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गठिया का दर्द हो या फोड़े-फुंसी…हरी पत्तियों वाला ये पौधा सेहत के लिए वरदान, जानिए उपयोग का तरीका

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Last Updated:April 05, 2026, 17:09 IST Sudarshan Benefits : सुदर्शन का पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए जगत विख्यात है. इसके पत्ते, जड़, तना और दूसरे हिस्से सेहत के लिए रामबाण हैं. लोकल 18 से बाराबंकी के चिकित्सक अमित वर्मा बताते हैं कि सुदर्शन में पाए जाने वाले ग्लूकेन, कार्बनिक अम्ल, सैपोनिन, अमीनो अम्ल और एल्कलॉइड जैसे पोषक तत्व कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. सुदर्शन का पौधा घाव भरने में भी सहायक है. चर्म रोगों में सुदर्शन की पत्तियों का रस फायदेमंद है. सुदर्शन का पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए काफी प्रसिद्ध है. यह पौधा आसानी से मिल जाता है. इसके पत्ते, जड़, तना और दूसरे हिस्से सेहत के लिए रामबाण हैं. आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में सुदर्शन पौधे का पारंपरिक उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर को स्वस्थ रखने और कई सामान्य परेशानियों से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) बताते हैं कि सुदर्शन में भरपूर मात्रा में ग्लूकेन, कार्बनिक अम्ल, सैपोनिन, अमीनो अम्ल और एल्कलॉइड जैसे पोषक तत्व मौजूद हैं, जो हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. सुदर्शन के पत्तों को गर्म करके उस पर जैतून का तेल लगाकर घुटनों में बांधने से गठिया का दर्द दूर हो सकता है. दर्द को कम करने के लिए आप इसके पत्तों को हल्का गर्म करके प्रभावित हिस्से के आसपास रखकर सिकाई कर सकते हैं. ऐसा करने से सूजन भी कम हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. अमित वर्मा बताते हैं कि अधिक बुखार होने पर सुदर्शन के पत्तों का पाउडर 2 से 3 ग्राम शहद और गर्म पानी में मिलाकर सेवन करें. इससे बुखार में तुरंत राहत मिलती है. सुदर्शन का पौधा त्वचा के लिए भी बहुत लाभदायक है. इसके पत्तों के रस का प्रयोग किया जाता है. गर्मी के मौसम में त्वचा पर फोड़े, फुंसी, दाद, खाज, खुजली आदि परेशानियां होने लगती हैं, इन सभी परेशानियों को दूर करने में सुदर्शन का पौधा बहुत लाभदायक है. सुदर्शन का पौधा घाव भरने में भी सहायक है. चर्म रोगों में सुदर्शन की पत्तियों का रस फायदेमंद है. जिन लोगों को पाइल्स की वजह से खून आ रहा है या अधिक दर्द हो रहा है, ऐसे में सुदर्शन के ताजे पत्तों को पीसकर अर्श या बवासीर के मस्सों में लेप करने से लाभ होता है. जोड़ों पर लेप करने से होने वाले दर्द से राहत मिलती है. पेट के कीड़े खराब खानपान और जीवन शैली के चलते एक आम समस्या हो गई है. खासकर बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. इस समस्या में सुदर्शन के पौधे के पत्तों का रस फायदा दे सकता है. सुदर्शन के पत्तों का रस पेट के कीड़े को खत्म करता है. First Published : April 05, 2026, 17:09 IST

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की आने वाली तेलुगू फिल्म ‘फौजी’ के सेट से कुछ तस्वीरें लीक हो गई हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसे देखते हुए फिल्म के मेकर्स ने नाराजगी जाहिर की है और लीक कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि जो भी इन तस्वीरों को सर्कुलेट करेगा, उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। लीक से फिल्म के अनुभव पर पड़ रहा बुरा असर फिल्म ‘फौजी’ के ऑफिशियल X (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर यूजर्स को आगाह किया गया है। मेकर्स ने लिखा, ‘हमें पता चला है कि कुछ अकाउंट सेट से लीक हुई तस्वीरें फैला रहे हैं। प्लीज इसे एक सख्त चेतावनी समझें- ऐसे किसी भी कंटेंट को रिपोर्ट किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।’ मेकर्स का मानना है कि इन लीक्स की वजह से उस ‘सिनेमैटिक एक्सपीरियंस’ पर बुरा असर पड़ता है, जिसे वे बड़ी सावधानी से तैयार कर रहे हैं। डायरेक्टर ने की अपील- जादू को खराब न करें फिल्म के डायरेक्टर हनु राघवपुडी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों से सहयोग मांगा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हमने फौजी में अपना दिल लगा दिया है ताकि दर्शकों को कुछ खास दे सकें। सभी से विनम्र निवेदन है कि प्लीज लीक के जरिए इसका जादू खराब न करें। आइए इसे उसी तरह अनुभव करें जैसे इसे होना चाहिए, यानी सिनेमाघरों में एक साथ।’ मेकर्स ने भरोसा दिलाया है कि बड़े पर्दे पर जो आने वाला है, वह लीक तस्वीरों से कहीं अधिक भव्य होगा। दशहरे पर रिलीज की योजना हालांकि अभी तक ‘फौजी’ की आधिकारिक रिलीज डेट का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स इसे इसी साल दशहरे के मौके पर रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म में प्रभास के अपोजिट इमानवी नजर आएंगी। खास बात यह है कि फिल्म में जया प्रदा और मिथुन चक्रवर्ती भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। कल्कि-2 और स्पिरिट की तैयारी प्रभास आने वाले समय में ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल और ‘सलार’ पार्ट-2 में नजर आएंगे। इसके साथ ही उनकी चर्चित फिल्म ‘स्पिरिट’ 5 मार्च 2027 को रिलीज होगी। संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में प्रभास के साथ तृप्ति डिमरी लीड रोल में होंगी।

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट से फोटो लीक:मेकर्स ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बोले- शेयर करने वालों पर होगा लीगल एक्शन

प्रभास की आने वाली तेलुगू फिल्म ‘फौजी’ के सेट से कुछ तस्वीरें लीक हो गई हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसे देखते हुए फिल्म के मेकर्स ने नाराजगी जाहिर की है और लीक कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि जो भी इन तस्वीरों को सर्कुलेट करेगा, उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। लीक से फिल्म के अनुभव पर पड़ रहा बुरा असर फिल्म ‘फौजी’ के ऑफिशियल X (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर यूजर्स को आगाह किया गया है। मेकर्स ने लिखा, ‘हमें पता चला है कि कुछ अकाउंट सेट से लीक हुई तस्वीरें फैला रहे हैं। प्लीज इसे एक सख्त चेतावनी समझें- ऐसे किसी भी कंटेंट को रिपोर्ट किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।’ मेकर्स का मानना है कि इन लीक्स की वजह से उस ‘सिनेमैटिक एक्सपीरियंस’ पर बुरा असर पड़ता है, जिसे वे बड़ी सावधानी से तैयार कर रहे हैं। डायरेक्टर ने की अपील- जादू को खराब न करें फिल्म के डायरेक्टर हनु राघवपुडी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों से सहयोग मांगा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हमने फौजी में अपना दिल लगा दिया है ताकि दर्शकों को कुछ खास दे सकें। सभी से विनम्र निवेदन है कि प्लीज लीक के जरिए इसका जादू खराब न करें। आइए इसे उसी तरह अनुभव करें जैसे इसे होना चाहिए, यानी सिनेमाघरों में एक साथ।’ मेकर्स ने भरोसा दिलाया है कि बड़े पर्दे पर जो आने वाला है, वह लीक तस्वीरों से कहीं अधिक भव्य होगा। दशहरे पर रिलीज की योजना हालांकि अभी तक ‘फौजी’ की आधिकारिक रिलीज डेट का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स इसे इसी साल दशहरे के मौके पर रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म में प्रभास के अपोजिट इमानवी नजर आएंगी। खास बात यह है कि फिल्म में जया प्रदा और मिथुन चक्रवर्ती भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। कल्कि-2 और स्पिरिट की तैयारी प्रभास आने वाले समय में ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल और ‘सलार’ पार्ट-2 में नजर आएंगे। इसके साथ ही उनकी चर्चित फिल्म ‘स्पिरिट’ 5 मार्च 2027 को रिलीज होगी। संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में प्रभास के साथ तृप्ति डिमरी लीड रोल में होंगी।

Indore Councillor Threatened, SI Kicks Youth; Child Falls From Building

Indore Councillor Threatened, SI Kicks Youth; Child Falls From Building

. ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप रोज शाम 5 बजे एक ही जगह पर शहर की दिन भर की बड़ी खबरें पढ़ सकते हैं। कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ…। 1. MIC मेंबर को जान से मारने की धमकी MIC सदस्य और पार्षद को जान से मारने की धमकी मिली है। पोस्टर फटा मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे, तो वहां धमकी भरी चिट्ठी मिली। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद एसीपी मौके पर पहुंचे और जांच की। पढ़ें पूरी खबर… 2. नाबालिग लड़की से मारपीट के आरोपी गिरफ्तार हीरानगर में एक लड़की से मारपीट का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। टीआई सुशील पटेल ने इस मामले में जांच कर आरोपियों को पकड़ने की बात कही थी। पढ़ें पूरी खबर… 3. युवक माफी के लिए गिड़गिड़ाया, SI ने लात मारी रेडिसन चौराहे पर एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (SI) बलराम सिंह तोमर की मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक जमीन पर बैठकर एसआई के पैर पड़ते हुए उनसे माफी मांग रहा है, लेकिन एसआई उसे लातों से मारते हुए गालियां देने लगते हैं। पढ़ें पूरी खबर… 4. एमपी के 5000 पर्यटकों ने कैंसल किए UAE टूर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर घूमने जाने वाले पर्यटकों पर भी दिखने लगा है। युद्ध के कारण पर्यटकों को अपने प्लान कैंसल करने पड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश के 5 हजार से ज्यादा लोगों ने अपने यूएई के टूर रद्द कर दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 5. दहेज प्रताड़ना में महिला की मौत, तीन पर केस MG रोड थाना क्षेत्र में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शनिवार को पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक गायत्री (22), पत्नी समीर बाली, निवासी उषा फाटक की मौत के मामले में एसीपी विनोद कुमार दीक्षित की जांच के बाद कार्रवाई की गई। पढ़ें पूरी खबर… 6. कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा 6 अप्रैल को किसान अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने अपील जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान में कई मुद्दों को लेकर किसान वर्ग परेशान है, जिनका त्वरित निराकरण आवश्यक है। पढ़ें पूरी खबर… 7. कार में छिपा रखी थी 24.08 ग्राम MD ड्रग्स क्राइम ब्रांच ने 24.08 ग्राम MD ड्रग्स के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला भी है, वह अलग-अलग शहरों में इवेंट ऑर्गेनाइजेशन का काम करती है। आरोपियों ने अपनी कार में MD ड्रग्स छिपा रखी थी। पढ़ें पूरी खबर… 8. छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदला छोटे नेहरू स्टेडियम का नाम बदलकर ‘छत्रपति शिवाजी महाराज खेल परिसर’ कर दिया गया। कुछ समय पहले एमआईसी ने इसे लेकर प्रस्ताव पारित किया था। नामकरण के अवसर पर आयोजित समारोह ने शहर के खेल और सांस्कृतिक परिवेश को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। पढ़ें पूरी खबर… 9. दूसरी मंजिल से गिरी 2 साल की बच्ची 2 साल की एक बच्ची की दूसरी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। वह खेलते-खेलते बालकनी में पहुंच गई थी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रात में उसने दम तोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर… 10. रिंग रोड पर कार पलटी, युवक घायल रविवार तड़के करीब 3 बजे रिंग रोड पर बॉम्बे हॉस्पिटल के पास तेज रफ्तार कार कंट्रोल होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में कार चला रहा युवक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज गति में थी और अचानक संतुलन बिगड़ने से पलट गई। पढ़ें पूरी खबर…

सोहा अली पेरिमेनोपॉज के लक्षणों से हुई परेशान, इस हेल्दी ड्रिंक से कॉफी को किया रिप्लेस, शेयर की रेसिपी

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Last Updated:April 05, 2026, 16:56 IST Soha Ali Perimenopause Tips: 40 की उम्र के बाद महिलाओं में पेरिमेनोपॉज के लक्षण दिखना कॉमन है. लेकिन इससे कई बार लाइफ क्वालिटी इफेक्ट होने लगती है. हाल ही में एक्ट्रेस सोहा अली खान ने इसी प्रॉब्लम के बारे में सोशल मीडिया पर बात की. उन्होंने पेरिमेनोपॉज के लिए हेल्दी ड्रिंक की रेसिपी शेयर की है. ख़बरें फटाफट बॉलीवुड एक्ट्रेस सोहा अली खान 47 की उम्र में पेरिमेनोपॉज के लक्षणों का सामना कर रही हैं. इंस्टाग्राम पर एक्ट्रेस अक्सर अपने फैंस के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़े आसान और नेचुरल टिप्स शेयर करती रहती हैं. इसी कड़ी में हाल ही में उन्होंने पेरिमेनोपॉज के दौरान होने वाली परेशानियों और उनसे राहत पाने के एक आसान घरेलू ड्रिंक के बारे में बताया. सोहा ने बताया कि पहले वह सुबह उठते ही कॉफी पीती थीं, लेकिन पेरिमेनोपॉज के बाद खाली पेट कॉफी पीने से उन्हें दिक्कत होने लगी. इस दौरान शरीर में हार्मोन, खासकर एस्ट्रोजन में बदलाव आता है, जिससे एसिडिटी, पेट फूलना और कैफीन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है. इसी वजह से उन्होंने अपनी सुबह की आदत बदल दी. दिन की शुरुआत कॉफी से नहीं…सोहा ने अपने पोस्ट में बताया कि अब वो अपने दिन की शुरुआत कॉफी से नहीं करती हैं. इसकी जगह वो एक हेल्दी ड्रिंक पी रही हैं. इसे गर्म पानी, नींबू, अदरक, चिया सीड्स और हल्दी को मिलाकर तैयार किया जाता है. उनका कहना है कि इस ड्रिंक से शरीर को हाइड्रेशन मिलता है, पाचन बेहतर होता है, पेट फूलना कम होता है और पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है. View this post on Instagram

करणी सेना परिवार ने किया 120 यूनिट रक्तदान:शाजापुर में कैंप लगाया, पिछले साल से 3 यूनिट अधिक ब्लड जमा

करणी सेना परिवार ने किया 120 यूनिट रक्तदान:शाजापुर में कैंप लगाया, पिछले साल से 3 यूनिट अधिक ब्लड जमा

शाजापुर जिला अस्पताल में रविवार को करणी सेना परिवार की ओर से रक्तदान कैंप लगाया गया। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक चले कैंप में कई लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 120 यूनिट रक्त जमा हुआ। मीडिया प्रभारी रोहित सिंह राजपूत ने बताया कि यह कैंप संगठन के प्रदेश मंत्री अजीत सिंह खड़ी डोडिया के जन्मदिन के मौके पर लगाया गया था। जिला अध्यक्ष सोनू बना सापखेड़ा के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में पिछले साल का रिकॉर्ड भी टूट गया। पिछले वर्ष जहां 117 यूनिट खून इकट्ठा हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा 120 तक पहुंच गया। एसपी और एडिशनल एसपी ने बढ़ाया उत्साह शिविर की शुरुआत शाजापुर एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने फीता काटकर की। इस दौरान एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय भी मौजूद रहे, जिन्होंने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए इसे सबसे बड़ी मानव सेवा बताया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पूरी व्यवस्था संभाली और आने वाले लोगों का मार्गदर्शन किया। एसपी का हुआ सम्मान इस मौके पर करणी सेना परिवार ने शाजापुर एसपी यशपाल सिंह राजपूत का विशेष सम्मान भी किया। उनके कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने की खुशी में उन्हें साफा बांधा गया, मिठाई खिलाई गई और उन पर पुष्पवर्षा की गई। शिविर में युवाओं का जोश देखने लायक था।

दतिया के 25 गांवों में ओले-बारिश से फसल चौपट:रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीम बनाई

दतिया के 25 गांवों में ओले-बारिश से फसल चौपट:रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीम बनाई

दतिया के सेवढ़ा क्षेत्र में शनिवार शाम हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शुरुआती आकलन में करीब 25 गांवों में फसलों को लगभग 100 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। सबसे ज्यादा असर गेहूं की तैयार खड़ी फसल पर पड़ा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ना तय है। सेवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी ने बताया कि, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे दल गठित कर दिए गए हैं। टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी। उधर, रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे और मौसम में नमी बनी रही, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान कृषि विज्ञान केंद्र दतिया के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विश्वनाथ कंसाना ने बताया कि इस समय हो रही बारिश से अब फसलों को कोई फायदा नहीं है, बल्कि नुकसान ही बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जहां केवल बारिश हुई है, वहां गेहूं की कटाई में देरी होगी, लेकिन जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां दाने झड़ने की स्थिति बन गई है। तेज हवा और पानी के कारण फसल जमीन पर लेट गई है, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। डॉ. कंसाना के अनुसार, लगातार नमी और धूप की कमी के कारण गेहूं के दाने कमजोर पड़ेंगे और उनकी चमक खत्म हो जाएगी। इसका सीधा असर मंडियों में मिलने वाले भाव पर पड़ेगा। अनुमान है कि गेहूं के दाम में करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ सकती है। सेवढ़ा के यह गांव हुए प्रभावित जोरी, रामपुरा, नहला, दाबनी, सिरसा, अटरा, बड़ोखरी, मलियापुरा, खंजापुरा, बस्तुरी, चीना, दिगुवा, देभई, मंगरोल, कसेरुआ, रुहेरा, किटाना, बघावली, थरेट, भगुवापुरा, डिरोलीपार, ग्यारा एवं सेवढ़ा से लगे इलाके शामिल है।

क्या आपके शरीर का एक हिस्सा हो रहा सुन्न? बोलने में हो रही है दिक्कत… तो तुरंत हो जाएं सतर्क, यह ब्रेन स्ट्रोक का संकेत हो सकता है जानलेवा

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Last Updated:April 05, 2026, 16:17 IST ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने ब्रेन स्ट्रोक को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. उन्होंने बताया कि शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन, बोलने में दिक्कत और अचानक चक्कर आना स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है. ग्रेटर नोएडा: क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर में होने वाली एक मामूली सी सुन्नपन या बोलने में हल्की सी लड़खड़ाहट किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकती है? जिसे हम अक्सर थकान समझकर टाल देते हैं, वह असल में ‘ब्रेन स्ट्रोक’ जैसा जानलेवा हमला हो सकता है. चिकित्सा विज्ञान में इसे ऐसी इमरजेंसी माना जाता है जहाँ एक-एक सेकंड की कीमत मरीज की जिंदगी होती है. यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने इस गंभीर बीमारी के प्रति आगाह करते हुए बताया है कि कैसे हमारी छोटी सी जागरूकता और समय पर लिया गया फैसला स्थायी विकलांगता और मौत के मुंह से किसी को बाहर निकाल सकता है. यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग तक खून का प्रवाह अचानक रुक जाता है या किसी रक्त वाहिका के फटने से दिमाग के हिस्से को नुकसान पहुंचता है. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है. ये हैं ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती संकेत1. शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन2. बोलने में दिक्कत या शब्दों का स्पष्ट उच्चारण न कर पाना3. अचानक चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना4. आंखों से धुंधला दिखना समय पर इलाज क्यों जरूरी?उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के मामलों में गोल्डन पीरियड बेहद अहम होता है. यदि मरीज को शुरुआती कुछ घंटों में इलाज मिल जाए, तो दिमाग को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. वहीं, देरी होने पर न केवल जान का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि मरीज को स्थायी विकलांगता का सामना भी करना पड़ सकता है. डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक पूरी तरह समय पर निर्भर बीमारी है. मरीज जितनी जल्दी चिकित्सा सुविधा तक पहुंचता है, उसके ठीक होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है. शुरुआती लक्षणों को पहचानना और तुरंत इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी होने पर दिमाग को होने वाला नुकसान स्थायी हो सकता है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग हल्के लक्षणों को थकान या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले लेते हैं. इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए. युवाओं में भी बढ़ रहा खतराडॉ गोयल ने बताया कि पहले स्ट्रोक को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं में भी देखने को मिल रहा है. इसके पीछे मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, धूम्रपान और अनियमित खानपान हैं. उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं. यही वजह है कि कम उम्र के लोगों को भी नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए. कैसे करें बचाव?उन्होंने बताया कि स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है. इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी बनाएं,ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें Location : Greater Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 05, 2026, 16:17 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

महंगी क्रीम छोड़िए, चेहरे पर कुदरती निखार के लिए रोज खाएं गुलाब से बना गुलकंद, गर्मी में शरीर रखता है ठंढा

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Last Updated:April 05, 2026, 16:16 IST डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गुलकंद का इस्तेमाल भारत में सदियों से होता आ रहा है, खासकर गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह स्किन के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गुलकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं. जब शरीर अंदर से साफ होता है, तो उसका असर सीधे चेहरे पर दिखता है. स्किन ज्यादा फ्रेश, क्लियर और ग्लो नजर आने लगती है. ख़बरें फटाफट ऋषिकेश: आज के दौर में जहां हर कोई इंस्टेंट ग्लो के लिए महंगी क्रीम्स और केमिकल से भरे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर निर्भर हो गया है, वहीं धीरे-धीरे लोग फिर से पुराने और नेचुरल उपायों की तरफ लौट रहे हैं. बाहरी चमक से ज्यादा अब अंदर से हेल्दी स्किन की जरूरत समझ में आने लगी है. ऐसे में गुलाब से बना गुलकंद एक ऐसा देसी और असरदार उपाय बनकर सामने आया है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि चेहरे पर कुदरती निखार भी लाता है. गर्मी में शरीर को ठंढा रखता है गुलकंद लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गुलकंद का इस्तेमाल भारत में सदियों से होता आ रहा है, खासकर गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह स्किन के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गुलकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं. जब शरीर अंदर से साफ होता है, तो उसका असर सीधे चेहरे पर दिखता है. स्किन ज्यादा फ्रेश, क्लियर और ग्लोइंग नजर आने लगती है. खानपान से स्किन हो रही प्रभावित आजकल की लाइफस्टाइल में अनहेल्दी फूड, कम पानी पीना और स्ट्रेस जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. इन सबका सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर पड़ता है. पिंपल्स, डलनेस और ऑयली स्किन जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. ऐसे में रोजाना सिर्फ एक चम्मच गुलकंद खाना एक छोटा लेकिन असरदार बदलाव साबित हो सकता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, जिससे पेट साफ रहता है और स्किन पर ब्रेकआउट्स कम होते हैं.गुलकंद की खास बात यह है कि यह नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है. गर्मियों में शरीर में बढ़ी हुई गर्मी कई बार स्किन प्रॉब्लम्स की वजह बनती है. गुलकंद इस गर्मी को संतुलित करता है और अंदर से ठंडक पहुंचाता है. इसका असर चेहरे पर एक सॉफ्ट और नैचुरल ग्लो के रूप में नजर आता है. यही वजह है कि आयुर्वेद में इसे काफी फायदेमंद माना गया है. नेचुरल तरीके से तैयार होता है गुलकंद इसके अलावा, गुलकंद का स्वाद भी इसे रोजाना खाने के लिए आसान बनाता है. आप इसे सीधे खा सकते हैं या दूध के साथ मिलाकर ले सकते हैं. कुछ लोग इसे रोटी या ब्रेड के साथ भी खाते हैं. यानी यह एक ऐसा उपाय है जो न सिर्फ हेल्दी है बल्कि खाने में भी टेस्टी है, इसलिए इसे अपनी डेली रूटीन में शामिल करना मुश्किल नहीं लगता. महंगी क्रीम्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स अक्सर तुरंत रिजल्ट देने का दावा करते हैं, लेकिन लंबे समय में वे स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. वहीं गुलकंद पूरी तरह नेचुरल है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. यह धीरे-धीरे काम करता है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक बना रहता है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : April 05, 2026, 16:16 IST

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 4 माह के शावक की मौत:9 महीने में पांचवीं घटना; अफसर बोले- दो बाघों के दहाड़ने की आवाज सुनी

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 4 माह के शावक की मौत:9 महीने में पांचवीं घटना; अफसर बोले- दो बाघों के दहाड़ने की आवाज सुनी

नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) में एक बार फिर बाघ की मौत का मामला सामने आया है। मटकुली रेंज के नयाखेड़ा क्षेत्र में 4 माह के शावक का शव मिलने से वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 9 महीनों में यह बाघों की मौत का पांचवां मामला है। जानकारी के अनुसार, शनिवार देर शाम नयाखेड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 460 में तैनात फॉरेस्ट गार्ड को दो बाघों की तेज दहाड़ सुनाई दी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त की। रात के समय मौके पर एक शावक मृत अवस्था में मिला, जिसके बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थल की निगरानी की गई। अफसरों को आपसी संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले रविवार सुबह अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया, जहां बाघों के आपसी संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले। घटनास्थल के आसपास नर और मादा बाघ के पदचिह्न भी पाए गए, जिससे शावक की मौत किसी अन्य बाघ के हमले में होने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र संचालक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम; सहायक संचालक (पिपरिया एवं पचमढ़ी); तहसीलदार पिपरिया तथा NTCA के प्रतिनिधि की उपस्थिति में निर्धारित SOP के अनुसार समस्त आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई। वन विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। शव परीक्षण डॉ. गुरुदत्त शर्मा (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) और डॉ. अमित ओढ़ (रतापानी टाइगर रिजर्व) की टीम ने किया। इसके बाद शावक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि प्रथम दृष्टया शावक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं और मौत किसी मांसाहारी वन्यजीव के हमले से हुई प्रतीत होती है। पदचिह्नों के आधार पर यह मामला बाघों के आपसी संघर्ष का माना जा रहा है। 9 महीनों में पांचवीं ऐसी घटना सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और नर्मदापुरम क्षेत्र में बाघों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले 9 महीनों में यह पांचवीं घटना है। इससे पहले अगस्त में मढ़ई क्षेत्र में एक बाघ मृत मिला था, जिसे आपसी संघर्ष का मामला बताया गया था। वहीं चूरना क्षेत्र में एक अन्य बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिसमें शिकार की आशंका जताई गई थी। जनवरी में तवा नगर के जंगल में एक बाघिन की बीमारी से मौत हुई थी। हाल ही में मार्च में छिंदवाड़ा क्षेत्र में एक बाघ का शव दफन अवस्था में मिला था, जिसमें करंट या जहर से मौत की आशंका जताई गई थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों से टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।