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फल है या चमत्कार? गांवों में इसे कहते ‘पेट का डॉक्टर’, गर्मी में जरूर करें सेवन, जानें चौंकाने वाले फायदे

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शिवपुरी. गर्मी का मौसम आते ही पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. तेज धूप, गर्म हवाएं, दूषित पानी और खानपान में लापरवाही के कारण लोगों को पेट दर्द, अपच, गैस, दस्त और उल्टी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. खासकर ग्रामीण अंचल में, जहां लोग खेतों और बाहर के कामों में अधिक समय बिताते हैं, वहां यह समस्याएं और भी आम हो जाती हैं. ऐसे में प्रकृति ने हमें एक ऐसा देसी और असरदार फल दिया है, जिसे आयुर्वेद में औषधि का दर्जा प्राप्त है. यह फल है बेल. बेल का पेड़ धार्मिक और औषधीय दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. हिंदू धर्म में इसकी पत्तियों को भगवान शिव पर चढ़ाया जाता है और इसे पवित्र वृक्ष माना जाता है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस पेड़ का फल पेट की समस्याओं के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है. ग्रामीण इलाकों में लोग वर्षों से बेल के फल का सेवन पेट दर्द और दस्त की स्थिति में करते आ रहे हैं. बेल का फल ऊंचे पेड़ पर लगता है. ऊपर से यह काफी कठोर दिखाई देता है लेकिन अंदर से इसका गूदा मुलायम, सुगंधित और औषधीय गुणों से भरपूर होता है. गर्मी के मौसम में जब पेट बार-बार खराब हो जाता है, तब बेल का शरबत या गूदा खाया जाए, तो यह तुरंत राहत देता है. आयुर्वेद के अनुसार बेल में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो आंतों को ठंडक पहुंचाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. दस्त की समस्या में बेल का गूदा बहुत फायदेमंद माना जाता है. यह आंतों की सूजन को कम करता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता. यही कारण है कि गांवों में आज भी बुजुर्ग लोग बेल का सेवन करने की सलाह देते हैं. बेल का शरबत न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि शरीर को अंदर से ठंडक भी देता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगारबेल में फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है. नियमित रूप से बेल का सेवन करने से गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याएं दूर रहती हैं. इसके अलावा यह लू से भी बचाव करता है. गर्मी में कई बार बच्चों और बुजुर्गों को पेट खराब होने की समस्या अधिक होती है. ऐसे में बेल का गूदा या बेल का शरबत देना एक सुरक्षित और घरेलू उपाय माना जाता है. इसमें किसी प्रकार का केमिकल नहीं होता, इसलिए यह पूरी तरह प्राकृतिक उपचार है. बेल को सुखाकर बनाते हैं चूर्णग्रामीण अंचल में बेल को सुखाकर उसका चूर्ण भी बनाया जाता है, जिसे जरूरत पड़ने पर पानी के साथ सेवन किया जाता है. यह चूर्ण पेट दर्द और दस्त में तुरंत असर दिखाता है. यही वजह है कि बेल को गांवों में ‘पेट का डॉक्टर’ भी कहा जाता है. अगर आप भी गर्मी के मौसम में पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो बेल को अपने आहार में जरूर शामिल करें. यह सस्ता, सुलभ और अत्यंत लाभकारी फल है, जो प्रकृति की ओर से हमें एक अनमोल उपहार के रूप में मिला है. बेल को खाने के फायदेबेल का सेवन पेट के लिए अत्यंत लाभकारी है. यह दस्त, पेट दर्द, गैस और अपच में राहत देता है. बेल आंतों को ठंडक पहुंचाकर पाचन तंत्र को मजबूत करता है. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज दूर करता है और विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. बेल का शरबत लू से बचाव करता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता. नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और गर्मी में होने वाली पेट की परेशानियां दूर रहती हैं. यह एक प्राकृतिक, सुरक्षित और असरदार घरेलू उपाय है.

क्या वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेना जरूरी है? जानिए 30 मिनट के नियम का असली सच!

क्या वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेना जरूरी है? जानिए 30 मिनट के नियम का असली सच!

Last Updated:April 05, 2026, 14:59 IST अपनी प्रोटीन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, लोग आमतौर पर अपने आहार में शाकाहारी भोजन, मांसाहारी भोजन और प्रोटीन शेक जैसे स्रोतों को शामिल करते हैं. क्या आपने कभी गौर किया है कि जो लोग जिम जाते हैं, वे अक्सर यह मानते हैं कि वर्कआउट के 30 मिनट के भीतर प्रोटीन शेक का सेवन कर लेना चाहिए? प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है जिसकी सभी को जरूरत होती है. लेकिन अगर इसे सही मात्रा में लिया जाए तो ही शरीर को फायदा मिलता है. प्रोटीन की मात्रा व्यक्ति की शारीरिक जरूरत, जेंडर और एक्टिविटी लेवल पर निर्भर करती है. प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए लोग आमतौर पर शाकाहारी खाना, मांसाहारी खाना और प्रोटीन शेक जैसे स्रोत अपने खाने में शामिल करते हैं. क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जो लोग जिम जाते हैं, उनके मन में ये मान्यता होती है कि वर्कआउट के 30 मिनट के अंदर प्रोटीन शेक लेना चाहिए? लेकिन वैज्ञानिक सबूत इस दावे का समर्थन नहीं करते. हाल के शोध और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्रोटीन का समय उतना जरूरी नहीं है जितना कि कुछ और चीजें, जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए. क्या वर्कआउट के 30 मिनट के अंदर प्रोटीन लेना जरूरी है?: ऐसा माना जाता है कि वर्कआउट के बाद तुरंत प्रोटीन लेना मसल्स की रिकवरी और ग्रोथ के लिए जरूरी है. लेकिन करीब 3,000 वयस्कों पर हुई एक स्टडी बताती है कि मसल्स बनाने के मामले में कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप वर्कआउट के बाद तुरंत प्रोटीन लेते हैं या कुछ घंटे बाद. असल में सबसे जरूरी बात ये है कि आप पूरे दिन में अपने शरीर को कितना प्रोटीन देते हैं. जब तक आप दिनभर में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेते हैं, तब तक आपके मसल्स सही तरीके से ग्रो और रिकवर होते हैं. प्रोटीन कब और कैसे लेना चाहिए?: एक्सपर्ट्स कहते हैं कि वर्कआउट के बाद 30 मिनट के अंदर प्रोटीन लेने पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि दिनभर के अलग-अलग खाने में प्रोटीन की कुल मात्रा बांटना बेहतर है. हर खाने में करीब 25 से 30 ग्राम प्रोटीन शामिल करने से मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और बार-बार भूख को कंट्रोल करता है. खासकर अगर आपने खाली पेट वर्कआउट किया है, तो 1 से 2 घंटे के अंदर प्रोटीन लेना रिकवरी के लिए फायदेमंद होता है. Add News18 as Preferred Source on Google आपकी उम्र के हिसाब से समय: युवाओं के मुकाबले, बढ़ती उम्र के लोगों (खासकर 40 साल से ऊपर) के लिए प्रोटीन लेने का समय थोड़ा ज्यादा जरूरी होता है. जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं. इसे रोकने के लिए, सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने में अच्छी मात्रा में प्रोटीन लेना फायदेमंद है. इसके अलावा, रात को सोने से पहले धीरे-धीरे पचने वाला प्रोटीन (जैसे दूध या पनीर) लेने से मांसपेशियों की रिकवरी में ज्यादा मदद मिल सकती है. प्रोटीन की मात्रा और समय?: एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आपको ‘एनाबोलिक विंडो’ के पीछे भागने के बजाय अपने रोज के खाने में कुल प्रोटीन पर ध्यान देना चाहिए. अपने शरीर के वजन और एक्टिविटी लेवल के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत तय करें, और उसे छोटे हिस्सों में लें. क्वालिटी के लिए लीन मीट, डेरी प्रोडक्ट्स, अंडे और दालों को प्राथमिकता दें. (यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. कोई भी उपाय अपनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. News18 इसकी कोई पुष्टि नहीं करता.) First Published : April 05, 2026, 14:59 IST

गर्मियों में शरीर को ठंडा रखते हैं ये 8 फ्रूट्स, इनमें कूट-कूटकर भरे पोषक तत्व, स्वाद भी लाजवाब

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Last Updated:April 05, 2026, 14:56 IST Best Summer Fruits: गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड और ठंडा रखना काफी चैलेंजिंग होता है. इसके लिए हेल्थ एक्सपर्ट खूब पानी पीने और पानी से भरपूर चीजें खाने की सलाह देते हैं. अगर आप गर्मी में कूल और हेल्दी रहना चाहते हैं, तो मौसमी फलों का खूब सेवन करें. तरबूज, अंगूर, पपीता और आम समेत कई स्वादिष्ट फल आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकते हैं. इन फलों में पानी की मात्रा खूब होती है और पोषक तत्वों का भी भंडार होता है. ये फल न केवल प्यास बुझाते हैं, बल्कि पसीने के माध्यम से शरीर से निकलने वाले आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई भी करते हैं. तरबूज : गर्मियों का नाम आते ही सबसे पहला नाम तरबूज का आता है. इसमें लगभग 92% पानी होता है, जो शरीर को तुरंत हाइड्रेट करने का काम करता है. तरबूज में लाइकोपीन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो त्वचा को सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने में मदद करता है. इसके सेवन से शरीर में ताजगी बनी रहती है और यह किडनी की सफाई के लिए भी बेहतरीन माना जाता है. खरबूज : हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक स्वाद में मीठा और खुशबूदार खरबूज पानी का एक अच्छा सोर्स होने के साथ-साथ विटामिन A और C से भरपूर होता है. यह न केवल शरीर की गर्मी को कम करता है, बल्कि आंखों की रोशनी और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक है. खरबूजे में मौजूद बीटा-कैरोटीन त्वचा की चमक बरकरार रखता है और इसके बीज भी सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. आम : फलों का राजा आम गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल है. हालांकि इसकी तासीर गर्म मानी जाती है, लेकिन इसे पानी में भिगोकर या आम पन्ना के रूप में लेने से यह शरीर को लू से बचाता है. आम में विटामिन C, विटामिन-A और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और पाचन प्रक्रिया को सुचारू रखने में मदद करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google लीची : लीची अपनी मिठास और रसीलेपन के लिए जानी जाती है. इसमें विटामिन C, पोटैशियम और फाइटोकेमिकल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. लीची का सेवन शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है. यह आपके दिल की सेहत और स्किन के लिए बेहतरीन फल है. अंगूर : अंगूर छोटे होने के साथ-साथ पोषक तत्वों का पावरहाउस हैं. इनमें पानी और फाइबर की अधिकता होती है, जो गर्मियों में कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखती है. अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स थकान कम करने और शरीर को इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करने में प्रभावी होते हैं. विशेष रूप से काले और हरे अंगूर शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करते हैं. आलूबुखारा : आलूबुखारा विटामिन K, विटामिन A और डाइटरी फाइबर का एक अच्छा सोर्स है. यह फल शरीर की गर्मी को नियंत्रित करने और पाचन तंत्र को ठंडा रखने में बहुत लाभकारी है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देते हैं. खट्टा-मीठा स्वाद होने के कारण यह गर्मियों में भूख बढ़ाने का काम भी करता है. पपीता : पपीता सालभर उपलब्ध रहता है, लेकिन गर्मियों में इसका सेवन पेट की ठंडक के लिए विशेष रूप से किया जाता है. इसमें पपेन नामक एंजाइम होता है, जो भारी भोजन को पचाने में मदद करता है. विटामिन A और C से भरपूर होने के कारण यह त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है और शरीर की गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है. अनानास : अनानास गर्मियों के लिए एक ताजगी भरा फल है, जिसमें ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होता है. यह एंजाइम शरीर में सूजन को कम करने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक है. अनानास में पानी की अच्छी मात्रा और कैलोरी कम होती है, जो इसे वजन घटाने वालों के लिए एक परफेक्ट स्नैक बनाती है. इसका नियमित सेवन लू लगने की आशंका कम करता है. (All Images – AI) First Published : April 05, 2026, 14:56 IST

ट्रक की टक्कर से 3 गायों की मौत:बैल मृत साथियों को उठाने का प्रयास करता दिखा, वीडियो वायरल

ट्रक की टक्कर से 3 गायों की मौत:बैल मृत साथियों को उठाने का प्रयास करता दिखा, वीडियो वायरल

शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में तीन गायों की मौत हो गई। स्टेशन रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने इन गायों को कुचल दिया। इस घटना के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बैल मृत गायों को उठाने का प्रयास करता दिख रहा है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। बदरवास निवासी ऋषि भारती (25) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह करीब 7 बजे स्टेशन रोड पर ट्रक क्रमांक UP78CN7825 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए तीन गायों को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई। निखिल बैरागी, अमित जैन और अमित यादव सहित कई प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना को देखा। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पशु अस्पताल को सूचित किया। इसी बीच, घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने कई लोगों को भावुक कर दिया। वीडियो में एक बैल मृत पड़ी गायों के पास खड़ा दिखाई देता है और उन्हें बार-बार उठाने की कोशिश करता है। यह दृश्य ऐसा प्रतीत होता है मानो वह अपने साथियों को जीवित करने का प्रयास कर रहा हो। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

‘उनके करीब…’ असम के सीएम हिमंत विश्व सरमा की पत्नी पर कांग्रेस पर गंभीर आरोप, हंगामा हंगामा

'उनके करीब...' असम के सीएम हिमंत विश्व सरमा की पत्नी पर कांग्रेस पर गंभीर आरोप, हंगामा हंगामा

असम विधानसभा चुनाव को लेकर प्रमुख सरगर्मियां तेज हैं। वैल्युएस्ट रायलसेल्स के नेता अपने वर्च्युअल्ट पर उत्पाद सुविधाओं का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। रविवार (5 अप्रैल) को कांग्रेस प्रवक्ता पवन चौधरी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। साथ ही उनकी पत्नी पर तीन-तीन देशों के पासपोर्ट होने का आरोप है। वहीं, असम सीएम ने कांग्रेस के प्रवक्ता के पद पर वापसी की है। पवन एसोसिएट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘भारत की राजनीति में मौजूदा प्रमुख मंत्री और उनके परिवार के खिलाफ बड़ा खुलासा शायद ही पहले कभी हुआ हो, हम भी हैरान हो गए।’ असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा और उनकी पत्नी पर जमीन के स्वामित्व वाले घर, मंदिर का चंदा के घर, सरकारी गोदाम, चिट फंड जैसे कई घाटालों में इनके नाम आते रहे हैं, लेकिन आज जो हम आपके सामने दस्तावेज रख रहे हैं। वह ऐसे दस्तावेज रख रहे हैं, जो भारत के बाहर से संबंधित हैं।’ असम के सीएम की पत्नी के पास तीन-तीन पासपोर्ट होने का आरोप दस्तावेज़ ने आगे कहा, एनबीएफ वाली जानकारी यह है कि हिमंत विश्व सरमा की पत्नी के पास एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन पासपोर्ट हैं। तीन पासपोर्ट अभी तक एक्सपायर नहीं हुए हैं। उनके पास प्रॉपर्टी का कार्ड गोल्डन है। यह 14 मार्च 2022 को जारी हुई जो 13 मार्च 2027 को एक्सपायर हो रही है। एंटीगुआ और मिस्र का पासपोर्ट भी है। बाकी भी हो सकते हैं लेकिन हमें मनाही नहीं है।’ असम की जनता पूछ रही है 👇🏼 ⦁ हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति छवि के खिलाफ़ अपवित्रता पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट लिखती हैं, कैसे? ⦁ भारत के कानून के खाते से आप विदेशी नागरिकता नहीं रख सकते, तो क्या रिंकी बी लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी लिख सकता है… pic.twitter.com/8sFH7hNF2n – कांग्रेस (@INCIndia) 5 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे कहा, ‘कोई और राजनेता बताओ, जिसके पास तीन-तीन देशों के पासपोर्ट हों।’ क्या आप कोई अपराधी हैं, जिन्हें तीन-तीन पासपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सिटिंग सीएम की पत्नी भारत की नागरिक नहीं हैं और वह अवैध हैं। यदि वह भारत के नागरिक हैं तो यह आदिवासियों हैं। यदि यह पासपोर्ट वैध नहीं है तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसके बारे में बताना चाहिए और इस पर जांच करनी चाहिए।’ कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘असम में कांग्रेस की सरकार है. ये तैयारी हो रही है बेकार की. वह चुनाव हरण पर देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।’ असम सीएम का पलटवार पवन एसोसिएट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम हिमंत विश्व सरमा ने पलटवार किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, कांग्रेस पार्टी के अंदर गहरी निराशा और बेचैनी है। असम ऐतिहासिक स्थिरता की ओर से स्थिरता के रूप में वृद्धि हो रही है, ऐसे में इस तरह की एकमात्र समाप्ति और निराधार हमले उनकी स्थिति को प्रभावित करते हैं। मैं उनके द्वारा लगाए गए हर आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज करता हूं। ये दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ उद्देश्यपूर्ण असम की जनता को अनारक्षित करना है। उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी और मैं अगले 48 घंटों के अंदर श्री पवन नाम के अपराधी और दीवानी मानहानी के मामले दर्ज करेंगे। उन्हें उनके दोषी और मनहानी वाले गोदाम के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा। मुझे दस्तावेज़ी पर पूरा भरोसा है. एक बार जब अदालत में सच्चाई साबित होगी, तो पवन शिष्या को अपने कार्यकर्ताओं के पद देने होंगे और कानून अपना काम करना चाहेगा। असम की जनता इस तरह के दुष्प्रचार से अनाड़ी नहीं होगी। हम जनता से 100 से अधिक पद का नामांकन प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित और संकल्पित हैं।’

इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर में 6 अप्रैल को किसान अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने अपील जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान में कई मुद्दों को लेकर किसान वर्ग परेशान है, जिनका त्वरित निराकरण आवश्यक है। किसानों की मांग है कि गेहूं की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे प्रकरणों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में उन्हें दंडित किया जा रहा है। इसके अलावा, समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जल्द से जल्द शुरू करने और मंडियों में तौल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो। किसानों का कहना है कि 28 मार्च को अंतिम तारीख मानते हुए लगभग 60 प्रतिशत किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ाई जाए और लगाए गए दंड व ब्याज को माफ किया जाए। किसानों ने भूमि अधिग्रहण योजनाओं में वास्तविक बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

Airtel Top Loser, Value Drops ₹30K Cr; ICICI Bank Market Cap Also Down

Airtel Top Loser, Value Drops ₹30K Cr; ICICI Bank Market Cap Also Down

Hindi News Business Airtel Top Loser, Value Drops ₹30K Cr; ICICI Bank Market Cap Also Down नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 6 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 64,734.46 करोड़ रुपए घट गई। मिडिल ईस्ट में तनाव और इजराइल-ईरान जंग की वजह से यह गिरावट आई है। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। भारती एयरटेल का मार्केट कैप 29,993.07 करोड़ रुपए घटकर ₹10.20 लाख करोड़ पर आ गया। ICICI बैंक की मार्केट वैल्यू ₹12,845.81 करोड़ घटकर ₹8.70 लाख करोड़ पर आ गई। बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 11,169.36 करोड़ रुपए घटकर ₹5.14 लाख करोड़ पर आ गया। वहीं HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹7,822.79 करोड़ घटकर ₹11.56 लाख करोड़ पर आ गई। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का मार्केट कैप भी घटा। वहीं TCS, इंफोसिस, लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू बढ़ी है। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

शरीर के लिए वरदान है मल्टीग्रेन आटा, घर पर इन 5 चीजों से करें तैयार, कई समस्याएं हो जाएंगी दूर

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Last Updated:April 05, 2026, 14:11 IST Multigrain Flour Benefits: मल्टीग्रेन आटा कई अनाजों के मिश्रण से तैयार होता है और यह शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. डाइटिशियन की मानें तो मल्टीग्रेन आटा पाचन सुधारने, वजन कंट्रोल करने और ब्लड शुगर स्टेबल बनाए रखने में मदद करता है. घर पर आसानी से तैयार किया गया यह आटा सेहत सुधारने में कारगर साबित हो सकता है. मल्टीग्रेन आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. Homemade Multigrain Atta Benefits: हमारे शरीर को रोज कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है और ये पोषक तत्व हमें खान-पान से मिलते हैं. आज के समय में खराब खान-पान के कारण लोगों में पोषण की कमी हो जाती है. इसकी वजह से कई बीमारियां पैदा हो रही हैं. अगर आप बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो हेल्दी डाइट अपनाना बेहद जरूरी है. मल्टीग्रेन आटा एक ऐसा ही विकल्प है, जो कई अनाजों के मिश्रण से तैयार होता है और शरीर को भरपूर पोषण प्रदान करता है. इसे घर पर आसानी से तैयार करके आप अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं. अगर आप डायबिटिक हैं, तो यह आटा आपके लिए वरदान है. क्या होता है मल्टीग्रेन आटा? नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि मल्टीग्रेन आटा एक से ज्यादा अनाजों को मिलाकर बनाया जाता है. मल्टीग्रेन आटे में गेहूं, जौ, बाजरा, रागी और चना जैसी चीजों को मिलाया जाता है. हर अनाज अपने-अपने पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिससे यह आटा फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का अच्छा सोर्स बन जाता है. यह सामान्य गेहूं के आटे की तुलना में ज्यादा पौष्टिक होता है और लंबे समय तक एनर्जी प्रदान करता है. अगर आप क्रोनिक डिजीज से जूझ रहे हैं, तब भी यह आटा आपके शरीर को मजबूती प्रदान करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. घर पर कैसे बनाएं मल्टीग्रेन आटा? डाइटिशियन ने बताया कि आप घर पर ही आसानी से 5 मुख्य चीजों से मल्टीग्रेन आटा तैयार कर सकते हैं. इसके लिए आपको गेहूं, जौ, बाजरा, रागी और चना की जरूरत होती है. जौ को पाचन के लिए बेहतर माना जाता है. बाजरा कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होता है. रागी आयरन और हड्डियों के लिए लाभकारी है, जबकि चना प्रोटीन का बढ़िया सोर्स है. इन सभी अनाजों को अच्छी तरह साफ करके हल्का भून लें और फिर चक्की में पिसवा लें. आप अपनी जरूरत के अनुसार इनका अनुपात तय कर सकते हैं, लेकिन गेहूं की मात्रा थोड़ी अधिक रखना बेहतर रहता है. मल्टीग्रेन आटे के हेल्थ बेनिफिट्स एक्सपर्ट की मानें तो मल्टीग्रेन आटा कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत देता है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह फायदेमंद हो सकता है. यह वजन घटाने में सहायक होता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है. इस आटे में मौजूद मिनरल्स जैसे कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं. फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. यह कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है और हार्ट डिजीज से बचाता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 14:11 IST

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

फिल्म धुरंधर 2 के क्लाइमेक्स सीन को शूट करने के लिए एक्टर रणवीर सिंह ने 47–48 डिग्री तापमान में लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी। यह जानकारी फिल्म के मेकअप आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने हाल ही में दी। फिल्म की मेकिंग को लेकर मेकअप और प्रोस्थेटिक आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने NDTV के साथ बातचीत में बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग में रिहर्सल समेत 15 से 20 दिन का समय लगा। उन्होंने बताया कि शूटिंग लुधियाना के बाहरी इलाके में हुई, जहां तापमान 47–48 डिग्री तक पहुंच गया था। आसपास कोई छांव या पेड़ नहीं था, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए थे। क्लाइमेक्स सीन एक इंडस्ट्रियल सेटअप में फिल्माया गया था। सेट के चारों ओर मेटल कंटेनर, गाड़ियां और खड़ी मालगाड़ियां थीं, जिनसे लगातार गर्मी निकल रही थी। टीम को इन्हीं के बीच शूटिंग करनी पड़ी। जलते कंटेनरों पर कूदने वाला सीन किया करनदीप के मुताबिक, रणवीर सिंह ने इस दौरान भारी पठानी सूट, लेदर जैकेट और ओवरकोट पहनकर एक्शन सीन किए। एक सीन में उन्हें जलते हुए कंटेनरों पर कूदना था, जो गर्मी की वजह से बेहद तप रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान एक हफ्ते में एक बाल्टी खून (प्रॉप्स) इस्तेमाल किया गया। अत्यधिक गर्मी के बावजूद रणवीर सिंह पूरे समय शांत और धैर्यवान बने रहे। करनदीप ने कहा कि वहां पंखे और एसी मौजूद थे, लेकिन तेज गर्मी के कारण वे प्रभावी नहीं थे। टीम के लिए खाना खाना भी मुश्किल हो गया था। रणवीर को शूटिंग के दौरान विग भी पहननी पड़ी, जो गर्मी में ऊनी टोपी जैसा महसूस हो रहा था।

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

फिल्म धुरंधर 2 के क्लाइमेक्स सीन को शूट करने के लिए एक्टर रणवीर सिंह ने 47-48 डिग्री तापमान में लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी। यह जानकारी फिल्म के मेकअप और प्रोस्थेटिक आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने दी। फिल्म की मेकिंग को लेकर करनदीप ने NDTV के साथ बातचीत में बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग में रिहर्सल समेत 15 से 20 दिन का समय लगा था। उन्होंने बताया कि शूटिंग लुधियाना के बाहरी इलाके में हुई, जहां तापमान 47-48 डिग्री तक पहुंच गया था। आसपास कोई छांव या पेड़ नहीं था, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए थे। क्लाइमेक्स सीन एक इंडस्ट्रियल सेटअप में फिल्माया गया था। सेट के चारों ओर मेटल कंटेनर, गाड़ियां और खड़ी मालगाड़ियां थीं, जिनसे लगातार गर्मी निकल रही थी। टीम को इन्हीं के बीच शूटिंग करनी पड़ी। जलते कंटेनरों पर कूदने वाला सीन किया करनदीप ने बताया कि रणवीर ने इस दौरान भारी पठानी सूट, लेदर जैकेट और ओवरकोट पहनकर एक्शन सीन किए। एक सीन में उन्हें जलते हुए कंटेनरों पर कूदना था, जो गर्मी की वजह से बेहद तप रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान एक हफ्ते में एक बाल्टी खून (प्रॉप्स) इस्तेमाल किया गया। अत्यधिक गर्मी के बावजूद रणवीर सिंह पूरे समय शांत रहे। करनदीप ने बताया कि सेट पर पंखे और एसी थे, लेकिन भीषण गर्मी के चलते वे ज्यादा असरदार साबित नहीं हो रहे थे। टीम के लिए खाना खाना भी मुश्किल हो गया था। रणवीर को शूटिंग के दौरान विग भी पहननी पड़ी, जो गर्मी में ऊनी टोपी जैसी महसूस हो रही थी।