टीटीई ने अकेले एक करोड़ वसूले:खंडवा स्टेशन पर टिकट चेकिंग का रिकॉर्ड; यात्रियों पर 10 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगा

पश्चिम मध्य रेलवे के खंडवा जंक्शन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में टिकट जांच अभियान के दौरान उप मुख्य टिकट निरीक्षक (TTE) धर्मेंद्र मीणा ने अकेले 16,500 बिना टिकट यात्रियों से 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है। इस वसूली के साथ वे खंडवा रेलवे के इतिहास में एक साल में एक करोड़ से अधिक का राजस्व वसूलने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में खंडवा स्टेशन के सभी जांच कर्मचारियों ने मिलकर कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए और भुसावल मंडल ने 81 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड वसूली की है। रेलवे प्रशासन बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रखे हुए है। खंडवा के इतिहास में पहली बार 1 करोड़ के पार वसूली उप मुख्य टिकट निरीक्षक धर्मेंद्र मीणा ने पूरे साल में करीब 16,500 बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे एक वित्तीय साल में 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए की वसूली करने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। रेलवे प्रशासन ने उनकी इस सफलता को अनुशासन और सख्ती का प्रभावी उदाहरण माना है। कर्मचारियों के लगातार अभियान से रेलवे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खंडवा स्टेशन की कुल वसूली 10.35 करोड़ खंडवा स्टेशन पर तैनात सभी टिकट जांच कर्मचारियों ने मिलकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए की वसूली की। पिछले सालों की तुलना में यह आंकड़ा काफी अधिक है। अन्य टीटीई द्वारा की गई वसूली इस प्रकार है: 81 करोड़ वसूलकर भुसावल मंडल मध्य रेल में प्रथम खंडवा स्टेशन जिस भुसावल मंडल के अंतर्गत आता है, उसने भी वित्तीय साल 2025-26 में बिना टिकट यात्रियों से कुल 81 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया है। यह वसूली मध्य रेल के सभी मंडलों में सर्वाधिक है। इसी के साथ भुसावल मंडल बिना टिकट यात्रियों से जुर्माना वसूलने के मामले में प्रथम स्थान पर रहा है। डीआरएम बोले- आगे भी तेज किए जाएंगे अभियान भुसावल रेल मंडल के डीआरएम पुनीत अग्रवाल ने कहा कि, “नियमित चेकिंग अभियान, स्टाफ की सक्रियता और यात्रियों में जागरूकता के कारण यह संभव हो पाया है। आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि बिना टिकट यात्रा पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।”
RPSC SI Recruitment Exam Starts April 5

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से एसआई भर्ती परीक्षा-2025 कल से शुरू होगी। दो पारियों में दो दिन ये एग्जाम होंगे। करीब 7.70 लाख अभ्यर्थियों के लिए प्रदेश के 41 शहरों में 1174 केंद्र बनाए जा चुके हैं। भर्ती 1015 पदों के लिए है। इसके लिए सभी तैयार . गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एसआई भर्ती/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा- 2021 की भर्ती में भाग ले चुके अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी थी और उन्हें अस्थायी तौर पर 5 व 6 अप्रैल को होने वाली भर्ती परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की विशेष बैंच द्वारा एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के सभी अभ्यर्थियों के स्थान पर मात्र कोर्ट के समक्ष इसके लिए प्रार्थना-पत्र दायर करने वाले अभ्यर्थी तक ही सम्मिलित करने के आदेश किए। बता दें कि एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स को लेकर चर्चा में रही और बाद में इस भर्ती को रद्द कर दिया गया। हाफ बाजू शर्ट व चप्पल में मिलेगी एंट्री पुरुष अभ्यर्थी को आधी आस्तीन (हाफ स्लीव) की शर्ट/टी-शर्ट/कुर्ता, पेंट-पायजामा और हवाई चप्पल/स्लीपर में ही आना होगा। महिला अभ्यर्थी को सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता/ब्लाउज और हवाई चप्पल पहनकर आना होगा। बालों में साधारण रबर बैंड की अनुमति है। लाख या कांच की पतली चूड़ियों के अलावा किसी भी प्रकार के आभूषण पर रोक। सिख अभ्यर्थी: कड़ा, कृपाण और पगड़ी जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। ये बैन -जूते-मोजे, आभूषण, घड़ी, धूप का चश्मा, बेल्ट, हैंड बैग, हेयर पिन, गंडा/ताबीज, कैप/हैट, स्कार्फ, स्टॉल, शॉल और मफलर जैसी चीजें। एसओजी की आमजन से अपील किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी वाट्सएप नंबर 9530429258 पर तुरंत दें। नकल और पेपर लीक रोकने के लिए एसओजी द्वारा सूचना देने वाले को 1 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा अभ्यर्थी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0145-2635200, 0145- 2635212 प्रवेश पत्र ऐसे करें डाउनलोड आयोग सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार- परीक्षा में हर प्रश्न पत्र के लिए OMR आंसरशीट के पांचवें विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का एक्स्ट्रा समय भी दिया जाएगा। एक घंटे पहले मिलेगी सेंटर पर एंट्री केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित हों। सुरक्षा जांच और पहचान कार्य समय पर पूरा हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। आरपीएससी ने कहा- अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर के बहकावे में न आएं। ये बातें ध्यान रखनी होंगी अभ्यर्थी मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लेकर जाएं। अगर आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएं- वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस (सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए)। एडमिट कार्ड पर भी लेटेस्ट कलर फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। बहकावें में नहीं आएं, करें सूचना RPSC ने कहा- आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने एवं अनुचित कृत्यों में शामिल होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दंडित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। ……… पढें ये खबर भी… SI भर्ती परीक्षा- ओवरएज 713 अभ्यर्थी ही हो सकेंगे शामिल:सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश को किया संशोधित, कहा- याचिकाकर्ता तक ही सीमित रहेगा एसआई भर्ती-2025 की परीक्षा से दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने आरपीएससी को राहत दी है। शुक्रवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की स्पेशल वेकेशन बेंच ने पहले के आदेश में संशोधन करते हुए ओवरएज अभ्यर्थियों को दी गई राहत के दायरे सीमित कर दिया। पूरी खबर पढें SI भर्ती-2025 के एग्जाम से पहले सुप्रीम-कोर्ट का बड़ा आदेश:2021 की भर्ती के ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल करने के लिए कहा SI भर्ती-2025 की परीक्षा से 3 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आयु सीमा में छूट मांग रहे 2021 की भर्ती के अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बैंच ने SI भर्ती-2021 के सभी अभ्यर्थियों को 3 दिन बाद होने वाली परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिए हैं। पूरी खबर पढें RPSC-एसआई भर्ती एग्जाम के ADMIT-CARD अपलोड:1174 सेंटर पर 5 व 6 अप्रैल को दो पारियों में होगी परीक्षा; 7.70 लाख कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से SI भर्ती एग्जाम 5 एवं 6 अप्रैल को होंगे। परीक्षा के प्रवेश पत्र वेबसाइट और SSO पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। प्रदेश के 41 चयनित शहरों में स्थापित 1174 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7.70 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। ये भर्ती 1015 पदों के लिए है। परीक्षा के जिलों की जानकारी पहले से SSO पोर्टल पर उपलब्ध है। पूरी खबर पढें ‘SI भर्ती-2025’ एग्जाम इस बार दो दिन!:पेपरलीक से बचने के लिए बड़े बदलाव; जानिए-पिछले-इस एग्जाम में क्या अंतर? राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 का एग्जाम इस बार तीन दिन के बजाय दो दिन में ही होने की संभावना है। हर दिन दो पारियों में पेपर होंगे। इस परीक्षा में करीब पौने आठ लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किए हैं। (पूरी खबर पढे़ं)
सत्तू पराठा रेसिपी: विशेष रूप से हाई प्रोटीन वाला सत्तू का पराठा, पति से लेकर बच्चों के टिफिन तक सभी के लिए परफेक्ट रेसिपी

हाई प्रोटीन रेसिपी: यदि आप खोज में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ क्लासिक भी हो, तो सत्तू का पराठा एक बेहतरीन स्थान है। यह न सिर्फ पेट भरने वाला होता है बल्कि प्रोटीन से भरपूर भी होता है, जिससे कि मिनरल एनर्जी बनी रहती है। बता दें कि इसे आप बच्चों के टिफिन से लेकर पति के आदर्श बॉक्स तक आसानी से दे सकते हैं। तो जानें सत्तू पराठा बनाने की आसान विधि- सत्तू भुने हुए चने का आटा होता है, जो बिहार और उत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और आयरन की मात्रा प्रचुर मात्रा में होती है, इसलिए यह स्वास्थ्य के लिए बहुत बढ़िया माना जाता है। सत्तू पराठा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री आटा गूंधने के लिए: स्टफिंग के लिए: सत्तू का पराठा खाने के फायदे क्या हैं? सत्तू का पराठा एक ऐसा नाश्ता है जो स्वाद, सेहत और सुविधा तीनों का प्रभावशाली संयोजन है। इसमें मौजूद प्रोटीन आपकी सेहत के लिए भी अच्छा होता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू पराठा रेसिपी(टी)सत्तू का पराठा(टी)सत्तू पराठा कैसे बनाएं(टी)घर का बना सत्तू पराठा(टी)पराठा(टी)हाई प्रोटीन रेसिपी(टी)सत्तू का पराठा कैसे बनाएं
US Israel vs Iran War Live Updates F-35 Jets Trump Netanyahu

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी C-130 हरक्यूलिस विमान पायलट की तलाश के दौरान फ्लेयर्स छोड़ते हुए। अमेरिका ईरान में गिराए गए अपने फाइटर जेट के पायलट की तलाश में लगा हुआ है। इस मिशन के लिए C-130 हरक्यूलिस जैसे बड़े विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह विमान ईरान के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए फ्लेयर्स छोड़ रहा है। विमान से फ्लेयर छोड़ने का मतलब है कि फाइटर जेट खुद को मिसाइलों से बचाने के लिए पीछे की तरफ गर्म फ्लेयर्स छोड़ते हैं। मिसाइल विमान के इंजन की गर्मी की जगह इन फ्लेयर्स को अपना टारगेट समझ लेती है और उन पर हमला कर देती है, जबकि असली विमान बच जाता है। इसी बीच इजराइल के एक अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिकी जेट के एक पायलट को ईरान के अंदर से जिंदा बचा लिया गया है। दूसरे पायलट की तलाश अभी भी जारी है। हालांकि इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट गिराया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह F-15E विमान हो सकता है। ईरान में अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर ₹55 का लाख इनाम ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपए) के इनाम का ऐलान किया है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के एक एंकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारी या सेना को सौंपे। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… ईरान ने शुक्रवार को उत्तरी इजराइल के शहर किरयात अता पर मिसाइल हमला किया, जिससे कई गाड़ियां जल गईं और आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को ईरान की एक मिसाइल तकनीकी खराबी के कारण तेहरान में गिर गई। इजराइल के पेटाह टिकवा शहर पर शुक्रवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के हमले का वीडियो। ईरान ने शुक्रवार रात इजराइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल अटैक किए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सांसद बोले- संसद की मंजूरी के बिना युद्ध फंडिंग का समर्थन नहीं अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद जॉन कर्टिस ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ ट्रम्प की कार्रवाई का समर्थन करते हैं, लेकिन आगे के सैन्य अभियानों के लिए फंडिंग तभी देंगे जब संसद औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा करे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “मैं सैन्य तैयारी बनाए रखने और हथियारों के भंडार को भरने का समर्थन करता हूं, लेकिन युद्ध घोषणा के बिना आगे के सैन्य अभियानों के लिए फंडिंग का समर्थन नहीं कर सकता।” अमेरिकी संविधान के अनुसार, युद्ध घोषित करने का अधिकार संसद के पास है। हालांकि, पिछले कई वर्षों में अमेरिकी राष्ट्रपति बिना औपचारिक घोषणा या संसद की मंजूरी के भी सैन्य कार्रवाई करते रहे हैं। 22 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी विमानों को गिराने के बाद ईरान में जश्न ईरान में अमेरिकी विमानों को गिराने के दावों के बाद सड़कों पर जश्न का माहौल देखा जा रहा है। ईरान में इन घटनाओं को लेकर काफी गर्व और उत्साह का माहौल है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे शुरुआत से ही ऐसे कदमों का वादा कर रहे थे और उनके पास ऐसी क्षमताएं हैं जो अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि आज की घटनाओं से यह साफ हो गया है। ईरान ने आगे और हमले करने की भी बात कही है और कहा है कि अमेरिका ने उनकी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की ताकत को कम आंका है। 33 मिनट पहले कॉपी लिंक इराकी समूह का दावा- अमेरिकी ठिकानों पर एक दिन में 19 हमले इराक के सशस्त्र संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले एक दिन में इराक और आसपास के क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 हमले किए हैं। समूह के अनुसार, इन हमलों में कई दर्जन ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों को लेकर अभी तक अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। 44 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइली वायुसेना ने हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर पर हमला किया इजराइल की वायुसेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के एक रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाकर हमला किया। इजराइली सेना (IDF) के अनुसार, इस लॉन्चर का इस्तेमाल कुछ ही मिनट पहले उत्तरी इजराइल पर रॉकेट दागने के लिए किया गया था। सेना ने बताया कि हमले के कुछ ही मिनटों बाद इस लॉन्चर को बमबारी कर नष्ट कर दिया गया। IDF के मुताबिक, हिजबुल्लाह की ओर से किए गए रॉकेट हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। 53 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरानी पुल पर हमले में 13 लोगों की मौत ईरान में तेहरान और कराज के बीच स्थित B1 पुल पर हुए हमले में अब मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी पर भी हवाई हमला किया गया। पिछले कुछ दिनों में कई आम नागरिकों से जुड़े संस्थानों को नुकसान पहुंचा है या वे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा, तेहरान में वैक्सीन बनाने वाले पाश्चर इंस्टीट्यूट पर भी 24 घंटे पहले हमला हुआ था। 02:35 AM4 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक ईरानी मिसाइल हमले से इजराइल के कई इलाकों में नुकसान ईरानी मिसाइल हमले के बाद इजराइल में नुकसान और अफरा-तफरी की खबरें सामने आई हैं। इजराइल की वल्ला न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेल अवीव के पास बनी ब्राक इलाके में कांच के टुकड़ों से एक व्यक्ति घायल हो गया। साथ ही, इंटरसेप्ट किए गए ईरानी मिसाइल के टुकड़े 17 अलग-अलग जगहों पर गिरे। एजेंसी ने बताया कि रोश हआयिन के एक रिहायशी इलाके में भी मिसाइल का असर हुआ, जिससे काफी नुकसान हुआ और वहां बिजली भी चली गई। वहीं, एक किंडरगार्टन (बच्चों के स्कूल) के पास भी मलबा मिला है। 02:25 AM4 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक पायलट की तलाश के लिए 2 ऑपरेशन चला रहा
Sonipat Youth Death in Netherlands Work Accident

सोनीपत5 घंटे पहले कॉपी लिंक नीदरलैंड के अस्पताल में सागर राणा चार दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा। इनसेट में सागर का फाइल फोटो। हरियाणा में सोनीपत के युवक की नीदरलैंड में मौत हो गई। परिवार ने करीब 25 लाख रुपए का कर्ज लेकर उसे दो साल पहले फ्रांस भेजा था। मगर, कुछ दिन फ्रांस में रहने के बाद युवक नीदरलैंड चला गया और काम की तलाश शुरू की। कई दिन तक रोजगार की तलाश करने के बाद उसे पेड़ काटने का काम मिला। पेड़ काटते वक्त वह गिर गया। कई दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। अब हालात ऐसे हैं कि उसका पार्थिव शरीर भी विदेश में ही फंसा हुआ है और परिवार आर्थिक तंगी के चलते उसे भारत नहीं ला पा रहा। परिजन लगातार सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि उनके बेटे का शव वतन लाने में मदद की जाए, ताकि वे अंतिम बार उसका चेहरा देख सकें और अपने हाथों से अंतिम संस्कार कर सकें। सागर राणा 24 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत से फ्रांस गया था। नीली ड्रेस में सागर अपने छोटे भाई कमल के साथ। (फाइल फोटो) पहले जानिए कैसे हुआ युवक के साथ हादसा… दो साल पहले टूरिस्ट वीजा पर गया था: सोनीपत के मोई माजरी गांव के रहने वाले कमल राणा ने बताया कि उसका बड़ा भाई सागर राणा (23) 24 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत से फ्रांस गया था। वह पेरिस में रहकर अपने लिए बेहतर अवसर तलाश रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह विदेश में कुछ कर दिखाएगा और घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। नीदरलैंड में लंबे समय तक नहीं मिला काम: परिजनों के अनुसार, फ्रांस जाने के बाद सागर जनवरी 2026 में नीदरलैंड पहुंचा। वहां करीब दो महीने तक उसे कोई काम नहीं मिला और वह लगातार रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटकता रहा। काफी संघर्ष के बाद करीब 15 दिन पहले ही उसे एक व्यक्ति के घर पर पेड़ काटने का काम मिला। 20-21 मार्च को एक घर में पेड़ काटने गया था: परिजनों के अनुसार, नीदरलैंड में पूरी मेहनत और लगन के साथ काम कर रहा था ताकि अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभा सके। 20 और 21 मार्च को छुट्टी के दौरान एक स्थानीय निवासी ने सागर को पेड़ काटने बुलाया। आरोप है कि इस दौरान उसे कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए और न ही जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। पेड़ गिरने से हुआ हादसा, सिर में लगी गंभीर चोट: परिवार के मुताबिक, कटान करते समय अचानक पेड़ उसकी ओर गिरने लगा। उस समय सागर सीढ़ी पर खड़ा था। पेड़ गिरते वक्त सीढ़ी उसमें उलझ गई, जिससे वह संतुलन खो बैठा और पीछे की ओर जमीन पर गिर पड़ा। गिरने के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट आई। नाक और कान से खून बहने लगा। चार दिन तक चलता रहा इलाज, नहीं बची जान: हादसे के तुरंत बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां वह चार दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा, लेकिन 25 मार्च को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी उसके मामा को फोन पर मिली, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया। सागर राणा का परिवार का अपना मकान जर्जर है, इसलिए परिजन काका के मकान में किराए पर रहते हैं।-फाइल फोटो ऐसे रहा युवक का सोनीपत से फ्रांस और नीदरलैंड का सफर… आर्थिक तंगी ने विदेश जाने को किया मजबूर कमल राणा ने बताया कि उनके परिवार के हालात लंबे समय से ठीक नहीं थे। परिवार के पास केवल एक बीघा जमीन है और आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। गांव में अपना मकान जर्जर हालात में है, इसलिए वे गांव में अपने चाचा के मकान में किराए पर रह रहे हैं। पिता किराए की गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जिससे घर का खर्च किसी तरह चलता है। सागर ने विदेश जाकर मेहनत करने और परिवार का कर्ज उतारने के साथ-साथ अपना खुद का मकान बनाने का सपना देखा था। सागर ने अपनी 12वीं की पढ़ाई कसांडी गांव से पूरी की थी। कर्ज लेकर भेजा था विदेश कमल राणा ने बताया कि सागर को विदेश भेजने के लिए परिवार ने करीब 20 से 25 लाख रुपए तक का कर्ज लिया था। उम्मीद थी कि सागर विदेश में कमाकर इस कर्ज को उतार देगा और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना देगा। सागर रोजाना अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों से बात करता था, लेकिन 20 मार्च को उसका फोन नहीं आया। परिवार ने उसे मैसेज भी किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उसकी मौत की खबर आई। सागर को विदेश भेजने के लिए परिवार ने करीब 20 से 25 लाख रुपए तक का कर्ज लिया था।-फाइल फोटो विदेश में फंसा पार्थिव शरीर, सरकार से मदद की गुहार वर्तमान में सागर का पार्थिव शरीर नीदरलैंड में ही है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके कारण वे खुद शव को भारत नहीं ला पा रहे हैं। परिजन लगातार सरकार और प्रशासन से मदद की अपील कर रहे हैं, ताकि सागर का अंतिम संस्कार उसके अपने देश और अपने लोगों के बीच हो सके और परिवार आखिरी बार अपने बेटे को देख सके। ————————– ये खबर भी पढ़ें…. यूक्रेन युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद के युवक की मौत:दिल्ली पहुंचा शव; 8 महीने पहले जबरन रूसी सेना में किया था भर्ती रूस की सेना में जबरन भर्ती करके यूक्रेन में युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के दो युवकों में से एक की मौत हो गई है। युवक अंकित जांगड़ा की डेडबॉडी दिल्ली पहुंच गई है। जहां परिजन डेडबॉडी लेने पहुंच गए हैं। आज (शनिवार) दोपहर बाद तक डेडबॉडी दिल्ली से गांव कुम्हारिया लाई जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
शनिवार को महाकाल के भस्म आरती दर्शन:पंचामृत अभिषेक के बाद महाकाल का दिव्य श्रृंगार, महानिर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। पण्डे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल के साथ ‘हरि ओम’ का जल अर्पित किया गया। गणेश, पार्वती और कार्तिकेय का पूजन, लगा भोग पूजन के क्रम में भगवान गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय का पूजन कर भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। कपूर आरती के बाद भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, गूंजे जयकारे भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा।
घाटमपुर बस स्टैंड पर जल मंदिर शुरू, जल संरक्षण अभियान को मिली गति

सागर | मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तहत संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम घाटमपुर में बस स्टैंड पर राहगीरों की सुविधा के लिए जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया। यह पहल नवांकुर संस्था विद्या विजय एजुकेशन सोशल वेल्फेयर सोसायटी द्वारा की गई।संभाग समन्वयक दिनेश उमरैया ने ग्राम समितियों से जल संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने जल स्रोतों की सफाई, गहरीकरण और जनजागरूकता पर जोर दिया। विकासखंड समन्वयक जय सिंह ठाकुर ने बताया कि अभियान के तहत आगे भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में सभी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर नवांकुर संस्था के कार्यक्रम समन्वयक गौरव सिंह राजपूत, चैन सिंह ठाकुर, नंदलाल पटैल, आशीष गर्ग, एमएस डब्ल्यू छात्र, समिति पदाधिकारी एवं ग्राम के प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
Israeli Tourists Seek Peace in Kasaar Devi, Uttarakhand Amidst War

कसार में ट्रेकिंग करते इजराइली टूरिस्ट और होटल में शांति से लंच करते हुए। इजराइल में जारी युद्ध और लगातार बने तनावपूर्ण हालात के बीच वहां के लोग शांति की खोज में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पहुंच रहे हैं। यहां पर स्थित कसार देवी क्षेत्र इजराइली टूरिस्टों के लिए ऐसा सुरक्षित और शांत ठिकाना बना हुआ है, जहां वे कुछ समय के लिए य . हर साल की तरह इस बार भी इजराइली पर्यटक यहां पहुंचे हैं। हालांकि इस बार उनकी संख्या पहले के मुकाबले कम है। वीकेंड के दौरान जहां पहले 250 से 300 विदेशी पर्यटक पहुंचते थे, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर करीब 100 से 120 के बीच रह गया है। इसी बीच इजराइली समुदाय का प्रमुख धार्मिक पर्व ‘पासओवर’ भी इन दिनों चल रहा है, जो 1 अप्रैल से शुरू होकर 9 अप्रैल तक मनाया जा रहा है। इस पर्व के बीच ये विदेशी मेहमान शांत वादियों के बीच अपना समय बिता रहे हैं। पर्यटकों का कहना है कि इन शांत वादियों में आकर उन्हें शांति मिली है। पहले कसार देवी क्षेत्र के बारे में जानिए… अल्मोड़ा शहर से 8 किलोमीटर दूर स्थित कसार देवी क्षेत्र लंबे समय से ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना का केंद्र रहा है। देवदार और चीड़ के जंगलों से घिरा यह इलाका शांत वातावरण और हिमालय के सुंदर दृश्यों के लिए जाना जाता है। दशकों से विदेशी पर्यटक यहां मानसिक शांति और ध्यान के लिए आते रहे हैं। साल 1850 के आसपास से ही इस क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। पहले यहां मुख्य रूप से विदेशी ही पहुंचते थे, लेकिन कोविड के बाद देश के पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। अपने मेडिटेटिव माहौल और प्राकृतिक सुंदरता के कारण हर हफ्ते यहां पर करीब सौ से सवा सौ तक विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं, इनमें से ज्यादातर इजराइली हैं। कसार क्षेत्र में स्थित कसार माता का मंदिर। पासओवर के चलते पहुंचे 100 से ज्यादा इजराइली पासओवर पर्व के चलते इस सप्ताह करीब 110 से ज्यादा इजराइली अल्मोड़ा पहुंचे हैं। इनमें से अधिकतर कसार देवी और उसके आसपास के क्षेत्रों में ठहरे हुए हैं, जहां वे अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को मना रहे हैं। हर साल इस दौरान यहां विदेशी पर्यटकों की अच्छी खासी मौजूदगी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर साफ दिखाई दे रहा है। संख्या बनी हुई है, लेकिन पहले जैसी भीड़ नहीं है, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ा है। अल्मोड़ा में पहुंचा इजराइली टूरिस्ट ओई। इजरायली पर्यटक ओई ने सुनाई आपबीती कसार देवी पहुंचे इजराइल के कच्छमोना निवासी ओई ने अपने देश के हालात को लेकर दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए युद्ध के बाद इजरायल में हालात लगातार खराब बने हुए हैं और आम लोगों के लिए सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया है। ओई ने कहा कि देश के कई हिस्सों में लगातार बमबारी और धमाकों की आवाज सुनाई देती है। उत्तरी और दक्षिणी दोनों क्षेत्रों में हवाई हमले हो रहे हैं, जिससे लोगों के भीतर डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इसी कारण उन्हें और उनके साथियों को अपना देश छोड़कर बाहर आना पड़ा। ‘पहले 300 तक आते थे, अब 100-125’ कसार देवी होटल एसोसिएशन के नगर अध्यक्ष मोहन रयाल के अनुसार, इस बार पर्यटकों की संख्या में गिरावट साफ तौर पर देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले वीकेंड के दौरान 250 से 300 तक विदेशी पर्यटक पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 100 से 125 रह गई है। मोहन रयाल ने कहा कि इजरायल में चल रहे हालात इसका प्रमुख कारण हैं। वहां लगभग हर नागरिक किसी न किसी रूप में सेना से जुड़ा होता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस बुला लिया जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। क्या है यहूदियों का पासओवर पर्व? पासओवर यहूदियों का प्रमुख धार्मिक पर्व है, जो उनके इतिहास और आस्था से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह पर्व मिस्र में गुलामी से मिली आजादी की याद में मनाया जाता है और स्वतंत्रता, विश्वास तथा सामूहिक एकता का संदेश देता है। इस दौरान ‘मट्ज़ा’ यानी बिना खमीर की रोटी का विशेष महत्व होता है और ‘सेडर’ नामक पारंपरिक भोजन का आयोजन किया जाता है। परिवार एक साथ बैठकर इस पर्व को मनाते हैं और परंपरागत विधि से मुक्ति की कथा को याद करते हैं। कसार देवी में ठहरे इजरायली पर्यटक भी इन्हीं परंपराओं के साथ इस पर्व को मना रहे हैं, जिससे यहां का माहौल सांस्कृतिक रूप से अलग और जीवंत नजर आ रहा है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड के कालसी मंदिर में चमत्कारी पेड़:पुजारी बोले- यहां आने से हर मुराद होती है पूरी, पांडवों को यहीं मिला जीत का आशीर्वाद यहां जो सुकून और शांति मन को मिलती है वो अलग ही होती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर तक पहुंचते-पहुंचते ही मन हल्का हो जाता है, जैसे कोई अदृश्य शक्ति अपनी ओर खींच रही हो। (पढ़ें पूरी खबर)
पर्यटकों के लिए सालभर खुली रहेगी नेलांग घाटी:भारत-चीन सीमा पर बढ़ेगा टूरिज्म, उत्तराखंड में मिलेगा लद्धाख जैसा अनुभव

उत्तराखंड की फेमस नेलांग घाटी का अब पर्यटक पूरे साल लुत्फ उठा सकेंगे। सरकार के इस फैसले से सीमांत इलाके में जहां पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ, बदलते मौसम और लद्दाख जैसा अनुभव लेने का मौका मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों को पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अब तक सीमित समय के लिए खुलने वाली यह घाटी अब हर मौसम में पर्यटकों को प्रकृति की अलौकिक अनुभव उपलब्ध कराएगी। यहां आने वाले पर्यटक मौसम के बदलते हर पल के साथ सर्दियों में बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे। भारत-चीन सीमा के पास स्थित यह घाटी पर्यटकों को अपनी अनोखी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण का अनुभव कराएगी। अनौखी भौगोलिक संरचना के कारण यह जगह एडवेंचर और फोटोग्राफी के शौकीनों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहेगी। सालभर खुलने से अब यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रशासन ने इस फैसले को लागू करने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम और नियम तय किए हैं। पर्यटकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही घाटी में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। चीन सीमा से सटे इस संवेदनशील जगह को देखते हुए निगरानी और गाइडलाइन का पालन भी पर्यटकों के लिए अनिवार्य होगा। इस पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा। पहले जानिए नेलांग घाटी क्यों है खास… शांत माहौल के लिए बेहद खास नेलांग घाटी अपनी अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल के लिए बेहद खास मानी जाती है। भारत-चीन सीमा के पास स्थित यह घाटी बर्फ से ढकी चोटियों, चौड़ी घाटियों और साफ आसमान के कारण किसी विदेशी लोकेशन जैसी अनुभूति देती है। इसकी भौगोलिक बनावट लद्दाख जैसी होने के कारण यह और भी आकर्षक बन जाती है। हर पल बदलता है मौसम यह घाटी एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यहां ट्रैकिंग, नेचर वॉक और फोटोग्राफी का अलग ही रोमांच देखने को मिलता है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां का मौसम और नजारे हर पल बदलते रहते हैं, जो पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव देते हैं। बर्फबारी के बीच मिलेगा अद्भुत अनुभव पर्यटक यहां का रोमांच तय नियमों के तहत आसानी से उठा सकते हैं। प्रशासन द्वारा निर्धारित परमिट लेकर और गाइड के साथ यात्रा करने से सफर सुरक्षित और सुविधाजनक बनता है। खासकर सर्दियों में बर्फबारी के बीच 4×4 वाहनों से यात्रा करना एक अद्भुत अनुभव देता है। प्रकृति के करीब समय बिताने का मिलता है मौका इसके अलावा यहां का शांत और भीड़-भाड़ से दूर वातावरण सुकून की तलाश करने वालों के लिए भी खास है। प्रकृति के करीब समय बिताने, नई जगहों को एक्सप्लोर करने और एडवेंचर का आनंद लेने के लिए नेलांग घाटी तेजी से पर्यटकों की पसंद बनती जा रही है। संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र होने के लिए परमिट जरूरी नेलांग घाटी जाने के लिए प्रशासन द्वारा तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। यह इलाका संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में आता है, इसलिए बिना परमिट किसी भी पर्यटक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। परमिट जारी करने की जिम्मेदारी उत्तराखंड वन विभाग के पास है। इसके लिए पर्यटक उत्तरकाशी के वन प्रभाग कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। साथ ही जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा शुरू होने की संभावना है। परमिट के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इनमें वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी शामिल हैं। इसके अलावा वाहन की जानकारी, यात्रा करने वाले पर्यटकों की सूची, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क विवरण भी देना होगा। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही परमिट जारी किया जाता है। तय नियमों और समय सीमा के भीतर ही पर्यटकों को घाटी में प्रवेश और वापसी की अनुमति दी जाती है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। सुबह मिलेगा घाटी में प्रवेश नेलांग घाटी जाने के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं। प्रतिदिन सीमित संख्या में ही पर्यटकों को अनुमति दी जाएगी, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और सुरक्षा बनी रहे। घाटी में प्रवेश केवल सुबह निर्धारित समय पर ही दिया जाएगा और सभी पर्यटकों को शाम तक वापस लौटना अनिवार्य होगा। इससे संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी आसान बनी रहती है। यात्रा के दौरान गाइड और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। साथ ही कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। सर्दियों में यात्रा के लिए विशेष नियम होंगे लागू शीतकालीन पर्यटन को ध्यान में रखते हुए SOP में अतिरिक्त नियम भी जोड़े गए हैं। बर्फबारी के दौरान केवल 4×4 या अधिकृत वाहनों को ही घाटी में जाने की अनुमति दी जाएगी। खराब मौसम की स्थिति में परमिट को अस्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है। यह फैसला पूरी तरह पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। पर्यटकों को गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और सुरक्षा उपकरण साथ रखना अनिवार्य होगा। ऊंचाई और ठंड को देखते हुए यह तैयारी बेहद जरूरी मानी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से रेस्क्यू टीम भी तैनात रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। परमिट व्यवस्था से पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी यह इलाका भारत-चीन सीमा के पास स्थित एक रणनीतिक क्षेत्र है, जहां सुरक्षा के लिहाज से सख्त निगरानी जरूरी होती है। साथ ही घाटी की अनछुई प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को सुरक्षित रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। सीमित संख्या में पर्यटकों को अनुमति देने से पर्यावरण पर दबाव कम रहता है और प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। परमिट सिस्टम का एक अहम उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बदलते मौसम को देखते हुए नियंत्रित और व्यवस्थित यात्रा जरूरी मानी जाती है। अब पर्यटक तय नियमों का पालन करते हुए हर मौसम में इस खूबसूरत घाटी का आनंद ले सकेंगे। ऐसे पहुंचे नेलांग घाटी नेलांग घाटी पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको देहरादून पहुंचना होगा, जो इसका सबसे नजदीकी बड़ा शहर है। देहरादून देश के प्रमुख शहरों से सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। देहरादून से सड़क मार्ग के जरिए उत्तरकाशी तक
हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश:24 घंटे में 4.6॰C गिरा तापमान, 9 अप्रैल तक ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के ऊंचे पहाड़ों पर अप्रैल में भी बर्फबारी हो रही है। बीती रात को अटल टनल, दारचा, रोहतांग दर्रा, शिंकुला दर्रा और स्पीति वैली में ताजा हिमपात हुआ। राज्य के अन्य क्षेत्रों में बीती रात को बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक- अगले छह दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है, जबकि लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई। 7 अप्रैल को 10 जिलों में येलो अलर्ट पांच और छह अप्रैल को 6-6 जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी है, जबकि सात अप्रैल को 10 जिलों को अलर्ट जारी किया गया। आठ अप्रैल को फिर से ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट ओलावृष्टि और तूफान को लेकर दिया गया है। प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की एडवाइजरी मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क और अधिक ऊंचे क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी है। विशेषकर अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल क्षेत्र में हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी है। ऊंचे पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड लौटी मौसम में बदलाव के बाद ऊंचे पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य 4.6 डिग्री कम हुआ है। इसके बाद प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा है। अगले एक सप्ताह तक भी ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है। पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी जारी रहने से तापमान में अभी तीन से चार डिग्री की और गिरावट आएगी। मंडी का अधिकतम तापमान 24 घंटे में 7.4 डिग्री नीचे गिरने के बाद 23.5 डिग्री, भुंतर का 7.2 डिग्री कम होने के बाद 21.4, सुंदरनगर का 7.1 डिग्री कम होने के बाद 23.7, मनाली का 6.4 डिग्री लुढ़कने के बाद 15.2 डिग्री, शिमला का अधिकतम तापमान 3.0 डिग्री कम होने के बाद 20.4 डिग्री सेल्सियस रह गया है। अगले छह दिन के दौरान तापमान में और ज्यादा गिरावट आएगी।








