शराब पीते वक्त कभी न करें ये 4 गलतियां, लिवर हो जाएगा डैमेज, जवानी में ही मौत का बढ़ेगा खतरा !

Last Updated:April 08, 2026, 13:08 IST Risky Drinking Habits: शराब पीते समय की गई कुछ गलतियां करना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है. शराब के साथ सिगरेट, खाली पेट शराब पीना, अल्कोहल में अन्य नशीले पदार्थ मिलाना और बीमारी के दौरान शराब पीना जानलेवा हो सकता है. ये गलत आदतें गंभीर बीमारियों और कम उम्र में मौत का खतरा बढ़ा सकती हैं. सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. शराब पीते वक्त सिगरेट और अन्य नशीली चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. (Image- AI) Alcohol and Health Risks: मॉडर्न लाइफस्टाइल में शराब पीना फैशन बन गया है. तमाम युवा हर वीकेंड पर शराब पीते हैं और इसके साथ कई अन्य तरह का नशा भी करते हैं. शौक के चक्कर में शराब पीने के नुकसान अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स शराब को सेहत के लिए बेहद खतरनाक मानते हैं. खासकर जब शराब का सेवन गलत तरीकों से किया जाए, तो यह लोगों के लिए जानलेवा भी हो सकती है. शराब पीने से लिवर डैमेज, हार्ट प्रॉब्लम और यहां तक कम उम्र में मौत का खतरा भी बढ़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि अगर कोई शराब पीता भी है, तो कुछ खतरनाक गलतियां न करें. ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के फिजीशियन डॉ. दिनेश कुमार त्यागी ने बताया कि सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि शराब में अल्कोहल होता है और इससे शरीर को गंभीर नुकसान होता है. कई लोग शराब के साथ सिगरेट भी पीते हैं, जोसबसे खतरनाक आदतों में से एक है. जब शराब और तंबाकू एक साथ शरीर में जाते हैं, तो यह कैंसर, हार्ट डिजीज और लिवर डैमेज का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं. सिगरेट में मौजूद हानिकारक रसायन और शराब का असर मिलकर शरीर की कोशिकाओं को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं. यह कॉम्बिनेशन युवाओं के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है. लोगों को इस गलती से बचना चाहिए. सिर्फ सिगरेट पीना भी सेहत के लिए नुकसानदायक है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि खाली पेट शराब पीना भी शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है. जब पेट खाली होता है, तो शराब सीधे ब्लड में तेजी से पहुंचती है, जिससे नशा जल्दी चढ़ता है और लिवर पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इससे चक्कर आना, उल्टी, गैस्ट्रिक समस्या और यहां तक कि बेहोशी तक हो सकती है. इसलिए शराब पीने से पहले कुछ हल्का खाना जरूर लेना चाहिए, ताकि सेहत को कम नुकसान हो. शराब के साथ नमकीन या तली-भुनी चीजें खाने से भी शरीर को काफी नुकसान होता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो कुछ लोग शराब के साथ अन्य नशीले पदार्थ मिलाकर सेवन करते हैं, जो बेहद खतरनाक है. यह न केवल शरीर पर बुरा असर डालता है, बल्कि अचानक रिएक्शन, हार्ट फेलियर या ओवरडोज जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. इस तरह के प्रयोग अक्सर जानलेवा साबित हो सकते हैं और इससे बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है. शराब के साथ नशीले ड्रग्स का सेवन मौत की वजह बन सकता है. ऐसी कंडीशन से बचने के लिए कभी शराब और नशीली चीजें न मिलाएं. अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, जैसे लिवर की समस्या, हार्ट डिजीज, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर, तो शराब का सेवन कंडीशन ज्यादा खराब कर सकता है. कई दवाइयों के साथ शराब लेने से साइड इफेक्ट भी बढ़ जाते हैं. ऐसे में शराब पीना सेहत के लिए बहुत बड़ा जोखिम बन सकता है. शराब का सेवन अगर गलत तरीके से किया जाए तो यह धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देता है. अगर अपनी सेहत को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन गलतियों से बचना जरूरी है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 13:08 IST
गर्मी में रहेंगे ‘कूल’ और फिट! अपनाएं ये 8 आसान रोज़ाना की आदतें!

Last Updated:April 08, 2026, 13:05 IST गर्मी की झुलसा देने वाली तपिश और गर्म हवाओं से शरीर के ऊर्जा भंडार को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती है. बढ़ती गर्मी के बीच, अपने शरीर के आंतरिक तापमान का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करना ही इन परिस्थितियों के हानिकारक प्रभावों से खुद को बचाने का एकमात्र उपाय है. दिन की शुरुआत पानी से करें: सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीने से मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है, शरीर से ज़हरीले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, और आप हाइड्रेटेड रहते हैं. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से एनर्जी लेवल बढ़ता है, पाचन में मदद मिलती है, और त्वचा स्वस्थ रहती है. संतुलित नाश्ता करें: रोजाना एक पौष्टिक नाश्ता आपके शरीर और दिमाग को ऊर्जा देता है. सुबह भर ऊर्जा और एकाग्रता बनाए रखने के लिए अपने नाश्ते में प्रोटीन, साबुत अनाज और फल शामिल करें. नाश्ता छोड़ देने से दिन में बाद में ज़्यादा खाने की आदत पड़ सकती है. शारीरिक गतिविधि करें: थोड़ी देर की कसरत भी रक्त संचार को बेहतर बनाती है, मांसपेशियों को मज़बूत करती है और एंडोर्फिन रिलीज़ करती है. चलना, स्ट्रेचिंग करना या छोटी-मोटी कसरत करना ऊर्जा बढ़ा सकता है, तनाव कम कर सकता है और लंबे समय तक दिल और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google सही तरीके से खाएं: इस बात पर ध्यान दें कि आप क्या और कैसे खा रहे हैं. खाने के समय ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बचें, धीरे-धीरे चबाकर खाएं और खाने का पूरा आनंद लें. सचेत होकर खाने से पाचन बेहतर होता है, ज़्यादा खाने की आदत से बचाव होता है और भोजन के साथ आपका रिश्ता ज़्यादा स्वस्थ बनता है. पयार्प्त नींद लें: अच्छी नींद शरीर और दिमाग को तरोताज़ा करती है, हार्मोन को संतुलित रखती है और याददाश्त व रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाती है. सोने का एक नियमित समय तय करें, सोने से पहले स्क्रीन (मोबाइल/टीवी) का इस्तेमाल करने से बचें और हर रात 7-9 घंटे की नींद लेने का लक्ष्य रखें, ताकि आप सुबह तरोताज़ा और एकाग्र महसूस कर सकें. काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लें: बार-बार ब्रेक लेने से आंखों पर पड़ने वाला ज़ोर, मानसिक थकान और तनाव कम होता है. खड़े हों, स्ट्रेच करें, या थोड़ी देर टहलें ताकि ब्लड फ्लो और प्रोडक्टिविटी बेहतर हो सके। छोटे-छोटे ब्रेक लेने से मानसिक स्पष्टता बनी रहती है और बर्नआउट से भी बचाव होता है. प्रोसेस्ड फ़ूड कम खाएं: प्रोसेस्ड और मीठे फ़ूड कम खाने से डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों जैसी पुरानी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. अपने शरीर को प्राकृतिक रूप से पोषण देने के लिए ताज़ी सब्ज़ियों, फलों, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज पर ध्यान दें. खुद को हाइड्रेटेड रहें: लगातार पानी पीते रहने से एनर्जी बनी रहती है, एकाग्रता बढ़ती है, और शरीर के अंगों का काम भी ठीक से चलता रहता है. हर्बल टी या इन्फ्यूज़्ड वॉटर पीने से हाइड्रेटेड रहना मज़ेदार बन जाता है, जिससे आपको थकान, सिरदर्द और सुस्ती से बचने में मदद मिलती है. First Published : April 08, 2026, 13:05 IST
जरीन खान की मां परवीन खान का निधन:लंबे समय से थीं बीमार, जनाजा हुआ; कुछ घंटों पहले ही पालतु बिल्ली की मौत की खबर दी थी

बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान की मां परवीन खान का आज सुबह निधन हो गया। एक्ट्रेस की टीम ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। जरीन की मां परवीन बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। कई बार अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इमरजेंसी में एडमिट भी करवाया जा चुका था। जरीन खान की टीम ने आधिकारिक स्टेटमेंट में परवीन खान के निधन की पुष्टि करते हुए लिखा है, “यह सूचित किया जाता है कि हमारी प्रिय परवीन खान, जो जरीन खान और सना खान की माता थीं, का 8 अप्रैल को शांतिपूर्वक निधन हो गया।” स्टेटमेंट के अनुसार, परवीन खान का जनाजा अंधेरी वेस्ट के वर्सोवा मुस्लिम कब्रिस्तान में आज सुबह 10 बजे हुआ। कुछ घंटे पहले ही बिल्ली का भी हुआ निधन जरीन खान की मां के निधन की खबर आने से कुछ घंटों पहले ही एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया ने अपने पालतु बिल्ली के निधन की खबर दी थी। उन्होंने भावुक होकर लिखा था, मेरी बेबी आज सुबह मुझे हमेशा के लिए छोड़कर अपने भाई-बहनों के पास चली गई। तुम्हारी आत्मा को शांति मिले मेरा बच्चा। मेरी रेम्बो। एक्ट्रेस की बिल्ली 15 साल की थी। उसका जन्म 18 जुलाई 2011 को हुआ था और निधन 7 अप्रैल 2026 में हुआ। अक्टूबर 2025 में भर्ती करवाया गया था जरीन खान की मां परवीन खान बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। अक्टूबर 2025 में भी उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। तब एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर दुआ करने की अपील की थी। इससे पहले मई में एक्ट्रेस ने मां का ख्याल रखने के लिए बॉलीवुड से ब्रेक लिया था। दैनिक भास्कर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में जरीन खान ने मां पर बात करते हुए कहा था, “मेरी मां बहुत सिंपल मम्मी हैं। उनको मेरे काम के बारे में इतना ज्यादा कुछ नॉलेज नहीं है। हम बहुत सिंपल बैकग्राउंड से आते हैं। अभी भले ही मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूं, जिसके बारे में लोगों को लगता है कि बहुत ग्लैमरस लाइफ जीते हैं। लेकिन मैं मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आती हूं और इतना होने के बावजूद उससे जुड़ी हुई हूं। ग्राउंडेड होने की वजह से मेरी मम्मी हर छोटी-छोटी चीज से खुश हो जाती हैं। मेरी कोशिश रहती है कि उनके चेहरे पर मुस्कुराहट हमेशा बनी रहे।”
जरीन खान की मां परवीन खान का निधन:लंबे समय से थीं बीमार, जनाजा हुआ; कुछ घंटों पहले ही पालतु बिल्ली की मौत की खबर दी थी

बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान की मां परवीन खान का आज सुबह निधन हो गया। एक्ट्रेस की टीम ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। जरीन की मां परवीन बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। कई बार अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इमरजेंसी में एडमिट भी करवाया जा चुका था। जरीन खान की टीम ने आधिकारिक स्टेटमेंट में परवीन खान के निधन की पुष्टि करते हुए लिखा है, “यह सूचित किया जाता है कि हमारी प्रिय परवीन खान, जो जरीन खान और सना खान की माता थीं, का 8 अप्रैल को शांतिपूर्वक निधन हो गया।” स्टेटमेंट के अनुसार, परवीन खान का जनाजा अंधेरी वेस्ट के वर्सोवा मुस्लिम कब्रिस्तान में आज सुबह 10 बजे हुआ। कुछ घंटे पहले ही बिल्ली का भी हुआ निधन जरीन खान की मां के निधन की खबर आने से कुछ घंटों पहले ही एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया ने अपने पालतु बिल्ली के निधन की खबर दी थी। उन्होंने भावुक होकर लिखा था, मेरी बेबी आज सुबह मुझे हमेशा के लिए छोड़कर अपने भाई-बहनों के पास चली गई। तुम्हारी आत्मा को शांति मिले मेरा बच्चा। मेरी रेम्बो। एक्ट्रेस की बिल्ली 15 साल की थी। उसका जन्म 18 जुलाई 2011 को हुआ था और निधन 7 अप्रैल 2026 में हुआ। अक्टूबर 2025 में भर्ती करवाया गया था जरीन खान की मां परवीन खान बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। अक्टूबर 2025 में भी उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। तब एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर दुआ करने की अपील की थी। इससे पहले मई में एक्ट्रेस ने मां का ख्याल रखने के लिए बॉलीवुड से ब्रेक लिया था। दैनिक भास्कर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में जरीन खान ने मां पर बात करते हुए कहा था, “मेरी मां बहुत सिंपल मम्मी हैं। उनको मेरे काम के बारे में इतना ज्यादा कुछ नॉलेज नहीं है। हम बहुत सिंपल बैकग्राउंड से आते हैं। अभी भले ही मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूं, जिसके बारे में लोगों को लगता है कि बहुत ग्लैमरस लाइफ जीते हैं। लेकिन मैं मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आती हूं और इतना होने के बावजूद उससे जुड़ी हुई हूं। ग्राउंडेड होने की वजह से मेरी मम्मी हर छोटी-छोटी चीज से खुश हो जाती हैं। मेरी कोशिश रहती है कि उनके चेहरे पर मुस्कुराहट हमेशा बनी रहे।”
Netanyahu Trump Secret Meeting: Iran Attack Decision

वॉशिंगटन डीसी14 मिनट पहले कॉपी लिंक तारीख: 11 फरवरी जगह: व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन डीसी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुबह ही व्हाइट हाउस पहुंच चुके थे। वह कई महीनों से अमेरिका पर दबाव डाल रहे थे कि ईरान पर बड़ा हमला किया जाए। हालांकि इस बार की मुलाकात बेहद सीक्रेट थी। उन्हें बिना किसी औपचारिक स्वागत के सीधे अंदर ले जाया गया ताकि मीडिया को कुछ पता न चले। पहले कैबिनेट रूम में बातचीत हुई और फिर उन्हें व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ले जाया गया, जहां असली बैठक हुई। यह वही जगह है जहां अमेरिका युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े फैसले करता है, लेकिन आमतौर पर यहां विदेशी नेताओं को नहीं लाया जाता। आमतौर पर जब कोई बड़ी मीटिंग होती है, तो ट्रम्प वह टेबल के सबसे आगे यानी ‘हेड’ वाली कुर्सी पर बैठते हैं। वहां से वह सबको देखते हैं और बैठक को लीड करते हैं। लेकिन इस मीटिंग में ट्रम्प टेबल के किनारे (साइड) पर जाकर बैठे, और उनका चेहरा दीवार पर लगी बड़ी स्क्रीन की तरफ था। ट्रम्प-नेतन्याहू आमने-सामने थे। स्क्रीन पर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया और इजराइली सैन्य अधिकारी जुड़े हुए थे। इससे ऐसा माहौल बनाया गया जैसे नेतन्याहू युद्ध के समय अपने पूरे कमांड के साथ खड़े हैं। इस बैठक में बहुत कम लोग शामिल थे ताकि कोई जानकारी बाहर न जाए। विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ, जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन, ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद थे। व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स भी वहां थीं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बैठक में नहीं थे क्योंकि वे अजरबैजान में थे और बैठक अचानक तय हुई थी। ईरान पर हमले से पहले सिचुएशनल रूम में राष्ट्रपति ट्रम्प और बाकी अधिकारी। तस्वीर जून 2025 की है। नेतन्याहू बोले- ईरान पर हमला करने का यह सही वक्त नेतन्याहू ने एक घंटे का प्रेजेंटेशन दिया और ट्रम्प को समझाने की कोशिश की कि यह ईरान पर हमला करने का सबसे सही समय है। उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार कमजोर हो चुकी है और अगर अमेरिका और इजराइल मिलकर हमला करें तो ईरान की सैन्य ताकत जल्दी खत्म की जा सकती है। नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान का मिसाइल सिस्टम कुछ ही हफ्तों में तबाह किया जा सकता है और सरकार इतनी कमजोर हो जाएगी कि वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं कर पाएगी। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ईरान के अंदर फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं और अगर इजराइल सीक्रेट तरीके से मदद करे तो ये प्रदर्शन सरकार गिराने तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इराक से कुर्द लड़ाके ईरान में घुसकर एक और मोर्चा खोल सकते हैं जिससे सरकार जल्दी गिर जाएगी। इस दौरान एक वीडियो भी दिखाया गया जिसमें उन संभावित नेताओं को दिखाया गया जो सरकार गिरने के बाद सत्ता संभाल सकते हैं। इसमें रजा पहलवी का नाम भी था, जो ईरान के आखिरी शाह के बेटे हैं और फिलहाल अमेरिका में रहते हैं। नेतन्याहू ने बार-बार कहा कि अभी हमला जरूरी है, क्योंकि देर हुई तो ईरान मजबूत हो जाएगा। उनका कहना था कि कुछ न करने का खतरा, हमला करने से ज्यादा है। ट्रम्प 29 दिसंबर 2025 को फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो क्लब में इजराइली PM नेतन्याहू से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे हाथ मिलाते हुए। नेतन्याहू की बातों में आ गए ट्रम्प ट्रम्प इस पेशकश से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यह प्लानिंग उन्हें सही लगती है। इससे नेतन्याहू को पता चल गया कि अमेरिका साथ आ सकता है। इसके बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का काम इस प्लानिंग को समझना था। अगले दिन सिचुएशन रूम में सिर्फ अमेरिकी अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें योजना को 4 हिस्सों में बांटा गया। 1. खामेनेई और टॉप लीडरशिप को खत्म करना 2. ईरान की सैन्य ताकत खत्म करना 3. देश में विद्रोह करवाना 4. सरकार बदलकर नई व्यवस्था लाना खुफिया एजेंसियों ने कहा कि पहले दो मकसद हासिल किए जा सकते हैं, लेकिन बाकी दो असलियत से दूर हैं। CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ ने इसे मजाक जैसा बताया और मार्को रूबियो ने इसे बेकार कहा। जब ट्रम्प बैठक में आए तो उन्हें यही रिपोर्ट दी गई। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी वापस आ चुके थे और उन्होंने इस योजना पर गहरी चिंता जताई। जनरल डैन केन ने भी कहा कि इजराइल अक्सर योजनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है क्योंकि उसे अमेरिका की मदद चाहिए होती है। इसके बाद ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर सरकार बदलना संभव नहीं भी है तो भी इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि यह इजराइल या ईरान का मामला होगा, लेकिन उनका फैसला इस पर निर्भर नहीं करेगा। उनका ध्यान मुख्य रूप से ईरान के शीर्ष नेताओं को खत्म करने और उसकी सैन्य ताकत को तोड़ने पर था। नेतन्याहू 7 अप्रैल 2025 को व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान बोलते हुए। उनके साथ राष्ट्रपति ट्रम्प, उपराष्ट्रपति वेंस, विदेश मंत्री रूबियो और NSA माइकल वॉल्ट्ज भी मौजूद थे। ईरान को कमजोर समझने की भूल कर बैठे ट्रम्प आने वाले दिनों में कई बैठकें हुईं। इन बैठकों में जनरल केन ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के खिलाफ बड़ा युद्ध शुरू होता है तो अमेरिका के हथियार तेजी से खत्म हो सकते हैं। खास तौर पर मिसाइल इंटरसेप्टर पहले से ही कम हैं क्योंकि अमेरिका यूक्रेन और इजराइल की मदद करता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज को सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल होगा और अगर ईरान इसे बंद कर देता है तो वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा। लेकिन ट्रम्प को भरोसा था कि युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा। उन्हें लगा कि ईरान ज्यादा जवाब नहीं दे पाएगा, जैसा कि पहले जून में हुए हमलों के बाद देखा गया था। जंग शुरू करने का वेंस ने सबसे ज्यादा विरोध किया जनरल केन ने यह कभी नहीं कहा कि जंग गलत है लेकिन वे बार-बार इसके खतरे से आगाह कराते रहे। वह हर प्लानिंग पर पूछते थे कि उसके बाद क्या होगा, लेकिन ट्रम्प अक्सर वही बातों पर
राजगढ़ में पुलिस ने स्मैक तस्कर के घर दी दबिश:आरोपी गिरफ्तार, चार थानों की टीम ने की कार्रवाई, स्मैक जब्त

राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर में बुधवार सुबह पुलिस ने मादक पदार्थ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जीरापुर, माचलपुर, खिलचीपुर और भोजपुर थानों की संयुक्त टीम ने सुबह करीब चार बजे सोसाइटी के सामने स्थित धनश्याम बैरागी के मकान पर दबिश दी। पुलिस टीम ने धनश्याम बैरागी के घर को घेरकर घंटों तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान घर के अंदर से संदिग्ध मादक पदार्थ स्मैक मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही बरामदगी की मात्रा सार्वजनिक की गई है। बताया गया है कि आरोपी धनश्याम बैरागी के खिलाफ क्षेत्र में लंबे समय से स्मैक बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से यह संयुक्त कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी धनश्याम बैरागी को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस टीम द्वारा घर के अंदर लंबे समय तक जांच किए जाने के कारण आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि पूरी जांच के बाद ही बरामद मादक पदार्थ की मात्रा और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।
TMC MP Derek OBrien: EC Meeting on Voter List Controversy

Hindi News National TMC MP Derek OBrien: EC Meeting On Voter List Controversy | Election Free From Fear नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक बुधवार को दिल्ली में TMC प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से SIR के मुद्दे पर मुलाकात की। बैठक के तुरंत बाद TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें सिर्फ 7 मिनट में बाहर भेज दिया। डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैठक सुबह 10:02 बजे शुरू हुई और 10:07 बजे खत्म हो गई। वहीं बैठक के खत्म होते ही चुनाव आयोग ने भी X पर पोस्ट कर लिखा कि- हमने इस बार तृणमूल कांग्रेस को दो टूक कह दिया है। पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव: भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे। SIR के पहले चरण में पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं। यह राज्य की कुल आबादी का 11.85% से ज्यादा है। खबर अभी अपडेट हो रही है… TMC बालो- बैठक का वीडियो जारी करें डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि जब उन्होंने अधिकारियों के ट्रांसफर और निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाया, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया। जो आज हुआ, वह शर्मनाक है। मैं चुनाव आयोग को चुनौती देता हूं कि बैठक का वीडियो या ऑडियो जारी करे। वहीं, चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने डेरेक ओ ब्रायन से बैठक में शालीनता बनाए रखने को कहा था। लेकिन डेरेक आयोग के परिसर में चिल्लाना लग और अनुचित व्यवहार करने लगे। प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ ब्रायन के अलावा साकेत गोखले, मेनका गुरुस्वामी और सागरिका घोष शामिल थीं। ———————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
रागी बनाम बाजरा बनाम ज्वार रोटी: रागी, ज्वार या बाजरा…कौन सी रोटी है सबसे स्वादिष्ट? जानिए खाने की सही मात्रा और विधि

कौन सा बाजरा स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है: विभिन्न खाद्य पदार्थों का चलन बढ़ गया है और लोग आटे की रोटी की जगह रागी, ज्वार और बाजरा जैसे मिलेट यानि अनाज को अपने मिश्रण में शामिल कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि इन तीनों में सबसे बड़ा कमाल कौन है? और कैसे खाना चाहिए? जिन लोगों में कैल्शियम की कमी होती है या फिर हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए रागी के आटे से बनी रोटी सबसे अच्छी बनी रहेगी। इसके अलावा वजन कम करने के लिए रागी वाली रोटी बेस्ट रहेगी।ऐसा इसलिए क्योंकि रागी में बहुत अधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है और ये सबसे ज्यादा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। साथ ही, साथियों के लिए अच्छा विकल्प रहेगा। रागी की रोटी थोड़ी भारी होती है, इसलिए भोजन से पाचन में गड़बड़ी हो सकती है। जिंक से एलर्जी होती है या आप अपने दिल के स्वास्थ्य में सुधार करना चाहते हैं, तो जर्क के आटे से बनी रोटी आपके लिए जादुई साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये मैग्जीन फ्री होता है। किशोरों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीऑक्सीडेंट सबसे ज्यादा होते हैं, जो चॉकलेट कम करने में सहायक होते हैं। ज्वार की रोटी बनाई जा सकती है, इसलिए इसे दाल या सब्जी के साथ खाना बेहतर है। शरीर को गर्म रखने के लिए बाजार से बनी रोटी सबसे अच्छी है। खासतौर पर समुद्री मछली का सेवन सबसे ज्यादा किया जाता है। उदाहरण यानी कि खून की कमी से बचे लोगों के लिए बाजारे से बनी रोटी सबसे अच्छी है। यह ब्रेड आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होता है और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, यह पाचन के लिए अच्छा पदस्थापित हो सकता है। गर्म तासीर के कारण गर्मी में सीमित मात्रा में बनी रहती है। सबसे बड़ा जादूगर कौन है? वैसे तो तीन ही अपने-अपने तरीके से कमाल हैं। कैल्शियम के लिए रागी इ बनी रोटी सबसे बेहतर रैंकिंग में से एक है। दिल और वजन के लिए ज्वार अच्छा विकल्प हो सकता है। ऊर्जा और आयरन के लिए बाजरे की रोटी सबसे ज्यादा लाजवाब है। यानी आपको अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुनाव कराना चाहिए। रागी, ज्वार और बाजरा सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। यदि आप स्थिर तरीके से और सही मात्रा में अपने-अपने मिश्रण को शामिल करते हैं, तो इससे आपका स्वास्थ्य काफी बेहतर हो सकता है।
दावा- अमेरिका ने पाकिस्तानी-पीएम को जंग रोकने का पोस्ट भेजा:ड्राफ्ट मैसेज लिखे होने पर सवाल, यूजर बोले- ट्रम्प की गुलामी कर रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह पोस्ट अमेरिका-ईरान सीजफायर से जुड़ा था और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आ गया। पोस्ट की एडिट हिस्ट्री में ‘ड्राफ्ट- पाकिस्तानी PM का मैसेज’ दिखने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह मैसेज पहले से तैयार ड्राफ्ट था। कुछ यूजर्स ने इसे व्हाइट हाउस से जुड़े निर्देश जैसा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ट्रम्प पाकिस्तान की नीति को कंट्रोल कर रहे हैं, यह उनकी गुलामी करने जैसा है। हालांकि, पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। PM शहबाज ने 2 हफ्ते की डेडलाइन बढ़ाने की मांग की शहबाज शरीफ ने मंगवलार की रात X पर एक मैसेज पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से अपील की थी कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी देने की अपनी समय-सीमा (डेडलाइन) को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दें, ताकि बातचीत को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। शरीफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ईमानदारी से ईरान से अपील करता है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को दो हफ्ते के लिए खोल दे, ताकि इसे एक अच्छा कदम माना जा सके। इसके साथ ही शरीफ ने सभी लड़ाई में शामिल पक्षों से कहा कि वे हर जगह दो हफ्ते के लिए जंग रोक दे, ताकि बातचीत के जरिए इस जंग को पूरी तरह खत्म किया जा सके और क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता लाई जा सके। ड्राफ्ट वाला विवाद कैसे शुरू हुआ असल विवाद तब शुरू हुआ जब शहबाज शरीफ के अकाउंट से जो पहला पोस्ट गया, उसमें ऊपर लिखा था- ‘ड्राफ्ट- पाकिस्तानी PM का मैसेज’ यानी यह एक ड्राफ्ट मैसेज था, जो शायद पब्लिक के लिए नहीं था। थोड़ी ही देर में इस पोस्ट को एडिट कर दिया गया और ‘ड्राफ्ट’ शब्द हटा दिया गया, लेकिन बाकी पूरा मैसेज वैसा ही रखा गया। लेकिन तब तक सोशल मीडिया यूजर्स स्क्रीनशॉट ले चुके थे, जिससे यह मामला वायरल हो गया। दावा- अमेरिका या इजराइल ने ड्राफ्ट तैयार किया इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर हुई कि क्या यह मैसेज वास्तव में पाकिस्तान में तैयार हुआ था या कहीं बाहर से आया था। कुछ लोगों ने तो विदेशी दखल की बात भी कही, लेकिन अभी तक इन दावों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। ड्रॉप साइट के फाउंडर रयान ग्रिम ने फोर्ब्स से कहा कि यह मैसेज शायद शहबाज शरीफ ने खुद नहीं लिखा। उन्होंने कहा कि अगर यह मैसेज उनकी अपनी टीम ने लिखा होता, तो वे अपने प्रधानमंत्री के लिए ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री’ जैसा शब्द इस्तेमाल नहीं करते। इससे ऐसा लगता है कि यह मैसेज शायद अमेरिका या इजराइल में तैयार किया गया हो सकता है। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने सवाल उठाए कुछ यूजर्स ने कहा कि यह पोस्ट शायद गलती से ‘ड्राफ्ट’ सहित कॉपी-पेस्ट कर दिया गया। एक यूजर ने लिखा कि अगर पाकिस्तान का प्रधानमंत्री ठीक से ट्वीट भी नहीं कर सकता, तो देश कैसे चलाएगा। दूसरे ने लिखा कि ऐसा लग रहा है जैसे ट्रम्प ने जो मैसेज दिया, वही शहबाज शरीफ ने पोस्ट कर दिया। तीसरे ने कहा कि यह कोई बड़ी साजिश नहीं, बल्कि शर्मनाक लापरवाही है। फोर्ब्स ने इस मामले पर शहबाज शरीफ के ऑफिस से जवाब मांगा, लेकिन तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने ईरान पर हमले 2 हफ्ते रोके:ईरान ने भी सीजफायर की पुष्टि की, होर्मुज खोलने पर राजी; नागरिकों से कहा- जीत का जश्न मनाएं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर बताया कि ईरान की तरफ से तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की शर्त पर बमबारी और हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित करने के लिए राजी हूं। ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के अपील के बाद लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
इस उम्र के लिए लोगों के लिए होम्योपैथी ट्रीटमेंट सबसे सुरक्षित ! साइड इफेक्ट का भी कोई खतरा नहीं

Last Updated:April 08, 2026, 12:20 IST Homeopathy Treatment for Kids: होम्योपैथी बच्चों के लिए एक सुरक्षित और हल्का इलाज माना जाता है, क्योंकि इसकी दवाइयां शरीर के अनुरूप होती हैं. इन दवाओं से साइड इफेक्ट का डर कम रहता है. यह बार-बार होने वाली सर्दी-जुकाम, खांसी या पेट की समस्याओं में मदद करती है और बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करने में असरदार होता है. हालांकि गंभीर मामलों में हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है. होम्योपैथी ट्रीटमेंट बच्चों के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है. Homeopathy and Child Immunity: होम्योपैथी एक तरह की चिकित्सा प्रणाली है, जिसे जर्मनी के डॉक्टर सामुएल हैनेमैन ने खोजा था. होम्योपैथी में बीमारियों को ठीक करने के लिए छोटी-छोटी गोलियां दी जाती हैं, जिन्हें बच्चे भी आसानी से खा लेते हैं. कई लोग इस ट्रीटमेंट को सबसे कारगर मानते हैं. होम्योपैथी एक्सपर्ट्स की मानें तो होम्योपैथी में दवाइयां बहुत हल्की मात्रा में दी जाती हैं, जो आमतौर पर पौधे, खनिज या जानवरों से बनाई जाती हैं. होम्योपैथी का मकसद सिर्फ बीमारी के लक्षण दबाना नहीं है, बल्कि शरीर की खुद की हीटिंग और इम्यूनिटी को मजबूत करके स्वस्थ करना है. इसे बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसके साइड इफेक्ट बहुत कम होते हैं. आजकल पैरेंट्स अपने बच्चों का इलाज कराने के लिए होम्योपैथी का रुख कर रहे हैं. जरा-सी खांसी, बुखार या पेट दर्द होते ही हम तुरंत एलोपैथी ट्रीटमेंट की ओर भागते हैं, लेकिन अंग्रेजी दवाइयों के कई साइड इफेक्ट भी होते हैं. ऐसे में होम्योपैथी एक ऐसा विकल्प है, जिसे कई लोग सुरक्षित इलाज के रूप में देखते हैं. होम्योपैथी की सबसे खास बात यह मानी जाती है कि इसमें दवाइयां बहुत हल्की और शरीर के अनुरूप होती हैं. यही वजह है कि बच्चों के लिए इसे अक्सर पसंद किया जाता है. छोटे बच्चों का शरीर नाजुक होता है, इसलिए माता-पिता चाहते हैं कि इलाज ऐसा हो जो असरदार भी हो और नुकसानदायक भी न हो. होम्योपैथी इस जरूरत को काफी हद तक पूरा करती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बचपन में बच्चों को बार-बार सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट की गड़बड़ी या दांत निकलने के समय परेशानी जैसी कई छोटी-छोटी समस्याएं होती रहती हैं. ऐसे मामलों में कई परिवार होम्योपैथी पर भरोसा करते हैं. माना जाता है कि यह सिर्फ बीमारी को दबाने के बजाय शरीर की अंदरूनी इम्यूनिटी को बेहतर बनाने पर ध्यान देती है. एक और वजह जिससे लोग होम्योपैथी की ओर आकर्षित होते हैं, वह है इसका आसान सेवन. इसकी दवाइयां अक्सर मीठी गोलियों के रूप में होती हैं, जिन्हें बच्चे बिना किसी परेशानी के ले लेते हैं. यह बात भी माता-पिता के लिए राहत भरी होती है, क्योंकि बच्चों को कड़वी दवा खिलाना मुश्किल होता है. बच्चों के विकास के दौरान उनकी इम्यूनिटी मजबूत होना बहुत जरूरी होता है. होम्योपैथी को कुछ लोग एक सहायक विकल्प के रूप में अपनाते हैं, जिससे बार-बार होने वाली बीमारियों की आवृत्ति कम करने में मदद मिल सके. इसके साथ संतुलित आहार, साफ-सफाई और सही दिनचर्या भी उतनी ही जरूरी है. हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि हर तरह की बीमारी के लिए एक ही तरीका सही नहीं होता. होम्योपैथी को कई लोग हल्की और शुरुआती समस्याओं में उपयोगी मानते हैं, लेकिन गंभीर या आपात स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है. सही इलाज वही है, जो बच्चे की स्थिति के अनुसार चुना जाए. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 08, 2026, 12:20 IST







