स्टालिन की डीएमके, विजय थलपति की टीवीके या एआईएडीएमके… तमिल में किस पार्टी को बहुमत? सर्वे के आंकड़े ने चौंकाया

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। इस बार के राज्य विधानसभा चुनाव में शॉफ़ल स्कूल्स और फ़्रांसीसी अन्नाद्रमुक को टक्कर देने के लिए मुख्य विपक्षी दल विजय पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) भी मैदान में उतरे हैं। हालाँकि, विधानसभा चुनाव से पहले जारी दो प्री-पोल सर्वे में सफ़ाई व्यापारी गठबंधन की जीत की संभावना जताई गई है। सर्वे में क्या हुआ खुलासा? लोक पोल की ओर से एक मार्च 2026 से एक अप्रैल 2026 तक किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन डीएमके राज्य की कुल 234 वोटों से लगभग 181 से 189 वोटों से जीत हासिल कर सकता है और उसे 40.1% वोट शेयर मीटिंग का अनुमान है। जबकि अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को राज्य में 38 से 42 सीटों पर जीत की संभावना जताई गई है। आइसलैंड वोट शेयर 29% है। वहीं, अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके), जो राज्य में पहली बार चुनाव लड़ रही है, को भी 8 से 10 सीटें और करीब 23.9% वोट शेयर मिलने का अनुमान है। इसके साथ-साथ एनटीके और अन्य संगठनों का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है, बेंचमार्क वोट शेयर क्रमशः 4.9% और 2.1% है। जनता के बीच किस पार्टी का वर्चस्व ज्यादा है सर्वेक्षण के अनुसार, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा चेहरे वाले एमके स्टालिन हैं, इसके बाद टीवीके प्रमुख विजय और अन्नाद्रमुक के एडापड्डी के हैं। पलानीस्वामी का चेहरा है. सर्वेक्षण में कहा गया है कि शिक्षकों के गठबंधन को बढ़त मिलने का मुख्य कारण उनकी मजबूत जन कल्याण योजनाएं हैं, जिसमें कलनार मगलिर उरीमाई थोगोई, मुफ्त बस यात्रा और नाश्ता योजना शामिल हैं। इस अधिसूचना में ग्रामी और सेमी-अर्बन रीच की महिलाओं पर विशेष प्रभाव डाला गया है। साथ ही, टीचर्स को सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि फ़ोर्स वोट क्वेश्चन और टीवीके के बीच बंटे रह रहे हैं। वहीं, विक्ट्री की पार्टी टीवीके को विशेष रूप से युवा, पहली बार वोट देने वाले और सरकार से प्रभावित लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। हालाँकि, अकेले चुनावी लड़ाई के कारण यह समर्थक में अधिकांश परतें नहीं हो सकीं। जबकि सर्वे के मुताबिक, एडापडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक आंतरिक अशांति जारी है। पार्टी में बँटवारे के कारण प्रमुख नेताओं की कमी और फ़्रांसीसी फ़्लोरिडा स्थिति, विशेष रूप से डेल्टा और दक्षिण अफ्रीका में, उनके प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। पोलर ट्रैक के आंकड़ों में किस पार्टी का हाल है? पोल ट्रैकर (पोल ट्रैकर) सर्वे के अनुसार, डीएमके गठबंधन को फिर से सत्ता में आने का अनुमान है, जिसमें उसे 172 से 178 वोट और करीब 42.7% वोट शेयर मिल सकते हैं। वहीं, एआईएडीएमके को 46 से 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जो कि काफी पीछे है। जबकि टीवीके को करीब 19.2% वोट शेयर के साथ 6 से 12 वोट मिल सकते हैं। इसके अलावा, एनटीके को 0 से 2 प्रतिशत और लगभग 5.1% वोट शेयर मीटिंग का अनुमान है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि अन्नाद्रमुक और भाजपा गठबंधन का कारण अल्पसंख्यक साझीदारों का गठबंधन है। इसके अलावा, मुदलियार, नायडू और मुस्लिम समुदाय सहित कई समुदाय व्यापक रूप से शिक्षक गठबंधन के पक्ष में सामने आ रहे हैं। यह भी पढ़ें: छत्र एयर स्पेशियलिटी टेकऑफ़ के 17 मिनट बाद ही टूट गया था एटीसी से संपर्क, एएआईबी रिपोर्ट में खुलासा
Analysis of Criminal Background, Financial, Education, Gender and othe Association for Democratic Reforms report

Hindi News National Kerala Assembly Elections 2026: Analysis Of Criminal Background, Financial, Education, Gender And Othe Association For Democratic Reforms Report तिरुवनंतपुरम42 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने विधानसभा चुनाव लड़ रहे कुल 883 में से 863 उम्मीदवारों के एफिडेविट का एनालिसिस कर शनिवार को यह रिपोर्ट जारी की। 339 करोड़पति प्रत्याशी हैं। यानी हर 5 में से 2 उम्मीदवार करोड़पति हैं। 2021 में राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव में 27% उम्मीदवार ही करोड़पति थे लेकिन 2026 में ये नंबर बढ़कर 39% हो गया। यानी 5 साल में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 48% बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 54% उम्मीदवार ग्रेजुएट नहीं हैं। वहीं, 48% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है। राज्य में सिंगल फेज में 9 अप्रैल को मतदान होगा। रिजल्ट 4 मई को आएगा। कांग्रेस, BJP और CPI के 182 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले कांग्रेस भाजपा और CPI के 255 में से 182 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस चल रहे हैं। 17 उम्मीदवारों पर हत्या से जुड़े आरोप हैं। वहीं, 15 पर महिला अपराध से जुड़े केस हैं। चुनाव लड़ रहे सभी दलों ने कम से कम 42% टिकट ऐसे कैंडिडेट्स को दिए हैं जिनपर आपराधिक मामले चल रहे हैं। 201 कैंडिडेट्स पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। केरल कांग्रेस के रेजी सबसे अमीर उम्मीदवार, 8 के पास संपत्ति ही नहीं अलप्पुझा जिले की कुट्टनाड सीट से केरल कांग्रेस के रेजी चेरियन 2026 केरलम विधानसभा चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। उनकी कुल संपत्ति 218 करोड़ रुपए है। वहीं, कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर सीट से SUCI(C) के आश्ना थम्बी की संपत्ति सिर्फ 84 रुपए है। 8 ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति जीरो बताई है। 2021 के विधानसभा चुनाव में जहां 27% उम्मीदवार करोड़पति थे, वहीं 2026 में ये संख्या 39% हो गई। हर उम्मीदवार की औसत संपत्ति 2.78 करोड़ है। BJP के एक उम्मीदवार की एवरेज संपत्ति 5.7 करोड़, कांग्रेस की 3.93 करोड़ और CPI(M) की 2.3 करोड़ रुपए है। सिर्फ 11% महिलाओं को टिकट 2011 जनगणना के मुताबिक, केरलम देश के उन राज्यों में से है जहां पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हैं। इसके बावजूद पार्टियों ने सिर्फ 11% (92) टिकट महिलाओं को दिए हैं। शिक्षा के मामले में भी केरलम देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक है। चुनाव लड़ रहे 54% उम्मीदवार ग्रेजुएट नहीं हैं। वहीं, 48% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है। चुनाव लड़ रहे 16% (140) उम्मीदवार 25 से 40 साल के हैं। 41 से 60 साल के 58% (497) उम्मीदवारों हैं। इसके अलावा, 26% (224) उम्मीदवार 61 से 80 साल के हैं। 2 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 साल से भी ज्यादा है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- केरलम में LDF जाएगी, NDA आएगी:पहले भी; राज्य में घर से वोटिंग की सुविधा केरलम के थिरुवल्ला पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि इस बार के चुनाव में केरलम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार जाएगी और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की सरकार आएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
MP के कोतमा में 4 मंजिला लॉज गिरी, 1 मौत:3 लोग गंभीर, कई लोग मलबे में दबे, रातभर चलेगा रेस्क्यू; बिल्डिंग गिरने का VIDEO

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम करीब 5:30 बजे चार मंजिला अग्रवाल लॉज अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं।शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। कई लोग मलबे में दबे हैं। हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी बिल्डिंग ढहती नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान हनुमान दीन यादव (55) के रूप में हुई है, जो टाइल्स लगाने का काम करता था। लॉज की चौथी मंजिल में काम कर रहा था। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर की कई हड्डियां टूट चुकी थीं। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर हर्षल पंचोली और एसपी मोती उर रहमान मौके पर पहुंचे। 3 घायलों को शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहीं शव मॉर्च्यूरी में रखे गए हैं। घटनास्थल पर 10-12 एंबुलेंस मौजूद हैं। वहीं हादसे पर CM मोहन यादव ने दुख जताया। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… 100 लोगों की टीम रेस्क्यू में जुटी SDRF और प्रशासन की करीब 100 लोगों की टीम मलबा हटाने में लगी है। 3 क्रेन और जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है। लॉज के गिरने से आसपास की कई दुकानें भी चपेट में आ गई हैं। अफरा-तफरी और जान बचाकर भागते लोग बिल्डिंग गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ लोग मलबे की चपेट में आ गए। लॉज के सामने खड़ा एक ट्रैक्टर भी फुटेज में दिखाई देता है, जिसे चालक ने बिल्डिंग गिरते ही तुरंत स्टार्ट कर भाग गया प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर प्रत्यक्षदर्शी अरुण सोनी के मुताबिक, बिल्डिंग एकतरफा गड्ढे की ओर गिरी। हादसे के बाद पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया और चीख-पुकार मच गई। उन्होंने बताया कि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ की मौत भी हुई है। मलबे के अंदर से लोगों के फंसे होने और चीखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। 12 फीट गहरी खुदाई बनी वजह नगर पालिका उपाध्यक्ष बद्री प्रसाद ताम्रकार ने बताया कि लॉज के ठीक बगल में करीब 20 बाई 50 फीट के प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए लगभग 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इस गड्ढे में पानी भर गया था, जिससे लॉज की नींव कमजोर हो गई। इसके बाद इमारत का एक हिस्सा उसी दिशा में धंस गया और पूरी बिल्डिंग गिर गई। कलेक्टर बोले- CM मोहन करेंगे मुआवजे का ऐलान कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तत्परता से जारी है। अब तक 4 लोगों को मलबे से निकाला गया है, जिनमें एक की मौत हो गई है। घायलों का इलाज जारी है। मुख्यमंत्री जल्द मुआवजे का ऐलान करेंगे। वहीं, मंत्री दिलीप जायसवाल ने हादसे को दुखद बताते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमें पूरी क्षमता के साथ राहत कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन है, जांच बाद में की जाएगी। हादसे पर CM मोहन यादव ने जताया दुख वहीं हादसे पर CM मोहन यादव ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत होना पीड़ादायक है। जिला प्रशासन, पुलिस एवं SECL द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक तीन नागरिकों को रेस्क्यू कर सकुशल निकाला गया है, जबकि NDRF की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। लॉज हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

पंजाब के पटियाला में सिविल जज पर एडिशनल सेशन जज के घर में चोरी करने के आरोप लगे हैं। सिविल जज के खिलाफ घटना के सात महीने बाद 21 मार्च को FIR दर्ज की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए सिविल जज द्वारा लगाई गई बेल भी कोर्ट ने रद्द कर दी। एडिशनल सेशन जज हरिंदर सिद्धू ने आरोपों को गंभीर मानते हुए सिविल जज की बेल को रिजेक्ट कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक मृतक सहकर्मी के आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में भारी मात्रा में सोना और अभूषण निकालना गंभीर आरोप है। पटियाला के एडिशनल सेशन जज कंवलजीत सिंह की एक अगस्त 2025 को अस्पताल में मौत हो गई थी। सिविल जज विक्रमदीप और अन्य लोगों पर आरोप है कि उसी दिन रात को उन्होंने एडिशनल सेशन जज के घर से सोना व आभूषण चोरी किए। सीसीटीवी फुटेज और वाट्सएप चैट के टाइम में अंतर सुनवाई के दौरान अदालत ने नोट किया कि विक्रमदीप और मृतक के बेटे अंगदपाल सिंह के बीच वाट्सऐप चैट और कॉल रात 10:15 बजे के बाद की है, जबकि CCTV फुटेज रात 9:50 बजे तक के हैं। इससे प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि सामान मृतक के बेटे से संपर्क करने से पहले ही हटा लिया गया था। एडिशनल सेशन जज के दोस्त की शिकायत पर हुई FIR सिविल जज व उसके सहयोगियों के खिलाफ मृतक एडिशनल सेशन जज के दोस्त व पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भूपिंदर सिंह विर्क की शिकायत पर 21 मार्च को FIR दर्ज हुई। उनके बेटे ने इस केस को प्रोसीड करने के लिए डॉ भूपिंदर सिंह विर्क को पावर ऑफ अटॉर्नी दी है। शिकायत में लगाए गए ये आरोप FIR के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को जब कंवलजीत सिंह का अमर अस्पताल पटियाला में निधन हो गया, उसी रात लगभग 8:46 बजे बिक्रमदीप सिंह ने मृतक के घर नंबर 74C, विकास कॉलोनी, पटियाला में साजिश रचकर घुसपैठ की। उनके साथ घरेलू नौकरानी अमरजोत कौर उर्फ पिंकी, गौरव गोयल (पूर्व सहयोगी) और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल थे। CCTV फुटेज में तीनों को घर में घुसते, सामान की तलाशी लेते और बॉक्स-बैग में पैतृक सोना, आभूषण तथा नकदी लेकर निकलते दिखाया गया है। शिकायतकर्ता डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क ने आरोप लगाया कि यह चोरी बिना किसी कानूनी अधिकार के और बेईमानी के इरादे से की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत दर्ज है। आरोपों पर आरोपी के वकीलों ने दे यह सफाई बिक्रमदीप सिंह की ओर से वकीलों अनीश जैन और अमित जैन ने अदालत में कहा FIR पूरी तरह झूठी और बदनाम करने के मकसद से 7 महीने बाद दर्ज कराई गई। मृतक कंवलजीत सिंह से पारिवारिक संबंध थे। लुधियाना में एक साथ पोस्टिंग के दौरान मृतक उन्हें परिवार का सदस्य मानते थे। उनकेनिधन की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे। वहां मृतक के पुत्र अंगदपाल सिंह ने फोन पर अनुरोध किया कि घर जाकर कीमती सामान सुरक्षित रख लें। भरोसेमंद नौकरानी पिंकी भी मदद करेगी। घर पहुंचकर अंगदपाल सिंह को वीडियो कॉल की और पूरे समय संपर्क में रहे। बाद में सामान अंगदपाल सिंह को सौंप दिया। अदालत को बताया कि अगर बेईमानी का इरादा होता तो खुद न जाते, गनमैन के साथ न जाते, कॉल पर न रहते और CCTV DVR भी ले जाते। वे न्यायिक अधिकारी हैं, पिता-दादा भी जज रह चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों (दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन केस) का हवाला देते हुए विशेष संरक्षण की मांग की। जांच में शामिल होने को तैयार हैं। कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत, जानिए… अदालत ने जांच रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, व्हाट्सएप चैट और दोनों पुत्रों के बयान देखने के बाद याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। एक न्यायिक अधिकारी पर सहकर्मी जज के घर से चोरी का आरोप है, जो न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है। CCTV फुटेज में याचिकाकर्ता की उपस्थिति और सामान निकालने का तरीका प्रथम दृष्टया गुप्त और संदिग्ध दिखता है। मृतक के बेटे से व्हाट्सएप चैट और कॉल का समय रात 10:15 बजे के बाद का है, जबकि CCTV फुटेज में सामान 9:50 बजे तक निकाल लिया गया था यानी संपर्क बाद में हुआ। सिविल जज की तरफ से पेश की गई चैट में किसी भी प्रकार की अनुमति या सौंपने का जिक्र नहीं है। पुत्रों के बयान भी याचिकाकर्ता के दावे का खंडन करते हैं। चोरी गई संपत्ति की रिकवरी अभी बाकी है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो। न्यायिक अधिकारियों को गिरफ्तारी से पूर्ण छूट नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित होगी।अदालत ने साफ कहा कि यह फैसला केवल जमानत याचिका पर है और मामले के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं। बिक्रमदीप सिंह अब नियमित जमानत या अन्य राहत के लिए उच्च न्यायालय जा सकते हैं।
पनीर कितना फायदेमंद? जानें किसे खाना चाहिए और किसके लिए जरूरी परहेज

Last Updated:April 04, 2026, 18:09 IST Who Should Eat Paneer: पनीर एक हेल्दी डेयरी प्रोडक्ट है. लोग इसे घर पर भी बनाकर खाते हैं. इसमें कैल्शियम, प्रोटीन जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो इसे सुपर हेल्दी बनाते हैं. लेकिन सबके लिए पनीर का सेवन फायदेमंद साबित हो जरूरी नहीं है. कुछ मामलों में पनीर का सेवन सेहत को बढ़ाने का काम करता है, तो कुछ मामलों में बीमारियों को. पनीर कैसे आपकी हेल्थ पर असर डाल सकता है, यहां आप जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट Paneer Khane ke Fayde Aur Nuksan: दूध को फाड़कर बनाया जाने वाला पनीर सालों से शाही व्यंजन का अहम हिस्सा रहा है. आज भी शादियों और पार्टी में पनीर की रेसिपी सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. पनीर की सब्जी स्वाद में तो बेहतरीन होती ही है, साथ ही ये प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है जिससे शरीर को पोषण भी मिलता है. इससे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं. शाकाहारी लोगों का ये बहुत पसंदीदा खाना है. इसलिए ज्यादातर होटल और रेस्टोरेंट में पनीर की सब्जी के कई तरह के विकल्प मिलते हैं और इसकी मांग भी बहुत ज्यादा होती है. लेकिन क्या आपको पता है कि पनीर खाना हर किसी के लिए सेफ नहीं होता है, कुछ लोगों के लिए ये नुकसानदायक भी हो सकता है. ज्यादा फैट वाले पनीर से दिल की बीमारी, कोलेस्ट्रॉल और पेट की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. जिन लोगों को पनीर से एलर्जी है, उनके लिए ये गंभीर रिएक्शन कर सकता है. इसलिए पनीर खाते समय किसी को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और आपको पता होना चाहिए कि कौन सा पनीर आपके लिए सही है. पनीर खाना किसके लिए सुरक्षित है? पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है. इसके अलावा इसमें कई पोषक तत्व होते हैं. इसलिए ये सामान्य स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. पनीर हड्डियां मजबूत रखने और मांसपेशियों के विकास के लिए अच्छा है. बच्चों की ग्रोथ और शारीरिक फिटनेस के लिए ये उपयोगी है. इसके अलावा गर्भवती महिलाएं भी अगर पनीर ताजा है तो उसे सुरक्षित तरीके से खा सकती हैं. क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन्स मिलते हैं जिससे गर्भ में बच्चे का विकास अच्छा होता है. लेकिन गर्भवती महिलाओं को ताजा और अच्छा पनीर ही खाना चाहिए. अगर आपको भी पनीर खाना पसंद है तो ये अच्छी आदत है. सही मात्रा में पनीर खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है, हड्डियों और दांतों का स्वास्थ्य सुधरता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं. लेकिन पनीर खाना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है. कुछ लोगों पर इसका उल्टा असर भी हो सकता है. पनीर किसे नहीं खाना चाहिए? पनीर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए. जिनको हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है उनके लिए पनीर का ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है. जिनको गैस, एसिडिटी या पाचन की समस्या है उन्हें भी पनीर खाने से बचना चाहिए क्योंकि ये पचने में थोड़ा भारी होता है. जिनको दूध से एलर्जी है, उन्हें भी पनीर से दूर रहना चाहिए क्योंकि पनीर खाने से गंभीर रिएक्शन हो सकता है. पनीर खाने के बाद अगर आपको कोई परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 18:09 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
जंग के बीच पैसा बनाने में जुटे ट्रम्प के बेटे:ड्रोन बनाने वाली कंपनी से जुड़े, एक्सपर्ट बोले- युद्ध से फायदा कमाने वाले पहले राष्ट्रपति

अमेरिका में एक ड्रोन स्टार्टअप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर जुड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोरिडा की पावरस कंपनी मिडिल ईस्ट के देशों को अपने ड्रोन सिस्टम बेचने की कोशिश कर रही है। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर फरवरी के अंत में इस कंपनी से सलाहकार के तौर पर जुड़े थे, ये वही समय था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। हालांकि दोनों को कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। पावरस से जुड़े अधिकारियों ने अबू धाबी में अधिकारियों से मुलाकात की है। बातचीत इस बात पर हुई कि UAE को हथियार और ड्रोन डिफेंस सिस्टम बेचे जा सकते हैं, क्योंकि वह ईरान के खिलाफ अपने डिफेंस को और मजबूत करना चाहता है। इस घटना के बाद आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमा रहे हैं। पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने बताया कि उनकी टीम खाड़ी के कई देशों में ड्रोन डेमो दिखा रही है, ताकि यह समझाया जा सके कि उनके इंटरसेप्टर ड्रोन ईरानी हमलों से बचाव में कैसे मदद कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन देशों में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। वेलिकोविच ने कहा कि अमेरिका को चीन और रूस जैसे देशों से मुकाबले के लिए तेजी से ड्रोन तकनीक विकसित करनी होगी, नहीं तो वह पीछे रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पावरस ने गार्डियन-1 ड्रोन लॉन्च किया इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि ईरान युद्ध के चलते ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की मांग बढ़ रही है। ईरान सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी महंगे मिसाइल सिस्टम से उन्हें गिराने की कोशिश करते हैं। इससे लागत का बड़ा अंतर पैदा हो रहा है। यही वजह है कि सस्ते और असरदार एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन रहा है। पावरस ने हाल ही में ‘गार्डियन-1’ नाम का एक इंटरसेप्टर लॉन्च किया है, जो खास तौर पर आत्मघाती ड्रोन, जैसे ईरान के शाहेद-136 को गिराने के लिए बनाया गया है। पावरस की 1.1 अरब डॉलर के फंड पर नजर द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, पावरस की नजर पेंटागन द्वारा ड्रोन निर्माण के लिए रखे गए 1.1 अरब डॉलर के फंड पर है। यह फंड अमेरिका में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए रखा गया है। इस कंपनी का कहना है कि यह समय तेजी से तकनीक विकसित करने का है, क्योंकि दुनिया एक तरह की हथियारों की दौड़ में है। पावरस के साथ कुछ पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी भी जुड़े हैं। इनमें जनरल चार्ल्स क्यू. ब्राउन और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग जैसे नाम शामिल हैं, जो कंपनी को रणनीतिक सलाह दे रहे हैं। शेयर मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रही पावरस पावरस कंपनी जल्द ही शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वह एक नैस्डैक में लिस्टेड कंपनी के साथ मर्ज करने जा रही है। इस बिजनेस में ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प ने निवेश किया है। दोनों भाई ड्रोन सेक्टर में सक्रिय निवेशक हैं और अमेरिकन वेंचर्स नाम के फंड से जुड़े हैं, जिसने ड्रोन कंपनियों में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। वे ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एरिक ट्रम्प ने इस निवेश का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें उन कंपनियों में निवेश करने पर गर्व है, जिन पर उन्हें भरोसा है। उनके मुताबिक, ड्रोन भविष्य की बड़ी तकनीक है। विपक्षी नेता ने रक्षा मंत्री को शिकायती चिट्ठी लिखी पूर्व अमेरिकी एथिक्स अधिकारी रिचर्ड पेंटर ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा- यह पहली बार हो सकता है जब किसी राष्ट्रपति का परिवार युद्ध से इतना पैसा कमाए। पेंटर ने कहा कि खाड़ी देशों पर दबाव हो सकता है कि वे राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ी कंपनी से खरीदारी करें, ताकि उन्हें अमेरिकी समर्थन मिलता रहे। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के बेटों की कंपनी ऐसे समय में बिजनेस कर रही है, जब उनके पिता के फैसलों से ही युद्ध की स्थिति बनी। इससे हितों के टकराव का मुद्दा उठ रहा है। ट्रम्प जूनियर के इन निवेशों पर विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि क्या इन कंपनियों को सरकारी ठेके सही तरीके से दिए जा रहे हैं, या फिर राष्ट्रपति के परिवार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। क्या करती है पॉवरस कंपनी पॉवरस की स्थापना 2025 में की गई थी। यह कंपनी पूर्व सैन्य अधिकारियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने शुरू की है। शुरुआत से ही इसका फोकस एडवांस ड्रोन और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी पर रहा है। यह कंपनी आधुनिक ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े उपकरण बनाती है। इसके ड्रोन सेना, निगरानी, बॉर्डर सुरक्षा और आपदा राहत जैसे कामों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कंपनी के को-फाउंडर ब्रेट वेलिकोविच हैं, जो अमेरिकी सेना से जुड़े रहे हैं। कंपनी अलग-अलग यूनिट्स के जरिए काम करती है, जो एयर, डिफेंस और समुद्री ड्रोन सिस्टम पर फोकस करती हैं। पॉवरस को अब तक करीब 50 से 60 मिलियन डॉलर का निवेश मिल चुका है। कंपनी में एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जैसे बड़े नाम भी निवेशक के रूप में जुड़े हैं। कंपनी अभी नई है, इसलिए इसकी कमाई (रेवेन्यू) से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। फिलहाल कंपनी का ध्यान प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर है। होटल से लेकर टेक्नोलॉजी तक फैला ट्रम्प परिवार का कारोबार डोनाल्ड ट्रम्प का परिवार लंबे समय से बड़े बिजनेस साम्राज्य के लिए जाना जाता है। ट्रम्प परिवार का मुख्य कारोबार ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के जरिए चलता है, जो कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। ट्रम्प परिवार का पारंपरिक बिजनेस रियल एस्टेट और होटल सेक्टर में रहा है। दुनिया के कई शहरों में उनके लग्जरी होटल, रिसॉर्ट और गोल्फ कोर्स हैं। इसके अलावा वे बड़े-बड़े कमर्शियल बिल्डिंग और प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट्स में भी निवेश करते हैं। हाल के वर्षों में
Trump Sons Defense Firm | Middle East Drone Demos

1 घंटे पहले कॉपी लिंक एरिक ट्रम्प (बाएं) और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर (दाएं) अपनी क्रिप्टोकरेंसी कंपनी के शेयर बाजार में लिस्टिंग के मौके पर। यह तस्वीर सितंबर 2025 की है। अमेरिका में एक ड्रोन स्टार्टअप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर जुड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोरिडा की पावरस कंपनी मिडिल ईस्ट के देशों को अपने ड्रोन सिस्टम बेचने की कोशिश कर रही है। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर फरवरी के अंत में इस कंपनी से सलाहकार के तौर पर जुड़े थे, ये वही समय था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। हालांकि दोनों को कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। पावरस से जुड़े अधिकारियों ने अबू धाबी में अधिकारियों से मुलाकात की है। बातचीत इस बात पर हुई कि UAE को हथियार और ड्रोन डिफेंस सिस्टम बेचे जा सकते हैं, क्योंकि वह ईरान के खिलाफ अपने डिफेंस को और मजबूत करना चाहता है। इस घटना के बाद आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमा रहे हैं। फ्लोरिडा की कंपनी Powerus खाड़ी के कई देशों में अपनी तकनीक बेचने की कोशिश कर रही है। पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने बताया कि उनकी टीम खाड़ी के कई देशों में ड्रोन डेमो दिखा रही है, ताकि यह समझाया जा सके कि उनके इंटरसेप्टर ड्रोन ईरानी हमलों से बचाव में कैसे मदद कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन देशों में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। वेलिकोविच ने कहा कि अमेरिका को चीन और रूस जैसे देशों से मुकाबले के लिए तेजी से ड्रोन तकनीक विकसित करनी होगी, नहीं तो वह पीछे रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। एंटी-ड्रोन सिस्टम की बढ़ रही मांग इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि ईरान युद्ध के चलते ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की मांग बढ़ रही है। ईरान सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी महंगे मिसाइल सिस्टम से उन्हें गिराने की कोशिश करते हैं। इससे लागत का बड़ा अंतर पैदा हो रहा है। यही वजह है कि सस्ते और असरदार एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन रहा है। पावरस ने हाल ही में ‘गार्डियन-1’ नाम का एक इंटरसेप्टर लॉन्च किया है, जो खास तौर पर आत्मघाती ड्रोन, जैसे ईरान के शाहेद-136 को गिराने के लिए बनाया गया है। पावरस की 1.1 अरब डॉलर के फंड पर नजर दि गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, पावरस की नजर पेंटागन द्वारा ड्रोन निर्माण के लिए रखे गए 1.1 अरब डॉलर के फंड पर है। यह फंड अमेरिका में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए रखा गया है। इस कंपनी का कहना है कि यह समय तेजी से तकनीक विकसित करने का है, क्योंकि दुनिया एक तरह की हथियारों की दौड़ में है। पावरस के साथ कुछ पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी भी जुड़े हैं। इनमें जनरल चार्ल्स क्यू. ब्राउन और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग जैसे नाम शामिल हैं, जो कंपनी को रणनीतिक सलाह दे रहे हैं। पावरस कंपनी शुरुआत में खेती और जंगल की आग बुझाने जैसे कामों के लिए ड्रोन बना रही थी। अब यह तेजी से सैन्य उपयोग के लिए भी ड्रोन तैयार कर रही है। शेयर मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रही पावरस पावरस कंपनी जल्द ही शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वह एक नैस्डैक में लिस्टेड कंपनी के साथ मर्ज करने जा रही है। इस बिजनेस में ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प ने निवेश किया है। दोनों भाई ड्रोन सेक्टर में सक्रिय निवेशक हैं और अमेरिकन वेंचर्स नाम के फंड से जुड़े हैं, जिसने ड्रोन कंपनियों में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। वे ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एरिक ट्रम्प ने इस निवेश का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें उन कंपनियों में निवेश करने पर गर्व है, जिन पर उन्हें भरोसा है। उनके मुताबिक, ड्रोन भविष्य की बड़ी तकनीक है। विपक्षी नेता ने रक्षा मंत्री को शिकायती चिट्ठी लिखी पूर्व अमेरिकी एथिक्स अधिकारी रिचर्ड पेंटर ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा- यह पहली बार हो सकता है जब किसी राष्ट्रपति का परिवार युद्ध से इतना पैसा कमाए। पेंटर ने कहा कि खाड़ी देशों पर दबाव हो सकता है कि वे राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ी कंपनी से खरीदारी करें, ताकि उन्हें अमेरिकी समर्थन मिलता रहे। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के बेटों की कंपनी ऐसे समय में बिजनेस कर रही है, जब उनके पिता के फैसलों से ही युद्ध की स्थिति बनी। इससे हितों के टकराव का मुद्दा उठ रहा है। ट्रम्प जूनियर के इन निवेशों पर विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि क्या इन कंपनियों को सरकारी ठेके सही तरीके से दिए जा रहे हैं, या फिर राष्ट्रपति के परिवार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। रिचर्ड पेंटर ने X पर पोस्ट कर ट्रम्प परिवार को ‘युद्ध से फायदा कमाने वाला’ बताया। क्या करती है पॉवरस कंपनी पॉवरस की स्थापना 2025 में की गई थी। यह कंपनी पूर्व सैन्य अधिकारियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने शुरू की है। शुरुआत से ही इसका फोकस एडवांस ड्रोन और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी पर रहा है। यह कंपनी आधुनिक ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े उपकरण बनाती है। इसके ड्रोन सेना, निगरानी, बॉर्डर सुरक्षा और आपदा राहत जैसे कामों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कंपनी के को-फाउंडर ब्रेट वेलिकोविच हैं, जो अमेरिकी सेना से जुड़े रहे हैं। कंपनी अलग-अलग यूनिट्स के जरिए काम करती है, जो एयर, डिफेंस और समुद्री ड्रोन सिस्टम पर फोकस करती हैं। पॉवरस को अब तक करीब 50 से 60 मिलियन डॉलर का निवेश मिल चुका है। कंपनी में एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जैसे बड़े नाम भी निवेशक के रूप में जुड़े हैं। कंपनी अभी नई है, इसलिए इसकी कमाई (रेवेन्यू) से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। फिलहाल कंपनी
आंखों में जलन, ड्राईनेस और थकान से परेशान? ये आसान देसी तरीके देंगे तुरंत राहत और नजर भी होगी तेज!

Last Updated:April 04, 2026, 18:04 IST गर्मी और बढ़ते स्क्रीन टाइम की वजह से आजकल आंखों में थकान, ड्राईनेस और जलन जैसी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं. लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे नजर पर भी असर पड़ने लगता है. ऐसे में कुछ आसान उपाय जैसे आंखों की एक्सरसाइज, सनगैजिंग, खीरे के स्लाइस, त्राटक क्रिया और स्क्रीन टाइम कम करना आंखों को राहत देने के साथ उनकी सेहत सुधारने में मदद कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट मौसम में बदलाव के साथ शरीर के अन्य अंगों की तरह आंखों की देखभाल करना भी बेहद जरूरी हो जाता है. खासकर गर्मियों या बदलते मौसम में आंखों में चिपचिपापन, जलन और पानी आने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसके अलावा आज के डिजिटल दौर में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी देखने की आदत ने आंखों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है, जिससे आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि हम समय रहते कुछ आसान और प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं, ताकि आंखों को आराम मिले और उनकी सेहत बेहतर बनी रहे. आजकल स्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह से आंखें जल्दी थक जाती हैं और ड्राईनेस की समस्या भी बढ़ने लगती है. इससे बचने के लिए आंखों के व्यायाम बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं. आप रोजाना कुछ मिनट निकालकर आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाने की एक्सरसाइज करें. इसके बाद कुछ देर आंखें बंद करके उन्हें आराम दें. इस प्रक्रिया को दिन में 4-5 बार दोहराने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है. इसके साथ ही सनगैजिंग यानी सूरज को देखने की प्रैक्टिस भी की जा सकती है, लेकिन इसे केवल सूर्योदय या सूर्यास्त के समय ही करना चाहिए. इस दौरान कुछ मिनट तक सूरज की ओर देखें और फिर हथेलियों को रगड़कर आंखों पर रखें, जिससे आंखों को गहरा आराम मिलता है. गर्मियों में आंखों का सूखापन और जलन बढ़ जाना एक आम समस्या है. ऐसे में खीरा या ककड़ी का इस्तेमाल एक प्राकृतिक उपाय के रूप में किया जा सकता है. खीरे की ठंडी तासीर आंखों को सुकून देती है और थकान को दूर करती है. इसके लिए आप खीरे या ककड़ी के स्लाइस काटकर आंखों पर रखें और कुछ देर रिलैक्स करें. इससे न केवल आंखों की जलन कम होती है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे आंखें ताजगी महसूस करती हैं. इसके अलावा, आंखों की सेहत के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित करना भी बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि रात में एक निश्चित समय के बाद मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल बंद कर दें, ताकि आंखों को पर्याप्त आराम मिल सके. ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिरदर्द और नजर कमजोर होने की समस्या हो सकती है. इसलिए दिनचर्या में यह छोटा सा बदलाव भी बड़ा असर डाल सकता है. आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए त्राटक क्रिया भी एक प्रभावी योग अभ्यास माना जाता है. इसके लिए अंधेरे कमरे में एक दीपक या मोमबत्ती जलाकर उसकी लौ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. लगातार कुछ देर तक देखने से आंखों की सफाई होती है और आंसुओं के माध्यम से आंखों की गंदगी बाहर निकलती है. साथ ही यह अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है. अगर इन सभी उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो कुछ ही समय में आंखों की थकान कम होने लगती है, नजर में सुधार आता है और आंखों का नंबर बढ़ने की समस्या भी धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 18:04 IST
छावनी विलय और ROB निर्माण की रक्षामंत्री से मांग:नरयावली विधायक ने कहा- विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए

सागर जिले की नरयावली विधानसभा के विधायक प्रदीप लारिया ने शनिवार को दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सागर के कैंट एरिया से जुड़े दो मुद्दों पर चर्चा करते हुए पत्र सौंपा। विधायक लारिया ने सागर छावनी परिषद के नगरीय निकाय में विलय की प्रक्रिया पर चर्चा की। रक्षा मंत्री को भूमि स्वामित्व की तकनीकी अड़चनों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए। ताकि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे का विकास हो सके। उन्होंने सुरक्षा मानकों को ध्यान रखते हुए कृषि और बंगला क्षेत्रों को भी विलय प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही। दरअसल, केंद्र सरकार ने कैंट सागर के सागर नगर निगम में विलय की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिसंबर-2022 में जारी किया था। इसके बाद कैंट ने अलग-अलग जमीनों के हिसाब से प्रस्ताव तैयार किए और उनको मप्र शासन के साथ रक्षा संपदा को भेजे थे। तभी से छावनी परिषद के नगर निगम में विलय की प्रक्रिया चल रहा है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण की अनुमति की मांग इसके साथ ही विधायक लारिया ने कैंट क्षेत्र में स्थित डिंपल पेट्रोल पंप के पास बीना-कटनी रेलवे गेट नंबर-25 पर आरओबी का निर्माण कराने अनुमति की मांग को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग यातायात की दृष्टि से अत्यधिक व्यस्त है और यहां फ्लाईओवर की आवश्यकता है। निर्माण कार्य की अनुमति के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) रक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन पहले कर चुका है। विधायक ने जनहित में इस परियोजना को जल्द अनुमति देने की मांग की। दोनों ही विषयों पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधायक लारिया को विभागीय स्तर पर उचित समीक्षा कर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। छावनी का निगम में विलय होने से ये फायदें छावनी के रिहायशी इलाकों का विलय होने से यहां के रहवासियों को शासकीय आवास योजना जैसे कई फायदें मिलना शुरू होंगे। स्ट्रीट लाइट, जल आपूर्ति, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सड़क कनेक्टिविटी भी मिलेगी। छावनी परिषद क्षेत्र में भवन निर्माण और अन्य नागरिक कार्यों के लिए सेना से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
गर्मियों में गेहूं नहीं, बल्कि इन आटे की रोटी पेट के हीरा! कैल्शियम और फाइबर से भरपूर, कई रोगों में कारगर

Last Updated:April 04, 2026, 17:51 IST सभी घरों में आमतौर पर रोटी के लिए गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन गर्मियों के दिनों में हमें ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो आसानी से डाइजेस्ट हो सके और पेट का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहे. इसके लिए आज हम आपको गेहूं के अतिरिक्त कुछ ऐसे आटे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बेहद सुपाच्य होते हैं और गर्मियों के दिनों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचाव करते हैं. रोटी एक ऐसी चीज है, जो भारत के सभी घरों में खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है या लगभग हर दिन खाने में उपयोग की जाती है. ज्यादातर लोग इस दाल या सब्जी के साथ खाना बेहद पसंद करते हैं. आमतौर पर घरों में रोटी बनाने के लिए गेहूं के आटे का उपयोग किया जाता है, लेकिन हर तरह के मौसम में हर तरह की रोटी फायदेमंद नहीं होती है. आयुर्वेदिक दवाओं के सलाहकार डॉक्टर आशीष बताते हैं कि गर्मी में खानपान का ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है. इस मौसम में हमें ऐसे खाने की आवश्यकता होती है, जो आसानी से पच सके और शरीर को ठंडा रखने में भी मददगार हो. गर्मी के तपिश में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए हल्के अनाज का चुनाव करना चाहिए. गर्मियों के दिनों में चावल के आटे की रोटी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसकी तासीर ठंडी होती है. इसके कारण इसके सेवन से शरीर अंदर से ठंडा रहता है और यह बेहद सुपाच्य होता है. खाने के बाद यह आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है. इसके अलावा यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मददगार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा गर्मी के मौसम में जौ के आटे की रोटी खाने के लिए अच्छी मानी जाती है. इसकी तासीर भी ठंडी होती है, जो गर्मी के दिनों में शरीर के तापमान को बैलेंस करने में मदद करती है. यह रोटी फाइबर से भरपूर होती है. इसके कारण डाइजेशन बेहतर बना रहता है. रागी की रोटी बेहद हल्की और पौष्टिक मानी जाती है. इसे गर्मी के दिनों में लंच या डिनर के समय में उपयोग किया जा सकता है. इसमें कैल्शियम और फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, जो शरीर को गर्मी के दिनों में ठंडा रखने में और हल्का महसूस करने में मददगार साबित हो सकती है. सबसे खास बात यह है कि यह वजन कंट्रोल करने के साथ-साथ शरीर को पूरा दिन एनर्जेटिक बनाए रखती है. गर्मियों के दिनों में हम अपने डाइट में मल्टीग्रेन आटे का उपयोग कर सकते हैं. इसमें कई तरह के आते मौजूद होते हैं, जैसे गेहूं, ज्वार, रागी, जौ, बेसन आदि कई तरह के ऑटो के मिश्रण के कारण इसमें फाइबर और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा उपलब्ध होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में और शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने में बेहद मददगार होती है. गेहूं एक ऐसा आटा है, जो भारत में रोटी के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाता है. इसमें फाइबर की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में फायदेमंद होती है. गर्मी के दिनों में इसे अपने लंच और डिनर दोनों में शामिल किया जा सकता है. यह पेट को हल्का बनाए रखने में फायदेमंद होती है. First Published : April 04, 2026, 17:51 IST








