लाल फूल का सुपर ड्रिंक, गर्मी में शरीर के लिए AC, पेट के लिए वरदान, दिल-लिवर भी रहेंगे दुरुस्त!

Last Updated:April 08, 2026, 19:49 IST Summer Health Tips: गर्मी के मौसम में गुड़हल का शरबत एक बेहतरीन नेचुरल कूलिंग ड्रिंक माना जा रहा है. यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ हाइड्रेट रखने में मदद करता है. पाचन तंत्र मजबूत होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, लिवर भी स्वस्थ बना रहता है, जानें इसकी रेसिपी… Gudhal Sharbat Recipe: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और ताजगी देने वाले पेय पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. आमतौर पर लोग नींबू पानी, शर्बत या ग्लूकोज का सेवन करते हैं, लेकिन इन सबके बीच गुड़हल के फूलों का शरबत सेहतमंद विकल्प बनकर उभर रहा है. यह पारंपरिक पेय न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देता है. आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है. ऐसे में गुड़हल के फूलों का शरबत नियमित रूप से पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है. यह थकान को दूर करता है और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है. गुड़हल का शरबत केवल ठंडक ही नहीं देता, बल्कि यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है. ऐसे बनता है ये शरबतगुड़हल का शरबत बेचने वाले प्रमोद कुशवाहा ने बताया, एक कप गुड़हल के फूल, स्वादानुसार चीनी पाउडर, 2-3 चम्मच नींबू का रस, 4-5 कप पानी, बर्फ के टुकड़े और पुदीने के पत्तों की जरूरत होती है. सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म करें और उसमें गुड़हल के फूल व पुदीना डालकर करीब 10 मिनट तक उबालें. इसके बाद मिश्रण को ठंडा कर छान लें. फिर इसमें चीनी और नींबू का रस मिलाकर अच्छी तरह घोलें. अंत में बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. शरबत पीने के इतने फायदेडॉ. विपिन सिंह ने बताया, आयुर्वेद में गुड़हल को एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना गया है. इसके फूल, पत्ते और जड़ें कई रोगों के उपचार में उपयोगी होती हैं. यह विशेष रूप से पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है और त्वचा, बाल, हृदय व पाचन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. गुड़हल के फूलों का उपयोग बालों के लिए भी फायदेमंद है. इसका पेस्ट या तेल लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं, डैंड्रफ कम होता है और समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या में भी राहत मिलती है. गुड़हल की चाय भी कमाल!गुड़हल की चाय उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने, पाचन संबंधी समस्याओं जैसे गैस, अपच और कब्ज से राहत दिलाने में भी सहायक मानी जाती है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और गले की खराश, खांसी व फ्लू जैसी समस्याओं में भी लाभ पहुंचाता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 08, 2026, 19:49 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
IPL 2026 New Rule | 16 Players On Field, Movement Restricted

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में अब टीमों को 16 से ज्यादा प्लेयर्स को मैदान में लाने की अनुमति नहीं होगी। IPL 2026 के दौरान BCCI ने नया नियम लागू किया है। इसके मुताबिक बेंच पर बैठे खिलाड़ी मैच के दौरान मैदान में नहीं घूम सकेंगे। टीम शीट में शामिल 16 खिलाड़ियों के अलावा किसी को मैदान में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ड्रिंक्स, बैट या मैसेज देने के लिए सिर्फ वही खिलाड़ी मैदान में जा सकेंगे जो इन 16 में शामिल हैं। हाल ही में यह निर्देश टीम मैनेजमेंट को दिए गए हैं। वजह अभी स्पष्ट नहीं है। एक समय में सिर्फ पांच खिलाड़ी बाउंड्री लाइन के पास घूम सकते हैं। एक टीम में करीब 25 प्लेयर्स होते हैं आमतौर पर IPL टीमों में करीब 25 खिलाड़ी होते हैं। हर मैच के लिए सिर्फ 16 खिलाड़ियों को टीम शीट में नाम दिया जाता है। नए नियम के मुताबिक बाकी खिलाड़ी डगआउट में रहेंगे। उन्हें बाउंड्री लाइन और LED बोर्ड के बीच आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। टीम सूत्रों के मुताबिक, हमें हाल ही में निर्देश मिले हैं कि सभी सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मैच के दौरान मैदान में नहीं घूम सकते। उन्हें ड्रिंक्स ले जाने की अनुमति नहीं है। दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के लिए टीम में 25 खिलाड़ी शामिल किए हैं। सब्स्टीट्यूट प्लेयर जर्सी पहनने वालों की संख्या 5 से ज्यादा नहीं यह तय किया गया है कि बिब्स (सब्स्टीट्यूट प्लेयर जर्सी) पहनकर मैदान के किनारे घूमने वाले खिलाड़ियों की संख्या पांच से ज्यादा नहीं होगी। ये खिलाड़ी ड्रिंक्स ले जाने या बाउंड्री से गेंद लौटाने का काम करते हैं। यह नया नियम मैच प्लेइंग कंडीशंस (MPC) के क्लॉज 11.5.2 और 24.1.4 को सख्त करता है। क्लॉज 11.5.2 के अनुसार खिलाड़ियों को ड्रिंक्स देने की अनुमति सीमित समय और शर्तों के साथ होती है। क्लॉज 24.1.4 में कहा गया है कि जो खिलाड़ी मैच में नहीं खेल रहे हैं और सब्स्टीट्यूट फील्डर नहीं हैं, उन्हें मैदान के आसपास रहते समय टीम का ट्रेनिंग बिब पहनना जरूरी है। IPL में बिब्स (सब्स्टीट्यूट प्लेयर जर्सी) पहनकर 5 ही प्लेयर्स मैदान पर जा सकेंगे। 13 मैच खेले जा चुके अब तक IPL 2026 के 74 में से 13 मैच खेले जा चुके हैं। 14वां मैच आज दिल्ली में दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जा रहा है। यह जानकारी क्रिकबज की रिपोर्ट में सामने आई है। नया नियम क्यों लाया गया BCCI ने आधिकारिक वजह साफ नहीं की। टीम मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स इसे तीन कारणों से जोड़ रहे हैं- 1. मैच की स्पीड बढ़ाना: बार-बार ड्रिंक्स/मैसेज देने से खेल धीमा हो रहा था। 2. अनफेयर एडवांटेज रोकना: बाहर बैठे खिलाड़ी लगातार कोचिंग/रणनीति पहुंचा रहे थे। 3. सिक्योरिटी और कंट्रोल: बाउंड्री लाइन के पास भीड़ कम कर बेहतर मॉनिटरिंग। IPL में पहले भी हुए ऐसे बदलाव IPL में पहले भी ऐसे बदलाव हुए हैं। छोटे नियम बदलाव बड़े असर डाल चुके हैं। इसमें 2023 में लाया गया इम्पैक्ट प्लेयर रूल, कप्तानों पर स्लो ओवर पेनल्टी, नो-बॉल और वाइड पर DRS शामिल हैं। ——————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… DC Vs GT मैच- गुजरात ने पहला विकेट गंवाया IPL 2026 का 14वां मैच में दिल्ली कैपिटल्स ओर गुजरात टाइटंस के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है। दिल्ली ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
तीन बाइक सवारों को ट्रैक्टर ने मारी टक्कर:एक की हालत गंभीर, दो को आईं मामूली चोटें

सलेहा के पास बुधवार, 8 अप्रैल को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य को मामूली चोटें आईं। टक्कर के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम सप्तारा (कल्दा) निवासी इमरत आदिवासी (28 वर्ष) अपने साले अच्छे लाल (22 वर्ष) और उनकी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर ससुराल जा रहे थे। सलेहा के करीब पहुँचते ही सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक घायलों की मदद करने के बजाय मौके से भाग निकला। हालांकि, वहां से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने तीनों घायलों को तत्काल सलेहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जिससे उन्हें समय पर उपचार मिल सका। अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इमरत आदिवासी के सिर, पीठ और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना रेफर कर दिया गया है। अच्छे लाल और उनकी पत्नी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
ईरान से 7 साल बाद कच्चा तेल खरीद रहा भारत:चीन जा रहा था, बीच रास्ते से लौटा; इसी हफ्ते पूर्वी तट पर पहुंचेगा

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत ने 7 साल बाद ईरान से तेल खरीदना फिर शुरू किया है। शिपिंग डेटा के मुताबिक, ‘जया’ नाम का टैंकर ईरानी क्रूड लेकर भारत के पूर्वी तट की ओर आ रहा है। यह टैंकर पहले गुजरात के वाडिनार पोर्ट की ओर आ रहा था। इसमें करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था। लेकिन फिर यह चीन की तरफ मुड़ गया। तब बताया गया था कि पेमेंट दिक्कत की वजह से यह भारत न आकर चीन जा रहा है। तेल मंत्रालय ने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया था। हालांकि अब यह फिर भारत की तरफ मुड़ गया है। फिलहाल इसकी लोकेशन मलेशिया के नजदीक है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के आखिर में यह भारत के पूर्वी तट पर पहुंच जाएगा। अमेरिका ने भारत को 30 दिन की छूट दी है 2018 तक भारत ईरान से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता था। उस समय भारत रोजाना करीब 5.18 लाख बैरल ईरानी तेल आयात करता था, जो कुल आयात का लगभग 11.5% था। लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया और अन्य देशों से सप्लाई बढ़ा दी। हाल ही में अमेरिका ने 30 दिन की सीमित छूट दी है, जिसके तहत समुद्र में ईरानी तेल खरीदने की अनुमति है। यह छूट 19 अप्रैल तक लागू है। मंत्रालय के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में सप्लाई बाधित होने के बीच भारतीय रिफाइनरों ने 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदा है और पेमेंट की कोई दिक्कत नहीं है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। इससे कई देशों पर असर पड़ा। साथ ही भारतीय तेल कंपनियों को भी नुकसान हुआ था। लेकिन अब ईरान से सस्ता तेल मिलने से भारतीय ऑयल कंपनियों को राहत मिल सकती है। अमेरिका की छूट क्या है और कैसे काम करती है? अमेरिका की ओर से दी गई 30 दिन की छूट पूरी तरह प्रतिबंध हटाने जैसी नहीं है। यह सीमित और कंट्रोल्ड व्यवस्था है। अमेरिका ने 2018 से ईरान के तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिनके तहत कोई भी देश सीधे ईरान से तेल खरीदता है तो उस पर सेकेंडरी सैंक्शन लग सकते हैं। यानी उस देश की कंपनियों पर भी अमेरिकी कार्रवाई हो सकती है। इसी बीच जब वैश्विक हालात बिगड़ते हैं जैसे अभी मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण सप्लाई पर दबाव बढ़ा तो अमेरिका कुछ समय के लिए राहत देता है। इसका मकसद यह होता है कि तेल बाजार पूरी तरह असंतुलित न हो और कीमतें बेकाबू न बढ़ें। यह छूट पूरी तरह खुली नहीं है। इसमें नए बड़े कॉन्ट्रैक्ट की इजाजत नहीं होती। बल्कि पहले से समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को खरीदने की अनुमति मिलती है। इसका मतलब है कि देश सीधे ईरान के साथ नया दीर्घकालिक सौदा नहीं कर सकते। वे केवल सीमित मात्रा में उपलब्ध तेल ही खरीद सकते हैं। पेमेंट सिस्टम इस छूट में अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर डॉलर ट्रांजैक्शन या अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम से दूरी रखी जाती है, ताकि प्रतिबंधों का उल्लंघन न हो। पहले भारत ने रुपया-रियाल जैसे वैकल्पिक सिस्टम का इस्तेमाल किया था, जिससे भुगतान बिना अमेरिकी दखल के हो सके। ऐसी छूट पहले भी दी गई थी। 2018 में प्रतिबंधों के बाद भारत को कुछ समय के लिए राहत मिली थी, लेकिन बाद में अमेरिका ने इसे खत्म कर दिया, जिसके बाद भारत को ईरान से तेल आयात पूरी तरह रोकना पड़ा। अभी दी गई छूट 19 अप्रैल तक सीमित है, यानी यह साफ संकेत है कि अमेरिका फिलहाल केवल अस्थायी राहत देना चाहता है, स्थायी नीति बदलाव नहीं कर रहा। भारत के लिए इसका मतलब यह है कि वह कुछ समय के लिए सस्ता ईरानी तेल खरीदकर लागत घटा सकता है, लेकिन लंबे समय की सप्लाई रणनीति अभी भी अनिश्चित बनी रहेगी।
Pawan Khera Assam Police Raid Delhi Home

Hindi News National Pawan Khera Assam Police Raid Delhi Home | Himanta Biswa Sarma Accusation 16 मिनट पहले कॉपी लिंक पवन खेड़ा ने X पर वीडियो पोस्ट कर कहा असम के मुखमंत्री ने मेरे पीछ पुलिस छोड़ी। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को तेलंगाना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है। असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी ने उनके खिलाफ FIR करवाई है। दरअसल खेड़ा ने 5 अप्रैल को हिमंता की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था। इसके दो दिन बाद मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हालांकि उस वक्त पवन हैदराबाद में थे। पुलिस उनके घर से कुछ दस्तावेज ले गई। पवन ने छापेमारी पर एक वीडियो जारी किया और कहा- असम पुलिस के100 पुलिसकर्मी उनके घर में घुस गए। पुलिस उनके घर से बहन की फोटो ले गई। इसके अलावा लैपटॉप और आईपैड भी जब्त किए गए असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह उन पर पुलिस छोड़कर डराने की कोशिश कर रहे हैं। हैदराबाद में पवन खेड़ा जहां रुके हैं उस घर के बाहर पुलिस तैनात है। 5 अप्रैल- खेड़ा के 2 आरोप, पूछा- ₹52 हजार करोड़, तीन पासपोर्ट कहां से आए असम सीएम की पत्नी के पास तीन देशों मिस्र, एंटीगुआ-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। पवन खेड़ा ने कॉन्फ्रेंस में तीन पासपोर्ट भी दिखाए। उन्होंने कहा कि सरमा की राजनीति मुसलमानों के खिलाफ नफरत पर आधारित है, जबकि उनकी पत्नी के पास दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने आगे कहा ही हिमंता की पत्नी 52 हजार करोड़ रुपए की अमेरिकी कंपनी की भी मालिक हैं। अमेरिका में हिमंता की पत्नी रिंकी भुइंया सरमा की एक कंपनी है। इस कंपनी की मेंबर लिस्ट में रिंकी भुइंया सरमा, हिमंता बिस्वा सरमा और उनके बेटे का नाम है। इस कंपनी का बजट 52,000 करोड़ रुपए का है। उन्होंने दावा किया की रिंकी सरमा की दुबई में 2 प्रॉपर्टी हैं, जिसकी पूरी जानकारी उपलब्ध है। बुधवार को जारी वीडियो में खेड़ा ने फिर से कहा की मेरे सारे दावे सही हैं। ‘स्टेट ऑफ वयोमिंग’ और ‘यूनाइटेड किंगडम’ की सरकारी वेबसाइटों के मुताबिक नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) खत्म होने के बाद रिनिकी भुयान शर्मा का नाम ‘मैनेजर’ और ‘ऑथोराइज्ड मेंबर’ के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि उस वेबसाइट पर मौजूद स्क्रीनशॉट के मुताबिक, निनिकी की राष्ट्रीयता ‘एंटीगुआ एंड बारबुडा’ है और उन्होंने निवेश के माध्यम से नागरिकता प्राप्त की है। 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिंमता ने X पर वीडियो पोस्ट कर कहा कांग्रेस ने दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए हैं। हिमंता ने सोमवार को दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि हमने उन दो दुबई अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। कांग्रेस ने ये दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए थे। हमने इस तरह इनका पता लगाया है। आप भी फोन पर देख सकते हैं। इससे पहले पांच अप्रैल को हिमंता ने पवन खेड़ा की कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद ही X पर पर पोस्ट किया था कि उनके दिखाए गए दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग, फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं, जो साफ तौर पर इनके फर्जी और डिजिटल छेड़छाड़ होने का सबूत हैं। इन मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर झूठ फैलाने के लिए पवन खेड़ा को जेल जाना होगा और सच्चाई की जीत होगी। ——————————————– खड़गे ने गुजरातियों पर दिए बयान पर खेद जताया:केरलम में गुजरातियों को अनपढ़ कहा था: दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर महिलाओं का प्रदर्शन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को गुजरातियों से जुड़े विवादित बयान पर खेद जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मेरे बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया। मैं शब्दों पर खेद व्यक्त करता हूं। पूरी खबर पढ़ेंं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
आपके चेहरे पर भी लालपन? गोरेपन की चाह में खराब हो रही किडनी, कानपुर में ये कैसी आफत

कानपुर. खूबसूरत और गोरा दिखने की चाहत में महिलाएं तरह-तरह की क्रीम का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन यही क्रीम धीरे-धीरे उनकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं. कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में रोजाना 10 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी त्वचा खराब होने के पीछे स्टेरॉयड और हेवी मेटल वाली क्रीम का इस्तेमाल सामने आ रहा है. त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी शिवहरे के मुताबिक, शुरुआत में ये क्रीम चेहरे को साफ और चमकदार जरूर बना देती हैं, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर इसके गंभीर साइड इफेक्ट सामने आते हैं. अंदर से नुकसान डॉक्टरों के अनुसार, बाजार में मिलने वाली कई फेयरनेस क्रीम में स्टेरॉयड, पारा (Mercury), सीसा (Lead) जैसे हेवी मेटल्स मिले होते हैं. ये तत्व त्वचा की ऊपरी परत को पतला कर देते हैं. इससे शुरुआत में चेहरा गोरा और चमकदार दिखता है, लेकिन धीरे-धीरे त्वचा कमजोर हो जाती है. मरीजों में लालपन, जलन, मुंहासे, दाग-धब्बे और चेहरे पर छोटे-छोटे बाल उगने जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. कई मामलों में त्वचा इतनी संवेदनशील हो जाती है कि हल्की धूप में भी जलन होने लगती है. कैसे खराब होगी किडनी डॉ. शिवहरे कहते हैं कि इन क्रीम का असर सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं है. लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर इनमें मौजूद केमिकल शरीर के अंदर जाकर किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ऐसे केस भी सामने आए हैं, जहां मरीजों को किडनी और लीवर से जुड़ी बीमारियों की शिकायत हुईं. खासकर पारा (Mercury) जैसे तत्व शरीर में जमा होकर धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. इनसे बचे कैसे डॉ. डीपी शिवहरे कहते हैं कि किसी भी क्रीम को बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर क्रीम लगाने के बाद त्वचा में जलन, लालपन या खुजली हो, तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर दें. बचाव के लिए कुछ आसान उपाय अपनाएं जा सकते हैं. बहुत ज्यादा “इंस्टेंट फेयरनेस” का दावा करने वाली क्रीम से बचें. प्राकृतिक उपाय जैसे एलोवेरा, हल्दी और संतुलित आहार अपनाए. धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. खूब पानी पिएं और हेल्दी लाइफस्टाइल रखें. ये चाहत गलत नहीं लेकिन… डॉ. शिवहरे का कहना है कि सुंदर दिखने की चाहत गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए गलत और खतरनाक उत्पादों का इस्तेमाल करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. अपनी त्वचा के साथ प्रयोग करने से बचें और किसी भी समस्या में विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती छीन सकती है, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.
प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

एसएस राजामौली के डायरेक्शन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ फिल्म का प्लॉट लीक हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर आधारित होगी, जिसमें महेश बाबू एक शिव भक्त के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि इसमें विजुअल इफेक्ट्स का काम देख रही मशहूर कंपनी ‘सिनेसैट’ (Cinesite) ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। स्टूडियो ने अपने पोर्टफोलियो में राजामौली के इस प्रोजेक्ट को जोड़ा और एक शॉर्ट डिटेल शेयर की, जिसमें फिल्म की कहानी की मुख्य कड़ियां बताई गई हैं। शिव भक्त और प्राचीन रहस्य की कहानी लीक हुए प्लॉट के मुताबिक, महेश बाबू एक शिव भक्त ‘रुद्र’ का किरदार निभा रहे हैं। वह एक ऐसी ब्रह्मांडीय वस्तु की तलाश में समय की यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें असीम शक्ति है। सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाते हुए उन्हें एहसास होता है कि उन्हें जिस मिशन पर भेजा गया है, उसके पीछे एक बड़ी साजिश है। जिस शक्ति ने उन्हें इस रास्ते पर भेजा है, वह असल में दुनिया पर राज करना चाहती है। पृथ्वीराज सुकुमारन बन सकते हैं विलेन फिल्म में विलेन के तौर पर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि उनके किरदार का नाम ‘कुंभ’ है, जो महेश बाबू के किरदार रुद्र को इस खतरनाक मिशन पर भेजता है। जैसे-जैसे रुद्र की यात्रा आगे बढ़ती है, उसे पता चलता है कि कुंभ के इरादे नेक नहीं हैं। वह रामायण काल से जुड़ी एक रहस्यमयी वस्तु की मदद से पूरी दुनिया पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि, वह वस्तु क्या है, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रियंका बोलीं- भविष्य में जाने वाली कहानी नहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड की ‘बैक टू द फ्यूचर’ जैसी नहीं है। प्रियंका ने कहा, “फिल्म की कहानी प्राचीन इतिहास से लेकर भविष्य तक फैली हुई है। हम 7200 ईसा पूर्व से लेकर साल 2027 तक के समय में ट्रैवल कर रहे हैं। दर्शक उन अलग-अलग दुनियाओं और दौर को देखेंगे जिनमें किरदार रहते हैं।” नवंबर 2025 में आई थी पहली झलक इस मेगा बजट फिल्म की पहली झलक साल 2025 के नवंबर में सामने आई थी। तब से ही फिल्म के टाइम-ट्रैवल और एक्शन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। एसएस राजामौली अपनी फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ‘वाराणसी’ से भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

एसएस राजामौली के डायरेक्शन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ फिल्म का प्लॉट लीक हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर आधारित होगी, जिसमें महेश बाबू एक शिव भक्त के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि इसमें विजुअल इफेक्ट्स का काम देख रही मशहूर कंपनी ‘सिनेसैट’ (Cinesite) ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। स्टूडियो ने अपने पोर्टफोलियो में राजामौली के इस प्रोजेक्ट को जोड़ा और एक शॉर्ट डिटेल शेयर की, जिसमें फिल्म की कहानी की मुख्य कड़ियां बताई गई हैं। शिव भक्त और प्राचीन रहस्य की कहानी लीक हुए प्लॉट के मुताबिक, महेश बाबू एक शिव भक्त ‘रुद्र’ का किरदार निभा रहे हैं। वह एक ऐसी ब्रह्मांडीय वस्तु की तलाश में समय की यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें असीम शक्ति है। सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाते हुए उन्हें एहसास होता है कि उन्हें जिस मिशन पर भेजा गया है, उसके पीछे एक बड़ी साजिश है। जिस शक्ति ने उन्हें इस रास्ते पर भेजा है, वह असल में दुनिया पर राज करना चाहती है। पृथ्वीराज सुकुमारन बन सकते हैं विलेन फिल्म में विलेन के तौर पर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि उनके किरदार का नाम ‘कुंभ’ है, जो महेश बाबू के किरदार रुद्र को इस खतरनाक मिशन पर भेजता है। जैसे-जैसे रुद्र की यात्रा आगे बढ़ती है, उसे पता चलता है कि कुंभ के इरादे नेक नहीं हैं। वह रामायण काल से जुड़ी एक रहस्यमयी वस्तु की मदद से पूरी दुनिया पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि, वह वस्तु क्या है, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रियंका बोलीं- भविष्य में जाने वाली कहानी नहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड की ‘बैक टू द फ्यूचर’ जैसी नहीं है। प्रियंका ने कहा, “फिल्म की कहानी प्राचीन इतिहास से लेकर भविष्य तक फैली हुई है। हम 7200 ईसा पूर्व से लेकर साल 2027 तक के समय में ट्रैवल कर रहे हैं। दर्शक उन अलग-अलग दुनियाओं और दौर को देखेंगे जिनमें किरदार रहते हैं।” नवंबर 2025 में आई थी पहली झलक इस मेगा बजट फिल्म की पहली झलक साल 2025 के नवंबर में सामने आई थी। तब से ही फिल्म के टाइम-ट्रैवल और एक्शन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। एसएस राजामौली अपनी फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ‘वाराणसी’ से भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘यहां से चलें…’, सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

चुनाव आयोग ने अप्लायंस को दो टूक स्ट्रेंथ दी है। बाकायदा लेकर आयोग की ओर से एक पोस्ट भी जारी किया गया है। इस पोस्ट में इलेक्शन कमिश्नर ने एक तस्वीर भी शेयर की है. इस पोस्ट में चुनाव आयोग ने लिखा है कि चुनाव आयोग की दो टूक कांग्रेस. पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय अनुपयोगी, हिंसा अनुपयोगी, अनुपयुक्त अनुपयोगी, अनुपयोगी अनुपयोगी और बूथ एवं मौलिक जैमिंग अनुपयोगी ही रखा जाएगा। यह दावा एक सिद्धांत के होने के नाते और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग की पूर्ण पृष्टभूमि के बीच बुधवार को हुई बैठक के कुछ देर बाद मोहरा का अंत आया है। इससे पहले लीडरशिप लीडर्स ने आरोप लगाया था कि चीफ इंस्पेक्टर कमिश्नर ने ‘यहाँ से चले जाओ’ कहा था, जबकि कमीशन ने भी लीडरशिप लीडर्स पर चिल्लाने का आरोप लगाया था। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन, उप नेता सागरिका घोष, सांसद साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी वाले एक संगीतकार ने पश्चिम बंगाल चुनाव से कुछ दिन पहले इलेक्ट्रोनिक आयोग की पूरी जानकारी ली थी। मीडिया से क्या बोले नेताबैठक के बाद ओ’ब्रायन ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नौ पत्र में मुख्य परिवहन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित जिन पर ध्यान नहीं दिया। इलेक्ट्रानिक कंपनी में कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें इलेक्ट्रानिक कंपनियों के कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें कुछ इलेक्ट्रोरेक्टर अधिकारियों के भाजपा से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है और उनकी शेखी बघारने की मांग की गई है। यहां पूरे मामले में ओब्रायन ने कहा है कि हमने उन्हें छह उदाहरण दिए हैं, जिनमें अधिकारी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा भी शामिल है। उनके बीजेपी के साथ बातचीत चल रही है. नंदीग्राम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक स्थानीय भाजपा नेता के साथ होने का उदाहरण दिया गया है। यूक्रेनी समाजवादी पार्टी ने कहा कि इस संबंध में एक सिद्धांत स्थापित किया गया है। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि हमने मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स आयुक्त (सीईसी) से पूछा कि जब बंगाल में ऐसे सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी तो वे सहायक और स्वतंत्र चुनाव कैसे करा सकते हैं। इस पर उनका जवाब था ‘यहां से चलें।’ चुनाव आयोग की ओर से दो टूक पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव:भय,उपायहिंसा,अनुपयोगीख़तरनाक,उत्पादअनुलग्नक, अनुपयोगीनमूना,अनुप्रयोगबूथ एवं परमाणु जैमिंग उत्पाद ही खरीदें ECI की तृणमूल कांग्रेस से सीधी बात इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव जरूर होंगे:… pic.twitter.com/p5fM8Uu337 – भारत निर्वाचन आयोग (@ECISVEEP) 8 अप्रैल 2026 आयोग ने नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया इस बीच आयोग ने पौराणिक नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि आयोग में राज्य के कर्मचारी और स्वतंत्र चुनाव के नेता थे। आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘वैश्विक कांग्रेस के सिद्धांत से’ सीधी बात की। इलेक्ट्रोरेक्टर आयोग ने कहा कि। आयोग के अधिकारी ने ओ’ब्रायन पर कमिश्नरों पर चिल्लाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सीईसी से कहा कि वह बोलें नहीं। सीईसी ने ओब्रायन से कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया उन्होंने कहा कि सीईसी ने डेरेक ओब्रायन से आयोग के कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया है। चिल्लाना और अभद्र व्यवहार नहीं हैं. बैठक में एक सूत्र के अनुसार बताया गया, जैसे कि ऑलसोल की बैठक में सीईसी ने अपने प्रतिनिधि के शामिल होने की ओर इशारा नहीं किया। इस पर ओ’ब्रायन ने पूछा कि क्या वे अनुचित हैं और उन्हें क्या जाना चाहिए। अपना अधिकार दिए जाने के बाद, ऑर्थोडॉक्स लीडर्स ने सीईसी से कहा कि वे सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई चाहते हैं। औद्योगिक नेताओं ने आयोग के मठाधीश को खारिज कर दिया है। सागरिका घोष ने एक्स पर आयोग के दावे पर सारासर झूठ बताया और कहा, ‘चार सदस्यों वाले संस्थान से यह सब कुछ नहीं कहा गया।’ यह भी पढ़ें: केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का हंगामा, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज
बंगाली एक्टर की मौत पर सौरव गांगुली का बयान:बोले- वे पानी में गए ही क्यों; एक्ट्रेस बोलीं- आप AC में रहते हो, मजबूरी नहीं समझोगे

बंगाली एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की मौत के मामले में पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली का एक बयान विवादों में आ गया है। दरअसल राहुल की मौत ओडिशा में शूटिंग के दौरान पानी में डूबने से हुई थी, जिस पर सौरव ने सवाल उठाया था कि वे पानी में गए ही क्यों। इस पर एक्ट्रेस स्वस्तिका मुखर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। स्वस्तिका ने कहा कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते सौरव गांगुली को पता होना चाहिए कि वे क्या बोल रहे हैं। सौरव गांगुली ने क्या कहा था? कुछ दिन पहले जब सौरव गांगुली से राहुल की मौत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। लेकिन उन्होंने आगे यह भी जोड़ दिया, “मुझे समझ नहीं आता कि शूटिंग के लिए भी वह पानी में क्यों गए?” सौरव के इसी ‘क्यों’ वाले सवाल पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक्ट्रेस बोलीं- आपको जमीन की हकीकत नहीं पता’ स्वस्तिका मुखर्जी ने एक इंटरव्यू में सौरव को जवाब देते हुए कहा, सौरव गांगुली अपना नॉन-फिक्शन शो AC फ्लोर पर शूट करते हैं। उन्हें वो सब कुछ मिल जाता है जिसकी उन्हें जरूरत होती है क्योंकि वो सौरव गांगुली हैं। उन्हें नहीं पता कि जमीन पर असल में शूटिंग कैसे होती है। स्वस्तिका ने आगे कहा कि अगर राहुल पानी में नहीं जाते, तो मेकर्स उनकी जगह किसी और को ले आते। काम की मजबूरी और रिस्क सबको समझ नहीं आता। मजबूरी में करना पड़ता है रिस्क वाला काम स्वस्तिका ने सौरव के लहजे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आप किसी के काम पर इस तरह की टिप्पणी करते हैं, तो आप उसके काम को छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, हर कोई सौरव गांगुली नहीं होता जिसे सारी सुविधाएं मिलें। एक आम एक्टर के लिए उसका काम ही उसकी कमाई का जरिया है। अगर वह मना करेगा तो उसका करियर खत्म हो सकता है। किसी की मौत पर ऐसे सवाल उठाना संवेदनहीनता है। कैसे हुई थी राहुल बनर्जी की मौत? यह हादसा 29 मार्च को ओडिशा में हुआ था। राहुल वहां अपने बंगाली शो ‘भोलेबाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सीन के दौरान राहुल और उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा घुटने तक पानी में खड़े थे। अचानक उनका पैर फिसला और वे पास ही बने एक गहरे गड्ढे में चले गए। दोनों को तुरंत दीघा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। श्वेता की जान बच गई, लेकिन राहुल को नहीं बचाया जा सका। बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में हड़ताल राहुल की मौत ने फिल्म सेट पर सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है। इसके विरोध में और बेहतर सुरक्षा नियमों की मांग को लेकर बंगाली फिल्म और टीवी इंडस्ट्री ने 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कलाकारों और टेक्नीशियंस का कहना है कि जब तक सेट पर सुरक्षा के कड़े मानकतय नहीं किए जाते, तब तक काम बंद रहेगा।








