दमोह में अस्पताल के पास जोरदार धमाका:दहशत में आए लोग, ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूटा

दमोह में रविवार दोपहर जिला अस्पताल के पास एक गैस वेल्डिंग की दुकान में ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूटने से जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना अस्पताल के सामने संचालित ‘बबला गैस वेल्डिंग’ दुकान पर हुई। दोपहर में एक ऑटो की वेल्डिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूट गया। वाल्व टूटते ही तेज धमाके के साथ ऑक्सीजन का तेजी से रिसाव शुरू हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और तुरंत दुकान पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दुकान संचालक ने बताया कि वाल्व टूटने के कारण धमाका हुआ और सिलेंडर की पूरी ऑक्सीजन बाहर निकल गई। दुकान के ऊपर टीन शेड लगा हुआ है, और यदि धमाका और तेज होता तो टीन शेड भी उड़ सकते थे। समय रहते ऑक्सीजन का रिसाव होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
18-year-old Payal defeated world champion Sheetal, Payal Nag, Sheetal Devi

Hindi News Sports 18 year old Payal Defeated World Champion Sheetal, Payal Nag, Sheetal Devi बैंकॉक24 मिनट पहले कॉपी लिंक पायल अपने प्रोस्थेटिक पैरों से धनुष को थामती हैं, दांतों से स्ट्रिंग खींचती हैं और कंधे के दबाव से तीर छोड़ती हैं। वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में भारत ने 7 गोल्ड, 5 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज सहित कुल 16 मेडल जीतकर टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वर्ल्ड नंबर-1 और वर्ल्ड चैम्पियन शीतल देवी उलटफेर का शिकार हो गई हैं। महिला कंपाउंड फाइनल में 18 वर्षीय पायल नाग ने शीतल को 139-136 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। यह एक साल के भीतर शीतल पर पायल की दूसरी जीत है। इससे पहले, उन्होंने जनवरी 2025 में भी शीतल को हराया था। पायल ने करियर में पहली बार सीनियर कैटेगरी में इंटरनेशनल गोल्ड जीता। माउथ पेंटिंग से आर्चरी तक का सफर 2015 में ओडिशा के बलांगीर जिले के एक ईंट भट्टे में बिजली के तार की चपेट में आने से पायल ने अपने दोनों हाथ और दोनों पैर गंवा दिए। उस समय पायल की उम्र सिर्फ 8 साल थी। जब वे अस्पताल से घर लौटीं, तो पड़ोसियों और रिश्तेदारों का रवैया ठीक नहीं था। लोगों ने उनकी मां से कहा, ‘यह बच्ची अब क्या ही करेगी, इसे मार क्यों नहीं देतीं?’ कुछ कर दिखाने का जुनून पायल बताती हैं कि उन कड़वी बातों ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि कुछ बनने का जुनून भर दिया। हाथ नहीं थे, तो पायल की मां ने उनके मुंह में पेन पकड़ाकर कहा, ‘अब यही तुम्हारा हाथ है।’ पायल ने मुंह से लिखना सीखा और फिर स्केचिंग शुरू की। आर्चरी से पहले उन्होंने माउथ-पेंटिंग में राज्य स्तर पर गोल्ड जीता था। पायल के जीवन में एक मोड़ तब आया, जब बिना बताए अनाथालय भेज दिया। वहां वे घरवालों के लिए सिसकती रहीं, लेकिन वही अनाथालय उनकी खेल प्रतिभा का गवाह बना। प्रोस्थेटिक पैरों से धनुष को थामती हैं जब वे पहली बार कटरा के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचीं, तो दूसरों को हाथों से धनुष चलाते देख निराश हो गई थीं, लेकिन कोच कुलदीप वेदवान ने उनके साहस को दिशा दी। पायल ने एक अनोखी टेक्निक विकसित की। वे अपने प्रोस्थेटिक पैरों से धनुष को थामती हैं, दांतों से स्ट्रिंग खींचती हैं और कंधे के दबाव से तीर छोड़ती हैं। इसी हैरतअंगेज हुनर को देखकर शीतल ने उन्हें ‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ नाम दिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
रायसेन में 5 पुलिस अधिकारियों के तबादले:सिलवानी थाना प्रभारी सहित अन्य को नई जिम्मेदारी

रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने प्रशासनिक कारणों से जिले के पांच पुलिस अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। ये तबादले रिक्त पदों की पूर्ति के लिए किए गए हैं और अगले आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेंगे। आदेश शनिवार दिन रात जारी किए गए थे। रक्षित केंद्र रायसेन में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक संजीत परते को सिलवानी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, सिलवानी थाना प्रभारी पूनम सविता को अब अजाक थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, अजाक थाना प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक सुरेश दुबे को रक्षित केंद्र रायसेन भेजा गया है। रक्षित केंद्र में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक नितिन अहिरवार को रायसेन कंट्रोल रूम का प्रभारी नियुक्त किया गया है। कोतवाली थाना में पदस्थ उप निरीक्षक रोहित कुशवाह को भारकच्छ का थाना प्रभारी बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारियों को प्रशासनिक आवश्यकताओं के चलते तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। ये पदस्थापनाएं अस्थायी प्रकृति की हैं।
इवेंट में फटे जूते पहनकर पहुंचे सलमान खान:लोगों ने सादगी की तारीफ की; बाद में पता चला ये लाखों के लग्जरी शूज

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान हाल ही में अपनी भांजी अलीजेह अग्निहोत्री की डेब्यू फिल्म ‘फर्रे’ की स्क्रीनिंग पर पहुंचे। इस दौरान सलमान ब्लैक शर्ट और जींस में बेहद सिंपल लुक में नजर आए। लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी एक फोटो वायरल हो गई, जिसमें उनके जूते आगे से फटे हुए दिख रहे हैं। इसे देखकर लोग सलमान की सादगी की तारीफ करने लगे। हालांकि अब इन जूतों की असलियत और कीमत सामने आ गई है। वायरल फोटो में दिखा जूतों का बुरा हाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो में सलमान खान अपनी ‘टाइगर-3’ को-स्टार कैटरीना कैफ और एक पत्रकार के साथ बेंच पर बैठे दिख रहे हैं। फोटो को ध्यान से देखने पर नजर आता है कि सलमान के जूतों का लेदर आगे से निकला हुआ है और उनमें बड़ा सा छेद भी है। इसे देखकर फैन्स ने सोशल मीडिया पर उनकी सादगी की तारीफ करना शुरू कर दी। कई लोगों ने लिखा कि इतना बड़ा सुपरस्टार होने के बावजूद सलमान फटे जूते पहनने में शर्म महसूस नहीं करते। फटे नहीं, ये ‘डिस्ट्रेस्ड’ लग्जरी शूज हैं जूतों को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच उस पत्रकार ने सच्चाई बताई जिन्होंने सलमान से मुलाकात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर साफ किया कि भाईजान ने ‘फटे हुए जूते’ नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल लग्जरी ब्रांड के महंगे जूते पहने थे। दरअसल, ये शूज ‘डिस्ट्रेस्ड’ लुक (distressed look) कैटेगरी के हैं। फैशन की दुनिया में आजकल जानबूझकर कपड़ों और जूतों को फटा हुआ या गंदा दिखाने का ट्रेंड है, जिसकी कीमत लाखों में होती है। कंफर्ट के लिए फटे जूते पहनते हैं सलमान एक इंटरव्यू के दौरान सलमान के साथ काम कर चुकी एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर जस्सी गिल ने बताया की सलमान कंफर्ट के लिए फटे हुए जूते पहनते हैं। पलक तिवारी ने बताया कि लोगों को लगता है कि सलमान खान इतने बड़े स्टार हैं और उनके पास बहुत पैसा है, इसलिए उनके जूतों में कभी खराबी नहीं हो सकती। इस पर जस्सी ने कहा कि वह भी यही बताना चाहता था कि सलमान खान अक्सर वही लेदर के जूते पहनते हैं, जो काफी पुराने और फटे हुए होते हैं। वह उन्हीं जूतों में शूटिंग भी कर लेते हैं, क्योंकि उन्हें सबसे ज्यादा आराम उन्हीं में मिलता है। इसलिए वे बार-बार वही जूते पहनना पसंद करते हैं।
वर्कआउट नहीं करते, फिर भी ले सकते हैं प्रोटीन सप्लीमेंट? डाइटिशियन ने बताया कब और कैसे करें सेवन

Last Updated:April 05, 2026, 13:31 IST Protein Powder Safe Uses: प्रोटीन सप्लीमेंट लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और जिम जाने वाले अधिकतर लोग इनका सेवन करते हैं. डाइटिशियन रंजना सिंह के अनुसार जिम जाने वाले लोगों को भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन नहीं करना चाहिए. जो लोग जिम नहीं करते हैं, वे भी सख्ती से इन सप्लीमेंट्स को अवॉइड करें. अगर शरीर में प्रोटीन की सीवियर कमी हो या कोई बीमारी हो, तो ऐसे में डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह पर ही प्रोटीन सप्लीमेंट्स लें. डाइटिशियन की मानें तो सभी लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट्स अवॉइड करने चाहिए. When to Use Protein Powder: प्रोटीन हमारे शरीर के लिए जरूरी तत्व है. यह मसल्स की ग्रोथ के लिए सबसे जरूरी माना जाता है और शरीर की कई प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है. आजकल जिम जाने वाले अधिकतर लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे हैं. इतना ही नहीं, कई लोग बिना जिम जाए भी इन प्रोटीन सप्लीमेंट्स का यूज कर रहे हैं. लोगों को लगता है कि ये सप्लीमेंट्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की राय बिल्कुल अलग है. डाइटिशियन की मानें तो ये सप्लीमेंट्स अपनी मर्जी से इस्तेमाल नहीं करने चाहिए. जिम जाएं या न जाएं, लेकिन सप्लीमेंट अपनी मर्जी से न लें. यूपी के गाजियाबाद स्थित रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जिम जाने वाले तमाम लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स आमतौर पर इन सप्लीमेंट्स की सलाह नहीं देते हैं. जो लोग जिम नहीं जाते हैं, उन्हें ये सप्लीमेंट्स अपनी मर्जी से बिल्कुल नहीं लेने चाहिए. बाजार में मिलने वाले तमाम सप्लीमेंट्स में खतरनाक सिंथेटिक एलीमेंट और स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हैं. इनकी वजह से किडनी, हार्ट और लिवर से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो रही हैं. लोगों को किसी भी तरह के सप्लीमेंट के बजाय प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए, ताकि नेचुरल तरीके से प्रोटीन की कमी दूर हो सके. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन रंजना के मुताबिक अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं या प्रोटीन की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं, तब आप डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेकर प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन कर सकते हैं. इसके साथ ही डाइट में प्रोटीन से भरपूर फूड्स जैसे- अंडा, पनीर, मछली, चने, दालें और सोयाबीन शामिल कर सकते हैं. इसके अलावा घर पर व्हे प्रोटीन बनाकर भी यूज करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट या सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर प्रोटीन पाउडर न खरीदें और इसका यूज करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. इसमें लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. एक्सपर्ट की मानें तो प्रोटीन पाउडर का ज्यादा सेवन करना लिवर और किडनी के लिए नुकसानदायक होता है. अगर आप वर्कआउट नहीं करते हैं और अपनी मर्जी से प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करते हैं, तो इससे किडनी और लिवर पर दबाव बढ़ जाता है. इसके अलावा पेट की समस्या, कब्ज या अपच की कंडीशन पैदा हो सकती है. जिन लोगों को किडनी डिजीज, किडनी स्टोन, यूरिक एसिड की समस्या है, वे प्रोटीन सप्लीमेंट्स सख्ती से अवॉइड करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 13:31 IST
गर्मियों में अमृत है गन्ने का रस! ऊर्जा से भरपूर… पाचन को रखता है फिट, जानें इसके कई फायदे

Last Updated:April 05, 2026, 13:26 IST Benefits of Sugarcane Juice: गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा देने वाले पेय की मांग तेजी से बढ़ जाती है. ऐसे में गन्ने का रस लोगों की पहली पसंद बनकर उभरता है, क्योंकि यह न सिर्फ सस्ता और आसानी से उपलब्ध है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी कई फायदे देता है. आयुर्वेद में भी इसे शरीर को ठंडक देने और ऊर्जा बढ़ाने वाला प्राकृतिक पेय माना गया है. वैद्य मालती देवी के अनुसार अगर गन्ने का रस साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए पिया जाए तो यह शरीर के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है. यह गर्मी में होने वाली कमजोरी, डिहाइड्रेशन और पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है. हालांकि उन्होंने यह भी सलाह दी है कि हमेशा स्वच्छ स्थान से ताजा रस ही पिएं और मधुमेह के मरीज सेवन से पहले डॉक्टर की राय जरूर लें. गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और ऊर्जा की जरूरत बढ़ जाती है. तेज धूप, लू और पसीने की वजह से शरीर जल्दी थक जाता है, और पानी की कमी भी हो जाती है. ऐसे में गन्ने का रस एक सस्ता प्राकृतिक और सेहतमंद पेय माना जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य मालती देवी बताती है कि अगर सही तरीके से गन्ने का रस पिया जाए तो यह शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होता है. मालती देवी बताती है कि सबसे बड़ा फायदा यह है कि गन्ने का रस शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. इसमें प्राकृतिक शुगर (ग्लूकोज) होती है, जो शरीर में जल्दी अवशोषित होकर ऊर्जा प्रदान करती है गर्मी में जब कमजोरी या चक्कर जैसा महसूस होता है, तब एक गिलास गन्ने का रस तुरंत राहत देता है. मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक पेय है. यह शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है और तेज गर्मी के असर को कम करता है. जब लू चलती है, तब गन्ने का रस शरीर को अंदर से ठंडक देता है और हीट स्ट्रोक से बचाने में सहायक होता है. इसमें भरपूर मात्रा में पानी और प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ हाइड्रेट भी रखती है. यही वजह है कि गर्मियों में गांवों से लेकर शहरों तक लोग गन्ने का रस बड़े शौक से पीते हैं और इसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बना लेते है. Add News18 as Preferred Source on Google वैद्य मालती देवी बताती हैं कि गन्ने का रस डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाने में बेहद कारगर होता है. इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. साथ ही गन्ने के रस में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते है. ये मिनरल्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं. गर्मियों में नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर तरोताजा बना रहता है और पानी की कमी नहीं होने पाती. पेट के लिए फायदेमंद: वैद्य मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस पाचन तंत्र के लिए भी काफी लाभकारी होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसके अलावा अगर किसी को पेट में जलन या एसिडिटी की परेशानी रहती है, तो गन्ने का रस उसे शांत करने में सहायक होता है. यह पेट को ठंडक पहुंचाता है और अंदरूनी गर्मी को कम करता है, जिससे व्यक्ति को आराम महसूस होता है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से पाचन से जुड़ी दिक्कतों में सुधार देखा जा सकता है. लिवर के लिए फायदेमंद: गन्ने का रस लिवर की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालने में मदद करता है. जिससे लिवर की कार्यक्षमता बेहतर होती है. पीलिया (जॉन्डिस) के मरीजों के लिए भी गन्ने का रस लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह लिवर को मजबूती देता है और शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है. हालांकि, डॉक्टर भी इसे सीमित मात्रा में ही पीने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को फायदा मिले और कोई नुकसान न हो. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक: मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते है और बीमारियों से लड़ने की ताकत देते है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में गन्ने का रस पीने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और संक्रमण का खतरा भी कम हो सकता है. यही वजह है कि गर्मियों में इसे सेहत के लिए एक फायदेमंद प्राकृतिक पेय माना जाता है. त्वचा के लिए फायदेमंद: गन्ने का रस त्वचा की सेहत के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को अंदर से नमी प्रदान करते हैं, जिससे त्वचा मुलायम और हाइड्रेटेड बनी रहती है. इसके नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और चेहरा ताजा दिखता है. खासकर गर्मियों में होने वाली समस्याएं जैसे रूखापन, जलन और बेजान त्वचा को कम करने में गन्ने का रस मददगार साबित होता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है. First Published : April 05, 2026, 13:26 IST
Indore Cop Assault Viral Video

युवक को लात मारते हुए एसआई बलराम सिंह तोमर। इंदौर के रेडिसन चौराहे पर ट्रैफिक के एक सब-इंस्पेक्टर (SI) बलराम सिंह तोमर की मारपीट का वीडियो सामने आया है। एसआई ने एक बाइक सवार को लातों से पीटा और उसे अपशब्द कहे हैं। हालांकि, यह वीडियो चार महीने पुराना बताया जा रहा है। . वीडियो वायरल होने के बाद डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी ने जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार गलत है। मामले की जांच की जाएगी। वीडियो काफी छोटा है, जिसमें एसआई द्वारा मारपीट करते हुए दिखाया गया है। घटना की शुरुआत कैसे हुई और विवाद क्या था, यह स्पष्ट नहीं है। पूरे मामले में एसआई के बयान लिए जाएंगे। जांच एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे। एसआई युवक को लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। युवक ने नहीं की थी शिकायत दिसंबर महीने की शुरुआत में जब युवक की एसआई तोमर ने पिटाई की थी। तब उस युवक ने शिकायत नहीं की थी। अब मामले में शिकायत मिलने पर युवक के भी बयान लिए जा सकते हैं। बता दें कि बलराम सिंह तोमर पहले क्राइम ब्रांच में पदस्थ थे। बाद में उनका उज्जैन ट्रांसफर हो गया था। कुछ समय पहले ही वे डीआरपी लाइन में आए थे। यहां से उन्होंने ट्रैफिक थाने में अपना ट्रांसफर करवा लिया है।
चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

अमेरिकी रैपर और हिप-हॉप के दिग्गज कलाकार कान्ये वेस्ट ने हाल ही में लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में घूमती हुई पृथ्वी के स्टेज पर परफॉर्म किया। इसे कॉन्सर्ट के इतिहास का सबसे शानदार सेट डिजाइन माना जा रहा है। डार्क लाइट, फॉग और स्पॉट लाइट्स के इस्तेमाल से स्टेज ऐसा दिख रहा था मानो वे अंतरिक्ष में घूमती पृथ्वी पर खड़े हों। एल्युमिनियम फ्रेम से बने स्टेज को केबल और मोटराइज्ड रिगिंग सिस्टम से लटकाया गया था। कान्सर्ट में 70 हजार दर्शक मौजूद थे। टिकट 13 हजार से 65 हजार रुपए तक थे। 23 मई को आ रहे भारत कान्ये ने चार साल बाद स्टेज पर वापसी की है। ‘ये’ नाम से मशहूर कान्ये की पहली पत्नी किम कार्दशियन थीं। कान्ये 23 मई को भारत भी आ रहे हैं और नई दिल्ली में कॉन्सर्ट करेंगे। पहले यह शो 29 मार्च को होना था, लेकिन बाद में इसे 23 मई, 2026 के लिए रिशेड्यूल किया गया। रैपर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस बदलाव की जानकारी देते हुए फैंस के साथ अपडेट शेयर किया था। ईरान और इजराइल के बीच तनाव भारत में इस कॉन्सर्ट के टलने के पीछे ग्लोबल लेवल पर चल रहा युद्ध मुख्य कारण है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमला किया था, जिसमें वहां के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है, जिसका असर इंटरनेशनल इवेंट्स और कॉन्सर्ट्स पर भी दिख रहा है।
आंतरायिक उपवास: आंतरायिक उपवास क्या है? वेट लॉस के चक्कर में हो सकता है नुकसान, ये नहीं करना चाहिए

आंतरायिक उपवास: आज के समय में वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग तेजी से बढ़ रही है। लोग फिट और टिकाऊ बने रहने के लिए इस सामग्री को अपना रहे हैं, जिसमें लंबे समय तक उपवास के बाद एक निश्चित समय में खाना खाया जाता है। हालाँकि, इसके फायदों पर चर्चा की गई है, पतंग ही जरूरी है कि यह किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है। बिना सही जानकारी के इसे अपनाना स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि इंटरमीटेंट फास्टिंग को कैसे अपनाना चाहिए और किसे नहीं। रुक-रुक कर फास्टिंग का नुकसान रुक-रुक कर फास्टिंग शुरू होने से शरीर में तरह-तरह के गाने देखने को मिलते हैं। ये बदलाव कुछ लोगों के लिए विनाशकारी साबित होते हैं, तो कुछ लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहना और फिर अचानक भारी भोजन करना से पाचन संबंधी विकार जैसे कब्ज, दस्त और पेट फूलना हो सकता है। इसके अलावा शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है। इससे थकान, चक्कर आना, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। कई मामलों में यह ईटिंग डिसऑर्डर को भी बढ़ावा दे सकता है, खासकर उन लोगों में जो पहले इस समस्या से ग्रस्त हैं। महिलाओं में इसका असर हार्मोन पर भी पड़ सकता है, जिससे रेस्तरां बाजार में उतर सकते हैं। वहीं, खाली पेट रहने से नींद पर भी असर पड़ता है और नींद की कमी से थकान की समस्या बढ़ सकती है। फास्टिंग के दौरान इन बातों पर रखें ध्यान अगर आप इंटरमीटेंट फास्टिंग अपनाना चाहते हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना काफी जरूरी है। सबसे पहले शरीर को सीलबंद रखना जरूरी है, इसलिए सुपरमार्केट पर्याप्त मात्रा में पानी रखें। ईटिंग लिपि के अंतर्गत दस्तावेज़ और पोषण से भरा हुआ खाना ही सामग्री। जंक फूड्स से डिस्ट्रिब्यूट और प्रोटीन, फूड्स और पैकेट्स को शामिल करें। व्रत की शुरुआत धीरे-धीरे करें। शुरुआत में 12 घंटे की तेज़ गति और फिर धीरे-धीरे-धीरे-धीरे समय की भूमिकाएँ। साथ ही, अपने शरीर के भोज्य पदार्थों को अंतिम रूप न दें। अगर कमजोरी या चक्कर महसूस हो तो तुरंत करें उपाय। इंटरमिटेंट फास्टिंग किसे नहीं करनी चाहिए कुछ लोगों के लिए आंतरायिक फास्टिंग क्षति साबित हो सकती है। गर्भवती या स्तन स्तन वाली महिलाओं को परहेज से बचना चाहिए। सर्दी, दिल की बीमारी या लो ब्लड डिसऑर्डर को भी बिना डॉक्टर की सलाह के अपनाना नहीं चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों का वजन पहले से कम है या जो बच्चे और जवान हैं, उनके लिए भी यह तरीका सही नहीं माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)आंतरायिक उपवास के दुष्प्रभाव(टी)किसे रुक-रुक कर उपवास करने से बचना चाहिए(टी)वजन घटाने के जोखिम(टी)आंतरायिक उपवास के नुकसान(टी)उपवास स्वास्थ्य जोखिम(टी)वजन घटाने के लिए आहार युक्तियाँ(टी)आंतरायिक उपवास के नुकसान(टी)स्वास्थ्य और फिटनेस युक्तियाँ(टी)सुरक्षित वजन घटाने के तरीके(टी)उपवास और चयापचय
श्योपुर में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलें:भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया दौरा, किसानों ने की मुआवजे के लिए सर्वे की मांग

श्योपुर में जिले में शनिवार को हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मानपुर क्षेत्र सहित कई गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में 100% तक नुकसान मानपुर क्षेत्र के बगडुआ, चिमल्का, भोगीका, जावदेश्वर, सोंठवा, रामबड़ोदा, इच्छाखेड़ी और जैनी गांवों में ओलों की मार से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ नष्ट कर दिया। कई किसानों ने 100 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कही है। जल्द सर्वे कराकर मुआवजे का दिया आश्वासन घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हालात का जायजा लिया। शशांक भूषण ने किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह आपदा उनके लिए और कठिनाई लेकर आई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने खेतों में जाकर देखी फसल नायब तहसीलदार टी.एस. लकड़ा ने बताया कि फसल के पूरी तरह सूखने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद विधिवत सर्वे शुरू किया जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट और पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी और किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।









