटाया हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दल जनता को एकजुट करने के लिए प्रचार कर रहे हैं। उनके इस बयान में राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी गई है। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘एआईएमआईएम-आईएसएफ के दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी’, मालदा में हुई घटना पर सीएम ममता बनर्जी का आरोप

विदिशा में गुड फ्राइडे विशेष प्रार्थना सभाएं:रैली भी निकली; प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर प्रेम और शांति का संदेश दिया

विदिशा में गुड फ्राइडे विशेष प्रार्थना सभाएं:रैली भी निकली; प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर प्रेम और शांति का संदेश दिया

विदिशा में गुड फ्राइडे के अवसर पर ईसाई समाज ने श्रद्धा और आस्था के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन किए। सुबह से ही चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह को याद करते हुए उपवास रखकर प्रार्थनाएं कीं। शाम करीब 6 बजे चर्च परिसर से अहमदपुर चौराहा तक एक शांतिपूर्ण यात्रा निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ग्रंथ लेकर प्रार्थना करते हुए चल रहे थे, वहीं कई लोग क्रॉस लेकर प्रभु यीशु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे थे। रैली के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को स्मरण किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रार्थना और भजनों के माध्यम से मानवता, प्रेम, शांति और क्षमा का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह ने मानव समाज के उद्धार के लिए क्रूस पर अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कष्ट सहते हुए भी अपने विरोधियों को क्षमा किया और पूरी दुनिया को क्षमाशीलता का संदेश दिया। गुड फ्राइडे के इस अवसर पर निकली यह रैली शहर में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देती नजर आई। शहर के अन्य चर्चों में भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘AIMIM-ISF के दिग्गज नेताओं की जिम्मेदारी’, सीएम ममता बनर्जी पर लगा आरोप

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'AIMIM-ISF के दिग्गज नेताओं की जिम्मेदारी', सीएम ममता बनर्जी पर लगा आरोप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गहमा-गहमी के बीच मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के बयानों की घटना पर राजनीति जोर पकड़ने लगी है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए समाजवादी पार्टी एआईएमआईएम और राज्य की एक क्षेत्रीय पार्टी द इंडियन एक्सप्रेस (आईएसएफ) को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भड़काने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मालदा जिले के मोथा बाबापुर में रविवार (1 अप्रैल, 2026) को कई क्वार्टरों तक के राज्य की घेराबंदी के मास्टरमाइंड अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल की पुलिस अभी भी चुनाव आयोग के नियंत्रण में है। हरिरामपुर में बोलीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर में एक रैली आयोजित की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एआईएमआईएम से बातचीत की और यहां लेकर आई। आईएसएफ भी उनके साथ है. ‘कांग्रेस और बीजेपी ने भी उकसाया है।’ उन्होंने कहा, ‘सी डॉक्युमेंट्री ने बांग्लादेशी एयरपोर्ट पर मुख्य साजिशकर्ता मोफकरूल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है, जब वह विस्फोट की कोशिश कर रहा था। ‘वगैरह ही मालदा के मोथा बबी में हिंसा पाई जाती है।’ AIMIM पर ममता बनर्जी का आरोप क्या? राज्य के भवानीपुर से कैथोलिक कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य के पश्चिम बंगाल में विक्षोभ के लिए बाहर से गुंडों को लाया जा रहा है। ये लोग जजों को भी नहीं अन्य. उन्होंने AIMIM पर यह भी आरोप लगाया कि पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में वोट बाटकर बीजेपी की जीत में मदद की थी. अमित शाह पर ममता बनर्जी ने सैद्धांतिक आधार तैयार किया इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी अध्ययन किया। उन्होंने कहा, ‘चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजदूगी से बीजेपी के वोट प्रतिशत में कमी आएगी.’ दरअसल, अमित शाह ने कहा है कि वह 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों के चुनाव के दौरान 15 दिनों के लिए बंगाल में चुनावी सभा करेंगे। इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि आप 365 दिन भी बंगाल में रह रहे हैं, तो इससे भी कुछ बदलाव नहीं होगा। यह भी पढ़ें: अमेरिका के दूसरे F-35 को गिराने का ईरान ने किया दावा, पायलट ने किया इजेक्ट तो बनाया बंधक

बैतूल में ट्रैक्टर ठगी गिरोह से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार:26 लाख के चार वाहन बरामद; धोखे से महाराष्ट्र ले जाकर बेच दिया था

बैतूल में ट्रैक्टर ठगी गिरोह से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार:26 लाख के चार वाहन बरामद; धोखे से महाराष्ट्र ले जाकर बेच दिया था

बैतूल जिले में किसानों के साथ ट्रैक्टर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भैंसदेही पुलिस ने शुक्रवार देर शाम पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 26 लाख रुपए कीमत के चार ट्रैक्टर बरामद किए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 7 फरवरी 2026 को भैंसदेही थाने में किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी राजेश विजयकर ने ट्रैक्टर को महाराष्ट्र में कुछ समय चलाने के बहाने लिया और बाद में धोखाधड़ी कर बेच दिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश विजयकर (43) निवासी कौडीढाना, भैंसदेही और उसके साथी योगेश पाटिल उर्फ उमेश खरण (45) निवासी बडुरा, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चार ट्रैक्टर जब्त किए पूछताछ में आरोपियों ने किसानों से ट्रैक्टर लेकर उन्हें महाराष्ट्र में बेचने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो सोनालिका और दो मैसी कंपनी के ट्रैक्टर जब्त किए हैं। बरामद किए गए इन ट्रैक्टरों की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। इस गिरोह के तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सातनकर सहित पुलिस टीम और साइबर सेल के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Ranbir Kapoors Ram Look Lacks Arun Govils Innocence: Sunil Lehri

Ranbir Kapoors Ram Look Lacks Arun Govils Innocence: Sunil Lehri

10 मिनट पहले कॉपी लिंक रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में बना हुआ है। अब रामानंद सागर की ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी ने इस पर अपनी राय दी है। सुनील ने रणबीर कपूर के ‘राम’ वाले अवतार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रणबीर में वह मासूमियत और शीतलता नहीं दिख रही, जो अरुण गोविल में थी। साथ ही उन्होंने फिल्म के भारी-भरकम बजट और इमोशंस के तालमेल पर भी अपनी बात रखी है। एक्टर सुनील लहरी। टीजर में वीएफएक्स तो है, पर इमोशंस नहीं सुनील लहरी ने एक DNA से बातचीत में कहा कि किसी फिल्म को सिर्फ उसके टीजर के आधार पर जज करना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, टीजर में भव्य सेट और अत्याधुनिक वीएफएक्स (VFX) तो दिख रहे हैं, लेकिन कुछ चीजों ने उन्हें निराश किया है। सुनील ने कहा, टीजर एक शोकेस की तरह है, जिसमें मेकर अपनी भव्यता और विजुअली रिच बैकग्राउंड दिखा रहा है। टीजर को देखकर मुझे कुछ पहलुओं से थोड़ी चिढ़ हुई है। बिना भावनाओं के फिल्म नहीं चलेगी सुनील ने फिल्म की तुलना दुनिया की बड़ी फिल्मों और पुरानी रामायण से की। उन्होंने कहा कि ‘अवेंजर्स’ या ‘टाइटैनिक’ जैसी फिल्में इसलिए चलीं क्योंकि उनमें इमोशंस बहुत मजबूत थे। सुनील बोले, रामानंद सागर की रामायण में भले ही बहुत अच्छा VFX या बड़ा बजट नहीं था, लेकिन भावनाएं इतनी मजबूत थीं कि 38 साल बाद भी लोग इसे बेस्ट मानते हैं। आप 4000-5000 करोड़ खर्च कर लें, लेकिन अगर इमोशन क्वोशन्ट मजबूत नहीं है, तो लोग फिल्म से नहीं जुड़ेंगे। रणबीर में नहीं दिख रही राम जैसी शीतलता रणबीर कपूर के लुक पर बात करते हुए सुनील ने कहा कि रणबीर ठीक दिख रहे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर राम जैसी मासूमियत कम है। उन्होंने कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुपरस्टार की छवि बनती है बड़ी बाधा सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Ranbir Kapoors Ram Look Lacks Arun Govils Innocence: Sunil Lehri

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46 मिनट पहले कॉपी लिंक रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में बना हुआ है। अब रामानंद सागर की ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी ने इस पर अपनी राय दी है। सुनील ने रणबीर कपूर के ‘राम’ वाले अवतार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रणबीर में वह मासूमियत और शीतलता नहीं दिख रही, जो अरुण गोविल में थी। साथ ही उन्होंने फिल्म के भारी-भरकम बजट और इमोशंस के तालमेल पर भी अपनी बात रखी है। एक्टर सुनील लहरी। टीजर में वीएफएक्स तो है, पर इमोशंस नहीं सुनील लहरी ने एक DNA से बातचीत में कहा कि किसी फिल्म को सिर्फ उसके टीजर के आधार पर जज करना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, टीजर में भव्य सेट और अत्याधुनिक वीएफएक्स (VFX) तो दिख रहे हैं, लेकिन कुछ चीजों ने उन्हें निराश किया है। सुनील ने कहा, टीजर एक शोकेस की तरह है, जिसमें मेकर अपनी भव्यता और विजुअली रिच बैकग्राउंड दिखा रहा है। टीजर को देखकर मुझे कुछ पहलुओं से थोड़ी चिढ़ हुई है। बिना भावनाओं के फिल्म नहीं चलेगी सुनील ने फिल्म की तुलना दुनिया की बड़ी फिल्मों और पुरानी रामायण से की। उन्होंने कहा कि ‘अवेंजर्स’ या ‘टाइटैनिक’ जैसी फिल्में इसलिए चलीं क्योंकि उनमें इमोशंस बहुत मजबूत थे। सुनील बोले, रामानंद सागर की रामायण में भले ही बहुत अच्छा VFX या बड़ा बजट नहीं था, लेकिन भावनाएं इतनी मजबूत थीं कि 38 साल बाद भी लोग इसे बेस्ट मानते हैं। आप 4000-5000 करोड़ खर्च कर लें, लेकिन अगर इमोशन क्वोशन्ट मजबूत नहीं है, तो लोग फिल्म से नहीं जुड़ेंगे। रणबीर में नहीं दिख रही राम जैसी शीतलता रणबीर कपूर के लुक पर बात करते हुए सुनील ने कहा कि रणबीर ठीक दिख रहे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर राम जैसी मासूमियत कम है। उन्होंने कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुपरस्टार की छवि बनती है बड़ी बाधा सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔