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इंपैक्ट फीचर:शिक्षा ही मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आवश्यक अंग है

इंपैक्ट फीचर:शिक्षा ही मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आवश्यक अंग है

एन.एच. 52 स्थित स्वामी केशवानन्द एजुकेशन हब किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित स्वामी केशवानन्द एजु हब की महक आज केवल भारत में नहीं अपितु पड़ोसी देशों के विद्यार्थी भी यहां से शिक्षा अर्जित कर अपना व्यक्तित्व निर्माण कर रहे हैं। शिक्षा संत के नाम से सुविख्यात संस्थान स्वामी केशवानन्द के आदर्शों का अनुसरण करते हुए 1999 में रामनिवास ढाका ने अपने पूज्य पिता श्री जोर सिंह ढाका के आशीर्वाद से इस संस्थान की नींव रखी। उस समय लगाया गया यह पौधा आज वट वृक्ष का रूप ले चुका है। संस्थान के 10 हजार छात्र-छात्राओं के साथ 600 शिक्षकों की टीम लगातार समर्पण भाव से अध्यापन कार्य में जुड़कर राष्ट्र को प्रगति पथ प्रशस्त कर रहा है। संस्थान के समस्त विभागों के कक्षा-कक्ष पूर्णतया वातानुकूलित, डिजिटल बोर्ड्स एवं अत्याधुनिक तकनिकी से युक्त है, जहां चप्पे-चप्पे पर आई.पी. कैमरों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखी जाती है। संस्थान आर.बी.एस.ई., सी.बी.एस.ई., एन.डी.ए., जेईई, नीट, एग्रीकल्चर, नर्सिंग कॉलेज, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्नीक कॉलेज, स्पेशल डीएलईडी, सामान्य डीएलईडी, स्पेशल बी.एड., आई. टी.ई.पी., यूपीएससी, आरपीएससी, एस.एस.सी., सी.जी.एल, रेलवे व बैंक पी.ओ. जैसे कोर्स संचालित हैं। नीट जेईई :- संस्थान ने अत्याधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न नीट, जेईई फाउन्डेशन एण्ड टारगेट क्लासेज के प्रथम बैच के 70 प्रतिशत बच्चों का जेईई मेन्स के लिए चयन हुआ है जिनमें 17 बच्चों ने 95 से 99 पर्सेन्टाइल प्राप्त किए हैं। इसमें देश के अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित अध्ययन करवाया जा रहा है। एनडीए :- संस्थान में संचालित एन.डी.ए. कैम्पस जहां नेवी, एयरफोर्स, आर्मी में चयनित होकर विद्यार्थी राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित है। एन.डी.ए. में चयनित ज्योति, नरेन्द्र, गणेश, आदित्य, हितेश, जीवराज, आईना, काजल, रोहित, हेमन्त, अशोक जैसे अनेक छात्र-छात्राओं ने संस्थान का परचम लहराया है। नर्सिंग कॉलेज :- 2010 से संचालित बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज आज उत्तर भारत का सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाला कॉलेज बन चुका है। हाल ही के वर्षों में 107 विद्यार्थियों का राजस्थान नर्सिंग ऑफिसर तथा 7 विद्यार्थियों का रेलवे नर्सिंग ऑफिसर, 20 एम्स नर्सिंग ऑफिसर तथा 4 स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में चयनित होकर स्वामी केशवानन्द नर्सिंग कॉलेज की धाक कायम किए हुए हैं। सी.बी.एस.ई एवं आर.बी.एस.ई बोर्ड संस्थान का आर.बी.एस.ई व सी.बी.एस.ई. बोर्ड का परिणाम सर्वश्रेष्ठ रहता है। छात्र प्रदीप तेतरवाल ने 2008 में सेकण्डरी बोर्ड परीक्षा में सम्पूर्ण राजस्थान में प्रथम मैरिट प्राप्त करके एक परम्परा कायम कर दी जो कि अनवरत जारी है। संस्थान की छात्रा साक्षी वर्मा ने बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत के साथ-साथ सीयुईटी 2025 में ऑल इण्डिया टॉप किया। सत्र 2026 में छात्रा नैना धाकड़ और छात्र अंकित ने 98.60 प्रतिशत के साथ एवं छात्रा प्रतिभा शर्मा एवं अंकिता कृष्णियां ने 98 प्रतिशत के साथ टॉप किया। साथ ही कृषि संकाय में प्रियल ढाका ने 97.20 प्रतिशत से राजस्थान में टॉप किया। छात्रा अम्बिका व कल्पना शर्मा ने 97 प्रतिशत अंक अर्जित किये। संस्थान के 75 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत अधिक अंक अर्जित कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। डिग्री कॉलेज :- सन् 2007 से संचालित स्वामी केशवानन्द पीजी कॉलेज जहां से बी.ए. बी.एस.सी., बी. कॉम. एम. ए. एम. एस. सी कोर्स के साथ साथ यूपीएससी, आरपीएससी, एसएससी, बैंक पीओ, जैसी भर्तियों के लिए तैयारी करवाई जा रही है। महाविद्यालय के कई छात्र छात्राओं ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में उच्च रैंक हासिल कर उच्च पदों की शोभा बढ़ा रहे हैं। जिसमें मुकेश गोदारा, मोहसिन खान, सुमन बिजारणिया, सुरेश डारा, सुनीता महरिया जैसे छात्र-छात्राओं ने संस्थान के छात्रावास में रहकर ही मुकाम हासिल किया है। संस्थान 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए बीएड, बीएससी बीएड कोर्स संचालित हैं। स्पेशल डीएलईडी व बीएड संस्थान में दिव्यांग बच्चों के प्रशिक्षण हेतु स्पेशल डीएलईडी व बीएड कोर्स संचालित किया है। आधुनिक सुख सुविधाओं से युक्त लेबोरेट्री एवं वातानुकूलित डिजिटल कक्षा कक्ष के साथ प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी संस्थान में JET, CLET, CUET की तैयारी अनुभवी एवं प्रशिक्षित प्राध्यापकों के द्वारा करवाई जाती है। विद्यार्थी इन परीक्षाओं के माध्यम से प्रतिवर्ष JET परीक्षा पास कर देश के उत्कृष्ट कृषि विज्ञान विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाते हैं तथा CLET परीक्षा पास कर देश केन्द्रीय विधि कॉलेजों में प्रवेश पाते हैं। CUET में चयनित विद्यार्थी देश के उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाते हैं। खेल जगत :- संस्थान पढ़ाई के साथ-साथ खेल जगत में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है, यहां के प्रशिक्षित खिलाड़ी पूरी दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ रहे हैं। संस्थान में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय के प्रशिक्षित कोचों द्वारा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। जैसे स्वीमिंग, बास्केटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, एथेलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबाल, हैन्डबाल, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, आर्चरी, शूटिंग, स्केटिंग आदि खेलों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है। इन सभी खेलों के लिए संस्थान में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाए गए हैं। हाल ही में संस्थान में विशाल इन्डोर स्टेडियम का निर्माण किया गया है। जिसमें एकसाथ बेडमिंटन, वॉलीबाल, रेसलिंग, बॉक्सिंग, हैण्डबॉल जैसे खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा स्टेडियम के फर्स्ट फ्लोर पर विशाल जिम की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है जिसमें एकसाथ 500 लोग अपने शरीर को फिट रखने के लिए व्यायाम आदि कर सकते हैं। स्वामी केशवानन्द के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। यहां से तैराकी के क्षेत्र में अंकित राठौड़ बी.एस.एफ. (सैन्यबल) से भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। छात्रावास में रहकर छात्र अजय डागर ने राजस्थान पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। इसी तरह तैराकी में भी लक्की अली खान, मोहम्मद अनश, कुनाल फोजदार, कुसुम कुमावत, यशवंत राठौड़, मयंक ढ़ाका जैसे अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है। इसी प्रकार से बास्केटबाल में भारत की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए जितेन्द्र शर्मा तथा छात्र जयदीप राठौड़ ने जी-20 देशों का प्रतिनिधित्व किया तथा सार्क देशों के आयोजित टूर्नामेंट में मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। स्केटिंग में दीपान्शु नैण ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक तथा गौरवी सिंह ने डरबी रोलर स्केटिंग में राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। वॉलीबाल के क्षेत्र में वीरेन्द्र रणवा ने भारत का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करते हुए दुबई (बहरीन) में एशियन अण्डर 20 गेम्स में अपनी शानदार प्रस्तुति दी। ऐथेलिटिक्स

रबड़ी रेसिपी: दूध से घर पर बनी मीठी-मीठी रबड़ी, 30 मिनट में हलवाई जैसी गाढ़ी और लच्छेदार बनेगी; जानिए सीक्रेट रेसिपी स्टेप-बाय-स्टेप

रबड़ी रेसिपी: दूध से घर पर बनी मीठी-मीठी रबड़ी, 30 मिनट में हलवाई जैसी गाढ़ी और लच्छेदार बनेगी; जानिए सीक्रेट रेसिपी स्टेप-बाय-स्टेप

रबड़ी रेसिपी: भारतीय मिठाइयों में रबड़ी ने अपनी खास जगह हासिल की है। दूध से इसे धीरे-धीरे-धीरे-धीरे पकाकर बनाया जाता है, यह पारंपरिक मिठाई अपनी मलाईदार ताकत और लच्छेदार स्वाद के लिए जानी जाती है। रॉयल स्लाइस, जलेबी, आइसक्रीम या फिर अकेले भी रबड़ी खाई जाती है। ये हर मशीन पर फिट बैठती है। उत्तर भारत के प्रकाशन और त्योहारों में रम्मी खूब देखने को मिलती है। बनारस की डायरी से लेकर दिल्ली के फ्लैट तक इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। लेकिन आज कल बाजार की रबड़ी में अक्सर उत्पाद देखने को मिल रही है। ऐसे में आपकी सेहत के लिए अच्छा यही है कि आप इसे घर पर ही बना लें। घर पर बनी रबरी न सिर्फ शुद्ध होगी, बल्कि इसका स्वाद भी कहीं ज्यादा बेहतर होगा। रबड़ी बनाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? सबसे पहले एक भारी-भरकम मजबूत वाली स्ट्राबेरी में 1.5 लीटर दूध डाला गया और कीमत लें पर तेज दाम दिया गया। वॉल्यूम आने के बाद नामांकित कर दें। जब दूध के ऊपर मलाई की परत बन जाए, तो लकड़ी की कढ़ी या मसाले से उसे केकड़े पर चिपकाते रहें। समुद्रतट-समुद्र तट पर दूध को हिलाते रहें ताकि जले नहीं, बल्कि ऊपर की ओर मलाई को ज्यादा डिस्टर्ब भी ना करें, उसे किनारे में चिपकाते रहें। दूध को तब तक क्षमता जब तक वह अपनी मूल मात्रा का लगभग एक घटक (लगभग 500 मिली) रह जाये। अब इसमें चीनी, केसर वाला दूध और इलायची पाउडर शामिल है। चीनी बढ़िया से बढ़िया। अब स्टैण्डर्ड पर चिपकने वाली सारी मलाई को खरचकर गाधे दूध में डाल दीजिए। यही स्टेप रबरी को असली लच्छेदार मजबूत बनाता है। आखिरी बार नॉटआउट केट मेवे स्टोइक दो मिनट और अंतिम। गैस बंद कर दें। फ्लाइट तो आप इसमें गुलाब जल भी डाल सकते हैं। रबरी को गर्म-गर्म घरों में या फ़र्ज़ी में ठंडा करके देखें। यह रॉयल स्लाइस और जलेबी के साथ कमाल का कॉम्बिनेशन बनता है। हमेशा फुल क्रीम दूध ही इस्तेमाल करें, इससे रबड़ी ज्यादा मलाईदार रहेगी। पूरी तरह से प्रक्रियागत दाखिले पर ही करें, स्पंज से स्वीकृत। मलाई को बार-बार साथी पर चिपकाते रहना रबड़ी का सबसे बड़ा राज है। यह पारंपरिक विधि हलवाई स्टाइल्स रबरी बनाने में मदद करती है। घरेलू रेसिपी में आसानी से तैयार होने वाली यह रेसिपी त्योहारों और परेशानियों के लिए प्रभावित करती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)रबड़ी रेसिपी(टी)घर की बनी मिठाई(टी)भारतीय मिठाई(टी)गाढ़ी रबड़ी(टी)लछेदार रबड़ी(टी)पारंपरिक भारतीय मिठाई(टी)दूध मिठाई(टी)रबडी रेसिपी(टी)उत्सव मिठाई(टी)स्वस्थ मिठाई

गर्मियों में हर दिन खरबूजा खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जानकर होंगे हैरान

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Last Updated:April 04, 2026, 19:27 IST Summer superfruit muskmelon benefits: खरबूजा गर्मियों का फल है, जो पानी से भरपूर होता है. काफी लोग इसे इसलिए नहीं खाते हैं, क्योंकि इसकी स्मेल थोड़ी अजीब सी होती है. लेकिन, आपको ये फल काटकर खाना पसंद नहीं है तो आप इसका जूस भी बनाकर पी सकते हैं. यह गर्मियों में शरीर को कई लाभ पहुंचाता है. डिहाइड्रेशन से बचे रहने के लिए आप पानी तो पीते हैं, लेकिन पानी से भरपूर इस फल का भी सेवन रेगुलर करें और पाएं इसके ये ढेरों फायदे. खरबूजा गर्मियों का सुपरफ्रूट है, क्योंकि ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है. पानी होने के कारण शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है. आयुर्वेद में इसे गर्मियों के लिए वरदान बताया गया है, क्योंकि ये फल प्यास तो बुझाता ही है, साथ ही शरीर डिहाइड्रेशन से भी बचाए रखता है. खरबूजे में कौन से पोषक तत्व होते हैं- तरबूज की ही तरह, खरबूजे में भी पानी की मात्रा सबसे अधिक होती है. इस फल में 90-95 प्रतिशत तक पानी होता है. इसके साथ ही, ये फल फाइबर, विटामिन ए, सी, फाइबर, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं. ये लो कैलोरी और लो फैट वाला फल है. खरबूजे में लगभग 90-95 फीसदी पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है. अधिक मात्रा में फाइबर होने के कारण ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. पेट साफ होता है. कब्ज की समस्या दूर होती है. पेट साफ रहता है तो संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजे एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है. यदि आपको डायबिटीज है तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें. इसमें विटामिन ए होने के कारण आंखों को भी हेल्दी रखता है. विटामिन सी होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करता है, जिससे आप इंफेक्शन, छोटी-मोटी बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्त शामक माना गया है. शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है. पेट को ठंडक पहुंचाता है. इस फल में बीटा-कैरोटीन, कुछ अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स होने के कारण ये फ्री रैडिकल्स से लड़कर शरीर को गंभीर रोगों से बचाए रखते हैं. खरबूजा में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करने के साथ ही वजन भी कंट्रोल करता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि फाइबर युक्त चीजों को खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है. आप कुछ भी उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं, जिससे वजन को कम करना आसान हो जाता है. खरबूजा में विटामिन ए और सी पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं. गर्मी में धूप और पसीने से त्वचा काफी प्रभावित होती है. स्किन टैन हो जाता है. खरबूजा इन परेशानियों को दूर करने में काफी हद तक कारगर साबित हो सकता है. First Published : April 04, 2026, 19:27 IST

विदिशा में शराब दुकान गली में शिफ्ट:मुख्य मार्ग से हटने पर रहवासियों ने जताया आभार, वापसी पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा में शराब दुकान गली में शिफ्ट:मुख्य मार्ग से हटने पर रहवासियों ने जताया आभार, वापसी पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा के पीतल मिल चौराहे पर पिछले तीन वर्षों से संचालित हो रही शराब दुकान को इस बार नए ठेके के साथ मुख्य मार्ग से हटाकर गली के अंदर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के रहवासियों और दुकानदारों ने राहत महसूस की है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और इस बदलाव के लिए आभार व्यक्त किया। रहवासियों के अनुसार, मुख्य सड़क पर शराब दुकान होने से अक्सर अव्यवस्था और जाम की स्थिति बनती थी। इस मार्ग से बच्चों और महिलाओं का लगातार आवागमन रहता है, और पास में एक मंदिर भी है, जिससे धार्मिक गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसे में दुकान के कारण कई बार असहज माहौल बन जाता था। स्थानीय निवासी प्रेम सिंह दांगी ने बताया कि मुख्य मार्ग पर दुकान होने से सामाजिक और यातायात संबंधी समस्याएं बढ़ रही थीं। अब दुकान को गली में शिफ्ट किए जाने से इन समस्याओं में काफी कमी आई है। हालांकि, क्षेत्र के लोगों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि शराब ठेकेदार दुकान को फिर से पुराने स्थान पर शुरू कराने का प्रयास कर सकता है। इस पर उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी कि यदि दुकान को दोबारा मुख्य मार्ग पर खोला गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान को वर्तमान स्थान पर ही रखा जाए और उसे पुराने स्थान पर दोबारा संचालित करने की अनुमति न दी जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे।

प्रेग्नेंसी में खांसी से परेशान? बिना दवा के ये आसान घरेलू उपाय देंगे तुरंत राहत, मां और बेबी दोनों रहेंगे सेफ

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Last Updated:April 04, 2026, 19:18 IST प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिससे इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है और खांसी जैसी समस्याएं आसानी से हो सकती हैं. हालांकि यह एक आम परेशानी है, लेकिन इस समय इसका सही और सुरक्षित इलाज करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि किसी भी दवा या लापरवाही का असर मां के साथ-साथ बच्चे पर भी पड़ सकता है. इसलिए खांसी होने पर घबराने की बजाय सही घरेलू उपाय और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है. प्रेग्नेंसी में कैसे रखें खुद का ध्यान. प्रेग्नेंसी के दौरान खांसी होना एक आम समस्या है, लेकिन इस समय किसी भी दवा का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना जरूरी होता है. क्योंकि मां जो भी लेती है, उसका असर सीधे बच्चे पर पड़ सकता है. आमतौर पर सर्दी, एलर्जी, मौसम में बदलाव या इम्युनिटी कमजोर होने की वजह से खांसी हो सकती है. ऐसे में सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि खांसी हल्की है या लगातार बनी हुई है, ताकि सही तरीके से इसका इलाज किया जा सके. सबसे पहले घरेलू और सुरक्षित उपाय अपनाना बेहतर माना जाता है. गुनगुना पानी पीना खांसी में काफी राहत देता है, क्योंकि यह गले को हाइड्रेट रखता है और जलन कम करता है. शहद और अदरक का सेवन भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इनमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गले की खराश को शांत करते हैं. आप चाहें तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पी सकती हैं या अदरक का हल्का काढ़ा भी ले सकती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा मात्रा से बचें. भाप लेना (स्टीम इनहेलेशन) भी एक सुरक्षित और असरदार तरीका है. इससे गले और नाक की सूजन कम होती है और कफ ढीला होकर बाहर निकलने में मदद मिलती है. इसके अलावा नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करने से गले की इंफेक्शन और सूजन में राहत मिलती है. ये सभी उपाय बिना किसी साइड इफेक्ट के खांसी को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. प्रेग्नेंसी में खानपान का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. ठंडी चीजें, ज्यादा मसालेदार या तली-भुनी चीजों से दूरी बनाना बेहतर होता है, क्योंकि ये गले को और ज्यादा खराब कर सकती हैं. इसके बजाय गर्म सूप, हर्बल चाय और विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा या आंवला लेना इम्युनिटी को मजबूत करता है और शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. हालांकि, हर खांसी को हल्के में लेना सही नहीं है. अगर खांसी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, बुखार के साथ हो, सांस लेने में दिक्कत हो या बलगम में खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है. सही समय पर सही इलाज से मां और बच्चे दोनों की सेहत सुरक्षित रखी जा सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 19:18 IST

‘कांग्रेस और वामपंथी दिग्गजों में माधु’, केरल में समर्थकों पर भड़के पीएम मोदी, केरल स्टोरी से धुरंधर तक का किया ज़िक्र

'कांग्रेस और वामपंथी दिग्गजों में माधु', केरल में समर्थकों पर भड़के पीएम मोदी, केरल स्टोरी से धुरंधर तक का किया ज़िक्र

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को कांग्रेस और आश्रम पर एकजुट होकर उन्हें समर्थन दिया। उन्होंने कहा था कि वे केरल स्टोरी से लेकर धुरंधर तक हर चीज को सिखा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे खुद ही झूठ बोलकर पूरी तरह से खाना बना चुके हैं। केरल के तिरुवनंतपुरम में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘एलडीएपी और फॉक्स न्यूज के खाते में पैसा बन गया है। उन्होंने कहा कि केरल स्टोरी स्टोरी है, केम फाइल्स झूठी है और धुरंधर भी झूठी है।’ यूसीसी और एफसीआरए को लेकर फैलाया जा रहा झूठ: पीएम मोदी कांग्रेस पर तीखा हमला करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी की टीमें बेकार हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये स्कीम एफसीआरए और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में हाल ही में संशोधनों को लेकर लोगों में डर और भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘आजकल ये लोग एफसीआरए और यूसीसी के बारे में काफी बड़े पैमाने पर झूठ फैला रहे हैं. गोएग में दशकों से यूसीसी लागू है, लेकिन उसके बारे में भी फर्जीवाड़ा चल रहा है। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समय भी ऐसा ही किया था। ये लोग झूठ बोलने का काम कर रहे हैं।’ कांग्रेस की चाहत खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझेः पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपनी पार्टी में कांग्रेस नेताओं पर खतरनाक बयानबाजी करते हुए मध्य पूर्व में भारतीय नागरिकों की जिंदगी को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी यह चाहती है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के दौरान देश भारत को अपने शत्रुओं के प्रति संवेदनशील बनाए, कि हम यहां कोई गलती करें, ऐसा कोई बयान और खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीय संकट का सामना करें और उनकी जान को खतरा हो। इसलिए कांग्रेस ऐसे बयान दे रही है जिससे खाड़ी देश नाराज हो गया है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस कांग्रेस के फायदे के लिए इन उद्यमों की सुरक्षा से समझौता करने को तैयार है और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने का काम कर रही है।’ ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान से भारत की मध्य पूर्व में मजबूत स्थिति प्रभावित हो सकती है।’ यह भी पढ़ें: स्टालिन की DMK, विजय थलपति की TVK या AIADMK… तमिलनाडु में किस पार्टी को मिलेगा बहुमत? सर्वे के आंकड़े ने चौंकाया

पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपों की व्याख्या: स्कूल नौकरी घोटाले से लेकर ‘चार्जशीट’ की राजनीति तक | चुनाव समाचार

Gujarat Titans vs Rajasthan Royals Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Narendra Modi Stadium Ahmedabad. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 19:08 IST 2026 के चुनावों से पहले टीएमसी और बीजेपी के व्यापार आरोपों के कारण पश्चिम बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार के घोटाले हावी हैं, प्रमुख टीएमसी नेता जमानत पर हैं और बीजेपी आक्रामक अभियान हमले कर रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी कोलकाता में नादिया के पार्टी नेताओं के साथ बैठक के दौरान पार्टी नेता पार्थ चटर्जी (आर) के साथ। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लड़ाई में भ्रष्टाचार के आरोप एक मुख्य मुद्दा बन गए हैं, क्योंकि राज्य 2026 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है, इसलिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों मामलों, अदालती घटनाक्रमों और जवाबी आरोपों को हथियार बना रही हैं। विवाद के केंद्र में शिक्षा, खाद्य वितरण और कथित अवैध व्यापार नेटवर्क जैसे क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ टीएमसी नेताओं से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों की एक श्रृंखला है। राजनीतिक रूप से सबसे अधिक नुकसानदायक स्कूल भर्ती घोटाला रहा है, जहां अदालत के हस्तक्षेप के बाद 25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण नौकरियां रद्द कर दी गईं। पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, जो कभी टीएमसी में एक प्रमुख संगठनात्मक व्यक्ति थे, को 2022 में उनके सहयोगी से जुड़ी संपत्तियों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। मामले का दायरा बढ़कर माणिक भट्टाचार्य, जिबनकृष्ण साहा और कुंतल घोष जैसे पार्टी के अन्य नेताओं को भी इसमें शामिल कर लिया गया। इसके समानांतर, राशन वितरण घोटाले में वरिष्ठ नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक की गिरफ्तारी हुई, जबकि मवेशी तस्करी मामले में कद्दावर नेता अणुब्रत मंडल को केंद्रीय एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। कल्याण वितरण और कथित अवैध व्यापार से जुड़े ये मामले विपक्ष के प्रणालीगत भ्रष्टाचार के व्यापक आख्यान में शामिल हो गए। राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट रहा है। विशेष रूप से, स्कूली नौकरियों के मामले ने एक संवेदनशील तंत्रिका पर प्रहार किया, जिसने हजारों उम्मीदवारों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया, भ्रष्टाचार को एक अमूर्त आरोप से एक जीवित शिकायत में बदल दिया। कल्याण से जुड़े आरोप, जैसे कि राशन वितरण से जुड़े आरोप, ने गरीब वर्गों के बीच चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है। हालाँकि, हाल के महीनों में कथा विकसित हुई है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चटर्जी, मल्लिक और मोंडल सहित कई प्रमुख टीएमसी नेता अब अदालत के आदेश के बाद जमानत पर बाहर हैं। पश्चिम बंगाल को लंबित मनरेगा फंड जारी करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को भी टीएमसी ने केंद्र के साथ अपने झगड़े में पुष्टि के रूप में पेश किया है। एक वरिष्ठ टीएमसी नेता ने प्रकाशन को बताया कि “राजनीति पूरी तरह से धारणा के बारे में है”, उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी नेताओं की जमानत को समर्थकों द्वारा बरी नहीं तो राहत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने इन घटनाक्रमों का इस्तेमाल यह तर्क देने के लिए किया है कि भाजपा के आरोप राजनीति से प्रेरित थे, अभिषेक बनर्जी ने फंड रोकने को बंगाल को “दंडित” करने का प्रयास बताया। आरोपों का सामना कर रहे नेताओं ने भी बगावती सुर छेड़ दिया है. ज्योतिप्रिय मल्लिक ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि आगामी चुनावों में “रिकॉर्ड जीत” उनकी गिरफ्तारी के पीछे एक साजिश के रूप में वर्णित उनकी प्रतिक्रिया होगी, यह संकेत देते हुए कि आरोपी राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और पार्टी संरचना के भीतर अंतर्निहित हैं। हालाँकि, भाजपा ने अपना हमला दोगुना कर दिया है। पार्टी के नेता टीएमसी को “पूरी तरह से भ्रष्ट” बताते रहे, उनका तर्क है कि जमानत क्लीन चिट नहीं है। ज़मीनी स्तर पर, यह लक्षित अभियानों में तब्दील हो गया है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने हाल ही में मालदा और मुर्शिदाबाद में छह टीएमसी विधायकों के खिलाफ “चार्जशीट” जारी की, जिसमें भ्रष्टाचार, शासन विफलताओं और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप लगाया गया। टीएमसी ने इन्हें राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है और बीजेपी पर मतदाताओं के ध्रुवीकरण की कोशिश का आरोप लगाया है. भ्रष्टाचार की बहस टीएमसी तक ही सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों और राजनीतिक गठजोड़ से जुड़े सवाल भी चर्चा में आ गए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच में पाया गया कि विभिन्न दलों के कई विपक्षी नेताओं – जिनमें बंगाल के लोग भी शामिल हैं – ने देखा कि भाजपा में शामिल होने के बाद मामले धीमे हो गए या रुक गए, इस घटना को विपक्षी दल अक्सर “वॉशिंग मशीन” प्रभाव के रूप में वर्णित करते हैं। भाजपा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि एजेंसियां ​​सबूतों के आधार पर काम करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, जो कभी टीएमसी के वरिष्ठ नेता थे, जो 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे, नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में आरोपी बने हुए हैं, और मामला अभियोजन की मंजूरी के लिए लंबित है। इसी तरह, कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी, जो छोड़ने से पहले कुछ समय के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, को बाद में उसी मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह जमानत पर बाहर हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए, इस इलाके में नेविगेट करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति की आवश्यकता है। 2023 की एक रिपोर्ट में, इंडियन एक्सप्रेस ध्यान दें कि टीएमसी ने न केवल आरोपों का विरोध करके बल्कि राजनीतिक प्रवचन को फिर से तैयार करके भ्रष्टाचार की कहानी का मुकाबला करने की कोशिश की। इसमें पिछले शासनों के तहत कथित प्रथाओं के साथ समानताएं बनाने के प्रयास शामिल हैं। एक उदाहरण में, टीएमसी नेता उदयन गुहा ने सार्वजनिक रूप से अपने ही पिता, जो वामपंथी सरकार में पूर्व मंत्री थे, पर अनियमित नौकरी नियुक्तियों का आरोप लगाया, जो वर्तमान व्यवस्था से परे भ्रष्टाचार की बहस को व्यापक बनाने के प्रयास का संकेत है। साथ ही, पार्टी ने आरोपों से ध्यान हटाकर शासन पर केंद्रित करने के लिए कल्याण वितरण और प्रत्यक्ष मतदाता पहुंच को दोगुना कर दिया है। लक्ष्मी भंडार और कन्याश्री जैसी योजनाओं पर निरंतर जोर इस दृष्टिकोण को दर्शाता है, भले ही विपक्ष भ्रष्टाचार के मामलों पर ध्यान

चमकती स्किन और मजबूत बालों का सीक्रेट छुपा है आपके आंगन में, एक्सपर्ट से जानें एलोवेरा इस्तेमाल करने का सही तरीका

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Last Updated:April 04, 2026, 19:05 IST Aloe Vera Benefits: प्रकृति ने हमें औषधीय पौधों के रूप में अनमोल खजाना दिया है, जो न केवल गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सक्षम हैं, बल्कि हमारी सुंदरता को भी चार चांद लगा सकते हैं. आज के दौर में जब हर कोई बेदाग और चमकदार त्वचा की चाहत में महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर रहा है, तब आपके घर के आंगन में लगा एक छोटा सा पौधा ‘एलोवेरा’ गेम चेंजर साबित हो सकता है. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि एलोवेरा का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो भीषण गर्मी में भी आपकी त्वचा और बाल कुदरती रूप से चमकते रहेंगे. प्रकृति ने हमें औषधीय पौधों के रूप में अनमोल खजाना दिया है, जो न केवल गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सक्षम हैं, बल्कि हमारी सुंदरता को भी चार चांद लगा सकते हैं. हमें विभिन्न प्रकार की दवाइयां की आवश्यकता नहीं होगी. वहीं, दूसरी ओर हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा अच्छी रहे, वह सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखें. इसके लिए वह विभिन्न प्रकार के बाजार के प्रोडक्ट का भी उपयोग करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर आंगन में ही एक ऐसा औषधीय पौधा भी मौजूद है. जिसका उपयोग अगर आप करते हैं, तो आपकी त्वचा में गिलोय भी बना रहेगा. आप गर्मी के मौसम में भी काफी खूबसूरत दिखेंगे. दरअसल, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बॉटनी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं आयुर्वेदिक मेडिसिन प्लांट के एक्सपर्ट प्रोफेसर विजय मलिक के अनुसार आयुर्वेद की दृष्टि से एलोवेरा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. बाजार में मिलने वाले सभी सौंदर्य प्रोडक्ट में एलोवेरा का उपयोग किया जाता है. ऐसे में अगर आप नॉरमल फॉर्म में एलोवेरा का उपयोग करेंगे तो निश्चित तौर पर आपकी त्वचा के लिए काफी बेहतर है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि एलोवेरा के अंदर विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जो पोषण देता है, ऐसे मगर आप एलोवेरा की जेल को अपनी त्वचा पर लगाएंगे. तो इससे आपकी त्वचा काफी बेहतर रहेगी. उन्होंने बताया कि एलोवेरा का उपयोग करने से पहले एलोवेरा के ऊपरी हिस्से को आप किसी भी नुकीली चीज से अच्छे से कांटे. उसके बाद उसकी ऊपरी परत को हटाए, लेकिन ध्यान रहे इसमें कांटे होते हैं. वह आपके ना लगे जब आप इसकी ऊपरी परत को अच्छे से निकाल देंगे. तब इसके अंदर जो सफेद जेल निकलता है. उसका आप उपयोग कर सकते हैं. इसका उपयोग आपकी त्वचा के लिए काफी बेहतर हो सकता है. उन्होंने बताया कि यह आपकी त्वचा की गिलोय के साथ ही वालों को भी काफी मजबूती प्रदान करता है. बालों में खूबसूरत शाइनिंग एवं चेहरे की गिलोय के माध्यम से आप काफी सुंदर दिख सकते हैं. वहीं गर्मी के मौसम में विभिन्न प्रकार के फंगस के कारण त्वचा को नुकसान होता है, उसमें भी यह आपका बचाव करेगा. उन्होंने बताया कि एलोवेरा जेल जलन और खुजली को भी कम करने में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. वही भीषण गर्मी में धूप के नुकसान से भी बचाने में आपकी मदद करेगा. इसके साथ ही बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में यह मदद करता है. साथ ही, एलोवेरा के जेल का जूस पेट की समस्याओं का भी समाधान करता है. क्योंकि इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और इम्यून सिस्टम से संबंधित औषधि गुण भी पाए जाते हैं. बताते चलें कि आयुर्वेदिक औषधियां का उपयोग सीमित मात्रा में ही किया जाता है. ऐसे में अगर आप भी एलोवेरा का उपयोग करना चाहते हैं. तो इससे पहले आप आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह अवश्य कर ले. जिससे कि एलोवेरा के अनेकों फायदे उठा सके. साथ ही इसका उपयोग करते समय कुछ सावधानी बरतनी होती है. जो आपको एक्सपर्ट अच्छे सेबता सकते हैं. First Published : April 04, 2026, 19:05 IST

मुकेश कुमार ने 2 बेहतरीन कैच पकड़े:बुमराह के डायरेक्ट हिट से नीतीश रन आउट, निसांका के 2 कैच छूटे; रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स

मुकेश कुमार ने 2 बेहतरीन कैच पकड़े:बुमराह के डायरेक्ट हिट से नीतीश रन आउट, निसांका के 2 कैच छूटे; रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स

अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स ने मुंबई इंडियंस को 6 विकेट से हरा दिया। DC के पेसर मुकेश कुमार ने 2 बेहतरीन कैच पकड़े। पाथुम निसांका को 2 जीवनदान मिले। वहीं जसप्रीत बुमराह के डायरेक्ट हिट ने नीतीश राणा को पवेलियन भेजा। DC vs MI मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. रोहित के दिल्ली के खिलाफ 50 सिक्स पूरे रोहित शर्मा के दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 50 सिक्स पूरे हो गए हैं। वे IPL में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। इस सूची में क्रिस गेल टॉप पर काबिज हैं, जिन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ 61 और कोलकाता के खिलाफ 54 सिक्स लगाए हैं। 2. रोहित-सूर्या ने 10वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप की रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की जोड़ी ने मुंबई इंडियंस के लिए 10वीं बार 50+ रन की साझेदारी की है। इसके साथ ही यह जोड़ी टीम के लिए सबसे ज्यादा फिफ्टी पार्टनरशिप करने वाली जोड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। इस मामले में रोहित और ईशान किशन की जोड़ी 18 साझेदारियों के साथ टॉप पर है, जबकि सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा 13 साझेदारियों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स.. 1. रिकेल्टन-रोहित ने चौके से अपना खाता खोला मुंबई के लिए रायन रिकेल्टन और रोहित शर्मा ने चौके से अपना खाता खोला। पहले ओवर की पहली ही गेंद पर मुकेश कुमार की गुड लेंथ गेंद को रायन रिकेल्टन ने मिड-ऑन के पास गैप में खेलकर चौका लगा दिया। इसके बाद दूसरे ओवर में रोहित शर्मा ने लुंगी एनगिडी की बॉल पर चौका लगा दिया। लुंगी ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी। रोहित ने आगे बढ़कर शॉट खेला, गेंद बल्ले का किनारा लेकर पॉइंट के पीछे गैप में गई और चौके के लिए निकल गई। 2. मुकेश ने खुद की बॉल पर कैच लिया दूसरे ओवर में मुकेश कुमार ने तिलक वर्मा को कैच एंड बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई धीमी गेंद पर तिलक वर्मा ड्राइव खेलने गए, लेकिन टाइमिंग गड़बड़ा गई। गेंद हल्के से उछलकर गेंदबाज की ओर ही चली गई, जहां मुकेश कुमार ने फॉलो-थ्रू में आगे बढ़ते हुए झुककर शानदार कैच लपक लिया। तिलक वर्मा 2 गेंदों में खाता खोले बिना आउट हो गए। 3. मुकेश के रनिंग कैच से रदरफोर्ड आउट 12वें ओवर में मुंबई का चौथा विकेट गिरा। विपराज निगम ने इस ओवर में शेरफेन रदरफोर्ड को आउट कर दिया। रदरफोर्ड ने स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉट में दूरी कम और ऊंचाई ज्यादा थी। गेंद डीप स्क्वायर लेग की ओर गई, जहां मुकेश कुमार ने दाईं ओर तेजी से दौड़ते हुए शानदार कैच लपका। रदरफोर्ड 7 गेंदों में 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 4. सूर्या फिफ्टी की अगली ही बॉल पर आउट 16वें ओवर में लुंगी एनगिडी ने मुंबई के कप्तान सूर्यकुमार यादव को LBW कर किया। बैक ऑफ लेंथ गेंद पर सूर्यकुमार पुल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद की रफ्तार और उछाल को सही तरह से पढ़ नहीं सके और गेंद सीधे उनके जांघ पर लगी। अंपायर ने काफी सोचने के बाद उन्हें आउट दिया, जिसके बाद सूर्यकुमार ने रिव्यू लिया। रिप्ले में दिखा कि इम्पैक्ट ऑफ स्टंप पर था और गेंद विकेट्स पर जा रही थी, ऐसे में फैसला बरकरार रहा। सूर्यकुमार यादव 36 गेंदों में 51 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। इसके एक बॉल पहले ही उन्होंने फिफ्टी पूरी की थी। 5. बुमराह के डायरेक्ट हिट से नीतीश रनआउट दिल्ली का दूसरा विकेट रनआउट से गिरा। जसप्रीत बुमराह के डायरेक्ट हिट के चलते नीतीश राणा रनआउट हो गए। ऑफ स्टंप की धीमी गेंद को राणा ने मिड-विकेट की ओर खेला और रन के लिए दौड़ पड़े। लेकिन बीच में हल्का सा रुकने की वजह से तालमेल बिगड़ गया। बुमराह ने गेंद उठाई और थ्रो मारकर स्टंप्स बिखेर दिए। नीतीश राणा डाइव लगाने के बावजूद क्रीज से काफी दूर रह गए और 3 गेंदों में बिना खाता खोले आउट हो गए। 6. निसांका को 2 जीवनदान मिले दिल्ली के ओपनर पाथुम निसांका को 2 जीवनदान मिले। चौथे ओवर में दीपक चाहर और 9वें ओवर में नमन धीर से कैच छूटा। चौथे ओवर की चौथी बॉल चाहर ने बैक ऑफ लेंथ फेंकी, पाथुम निसांका ने आगे बढ़कर शॉट खेला। गेंद सीधे गेंदबाज की ओर चली गई। चाहर के पास कैच का मौका था, लेकिन गेंद काफी तेजी से आई और उनके हाथों से छूट गई। 9वें ओवर में फिर नमन धीर ने कैच छोड़ा। ओवर की दूसरी बॉल कॉर्बिन बॉश ने लेग स्टंप पर शॉर्ट पिच फेंकी। निसांका ने शॉट खेला, लेकिन गेंद लॉन्ग लेग बाउंड्री की ओर चली। नमन धीर ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई। निसांका फिर 44 रन बनाकर मिचेल सैंटनर की गेंद पर कैच हुए।

‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था

‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके हर पहलू पर बहस शुरू हो गई है। इस बीच, टीवी की पौराणिक शृंखलाओं पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म में भगवान राम के लुक पर अपनी राय दी है और इसे एक चूक गया अवसर बताया है। Variety India की रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी के सुपरहिट शो ‘श्रीमद् रामायण’ और ‘राधाकृष्ण’ पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबप्रिया सेन ने कहा कि फिल्म का पहला टीजर उम्मीद के मुताबिक विस्मयकारी नहीं लगा। उनके अनुसार, टीवी पर राम और अन्य पात्रों के परिधानों की प्रेरणा भारतीय संस्कृति, मंदिरों और मूर्तियों से ली जाती थी। जैसे राम के मुकुट में सूर्य रथ का चक्र और पीला रंग, सीता के लिए मधुबनी छाप, और हनुमान के लिए अजंता, एलोरा और हम्पी की मूर्तियां। सेन के अनुसार, राम भारत की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए परिधानों में प्रयोग करते समय उनके दिव्य स्वरूप का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद उनके डिजाइन बहुत समृद्ध और जीवंत थे। दूसरी ओर, ‘हातिम’, ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव…महादेव’ जैसी पौराणिक शृंखलाओं में काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीरूषा निकहत ने कहा कि फिल्म में सौंदर्य और नवाचार की कमी है। उनका मानना है कि निर्माता नामित मल्होत्रा अधिक प्रयोगात्मक और यादगार डिजाइन ला सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में अनुभवहीन लोगों को शामिल किया गया, जबकि ऐसी परियोजना में अनुभवी डिजाइनर्स की जरूरत थी। डिजाइनर्स का कहना है कि बड़े बजट और तकनीकी स्वतंत्रता के बावजूद फिल्म में परिधानों और आभूषणों में और अधिक सांस्कृतिक और रचनात्मक गहराई हो सकती थी। यह परियोजना दर्शकों के लिए एक चूक गया रचनात्मक अवसर साबित हुई। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन पहले लुक से साफ है कि इसमें और अधिक प्रामाणिक और यादगार सौंदर्यबोध दिखाया जा सकता था।