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dainik bhaskar journalists win Danish Siddiqui memerial Award

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नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने अवधेश आकोदिया को ‘दानिश सिद्दीकी मेमोरियल जर्नलिज्म अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया। दैनिक भास्कर के पत्रकार अवधेश आकोदिया को रविवार को ‘दानिश सिद्दीकी मेमोरियल जर्नलिज्म अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान राजस्थान में विधायक निधि में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली खोजी रिपोर्ट के लिए दिया गया है। अवधेश आकोदिया को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने ‘ज्यूरी स्पेशल अवॉर्ड’ दिया। आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विधानसभा की एथिक्स कमेटी ने लिया था संज्ञान अवधेश ने स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा किया था कि राजस्थान में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपने विकास कोष से खरीद की सिफारिश के बदले रिश्वत ले रहे थे। यह खबर दैनिक भास्कर में दिसंबर 2025 में पब्लिश हुई थी। स्टिंग ऑपरेशन में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों के शामिल होने की बात सामने आई थी। इस खुलासे के बाद राजस्थान विधानसभा की एथिक्स कमेटी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपी विधायकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए थे, जिसकी सुनवाई अभी जारी है। खबर की हेडिंग: राजस्थान- 3 विधायक कमीशन की डील करते कैमरे में कैद:कांग्रेस की अनीता ने 50,000 लिए, बीजेपी के डांगा बोले-40% दो; निर्दलीय ऋतु से 40 लाख की डील विधायक निधि में भ्रष्टाचार पर भास्कर पहली बार अब तक का सबसे बड़ा खुलासा कर रहा है। इसमें विकास कार्यों की अनुशंसा करने के नाम पर विधायक 40% कमीशन ले रहे हैं। इसे उजागर करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने एक डमी फर्म का प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क किया। उन्हें बताया कि ये फर्म खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से संबद्ध है और विधायक निधि से स्कूलों में दरी फर्श (कारपेट) सप्लाई करती है। बिना यह जाने कि इसकी कीमत कितनी है और इनकी स्कूलों में जरूरत है या नहीं, विधायक अनुशंसा करने को तैयार हो गए। उनका सिर्फ एक ही सवाल पर फोकस रहा– हमें कितना प्रतिशत मिलेगा? पूरी खबर पढ़ें… यह अवॉर्ड पुलित्जर विजेता दिवंगत फोटो-पत्रकार दानिश सिद्दीकी की याद में ‘डीएस फाउंडेशन’ द्वारा दिया जाता है। यह सम्मान पाठकों के प्रति दैनिक भास्कर की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 27 मार्च को मिला था रामनाथ गोयनका अवॉर्ड अवधेश आकोदिया को गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित करते उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन। अवधेश को 27 मार्च को ही ‘हिंदी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टिंग’ का रामनाथ गोयनका अवॉर्ड मिला है। उन्हें यह अवॉर्ड बांग्लादेश से भारत में हो रही किडनी तस्करी के रैकेट का खुलासा करने वाली खबर के लिए मिला है। खबर की हेडिंग: जयपुर में 32 लाख रुपए तक बिकी किडनी, बांग्लादेश में खतरनाक दलालों के बीच 5 दिन गुरुग्राम के एक गेस्ट हाउस से तीन बांग्लादेशी नागरिकों की साधारण सी गिरफ्तारी भास्कर की फॉलो-अप जांच में बदल गई। इसने भारत में ट्रांसप्लांट कानून के कमजोर क्रियान्वयन का फायदा उठाने वाले बांग्लादेशी अंग तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। बांग्लादेश के डोनर को फर्जी कागजात के आधार पर भारत लाया जाता था और पैसे का लालच देकर किडनी डोनेट करवाई जाती थी। पढ़ें पूरी खबर… ये खबर भी पढ़ें… दैनिक भास्कर के 2 जर्नलिस्ट को रामनाथ गोयनका अवॉर्ड:बांग्लादेशी अंग तस्करों के रैकेट दैनिक भास्कर के दो जर्नलिस्ट अवधेश आकोदिया और विजयपाल डूडी को पत्रकारिता के क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवॉर्ड्स-2026’ से सम्मानित किया गया। शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने यह सम्मान दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट कैसे?’ कांग्रेस पर भड़के असम के सीएम, कहा- 48 घंटे के अंदर…

असम विधानसभा चुनाव 2026: 'हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट कैसे?' कांग्रेस पर भड़के असम के सीएम, कहा- 48 घंटे के अंदर...

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में काफी बड़े पैमाने पर उद्घोषणा हुई है- बिजनेस मची हुई है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार (5 अप्रैल, 2026) को कांग्रेस नेता पवन सह-आचार्य केलाइक को लेकर व्लादिमीर तीखा पर हमला किया है। हिमंता बिस्वा सरमा ने पवन सह-लेखक की ओर से नियुक्त सभी सहयोगियों को खारिज करते हुए कहा कि वह और उनकी पत्नी रिंकी भुइंया सरमा इस मामले में 48 घंटे के भीतर पवन-संगठन के खिलाफ आपराधिक केस और मन्हानी का केस दर्ज कराएंगे। कांग्रेस को लेकर नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर किया पोस्ट हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रविवार (5 अप्रैल, 2026) को दोपहर करीब दो बजे एक पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में मुख्यमंत्री ने पवन के सहयोगी के सहयोगी स्टीफन को खारिज करते हुए कांग्रेस पर भड़का दिया और बेबुनियाद में धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, ‘आज पवन उपाध्यक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस पार्टी के अंदर नोएडा में रातासा और प्रवचन की झलक साफ-साफ दिखाई दी है। क्योंकि असम एक ऐतिहासिक स्मारक की ओर से अस्थिरता के रूप में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में बेबुनियाद पर बेबुनियाद पर हमले का आरोप लगाकर उनकी कमजोरी को पकड़ लिया गया है।’ पवन खेड़ा की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस पार्टी के अंदर गहरी हताशा और घबराहट को दर्शाती है। जैसे-जैसे असम एक ऐतिहासिक जनादेश की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है, ऐसे हताश और आधारहीन हमले केवल उनकी डूबती जमीन को उजागर करते हैं। मैं उनके द्वारा लगाए गए हर आरोप को सिरे से खारिज करता हूं… – हिमंत बिस्वा सरमा (@himantabiswa) 5 अप्रैल 2026 उनकी छुट्टी के लिए उन्हें ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा: सरमा सरमा ने कहा, ‘मैं पवन परमिट के लगाए गए हर आरोप को खारिज करता हूं।’ यह अत्यंत दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ हैं, विशेष उद्देश्य सिर्फ असम की जनता को भ्रम में डालना और उन्हें अनारक्षित करना है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं और मेरी पत्नी अगले 48 घंटों में कांग्रेस नेता पवन के खिलाफ अपराधी और मानहानी का केस दर्ज कराएंगे और उनकी इस तरह की लड़ाइयों और विचारधारा के लिए उन्हें पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।’ पवन एसोसिएट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा? दरअसल, कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन लेकर अंकित ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पारिवारिक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन को लेकर दोस्त और उनकी पत्नी पर कई आरोप लगाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? उन्हें तीन पासपोर्ट रखने की क्या आवश्यकता है? क्या वे कोई अपराधी हैं? असम की जनता पूछ रही है 👇🏼 ⦁ हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति छवि के खिलाफ़ अपवित्रता पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट लिखती हैं, कैसे? ⦁ भारत के कानून के खाते से आप विदेशी नागरिकता नहीं रख सकते, तो क्या रिंकी बी लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी लिख सकता है… pic.twitter.com/8sFH7hNF2n – कांग्रेस (@INCIndia) 5 अप्रैल 2026 पवन रचनाकारों ने कई गंभीर प्रश्न पूछे उन्होंने आगे सवाल उठाया कि क्या हिमंता बिस्वा सरमा के पास भी एक से ज्यादा पासपोर्ट मौजूद हैं? असम चुनाव के बाद हरियाणा में किस तरह की तैयारी की जा रही है? हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीतिक छवि के खिलाफ अपमान पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट दर्ज हैं, कैसे? भारत के कानून के खाते से आप द्विपक्षीय नागरिकता नहीं रख सकते हैं, तो क्या रिंकी भू लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी रखता है? किस देश के रहस्य अमित शाह को ये जानकारी थी कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी के 3 पासपोर्ट हैं? इंटरमीडिएट अमित शाह का जवाब- क्या एसआईटी एसआईटी इस मामले की जांच कराएगी? यह भी पढ़ें: 930 KM की रेंज, 1000 KG वारहेड… कितनी खतरनाक हैं JASSM-ER मिसाइलें, जिनमें ईरान में हमले की तैयारी अमेरिका में शामिल है?

बकस्वाहा में अधूरा डिवाइडर बना हादसों की वजह:4 महीने से NH पर निर्माण अधूरा; डिवाइडर से टकराकर फंस रहे वाहन

बकस्वाहा में अधूरा डिवाइडर बना हादसों की वजह:4 महीने से NH पर निर्माण अधूरा; डिवाइडर से टकराकर फंस रहे वाहन

छतरपुर जिले के बकस्वाहा में छतरपुर-दमोह नेशनल हाईवे पर बन रहा डिवाइडर हादसों का कारण बन रहा है। नगर परिषद द्वारा यातायात सुधार के लिए शुरू किया गया यह निर्माण कार्य अधूरा है और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। छोटी पुलिया से पुराने बस स्टैंड तक लाखों की लागत से बन रहे इस डिवाइडर के कारण अब तक 8 से 10 वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। रविवार सुबह आगरा से जबलपुर जा रहा एक पत्थर से लदा ट्रक डिवाइडर में घुस गया और क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक को भारी नुकसान पहुंचा। ट्रक चालक गोविंद कुशवाहा ने बताया कि रात के समय रोशनी की कमी के कारण डिवाइडर स्पष्ट दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि वे सड़क समझकर आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक ट्रक डिवाइडर से टकराकर फंस गया। न तो रेडियम, न ही रिफ्लेक्टर स्थानीय निवासियों के अनुसार, डिवाइडर पर न तो रेडियम, न ही रिफ्लेक्टर और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। सड़क का निर्माण भी पूरी तरह से अधूरा है, जिससे वाहन चालकों को आगे डिवाइडर होने का अनुमान नहीं लग पाता। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय दुबे ने इस स्थिति को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक डिवाइडर आ जाने से दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुबे ने इसे ‘मौत का डिवाइडर’ करार देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी। इंजीनियर बोले- ठेकेदार को नोटिस जारी करेंगे इस संबंध में तहसीलदार भरत पांडे ने बताया कि डिवाइडर का निर्माण पिछले चार महीनों से अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर काम पूरा नहीं हुआ या इससे यातायात बाधित होता रहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर परिषद के सब इंजीनियर श्रीकांत खरे ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी कर जल्द कार्य पूर्ण करने, साइन बोर्ड लगाने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रहे हादसों के बाद नगरवासियों में आक्रोश है और उन्होंने जल्द समाधान की मांग की है।

दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, एएसआई समेत दो घायल:गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर, बालाघाट में लिंगा मजार के पास हादसा

दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, एएसआई समेत दो घायल:गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर, बालाघाट में लिंगा मजार के पास हादसा

बालाघाट में रविवार को ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत लिंगा मजार के पास हट्टा रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बालाघाट में जिला अस्पताल में एडमिट घायलों में हट्टा थाना में पदस्थ एएसआई रवनसिंह उईके (51) और लोहारा निवासी राहुल पिता जयचंद राहंगडाले (25) शामिल हैं। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया गया। हट्टा थाना से बालाघाट की ओर आ रहे थे बताया गया कि एएसआई रवनसिंह उईके अपने कार्य से हट्टा थाना से बालाघाट की ओर आ रहे थे। वहीं, राहुल राहंगडाले लिंगा से अपना काम निपटाकर अपने घर लोहारा जा रहे थे। लिंगा मजार के पास दोनों की बाइकें आपस में टकरा गईं। हादसे में एएसआई रवनसिंह उईके और राहुल राहंगडाले दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।

डायबिटीज मरीजों के लिए बढ़िया है ये चावल, 3 गुना ज्यादा प्रोटीन, जानें क्या है ये ‘डिजाइनर राइस’

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Last Updated:April 05, 2026, 17:58 IST डायबिटीज मरीजों के लिए अब चावल छोड़ना जरूरी नहीं हो सकता, क्योंकि नया “डिजाइनर राइस” सामने आया है, जिसमें सामान्य चावल से करीब 3 गुना ज्यादा प्रोटीन और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स पाया जाता है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद कर सकता है. आइए जानते हैं इसे थोड़ा डिटेल में… मधुमेह मरीजों के लिए फायदेमंद. डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान चुनना हमेशा चुनौती भरा होता है, खासकर जब बात चावल की हो. आम चावल जहां ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है, वहीं अब एक ऐसा खास “डिजाइनर राइस” सामने आया है, जिसमें सामान्य चावल की तुलना में करीब 3 गुना ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है. यह न सिर्फ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, बल्कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी सहायक माना जा रहा है. ऐसे में यह चावल डायबिटिक मरीजों के लिए एक बेहतर और हेल्दी विकल्प बनकर उभर रहा है. डिजाइनर राइस दरअसल ऐसा चावल है, जिसे इस तरह प्रोसेस और फोर्टिफाई किया जाता है कि उसमें सामान्य चावल की तुलना में ज्यादा प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व मौजूद हों. यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जिन्हें ब्लड शुगर कंट्रोल में रखना होता है. आम चावल जहां जल्दी पचकर ब्लड शुगर बढ़ा सकता है, वहीं डिजाइनर राइस को इस तरह तैयार किया जाता है कि यह धीरे-धीरे पचता है और ग्लूकोज लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता. क्या है डिजाइनर राइस और कैसे बनता है?डिजाइनर राइस को बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें चावल के दानों को पोषक तत्वों से समृद्ध किया जाता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए दालों या अन्य पौधों से मिलने वाले प्रोटीन को मिलाया जाता है. कुछ मामलों में इसमें आयरन, जिंक और विटामिन्स भी जोड़े जाते हैं, जिससे यह एक संतुलित आहार का हिस्सा बन सके. इस तरह तैयार किया गया चावल देखने में सामान्य चावल जैसा ही होता है, लेकिन इसके पोषण गुण कहीं ज्यादा होते हैं. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 05, 2026, 17:57 IST

गर्मियों में हर दिन पिएं 1 गिलास सत्तू का शरबत, शरीर को होंगे ये अद्भुत फायदे

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Last Updated:April 05, 2026, 17:55 IST Benefits of drinking Sattu drink in summer: गर्मियों में मौसम में सत्तू का सेवन सेहत के लिए वरदान से कम नहीं होता है. काले चने को भूनकर और फिर इसे पीसकर सत्तू तैयार होता है. सत्तू में ढेरों पोषक तत्व मौजूद होते हैं. यह शरीर को भरपूर एनर्जी देने के साथ ही शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. एक ग्लास सत्तू का शरबत पीने से आपका पेट ठंडा होगा. आप लू से बचे रहेंगे. गर्मियों में भरपूर एनर्जी मिलेगी. डिहाइड्रेशन से बचाव होगा. जानिए सत्तू का ड्रिंक पीने से सेहत को क्या-क्या फायदे होते हैं. सत्तू का शरबत शरीर के आंतरिक तापमान को कंट्रोल करता है. ये नेचुरल रूप से ही शीतलक होता है. सत्तू का शरबत पीने से शरीर अंदर से ठंडा रहता है. पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. गर्मी से होने वाली थकावट से बचाव होता है. शरीर के अंग ठंडे रहते हैं. ये गर्म हवाओं, लू से शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है. सत्तू का सेवन पाचन तंत्र के लिए बहुत ही हेल्दी माना गया है. ये नुचरल तरीके से पाचन क्रिया में सुधार करता है.सत्तू में अघुलनशील फाइबर काफी होता है, जिससे कब्ज की शिकायत नहीं होती है. जब आप इसे खाली पेट सुबह में पीकर घर से निकलते हैं तो दिन भर एनर्जेटिक तो रहते ही हैं, पेट और आंतों में जमा गंदगी भी अगली सुबह अच्छी तरह से साफ हो जाती है. सत्तू ड्रिंक प्राकृतिक रूप से मल त्याग को नियमित करता है. पेट संबंधित सभी समस्याओं से गर्मियों में बचाए रखता है. मांसपेशियों को रिपेयर करने में भी सत्तू ड्रिंक बेहद कारगर है. सत्तू प्लांट बेस्ड प्रोटीन का एक शक्तिशाली स्रोत है. जो लोग नॉनवेज नहीं खाते हैं, वे इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. प्रतिदिन एक गिलास सत्तू मांसपेशियों के रख-रखाव और टिशू की मरम्मत के लिए आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करता है. इससेये वर्कआउट के बाद एक बेहतर रिकवरी पेय पदार्थ बन जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google जिन लोगों को डायबिटीज है, उनके लिए भी सत्तू या इससे तैयार ड्रिंक बहुत ही फायदेमंद होती है. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है सत्तू. इसमें मौजूद हाई फाइबर और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) के कारण यह इंसुलिन लेवल में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकता है. इससे आप लॉन्ग-टर्म ब्लड शुगर लेवल को आसानी से मैनेज कर सकते हैं. यदि आपका वजन लगातार बढ़ रहा है तो आप सत्तू का सेवन कर सकते हैं. सत्तू के ड्रिंक को पी सकते हैं, इसमें फाइबर होने के कारण ये पेट को भरा रखता है देर तक, जिससे आप कुछ भी उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं. आपको जल्दी-जल्दी भूख नहीं लगती है. इसमें मौजूद विशेष प्रकार का फाइबर, तृप्ति (satiety)हार्मोन को एक्टिव करता है. यह ब्रेन को संकेत देता है कि आपका पेट भरा हुआ है. प्रतिदिन एक गिलास सत्तू पीने से जंक फूड खाने या भोजन के दौरान अधिक खाने की इच्छा स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है. इससे आप अधिक कैलोरी इनटेक से बचते हैं, स्थायी रूप से वजन कम करना भी आसान हो जाता है. सत्तू का शरबत हार्ट को हेल्दी रखता है. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है. जिन फूड्स में हाई फाइबर मौजूद होते हैं, वे पेट के साथ ही हृदय के लिए भी फायदेमंद होते है. सत्तू बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर को कम करने में मदद करता है. इसमें मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं, जिससे आप हार्ट डिजीज से बचे रह सकते हैं. दमकती त्वचा और मजबूत बालों के लिए भी सत्तू शरबत पी सकते हैं. इसमें आयरन और मैंगनीज काफी होते हैं. आयरन रक्त में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाता है, जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है. एनीमिया के कारण होने वाली रूखेपन से बचाव होता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और मिनरल्स बालों के फॉलिकल्स को अंदर से मजबूत बनाते हैं. इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है. भुने हुए चने से बना सत्तू का शरबत बनाना बहुत ही आसान है. आप इसे सुबह घर से बाहर निकलने से पहले पिएं. बॉटल में भी रख सकते हैं. ये ड्रिंक एनर्जी बूस्टर की तरह काम करती है. इसे बनाने के लिए एक गिलास पानी में 2-3 चम्मच सत्तू पाउडर, चुटकीभर काला नमक, नींबू, भुना हुआ जीरा पाउडर मिला सकते हैं. कुछ लोग हरी मिर्ची, प्याज, टमाटर, धनिया और पुदीने की पत्तियां भी काटकर डालते हैं. इससे इसका स्वाद और पौष्टिक तत्व दोनों ही बढ़ जाते हैं. इसे पीकर आप दिन भर फ्रेश और कूल महसूस कर सकते हैं. First Published : April 05, 2026, 17:47 IST

अंडर-20 एथलेटिक्स मीट में देहरादून के आहिल और दीपांशु चैंपियन:प्रतियोगिता का हुआ समापन; नेशनल के लिए कर्नाटक जाएंगे होनहार एथलीट्स

अंडर-20 एथलेटिक्स मीट में देहरादून के आहिल और दीपांशु चैंपियन:प्रतियोगिता का हुआ समापन; नेशनल के लिए कर्नाटक जाएंगे होनहार एथलीट्स

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलेटिक्स ट्रैक पर चल रही दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट जूनियर अंडर-20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता का रविवार को समापन हो गया। प्रतियोगिता के दूसरे और अंतिम दिन 18 इवेंट्स आयोजित किए गए। समापन समारोह में स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाई (मुख्य अतिथि) और ओलंपियन मनीष रावत (विशिष्ट अतिथि) ने विजेता एथलीट्स को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के सभी जिलों से कुल 134 होनहार एथलीट्स (92 बालक और 42 बालिकाओं) ने अपना दम-खम दिखाया। प्रतियोगिता की प्रमुख बातें दूसरे दिन के स्वर्ण पदक विजेता एथलीट्स अंतिम दिन ट्रैक और फील्ड में कई शानदार मुकाबले देखने को मिले। यहां देखें बालक और बालिका वर्ग में प्रथम स्थान (गोल्ड मेडल) प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों की सूची: कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति: आयोजन को सफल बनाने में उत्तराखंड एथलेटिक संघ के अध्यक्ष संदीप शर्मा, संयुक्त सचिव भारत भूषण, कोषाध्यक्ष एम.सी. शाह, जिला फुटबाल संघ देहरादून के सचिव मोहम्मद उस्मान समेत मधुसूदन जोशी, गुलशन अली और सुनील शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

‘कोई कितना बड़ा भी गुंडा क्यों न हो…’, कुशविहार में पीएम मोदी का हुंकार, कहा- कट, कमीशन और करप्शन बंगाल बेहाल से

'कोई कितना बड़ा भी गुंडा क्यों न हो...', कुशविहार में पीएम मोदी का हुंकार, कहा- कट, कमीशन और करप्शन बंगाल बेहाल से

पश्चिम बंगाल के कुमकुम बिहार में वैश्यावृत्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून-व्यवस्था और अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के डेमोग्राफ में खतरनाक बदलाव आए हैं, क्योंकि घुसपैठियों को सीधे तौर पर संरक्षण दिया गया है। सीएम ममता बनर्जी ने सबसे पहले कहा कि बंगाल में लोग रोजगार के लिए आए थे, लेकिन निर्माम सरकार ने बंगाल को ही केंद्र बना दिया है। बंधकों को वोट बैंक बिल्डर: मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘ये पुराने ज़माने वाले आतंकवादियों का विरोध कर रहे हैं ताकि घुसपैठियों की पहचान न हो सके, उलटे मंज़िल को रद्द करने की धमकी दी जा रही है। यानि कि जिन शिष्याओं को गद्दारी मिली है, ये उनकी शिष्याएं छीनेंगी और वो ये शिष्याओं को सिखाएंगे। क्योंकि इन्वेस्टर्स इन्वेस्टर्स का अपना वोटबैंक असिस्टेंट होता है। इन घुसपैठियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा प्रदान की जाती है। यूक्रेनी सीधे अपने सिंडिकेट में भर्ती करता है। ‘अंधेरे बंगाल में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकाला गया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं कुटविहार से लेकर सभी राज्यों को नियंत्रित करता हूं। मुझे फिर से याद आया कि जिन राज्यों ने भी राज्यों को अपने कब्जे में लिया था, उन्होंने सुझाव दिया था कि कोई नुकसान नहीं होगा, सभी को फायदा ही होगा। सभी राज्यों की भागीदारी और सर्वसम्मत अधिकार सुरक्षित रहेंगे। हम संसद में इसपर पक्का थप्पा पहनना चाहते हैं कि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सामान उठाना। ‘ताजा राज्य को बड़ा फायदा मिला।’ महिला आरक्षण लेकर बोले मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा बंगाल शक्ति पूजा की धरती है. मैं यहां आया हूं सभी बहन-बेटियों को, बंगाल की हर बहन-बेटियों से भाजपा आपका सम्मान और आपकी समृद्धि के लिए मैदान में है। बीजेपी सरकार में शामिल होने के लिए महिलाओं के साक्षियों की यात्रा निकाली गई और ये हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है। ‘देश की 3 करोड़ जनजातियों को लखपति देवियों ने बनाया, लेकिन ये बहुत जरूरी है कि देश के लिए होने वाले में भी महिलाओं की भूमिका और ज्यादा हो इसलिए हमारी सरकार ने 33 करोड़ जनजातियों और जनजातियों में महिलाओं को आरक्षण देने का कानून बनाया।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘यहां की निर्मम सरकार बंगाल की इस पवित्र मां पर हर रोज लोकतंत्र को लाहुलुहान कर रही है। ये निर्मम सरकार अपने आगे किसी संवैधानिक संस्था को कुछ भी नहीं समझती। दो-तीन पहले पूरे देश ने देखा कि कैसे मालदा में कुछ अधिकारियों को बंधक रखा गया था।’ मोदी ने अपने भाषण में संदेशखाली का भी जिक्र किया. टीएमसी के पापों का चुना-चुन कर होगा अकाउंट: पीएम मोदी उन्होंने कहा, ‘एक ओर संदेशखाली जाति की पीढ़ियों की चीखें और बेटियों पर होता है निर्मम अत्याचार, दूसरी ओर नारीशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और सम्मान की मोदी की नींव है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस बार चुनाव के बाद इन पापों का पूरा भुगतान हो जाएगा। चुन-चुन कर हिसाब लगाया जाएगा. 4 मई के बाद कानून अपना काम चाहता है। ‘इश्क कोई बड़े से बड़ा गुंडा क्यों न हो…इस बार न्याय कायम रहेगा।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘इस बार बंगाल में एक ओर टीएमसी का डर है और इसका मुकाबला करने के लिए आपके पास बीजेपी का भरोसा है।’ एक ओर टीएमसी के ‘कैट मनी’ और ‘कर्पशन’ का डर है। दूसरी ओर विकास को प्रमाण पत्र देने वाली बीजेपी का भरोसा है। एक ओर घुसपैठिए, विदेशियों को यहां बसाने का डर है। बंगाल में दूसरी ओर से सभी घुसपैठियों पर आक्रमण करना विश्वसनीय है।’ ये भी पढ़ें : ‘उनके पास…’ असम के सीएम हिमंता विश्व सरमा की पत्नी पर कांग्रेस पर गंभीर आरोप, हंगामा

अटल बस्ती में 25 लाख से बनी सीसी रोड:नपा अध्यक्ष ने किया निरीक्षण, बोलीं- अब पट्टे देकर पक्के मकान बनवाएंगे

अटल बस्ती में 25 लाख से बनी सीसी रोड:नपा अध्यक्ष ने किया निरीक्षण, बोलीं- अब पट्टे देकर पक्के मकान बनवाएंगे

नीमच के किलेश्वर मंदिर रोड स्थित अटल बस्ती की सूरत अब बदलने लगी है। नगर पालिका ने यहां सालों से फैली कीचड़ और गंदगी की समस्या को खत्म करते हुए लगभग 25.50 लाख की लागत से 480 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण करा दिया है। रविवार को नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने पार्षदों के साथ मिलकर नई बनी सड़क का जायजा लिया। उन्होंने ठेकेदार को सख्त हिदायत दी कि सड़क की क्वालिटी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बस्ती की हालत देख भावुक हुईं अध्यक्ष निरीक्षण के दौरान स्वाति चोपड़ा पुरानी यादें साझा करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार यहां आई थीं, तो बच्चों को कीचड़ में खेलते देख उन्हें बहुत दुख हुआ था। तभी उन्होंने ठान लिया था कि इस बस्ती का विकास करना ही है। अब यहां न सिर्फ सड़कें बन गई हैं, बल्कि 700 मीटर लंबी नाली का काम भी चल रहा है। पक्के मकान और पट्टों की जगी उम्मीद बस्ती के लोगों ने पानी और बिजली की समस्या भी बताई, जिस पर अध्यक्ष ने जल्द समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही पात्र परिवारों को जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। इन पट्टों की मदद से लोग प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकेंगे। अब झुग्गी-झोपड़ियों की जगह लोग अपने पक्के मकानों में सम्मान के साथ रह पाएंगे। अध्यक्ष ने साफ किया कि अटल बस्ती की तरह शहर की अन्य पिछड़ी बस्तियों में भी इसी तरह बारी-बारी से विकास कार्य किए जाएंगे ताकि कोई भी इलाका सुविधाओं से पीछे न रहे।

सीहोर मंडी में 6 घंटे अघोषित कटौती पर चक्काजाम:नागरिक-व्यापारी सड़क पर उतरे; बोले- नए सब-स्टेशन के बाद भी नहीं सुधरी हालत

सीहोर मंडी में 6 घंटे अघोषित कटौती पर चक्काजाम:नागरिक-व्यापारी सड़क पर उतरे; बोले- नए सब-स्टेशन के बाद भी नहीं सुधरी हालत

सीहोर जिले के मंडी क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से परेशान नागरिकों और व्यापारियों ने आज (रविवार) सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि कंपनी क्षेत्र में अत्यधिक बिजली कटौती कर रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मंडी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार घोषित और अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। गर्मी के इस दौर में दिन और रात में कई-कई घंटों तक बिजली गुल रहती है। आज अघोषित कटौती का समय 6 घंटे से अधिक हो गया, जिससे लोगों का सब्र टूट गया। नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग से बार-बार आग्रह करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। नए सब-स्टेशन से भी हालत में सुधार नहीं यह उल्लेखनीय है कि प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने 26 मार्च को मंडी में 2 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन का लोकार्पण किया था। तब उन्होंने कहा था कि इस सब-स्टेशन से क्षेत्र के नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी और गर्मी में राहत मिलेगी। हालांकि, इसके विपरीत, मंडी क्षेत्र में बिजली का संकट और कटौती और बढ़ गई है।