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Ayodhya Jewellery Shop Robbery Conspiracy Uncovered; Woman Planned for a Week

Ayodhya Jewellery Shop Robbery Conspiracy Uncovered; Woman Planned for a Week

लूट की घटना गुरुवार की है। पायल पर आरोप है कि ज्वेलरी शॉप में लूट उसी ने की है। अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट की आरोपी लड़की पायल (25) की तस्वीरें सामने आई हैं। एक तस्वीर में पायल बॉयफ्रेंड राहुल (27) के साथ नजर आ रही है। पायल ने राहुल के साथ ही मिलकर वारदात की थी। . दोनों को पुलिस ने अयोध्या से सटे बारांबकी बॉर्डर से गुरुवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने शुक्रवार को राहुल को तो मीडिया के सामने पेश किया, लेकिन पायल को सामने नहीं लाई। उसे कोर्ट से सीधे अयोध्या जेल भेज दिया। पायल की पिछले साल 5 अप्रैल को शादी हुई थी। वह 4 महीने की गर्भवती है। पुलिस का दावा है कि पायल ज्वेलरी शॉप में लूट करके राहुल के साथ भागने की फिराक में थी। दोनों ने तीन दिन तक बाजार में घूमकर ज्वेलरी शॉप की रेकी की। 2 अप्रैल दोपहर 12.30 बजे प्लान के मुताबिक वारदात को अंजाम दिया। पायल ने पहचान छिपाने के लिए सहेली से बुर्का मांगा था। वारदात के वक्त राहुल ज्वेलरी शॉप से कुछ दूर बाइक लेकर खड़ा था। पायल ने खिलौना पिस्टल यानी नकली पिस्टल दिखाकर दुकान से 3.6 लाख का सोने का हार और चेन लूट ली थी। फिर भागकर राहुल के पास पहुंची और फरार हो गई। पूरा मामला रुदौली थाना क्षेत्र के कोठी पुराना बाजार का है। इस बीच, दैनिक भास्कर आरोपी पायल के घर पहुंचा। वहां पायल की छोटी बहन ने कहा- वह बचपन से जिद्दी स्वभाव की रही है। घरवालों और पापा की भी बात नहीं मानती है। हमेशा अपने मन की करती थी। शायद इसी वजह से इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने की हिम्मत जुटा पाई। आरोपी पायल की तस्वीरें- आरोपी पायल की तस्वीर परिवार के करीबी लोगों ने दैनिक भास्कर को दी है। इस तस्वीर में आरोपी पायल अपने बॉयफ्रेंड राहुल के साथ दिखाई दे रही है। दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं। पिता बोले- पायल ने यह सब क्यों किया, नहीं पता आरोपी पायल की शादी खंडासा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। पति पंजाब में नौकरी करता है, इसलिए वह भी उसके साथ चली गई। 16 अप्रैल को इंटरमीडिएट की परीक्षा देने के लिए अयोध्या में मायके मथाना निवादा के अहिबरन का पुरवा गांव आई थी। पायल के पिता राम नवल गाड़ियों की धुलाई का सेंटर चलाते हैं। दुकान का नाम पायल के नाम पर ही रखा है। उनकी 4 बेटियां हैं। सबसे बड़ी बहन की भी शादी हो चुकी है। बाकी दोनों बहनें घर पर ही रहती हैं। पायल के पिता की बाबा बाजार और जखरा तालाब के पास लाखों की संपत्ति है। पिता ने कहा कि ताबीज बनवाने की बात कहकर घर से निकली थी। बताया था कि उसकी तबीयत बार-बार खराब हो जाती है। उसने यह सब क्यों किया, नहीं पता। राहुल का हमारे परिवार से कोई संबंध नहीं है। वह गांव में आता-जाता रहता है। ये आरोपी पायल का घर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से घर पर सन्नाटा है। परिवार वाले किसी से बात करने से बच रहे हैं। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… बुर्का पहनकर सोने का हार और चेन खरीदने पहुंची थी रुदौली क्षेत्र के कोठी बाजार मोहल्ला के रहने वाले महेश सर्राफा व्यापारी हैं। उनकी घर से 900 मीटर दूर अग्रवाल कॉम्प्लेक्स में महेश ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। 2 अप्रैल यानी गुरुवार दोपहर बुर्का पहने एक लड़की उनकी दुकान पर पहुंची थी। उसके बाद एक पिट्‌ठू बैग था। लड़की ने महेश से कहा- मुझे सोने का हार और चेन खरीदनी है। महेश ने एक सोने का हार और चेन दिखाई। इसके बाद लड़की ने महेश से पानी मांगा। महेश ने दुकान में काम करने वाले अंकित कुमार को पानी और समोसा लाने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद अंकित समोसा और पानी लेकर आ गया। लेकिन, पायल ने समोसा खाने से मना कर दिया। पानी की बोतल ले ली। महेश ने लड़की से समोसा खाने को कहा तो उसने कहा- मैं समोसा नहीं खाती हूं। मेरे लिए मिठाई मंगवा दीजिए। महेश ने अंकित को बर्फी लेने भेज दिया। इस दौरान दुकान के कर्मचारी मनीराम ने हार और चेन को उठाकर काउंटर पर रख दिया। तभी लड़की खड़ी हुई और दुकान के अंदर इधर-उधर घूमने लगी। महेश ने उससे पूछा- क्या बात है? लड़की ने जवाब दिया- हमारे पति पैसा निकालने गए हैं। अभी आए नहीं हैं। उन्हें ही देख रही हूं। इसके बाद वह काउंटर के पास आकर खड़ी हो गई। महेश अन्य ज्वेलरी को अलमारी में रखने लगे, तभी पायल ने बॉक्स में रखा सोने का हार और चेन उठा ली। फिर अपना बैग उठाया। पानी लेने के बाद आरोपी लड़की ने हार और चेन उठाई। फिर पिस्टल दिखाते हुए भाग गई थी। कमर से पिस्टल निकाली, बोली- आगे बढ़े तो गोली मार दूंगी दुकानदार महेश ने उसे टोका तो उसने अपनी कमर से पिस्टल निकाल ली। महेश की ओर तानकर बोली- आगे बढ़े तो गोली मार दूंगी। इसके बाद वह दुकान के बाहर भाग गई। महेश और मनीराम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया था। वह दुकान से निकलकर पैदल भागी और कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़े युवक के साथ फरार भाग गई। महेश ने बताया कि ज्वेलरी 26 ग्राम (22 कैरेट) की थी। 2 अप्रैल को बाजार भाव के हिसाब से उसकी कीमत करीब 3 लाख 60 हजार रुपए थी। महेश ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिनदहाड़े लूट की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। सीनियर अफसर मौके पर पहुंच गए। इलाके में घेराबंदी करके जांच की, लेकिन कोई हाथ नहीं आया। ज्वेलरी शॉप के बाहर तक दुकानदार और कर्मचारी मनीराम ने लड़की का पीछा किया था। 60 सीसीटीवी की फुटेज निकाली, तब गाड़ी नंबर मिला पुलिस ने 5 टीमें बनाकर जांच शुरू की। आसपास के 60 सीसीटीवी खंगाले गए। फुटेज में दिखा कि लड़की दुकान से निकलने के बाद एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर जा रही है। सीसीटीवी से बाइक का नंबर मिला, जिसके जरिए लोकेशन ट्रेस की गई। गुरुवार रात पुलिस सबसे पहले परान का पुरवा पहुंची। वहां राहुल का पता चला। पुलिस ने राहुल को पकड़

Cancer in Kids: बच्चों में बढ़ते कैंसर के मामलों ने उड़ाए विशेषज्ञों के होश, यहां जानें

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Last Updated:April 04, 2026, 09:43 IST Cancer in Kids: भारत में 5 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं में मृत्यु के शीर्ष 10 कारणों में कैंसर भी शामिल है यह एक ऐसा खुलासा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. भारत में 5 से 19 साल के बच्चों और युवाओं की मौत के 10 बड़े कारणों में कैंसर भी शामिल है, जिससे लोग हैरान हैं. मशहूर ‘दि लान्सेट’ मेडिकल जर्नल में छपी ‘सुमायागुम वर्ल्डवाइड डिजीजेज – 2023’ रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल और सेंट जूड चिल्ड्रन रिसर्च हॉस्पिटल के हेल्थ मेट्रिक्स इवैल्युएशन इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स की टीम ने यह स्टडी की है. इस स्टडी के मुताबिक, सिर्फ 2023 में दुनिया भर में 3.77 लाख बच्चों को कैंसर हुआ है. इसके अलावा 1.44 लाख बच्चों की मौत भी हुई है. बच्चों की मौत के कारणों में दुनिया भर में कुपोषण, टीबी, एचआईवी/एड्स के बाद आठवें नंबर पर कैंसर आता है. भारत में बच्चों की मौत के कारणों में कैंसर दसवें नंबर पर है. Add News18 as Preferred Source on Google दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में से 20.5% सिर्फ दक्षिण एशिया में होती हैं. 1990 से 2023 के बीच, दक्षिण एशिया में बच्चों की कैंसर से मौत की दर दुनिया के मुकाबले 16.9% कम हुई है. सिर्फ भारत में 2023 में करीब 17,000 बच्चों की मौत कैंसर से हुई है. सबसे ज्यादा असर करने वाले कैंसर में ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर, दिमाग और नसों का कैंसर, लिम्फ कैंसर, और शरीर की इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाला कैंसर शामिल हैं. दुनिया भर में कैंसर से मरने वाले बच्चों में 12% भारत के और 20.5% दक्षिण एशिया के हैं. यह बहुत ज्यादा संख्या मानी जाती है. मौत की दर में गिरावट: 1990 से 2023 तक भारत में बच्चों के कैंसर से मौत की दर 16.9% कम हुई है. ग्लोबल गिरावट से तुलना करें तो यह प्रगति दिखाता है, लेकिन असर अभी भी ज्यादा है. भले ही कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, बच्चों के कैंसर से मौत की दर कम हो रही है, यह राहत की बात है. फिर भी भारत और दक्षिण एशिया में इसका असर लगातार बढ़ना चिंता की बात है. भारत में पैदा होने वाले 10 लाख बच्चों में करीब 80 से 100 बच्चों को कैंसर होने का अनुमान है. First Published : April 04, 2026, 09:40 IST

तेज हवाओं के साथ बारिश, आकाशीय बिजली से 2 मौतें:सिवनी में आंधी से पेड़-पोल गिरे; ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

तेज हवाओं के साथ बारिश, आकाशीय बिजली से 2 मौतें:सिवनी में आंधी से पेड़-पोल गिरे; ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

सिवनी जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शनिवार सुबह से हल्की रिमझिम बारिश जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, इस मौसमी बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिले के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत इस मौसमी गतिविधि के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। बरघाट क्षेत्र के मंडी गांव में छह वर्षीय प्रांशू मरकाम की घर के बाहर खेलते समय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना डूंडासिवनी क्षेत्र के उड़ेपानी और बंजारी गांव के पास हुई, जहां रमजान खान खेत से लौटते समय आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए और उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तेज आंधी से पेड़-पोल गिरे, कई गांवों में बिजली गुल शुक्रवार शाम को बरघाट क्षेत्र में तेज आंधी चली, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और बिजली पोल गिर गए। सिवनी-बालाघाट मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। धारना, आष्टा, बोरी, जेवनारा और खारी सहित कई गांवों में बिजली के तार टूटने और पोल गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तेज हवाओं से कई दुकानों और मकानों के शेड भी उड़ गए। धूमा थाना क्षेत्र के धनककड़ी गांव में चने के आकार के ओले गिरने की सूचना मिली है। ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों में चिंता है। हालांकि, फसलों के वास्तविक नुकसान का आकलन अभी किया जाना बाकी है। मौसम विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी मौसम विभाग ने जिले में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। शुक्रवार रात भर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होती रही। शनिवार सुबह से जारी हल्की बारिश ने मौसम को ठंडा और सुहावना बनाया है, लेकिन किसानों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे मौसम को देखते हुए कलेक्टर शीतला पटले ने लोगो से कहा है कि सावधानी बरतें। बारिश के समय जो किसान खेत मे काम कर रहे हैं वह सुरक्षित स्थान में चले जाएं, क्योकि आसमानी बिजली गिरने का खतरा बना रहता है।

NMACC 3rd Anniversary Mumbai | Ambani Hosts Salman Khan, Ranveer Singh

NMACC 3rd Anniversary Mumbai | Ambani Hosts Salman Khan, Ranveer Singh

11 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) की तीसरी एनिवर्सरी पर एक इवेंट आयोजित किया गया। यह इवेंट मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने होस्ट किया। सलमान खान, रणवीर सिंह, संजय दत्त, शहीद कपूर जैसे कई सेलेब्स इवेंट में शामिल हुए। इवेंट को लेकर नीता अंबानी ने कहा कि NMACC की शुरुआत के समय उन्होंने भारत की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने और दुनिया की कला को भारत लाने का लक्ष्य रखा था, और संस्था उसी दिशा में काम कर रही है। देखें इवेंट की तस्वीरें- मुकेश और नीता अंबानी ने उद्धव ठाकरे और उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे के साथ पोज दिया। ईशा अंबानी इवेंट में व्हाइट एथनिक आउटफिट में नजर आईं। सलमान खान ब्राउन सूट में नजर आए। उन्होंने लाइट ब्लू शर्ट के साथ सूट पेयर किया था। इवेंट में रणवीर सिंह ने ब्लैक इंडो-वेस्टर्न सूट पहना था। इस आउटफिट में हाई नेक डिजाइन और फ्रंट में मेटल बटन डिटेलिंग दिखी। NMACC की शुरुआत 2023 में हुई थी बता दें कि NMACC की शुरुआत नीता अंबानी ने भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी। यह सेंटर मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में जियो वर्ल्ड सेंटर के अंदर स्थित है। इस सेंटर का उद्घाटन 31 मार्च 2023 को हुआ था। यह तीन दिन का बड़ा लॉन्च इवेंट था, जो 2 अप्रैल तक चला। इसमें रजनीकांत, शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा के साथ टॉम हॉलैंड और जेंडाया जैसे इंटरनेशनल स्टार्स भी शामिल हुए थे। NMACC को 3 अप्रैल 2023 से आम जनता के लिए खोल दिया गया। यहां शुरुआत में ‘द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल: सिविलाइजेशन टू नेशन’, ‘इंडिया इन फैशन’ और ‘संगम’ जैसे बड़े शो हुए हैं। यह सेंटर परफॉर्मिंग आर्ट्स, विजुअल आर्ट्स और ट्रेडिशनल क्राफ्ट्स के लिए अलग-अलग स्पेस उपलब्ध कराता है। यहां का ग्रैंड थिएटर बड़े शो और नाटकों के लिए जाना जाता है, जबकि आर्ट हाउस में भारतीय और इंटरनेशनल कलाकारों की प्रदर्शनियां लगती हैं। ‘स्वदेश’ सेक्शन में भारतीय हस्तशिल्प को प्रमोट किया जाता है। पिछले तीन सालों में यहां 3,500 से ज्यादा शो हुए हैं और 10,500 से अधिक कलाकार हिस्सा ले चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गंभीर बीमारियों को रखना है दूर तो सुबह-सुबह करें ‘बॉक्स ब्रीदिंग’! जानें 4-4-4-4 तकनीक के फायदे और अभ्‍यास का तरीका

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Last Updated:April 04, 2026, 09:17 IST Box Breathing Technique Benefits: बॉक्स ब्रीदिंग सिर्फ एक एक्सरसाइज नहीं, बल्कि स्वस्थ रहने का एक शक्तिशाली टूल है. अगर आप भी भयंकर बीमारियों को खुद से दूर रखना चाहते हैं और मानसिक शांति पाना चाहते हैं, तो कल सुबह से ही 5 मिनट ‘बॉक्स ब्रीदिंग’ के लिए जरूर निकालें! बॉक्स ब्रीदिंग एक डीप ब्रीदिंग तकनीक है जो तनाव, एंग्जायटी, हाई ब्लड प्रेशर और अनिद्रा में मदद करती है, फोकस बढ़ाती है, सुबह कुछ मिनट अभ्यास की सलाह दी गई है. इस तकनीक को शुरू करने के लिए किसी शांत जगह पर सीधे बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. Box Breathing Technique Step By Step: आज हर दूसरा इंसान किसी न किसी रूप में शारीरिक ही नहीं, मानसिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन के करीब जा रहा है.  शरीर को फिट रखने के लिए लोग जिम तो जाते हैं, डाइट भी कंट्रोल करते हैं, लेकिन सेहत है कि बेहतर होती ही नहीं. एक्‍सपर्ट के मुताबिक, अगर आप अपनी सांसों पर ध्यान दें तो शरीर की कई परेशानियों को दूर रखा जा सकता है. क्या आप जानते हैं कि सांस लेने का एक खास तरीका आपकी पूरी सेहत को बदल सकता है? जी हां, इसे ‘बॉक्स ब्रीदिंग’ (Box Breathing) या ‘स्क्वायर ब्रीदिंग’ कहते हैं. नेवी सील्स से लेकर बड़े एथलीट्स तक इसका इस्तेमाल अपना फोकस बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए करते हैं. आइए जानते हैं क्या है यह तकनीक और सुबह के समय इसे करना क्यों जरूरी है. क्या है बॉक्स ब्रीदिंग तकनीक?बॉक्स ब्रीदिंग डीप ब्रीदिंग यानी गहरी सांस लेने की प्रक्रिया है जिसमें चार मुख्य स्‍टेप होते हैं- सांस लेना, रोकना, छोड़ना और फिर से रोकना. क्योंकि इसमें हर चरण का समय बराबर (4 सेकंड) होता है, इसलिए इसे ‘स्क्वायर’ या ‘बॉक्स’ ब्रीदिंग कहा जाता है. हेल्‍थलाइन के मुताबिक, यह तकनीक हमारे ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम को रेगुलेट करने में मदद करती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बॉक्स ब्रीदिंग के फायदे (Benefits)- 1.तनाव और चिंता से मुक्ति: यह तकनीक दिमाग को तुरंत शांत करती है और एंग्जायटी या पैनिक अटैक की स्थिति में रामबाण की तरह काम करती है.2.ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण: गहरी सांस लेने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कम होता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है.3.फेफड़ों की सेहत: विशेष रूप से COPD (फेफड़ों की बीमारी) से जूझ रहे लोगों के लिए यह बहुत प्रभावी है. एक रिसर्च के अनुसार, ब्रीदिंग फ्रीक्वेंसी सुधारने में यह 99.2% तक असरदार पाई गई है.4.बेहतर एकाग्रता (Focus): सुबह इसे करने से दिमाग फ्रेश रहता है और आप पूरे दिन बेहतर तरीके से फोकस कर पाते हैं.5.नींद में सुधार: जिन्हें अनिद्रा (Insomnia) की शिकायत है, उनके लिए बॉक्स ब्रीदिंग गहरी और सुकून भरी नींद लाने में मदद करती है. कैसे करें बॉक्स ब्रीदिंग? (Step-by-Step Guide)-इस तकनीक को शुरू करने के लिए किसी शांत जगह पर सीधे बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. Step 1: धीरे से सांस छोड़ें (Exhale) – अपने मुंह से धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर निकालें और फेफड़ों को खाली करें. Step 2: धीरे से सांस लें (Inhale) – अब नाक से धीरे-धीरे 4 सेकंड तक गहरी सांस लें. महसूस करें कि हवा आपके फेफड़ों और पेट तक जा रही है. Step 3: सांस रोकें (Hold) – अब 4 सेकंड के लिए अपनी सांस को अंदर ही रोक कर रखें. Step 4: फिर से सांस छोड़ें (Exhale) – अब धीरे-धीरे 4 सेकंड में मुंह से पूरी सांस बाहर निकालें. Step 5: दोबारा सांस रोकें (Hold) – खाली फेफड़ों के साथ 4 सेकंड के लिए फिर रुकें. इसके बाद दोबारा यही प्रक्रिया दोहराएं. प्रो-टिप: शुरुआती तौर पर इसे एक बार में 4 बार दोहराएं. दिन में दो से तीन बार इसका अभ्यास आपकी सेहत में बड़ा बदलाव ला सकता है. View this post on Instagram

बाजार से खीरा खरीदते वक्त खा जाते हैं धोखा, तो इन तरीकों से पहचानें मीठा और ताजा खीरा

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Last Updated:April 04, 2026, 09:14 IST गर्मी में ठंडक देने वाला खीरा अगर कड़वा निकल जाए, तो सारा मजा खराब हो जाता है. बाहर से ताजा दिखने वाला खीरा अंदर से कड़वा हो सकता है, लेकिन कुछ आसान तरीकों से आप मीठे और स्वादिष्ट खीरे की सही पहचान कर सकते हैं. आइए जानते हैं खीरा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. आजकल तो बाजार में खीरा सालभर मिल रहा है, लेकिन इसका असली स्वाद गर्मी और बरसात में ही आता है. फिलहाल गर्मी चल रही है और बाजार में खीरा खूब मिल रहा है, इस समय खीरा खाने का अलग ही मजा है. आधुनिक खेती ने इसकी उपलब्धता भी बढ़ा दी है, फिर भी सही मौसम का खीरा ज्यादा ताजा और स्वादिष्ट होता है. सही समय पर खरीदा गया खीरा खाने का मजा भी दोगुना कर देता है. खीरा न केवल स्वाद देता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है. यह वजन घटाने वालों के लिए तो एक शानदार विकल्प है. खीरा हल्का और ताजा शरीर को ठंडक देता है और पाचन में भी मदद करता है. यह शरीर को कई फायदे देता है. श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के HOD प्रो. अशोक कुमार सिंह के मुताबिक, बाजार में अगर आप खीरा खरीदने जा रहे हैं, तो खीरे को हल्के से दबाकर जरूर देखें. अगर खीरा नरम या दबा हुआ लगे, तो समझ लें कि वह बासी या खराब हो सकता है. ताजा खीरा हमेशा सख्त और टाइट होता है, जो अंदर से भी अच्छा और मीठा रहता हैं. Add News18 as Preferred Source on Google हां अच्छे खीरे की पहचान उसके रंग और बनावट से भी की जाती है. अगर खीरे के ऊपरी हिस्से में हल्का सफेद या पीला रंग दिखे और छोटे-छोटे कांटे हों, तो यह ताजगी का संकेत होता है. अच्छे खीरे की निशानी गहरा हरा रंग और चिकनी सतह भी मानी जाती है. खरीददारी के समय अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो सही और बेकार का मिनटों में पहचान किया जा सकता है. जो खीरा मध्यम आकार और सीधा होता है, वह आमतौर पर ज्यादा स्वादिष्ट होता है. अगर बहुत लंबा, मुड़ा हुआ या असामान्य आकार हो , तो वह खीरा कड़वा निकल सकता है. देसी खीरा, जिसमें हल्का पीलापन और गहरा रंग होता है, अक्सर ज्यादा मीठा और रसदार होता है. हर समय बाजार में सावधान रहे, वरना धोखा खाना आम है. अगर गलती से कड़वा खीरा आ जाए, तो परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके ऊपरी हिस्से को काटकर नमक लगाकर रगड़ें और निकलने वाले झाग को हटा दें. यह तरीका कड़वाहट को काफी हद तक कम कर देता है, जिससे खीरा खाने लायक बन सकता हैं. हालांकि, यह विधि हर खीरा में करना चाहिए. यह एक पारंपरिक उपाय भी है. उक्त उपाय अपनाकर आप भी कड़वे और स्वादिष्ट खीरा की पहचान वो भी आसानी से कर सकते हैं. हालांकि, खीरा सुबह या दोपहर में खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन भी बेहतर होता है. सही खीरे का चयन और सही समय पर खाकर आप इसके स्वाद और सेहत दोनों का पूरा लाभ ले सकते हैं. First Published : April 04, 2026, 09:14 IST

Yuvraj Singh Alleges No Clarity from Kohli, Coach; Dhoni Advised Retirement

Yuvraj Singh Alleges No Clarity from Kohli, Coach; Dhoni Advised Retirement

Hindi News Sports Yuvraj Singh Alleges No Clarity From Kohli, Coach; Dhoni Advised Retirement 3 मिनट पहले कॉपी लिंक युवराज सिंह ने 10 जून, 2019 को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। तस्वीर उसी वक्त की है। 2011 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि धोनी से पता चला कि अब चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही युवराज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया। युवराज ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें सन्यास का ऐलान किया था। युवराज ने कहा कि टीम मैनेजमेंट और तत्कालीन कप्तान विराट कोहली पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि टीम से बाहर किए जाने पर उन्हें किसी तरह की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। धोनी ने फोन पर सच्चाई बता्ई स्पोर्ट्स तक से बातचीत में युवराज सिंह ने कहा कि 36-37 साल की उम्र में जब वे टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे, तब न तो नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA), न ही कप्तान विराट कोहली और न ही कोच रवि शास्त्री ने उनसे सीधे बात की। युवराज ने कहा,’उस समय मुझे लगा कि मैं बीच में फंस गया हूं। मैंने देश के लिए इतना क्रिकेट खेला, तो कम से कम थोड़ी इज्जत और साफ बात तो बनती थी, लेकिन मुझे कुछ भी साफ नहीं बताया गया।’ धोनी ने फोन पर बताया था कड़वा सच युवराज ने कहा कि उन्हें कहीं से कोई जवाब नहीं मिल रहा था, तब उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को फोन किया। धोनी उस समय कप्तान नहीं थे, लेकिन वे पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए थे। युवराज के मुताबिक,’धोनी ने मुझे सही नजरिया दिया। उन्होंने साफ कहा कि सिलेक्टर्स अब आगे की तरफ देख रहे हैं और मैं उनकी योजनाओं का हिस्सा नहीं हूं। धोनी की इस बात ने मुझे वह स्पष्टता दी जो मैनेजमेंट नहीं दे पा रहा था।’ फिटनेस के नाम पर रिटायरमेंट के लिए दबाव बनाया गया युवराज ने यह भी आरोप लगाया कि मैनेजमेंट ने उन्हें संन्यास लेने के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी। उनसे कहा गया था कि वे अब फिटनेस टेस्ट (यो-यो टेस्ट) पास नहीं कर पाएंगे, इसलिए उन्हें खेल को अलविदा कह देना चाहिए। इस पर उन्होंने साफ जवाब दिया कि रिटायर होना उनका फैसला होगा, जबकि टीम में खिलाना या नहीं खिलाना मैनेजमेंट का निर्णय है। युवराज पर्सनल टिप्पणियों के चलते कमेंट्री से दूरी बनाए हुए हैं युवराज ने बताया कि वे अब तक कमेंट्री से दूर क्यों रहे। उन्होंने साफ कहा कि वे उन लोगों के साथ बैठकर काम नहीं करना चाहते, जिन्होंने उनके बारे में निजी (पर्सनल) टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा,’अब जब मैं रिटायर हो चुका हूं, तो इस बारे में खुलकर बोल सकता हूं। असली वजह ये है कि कुछ लोगों ने मेरे खेल पर नहीं, बल्कि मुझ पर पर्सनल कमेंट किए थे। खेल की बात समझ में आती है, लेकिन पर्सनल बातें आप कभी नहीं भूलते।’ उन्होंने आगे कहा,’मैं उन लोगों के साथ बैठकर काम नहीं करना चाहता जिन्होंने मेरे बारे में पर्सनल बातें कीं। यही वजह है कि मैं कमेंट्री नहीं करना चाहता। कमेंट्री एक अच्छा प्लेटफॉर्म है, जहां खेल के बारे में बात होती है, लेकिन यही मेरी सबसे बड़ी वजह है।’ 19 साल का शानदार करियर और दो वर्ल्ड कप जीत युवराज सिंह ने साल 2000 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी और जून 2019 में संन्यास लिया। उन्होंने भारत के लिए 304 वनडे, 58 टी-20 और 40 टेस्ट मैच खेले, जिनमें कुल 11,000 से ज्यादा रन बनाए। वे 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाले टीम के सदस्य रहे। 2011 वनडे वर्ल्ड कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज वनडे वर्ल्ड कप 2011 में युवराज सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता था। उन्होंने 8 पारियों में 90.50 की औसत से कुल 362 रन बनाए थे, जिसमें चार अर्धशतक और एक शतक शामिल था। उन्होंने टूर्नामेंट में 15 विकेट भी झटके थे। युवराज टूर्नामेंट में चार बार प्लेयर ऑफ द मैच बने और अंत में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। टूर्नामेंट के बाद युवराज को कैंसर होने का पता चला, जिसके बाद उनका इलाज चला। इसके बाद वे एक साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहे। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्होंने सितंबर 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। युवराज के नाम भारत के लिए टी-20 में सबसे तेज अर्धशतक 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। युवराज सिंह ने इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर में छह छक्के लगाकर इतिहास रच दिया था। उन्होंने इसी मैच में महज 12 गेंदों में अर्धशतक जड़कर एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया।यह आज भी भारत की ओर से टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड है। आउट होने से पहले युवराज ने 16 गेंदों में 58 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। वर्ल्ड कप 2011 के बाद सिर्फ एक शतक लगा सके थे युवी युवराज ने कैंसर का इलाज कराने के बाद 2012 में वापसी की, लेकिन उनके खेल में पहले जैसी चमक नहीं रही। युवी ने वर्ल्ड कप 2011 के बाद खेले 30 वनडे में 27.08 की औसत 650 रन बनाए। इसमें सिर्फ एक शतक था। इसी दौरान उन्होंने 35 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 25.41 की औसत से 610 रन बनाए। अपने इंटरनेशनल करियर में 148 विकेट लेने वाले युवी ने अप्रैल 2011 के बाद भारत के लिए सिर्फ 22 विकेट झटके। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL-2026 का पहला डबल हेडर आज:पहले मैच में दिल्ली का सामना मुंबई से, MI से जुड़े कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर IPL में 19वें सीजन का पहला डबल हेडर आज खेला जाएगा। पहला मैच दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच अरुण जेटली स्टेडियम में दोपहर 3.30 बजे से होगा, जिसका टॉस 3 बजे होना है। पूरी खबर IPL में आज का दूसरा मुकाबला GT Vs RR:वैभव के सामने रबाडा-सिराज की चुनौती; गुजरात ने राजस्थान के सामने 6

कभी खाया है गेहूं का होला? फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर, वेट लॉस में भी करता जबरदस्त काम

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Last Updated:April 04, 2026, 08:25 IST Gehu Hola ke Fayde: छतरपुर में गेहूं का होला खाने की परंपरा हिंदू नववर्ष से जुड़ी हुई है और इसे खास महत्व दिया जाता है. गेहूं की हरी बालियों को भूनकर तैयार किया गया होला स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और पाचन को बेहतर बनाते हैं. गांवों में इसे गुड़, मिर्च और आंवले के साथ खाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है. जानिए इस देसी सुपरफूड के फायदे और क्यों आज भी यह परंपरा लोगों के दिलों में जिंदा है. Gehu Hola Health Benefits: छतरपुर जिले में गेहूं का होला सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि एक परंपरा और सेहत का अनोखा संगम है. जैसे ही चैत्र मास में हिंदू नववर्ष शुरू होता है, गांवों में खेतों से ताजा गेहूं लाकर उसकी बालियों को भूनकर खाने की परंपरा निभाई जाती है. यह सालों पुरानी परंपरा आज भी उतनी ही उत्साह के साथ निभाई जाती है. क्या होता है गेहूं का होला?गेहूं की हरी बालियों को आग में हल्का भूनकर जो दाने निकाले जाते हैं, उन्हें ही “होला” कहा जाता है. खास बात यह है कि बाली पूरी तरह पकी नहीं होती, अंदर का दाना हल्का हरा और नरम रहता है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है. स्वाद में देसी ट्विस्टगांवों में इसे आंवला, मिर्च या खासतौर पर गुड़ के साथ खाया जाता है. गुड़ के साथ इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है मीठा, हल्का कुरकुरा और देसी फ्लेवर से भरपूर. यही वजह है कि लोग हर साल इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं. सेहत के लिए क्यों फायदेमंद?गेहूं का होला पोषण से भरपूर होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यह पाचन को बेहतर बनाता है, शरीर को ऊर्जा देता है और वजन कंट्रोल करने में भी मददगार माना जाता है. यानी स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल. इससे बनते हैं कई देसी व्यंजनसिर्फ होला ही नहीं, बल्कि गेहूं की बालियों से हलवा, पुआ और लपसी जैसे कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. गांव के लोगों के लिए यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि बचपन की यादों और खुशी का हिस्सा है. पुराने दिनों की यादेंपहले जब मशीनें नहीं थीं, तब गेहूं को खेत से घर लाने में महीनों लग जाते थे. कटाई, मड़ाई और सफाई की लंबी प्रक्रिया के कारण लोग पहले ही बालियां तोड़कर ले आते थे और उनसे होला बनाकर खाते थे. यही परंपरा आज भी जारी है. About the Author Shweta Singh Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 04, 2026, 08:25 IST

Immunity Badhane Ke Liye Kya Khaye: बार-बार बीमार पड़ते हैं? जानिए इम्यूनिटी मजबूत करने के आसान और असरदार घरेलू उपाय

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Immunity Badhane Ke Liye Kya Khaye: आज के समय में हर कोई फिट और बीमारियों से दूर रहना चाहता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की आदतें हमारी इम्यूनिटी को कमजोर कर देती हैं. कई बार हम छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे सही खाना, समय पर नींद और संतुलित डाइट. नतीजा यह होता है कि सर्दी-खांसी, वायरल या थकान जल्दी पकड़ लेती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या खाया जाए? अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको महंगे सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं, बल्कि घर की रसोई में ही कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बना सकती हैं, अगर सही चीजों को रोज की डाइट में शामिल कर लिया जाए तो फर्क कुछ ही दिनों में महसूस होने लगता है. इम्यूनिटी के लिए सही खानपान क्यों जरूरी हैहम जो भी खाते हैं, वही हमारे शरीर की ताकत तय करता है, अगर खाना पोषक तत्वों से भरपूर है, तो शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में ज्यादा सक्षम बनता है, लेकिन अगर डाइट में जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजें ज्यादा हैं, तो इम्यून सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है. यही वजह है कि डॉक्टर हमेशा संतुलित आहार पर जोर देते हैं. रोज खाएं ये 7 चीजेंइम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कुछ चीजें बेहद असरदार मानी जाती हैं. इन्हें अपनी रोज की डाइट में शामिल करना आसान भी है और फायदेमंद भी. 1. आंवलाआंवला विटामिन C का अच्छा सोर्स है. इसे कच्चा, जूस या मुरब्बे के रूप में लिया जा सकता है. कई लोग सुबह खाली पेट आंवला जूस पीते हैं, जिससे शरीर को ताजगी मिलती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 2. हल्दी वाला दूधहल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीने से शरीर अंदर से मजबूत होता है. 3. अदरक और लहसुनअदरक और लहसुन दोनों ही इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. इन्हें सब्जी, चाय या काढ़े में शामिल करना आसान है. ठंड के मौसम में तो ये खास तौर पर फायदेमंद होते हैं. 4. हरी सब्जियांपालक, मेथी, ब्रोकोली जैसी हरी सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देती हैं. इन्हें हफ्ते में कम से कम 3-4 बार जरूर खाएं. 5. फलसंतरा, सेब, पपीता जैसे फल इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. कोशिश करें कि रोज कम से कम एक फल जरूर खाएं. 6. दहीदही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट को स्वस्थ रखते हैं. जब पाचन सही रहता है, तो इम्यून सिस्टम भी बेहतर काम करता है. 7. ड्राई फ्रूट्सबादाम, अखरोट और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और कमजोरी दूर करते हैं. असली जिंदगी से एक उदाहरणअक्सर देखा गया है कि जो लोग घर का सादा खाना खाते हैं, वे कम बीमार पड़ते हैं. वहीं, जो लोग बाहर का तला-भुना खाना ज्यादा खाते हैं, उन्हें जल्दी सर्दी-खांसी हो जाती है. उदाहरण के तौर पर, कई लोग सुबह की शुरुआत चाय और बिस्किट से करते हैं, जबकि अगर उसी समय फल या आंवला लिया जाए तो शरीर को ज्यादा फायदा मिलता है. क्या नहीं खाना चाहिएइम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सिर्फ अच्छा खाना ही नहीं, बल्कि गलत चीजों से दूरी बनाना भी जरूरी है. ज्यादा तला-भुना, मीठा और पैकेज्ड फूड शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड से जितना दूर रहें, उतना बेहतर है. छोटी आदतें जो बड़ा फर्क लाती हैंसिर्फ खानपान ही नहीं, कुछ छोटी आदतें भी इम्यूनिटी को बेहतर बनाती हैं. जैसे सुबह हल्का व्यायाम, पर्याप्त नींद और दिनभर में पर्याप्त पानी पीना. ये सब मिलकर शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. अंत में, इम्यूनिटी बढ़ाना कोई एक दिन का काम नहीं है. यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें सही खानपान और अच्छी आदतें दोनों शामिल होती हैं, अगर आप रोज थोड़ा ध्यान देंगे, तो शरीर खुद ही आपको धन्यवाद देगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

‘सार्वजनिक मुद्दे उठाए’: AAP की राज्यसभा में हार के बाद बीजेपी राघव चड्ढा की तारीफ क्यों कर रही है | राजनीति समाचार

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 08:02 IST आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद और कभी अरविंद केजरीवाल के चहेते राघव चड्ढा अपने साथी पार्टी नेताओं के निशाने पर आ गए, जिन्होंने उन पर “पीएम मोदी से डरने” का आरोप लगाया। आप सांसद राघव चड्ढा (छवि क्रेडिट: पीटीआई) आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद और कभी अरविंद केजरीवाल के चहेते राघव चड्ढा अपने साथी पार्टी नेताओं के निशाने पर आ गए, जिन्होंने उन पर “प्रधानमंत्री मोदी से डरने” और पार्टी की नीतियों के अनुरूप काम नहीं करने का आरोप लगाया। राज्यसभा सांसद चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से हटा दिया गया। हालांकि, पार्टी के साथ उनकी अनबन की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही थीं। द रीज़न? पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों में उनकी अनुपस्थिति ने आप में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज कर दी थी। ‘चुप हूं, हारा नहीं’ राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने पार्टी पर संसद में सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए उन्हें “खामोश” करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, “पार्टी ने औपचारिक रूप से राज्यसभा सचिवालय से उन्हें आप कोटे के तहत बोलने से रोकने का अनुरोध किया है। क्या लोगों के लिए बोलना गलत है? मैं यह इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि मेरी अपनी पार्टी ने अब औपचारिक रूप से राज्यसभा सचिवालय से मुझे बोलने से रोकने का अनुरोध किया है।” खामोश हूं, हारा नहीं’आम आदमी’ को मेरा संदेश- खामोश हो गया हूं, हारा नहीं हूं ‘मैं आदमी हूं’ को मेरा मैसेज pic.twitter.com/poUwxsu0S3 – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 3 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “इन चर्चाओं से जनता को मदद मिली, लेकिन उन्होंने आम आदमी पार्टी को कैसे परेशान किया? मैं चुप हूं, हारा नहीं।” बीजेपी ने किया चड्ढा का समर्थन दरार अब आंतरिक नहीं है, क्योंकि इस कदम पर प्रतिक्रिया के बाद AAP नेताओं ने राघव चड्ढा पर हमला बोल दिया। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने कहा कि चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और प्रधानमंत्री के संसद संबोधन के लिए तब भी बैठे रहे जब पार्टी के अन्य सदस्यों ने वाकआउट किया। उन्होंने कहा, “क्या संसद साहब ने गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सैकड़ों आप कार्यकर्ताओं के लिए बात की थी? जब आप सांसद वॉकआउट करेंगे तो वह संसद में मौजूद रहेंगे।” जहां आप नेताओं ने चड्ढा पर हमले जारी रखे, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनके समर्थन में उतर आई। उन्होंने संसद में सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के लिए नेता की सराहना की और आप सुप्रीमो केजरीवाल पर “लोगों का इस्तेमाल करने और उनसे छुटकारा पाने” का आरोप लगाया। दिल्ली बीजेपी प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया, “केजरीवाल दूसरों की क्षमता से भयभीत हैं।” सचदेवा ने कहा, “राघव चड्ढा को बहुत पहले ही अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए थी; अरविंद केजरीवाल के पास एक प्रतिभा है, पहले वह लोगों का इस्तेमाल करते हैं और फिर उनसे छुटकारा पा लेते हैं।” वीडियो | दिल्ली: “राघव चड्ढा को बहुत पहले ही अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए थी; अरविंद केजरीवाल के पास एक प्रतिभा है, पहले वह लोगों का इस्तेमाल करते हैं और फिर उनसे छुटकारा पा लेते हैं”, चड्ढा की एक्स पोस्ट पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा कहते हैं। (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/rc0XoepDjD – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 3 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाना उनकी पार्टी द्वारा लिया गया निर्णय है और सभी दल इस तरह के निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, आपत्ति राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अनुरोध करने पर है कि राघव चड्ढा को बोलने की अनुमति नहीं दी जाए। अरविंद केजरीवाल एक डरे हुए, कमजोर आदमी हैं; वह विपक्ष को नापसंद करते हैं और दूसरों की क्षमता से भयभीत हैं।” भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए चड्ढा की सराहना की और उन्हें संसद में बोलने से रोकने के लिए केजरीवाल की आलोचना की। उन्होंने कहा, “जब मैं दिल्ली विधानसभा में विपक्ष का नेता था, तब राघव चड्ढा वहां विधायक थे। वह अच्छा बोलते थे और उन्हें सुनना अच्छा लगता था। बाद में वह राज्यसभा चले गए, जहां उन्होंने जनता के मुद्दे उठाना जारी रखा। यह मेरी समझ से परे है कि अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा पर बोलने पर प्रतिबंध क्यों लगाया है।” वीडियो | AAP द्वारा पार्टी सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाने पर बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी का कहना है, “जब मैं दिल्ली विधानसभा में विपक्ष का नेता था, तब राघव चड्ढा वहां विधायक थे. वह अच्छा बोलते थे और उन्हें सुनना अच्छा लगता था. बाद में वह चले गए… pic.twitter.com/00chN706bu– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 2 अप्रैल 2026 बिधूड़ी ने कहा, “अगर एक वरिष्ठ सदस्य और सांसद को बोलने से रोका जा रहा है, तो मेरा मानना ​​है कि यह लोकतंत्र को पूरी तरह से कमजोर करने जैसा है। अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी नेतृत्व को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।” न्यूज़ 18 ने भी कवर किया: प्रमुख कार्यक्रमों से राघव चड्ढा की अनुपस्थिति ने दरार की अटकलों को हवा दी बीजेपी क्यों कर रही है चड्ढा का समर्थन? राज्यसभा में राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने के आप के फैसले के बाद, भाजपा आप के भीतर बढ़ती आंतरिक दरार को उजागर करने के लिए सांसद की प्रशंसा कर रही है। सूत्रों का कहना है कि चड्ढा आने वाले महीनों में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, राज्यसभा में उनकी जगह लेने वाले आप के अशोक मित्तल ने दावों का खंडन किया। पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद, चड्ढा को अप्रैल 2022 में पंजाब विधान सभा द्वारा चुना गया था, उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 में समाप्त होगा। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 08:00 IST समाचार राजनीति ‘सार्वजनिक मुद्दे उठाए’: AAP की राज्यसभा में हार के बाद बीजेपी राघव चड्ढा की तारीफ क्यों कर रही है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक