पेट्रोल भरवाकर निकले ग्रामीण की बाइक में लगी आग:कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक, अचानक बंद हुई दोबारा चालू करने पर निकला धुआं

राजगढ़ जिले के जीरापुर में पेट्रोल पंप से लौट रहे एक ग्रामीण की बाइक में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। जानकारी के अनुसार, तमौलिया गांव निवासी तरवर सिंह सोधिया बुधवार शाम करीब 5 बजे पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाकर निकले थे। कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक अचानक बंद हो गई। जब उन्होंने दोबारा स्टार्ट करने का प्रयास किया, तो बाइक से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। आग बुझाने की कोशिश नाकाम रही आग बढ़ती देख आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना एक छात्रावास के नजदीक हुई, जिससे वहां मौजूद लोग भी मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले चुकी थी। सूचना मिलने पर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बाइक मालिक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही।
Gallbladder Stone Symptoms: पित्त की पथरी का दर्द कहां होता है? गालब्लैडर स्टोन के इस लक्षण को न करें नजरअंदाज, करवाना पड़ जाएगा ऑपरेशन

Last Updated:April 08, 2026, 22:17 IST Gallbladder Stone Symptoms: आज के समय में गालब्लैडर स्टोन कॉमन हेल्थ इश्यू बन गया है. इसके बारे में सबसे खतरनाक चीज है, इसके लक्षण जो कि बहुत ही मामूली रूप में दिखते हैं. इन्हें पहचान पाना काफी मुश्किल होता है, इसलिए पित्त की पथरी को साइलेंट स्टोन भी कहा जाता है. निदान में देरी से ऑपरेशन ही एक मात्र इलाज का विकल्प होता है, इसलिए इसके लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है. पित्ताशय लिवर के ठीक पीछे थैलीनुमा एक छोटा सा अंग है. इसमें पथरी की समस्या बहुत ही कॉमन होती जा रही है. लेकिन पित्त की थैली में पथरी का पता उस समय तक नहीं लग पाता है, जब तक ये बाइल डक्ट में रूकावट पैदा नहीं करते हैं. गालब्लैडर की समस्या महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा कॉमन है. ज्यादातर मामलों में पित्त की पथरी का पता काफी देरी से लगता है, जिससे ऑपरेशन करके इसे निकालने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं रह जाता है. वैसे तो पित्त की थैली में पथरी के लक्षण शुरुआती स्टेज में साइलेंट होते हैं. लेकिन सूझबूझ इसे वक्त रहते पहचाना जा सकता है. जैसे कि पित्ताशय में पथरी बनने पर इसके दर्द का लोकेशन फिक्स्ड होता है. आपके पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक और तेजी से बढ़ता हुआ दर्द चेतावनी है कि पित्त की थैली में कुछ गड़बड़ी भी चल रही है. Add News18 as Preferred Source on Google पित्त की थैली में पथरी का दर्द इतना तेज हो सकता है कि इसके कारण आप चलने, बैठने या लेटने में राहत न महसूस कर पाएं. यदि पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से या सेंटर में ऐसा दर्द 30 मिनट से ज्यादा समय तक परेशान करता है, और बार-बार लौट कर आ रहा है तो बिना देरी डॉक्टर से परामर्श करें. पेट में दर्द के अलावा शॉल्डर के बीच में भी पित्ताशय में पथरी का दर्द होता है. ज्यादातर लोग इस दर्द को ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठकर काम करने, या फिजिकल वर्क स्ट्रेस की वजह समझते हैं.लेकिन यदि आप ऑपरेशन के खर्च से बचना चाहते हैं, तो इसे अनदेखा न करें. पित्त की थैली में पथरी है, तो आपके लिए खाना खाना भी मुश्किल हो सकता है. क्योंकि इसका दर्द कुछ फूड्स से भी ट्रिगर होता है. यदि आप ज्यादा तेल मसाला या फैटी फूड्स खा रहे हैं, तो इसके बाद आप काफी देर तक परेशान रह सकते हैं. दर्द के अलावा गालब्लैडर स्टोन के लक्षणों में मतली, उल्टी, ब्लॉटिंग, अपच और स्किन का येलो दिखना, ठंड लगकर बुखार आना, यूरिन का कलर डार्क होना, पेट का आकार बढ़ना भी शामिल है. शुरुआती स्टेज पर पित्त की पथरी का इलाज आसानी से दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए गालब्लैडर के लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है. First Published : April 08, 2026, 22:17 IST
गुरुवार को बैलेट ट्रेन पहुंचने पर असम, केरल और पुडुचेरी में क्या दांव पर है? | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम फैसले का इंतजार व्यापक होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के वोटों की गिनती 4 मई को होगी असम, केरल और पुडुचेरी में 61 मिलियन से अधिक लोग मतदान करने के पात्र हैं। प्रतीकात्मक छवि गुरुवार को, 61 मिलियन से अधिक मतदाता मतदान करेंगे क्योंकि असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। यह चुनावी अभ्यास कुल 296 निर्वाचन क्षेत्रों को कवर करता है, जो राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल और क्षेत्रीय दिग्गजों के लचीलेपन के लिए एक महत्वपूर्ण मध्यावधि बैरोमीटर के रूप में कार्य करता है। भारत के चुनाव आयोग ने रैलियों की बयानबाजी से मतपेटी की वास्तविकता तक सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय तैनात किए हैं। असम विधानसभा चुनाव में क्या दांव पर है? असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना चाहती है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने अभियान को सीमा सुरक्षा और “घुसपैठियों” पर सख्त रुख के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास और समान नागरिक संहिता के विवादास्पद कार्यान्वयन के मुद्दों पर केंद्रित किया है। उनका विरोध असम सोनमिलिटो मोर्चा कर रहा है, जो कांग्रेस पार्टी के गौरव गोगोई के नेतृत्व वाला एक पुनर्गठित विपक्षी मोर्चा है। विपक्ष ने अपनी रणनीति को आर्थिक शिकायतों की ओर मोड़ दिया है, विशेष रूप से प्रशासनिक कदाचार और बढ़ती जीवनयापन लागत के आरोपों पर राज्य सरकार को निशाना बनाया है। मैदान में 789 उम्मीदवारों के साथ, राजनीतिक परिणाम काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या भाजपा की “असमिया पहचान” की कहानी प्रमुख ग्रामीण और चाय-बागान क्षेत्रों में विपक्ष के संयुक्त मोर्चे का सामना कर सकती है। क्या केरल अपनी ऐतिहासिक प्रवृत्ति तोड़ेगा या सत्ता बरकरार रखेगा? केरल में 140 सीटों के लिए राजनीतिक लड़ाई एक परिष्कृत तीन-तरफ़ा संघर्ष बनी हुई है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) लगातार दूसरे ऐतिहासिक चुनाव को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहा है, जो राज्य के बदलते राजनीतिक इतिहास में पारंपरिक रूप से दुर्लभ उपलब्धि है। अभियान में एलडीएफ ने अपने सामाजिक कल्याण रिकॉर्ड को उजागर किया है, जबकि वीडी सतीसन और रमेश चेन्निथला के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सत्ता विरोधी भावनाओं और शासन घोटालों पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही, एनडीए ने राज्य में अपनी पहुंच तेज कर दी है, राजीव चंद्रशेखर जैसे हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार बढ़ते वोट शेयर को ठोस सीट लाभ में बदलना चाहते हैं। केरल में रिकॉर्ड 985 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, और चुनाव आयोग ने पेरियार टाइगर रिजर्व जैसे दूरदराज के इलाकों में विशेष मतदान केंद्र भी स्थापित किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक नागरिक अपने वोट के अधिकार का प्रयोग कर सके। पुडुचेरी में राजनीतिक परिदृश्य कैसे बदल रहा है? पुडुचेरी अपनी 30 निर्वाचित सीटों के लिए एक अद्वितीय गतिशीलता प्रस्तुत करता है, जहां एआईएनआरसी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी के नेतृत्व वाले मौजूदा एनडीए को एक खंडित लेकिन दृढ़ विपक्ष का सामना करना पड़ता है। धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए), जिसमें कांग्रेस और द्रमुक शामिल हैं, केंद्र शासित प्रदेश को पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं, हालांकि वीसीके जैसे गठबंधन सहयोगियों के देर से बाहर निकलने से उनके प्रयास जटिल हो गए थे। अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) की एंट्री ने अंकगणित को और अधिक जटिल बना दिया है, जिसने सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस नए परिवर्तन ने अप्रत्याशितता का एक तत्व पेश किया है, जो संभावित रूप से दोनों प्रमुख गठबंधनों के पारंपरिक वोट बैंकों को विभाजित कर रहा है। अंतिम परिणाम कब घोषित किये जायेंगे? हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम फैसले का इंतजार व्यापक होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के वोटों की गिनती तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी चरणों के समापन के साथ 4 मई को की जाएगी। तब तक, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) कड़ी सुरक्षा में रहेंगी, जिससे लगभग 300 विधायकों का राजनीतिक भविष्य तय होगा। पहले प्रकाशित: 08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST समाचार चुनाव गुरुवार को बैलेट ट्रेन पहुंचने पर असम, केरल और पुडुचेरी में क्या दांव पर है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
Shah Says Voters Will Respond, Congress Invisible

Hindi News National EC Complaint, FIR Demand: Shah Says Voters Will Respond, Congress Invisible नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक मल्लिकार्जुन खड़गे ने 7 अप्रैल को असम में भाजपा और आरएसएस को लेकर विवादित बयान दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाजपा-आरएसएस की जहरीले सांप से तुलना करने पर शिकायत दर्ज कराई गई है। भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचा। भाजपा की मांग है कि खड़गे के भड़काऊ बयानों को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही उन्हें भाषण देने से रोका जाए। दरअसल 7 अप्रैल को असम में एक रैली को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा था कि अगर आप नमाज पढ़ रहे हैं और जहरीला सांप आ जाए तो नमाज छोड़कर उसे मारना है, यह कुरान में कहा गया है। यह आरएसएस और बीजेपी जहरीले सांप हैं इनको नहीं मारेंगे तो आप बचेंगे नहीं। खड़गे के इस बयान पर अमित शाह ने मंगलवार को ही पलटवार किया था। शाह ने कहा था कि जनता इस बयान का जवाब वोट से देगी और 9 अप्रैल के बाद कांग्रेस दूरबीन से भी नजर नहीं आएगी। चुनाव आयोग को लिखित शिकायत का लेटर… खड़गे के बेटे बोले- सांप को हर कोई मारता ही है, पालता नहीं कर्नाटक सरकार में मंत्री और मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने बुधवार को अपने पिता के कमेंट का समर्थन किया। प्रियांक ने कहा कि उन्होंने (मल्लिकार्जुन खड़गे ने) क्या कहा है? उन्होंने कहा कि अगर किसी को जहरीला सांप दिखे तो उसे मार दें। अगर आपको कोई जहरीला सांप दिखे, तो क्या आप उसे दूध पिलाकर पालेंगे-पोसेंगे, या उसे भगा देंगे? 5 अप्रैल: खड़गे ने गुजरात के लोगों को अनपढ़ कहा, फिर माफी मांगी खड़गे ने 5 अप्रैल को केरल के इडुक्की में कहा था कि राज्य के लोग ‘पढ़े-लिखे और समझदार’ हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जबकि गुजरात और कुछ अन्य जगहों के लोग ‘अनपढ़’ हैं। हालांकि खड़गे ने बुधवार को गुजरातियों से जुड़े विवादित बयान पर खेद जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मेरे बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया। मैं शब्दों पर खेद व्यक्त करता हूं। खड़गे के पिछले 3 विवादित बयान… 8 जुलाई, 2025- खड़गे ने कहा बीजेपी ने मुर्मू और कोविंद को राष्ट्रपति तो बनाया, पर क्या इसलिए कि वह हमारी जमीन, जंगल और पानी छीन सकें? उन्होंने यह सब आदिवासियों की जमीन हड़पने के लिए किया है। BJP बोली बयान बेहद अपमानजनक और आदिवासी-दलित विरोधी है। खड़गे बिना शर्त माफी मांगे। 6 मई, 2025- खड़गे ने कहा पीएम मोदी को हमले से तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिल गई थी, इसीलिए उन्होंने अपना कश्मीर दौरा रद्द कर दिया। लेकिन आम जनता को कोई चेतावनी क्यों नहीं दी गई? BJP बोली बयान पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। खड़गे को माफी मांगनी चाहिए। 20 मई, 2025- खड़गे ने कहा ऑपरेशन सिंदूर कोई बड़ी बात नहीं। यह तो एक छुटपुट युद्ध है। BJP बोली ये भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान का अपमान है। खड़गे को हमारे वीर जवानों से माफी मांगनी चाहिए। ———————– ये खबर भी पढ़ें… पवन खेड़ा ने तेलंगाना HC में अग्रिम जमानत अर्जी दी: एक दिन पहले असम पुलिस ने दिल्ली आवास पर छापेमारी की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को तेलंगाना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है। असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी ने उनके खिलाफ FIR करवाई है। दरअसल खेड़ा ने 5 अप्रैल को हिमंता की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Neemuch Labourer Death | High Tension Line Accident

नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया नाथावत में बुधवार सुबह मकान निर्माण के लिए रेत खाली करते समय डंपर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। . भोलियावास का रहने वाला 35 वर्षीय नरेंद्र माली, ठेकेदार लोकेश धाकड़ के पास मजदूरी करता था। सुबह करीब 10 बजे वह नारायण सिंह के घर रेत खाली करवा रहा था। जैसे ही डंपर का हिस्सा ऊपर उठा, वह वहां से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। परिजन ने लगाया लापरवाही का आरोप हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई। परिजन और बरखेड़ा उपसरपंच अशोक माली ने ठेकेदार और डंपर ड्राइवर पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ऊपर बिजली के तार होने के बावजूद ठेकेदार ने सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा और ड्राइवर ने भी लापरवाही से गाड़ी आगे-पीछे की। मजदूर डंपर से रेत खानी कर रहा था, तभी हादसा हो गया। परिवार का इकलौता सहारा था नरेंद्र नरेंद्र ही अपने परिवार में कमाने वाला अकेला सदस्य था। उसके पीछे दो छोटे बच्चे (5 साल और ढाई साल) और पत्नी हैं। दुखी परिवार ने ठेकेदार और डंपर मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। पुलिस कर रही है जांच पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अब डंपर के कागजों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस लापरवाही के लिए असल में कौन जिम्मेदार है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है।
UP Election Results 2026 LIVE

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जान से मारने की धमकी मिली है। उन्हें भेजे गए ऑडियो मैसेज में कहा गया कि जैसे अतीक अहमद को मारा गया था, वैसे ही उन्हें भी मार दिया जाएगा। इन ऑडियो में 33 बार गालियां भी दी गई हैं और कहा गया है कि उनकी यात्रा के दौरान हमला क . 1 अप्रैल को ज्योतिष्पीठ के आधिकारिक नंबर पर पहले एक धमकी भरा मैसेज आया था, जिसे बाद में ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद 6 अप्रैल की रात 9:55 और 9:56 बजे दो वॉइस मैसेज भेजे गए। ज्योतिष्पीठ ने बुधवार को ये दोनों ऑडियो जारी करके मामले की जांच की मांग की है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद “गोमाता-राष्ट्रमाता” अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत 3 मई से उत्तर प्रदेश में उनकी “गविष्ठी यात्रा” शुरू होने वाली है, जिसमें वे लोगों को गायों की सुरक्षा और उनके लिए आश्रय (गोधाम) बनाने के बारे में जागरूक करेंगे। पढ़िए, ऑडियो मैसेज में क्या कहा गया… शंकराचार्य का टाइम नजदीक आ गया है। कितना भी बचे, वह बच ही नहीं पाएगा। जैसे अतीक अहमद को मारा, वैसे ही उसको भी मारना है। बाद में सारी कहानी खत्म…। यह रेपिस्ट है। रेपिस्ट को बोलो थोड़ा शांत रहे, वरना उससे बात कराओ। बात कराओ उस रेपिस्ट से। इस दुनिया से उसका टाइम आ गया है। अब ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह सकता। जहां वो यात्रा कर रहा है, वहीं बीच में खत्म हो जाएगा। कोई भी मार देगा उसको। मेरे जैसे लाखों लोग हैं, उसको मारने के लिए। बचेगा नहीं। उसको खत्म करना है। अविमुक्तेश्वरानंद को कोई सपोर्ट नहीं करेगा, पूरे हिंदुस्तान में कोई नहीं करेगा। उसका अंत बहुत बुरा है। उसको बताओ, कुछ समय बचा है उसका टाइम। उसका बहुत जल्द टिकट कटने वाला है। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां शंकराचार्य को इससे पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि गोरक्षा अभियान के कारण कुछ लोग नाराज हैं। इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। शंकराचार्य की “गविष्ठी यात्रा” को देखते हुए यह मामला और गंभीर हो गया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शंकराचार्य के वकील को भी मिल चुकी है धमकी शंकराचार्य के वकील और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी को भी एक महीने पहले जान से मारने की धमकी मिली थी। यह धमकी उनके मोबाइल पर भेजे गए SMS से दी गई थी। इसमें वाराणसी कचहरी को भी बम से उड़ाने की धमकी भी दी गई थी। आशुतोष महाराज ने कहा- वैचारिक मतभेद अलग, धमकी स्वीकार नहीं शंकराचार्य पर पूर्व में बटुकों के यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, यह घटना बेहद चिंताजनक है और इससे समाज में भय का माहौल बन सकता है। जिस जिले और राज्य से धमकी दी गई है, वहां की पुलिस को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। धमकी देने वाले व्यक्ति या संबंधित मोबाइल नंबर के खिलाफ कानून सम्मत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी की जाए। आशुतोष ने कहा, वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। लोकतंत्र में संविधान और कानून सर्वोपरि हैं, और हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन से मांग की कि मामले में त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। शंकराचार्य माघ मेले से विवादों में आए प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी, 2025 को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया था। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए थे। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई थी। 18 जनवरी, 2025 को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। यह उसी दिन की तस्वीर है। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आई थी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया था। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने दावा किया था- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया। हालांकि, शंकराचार्य के खिलाफ बटुकों से यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25 मार्च को उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी नहीं होगी। कोर्ट ने शंकरचार्य के अलावा आशुतोष महाराज को भी मीडिया इंटरव्यू या बयानबाजी से रोक दिया था है। उधर, हाईकोर्ट से शंकराचार्य को मिली अग्रिम जमानत के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में अतीक-अशरफ की हत्या हुई थी ये उस दौरान की तस्वीर है, जब माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को करीब से गोली मारी गई थी। 15 अप्रैल, 2023 की रात 10:30 बजे प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यूपी एटीएस अतीक और अशरफ को रुटीन मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल लेकर पहुंची थी। लेकिन अस्पताल के बाहर मीडिया ने उन्हें घेर लिया था। पत्रकार उससे बेटे असद के जनाजे पर न पहुंचने को लेकर सवाल पूछने लगे थे। इसी बीच
मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला जिले की नैनपुर तहसील के ग्राम तिन्दुआ बम्हनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 8 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने किया बुझाने का प्रयास यह आग मोहम्मद इकलाख खान के खेत में लगी थी। दोपहर के समय अचानक उठी लपटों को देख ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुएं और बोरवेल के पंप चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते 8 एकड़ की फसल जल गई। आसपास की फसल कटी होने से आगे नहीं बढ़ी स्थानीय निवासी जहीर खान ने बताया कि आसपास के अधिकांश खेतों की फसल पहले ही काटी जा चुकी थी। खाली खेत होने के कारण आग आगे नहीं बढ़ पाई, अन्यथा गांव के अन्य किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था। हाई टेंशन लाइन से स्पार्किंग की आशंका आग लगने की प्राथमिक वजह खेत के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन को माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तारों के आपस में टकराने या पेड़ों की टहनियों से रगड़ खाने के कारण निकली चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नैनपुर एसडीएम को सूचित किया गया। प्रशासनिक निर्देश पर पटवारी और अन्य राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार किया है। प्रशासन अब आग के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है ताकि पीड़ित किसान को उचित सहायता दी जा सके।
‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान। (छवि: न्यूज18) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भाजपा पर जोरदार हमला बोला, जब चुनाव आयोग ने उपचुनाव अवधि के दौरान राज्य की प्रमुख गारंटी योजनाओं के तहत धन जारी करने पर विवरण मांगा था। कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किस्त भुगतान रोकने की मांग की थी, इसे “गरीबों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के खिलाफ साजिश” बताया। ‘योजनाओं को बंद करने की साजिश रच रही बीजेपी’ दावणगेरे में पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार ने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से कल्याण कार्यक्रमों को रोकने का प्रयास करने का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ने कहा, “भाजपा ने गारंटी योजनाओं के लिए धन जारी करने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। यह आयोग के माध्यम से इन कार्यक्रमों को रोकने का एक स्पष्ट प्रयास है। यह गरीबों और बेरोजगार युवाओं पर हमला है और मतदाता उन्हें उचित जवाब देंगे।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले ढाई साल में गारंटी योजनाओं पर 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं और जोर दिया कि सभी भुगतान कानूनी सीमा के भीतर किए जाएं। उन्होंने कहा, “हमारी योजनाएं चुनाव के समय की घोषणाएं नहीं हैं। हम कानून के दायरे में रहकर धन का वितरण कर रहे हैं। भाजपा का पत्र बढ़ती कीमतों से पीड़ित गरीबों की रक्षा के लिए बनाए गए कार्यक्रमों को रोकने की उनकी साजिश का सबूत है।” शिवकुमार ने लाभार्थियों को यह भी आश्वासन दिया कि भुगतान जारी रहने के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “पिछले महीने तक पैसा जारी कर दिया गया है और इस महीने की किस्त चुनाव के बाद जारी की जाएगी। गारंटी योजनाएं बंद नहीं होंगी- हम अपनी बात पर कायम हैं।” ‘चुनाव आयोग का दृष्टिकोण संदेहपूर्ण’ इस बीच, सिद्धारमैया ने कड़े शब्दों में एक बयान में, गारंटी योजना भुगतान के बारे में विवरण मांगने के चुनाव आयोग के कदम पर सवाल उठाया और उसके दृष्टिकोण को “संदिग्ध और भेदभावपूर्ण” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गारंटी योजनाएं उपचुनाव अवधि के दौरान शुरू नहीं की गईं, बल्कि 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों का हिस्सा थीं। सिद्धारमैया ने कहा, “हमारी गारंटी योजनाएं चुनावों के दौरान पेश नहीं की गई हैं। वे 2023 के विधानसभा चुनावों में किए गए वादों के हिस्से के रूप में लागू किए गए कार्यक्रम हैं और लाभार्थियों को नियमित और पारदर्शी तरीके से धन हस्तांतरित किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों में इसी तरह की योजनाओं पर सवाल नहीं उठाकर दोहरा मापदंड दिखाया है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में, नकद हस्तांतरण योजनाओं की घोषणा और कार्यान्वयन चुनाव से पहले किया गया था, फिर भी चुनाव आयोग चुप रहा। यह निष्पक्ष आचरण नहीं है – यह पूर्वाग्रह को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कर्नाटक की योजनाओं की जांच को कमजोर समूहों पर अप्रत्यक्ष हमला बताया। सिद्धारमैया ने कहा, “कर्नाटक की गारंटी योजनाओं को निशाना बनाना केवल राजनीतिक नहीं है – यह गरीबों, महिलाओं और कर्नाटक के लोगों पर अप्रत्यक्ष हमला है।” पंक्ति क्या है? विवाद तब पैदा हुआ जब चुनाव आयोग ने कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर दावणगेरे और बागलकोट जिलों में चल रहे उपचुनावों के दौरान विभिन्न गारंटी योजनाओं के तहत जारी किए गए धन का विवरण मांगा। कथित तौर पर यह कदम भाजपा नेताओं की उस शिकायत के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने चुनाव अवधि के दौरान किश्तें जारी करने पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि इस तरह के भुगतान मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। हालाँकि, कांग्रेस सरकार का कहना है कि योजनाएँ चल रहे शासन का हिस्सा हैं, न कि चुनाव-समय के प्रोत्साहन का, यह तर्क देते हुए कि भुगतान रोकने से लाखों लाभार्थियों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा दावणगेरे और बागलकोट में उपचुनाव प्रचार तेज होने के साथ, गारंटी योजनाओं का मुद्दा सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच एक प्रमुख राजनीतिक टकराव के रूप में उभरा है। कांग्रेस नेताओं ने योजनाओं को एक प्रमुख कल्याणकारी मॉडल के रूप में पेश किया है, जबकि भाजपा ने उनके समय और वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठाया है। जैसे-जैसे राजनीतिक लड़ाई बढ़ती जा रही है, राज्य सरकार के स्पष्टीकरण पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया विवाद के अगले चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। पहले प्रकाशित: 08 अप्रैल, 2026, 20:19 IST समाचार राजनीति ‘गरीबों पर हमला’: सिद्धारमैया, शिवकुमार ने फंड को लेकर चुनाव आयोग के पत्र की आलोचना की, बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक गारंटी योजनाएं(टी)सिद्धारमैया ईसी पत्र(टी)डीके शिवकुमार बीजेपी साजिश(टी)चुनाव आयोग कर्नाटक(टी)कल्याण योजना फंड(टी)उपचुनाव दावणगेरे बागलकोट(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी कर्नाटक(टी)गरीबों और महिलाओं पर हमला
चुनाव 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव, यहां देखें एक-एक सीट का अपडेट

असम, केरल और केंद्र प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का शोर अब पूरी तरह से चुकाया गया है। इन तीर्थस्थल पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। चुनाव आयोग के असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 विधानसभाओं पर एक साथ वोट डालेंगे। इसके साथ ही टुकड़ों की किस्मत में कैद हो जाएगा। यहां देखें एक-एक सीट का अपडेट इन राज्यों में होने वाले चुनाव का हर अपडेट एबीपी न्यूज पर लाइव देख सकते हैं। एबीपी वेबसाइट https://www.abplive.com यूट्यूब पर https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc पर क्लिक करके असम, केरल और पुडुचेरी चुनाव का नवीनतम अपडेट जान सकते हैं। असम में कैसे रहेंगे वोट असम की बात करें तो यहां कुल 2.5 करोड़ पुरुष हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 जेन्डर-पुरुष शामिल हैं। खास बात यह है कि 18-19 साल आयु वर्ग की बात करीब 5.75 लाख युवा पहली बार अपने फ्रैंचाइज़ का इस्तेमाल करेंगे। असम के 126 के लिए 722 प्रतियोगी मैदान हैं और यहां बहुमत के पात्र 64 हैं। राज्य की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। केरल में 140 प्रतियोगियों के लिए 833 प्रतियोगी केरल में 140 के लिए 833 प्रतियोगी उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मुख्य राजनीतिक व्यवस्था के बीच त्रिकोणीय प्रतियोगिता देखने को मिल रही है। सरकार बनाने के लिए 71 वें बहुमत का बहुमत जरूरी है। राज्य में कुल 2.71 करोड़ वोटर्स हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 स्टूडेंट जेंडर वोटर्स शामिल हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 16 क्वार्टर का बहुमत जरूरी है। कुल 9.44 लाख लाेगाें में लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 लाेग लाेगाें शामिल हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। असम में 1,388 नामांकित अभ्यर्थी थे, जिनमें 817 अभ्यर्थी शामिल थे. केरल में 2,117 नामांकन के साथ 1,252 अभ्यर्थी और पुडुचेरी में 514 नामांकन के साथ 442 ग्रीन ने आवेदन किया था। कुल मिलाकर 4,019 नामांकित उम्मीदवार शामिल थे, जिनमें 2,511 उम्मीदवार शामिल थे। ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘यहां से चलें…’, सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच तीखी बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का सख्त रुख
DRDO JRF & Engineer Recruitment

32 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी इंडियन बैंक में 350 पदों पर भर्ती की, DRDO में जेआरएफ सहित इंजीनियर की 3 वैकेंसी और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में 577 ओपनिंग्स की। साथ ही सूरत नगर निगम में 1924 पदों पर भर्ती के लिए लास्ट डेट करीब। उम्मीदवारों को 11 अप्रैल तक आवेदन का मौका दिया जाएगा। 1. इंडियन बैंक में 350 पदों पर भर्ती, सैलरी 1 लाख से ज्यादा इंडियन बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 350 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑनलाइन मोड में ऑफिशियल वेबसाइट indianbank.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : आईटी : बीई, बीटेक (CS/IT/ECE), एमसीए या NIELIT ‘B’ लेवल फाइनेंस/क्रेडिट : एमबीए (फायनेंस), सीए, आईसीडब्ल्यूए या सीएफए CA : ICAI की मेंबरशिप जरूरी सिक्योरिटी : ग्रेजुएशन + सेना/पुलिस/अर्धसैनिक बल में कम से कम 5 साल का अनुभव सिविल इंजीनियर: बीई सिविल में 60% अंक आर्किटेक्ट: बी आर्क + CoA रजिस्ट्रेशन एज लिमिट : स्केल I (असिस्टेंट मैनेजर): 23 – 33 साल स्केल 2 (मैनेजर): न्यूनतम 23–25 वर्ष से अधिकतम 33–35 साल (पद के अनुसार) स्केल III (सीनियर मैनेजर): न्यूनतम 25–27 साल से अधिकतम 35–37 साल (पद के अनुसार) आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट दी जाएगी। फीस : एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी : 175 रुपए जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 1000 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम पर्सनल इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : स्केल-I : 48,480 – 85,920 रुपए प्रतिमाह स्केल-II : 64, 820 – 93, 960 रुपए प्रतिमाह स्केल-III : 85, 920 – 1,05,280 रुपए प्रतिमाह उम्मीदवारों के लिए जरूरी शर्तें : उम्मीदवारों को स्केल II और III पदों पर 1 साल का प्रोबेशन पीरियड पूरा करना होगा। साथ ही, नौकरी जॉइन करने के बाद कम से कम 2 साल तक जॉब करना जरूरी है। इसके लिए बैंक ने बॉन्ड की शर्त भी रखी है- स्केल I: 2 लाख रुपए स्केल II और III: 3 लाख रुपए अगर कोई उम्मीदवार 2 साल से पहले नौकरी छोड़ता है, तो उसे बॉन्ड की पूरी राशि के साथ नोटिस पीरियड की सैलरी और ट्रेनिंग खर्च भी वापस करना होगा। एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट क्वेश्चन नंबर मैक्जिमम नंबर लैंग्वेज ड्यूरेशन इंग्लिश लैंग्वेज 20 20 इंग्लिश 20 मिनट प्रोफेशनल नॉलेज 60 120 हिंदी, इंग्लिश 60 मिनट रीजनिंग 20 20 हिंदी, इंग्लिश 20 मिनट एप्टीट्यूड 20 20 हिंदी, इंग्लिश 20 मिनट टोटल 120 180 2 घंटे ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट indianbank.in पर जाएं। मेन्यू पर “करियर” विकल्प चुनें। ऑनलाइन अप्लाई लिंक पर क्लिक करें। मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फीस जमा करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल वेबसाइट लिंक 2. DRDO में जेआरएफ सहित इंजीनियर की भर्ती, स्टाइपेंड 37 हजार रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रमुख प्रयोगशाला वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (VRDE) ने जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए 4 मई 2026 को मैकेनिकल और 6 मई को इलेक्ट्रिकल के लिए इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। इंटरव्यू वाले दिन ही रिटन एग्जाम भी होगी। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक किया जाएगा, जिसके बाद 11:30 बजे से इंटरव्यू शुरू होगा। यह भर्ती दो साल के लिए की जाएगी। इसे उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या मैकेनिकल इंजीनियर 2 इलेक्ट्रिकल इंजीनियर 1 कुल पदों की संख्या 3 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में फर्स्ट डिवीजन के साथ बीई/बीटेक या एमई/एमटेक की डिग्री। वैलिड गेट स्कोर (2024, 2025 या 2026) एम ई/एम टेक के उम्मीदवार GATE स्कोर के बिना भी आवेदन कर सकते हैं। एज लिमिट : अधिकतम 28 साल इसकी गणना इंटरव्यू की तारीख के आधार पर की जाएगी। एससी, एसटी : 3 साल की छूट ओबीसी : 5 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन स्टाइपेंड : 37,000 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। इंटरव्यू का पता : ‘वीआरडीई, वाहननगर पीओ, अहिल्यानगर 414006’, महाराष्ट्र ऐसे करें आवेदन : डीआरडीओ वीआरडीई की वेबसाइट www.drdo.gov.in पर जाएं। होमपेज से संबंधित भर्ती नोटिफिकेशन डाउनलोड करें। आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल लें। फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अटैच करके इस ई मेल पर भेजें : kapilpuraswani.vrde@gov.in ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. नॉर्दर्न कोलफील्ड्स में 577 वैकेंसी, 10वीं, 12वीं पास को मौका नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने असिस्टेंट फोरमैन (ट्रेनी) ग्रेड – सी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर और अन्य संबंधित पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवार एनसीएल की ऑफिशियल वेबसाइट nclcil.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या डम्पर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 308 ग्रेडर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 34 डोजर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 52 क्रेन ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 17 पे लोडर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 18 माइनिंग ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 43 स्टाफ नर्स (अप्रेंटिस) 47 फॉर्मासिस्ट (अप्रेंटिस) 4 टेक्नीशियन (रोग संबंधी) 2 टेक्नीशियन (डेंटिस्ट्री) 2 फिजियोथेरेपिस्ट (अप्रेंटिस) 4 टेक्नीशियन (ऑप्टोमेट्री) 1 टेक्नीशियन (रेडियोग्राफर) 2 जूनियर टेक्नीशियन (ईसीजी) 2 सुपरवाइजर (नागरिक) 30 कुल पदों की संख्या 577 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ऑपरेटर (ट्रेनी): 10वीं/ SSC पास किया हो। हैवी मोटर व्हीकल (HMV) लाइसेंस होना चाहिए। स्टाफ नर्स ट्रेनी: 12वी के साथ संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा/ डिग्री। ओवरसियर : 10वीं पास करने के साथ 3 वर्षीय सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 30 साल एससी, एसटी : 3 साल की छूट ओबीसी : 5 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम फीस : सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 1180 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, ईएसएम : नि:शुल्क ऐसे करें आवेदन : नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की ऑफिशियल वेबसाइट www.nclcil.in पर जाएं। भर्ती सेक्शन पर क्लिक करें। अप्रेंटिस के लिए ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। फॉर्म जमा करें। आगे की जरूरत के लिए प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल वेबसाइट लिंक 4. सूरत नगर निगम में 1924 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 11 अप्रैल सूरत नगर निगम में क्लर्क और ड्राइवर के 1924 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट suratmunicipal.gov.in पर जाकर अप्लाई








