जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…
आयुर्वेद की पुरानी पांडुलिपि से तैयार आधुनिक दवा, 60 साल की उम्र में उगने लगे बाल, आयुष मंत्रालय का मिला लाइसेंस

Last Updated:April 04, 2026, 20:45 IST Satvik Ayurveda Brand: अंग्रेजों के दौर में एक हेड मास्टर दादा ने अपनी कलम से आयुर्वेदिक नुस्खों का खजाना तैयार किया था, जिसे परिवार ने सालों तक संभालकर रखा. समय बदला, लेकिन उस विरासत की अहमियत नहीं बदली. दादा की उसी लिखी हुई किताब को आधार बनाकर पोते ने करीब 20 साल तक गहन रिसर्च किया और आखिरकार उसे आधुनिक दौर की आयुर्वेदिक दवाओं में बदल दिया. अब इस अनोखी पहल को आयुष मंत्रालय का लाइसेंस भी मिल गया है. यह कहानी कुलदीप पांचाल की है. जो कि इन दिनों दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे और ऑर्गेनिक एक्सपो में आए हुए हैं. कुलदीप गाजियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले हैं. मोदीनगर में ही इनकी ऑनलाइन और ऑफलाइन आयुर्वेदिक क्लिनिक चलती है. कुलदीप पांचाल ने बताया कि उन्होंने सात्विक आयुर्वेद के नाम से खुद का ब्रांड शुरू किया है. कुलदीप पांचाल ने बताया कि 1944 में जब भारत पर अंग्रेजों का राज था. उस समय उनके दादा हेड मास्टर थे और रोजाना 19 मील पैदल चलकर वह आते जाते थे. दादा ने लंबी रिसर्च कर उस वक्त जब गूगल नहीं था और लाइब्रेरियन नहीं थी. जो रिसर्च उन्होंने अंग्रेजों के वक्त की. उस समय के आयुर्वेदिक डॉक्टर के साथ मिलकर उसे ही वह किताब में लिखते रहते थे. हालांकि उनके दादा गुजर गए. अंग्रेजों का जमाना चला गया और जब यह किताब उनके हाथ लगी तो उन्होंने सबसे पहले इसे लेमिनेट करवाया और इस किताब की रिसर्च शुरू की. उन्होंने 20 साल तक इस किताब पर रिसर्च किए. इस दौरान उन्होंने अथर्ववेद 6 बार पढ़ा और सभी वेदों को हिंदी और इंग्लिश दोनों में पढ़ा. तब कहीं जाकर उन्होंने सात्विक आयुर्वेद ब्रांड बनाया है, जिसे आयुष मंत्रालय ने जांच के बाद लाइसेंस दे दिया है. और तो और उनकी बनाई हुई सारी दवाएं एफएसएसएआई से अप्रूव्ड हैं. ऐसे में आज उनके दादा की वजह से उनका खुद का ब्रांड शुरू हुआ है. Add News18 as Preferred Source on Google कुलदीप पांचाल ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा तेल बनाया है. जो गंजे सिर में बाल उग देगा. चाहे उम्र कोई भी हो. उनकी 60 साल की उम्र है और बाल उनके झड़ गए थे, लेकिन अब उनके भी बाल उग रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने घुटने का तेल बनाया है. दंत मंजन बनाया है. और तो और गैस की दवा से लेकर उन्होंने फेस पाउडर तक बनाए हैं. उनका बनाया हुआ तेल लोगों को पसंद आ रहा है. उसकी डिमांड सबसे ज्यादा है. लोगों के झड़ते बाल भी रुक गए हैं. उन्होंने बताया कि वह खुद 20 साल एजुकेशन डिपार्टमेंट से जुड़े रहे. टीचर और प्रिंसिपल दोनों रहे. साथ ही साथ आयुर्वेद की रिसर्च भी करते रहे. तब कहीं जाकर यह संभव हो सका है. उनके दो बेटे हैं, दोनों नौकरी करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वह पत्नी के साथ मिलकर काम करते हैं. मोदीनगर में उनकी मैन्युफैक्चरिंग है और उनकी बनाई हुई दवा लोगों को खूब पसंद आ रही हैं. वह अपनी हर दवा को पहले खुद पर प्रयोग करते हैं, फिर मार्केट में उतारते हैं. First Published : April 04, 2026, 20:45 IST
Glowing Skin Diet Summer: गर्मी में त्वचा को चमकाने वाली 5 चीजें, रोजाना शामिल करें; चेहरे की चमक 10 गुना बढ़ जाएगी

4 अप्रैल 2026 को 20:38 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों में चेहरे का निखार गायब हो जाता है। ऐसे में कुछ खास चीजों को शामिल करने से आपकी स्किन ग्लोइंग बन सकती है। जी हाँ, असली नक़्क़ाशी क्लैम्प क्रीम का सामान से नहीं बल्कि अंदर से दिखता है। इससे काफी फर्क पड़ता है कि आप क्या सोचते हैं। पढ़ें पूरी खबर। (टैग्सटूट्रांसलेट) गर्मियों में चमकती त्वचा के लिए आहार (टी) गर्मियों में चमकती त्वचा के लिए खाद्य पदार्थ (टी) चमकदार त्वचा के लिए आहार गर्मियों में (टी) त्वचा की चमक बढ़ाने के लिए ग्रीष्मकालीन आहार (टी) गर्मियों में त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आहार (टी) गर्मियों में चमकती त्वचा के लिए 5 खाद्य पदार्थ (टी) गर्मियों में साफ त्वचा के लिए सर्वोत्तम आहार (टी) गर्मियों में चमकदार त्वचा पाने के तरीके (टी) स्वस्थ त्वचा के लिए ग्रीष्मकालीन आहार युक्तियाँ (टी) चमकदार त्वचा के लिए क्या खाएं
तमिल में चुनाव से पहले हिंदी फिर से नागरिकता! शिक्षा नीति को लेकर स्टालिन और डेमोक्रेट प्रधान में घटिया बहस

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर से हिंदी को लेकर विवाद शुरू हो गया है. इसी मामले पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डेमोक्रेट प्रधान के बीच भी बहस हुई। सीएम स्टालिन ने नई शिक्षा नीति पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था कि यह शिक्षा सुधार नहीं बल्कि एक चालाक तरीके से हिंदी को पूरे देश में फैलाने की कोशिश है। इसी पर जवाब देते हुए डेमोक्रेट प्रधान ने कहा कि ‘हिंदी पेंटिंग’ वाली बात पुरानी और थकी हुई राजनीति है। एनईपी में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है, यह स्टालिन की गलत व्याख्या है। यह मामला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का है, जिसे केंद्र सरकार ने लागू कर दिया है. इसी शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक नियम हैं- तीन भाषा सूत्र, यानी स्कूल के बच्चों को तीन भाषाएँ सिखानी चाहिए। इनमें से दो भारतीय समुद्र तटों का होना अनिवार्य है। दक्षिण भारत की राज्य केंद्र सरकार पर आरोप लगाया गया है कि नई शिक्षा नीति के जरिए वे अपने ऊपर हिंदी गैजेट की कोशिश कर रही हैं। नई शिक्षा नीति पर क्या बोले सीएम स्टाइलिस्ट? तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और शिक्षकों के प्रमुख एमके स्टालिन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह शिक्षा सुधार नहीं बल्कि एक चालाक तरीके से हिंदी को पूरे देश में फैलाने की कोशिश है। उन्होंने प्रश्न किया कि यह नियम अप्रासंगिक क्यों है? दक्षिण के बच्चों को हिंदी सीखनी है, लेकिन हिंदी भाषा वाले राज्यों में तमिल या माध्यमिक पढ़ाई कैसे की जाती है? उत्तर है नहीं. स्टालिन ने आरोप लगाया कि सेंट्रल स्कूल में तमिल मछुआरों के लिए सचिवालय तक नहीं हैं। फिर लेखकों को भारतीय भाषा सीखने का उपदेश देना ठीक नहीं लगता। टीचर्स के प्रमुख ने कहा कि बिना पैसा और बिना तैयारी के टीचर्स के लिए यह नीतिगत ताकत जा रही है। इससे दस्तावेज़ में भी नुकसान होगा. अंग्रेजी वाले राज्यों के बच्चों को फायदा होगा और राज्यों के बच्चे पीछे रह जाएंगे। तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री, थिरु @एमकेस्टालिन जी, “थोपने” की आपकी कहानी राजनीतिक विफलताओं को छुपाने का एक थका देने वाला प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वास्तव में भाषाई मुक्ति का घोषणापत्र है। यह मातृभाषा को प्राथमिकता देता है ताकि प्रत्येक तमिल बच्चा… https://t.co/DhDP5ECM4e – धर्मेंद्र प्रधान (@dpradhanbjp) 4 अप्रैल 2026 डेमोक्रेट प्रधान ने स्टालिन को दिया ये जवाब तमिलनाडु के सीएम की ओर से दिए गए पोर्टफोलियो पर शिक्षा मंत्री पेट्रोलियम प्रधान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी पेंटिंग वाली बात पुरानी और थकी हुई राजनीति है। नई शिक्षा नीति में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है, यह स्टालिन की गलत व्याख्या है। उन्होंने कहा कि एनईपी से हर बच्चे को अपनी मातृभाषा में पढ़ने का मौका मिलता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तमिल भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर बहुत सम्मान मिला है। काशी तमिल संगमम जैसे आयोजन इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। स्टालिन पर पलटवार करते हुए प्रधान ने कहा कि बच्चों के विकास में असली भेदभाव तो डीएमके सरकार ही है। तमिल ने अच्छे स्कूल निर्माण के लिए एक एक्ट पर हस्ताक्षर करने का वादा किया था, लेकिन बाद में वो खुद मुकर गया। न्यायालय के सर्वोच्च आदेश के बाद भी नवोदय अभिलेखों में कोई बदलाव नहीं हुआ। (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)एमके स्टालिन(टी)धर्मेंद्र प्रधान(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)नई शिक्षा नीति(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)धर्मेंद्र प्रधान(टी)एमके स्टालिन(टी)नई शिक्षा नीति(टी)हिंदी विवाद
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने लिया शिविर का जायजा:नरसिंहपुर में बोले- 'संकल्प से समाधान' योजना से लाभ लें हितग्राही

मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और नरसिंहपुर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शनिवार को नरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने ‘संकल्प से समाधान’ शिविर में हिस्सा लिया। मंत्री ने कई विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मंत्री राजपूत ने कहा कि सरकार गरीबों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि मुफ्त राशन सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाया जा रहा है। मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इन शिविरों में बड़ी संख्या में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। जनता की समस्याओं का समाधान मंत्री राजपूत ने स्पष्ट किया कि ‘संकल्प से समाधान’ जैसे शिविर जनहित को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने जनता की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि नरसिंहपुर जिले में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं, जिससे बड़ी संख्या में समस्याओं का समाधान हुआ है। मंत्री राजपूत ने आयुष्मान कार्ड योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह योजना आम लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिसके तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इन शिविरों में बड़ी संख्या में आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे पात्र लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने नागरिकों से सरकार के ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। मंत्री ने बताया कि कई बार गांवों में शिविर लगने के बावजूद लोग अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं और बाद में आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि सक्रिय भागीदारी से सभी नागरिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।
दिल्ली में खुला सस्ता कैंसर इलाज वाला अस्पताल, 20 लाख का इलाज अब 2-3 लाख में…गरीबों और किसानों के लिए राहत

होमफोटोDelhi दिल्ली में खुला सस्ता कैंसर इलाज वाला अस्पताल, 20 लाख का इलाज अब 2-3 लाख में Last Updated:April 04, 2026, 20:12 IST Delhi Divine Multispeciality Hospital: भारत में कैंसर का इलाज बेहद महंगा है. प्राइवेट अस्पताल में कैंसर का इलाज 20 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक होता है, जितना गंभीर कैंसर, उतनी महंगी कीमत और सरकारी अस्पतालों में कैंसर का इलाज सस्ता तो है लेकिन वहां मरीजों की इतनी लंबी लाइन है कि नंबर आने तक कैंसर मरीज की मृत्यु हो जाती है. इन सबको देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसा अनोखा हॉस्पिटल खोला गया है. जो कि वजीराबाद बुराड़ी में है. इस अस्पताल का नाम डिवाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है, जिसके मालिक डॉ. राजेंद्र कुमार हैं. जो कि वर्तमान में शालीमार बाग दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में रेडिएशन ऑकोलॉजी डिपार्मेंट के निदेशक हैं और मुख्य रूप से बड़ौत के रहने वाले हैं. डॉ. राजेंद्र कुमार का पूरा परिवार पिता समेत इंडियन आर्मी में रहा है. पिता 16 जाट रेजीमेंट में थे और 1963-78 तक उन्होंने आर्मी में अपनी सेवाएं दी और पाकिस्तान-चीन के युद्ध में भी वह शामिल रहे. यही वजह है कि डॉक्टर राजेंद्र कुमार के अंदर देश प्रेम है. इसीलिए उन्होंने सस्ता कैंसर इलाज शुरू किया है ताकि हर मरीज की जान बचाई जा सके. डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनका जन्म बरेली में हुआ था. उसके बाद बड़ौत आ गए. बड़ौत में उन्होंने कक्षा एक से लेकर कक्षा 8 तक की पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली आ गए और दिल्ली में कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी केजीएमयू लखनऊ से उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की. कैंसर की ट्रेनिंग उन्होंने दिल्ली के रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट से की. Add News18 as Preferred Source on Google जहां साल 2010 से वह मैक्स शालीमार बाग दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. साथ में उन्होंने वजीराबाद बुराड़ी में अपना खुद का एक अस्पताल खोला है. जहां पर गरीब मरीज और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के साथ-साथ किसानों को सस्ते में कैंसर इलाज दिया जा रहा है. दवाएं भी सस्ते में दी जा रही हैं, क्योंकि कई फार्मा कंपनी हैं. जो इस अस्पताल में अपनी सस्ती दवाएं देकर योगदान कर रही हैं. उन्होंने बताया कि जो कैंसर का इलाज बाहर किसी भी प्राइवेट अस्पताल में 15 से 20 लाख रुपए में होगा. वही यहां पर 2-3 लाख रुपए में आराम से हो जाएगा. हर कैंसर की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन उनके यहां हर तरह के कैंसर का इलाज सस्ते में ही होता है. एडवांस ट्रीटमेंट के लिए वह मैक्स शालीमार बाग का सहारा लेते हैं. डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों किसानों में सबसे ज्यादा पाए जाने वाला कैंसर पेट फेफड़े और मुंह का है. क्योंकि पेस्टिसाइड का इस्तेमाल किसान करते हैं, जिस वजह से उनको इस तरह के कैंसर से जूझना पड़ता है. उनके अस्पताल में किसानों की संख्या भी बहुत ज्यादा है, जिनको सस्ता इलाज दिया जा रहा है. इसके अलावा महिलाओं की बात करें तो महिलाओं में ब्रेस्ट और गायनीका कैंसर बहुत ही सामान्य हो गया है. जो बहुत बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि उनके बुराड़ी स्थित डिवाइन हॉस्पिटल में 70 से 80% गरीब मरीज ही आते हैं. क्योंकि उनको पता है कि वहां पर उनका इलाज सस्ता होगा. उन्होंने बताया कि वह अपने गांव में भी ओपीडी करते हैं. बड़ौत में हर रविवार को वह ओपीडी करते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : April 04, 2026, 20:12 IST
Weight Loss Tips: वेट लॉस के लिए 8 बेस्ट सलाद, फैट को जलाकर शरीर में भरते हैं न्यूट्रिएंट्स

Last Updated:April 04, 2026, 20:10 IST Weight Loss Salads: मोटापा लाइफस्टाइल की आदतों से ट्रिगर होने वाला एक सीरियस हेल्थ इश्यू है. ये समस्या अपने साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज जैसे कई जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है. ऐसे में इसे कंट्रोल करने के लिए डाइट में सुधार जरूरी होता है. यहां हम आपको 8 तरह के सलाद के बारे में बता रहे हैं, जो आपकी वेट लॉस जर्नी को आसान बना सकते हैं. वेट लॉस आसान नहीं होता है. लेकिन वजन कम करने के लिए खाना छोड़ना कोई विकल्प नहीं है, बल्कि इसके लिए अच्छे खाने का चुनाव करना ज्यादा जरूरी है. अच्छा खाना वजन को कंट्रोल करने के साथ-साथ शरीर को पूरा पोषण भी देता है. सलाद पोषक तत्वों से भरा ऐसा ही एक हेल्दी रेसिपी है. वेट लॉस के लिए लो कैलोरी और प्रोटीन, फाइबर से भरपूर सलाद बहुत कारगर साबित होते हैं. ककड़ी-टमाटर सलाद- कटी हुई ककड़ी, टमाटर और प्याज लें. इसमें नींबू रस, काला नमक और थोड़ा चाट मसाला डालें. सलाद की ये रेसिपी हल्का और पेट भरने वाला होता है. इसे आप लंच के साथ या शाम के समय खा सकते हैं. स्प्राउट्स सलाद- अंकुरित मूंग या चना लें. इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और नींबू मिलाएं. इस तरह से तैयार सलाद प्रोटीन से भरपूर, वजन घटाने में मददगार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google पत्ता गोभी गाजर सलाद- कद्दूकस की हुई पत्ता गोभी और गाजर लें. इसमें नमक, नींबू और थोड़ा भुना जीरा डालें. इस तरह से बनाया गया सलाद फाइबर से भरपूर होता है, जो डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है. चना सलाद- उबले हुए काले चने में प्याज, टमाटर, खीरा मिलाएं. ऊपर से नींबू और मसाले डालें. इस सलाद को खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. ये सलाद उन लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद है जो बार-बार अपने खाने की आदत से परेशान रहते हैं. फ्रूट सलाद- सेब, पपीता, अमरूद जैसे फल काटकर मिलाएं. ऊपर से चाट मसाला डाल सकते हैं. इसे खाने से मीठा खाने की क्रेविंग भी कम होती है. इस सलाद को आप लंच से पहले नाश्ता के साथ भी खा सकते हैं. कॉर्न और खीरा सलाद- उबला हुआ कॉर्न, खीरा और टमाटर मिलाएं. नींबू और काली मिर्च डालें. ये वेट लॉस के लिए हल्का और स्वादिष्ट ऑप्शन है. पालक और पनीर सलाद- ताजा पालक के पत्ते, हल्का भुना पनीर और टमाटर मिलाएं. नींबू और काली मिर्च डालें. इस तरह से तैयार किया गया सलाद हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर होता है. हालांकि इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ सलाद खाकर वेट लॉस नहीं किया जा सकता है. रेगुलर फीजिकल एक्सरसाइज भी जरूरी है. छोले सलाद- इसे बनाने के लिए छोले को उबाल लें, इसमें चेरी टमाटर, खीरा, हरी मिर्च, नमक, चिपौतले, मोजर्रिला चीज, ऑरिगेनो, और केल लिव्स को मिला लें. इस तरह से तैयार किया सलाद प्रोटीन रिच होता है, ये जिम करने वाले लोगों के लिए बहुत हेल्दी होता है. First Published : April 04, 2026, 19:27 IST
Bihar Jobs: 1091 Posts Open

18 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी MPESB में 2317 पदों पर निकली भर्ती की, बिहार में लैबोरेटरी असिस्टेंट की 1091 वैकेंसी की। साथ ही दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन मे 116 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. MPESB में 2317 पदों पर भर्ती, एज लिमिट 40 साल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत 2317 पद भरे जाएंगे। उम्मीदवार 6 अप्रैल 2026 से ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में करेक्शन की लास्ट डेट 25 अप्रैल तय की गई है। एग्जाम में मोबाइल, कैलकुलेटर प्रतिबंधित है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी है। परीक्षा शुरू होने के बाद बाहर जाने की परमिशन नहीं मिलेगी। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या नर्सिंग ऑफिसर 2099 सिस्टर ट्यूटर 218 कुल पदों की संख्या 2317 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : नर्सिंग ऑफिसर: 12वीं फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के साथ पास होना जरूरी है। बीएससी नर्सिंग (4 वर्ष) या पीबीबीएससी नर्सिंग (2 वर्ष) में कम से कम 45% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 40%) होना चाहिए। मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। सिस्टर ट्यूटर: 12वीं फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी के साथ पास होना चाहिए। बीएससी नर्सिंग या पीबीबीएससी नर्सिंग की डिग्री। कम से कम 1 साल का वर्क एक्सपीरियंस। मध्य प्रदेश नर्स रजिस्ट्रेशन काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल एससी, एसटी, ओबीसी : 45 साल अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और पूर्व सैनिक : सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : सामान्य, अनारक्षित : 500 रुपए एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, पीडब्ल्यूडी : 250 रुपए सैलरी : नर्सिंग ऑफिसर : लेवल-7 के अनुसार 28,700 रुपए प्रतिमाह। सिस्टर ट्यूटर : लेवल-9 के अनुसार, 36,200 रुपए प्रतिमाह। सिलेक्शन प्रोसेस : कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मेरिट लिस्ट क्वालिफाइंग मार्क्स : सामान्य : न्यूनतम अंक 50% आरक्षित : न्यूनतम अंक 40% एग्जाम पैटर्न : टोटल क्वेश्चन 100 टोटल मार्क्स 100 ड्यूरेशन 2 घंटे सब्जेक्ट : पार्ट ए : जनरल नॉलेज, हिंदी, इंग्लिश, मैथ्स, साइंस, एप्टीट्यूड 25 मार्क्स पार्ट बी : नर्सिंग सब्जेक्ट 75 मार्क्स ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं। “Nursing Officer & Sister Tutor Recruitment 2026” पर क्लिक करें। “न्यू रजिस्ट्रेशन” (New Registration) पर क्लिक करके अपनी बेसिक जानकारी भरें। रजिस्ट्रेशन आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। फोटो, सिग्नेचर और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। ऑनलाइन माध्यम से फीस जमा करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. बिहार में 1091 पदों पर निकली भर्ती, 6 अप्रैल से करें अप्लाई बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने लैबोरेटरी असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या लैबोरेटरी असिस्टेंट (कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) 252 लैबोरेटरी असिस्टेंट (सिविल इंजीनियरिंग/रूरल इंजीनियरिंग) 166 लैबोरेटरी असिस्टेंट (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) 166 लैबोरेटरी असिस्टेंट (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) 166 लैबोरेटरी असिस्टेंट (साइंस) 164 लैबोरेटरी असिस्टेंट (इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग/इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) 146 लैबोरेटरी असिस्टेंट (टेक्सटाइल इंजीनियरिंग) 20 लैबोरेटरी असिस्टेंट (ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग/मैकेनिकल डीजल) 4 लैबोरेटरी असिस्टेंट (सिरेमिक इंजीनियरिंग) 2 लैबोरेटरी असिस्टेंट (प्रिंटिंग इंजीनियरिंग) 2 लैबोरेटरी असिस्टेंट (केमिकल इंजीनियरिंग) 2 लैबोरेटरी असिस्टेंट (एग्रीकल्चर एंड फार्मेसी) 1 कुल पदों की संख्या 1091 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा या ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 37 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। सैलरी : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीस : जनरल,बीसी, ईडब्ल्यूएस : 600 रुपए एससी, एसटी (बिहार के स्थायी निवासी): 150 रुपए सभी वर्ग की महिलाएं (बिहार की स्थायी निवासी): 150 रुपए राज्य से बाहर के उम्मीदवार : 600 रुपए एग्जाम पैटर्न : एग्जाम मोड ऑनलाइन टाइप ऑब्जेक्टिव टोटल क्वेश्चन 100 टोटल मार्क्स 100 ड्यूरेशन 2 घंटे सब्जेक्ट जनरल नॉलेज साइंस मैथमेटिक्स रीजनिंग ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर “Register” या “New Registration” लिंक पर क्लिक करें। अप्लाई नाउ पर क्लिक करके जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन मे 116 वैकेंसी, सैलरी 85 हजार से ज्यादा दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन ने 116 पदों पर भर्ती निकाली है। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत लैब टेक्नीशियन, पैथोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और बायोकेमिस्ट पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट dshm.delhi.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या पैथोलॉजिस्ट 4 माइक्रोबायोलॉजिस्ट 5 बायोकेमिस्ट 7 लैब टेक्नीशियन 100 कुल पदों की संख्या 116 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पैथोलॉजिस्ट एमबीबीएस के साथ संबंधित विषय में पोस्टग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा। दिल्ली मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन। PG डिग्री होल्डर्स के लिए 3 साल और डिप्लोमा होल्डर्सं के लिए 5 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए। माइक्रोबायोलॉजिस्ट : माइक्रोबायोलॉजी में पीएचडी के साथ 2 साल का एक्सपीरियंस या एमएससी के साथ 4 साल का एक्सपीरियंस, या एमडी (माइक्रोबायोलॉजी) की डिग्री, दिल्ली मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन। बायोकेमिस्ट : एमबीबीएस के साथ संबंधित विषय में पोस्टग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा। दिल्ली मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। पीजी डिग्री होल्डर्स के लिए 3 साल और डिप्लोमा होल्डर्स के लिए 5 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए। लैब टेक्नीशियन : मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में बीएससी की डिग्री। या 10वीं/12वीं साइंस से पास होने के साथ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और 3 साल का लैब असिस्टेंट एक्सपीरियंस होना चाहिए। एज लिमिट : पद के अनुसार 25 से 45 साल सैलरी : पद के अनुसार, 30,240 – 85,050 रुपए प्रति माह सिलेक्शन प्रोसेस : इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट dshm.delhi.gov.in पर जाएं। “IPHL Recruitment 2026 Online Registration (Advertisement No. 3-2026)” लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करें। जिस पद के लिए आवेदन करना है,उसे चुनें। फोटो और सिग्नेचर की स्कैन कॉपी तय फॉर्मेट में अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें।
Salman Khan Calls Heart Transplant Fan

2 घंटे पहले कॉपी लिंक सलमान खान ने एक बार फिर अपनी दरियादिली से फैंस का दिल जीत लिया है। हाल ही में उनकी एक महिला फैन ने एक किस्सा शेयर किया, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। यह फैन हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर स्थिति से गुजर रही थीं, तब सलमान ने न सिर्फ हिम्मत दी, बल्कि उनके साथ खड़े भी नजर आए। दरअसल, कर्नाटक की रहने वाली रीना राजू, जो तीन बार हार्ट ट्रांसप्लांट झेल चुकी हैं, उन्होंने RJ Sowjanya को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सर्जरी से ठीक पहले सलमान खान ने उन्हें कॉल किया था। उस समय अभिनेता ऑस्ट्रेलिया में शूटिंग कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने समय निकालकर रीना और उनके परिवार से करीब दो घंटे तक बात की। रीना के मुताबिक, वह अपनी पहली सर्जरी से पहले काफी डरी हुई थीं। ऐसे में सलमान ने उन्हें हिम्मत दी और ऑपरेशन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया। उन्होंने कहा कि सलमान का यह सपोर्ट उनके लिए बड़ा सहारा था और इसी वजह से वह सर्जरी का सामना कर पाईं। रीना ने बताया कि सर्जरी के बाद कुछ समय तक उनका सलमान से संपर्क नहीं रहा, लेकिन दो साल बाद जब उन्होंने फिर मैसेज किया तो अभिनेता ने उन्हें तुरंत पहचान लिया। इसके बाद उन्होंने उन्हें अपने मुंबई स्थित घर बुलाया, जहां उनके लिए एक छोटी पार्टी भी रखी गई। दोनों ने साथ में समय बिताया, गाने और डांस भी किया। इतना ही नहीं, सलमान खान ने रीना को अपनी फिल्म ‘रेस 3’ के सेट पर भी बुलाया और उन्हें बीइंग ह्यूमन ब्रांड की एक साइकिल गिफ्ट की। खास बात यह थी कि सलमान को याद था कि रीना ने कभी इस साइकिल की इच्छा जताई थी। रीना आज भी सलमान के संपर्क में हैं। जब भी वह किसी मुश्किल दौर से गुजरती हैं, अभिनेता उन्हें मोटिवेट करते हैं। यह पूरा किस्सा दिखाता है कि सलमान खान सिर्फ बड़े स्टार ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं, जो अपने फैंस का ख्याल रखते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









