Tuesday, 07 Apr 2026 | 03:54 PM

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ग्वालियर में रेबीज से युवक की मौत, रोज 100+ मामले:5 दिन पहले एक शख्स ने अस्पताल में भर्ती कराया था; नाम दिया था 'गोलू'

ग्वालियर में रेबीज से युवक की मौत, रोज 100+ मामले:5 दिन पहले एक शख्स ने अस्पताल में भर्ती कराया था; नाम दिया था 'गोलू'

ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रोजाना 100 से अधिक लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे हैं। इसी बीच रविवार को 25 वर्षीय एक अज्ञात युवक की मौत हो गई, जिसका कारण रेबीज बताया गया है। जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल को एक अनजान व्यक्ति घायल युवक को मुरार स्थित जिला अस्पताल लेकर पहुंचा था। उसने मरीज का नाम ‘गोलू’ दर्ज कराया और बताया कि उसे कुत्ते ने काटा है। युवक गंभीर हालत में मिला था। स्थिति बिगड़ने पर उसी रात उसे जेएएच (हजार बिस्तर अस्पताल) रेफर कर दिया गया, जहां उसे रेबीज संदिग्ध मानकर उपचार शुरू किया गया। इलाज के दौरान रविवार को युवक ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर मुरार थाना पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। उसे कुत्ते ने कब काटा, यह जानकारी पहचान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। भर्ती मरीज की मौत की सूचना हजार बिस्तर के अस्पताल स्ट्रेचर बॉय अभिषेक पुत्र कमलेश पांडेय निवासी पिछोर ने मुरार थाना पुलिस को दी है। साथ ही अस्पताल की तहरीर मुरार थाना पुलिस को सौंपी है। तहरीर में मौत का कारण रेबीज संक्रमण बताया गया है। रिपोर्ट में मृत्यु का कारण रेबीज बताया गया मुरार पुलिस को जयारोग्य अस्पताल से इलाज और मौत से संबंधित रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें उल्लेख है कि मरीज की मौत रेबीज संक्रमण के कारण हुई प्रतीत होती है। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया। मृतक की पहचान के प्रयास में उसका फोटो आसपास के क्षेत्रों में दिखाया गया, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। फिलहाल शव को मर्च्यूरी में रखवाया गया है। आवारा कुत्तों पर नियंत्रण में लापरवाही शहर की कॉलोनियों और मोहल्लों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन नगर निगम का अमला सक्रिय नजर नहीं आ रहा। अधिकारियों का दावा है कि नसबंदी जैसी योजनाओं से संख्या नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि हकीकत में कुत्तों को पकड़ने का अभियान ठप पड़ा है। जिम्मेदार अधिकारी भी मैदान में नजर नहीं आते। हर दिन 100 से 150 डॉग बाइट के मामले शहर में रोजाना 100 से 150 डॉग बाइट के मामले जेएएच, जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। ये वे मरीज हैं जो काटने के बाद रेबीज के इंजेक्शन लगवाने आते हैं, जबकि कई मामले ऐसे भी हैं जो अस्पताल तक पहुंच ही नहीं पाते।

पहले प्रेमिका ने दी जान, फिर प्रेमी ने खाया जहर:दतिया में महिला ने लगाई फांसी, 48 घंटे बाद लड़के ने खा लिया सल्फास

पहले प्रेमिका ने दी जान, फिर प्रेमी ने खाया जहर:दतिया में महिला ने लगाई फांसी, 48 घंटे बाद लड़के ने खा लिया सल्फास

दतिया के भांडेर थाना क्षेत्र के ग्राम तिघरा खिरिया में प्रेम प्रसंग से जुड़े मामले में प्रेमिका की फांसी लगाकर मौत के दो दिन बाद उसके कथित प्रेमी ने भी सल्फास खाकर आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान ममता (45) पत्नी राजेंद्र दोहरे निवासी तिघरा खिरिया के रूप में हुई है। शुक्रवार रात करीब साढ़े 9 बजे ममता ने घर के अंदर साड़ी का फंदा बनाकर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया। इस घटना के दो दिन बाद यानी रविवार शाम को प्रेमी ने भी सल्फास खा लिया। दोनों के बीच हुआ था विवाद परिजनों का आरोप है कि ममता का भांडेर निवासी मोनू सेंगर से लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शुक्रवार रात वह घर आया था, जहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। परिजनों के हस्तक्षेप के बाद युवक वहां से चला गया। इसके कुछ ही देर बाद ममता ने फांसी लगा ली। दो दिन बाद प्रेमी मोनू ने खाया जहर घटना के दो दिन बाद रविवार शाम भांडेर के ठाकुरस मोहल्ला निवासी मोनू सेंगर ने भी सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। मोनू खेती-किसानी करता है और दो बच्चों का पिता है। बताया जा रहा है कि उसने पहूज नदी के पास जहर खाया। इसके बाद घर पहुंचकर परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजन उसे तुरंत भांडेर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। पुलिस सभी बिंदुओं पर कर रही जांच भांडेर थाना पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए प्रेम प्रसंग, विवाद और अन्य सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

दुबले-पतले लोगों को रात में नहीं खाना चाहिए चावल, जानें राइस खाने का आयुर्वेदिक नियम

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Last Updated:April 05, 2026, 21:49 IST Rules For Eating Rice: चावल भारतीय थाली का एक अहम हिस्सा है. वैसे तो ये एक हेल्दी अनाज है, लेकिन यदि आप इसका सेवन अपने बॉडी टाइप के अनुसार नहीं करते हैं, तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में वात दोष वाले लोगों के लिए चावल खाने के क्या नियम है, चलिए जानते हैं. ख़बरें फटाफट हर व्यक्ति के शरीर की प्रवृति अलग-अलग होती है. ऐसे में अच्छी सेहत के लिए जरूरी है कि इसी के आधार पर जीवनशैली की आदतों को चुना जाए. हालांकि आज के समय में शरीर की प्रवृत्ति के अनुसार आहार लेना मुश्किल है. यही कारण है कि गलत खान-पान की वजह से शरीर में रुखापन, पाचन अग्नि मंद और मधुमेह से लेकर थायराइड हर घर की समस्या बनती जा रही है, विशेषकर वात प्रवृत्ति वालों के लिए. ऐसे में यह जान लेना ज्यादा जरूरी है कि वात प्रवृत्ति के लोगों को चावल का सेवन करना चाहिए या फिर नहीं. आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष का स्वभाव हल्का, ठंडा और रूखापन देने वाला होता है, जबकि चावल का स्वभाव स्वाद में मीठा, ठंडा और पाचन में आसान होता है. ऐसे में अगर कुछ नियमों के साथ चावल का सेवन किया जाए तो यह वात को शांत करने में मदद करेगा. चावल के सेवन का नियमवात प्रवृत्ति वाले लोगों को चावल का सेवन करने के लिए 1 साल पुराना चावल खाएं, क्योंकि चावल जितना पुराना होता है, उतना ही गुणों से भरपूर होता है. इसके साथ ही हमेशा गर्म और ताजा चावल ही खाएं. फ्रिज में रखा ठंडा और पुराना चावल वात को बढ़ा सकता है और पाचन की समस्या पैदा कर सकता हैय चावल का सेवन हमेशा घी के साथ करें. घी चिकनाई से भरा होता है और वात को शांत कर शरीर के रुखेपन को शांत करने में मदद करता है. रात में चावल खाने से बचेंध्यान रखने वाली बात यह भी है कि चावल का सेवन हमेशा दोपहर के वक्त लंच में ही करें. इस वक्त पाचन अग्नि तेज होती है और तरह का खाना पचाने में समर्थ होती है.वात प्रवृत्ति वालों को रात के समय चावल खाने से परहेज करना चाहिए. रात के समय चावल का सेवन कफ और वात दोनों को असंतुलित कर सकता है. इस बात का रखें ध्यानवात प्रवृत्ति वालों को चावल के साथ दही का सेवन करने से बचना चाहिए. इससे शरीर में वात का असंतुलन पैदा होता है. कोशिश करें कि चावल को मूंग की दाल और एक चम्मच घी के साथ खाएं. इससे चावल और शरीर का शुष्कपन कम होगा. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 05, 2026, 21:49 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

शराबी पिता ने 4 वर्षीय बेटे के पीटा, मौत:छतरपुर में लाठी से किया था वार; भोपाल में 5 दिन इलाज के बाद मौत; आरोपी गिरफ्तार

शराबी पिता ने 4 वर्षीय बेटे के पीटा, मौत:छतरपुर में लाठी से किया था वार; भोपाल में 5 दिन इलाज के बाद मौत; आरोपी गिरफ्तार

छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा अनुभाग के ग्राम ढाड़ोरा में घरेलू विवाद के दौरान पिता की मारपीट में 4 वर्षीय मासूम की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को लखन सिंह घोषी ने शराब के नशे में अपनी पत्नी और बेटे के साथ मारपीट की। इसी दौरान लाठी का एक वार मासूम यशवंत उर्फ यीशु को लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। भोपाल में इलाज के दौरान दम तोड़ा घटना के बाद परिजन बच्चे को तुरंत बमनौरा अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे टीकमगढ़ रेफर किया गया। हालांकि परिजन उसे सीधे सागर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां कई दिनों तक इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में बच्चे को भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 1 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। दो दिनों बाद आरोपी गिरफ्तार मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। एसडीओपी रोहित अलावा के निर्देशन में थाना बमनौरा और रामटोरिया चौकी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। यह मामला आरोपी की भाभी चंदा घोषी की शिकायत पर दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लखन सिंह को दो दिन के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। रविवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

उज्जैन में ₹67 लाख के म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़:साइबर ठगी में खाता संचालक गिरफ्तार, 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' की कार्रवाई

उज्जैन में ₹67 लाख के म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़:साइबर ठगी में खाता संचालक गिरफ्तार, 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' की कार्रवाई

उज्जैन की माधवनगर पुलिस ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ₹67 लाख से अधिक के संदिग्ध लेनदेन वाले एक म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़ करते हुए खाता संचालक छायेश सेन (35) को गिरफ्तार किया है। यह मामला 2 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद सामने आया। जांच के दौरान, फ्रीगंज स्थित एसबीआई की एसएमई ब्रांच में ‘महाकाल इवेंट मैनेजमेंट एंड वीडियो फोटोग्राफी’ के नाम से संचालित एक खाता संदिग्ध पाया गया। बैंक ने इसे म्यूल अकाउंट मानते हुए तत्काल फ्रीज कर दिया था। पुलिस जांच में पता चला कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच इस खाते में कुल ₹67.64 लाख जमा किए गए थे, जबकि ₹55.82 लाख निकाले गए। लेनदेन का यह पैटर्न असामान्य और संदिग्ध था, जिससे साइबर ठगी की आशंका मजबूत हुई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी छायेश सेन ने अपनी चेकबुक और एटीएम कार्ड दानु उर्फ अरमान तथा राहुल मालवीय को दिए थे। इन व्यक्तियों ने ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लॉटरी (सेवन लॉटरी) के नाम पर लोगों को ठगा। ठगी गई रकम इसी खाते में जमा करवाई जाती थी और फिर निकाल ली जाती थी, जिससे असली ठगों की पहचान छिपाई जा सके। माधवनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश की। लगातार दबिश के बाद, 5 अप्रैल 2026 को छायेश सेन को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड मिली है। पुलिस अब छायेश सेन से पूछताछ कर पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

इंदौर में ड्रोन से ट्रैफिक मैनेजमेंट:रविवार शाम पीक टाइम में कई चौराहों पर हुई निगरानी; तुरंत क्लियर हुआ जाम

इंदौर में ड्रोन से ट्रैफिक मैनेजमेंट:रविवार शाम पीक टाइम में कई चौराहों पर हुई निगरानी; तुरंत क्लियर हुआ जाम

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने अब ड्रोन का सहारा लेना शुरू कर दिया है। रविवार शाम बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच प्रमुख चौराहों पर ड्रोन से निगरानी रखी गई, जिससे जाम की स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सका। इस दौरान डीसीपी खुद पूरे समय मॉनिटरिंग करते दिखाई दिए। डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी के निर्देशन में अलग-अलग टीमें तैनात की गई थीं। ड्रोन के जरिए जहां भी वाहन फंसे नजर आए, वहां तुरंत पुलिस टीम को अलर्ट कर ट्रैफिक क्लियर कराया गया। रविवार रात व्हाइट चर्च चौराहा, मधुमिलन, गांधी चौक, गीताभवन और नवलखा चौराहे जैसे व्यस्त इलाकों में ड्रोन से निगरानी की गई। पीक टाइम के दौरान कहीं भी बड़े जाम की सूचना नहीं मिली। डीसीपी के मुताबिक, इस प्रयोग के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। यदि आगे भी यह व्यवस्था कारगर रहती है, तो आने वाले दिनों में इसे नियमित रूप से लागू किया जाएगा। इससे पहले ट्रैफिक पुलिस ने शहर के व्यस्त बाजारों में जाकर व्यापारियों से भी चर्चा की थी और बेतरतीब पार्किंग व सड़क पर खड़े वाहनों को लेकर सख्त निर्देश दिए थे।

छिंदवाड़ा में अपराधियों का ठिकाना बना जर्जर मकान ध्वस्त:WCL बोला- मकान रिकॉर्ड में नहीं; हमले के आरोपी का अड्डा बनने पर कार्रवाई

छिंदवाड़ा में अपराधियों का ठिकाना बना जर्जर मकान ध्वस्त:WCL बोला- मकान रिकॉर्ड में नहीं; हमले के आरोपी का अड्डा बनने पर कार्रवाई

छिंदवाड़ा जिले के रावणवाड़ा थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस और प्रशासन ने एक जर्जर मकान को ध्वस्त करवा दिया। यह मकान लंबे समय से असामाजिक तत्वों के कब्जे में था और यहां अवैध गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जानकारी के अनुसार, इस मकान को पहले ही वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) द्वारा जर्जर घोषित किया जा चुका था। बावजूद इसके कुछ युवकों ने इस पर कब्जा कर रखा था। स्थानीय लोगों ने कई बार रावणवाड़ा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि यहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। जानलेवा हमले के बाद उपयोग की बात सामने आई मामले ने उस समय गंभीर रूप लिया जब हाल ही में अमित धुर्वे पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी नीलेश केथवास द्वारा इस मकान का उपयोग किए जाने की बात सामने आई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने इस खाली और जर्जर मकान को अपना ठिकाना बना लिया था। रावणवाड़ा थाना प्रभारी कंचन राजपूत ने बताया कि विभागीय जानकारी में यह स्पष्ट हुआ कि मकान किसी को आवंटित नहीं है और पूरी तरह जर्जर स्थिति में है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए इसे गिराने की कार्रवाई की गई। अवैध गतिविधियां होने की भी शिकायतें पुलिस के अनुसार, क्षेत्रवासियों से यह भी इनपुट मिला था कि आरोपी द्वारा यहां अवैध गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इसी आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि लंबे समय से यह मकान अपराधियों का ठिकाना बना हुआ था और इससे आसपास के लोगों में डर का माहौल था। अब मकान हटने से क्षेत्र में राहत की स्थिति बनी है।

शाजापुर में अनियंत्रित होकर कार खंभे से टकराई:बाइक सवार को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा

शाजापुर में अनियंत्रित होकर कार खंभे से टकराई:बाइक सवार को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा

शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब 8 बजे एक सड़क हादसा हो गया। धोबी चौराहे रोड पर एक कार अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसा न्यू गोठी मोबाइल के सामने हुआ। बताया जा रहा है कि कार चालक ने अचानक सामने आए एक मोटरसाइकिल सवार को बचाने की कोशिश की, जिससे गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खंभे से जा टकराई। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद वाहन खंभे में फंस गया, जिसे निकालने के लिए ट्रैक्टर की मदद लेनी पड़ी। बाद में गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस, यातायात हुआ प्रभावित घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने भीड़ को हटाकर यातायात को फिर से सामान्य कराया। कोई जनहानि नहीं, जांच जारी कार चालक की पहचान युवराज के रूप में हुई है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

यश घनघोरिया का मोदी सरकार पर हमला, ट्रेड डील को:इसे अडानी-ट्रम्प से जुड़ा समझौता बताया, 13 अप्रैल को जबलपुर में आंदोलन

यश घनघोरिया का मोदी सरकार पर हमला, ट्रेड डील को:इसे अडानी-ट्रम्प से जुड़ा समझौता बताया, 13 अप्रैल को जबलपुर में आंदोलन

उमरिया में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देशहित के बजाय चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में किया गया समझौता बताया। इस मुद्दे पर उन्होंने 13 अप्रैल को जबलपुर में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का ऐलान किया। ट्रेड डील पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत में घनघोरिया ने आरोप लगाया कि यह ट्रेड डील डोनाल्ड ट्रम्प, गौतम अडानी और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ जैसी लगती है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूत करने का संदेश उमरिया पहुंचने पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जिला मुख्यालय के सामुदायिक भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और आगामी गतिविधियों के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही युवाओं से संगठन में अधिक भागीदारी करने की अपील की। मां बिरासनी के दर्शन और महंगाई पर विरोध अपने दौरे के दौरान घनघोरिया ने मां बिरासनी शक्तिपीठ में दर्शन किए। इसके बाद बिरसिंहपुर पाली में एक घर पहुंचकर उन्होंने गैस सिलेंडर को माला पहनाई और चूल्हा जलाकर महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने चूल्हे पर चाय भी बनाई। विदेश नीति पर भी साधा निशाना घनघोरिया ने कहा कि इंदिरा गांधी के समय भारत अमेरिका से बराबरी की बात करता था, लेकिन अब देश की विदेश नीति दबाव में नजर आती है।

टीएमसी ने उर्दू में जारी मेनिफेस्टो तो भड़के ओसासी में कहा- दादी को लेकर ममता बनर्जी का दोहरा किरदार

टीएमसी ने उर्दू में जारी मेनिफेस्टो तो भड़के ओसासी में कहा- दादी को लेकर ममता बनर्जी का दोहरा किरदार

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति जोरों पर है। सभी राजनीतिक एंटरप्राइजेज को अपना पक्ष रखने के लिए एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी डेमोक्रेटिक कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से जारी की गई मुर्कीम मैनिफेस्टो को लेकर भी बंगाल का तानाशाही माहौल है, जिसे लेकर अब एआईएमआईएम प्रमुख और कम्युनिस्ट असदुद्दीन सोसा नेतीखा पर हमला किया है। ममता बनर्जी को लेकर क्या बोले AIMIM प्रमुख? बिहार की राजधानी पटना में रहने वाले राजद नेता और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बांग्लादेश को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का दोहरा चरित्र है। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोलकाता हाई कोर्ट ने राज्य के 5 लाख बैकवर्ड रेस्तरां को कैंसिल कर दिया था, जिसे ममता सरकार की ओर से जारी किया गया था. उन पांच लाख बैकवर्ड दुकानों में से तीन लाख बैकवर्ड शॉप्स के थे। जिस पर अभी तक कोई बात ही नहीं हो रही है। #घड़ी | पटना, बिहार | 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी के घोषणापत्र पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का कहना है, “ममता बनर्जी का दोहरा चेहरा है। पिछले साल, उच्च न्यायालय ने 5 लाख पिछड़ा प्रमाणपत्र रद्द कर दिए थे। इसमें लगभग 3 लाख पिछड़ा प्रमाणपत्र शामिल थे… pic.twitter.com/EAz7RxydoH – एएनआई (@ANI) 5 अप्रैल 2026 मालदा-मुर्शिदाबाद के मुसलमान बेहद गरीब: सोसाइ असदुद्दीन ओसाही ने कहा, ‘ममता बनर्जी फैजाबाद में अपनी तानाशाही छाप क्या कर लेंगी? पश्चिम बंगाल की कुल जनसंख्या में 29 प्रतिशत भाग में मुस्लिम समुदाय आते हैं, फिर भी राज्य के सरकारी स्वामित्व में मूर्ति का प्रतिशत 7 प्रतिशत है। बंगाल में स्कूल ड्रॉपआउट करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। तला की अनूठी दर में बेहद कम है। अगर बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिले में रहने वाले लोग को देखें तो राज्य के अन्य मंडलों के लोग वहां रहने वाले लोग अधिकतर गरीब हैं।’ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टीएमसी पर सार विश्लेषण दिया इससे पहले केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने भी ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस के अरबी भाषा में मैनिफेस्टो जारी करने पर कोरिया की टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि प्रशांत महासागर (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में भाषा और तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं, लेकिन अब बंगाल की जनता ने उनका असली चेहरा देख लिया है। इस बार के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने उन्हें अपनी तुष्टीकरण की राजनीति का जवाब एकजुटता से सत्ता परिवर्तन करके दिया। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट कैसे?’ कांग्रेस पर भड़के असम के सीएम, कहा- 48 घंटे के अंदर…