गेहूं काट रहे किसानों के पास पहुंचा कूनो का चीता:पहाड़गढ़ में ईश्वरा महादेव मंदिर के पास भालू मिलने से लौटे श्रद्धालु

मुरैना जिले की अटेर ग्राम पंचायत के मदनपुरा गांव में शनिवार दोपहर 4 बजे गेहूं काट रहे किसानों के पास कूनो नेशनल पार्क का एक चीता पहुंच गया, जिसे एक बुजुर्ग किसान ने शोर मचाकर भगा दिया। वहीं, पहाड़गढ़ क्षेत्र स्थित प्राचीन ईश्वरा महादेव मंदिर के पास एक वयस्क भालू दिखाई देने से दर्शन करने गए श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही लौट आए। इन दोनों घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है और जानवरों के वीडियो भी सामने आए हैं। वर्तमान में वन विभाग की टीम पहाड़गढ़ में भालू की तलाश कर रही है, जबकि चीते की निगरानी कूनो की मॉनिटरिंग टीम द्वारा की जा रही है। गेहूं भर रहे किसानों के पास पहुंचा चीता, बुजुर्ग ने शोर मचाकर भगाया शनिवार दोपहर 4 बजे अटेर ग्राम पंचायत के मदनपुरा गांव में अचानक कूनो का एक चीता भ्रमण करता हुआ पहुंच गया। खेतों में गेहूं की फसल काटने के बाद उसे अपने घर ले जाने के लिए बोरियों में भर रहे किसान चीते को देखकर डर गए। किसानों के शोर मचाने पर चीता पास में ही चारा खा रही पालतू भैंसों का शिकार करने की नीयत से उनकी तरफ बढ़ा। इसी दौरान एक बुजुर्ग किसान शोर मचाते हुए चीते के पीछे-पीछे दौड़ पड़ा। बुजुर्ग के परिवार की महिलाएं और पुरुष उसे वापस आने की समझाइश देते रहे, लेकिन वह नहीं माना। नतीजा यह हुआ कि चीता वहां से भाग गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। ईश्वरा महादेव मंदिर के पास दिखा भालू, बिना दर्शन लौटे श्रद्धालु दूसरी घटना में पहाड़गढ़ क्षेत्र के प्रसिद्ध प्राचीन ईश्वरा महादेव मंदिर पर एक वयस्क भालू दिखने से लोगों में दहशत फैल गई। कुछ श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने गए थे, लेकिन मंदिर के पास ही भालू दिखाई देने पर वे भय के कारण बिना दर्शन किए ही वापस लौट आए। श्रद्धालुओं द्वारा भालू का वीडियो भी बना लिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग अधीक्षक बोले- भालू को खोज रही टीम वन विभाग अधीक्षक श्याम सिंह चौहान के अनुसार, “वन विभाग को पहाड़गढ़ में भालू होने की सूचना मिली जिसके लिए वन विभाग की टीम को निर्देशित किया गया है वह भालू को खोज रही है । जहां तक चीता का सवाल है उसके लिए कूनो की टीम चीता को मॉनिटरिंग करती है निकल वन विभाग का सपोर्ट भी लेती है।चिता भ्रमण के दौरान आया होगा वह वापस चला जाएगा मॉनिटरिंग टीम उसे मॉनिटर कर रही है।”
रातभर घोड़े बेचकर सोने के बाद भी रहती है थकान, इन 5 बीमारियों का हो सकता है संकेत, जल्द कराएं चेकअप

Last Updated:April 05, 2026, 09:07 IST Morning Fatigue Causes: रात को 8-9 घंटे सोने के बाद भी सुबह थकान महसूस हो रही है, तो इसकी कई वजह हो सकती हैं. खराब स्लीप क्वालिटी, अत्यधिक तनाव, पोषण की कमी या स्लीप डिसऑर्डर के कारण यह परेशानी हो सकती है. यह समस्या शरीर और दिमाग दोनों से जुड़ी हो सकती है. अगर लगातार थकान हो, तो इस कंडीशन में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. स्ट्रेस और एंजायटी के कारण भी सुबह-सुबह थकान महसूस हो सकती है. Reasons Behind Morning Tiredness: रात में चैन की नींद सोने के बाद अधिकतर लोग सुबह तरोताजा और एनर्जेटिक महसूस करते हैं. हालांकि कुछ लोग यह शिकायत करते हैं कि पूरी रात सोने के बाद भी सुबह उठते ही थकान महसूस होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पूरी नींद लेने के बाद भी सुबह थकान होना केवल आलस या नींद की कमी से जुड़ी समस्या नहीं है, तो इसके पीछे सेहत से जुड़ी कोई परेशानी हो सकती है. अगर यह दिक्कत लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है और समय रहते डॉक्टर से मिलना जरूरी है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि रात में अगर नींद बार-बार टूटती है और स्लीप क्वालिटी खराब है, तो इसकी वजह से सुबह थकान महसूस हो सकती है. कई बार हम 7-8 घंटे सोते जरूर हैं, लेकिन नींद गहरी नहीं होती है. इससे शरीर को पूरी तरह आराम नहीं मिल पाता और सुबह उठने पर थकान बनी रहती है. दूसरा बड़ा कारण मानसिक तनाव और एंजायटी है. जब दिमाग लगातार सक्रिय रहता है और व्यक्ति तनाव में रहता है, तो शरीर ठीक से रिलैक्स नहीं हो पाता. भले ही आप सो रहे हों, लेकिन दिमाग पूरी तरह आराम नहीं करता, जिससे सुबह उठने पर भी थकान और भारीपन महसूस होता है. तनाव रहने पर यह समस्या और बढ़ सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर के अनुसार शरीर में पोषण की कमी भी सुबह की थकान का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है. खासकर आयरन, विटामिन B12 और विटामिन D की कमी से शरीर में एनर्जी लेवल कम हो जाता है. इससे एनीमिया या कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिनके कारण व्यक्ति पर्याप्त नींद लेने के बावजूद भी थका हुआ महसूस करता है. संतुलित आहार और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति इस समस्या को कम कर सकती है. कुछ मामलों में यह समस्या स्लीप डिसऑर्डर जैसे- स्लीप एपनिया से भी जुड़ी होती है. इस स्थिति में सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है, जिससे नींद बार-बार टूटती है और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. इसका असर अगले दिन की एनर्जी पर पड़ता है और व्यक्ति थका हुआ महसूस करता है. एक्सपर्ट की मानें तो खराब लाइफस्टाइल भी इस समस्या को बढ़ा सकती है. देर रात खाना, कैफीन का ज्यादा सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित दिनचर्या शरीर के प्राकृतिक रिदम को बिगाड़ देते हैं. समय पर सोना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और स्क्रीन टाइम कम करना इस समस्या से राहत दिला सकता है. अगर इसके बावजूद थकान बनी रहती है, तो डॉक्टर से कंसल्ट करके सही कारण जानना और उसका इलाज कराना जरूरी है. कई बार यह थकान गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकती है, जिसका पता चेकअप के बाद ही लग सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 09:07 IST
श्मशान की राशि से सरपंचों लगवाई स्ट्रीट लाइट:19 पंचायतों के कामों की होगी जांच, इंजीनियर उतरेंगे मैदान में

उमरिया जिले की 19 ग्राम पंचायतों में कुल 543 एलईडी स्ट्रीट लाइटों के नियम विरुद्ध लगाए जाने की शिकायतों के बाद अब उनके कार्यों की जांच शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने मानपुर जनपद पंचायत की 6 ग्राम पंचायतों और करकेली जनपद पंचायत की 13 ग्राम पंचायतों में भौतिक सत्यापन के लिए उपयंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। निर्देश में कहा गया है कि 5वें वित्त आयोग की राशि खर्च करने से पहले ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार कर उसे पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज करना आवश्यक है। प्राथमिकता अनुसार श्मशान घाट विकास कार्यों पर राशि खर्च की जानी थी, लेकिन कई पंचायतों में इसके विपरीत स्ट्रीट लाइट का कार्य कराया गया। काम का तरीका देखा जाएगा जांच के दौरान उपयंत्री यह देखेंगे कि नए खंभे लगाए गए हैं या नहीं, वायरिंग जमीन के अंदर की गई है या नहीं, तकनीकी स्वीकृति और प्राक्कलन के अनुसार कार्य हुआ है या नहीं, तथा लाइटें चालू हालत में हैं या नहीं। उपयोगिता के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन जिला पंचायत को सौंपा जाएगा। कहां कितनी लगाई गईं करकेली जनपद पंचायत की 13 पंचायतों में 355 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें पठारीकला में 15, बिरुहलिया 22, कॉलोनी 34, महरोई 60, महिमार 30, बिलासपुर 31, अतरिया 22, अखड़ार 22, पथरहटा 45, बरहटा 21, करकेली 10, पिनौरा 18 और नरवार-25 में 25 लाइट शामिल हैं। वहीं मानपुर जनपद पंचायत की 6 पंचायतों में 188 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें दमोय 26, जनकपुरी 26, चितरांव 26, मझोखर 30, सकरिया 14 और गोरइया में 26 लाइट लगाई गई हैं।
पेट की गर्मी और कब्ज दूर करने के लिए दही-चावल है बेहतर या दाल-चावल? एक्सपर्ट से जानें सही जवाब!

Last Updated:April 05, 2026, 09:02 IST Dahi Chawal vs Dal Chawal : दही-चावल और दाल-चावल, दोनों ही हल्के, स्वादिष्ट और आसानी से पचने वाले भोजन हैं. इसीलिए जब आप बीमार हों या आपका पेट खराब हो, तो इन्हें खाने की सलाह दी जाती है. हालांकि, जब बात पेट की सेहत की आती है, तो ये दोनों ही शरीर को अलग-अलग तरीकों से फ़ायदा पहुंचाते हैं. अगर आपके मन में कभी यह सवाल आया है कि आपके पेट के लिए इन दोनों में से कौन ज़्यादा बेहतर है, तो यहां वह जानकारी दी गई है. दही-चावल और दाल-चावल ऐसे दो मुख्य खाने हैं जो पूरे देश में रोज़मर्रा की डाइट का हिस्सा हैं. दोनों ही हल्के, स्वादिष्ट और आसानी से पचने वाले हैं, इसलिए बीमार होने पर या पेट खराब होने पर इन्हें खाने की सलाह दी जाती है. लेकिन जब बात आती है पेट की सेहत की, तो ये दोनों शरीर को अलग-अलग तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. अगर आपने कभी सोचा है कि इनमें से कौन सा आपके पेट के लिए बेहतर है, तो ये तुलना आपको समझने में मदद करेगी कि हर खाने का क्या फायदा है. ऐसा कहती हैं एक्सपर्ट प्रियंका रोहतगी. दही-चावल आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है. दही में जीवित कल्चर होने की वजह से इसमें बहुत सारे प्रोबायोटिक्स होते हैं. ये फायदेमंद बैक्टीरिया आंत के माइक्रोबायोम का संतुलन बनाए रखते हैं, जो पाचन, इम्यूनिटी और पोषक तत्वों के लिए जरूरी है. इसे रोज खाने से पेट साफ रहता है और गैस कम होती है. दही-चावल पाचन तंत्र को आराम देता है. दही में दूध के मुकाबले कम लैक्टोज होता है, इसलिए इसे कई लोगों के लिए पचाना आसान होता है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आंत में लैक्टोज को बेहतर तरीके से तोड़ने में मदद करते हैं. दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र की हल्की सूजन कम करने में भी मदद करते हैं. दही-चावल आमतौर पर थोड़ा पतला और हल्का नमक डालकर खाया जाता है, जिससे शरीर में पानी की मात्रा बनी रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google दाल में बहुत फाइबर होता है, जो आंत के अच्छे बैक्टीरिया के लिए खाना बन जाता है. ये प्रीबायोटिक्स आंत के बैक्टीरिया को बढ़ने में मदद करते हैं और शॉर्ट-चेन फैटी एसिड बनाते हैं, जो आंत की सेहत के लिए फायदेमंद है. इसी वजह से दाल-चावल लंबे समय तक आंत की सेहत के लिए बहुत अच्छा है. दाल में फाइबर और चावल में जटिल कार्बोहाइड्रेट का मेल मल की मात्रा और घनत्व को बेहतर बनाता है. इसे नियमित खाने से मल त्याग कंट्रोल में रहता है और कब्ज कम होती है. दाल-चावल अक्सर आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है. दाल से मिलने वाला प्रोटीन पाचन तंत्र की मांसपेशियों और बाकी मांसपेशियों की मरम्मत में मदद करता है. अलग-अलग दालों में फाइबर, अमीनो एसिड और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की मात्रा अलग होती है. ये विविधता कम चीजों वाले खाने की तुलना में आंतों के माइक्रोबायोम को ज्यादा मजबूत बनाती है, जिससे कुल मिलाकर पाचन शक्ति बेहतर होती है. दही-चावल और दाल-चावल दोनों ही पेट के लिए अच्छे हैं, लेकिन इनका असर अलग होता है. जब पेट को शांत करना हो या बीमारी के बाद ठीक करना हो, जैसे एसिडिटी या डायरिया, तब दही-चावल बहुत फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स तुरंत पेट को आराम देते हैं. वहीं, दाल-चावल में फाइबर और प्रोटीन होता है, जो लंबे समय तक पेट को मजबूत बनाता है और पाचन को बेहतर करता है. अगर आपकी आंत संवेदनशील या परेशान महसूस करती है, तो दही-चावल एक अच्छा विकल्प हो सकता है. अगर आप लंबे समय तक अच्छी पाचन चाहते हैं, तो दाल-चावल थोड़ा बेहतर है. सबसे अच्छा है कि आप अपनी डाइट में दोनों को समय-समय पर शामिल करें, इससे आपकी आंत स्वस्थ, संतुलित और मजबूत रहेगी. First Published : April 05, 2026, 09:02 IST
लंबी कतारों से मिलेगा छुटकारा, सीकर के इस अस्पताल में लगा एक्सरे, दो मिनट में होगी आंखों की जांच

Last Updated:April 05, 2026, 09:01 IST Sikar SK Hospital New Facility: सीकर के एसके अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है. ट्रोमा सेंटर में एक्स-रे जांच की सुविधा शुरू होने से इमरजेंसी मरीजों को तुरंत राहत मिलेगी और रेडियोलॉजी विभाग पर दबाव कम होगा. साथ ही नेत्र विभाग में नई ऑटो रिफ्रेक्टोमीटर मशीन लगाई जाएगी, जिससे दो मिनट में आंखों की जांच संभव होगी. इन सुविधाओं से मरीजों का समय बचेगा और उन्हें प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. ख़बरें फटाफट एसके अस्पताल में एक्स-रे और आंखों की जांच सुविधा शुरू सीकर: शेखावाटी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल श्री कल्याण (एसके) हॉस्पिटल में अब मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने जा रही है. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या और लंबी कतारों को देखते हुए नई व्यवस्थाएं लागू करने का फैसला लिया है. इसी कड़ी में ट्रोमा सेंटर में एक्स-रे जांच की सुविधा शुरू की जा रही है, जिससे खासतौर पर इमरजेंसी मरीजों को तुरंत राहत मिल सकेगी. अब मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और एक ही छत के नीचे उन्हें आवश्यक जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी. अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रियंका अमन ने बताया कि फिलहाल एक्स-रे जांच की सुविधा केवल एक ही स्थान पर उपलब्ध है, जिससे रेडियोलॉजी विभाग में मरीजों की लंबी कतारें लग जाती है. इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ट्रोमा यूनिट में एक्स-रे जांच शुरू की जा रही है. इससे न केवल रेडियोलॉजी कक्ष का दबाव कम होगा, बल्कि दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को तुरंत जांच की सुविधा मिल सकेगी. इससे इलाज की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी हो पाएगी और मरीजों को समय पर उपचार मिलना आसान होगा. दो मिनट में आंखों की हो सकेगी जांच अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में भी बड़ी राहत देने की तैयारी की गई है. वर्तमान में चश्मे का नंबर जांचने की सुविधा केवल एक ही जगह होने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है. इसे देखते हुए आई डिपार्टमेंट में एक अतिरिक्त ऑटो रिफ्रेक्टोमीटर मशीन लगाने का निर्णय लिया गया है. यह मशीन महज दो मिनट में आंखों की जांच कर सटीक नंबर बता देती है. इससे मरीजों का समय और पैसे दिनों बचेंगे. दो मशीन लगने से उन्हें लाइनों में भी नहीं लगाना पड़ेगा. डॉ. प्रियंका अमन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन लगातार मरीजों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए कई नाचार भी किए जा रहे हैं. नई मशीन और ट्रोमा सेंटर में एक्स-रे सुविधा शुरू होने से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी. खासकर उन मरीजों के लिए यह व्यवस्था बेहद लाभकारी होगी, जिन्हें तुरंत जांच की आवश्यकता होती है. प्राइवेट हॉस्पिटल में जाने की नहीं पड़ेंगी जरूरत सीकर के एसके अस्पताल में एक्स-रे जांच अधिक आसान होने के बाद अब मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटलों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे पहले मरीज को सराय और आंखों की जांच के लिए प्राइवेट हॉस्पिटलों पर निर्भर रहना पड़ता था. इसमें सबसे अधिक परेशानी गरीब और मिडिल क्लास लोगों को आ रही थी. ऐसे में इस समस्या का समाधान निकलते हुए अस्पताल प्रशासन ने दोनों मशीनों की संख्या में बढ़ोतरी की है. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें Location : Sikar,Rajasthan First Published : April 05, 2026, 09:01 IST
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 5 रिकॉर्ड्स की सूची जारी की है, जिसमें 3 तिमाही में वैकल्पिक उम्मीदवार शामिल हैं

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वोट डालने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। राजनीतिक दल ज़ोर-शोर से प्रचार में कैथोलिक बने हुए हैं। इसी बीच बीजेपी ने बेरोजगारी की पांचवी लिस्ट जारी कर दी है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 5 जनवरी 2019 को 5 जनवरी 2019 को एक नया पोस्टर जारी किया था। साथ ही पार्टी ने ऑर्केस्ट्रा के लिए तीन रेज़्यूमे की सूची जारी की है। टिकटें किसने दी? बीजेपी की ओर से जारी की गई ग्राहम की लिस्ट के अनुसार, कल्याणी से अनुपम बिस्वास, दम दम उत्तर से सुरव सिकंदर, मध्यमग्राम से अनिंद्रद्य राइडोनिया और उलुबेरिया पूर्व से रुद्रप्रसाद इब्राहिम चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने तीन विधानसभाओं की निजीकरण सूची जारी की है। अब विष्णु सिद्धार्थ को बशीरहाट उत्तर से, अभिजीत सरदार को बेहाला पूर्व से और शंकर सिकंदर को बेहाला पूर्व से संयुक्त राज्य अमेरिका बनाया गया है। 292 सचिवालय पर घोषित बेचान? बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों पर अपने कब्जे के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने पहली सूची में 144 युवाओं की सूची जारी की थी। वहीं दूसरी सूची में 111 और तीसरी सूची में 19 और चौथी सूची में 13 नॉर्वेजियन के नाम शामिल थे। पीएम मोदी की रैली आज पश्चिम बंगाल में स्थिर प्रतिस्पर्धा सत्य पर स्थिर उद्योग और बीजेपी के बीच रहने के आसार दिख रहे हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरे देश में बीजेपी के बड़े नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल को बंगाल के कूज बिहार में रैली को बताएंगे। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मोदी की ये पहली रैली होगी। बीजेपी के लिए बिहार का विशेष महत्व है क्योंकि 2021 में बीजेपी ने वहां 9 से 8 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग बता दें कि चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाला जाएगा. पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है।
बाघ के शिकारी अपने बयान से पलटे:बोले- यूरिया से नहीं, बिजली करंट से मारा, खेत में अफीम बचाने बिछाए थे तार

छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र स्थित छातीआम गांव में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के रेडियो कॉलर वाले बाघ के शिकार मामले में नया खुलासा हुआ है। अफीम की खेती के मामले में जांच के दौरान गिरफ्तार 5 आरोपियों ने अपने बयान बदलते हुए बताया है कि बाघ की मौत मरे हुए बैल के मांस पर डाले गए यूरिया को खाने से नहीं, बल्कि खेत के चारों तरफ अफीम की खेती बचाने के लिए बिछाए गए तारों के करंट से हुई थी। फिलहाल, वन विभाग को बाघ की मौत का स्पष्ट कारण जानने के लिए लैब रिपोर्ट का इंतजार है और मामले की जांच जारी है। 3 मार्च को मिली थी आखिरी लोकेशन, 23 दिन बाद पहुंची टीम सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के रेडियो कॉलर लगे बाघ की आखिरी लोकेशन 3 मार्च को तामिया के सांगाखेड़ा रेंज के छातीआम गांव में मिली थी। बाघ की कोई हलचल न होने पर 23 दिन बाद एसटीआर के देनवा बफर की टीम गांव पहुंची। वहां बाघ तो नहीं मिला, लेकिन शिकार किया हुआ एक मरा बैल मिला, जिससे टीम को शिकार का संदेह हुआ। टीम ने डॉग स्क्वॉड और रेस्क्यू टीम बुलाकर खोजबीन की तो खेत में अफीम की फसल लगी मिली। इसके बाद वन विभाग और एसटीआर ने 27 मार्च को छातीआम निवासी उदेसिंग, उसके बेटे मनक सिंह सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पहले यूरिया डालकर मारने की बात मानी, अब पलटे प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने मृत बैल के शरीर पर यूरिया डाल दिया था, जिसे खाने से बाघ की मौत हुई। वन अधिकारियों ने भी इसे मान लिया था और पोस्टमार्टम के बाद प्रेस नोट में यही बात दोहराई थी। 28 मार्च को एसटीआर फील्ड डायरेक्टर ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को यही रिपोर्ट भेजी थी। लेकिन अब तामिया एसडीओ सीमा ठाकुर द्वारा दर्ज किए गए धारा 50 के बयानों में आरोपियों ने बताया कि बाघ की मौत यूरिया से नहीं, बल्कि अफीम की खेती के चारों तरफ तार से फैलाए गए करंट की चपेट में आने से हुई है। 23 दिन की देरी पर उठे सवाल, मॉनिटरिंग लॉग ऑडिट की मांग बाघ के शिकार मामले में वन विभाग की टीम की मॉनिटरिंग पर सवाल उठ रहे हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा कि बाघिन के रेडियो कॉलर से तीन मार्च से कोई हलचल नहीं हो रही थी। सवाल यह है कि 23 दिनों तक मॉनिटरिंग टीम ने इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने मांग की है कि एनटीसीए द्वारा पिछले 30 दिनों के मॉनिटरिंग लॉग का ऑडिट किया जाए। अफसर बोले- लैब रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण एसटीआर फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया, “बाघ के शिकारियों ने पहले मरे हुए बैल के मांस पर यूरिया डालने की बात कहीं थी। जिसे खाने से बाघ की मौत हुई। बाघ की मौत कैसे हुई, यह लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही क्लियर होगी। डॉक्टर ने पोस्टमार्टम के दौरान सैंपल लिए गए। यूरिया खाने, इलेक्ट्रिक करंट या अन्य कारणों से मौत हुई। वो लैब रिपोर्ट स्पष्ट होगा।” वहीं, पश्चिम छिंदवाड़ा वन मंडल के डीएफओ साहिल गर्ग ने कहा, “आरोपितों के बयान लिए गए हैं। आरोपितों ने यह स्वीकार किया है कि करंट लगने से बाघ की मौत हुई। अभी इस मामले की जांच जारी है।”
World News Updates; Trump Pakistan China

12 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगला संघर्ष सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला करना) का आरोप लगाया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। आसिफ ने कहा कि अगर भारत कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान जवाबी हमला भारतीय क्षेत्र के अंदर तक करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार संघर्ष 200-250 किमी तक सीमित नहीं रहेगा, हम उनके घरों तक जाएंगे। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बसित ने भी भारत के शहरों को निशाना बनाने की बात कही थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई का नाम लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
World News Updates; Trump Pakistan China

30 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगला संघर्ष सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला करना) का आरोप लगाया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। आसिफ ने कहा कि अगर भारत कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान जवाबी हमला भारतीय क्षेत्र के अंदर तक करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार संघर्ष 200-250 किमी तक सीमित नहीं रहेगा, हम उनके घरों तक जाएंगे। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बसित ने भी भारत के शहरों को निशाना बनाने की बात कही थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई का नाम लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
10 दिन में तीन बार ऑपरेशन, महिला की मौत:छतरपुर के अस्पताल में महिलाओं का हंगामा; अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

छतरपुर शहर के सागर रोड स्थित हॉस्पिटल में एक महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। मृतका की पहचान सिया (40) पत्नी मुन्ना लाल अहिरवार, निवासी गौतम नगर सोरा रोड थाना कोतवाली के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक सिया को बच्चेदानी (यूट्रस) में गांठ की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 दिन में तीन बार ऑपरेशन, हालत बिगड़ती गई परिजनों का आरोप है कि 25 मार्च को सिया का पहला ऑपरेशन दूरबीन (लेप्रोस्कोपी) से किया गया था। इसके बाद उसी दौरान दूसरा ऑपरेशन हाथ से किया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, बल्कि वह लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि पहले ऑपरेशन के दौरान आंत फंस गई है, जिसके चलते दोबारा सर्जरी करनी पड़ेगी। इसके बाद शनिवार को तीसरा ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार सिया खुद चलकर ऑपरेशन थिएटर तक गई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांग मृतका के परिजनों ने डॉ. शोभित अहिरवार और अन्य डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार ऑपरेशन करने के कारण ही सिया की जान गई है। उनका कहना है कि सही इलाज नहीं मिलने से यह घटना हुई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अस्पताल में हंगामा, स्टाफ मौके से गायब महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और रिश्तेदार आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया। परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और न्याय की मांग करने लगे। पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पूरे मामले में जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।






