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Due to the Iran-Israel-America war, 2.5 billion worth of goods from Sojat’s henna factories got stuck, April 4, 2026

Due to the Iran-Israel-America war, 2.5 billion worth of goods from Sojat's henna factories got stuck, April 4, 2026

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण सोजत (पाली) में मेहंदी का उत्पादन घटकर 20% तक आ गया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। सोजत के नि . युद्ध की वजह से सोजत की एक मेहंदी फैक्ट्री में काम बंद पड़ा है। प्रोडक्शन 80% गिरा, फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर व्यापारियों के अनुसार, पिछले एक महीने से एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप है। सोजत में करीब 35 ऐसी बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जो खास तौर पर मिडिल ईस्ट के लिए नेचुरल मेहंदी और हेयर डाई बनाती हैं। मांग न होने के कारण उत्पादन 20% तक सिमट गया है। व्यापारी नितेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल के बाद पहली बार ऐसे हालात बने हैं। पलायन बनी मजबूरी मेहंदी व्यापारी अनिल हिरानी ने बताया कि काम बंद होने के कारण अब तक करीब 2200 मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। इनमें से 80% श्रमिक यूपी, बिहार और कोटपूतली (राजस्थान) के हैं। काम न मिलने के कारण श्रमिक पलायन को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और मंडी सप्लायर्स पर भी बुरा असर पड़ा है। माल भाड़ा हुआ डबल, पेमेंट भी फंसा निर्यातक विनोद लोढ़ा के अनुसार, मुंबई पोर्ट और दिल्ली एयर कार्गो में करीब 150 करोड़ का माल अटका हुआ है। युद्ध के कारण खाड़ी देशों की ओर जाने वाले जहाजों का जोखिम बढ़ गया है, जिससे शिपिंग कंपनियों ने माल भाड़ा दोगुना कर दिया है। पुराने भेजे गए माल का पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। सोजत में केवल लोकल में सप्लाई होने वाले मेहंदी कोन ही तैयार किए जा रहे हैं। यहां मजूदरों की संख्या को भी कम कर दिया है। रमजान के बाद आए ऑर्डर ठप, 100 करोड़ का माल गोदामों में कैद सोजत के मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर विनोद लोढ़ा ने बताया- रमजान से पहले के ऑर्डर तो समय पर चले गए थे, लेकिन उसके बाद आए सभी ऑर्डर युद्ध के कारण रुक गए हैं। वर्तमान में करीब 100 करोड़ रुपए की मेहंदी अकेले सोजत के गोदामों में तैयार पड़ी है, जिसे दुबई भेजा जाना था। लेकिन न तो नए ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर्स की डिस्पैचिंग हो पा रही है। गुजरात से आने वाला कच्चा माल हुआ महंगा मेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी ने बताया कि मेहंदी के कोन और पाउडर बनाने के लिए जरूरी रॉ-मटेरियल मुख्य रूप से गुजरात से आता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से वहां के सप्लायर्स ने रेट बढ़ा दिए हैं। 10 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल, जो पहले 250 रुपए किलो मिलता था, वह अब 350 रुपए तक पहुंच गया है। खाड़ी देशों से ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में मशीनों को बंद करना पड़ा है। कच्चा माल होने के बाद भी यहां काम नहीं हो पा रहा है। एक्सपोट्‌र्स बोले- न दाम बढ़ा सकते, न माल बेच सकते हैं एक्सपोट‌्‌र्स की सबसे बड़ी दुविधा यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी और डिमांड की कमी के चलते वे अपनी फिनिश्ड गुड्स (तैयार माल) की कॉस्ट नहीं बढ़ा पा रहे हैं। लागत में 40% तक की बढ़ोतरी होने के बावजूद पुरानी रेट पर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। घरेलू बाजार में भी माल भेजना अब महंगा हो गया है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ चुकी है। 130 देशों का ‘ग्लोबल मार्केट’ अब अधर में सोजत की मेहंदी का रसूख इतना बड़ा है कि यह केवल भारत या खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। यह फ्रांस, पेरिस, आयरलैंड, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। व्यापारियों के अनुसार, सोजत से निकलने वाली प्रीमियम मेहंदी और नेचुरल हेयर डाई की मांग यूरोपीय देशों में साल भर रहती है, लेकिन मौजूदा युद्ध ने शिपिंग रूट्स को इतना असुरक्षित बना दिया है कि 130 देशों का यह विशाल नेटवर्क ठप होने की कगार पर है। जो मेहंदी स्पेन, यूनान और माल्टा जैसे देशों के बाजारों की शोभा बढ़ाती थी, वह अब ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण सोजत के गोदामों से बाहर नहीं निकल पा रही है। क्वालिटी का डर- 1 महीने में खराब हो जाता है मेहंदी कोन व्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता क्वालिटी को लेकर है। मेहंदी कोन की लाइफ महज एक महीना होती है, जिसके बाद वह खराब होने लगता है। हेयर डाई की क्वालिटी भी 6 महीने बाद गिरने लगती है। अगर युद्ध लंबा चला, तो व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4 से 5 हजार रुपए का सालाना टर्नओवर सोजत का मेहंदी कारोबार का सालाना टर्नओवर 4 से 5 हजार रुपए सालाना है। व्यापारियों ने दावा किया- यदि युद्ध आज भी रुक जाए, तो स्थिति को सामान्य होने में कम से कम 4 से 6 महीने का समय लगेगा। व्यापारी बोले- समझ नहीं आ रहा उद्योग कैसे बचाएं मेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी कहते हैं- सोजत की मेहंदी का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट से है। वहां युद्ध शुरू होते ही हमारी सप्लाई लाइन कट गई। अब गुजरात से आने वाला कच्चा माल महंगा हो गया और ट्रांसपोर्ट के दाम बढ़ गए। समझ नहीं आ रहा कि उद्योग को कैसे बचाएं। पिछले एक महीने से फैक्ट्रियों में मेहंदी के कट्टे पैक पड़े हुए हैं। ऑर्डर नहीं मिलने से व्यापारी परेशान हैं। 80% श्रमिक बाहरी राज्यों के, रोजी-रोटी का संकट सोजत के मेहंदी उद्योग में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कोटपूतली (राजस्थान) क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रमिक आते हैं। कुल निकाले गए मजदूरों में 80 फीसदी प्रवासी हैं, जबकि 20 फीसदी स्थानीय लोग हैं। इन मजदूरों के लिए मेहंदी सीजन ही साल भर की कमाई का मुख्य जरिया होता है, लेकिन युद्ध ने उनके इस भरोसे को तोड़ दिया है। केवल मजदूर नहीं, पूरी ‘सप्लाई चेन’ प्रभावित काम बंद होने का असर केवल फैक्ट्री के भीतर तक सीमित नहीं है। इसका ‘चेन रिएक्शन’ पूरे सिस्टम पर दिख रहा है। किसान: मेहंदी की फसल बेचने वाले किसानों को खरीदार

पुरुषों को 30 की उम्र से ही हार्ट डिजीज का खतरा ! युवा बिल्कुल नजरअंदाज न करें ये 5 सबसे बड़े कारण

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Last Updated:April 05, 2026, 08:15 IST Heart Disease Risk in Men: एक नई रिसर्च में पता चला है कि पुरुषों में दिल की बीमारी का खतरा 35 साल की उम्र के आसपास तेजी से बढ़ने लगता है. यह समस्या बिना लक्षण के शुरू होती है, इसलिए साइलेंट किलर का काम कर सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुरुषों को 30 की उम्र से ही नियमित हार्ट चेकअप कराना चाहिए. युवाओं में हार्ट डिजीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है. Heart Disease in Young Age: अधिकतर लोगों को लगता है कि हार्ट डिजीज का खतरा 40-50 की उम्र के बाद ज्यादा होता है, लेकिन एक नई स्टडी के अनुसार बड़ी संख्या में पुरुषों में 30 की उम्र से ही हार्ट डिजीज डेवलप होने लगती है. धीरे-धीरे यह बीमारी बढ़ती रहती है और लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं. जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित रिसर्च की मानें तो पुरुषों में दिल की बीमारी का खतरा 35 साल की उम्र के आसपास तेजी से बढ़ने लगता है. यह खतरा बिना लक्षण के पैदा हो जाता है, जिससे समय रहते इसकी पहचान नहीं हो पाती है. इसकी वजह से तमाम लोग अपनी जान गंवा देते हैं. इस स्टडी में 5000 से अधिक वयस्कों को 30 साल से ज्यादा समय तक ट्रैक किया गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि 35 साल के बाद पुरुषों और महिलाओं के बीच दिल की बीमारी के रिस्क में साफ अंतर दिखने लगता है. पुरुषों में यह रिस्क तेजी से बढ़ता है और मिडिल एज तक महिलाओं की तुलना में अधिक बना रहता है. पुरुषों में हार्ट डिजीज का खतरा महिलाओं की तुलना में लगभग 7 साल पहले 5% तक पहुंच जाता है. कोरोनरी हार्ट डिजीज के मामले में यह अंतर और भी ज्यादा गंभीर पाया गया. पुरुषों में इसका खतरा महिलाओं की तुलना में 10 साल पहले दिखाई देने लगता है, जो इस बात का संकेत है कि उनकी ब्लड वेसल्स में नुकसान जल्दी शुरू हो जाता है. यह अंतर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, स्मोकिंग, मोटापा और शारीरिक गतिविधि जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखने के बाद भी बना रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. भारतीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्थिति भारत में अत्यधिक गंभीर हो सकती है. AIIMS के कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. अंबुज रॉय ने TOI को बताया कि अब दिल की बीमारी को केवल मिडिल एज की समस्या मानना गलत है. भारत में रिस्क फैक्टर्स 30 की उम्र में ही दिखने लगते हैं, इसलिए डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच जल्दी शुरू करना जरूरी है. दक्षिण एशियाई लोगों में दिल की बीमारी का खतरा पश्चिमी देशों की तुलना में पहले सामने आता है. वहीं महिलाओं में यह जोखिम मेनोपॉज के बाद तेजी से बढ़ता है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है. इसलिए जरूरी है कि 30 की उम्र से ही नियमित जांच, सही जीवनशैली और जागरूकता पर ध्यान दिया जाए, ताकि दिल की बीमारियों से समय रहते बचाव किया जा सके. डॉक्टर्स साफ कहते हैं कि युवाओं को हार्ट डिजीज से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना चाहिए. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या कोई फिजिकल एक्टिविटी करें, संतुलित और हेल्दी आहार लें जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट शामिल हों. जंक फूड, ज्यादा नमक और शुगर से दूरी बनाए रखें. धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से बचें, क्योंकि ये दिल के लिए बेहद नुकसानदायक हैं. साथ ही तनाव को मैनेज करना, पर्याप्त नींद लेना और समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना भी जरूरी है. छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर युवा लंबे समय तक दिल को स्वस्थ रख सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 08:15 IST

‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे | राजनीति समाचार

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 08:02 IST आप पंजाब के नेताओं ने सांसद राघव चड्ढा पर राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राज्य के प्रमुख मुद्दों को संसद में उठाने में विफल रहने का आरोप लगाया। चड्ढा 2012 में आप के गठन के बाद से ही इससे जुड़े हुए हैं। (फाइल छवि) आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर संसद में पंजाब की चिंताओं को पर्याप्त रूप से आवाज नहीं उठाने का आरोप लगाया और उनके दृष्टिकोण को पार्टी के मूल मूल्यों के साथ असंगत बताया। एक संयुक्त बयान में, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, राज्य इकाई के प्रमुख अमन अरोड़ा और नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने गंभीर मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी पर असंतोष व्यक्त किया। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा चुने जाने के बावजूद चड्ढा राज्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने में विफल रहे। मंत्री ने कहा कि सांसद ने राज्य से संबंधित “एक भी संवेदनशील मुद्दा” नहीं उठाया। पीटीआई सूचना दी. चड्ढा की ‘निष्क्रियता’ पार्टी सिद्धांतों के विपरीत: आप उद्धृत की गई चिंताओं में ग्रामीण विकास निधि का लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया और 60,000 करोड़ रुपये के करीब जीएसटी से संबंधित घाटा शामिल था। नेताओं ने जीएसटी मुआवजे में कमी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त पोषण अंतराल और राज्य में पिछले साल की बाढ़ के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित बाढ़ राहत में 1,600 करोड़ रुपये जारी करने में केंद्र की देरी को भी चिह्नित किया। चड्ढा की चुप्पी को ”निराशाजनक” बताते हुए मंत्री चीमा ने कहा कि आप को उम्मीद थी कि राज्यसभा सांसद इन मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाएंगे और उनकी ”निष्क्रियता” पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत है। अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को लगातार उठाना पार्टी की विचारधारा का केंद्र है। धालीवाल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित निवासी खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि मुआवजे और राहत की उनकी मांगों को संसद में नहीं लाया गया। यह तब हुआ है जब आप ने बुधवार को चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से हटा दिया, जो पार्टी के भीतर आंतरिक दरार के संकेत देता है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाने के फैसले की जानकारी दी। पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया इस कदम के कुछ घंटों बाद, राज्यसभा सांसद ने राज्यसभा में अपने तर्कों और हस्तक्षेपों का संकलन साझा करके परोक्ष प्रतिक्रिया जारी की। तीन मिनट के वीडियो में 37 वर्षीय नेता को वायु प्रदूषण और बढ़ते हवाई किराए से लेकर गिग श्रमिकों के अधिकारों और मोबाइल प्रीपेड योजनाओं की 28-दिन की वैधता सहित कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है। इससे पहले शनिवार को आप सांसद ने पलटवार करते हुए आप नेतृत्व द्वारा उन पर लगाए गए तीन प्रमुख आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। स्वाति मालीवाल के बाद वह आप के दूसरे राज्यसभा सांसद बन गए हैं, जिनका पार्टी नेतृत्व से मतभेद हो गया है। जगह : पंजाब, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 07:59 IST समाचार राजनीति ‘उनकी चुप्पी निराशाजनक’: आप ने कहा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में ‘विफल’ रहे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आम आदमी पार्टी(टी)पंजाब की चिंता संसद(टी)राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा(टी)आप आंतरिक दरार(टी)पंजाब जीएसटी बकाया(टी)बाढ़ राहत पंजाब(टी)अरविंद केजरीवाल नेतृत्व

कानपुर किडनी कांड का मास्टरमाइंड बोला- करोड़ों फेंक देते हैं:एजेंट से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली; कन्नौज का डॉक्टर पकड़ाया

कानपुर किडनी कांड का मास्टरमाइंड बोला- करोड़ों फेंक देते हैं:एजेंट से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली; कन्नौज का डॉक्टर पकड़ाया

कानपुर के चर्चित किडनी कांड के मास्टरमाइंड शिवम अग्रवाल के मोबाइल से पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, यह रिकॉर्डिंग उसने गिरोह में शामिल प्रयागराज के रहने वाले नवीन पांडेय को भेजी थी। ऑडियो में नवीन, शिवम से प्रयागराज के ही दलाल साहिल का जिक्र कर रहा है। वह कहता है कि साहिल ने तुम्हारा नाम लेकर 22 लाख रुपए ले लिए हैं। इस पर शिवम कहता है- उसे नहीं पता कि शिवम और डॉ. रोहित क्या चीज हैं, हम लोग करोड़ों रुपए ऐसे ही फेंक देते हैं। इस बीच पुलिस टीम शनिवार शाम नवीन पांडेय के प्रयागराज स्थित घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। इधर, पुलिस ने शिवम की पत्नी को रावपुर थाने पूछताछ के लिए बुलाया। उसने बताया कि नवीन गाजियाबाद के रहने वाले डॉ. रोहित के साथ 4-5 साल से काम कर रहा है। शिवम तो एक साल से ही डॉ. रोहित से जुड़ा था। पुलिस सोमवार को जिला कोर्ट में अप्लीकेशन देकर शिवम की रिमांड मांगेगी। पुलिस के मुताबिक, यह रिकॉर्डिंग पिछले साल दिसंबर महीने की है। हालांकि, पुलिस ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है। किडनी कांड में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कन्नौज के डॉक्टर को पुलिस ने हिरासत में लिया पुलिस के अनुसार, रिकॉर्डिंग में शिवम एक महिला का जिक्र कर रहा है। वह कहता है कि जिस महिला को हम दिल्ली लेकर आए थे, उसे द्वारका के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, वह मर गई। इस पर नवीन कहता है कि महिला को एंबुलेंस से लेकर जाना चाहिए था, तुम लोग उसे स्कॉर्पियो से लेकर चले गए। स्कॉर्पियो में कोई मेडिकल व्यवस्था होती है क्या? पुलिस के मुताबिक, ऑडियो में जिस महिला का जिक्र है, उसका दिसंबर महीने में मेडिलाइफ हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने महिला की मौत के मामले में कन्नौज के रहने वाले डॉ. रोहन को शनिवार को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। हॉस्पिटल के दो अन्य पार्टनर औरैया निवासी डॉ. नरेंद्र और कन्नौज के डॉ. संदीप अभी फरार हैं। साहिल ने किडनी के नाम पर 20 लाख ठगे पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि शिवम अग्रवाल की तरह साहिल भी डॉ. रोहित के लिए काम करता था। जांच में सामने आया कि एक महिला को किडनी की जरूरत थी। साहिल ने उससे संपर्क कर कहा कि डॉ. रोहित ट्रांसप्लांट के लिए 40 लाख लेते हैं, लेकिन वह 20 लाख रुपए में किडनी ट्रांसप्लांट करा देगा। इसके बाद वह महिला से 20 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि साहिल की तलाश में चित्रकूट और प्रयागराज में छापेमारी की जा रही है। अब तक गिरोह में जिन डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, उनमें कोई भी सर्जन नहीं है। गिरोह में शामिल डॉ. रोहित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, डॉ. वैभव डेंटिस्ट, डॉ. अनुराग अल्फा हॉस्पिटल संचालक, डॉ. अफजल फिजिशियन और डॉ. अली ओटी टेक्नीशियन हैं। बीए पास भूपेंद्र बना डॉक्टर ऑफ मेडिसिन डीसीपी ने बताया कि शुक्रवार को शिवम की पत्नी से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान उसने हैलट के सामने स्थित रमाशिव हॉस्पिटल के मैनेजर भूपेंद्र सिंह का नाम लिया। भूपेंद्र सिंह डॉ. रोहित के संपर्क में था। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने लखनऊ में एसजीपीजीआई के सामने एक निजी अस्पताल बनवाया है। डीसीपी वेस्ट के अनुसार, भूपेंद्र के विजिटिंग कार्ड पर एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) लिखा था। पूछने पर उसने बताया कि एमडी का मतलब मैनेजिंग डायरेक्टर है। वह डॉ. रोहित के संपर्क में था। डॉ. रोहित ने उससे अपने अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराने को कहा था, लेकिन उसने ट्रांसप्लांट नहीं कराया। मेडिलाइफ के संचालक रोहन, नरेंद्र और अजय से भी पूछताछ की जा रही है। मेरठ का ट्रैवल एजेंट फर्जी नाम से बुक करता था कारें डॉ. अनुराग उर्फ अमित ने की थीं दो शादियां स्कैंडल से जुड़े डॉ. अनुराग की तलाश में पुलिस टीम मेरठ पहुंची। जांच में सामने आया कि मेरठ का अल्फा हॉस्पिटल डॉ. अनुराग के नाम पर है। वह फिजियोथेरेपिस्ट है और उसने दो शादियां की हैं। पुलिस टीम उसकी पहली पत्नी के घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस उसकी दूसरी पत्नी की लोकेशन तलाश रही है। अब जानिए मेडिलाइफ हॉस्पिटल से कैसे जुड़े तार डीसीपी आबिदी ने बताया कि ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार और कुलदीप सिंह राघव ने पूछताछ में कहा था कि उन्होंने सभी ऑपरेशन आहूजा हॉस्पिटल में किए थे, लेकिन दोनों के मोबाइल की जांच में शहर के कई अन्य अस्पतालों के नंबर मिले। इनमें मसवानपुर स्थित मेडिलाइफ हॉस्पिटल भी शामिल है। ————————– अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ———————— ये खबर भी पढ़ें… OT टेक्नीशियन ने निकाली थी MBA स्टूडेंट की किडनी:कानपुर में ट्रांसप्लांट किया; मेरठ के 3 डॉक्टरों के भी नाम सामने आए कानपुर में MBA स्टूडेंट आयुष की किडनी किसी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि एक ओटी टेक्नीशियन ने निकाली थी। उसी ने पारुल तोमर को किडनी ट्रांसप्लांट भी किया था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने यह जानकारी दैनिक भास्कर को दी। उन्होंने बताया- आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह फरार मिला। जिस मेडिलाइफ हॉस्पिटल में वह काम करता था, उसके तीनों मालिक भी फरार हैं। पढ़ें पूरी खबर

विदिशा में आज 3 घंटे बिजली कटौती:मुखर्जीनगर फीडर पर मेंटेनेंस से; विवेकानंद चौराहा, सांई श्रद्धा कॉलोनी सहित कई इलाके प्रभावित होंगे

विदिशा में आज 3 घंटे बिजली कटौती:मुखर्जीनगर फीडर पर मेंटेनेंस से; विवेकानंद चौराहा, सांई श्रद्धा कॉलोनी सहित कई इलाके प्रभावित होंगे

विदिशा में आज रविवार को बिजली उपभोक्ताओं को तीन घंटे की विद्युत कटौती का सामना करना पड़ेगा। 11 केवी मुखर्जीनगर फीडर पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के कारण सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी, जिससे शहर के कई इलाके प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के जोन-1 के अधिकारियों ने बताया कि यह कटौती निर्धारित समय पर की जाएगी। मेंटेनेंस कार्य के दौरान विद्युत सप्लाई पूरी तरह बंद रखी जाएगी ताकि सुरक्षा और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इस विद्युत कटौती से विवेकानंद चौराहा, सांई श्रद्धा कॉलोनी, अनुपम मेगा सिटी, शास्त्री नगर, सांची रोड, नाना का बाग और भगत सिंह कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के अनुसार, यह कार्य लाइन की मरम्मत और विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है और बताया है कि आवश्यकतानुसार समय में परिवर्तन भी किया जा सकता है।

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

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Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Bareilly Visit

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‘हमने तो कहा था कि मोहन भागवत और उनके प्रचारक आएं, विवाह करें, बच्चे पैदा करें, जनसंख्या बढ़ाएं। एक तरफ सरकार कह रही है कि जनसंख्या विस्फोट हो रहा। दूसरी तरफ, ये लोग जनसंख्या बढ़ाने की बात करते हैं। अगर संख्या बढ़नी इतनी जरूरी है तो आप शादी करके बच्चे प . शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को बरेली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं। वे RSS प्रमुख के 3 बच्चे पैदा करने वाले बयान से जुड़े सवाल पर जवाब दे रहे थे। दरअसल, भागवत कई बार कह चुके हैं कि हिंदुओं के लिए तीन बच्चे पैदा करना जरूरी हैं। पिछले महीने मथुरा दौरे पर भी भागवत ने कहा था- डॉक्टर मानते हैं कि अगर किसी परिवार में तीन संतान होती हैं तो माता-पिता और बच्चों के सेहतमंद होने की संभावना बढ़ जाती है। जैसा कि मानस शास्त्र कहता है कि घर में तीन बच्चे होने पर वे बड़े होकर बेहतर और संतुलित व्यक्तित्व के बनते हैं। आपसी झगड़े-टकराव भी कम होते हैं। विपक्ष का समर्थन करने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि सत्ता पक्ष कहता है कि हम विपक्ष के साथ हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आप हमारी बात सुनें। गो-माता की रक्षा के लिए कानून बनाएं। हम आपके साथ खड़े हो जाएंगे। मैं पक्ष-विपक्ष किसी के साथ नहीं हूं। जो भी हमारी बात सुनेगा। उसके साथ खड़ा हो जाऊंगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- मैं जनता से कहना चाहूंगा कि वे गो-माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करें। ‘अमेरिका-इजराइल युद्ध पर विद्वानों को चुप होते देख हैरान हूं’ देवभूमि इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- जब युद्ध होता है तो हमेशा दो पक्ष होते हैं, उसमें एक न्याय और दूसरा अन्याय का होता है। जैसे आज एक पक्ष अमेरिका और इजराइल तो दूसरा ईरान है। आश्चर्य है कि पूरी दुनिया के विद्वान इस मुद्दे पर मौन हैं। ये मानवता के प्रति अपराध है। शंकराचार्य ने कहा कि युद्ध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्या रिएक्शन रहा। इस पर मैं कुछ भी नहीं कहना चाहूंगा, लेकिन एक विद्वान का ये दायित्व होता है कि उसे बताना चाहिए कि ये व्यक्ति अन्याय कर रहा है और ये व्यक्ति अन्याय सह रहा है, क्योंकि युद्ध में दोनों अच्छे पक्ष नहीं हो सकते है। उन्होंने कहा- भारत शुरू से गुट निरपेक्ष देश रहा है। भारत कभी भी युद्ध में किसी के साथ खड़ा नहीं हुआ। ये पहला अवसर है, जब प्रधानमंत्री जी के मौन के कारण लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि वे शायद किसी के पक्ष में खड़े हैं। शंकराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री खुलकर यहूदियों के पक्ष में हैं। यह बात हमें चिंता में डालती है। क्या भारत यहूदियों के जाल में फंस रहा है? युद्ध की वजह से गैस सिलेंडर की किल्लत है, लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इसका अहसास नहीं है, क्योंकि उनके आवास की न बिजली जाती है। न ही राशन की कमी होती है। उनके लिए तो सब चंगा है, लेकिन जनता त्रस्त है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- जब युद्ध होता है तो एक पक्ष सही और दूसरा गलत होता है। ‘गो-माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करें’ शंकराचार्य ने कहा कि मैंने सरकार को गो-माता के मुद्दे पर कानून लाने के लिए मोहलत दी थी, लेकिन मेरी बात नहीं सुनी गई। मैं विपक्ष के नेताओं से कहूंगा कि गो-माता के मुद्दे पर वोट करने के लिए लोगों को प्रेरित करें। जनता से कहना चाहूंगा कि वे गो-माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करें। उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव नजदीक आएगा लव जिहाद-धर्मांतरण जैसे तमाम मुद्दे ध्यान भटकाने के लिए सामने लाए जाएंगे, लेकिन जनता को डायवर्ट नहीं होना है। उन्हें सिर्फ अपने मुद्दों पर ही वोट करना है। हिंदू धर्म में गो-माता का बड़ा महत्व है। जब भी हिंदुओं के घरों में रोटी बनती है तो पहली रोटी गो-माता को ही खिलाई जाती है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- भारत कभी भी युद्ध में किसी के साथ खड़ा हुआ नहीं दिखाई दिया। लेकिन इस बार स्पष्ट नहीं हो रहा। ‘ऋषिकेश जा रहे, समिति के निवेदन पर बरेली आए’ शंकराचार्य ने कहा- हम वाराणसी से चलकर दिल्ली होते हुए ऋषिकेश जा रहे हैं। भगवान बद्रीनाथ जी का ग्रीष्मकालीन पट खुलने वाला है। उसके लिए परंपरा के अनुसार जो ज्योति के तेल का घड़ा है, वह राज परिवार की तरफ से ऋषिकेश आया है। अब ऋषिकेश से 8 अप्रैल को उसको बद्रीनाथ जी के लिए ज्योर्तिमठ होते हुए रवाना किया जाएगा। ये परंपरा है। उन्होंने बताया- इस बार जो समिति है, उन्होंने हमसे निवेदन किया था कि कि आप आइए। हम उसके लिए जा रहे हैं। जाते समय हमारे मन में यह बात आई कि बरेली धर्म-नगरी है। यहां के विद्वानों ने जिस तरह से सनातन धर्म के प्रति लोगों को सदा से जोड़ रखा है। वो हमें अच्छा लगता है। इसलिए हम बरेली में रुके हैं। ———————————————— शंकराचार्य से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- लखनऊ में शंकराचार्य से मिले अखिलेश, बोले- नकली संत अब बेनकाब होंगे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से गुरुवार को मुलाकात की। एक घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान अखिलेश जमीन पर बैठे नजर आए। बाहर निकलने पर अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से कहा- शंकराचार्य से मिलकर आ रहा हूं। उनके आशीर्वाद से अब नकली संतों का अंत होगा। अब वे लोग भी बेनकाब होंगे, जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं। सबका सच सामने आएगा। पढ़ें पूरी खबर —————————- अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ———————– ये खबर भी पढ़ें… काशी में योगी ने फिल्म धुरंधर की तारीफ की; कहा- अब फिल्मों में ‘डकैत’ दिखाए जा रहे, MP के सीएम ने गिफ्ट की वैदिक घड़ी सीएम योगी ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। मौका था, काशी में शुक्रवार को चल रहे विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का। योगी ने कहा- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा

ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया:कहा- बेबस और घबराकर धमकी दे रहे, तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे

ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया:कहा- बेबस और घबराकर धमकी दे रहे, तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 48 घंटे में होर्मुज खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका बेबस और घबराकर धमकियां दे रहा है। ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रम्प की चेतावनी को मूर्खतापूर्ण कार्रवाई बताया और इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की धमकियों का मतलब है कि “तुम्हारे लिए भी नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” इससे पहले ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि समय खत्म हो रहा है और ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा। ट्रम्प अब तक होर्मुज खोलने के लिए ईरान को तीन बार अल्टीमेटम दे चुके हैं, जिससे इस मुद्दे पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान बोला- बुशहर न्यूक्लियर साइट पर 4 बार हमला हुआ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल ने बुशहर न्यूक्लियर साइट पर चार बार हमला किया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों से न केवल ईरान बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि न्यूक्लियर साइट के पास हमले बेहद जोखिम भरे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चिंता दिखाई जाती है, वैसी संवेदनशीलता बुशेहर के मामले में नहीं दिख रही है। अराघची ने यह भी कहा कि पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले इस बात का संकेत हैं कि रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

सिवनी में जेबकतरा गिरफ्तार:मंदिर से श्रद्धालु का उड़ाया था पर्स, 17 हजार लेकर हुआ था फरार

सिवनी में जेबकतरा गिरफ्तार:मंदिर से श्रद्धालु का उड़ाया था पर्स, 17 हजार लेकर हुआ था फरार

सिवनी जिले में सक्रिय जेबकतरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने शनिवार की रात एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की नकदी और पर्स बरामद किया। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को सिवनी निवासी अमित राजपूत (42) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि हनुमान प्रकटोत्सव के दौरान बालस्वरूप हनुमान मंदिर में पूजा करते समय रात करीब 8 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब से लगभग 17 हजार रुपए चुरा लिए थे। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना स्तर पर एक टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ, संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग किया। इसके आधार पर सिवनी के टिग्गा मोहल्ला निवासी इस्लाम खान (30) की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की गई राशि में से कुछ पैसे खर्च कर दिए थे। उसके पास से 7,250 रुपये नकद और एक पर्स बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस्लाम खान के खिलाफ पहले भी कोतवाली थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक संजय यादव, मनोज पाल, मुकेश चौरिया और राजेंद्र राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

गर्मी में भूलकर भी नहीं रखें फ्रिज में ये चीजें, फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान, हेल्थ एक्सपर्ट से जानें

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Last Updated:April 05, 2026, 07:03 IST Health tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडी चीजें ज्यादा खाने लगते हैं. घर में रखा फ्रिज इस मौसम में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीज बन जाता है. कई लोग खाने-पीने की लगभग हर चीज फ्रिज में रख देते हैं, ताकि वह ज्यादा समय तक ताजा रहे. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ चीजें फ्रिज में रखना नुकसानदायक हो सकता है.  खरगोन हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संतोष मौर्य (आयुर्वेद विशेषज्ञ) बताते हैं कि हर चीज को ठंडा रखना जरूरी नहीं होता. कई फल और सब्जियां फ्रिज में रखने से उनके पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इससे शरीर को फायदा मिलने की जगह नुकसान हो सकता है. इसलिए गर्मी में खाने की चीजों को सही तरीके से रखना जरूरी है. ब्रेड को भी अक्सर लोग फ्रिज में रख देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता. फ्रिज में रखने से ब्रेड जल्दी सूख जाती है और उसका स्वाद भी खराब हो जाता है. लंबे समय तक ऐसी ब्रेड खाने से पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है. टमाटर को फ्रिज में रखने से उसका स्वाद और प्राकृतिक गुण कम हो जाते हैं. ठंडे तापमान में टमाटर जल्दी खराब भी हो सकता है. इसलिए टमाटर को सामान्य तापमान पर खुले स्थान पर रखना ज्यादा सही माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google केले, आम और पपीता जैसे फलों को भी फ्रिज में रखने से बचना चाहिए. फ्रिज में रखने से ये फल जल्दी काले पड़ जाते हैं और इनमें मौजूद पोषक तत्व कम हो जाते हैं. ऐसे फल सामान्य जगह पर रखने से ज्यादा समय तक अच्छे रहते हैं. तरबूज को भी पूरा का पूरा फ्रिज में रखना सही नहीं माना जाता. इससे उसका स्वाद बदल सकता है. तरबूज काटने के बाद ही फ्रिज में रखें और जल्दी उपयोग करें. इससे शरीर को सही पोषण मिलता है और पेट की समस्या से बचाव होता है. लहसुन, प्याज और आलू जैसी चीजों को भी फ्रिज में रखने से नुकसान हो सकता है. फ्रिज में रखने से इनका स्वाद बदल जाता है और इनमें नमी बढ़ जाती है. इससे ये जल्दी खराब हो सकते हैं और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. तेल को भी फ्रिज में रखना सही नहीं माना जाता. ठंडे तापमान में तेल गाढ़ा हो जाता है और उसकी गुणवत्ता बदल सकती है. इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि गर्मी में भी कुछ चीजों को सामान्य तापमान पर ही रखना चाहिए, ताकि शरीर स्वस्थ बना रहे. First Published : April 05, 2026, 07:03 IST