Monday, 25 May 2026 | 12:40 PM

Trending :

फ्लॉप का डर, अक्षय कुमार ने लिया भोजपुरी का सहारा:वल्गर लिरिक्स वाले गाने के बोल- रगड़के नहला देब साबुन से, ऐसे ही गाने से फंसे नोरा-संजय चांदी ₹3,754 बढ़कर ₹2.70 लाख किलो हुई:इस साल ₹39 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹505 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख सत्तू-चिया सीड ड्रिंक रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में पेट को रहेगा कूल और शरीर को स्वादिष्ट, नोट करें सत्तू-चिया सीड की ये आसान रेसिपी सगे मां-बाप को इंडियाज गॉट लेटेंट-2 में जज बनाओ:समय रैना पर फिर भड़के सुनील पाल, कहा- पेरेंट्स के सामने ही शो करे, तब मानूंगा सगे मां-बाप को इंडियाज गॉट लेटेंट-2 में जज बनाओ:समय रैना पर फिर भड़के सुनील पाल, कहा- पेरेंट्स के सामने ही शो करे, तब मानूंगा पूर्व रणजी क्रिकेटर को मैच के दौरान अटैक आया, मौत:एसएल अक्षय ने 2014-15 में कर्नाटक के लिए रणजी ट्रॉफी जीती
EXCLUSIVE

कभी खाया है गेहूं का होला? फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर, वेट लॉस में भी करता जबरदस्त काम

authorimg

Last Updated:

Gehu Hola ke Fayde: छतरपुर में गेहूं का होला खाने की परंपरा हिंदू नववर्ष से जुड़ी हुई है और इसे खास महत्व दिया जाता है. गेहूं की हरी बालियों को भूनकर तैयार किया गया होला स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और पाचन को बेहतर बनाते हैं. गांवों में इसे गुड़, मिर्च और आंवले के साथ खाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है. जानिए इस देसी सुपरफूड के फायदे और क्यों आज भी यह परंपरा लोगों के दिलों में जिंदा है.

Gehu Hola Health Benefits: छतरपुर जिले में गेहूं का होला सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि एक परंपरा और सेहत का अनोखा संगम है. जैसे ही चैत्र मास में हिंदू नववर्ष शुरू होता है, गांवों में खेतों से ताजा गेहूं लाकर उसकी बालियों को भूनकर खाने की परंपरा निभाई जाती है. यह सालों पुरानी परंपरा आज भी उतनी ही उत्साह के साथ निभाई जाती है.

क्या होता है गेहूं का होला?
गेहूं की हरी बालियों को आग में हल्का भूनकर जो दाने निकाले जाते हैं, उन्हें ही “होला” कहा जाता है. खास बात यह है कि बाली पूरी तरह पकी नहीं होती, अंदर का दाना हल्का हरा और नरम रहता है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है.

स्वाद में देसी ट्विस्ट
गांवों में इसे आंवला, मिर्च या खासतौर पर गुड़ के साथ खाया जाता है. गुड़ के साथ इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है मीठा, हल्का कुरकुरा और देसी फ्लेवर से भरपूर. यही वजह है कि लोग हर साल इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं.

सेहत के लिए क्यों फायदेमंद?
गेहूं का होला पोषण से भरपूर होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यह पाचन को बेहतर बनाता है, शरीर को ऊर्जा देता है और वजन कंट्रोल करने में भी मददगार माना जाता है. यानी स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल.

इससे बनते हैं कई देसी व्यंजन
सिर्फ होला ही नहीं, बल्कि गेहूं की बालियों से हलवा, पुआ और लपसी जैसे कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. गांव के लोगों के लिए यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि बचपन की यादों और खुशी का हिस्सा है.

पुराने दिनों की यादें
पहले जब मशीनें नहीं थीं, तब गेहूं को खेत से घर लाने में महीनों लग जाते थे. कटाई, मड़ाई और सफाई की लंबी प्रक्रिया के कारण लोग पहले ही बालियां तोड़कर ले आते थे और उनसे होला बनाकर खाते थे. यही परंपरा आज भी जारी है.

About the Author

Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मोहन बड़ोदिया में ड्यूटी पर तैनात पटवारी की पिटाई:मकानों की नबरिंग कर रहे थे, जान से मारने की धमकी भी दी

March 10, 2026/
4:03 pm

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में जनगणना कार्य के दौरान एक पटवारी के साथ मारपीट और शासकीय कार्य...

RBSE 12th Result 2026 Date Live: Scorecards soon at rajeduboard.rajasthan.gov.in.

March 30, 2026/
9:06 am

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 09:06 IST संविधान के अनुसार, 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए नीतीश कुमार को...

Civil Defence Appeal; Police Line Bahodapur

April 24, 2026/
10:36 pm

आपात स्थिति में बिल्डिंग में घायल व्यक्ति को देखते SDERF के कर्मचारी ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार रात...

arw img

April 1, 2026/
2:31 pm

X रोजाना करें करेले का सेवन, मोटापा घटाने में मददगार   Benefits of Bitter Gourd: करेला एक ऐसी सब्जी है...

khabar hatke- UK Cigarette Ban 2008+

April 25, 2026/
4:30 am

पंजाब में अपनी मांग मनवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ा शख्स 560 दिन बाद नीचे उतरा। वहीं, ब्रिटेन में...

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर बांटे:अमृतसर वाला बेटी को, पटियाला वाला पुश्तैनी मकान बेटे को दिया; गृह प्रवेश के फोटो पोस्ट किए

March 22, 2026/
10:59 am

पंजाब कांग्रेस के नेता व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घरों का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अमृतसर...

राजनीति

कभी खाया है गेहूं का होला? फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर, वेट लॉस में भी करता जबरदस्त काम

authorimg

Last Updated:

Gehu Hola ke Fayde: छतरपुर में गेहूं का होला खाने की परंपरा हिंदू नववर्ष से जुड़ी हुई है और इसे खास महत्व दिया जाता है. गेहूं की हरी बालियों को भूनकर तैयार किया गया होला स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और पाचन को बेहतर बनाते हैं. गांवों में इसे गुड़, मिर्च और आंवले के साथ खाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है. जानिए इस देसी सुपरफूड के फायदे और क्यों आज भी यह परंपरा लोगों के दिलों में जिंदा है.

Gehu Hola Health Benefits: छतरपुर जिले में गेहूं का होला सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि एक परंपरा और सेहत का अनोखा संगम है. जैसे ही चैत्र मास में हिंदू नववर्ष शुरू होता है, गांवों में खेतों से ताजा गेहूं लाकर उसकी बालियों को भूनकर खाने की परंपरा निभाई जाती है. यह सालों पुरानी परंपरा आज भी उतनी ही उत्साह के साथ निभाई जाती है.

क्या होता है गेहूं का होला?
गेहूं की हरी बालियों को आग में हल्का भूनकर जो दाने निकाले जाते हैं, उन्हें ही “होला” कहा जाता है. खास बात यह है कि बाली पूरी तरह पकी नहीं होती, अंदर का दाना हल्का हरा और नरम रहता है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है.

स्वाद में देसी ट्विस्ट
गांवों में इसे आंवला, मिर्च या खासतौर पर गुड़ के साथ खाया जाता है. गुड़ के साथ इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है मीठा, हल्का कुरकुरा और देसी फ्लेवर से भरपूर. यही वजह है कि लोग हर साल इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं.

सेहत के लिए क्यों फायदेमंद?
गेहूं का होला पोषण से भरपूर होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यह पाचन को बेहतर बनाता है, शरीर को ऊर्जा देता है और वजन कंट्रोल करने में भी मददगार माना जाता है. यानी स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल.

इससे बनते हैं कई देसी व्यंजन
सिर्फ होला ही नहीं, बल्कि गेहूं की बालियों से हलवा, पुआ और लपसी जैसे कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. गांव के लोगों के लिए यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि बचपन की यादों और खुशी का हिस्सा है.

पुराने दिनों की यादें
पहले जब मशीनें नहीं थीं, तब गेहूं को खेत से घर लाने में महीनों लग जाते थे. कटाई, मड़ाई और सफाई की लंबी प्रक्रिया के कारण लोग पहले ही बालियां तोड़कर ले आते थे और उनसे होला बनाकर खाते थे. यही परंपरा आज भी जारी है.

About the Author

Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.