Monday, 25 May 2026 | 05:29 AM

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सीधी में आर्केस्ट्रा के पास हादसा, पिता घायल:रीवा रेफर, तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बाल-बाल बची बेटी

सीधी में आर्केस्ट्रा के पास हादसा, पिता घायल:रीवा रेफर, तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बाल-बाल बची बेटी

सीधी जिले के खड्डी चौकी अंतर्गत ग्राम धनहा में गुरुवार रात करीब 10 बजे एक सड़क हादसा हो गया। दुर्गा मंदिर के पास चल रहे आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के समीप एक तेज रफ्तार बाइक ने पैदल जा रहे पिता-पुत्री को टक्कर मार दी। इस घटना में पिता गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी मासूम बेटी की जान बाल-बाल बच गई। घर लौटते समय बेकाबू बाइक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, राहुल केवट अपनी बेटी के साथ आर्केस्ट्रा स्थल के पास से गुजरते हुए अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ऋषि कोल नामक युवक ने, जो नशे की हालत में था, अपनी बाइक से उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल केवट के पैर में दो जगह फ्रैक्चर हो गए और वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम रुका, मची अफरा-तफरी हादसे के तुरंत बाद वहां चल रहा नाच-गाना रुक गया और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। ग्रामीणों की मदद से घायल राहुल को तत्काल रामपुर नैकिन अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया है। बाइक चालक ऋषि कोल को भी मामूली चोटें आई हैं। पुलिस की कार्रवाई और जांच खड्डी चौकी प्रभारी नीरज साकेत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक के संबंध में जानकारी जुटाई है। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत मिलने के बाद आरोपी बाइक चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों में आक्रोश ग्रामीणों ने कार्यक्रम स्थलों के पास तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने वालों पर नाराजगी व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों के पास वाहनों की गति नियंत्रित होनी चाहिए ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, राहुल केवट की हालत नाजुक बनी हुई है।

शराब या खराब लाइफस्टाइल, आपके लिवर के लिए दोनों में सबसे खतरनाक क्या? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

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Last Updated:April 09, 2026, 23:54 IST लिवर शरीर का एक बेहद ही महत्वपूर्ण अंग है. अनहेल्दी डाइट, खराब जीवनशैली और शराब के सेवन से लिवर को नुकसान होता है, लेकिन ये जानना भी जरूरी है कि शराब या खराब लाइफस्टाइल में से कौन सा लिवर को जल्दी नुकसान पहुंचा सकता है. जानें यहां लिवर के लिए क्या है अधिक हानिकारक. शराब या खराब लाइफस्टाइल, लिवर के लिए खतरनाक क्या? लिवर शरीर का बेहद ही महत्वपूर्ण अंग है, जो कई तरह के कार्य करता है. अगर खानपान में कोई भी लापरवाही बरती जाए तो इसका सीधा असर लिवर पर पड़ता है. लिवर शरीर का सबसे बड़ा ठोस अंग है, जो लगभग 500 से भी अधिक कार्यों को करता है. यह खून को फिल्टर करता है. भोजन पचाने के लिए पित्त बनाता है, शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है.एनर्जी स्टोर करना आदि कई अनगिनत कार्य करता है. आजकल लोगों की लाइफस्टाइल इतनी खराब हो गई है कि वे न तो फिजिकली एक्टिव रहते हैं, ना ही हेल्दी खाते हैं और ना ही एक्सरसाइज करते हैं. कुछ लोगों को शराब पीने की इतनी बुरी लत होती है कि उनका एक दिन भी इसके बिना गुजारा नहीं होता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि लिवर के लिए अधिक नुकसानदायक शराब है या फिर खराब जीवनशैली? जानते हैं यहां क्या कहते हैं एक्सपर्ट… लिवर के लिए शराब या खराब जीवनशैली क्या है रिस्की?शराब अधिक पीने से लिवर को भारी नुकसान होता है. काफी लोगों का शराब पीने के कारण लिवर संबंधित कई तरह की बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है. लगातार आप शराब पीते हैं तो इससे लिवर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं. इससे सूजन, फाइब्रोसिस, लिवर सिरोसिस हो सकता है. न्यूज18 इंग्लिश को दिए एक इंटरव्यू में चेन्नई के एसआरएम ग्लोबल हॉस्पिटल्स में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के प्रमुख सलाहकार डॉ. एन.ए. राजेश ने कहा कि आजकल काफी लोगों में नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में वृद्धि देखी जा रही है, जिसे अब मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (एमएएसएलडी) के रूप में जाना जाता है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ये रोग शराब पीने के कारण नहीं, बल्कि खराब लाइफस्टाइल के कारण लोगों में बढ़ रही है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. जीवनशैली से संबंधित कारक इस प्रकार हैं- -अनहेल्दी चीजों का सेवन हर दिन करना. बाहर ठेले पर से खाना, घर का खाना बेहद कम खाना. इसमें जंक फूड, फास्ट फूड, प्रसंस्कृत और उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन शामिल है. – एक्सरसाइज बिल्कुल न करना. लगातार एक ही जगह और एक ही पोजीशन में बैठकर काम करते रहना. फिजिकल एक्टिविटी जिनकी लाइफ में नहीं होती है, उनमें लिवर की ये समस्या अधिक हो सकती है. -धीरे-धीरे वजन बढ़ना, जिससे मोटापे का शिकार होना भी लिवर डिजीज के रिस्क को बढ़ाता है. -डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म का असंतुलन होना. – नींद की अनियमितता और लॉन्ग टर्म स्ट्रेस भी लिवर डिजीज को बढ़ाते हैं. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 09, 2026, 23:54 IST

नरसिंहपुर जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी भंग:कार्यकाल खत्म होने के 4 माह बाद निर्णय; 11 सदस्यीय टीम कराएगी चुनाव

नरसिंहपुर जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी भंग:कार्यकाल खत्म होने के 4 माह बाद निर्णय; 11 सदस्यीय टीम कराएगी चुनाव

नरसिंहपुर जिला अधिवक्ता संघ की सामान्य सभा की बैठक में गुरुवार शाम को वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने का बड़ा फैसला लिया गया। कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हुए लगभग चार महीने बीत जाने के बावजूद चुनाव न होने से उपजे विवाद और सदस्यों की नाराजगी के बाद यह कदम उठाया गया है। अब नई कार्यकारिणी के गठन तक 11 सदस्यीय तदर्थ समिति संघ का कार्यभार संभालेगी और चुनाव प्रक्रिया पूरी कराएगी। कार्यकाल समाप्त होने के बाद बढ़ रही थी नाराजगी जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी का समय काफी पहले ही पूरा हो चुका था। समय पर चुनाव नहीं कराए जाने के कारण संघ के सदस्यों में असंतोष पनप रहा था। सदस्यों ने वर्तमान नेतृत्व पर मनमाने ढंग से कार्य करने के आरोप भी लगाए थे। इसी गतिरोध को समाप्त करने के लिए गुरुवार को सामान्य सभा बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया। राज्य परिषद और जिला न्यायाधीश को दी सूचना कार्यकारिणी भंग करने और नई समिति गठित करने के निर्णय की औपचारिक सूचना राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर (State Bar Council) और जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरसिंहपुर को भेज दी गई है। इस कदम का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार संपन्न कराना है। इन वरिष्ठ अधिवक्ताओं को मिली समिति में जगह चुनाव प्रक्रिया को संचालित करने के लिए गठित 11 सदस्यीय तदर्थ समिति में विनय कुमार जैन, सीपी पटेल, भानु प्रकाश श्रीवास्तव, कैलाश साहू, संतोष कुमार तिहैया, महेंद्र गोस्वामी, सुनील साहू, प्रमोद दुबे, अजय ताम्रकार, अरविंद सोनी एवं लक्ष्मी नायक को शामिल किया गया है। यह समिति जल्द ही इलेक्शन शेड्यूल की घोषणा करेगी, जिसके बाद नई कार्यकारिणी के लिए मतदान होगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर नीमच में आक्रोश:समाजसेवियों ने गिरफ्तारी के लिए पुलिस को दिया ज्ञापन; एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर नीमच में आक्रोश:समाजसेवियों ने गिरफ्तारी के लिए पुलिस को दिया ज्ञापन; एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग

नीमच में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक हालिया चुनावी बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। खड़गे द्वारा भाजपा और आरएसएस के संदर्भ में दिए गए ‘जहरीले नाग’ वाले बयान के विरोध में स्थानीय समाजसेवियों ने पुलिस थाने में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने इस बयान को भड़काऊ बताते हुए खड़गे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। बयान पर समाजसेवियों ने जताई आपत्ति समाजसेवी निर्मल देव नरेला, बाबूलाल नागदा और अन्य लोगों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि खड़गे ने एक वर्ग विशेष को संबोधित करते हुए आरएसएस और भाजपा के लोगों की तुलना ‘जहरीले नाग’ से की। ज्ञापन में दावा किया गया है कि उन्होंने इन ‘नागों’ को खत्म करने के लिए उकसाया है, जो सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा है। दंगे भड़काने की साजिश का लगाया आरोप विरोध दर्ज कराने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी देश में अराजकता फैलाने और दंगे भड़काने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे ने धार्मिक पद्धति की चर्चा के बीच हिंसा के लिए प्रेरित करने वाला संबोधन दिया है, जिससे करोड़ों नागरिकों और स्वयंसेवकों की भावनाएं आहत हुई हैं। आरएसएस के सेवा कार्यों की सराहना की ज्ञापन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा किए जाने वाले निस्वार्थ सेवा कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक संकटों के समय बिना किसी भेदभाव के नागरिकों की जान बचाने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। समाजसेवियों ने तर्क दिया कि ऐसे संगठनों और नेताओं के खिलाफ हिंसक भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है। NSA के तहत कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान दिलीप छाजेड़, गजेंद्र चावला और कई अन्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

दांतों के दर्द से जीना हो गया है मुहाल, ये 5 घरेलू नुस्खों को आजमाएं, तुरंत मिलेगा आराम, बेजोड़ हैं ये देसी उपाय

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Last Updated:April 09, 2026, 23:23 IST 5 home remedies to reduce toothache: दांतों में एक बार कीड़े लग जाएं तो दर्द से कुछ भी खाना-पीना दूभर हो जाता है. रात-दिन दांत के दर्द से परेशान रहने लगते हैं लोग. जरूरी नहीं की दांतों में कैविटी के कारण ही दर्द हो. मसूड़ों में सूजन के कारण या किसी अन्य परेशानी से भी दर्द शुरू हो सकता है. ऐसे में आप कुछ घरेलू उपायों से इस दर्द को कम कर सकते हैं. दांतों के दर्द को दूर करेंगे ये 5 घरेलू उपाय. 5 home remedies to reduce toothache: दांत का दर्द एक ऐसी समस्या है, जो दिनभर के काम को प्रभावित करता है. कभी ठंडा-गरम खाने से झनझनाहट, तो कभी मसूड़ों में सूजन या सड़न के कारण तेज दर्द होने लगता है. आयुर्वेद में दांत दर्द को कम करने के कई प्राकृतिक और असरदार उपाय बताए गए हैं. सबसे पहले बात करें लौंग की, तो यह दांत दर्द के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपायों में से एक है. लौंग में यूजेनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक और एंटीबैक्टीरियल होता है. जब इसे दांत के पास रखा जाता है या उसका तेल लगाया जाता है, तो यह नसों को हल्का सुन्न कर देता है और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है. यही कारण है कि लौंग का इस्तेमाल करने से तुरंत राहत महसूस होती है. हालांकि, इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में यह जलन पैदा कर सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. नीम भी दांतों और मसूड़ों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करते हैं. जब नीम की दातुन से दांत साफ किए जाते हैं तो यह मसूड़ों को मजबूत बनाने का भी काम करता है. वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो नीम मुंह के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे बैक्टीरिया का विकास कम होता है और दांत लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं. हल्दी भी एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है, जो सूजन और संक्रमण को कम करने में कारगर है. इसमें करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक होता है. जब हल्दी को पानी या तेल के साथ मिलाकर दांतों पर लगाया जाता है तो यह मसूड़ों की सूजन को कम करता है और दर्द में राहत देता है. साथ ही यह घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करता है, जिससे मसूड़े जल्दी ठीक होते हैं. मुलेठी को अक्सर गले की समस्या के लिए जाना जाता है, लेकिन यह दांतों के लिए भी उतने ही फायदेमंद हैं. इसमें मौजूद तत्व बैक्टीरिया से लड़ते हैं और दांतों की सड़न को रोकते हैं. जब मुलेठी का पाउडर इस्तेमाल किया जाता है तो यह दांतों की सतह पर जमा गंदगी को साफ करता है और मसूड़ों को आराम पहुंचाता है. यह एक तरह से प्राकृतिक क्लीनर की तरह काम करता है. नमक के पानी से कुल्ला करना असरदार तरीका है. गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करने से मुंह के बैक्टीरिया कम होते हैं और सूजन में राहत मिलती है. नमक में मौजूद गुण संक्रमण को कम करते हैं और मसूड़ों को साफ रखते हैं. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 09, 2026, 23:23 IST

‘निम्न श्रेणी का आदमी’: कनिमोझी ने डीएमके में अपनी भूमिका की आलोचना पर एडप्पादी पलानीस्वामी की आलोचना की | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:09 अप्रैल, 2026, 23:19 IST पलानीस्वामी ने डीएमके नेता कनिमोझी एनवीएन सोमू का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि उनकी पार्टी में कोई वास्तविक भूमिका नहीं है और वह “इतनी बातें कर रही हैं।” न्यूज18 चुनावी राज्य तमिलनाडु में गुरुवार को जुबानी जंग तेज हो गई जब एआईएडीएमके महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने डीएमके नेता कनिमोझी एनवीएन सोमू का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उनकी पार्टी में कोई वास्तविक भूमिका नहीं है और वह “इतनी बातें कर रही हैं।” एक चुनावी रैली में बोलते हुए, पलानीस्वामी ने कहा, “उनके (डीएमके सांसद कनिमोझी) के पास उस पार्टी में कोई काम नहीं है। क्या उन्हें किसी पद पर रखा गया है? क्या पार्टी में किसी ने उन्हें रखा भी है? बिना किसी पद के भी वह इतनी बातें कर रही हैं।” जवाब में, कनिमोझी ने पूर्व सीएम को कड़ी फटकार लगाते हुए उनकी टिप्पणियों को “निम्न-श्रेणी” और “अशोभनीय” बताया। होम लोन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्तर அவர்கள் பற்றியும், கழக இளைஞரணிச் செயலாளர் மாண்புமிகு திரு.உதயநிதி ஸ்டாலின் அவர்கள் பற்றியும் தரம் தாழ்ந்து கருத்துக்களை வெளியிட்ட எடப்பாடி பழனிச்சாமி அவர்கள், एक और विकल्प चुनें… pic.twitter.com/aCmu9j2f3z– डॉ कनिमोझी एनवीएन सोमू (@DrKanimozhiSomu) 9 अप्रैल 2026 “चुनाव प्रचार की आड़ में, एडप्पादी पलानीस्वामी, जो डीएमके अध्यक्ष माननीय थिरु के बारे में निम्न श्रेणी की टिप्पणी करने पर उतर आए थे। एमके स्टालिन और डीएमके यूथ विंग के सचिव माननीय थिरु। उदयनिधि स्टालिन ने अब हमारी उप महासचिव श्रीमती कनिमोझी करुणानिधि के बारे में अशोभनीय आलोचना की है..!” उन्होंने लिखा था। कनिमोझी ने कहा, “एडप्पादी पलानीस्वामी के अहंकार, अहं और इस तरह की अपरिपक्व टिप्पणियों से तमिलनाडु का सिर शर्म से झुक गया है।” “तमिलनाडु के लोग, विशेष रूप से महिलाएं, निश्चित रूप से इस चुनाव में इस निम्न-वर्गीय व्यक्ति, एडप्पादी पलानीस्वामी को पूरी तरह से हटाने का संकल्प लेंगी – जो साथी नेताओं का सम्मान करना नहीं जानता और नारीत्व का अपमान करता है – तमिलनाडु के राजनीतिक क्षेत्र से।” यह टिप्पणी तब आई है जब राज्य विधानसभा चुनावों के लिए कड़ी तैयारी कर रहा है, जिसमें द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच कड़ी टक्कर देखने की उम्मीद है। अभिनेता से नेता बने विजय भी चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। तमिलनाडु में एक चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को होना है और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 09 अप्रैल, 2026, 23:19 IST समाचार राजनीति ‘निम्न श्रेणी का आदमी’: कनिमोझी ने डीएमके में अपनी भूमिका की आलोचना के लिए एडप्पादी पलानीस्वामी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव में जुबानी जंग(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)कनिमोझी करुणानिधि(टी)डीएमके बनाम एआईएडीएमके(टी)चुनाव अभियान टिप्पणियाँ(टी)राजनीतिक विवाद तमिलनाडु(टी)महिला मतदाता तमिलनाडु

सेनेटरी स्टोर में दीवार तोड़कर 3.5 लाख की चोरी:CCTV में चोर हुए कैद, पुलिस फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश कर रही

सेनेटरी स्टोर में दीवार तोड़कर 3.5 लाख की चोरी:CCTV में चोर हुए कैद, पुलिस फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश कर रही

ग्वालियर के जीवाजी नगर में एक सेनेटरी स्टोर की दीवार तोड़कर चोरों ने करीब साढ़े तीन लाख रुपए का सामान चुरा लिया। यह घटना थाटीपुर थाना क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार दरयानी रात करीब 2:00 बजे की है। चोरी का पता तब चला जब सुबह स्टोर मालिक दुकान पर पहुंचे और उन्होंने दीवार टूटी हुई तथा सामान गायब पाया। शकुंतलापुरी निवासी 32 वर्षीय राहुल कुमार काकोरिया, जो अनिल कुमार काकोरिया के पुत्र हैं, नाइन टू नाइन मायकेयर नाम से सेनेटरी स्टोर चलाते हैं। इस दुकान में उनके पार्टनर पवन जैन भी हैं। बीती रात वे रोजाना की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब वे स्टोर खोलने पहुंचे, तो मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ था और अंदर की दीवार भी टूटी मिली। अंदर देखने पर पता चला कि काफी सामान गायब है। राहुल कुमार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जांच की और मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो चोर वारदात को अंजाम देते हुए कैद हो गए। अब पुलिस इन फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश कर रही है। थाटीपुर थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सेनेटरी शॉप में दीवार तोड़कर चोरी की वारदात हुई है। मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि चोरों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

सैफ अली खान की ‘बेटी’ का जिद्द, सही पोज के लिए 150 ट्राई, बताया बॉडी को पुश करना कितना जरूरी

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Last Updated:April 09, 2026, 23:13 IST Alaya F Fitness tips: सैफ अली खान की ऑन स्क्रीन बेटीएक्ट्रेस अलाया एफ बॉडी लिमिट को पुश करने की सलाह देती है. योगासन करते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने बताया कि परफेक्ट पोज के लिए उन्होंने 150 कोशिश की, जो उनके समर्पण के साथ जिद्दीपने को भी दर्शाता है. ख़बरें फटाफट जवानी जानेमन मूवी में सैफ अली खान की बेटी बनी बॉलीवुड एक्ट्रेस अलाया एफ अपनी फिटनेस को लेकर बहुत अवेयर रहती हैं.28 साल की एक्ट्रेस ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने फैंस के साथ एक दिलचस्प अनुभव शेयर किया. अलाया ने बताया कि इंस्टाग्राम पर देखे गए एक खास पोज को सही तरीके से करने के लिए उन्हें पूरे 150 बार कोशिश करनी पड़ी. ‘जवानी जानेमन’ और ‘फ्रेडी’ जैसी फिल्मों में नजर आने वाली अलाया ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया, जिसमें वह बार-बार उस पोज को करने की कोशिश करती दिख रही हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि इस एक्सरसाइज के दौरान उनकी कोहनियों के पास की त्वचा छिल गई और उनका बार-बार जी भी मिचलाने लगा. फिर भी, उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार सफल हो गईं. View this post on Instagram

श्योपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत:गुरुनावदा रोड पर अज्ञात वाहन ने कुचला; हाईवे पर रिश्तेदार से मिलकर लौट रहा था

श्योपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत:गुरुनावदा रोड पर अज्ञात वाहन ने कुचला; हाईवे पर रिश्तेदार से मिलकर लौट रहा था

श्योपुर-पाली हाईवे पर गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे एक अज्ञात वाहन की टक्कर से 24 वर्षीय युवक प्रदीप उर्फ गोलू जाटव की मौत हो गई। हादसा गुरुनावदा रोड स्थित ददूनी श्मशान घाट के पास हुआ। मृतक गुरुनावदा में अपने रिश्तेदार से मिलने के बाद वापस अपने गांव सोई कलां लौट रहा था, तभी रास्ते में तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट, घटनास्थल पर तोड़ा दम हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद प्रदीप के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद सोई कलां पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। परिवार का इकलौता सहारा था प्रदीप मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले प्रदीप की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी। उसके परिवार में डेढ़ साल का बेटा अरब और ढाई साल की बेटी हर्षिता है। हादसे की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस सोई कलां पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाकर मौत कारित करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार वाहन और चालक की पहचान के लिए हाईवे पर लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपी की गिरफ्तारी की जा सके।

बार-बार चश्मे का बदल रहा नंबर? चेतावनी को न करें नजरअंदाज, हमेशा के लिए जा सकती है रोशनी

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Last Updated:April 09, 2026, 22:47 IST Symptoms of Cataracts: नजर धुंधली होने लगे या बार-बार चश्मे का नंबर बदलने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें. आंखों की ये समस्या मोतियाबिंद का लक्षण हो सकती हैं. समय रहते ध्यान देने और सही उपाय अपनाने से इससे राहत पाया जा सकता है. ख़बरें फटाफट आज के इस डिजिटल यूग में आंखों से जुड़ी समस्याएं बहुत कॉमन होती जा रही है. लगातार स्क्रिन को देखते रहने से कम उम्र में ही आंखों पर मोटे चश्मे चढ़ रहे हैं. नजर धुंधली हो रही है. ऐसी बीमारियां जो कि आज से पहले तक सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित थी अब जवानों में भी होने लगी है. मोतियाबिंद ऐसी ही आंख से जुड़ी समस्या है. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, मोतियाबिंद आजकल एक आम बीमारी बन चुकी है. इसमें आंख के लेंस पर धुंधलापन आ जाता है, जिससे साफ देखना मुश्किल हो जाता है. यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो नजर और कमजोर हो सकती है. अच्छी बात यह है कि आज के समय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन काफी सुरक्षित और आसान हो गया है. ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीज की नजर फिर से साफ हो जाती है और वह सामान्य रूप से देख पाता है. मोतियाबिंद के कुछ आम लक्षणधुंधला या धुएं जैसा दिखना, रोशनी के आसपास चमक या हलो नजर आना, रात में देखने में परेशानी, पढ़ने या छोटे अक्षर पहचानने में दिक्कत, रंग फीके या पीले दिखाई देना और बार-बार चश्मे का नंबर बदलना. ये लक्षण आमतौर पर 60 साल से ऊपर के लोगों में ज्यादा दिखते हैं, लेकिन कभी-कभी युवाओं में भी यह समस्या हो सकती है. अगर किसी बुजुर्ग की नजर धीरे-धीरे कमजोर हो रही है, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. मोतियाबिंद का ऑपरेशन कैसे होता हैडॉक्टर बताते हैं कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन एक छोटी और आसान प्रक्रिया है. इसमें आंख की धुंधली लेंस को हटाकर उसकी जगह एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है. यह ऑपरेशन लगभग 15–20 मिनट में पूरा हो जाता है और मरीज उसी दिन घर भी जा सकता है. इसमें दर्द बहुत कम होता है और जल्दी रिकवरी हो जाती है. समय पर इलाज जरूरी अगर समय पर इलाज नहीं कराया गया, तो मोतियाबिंद बढ़ सकता है और आंखों की रोशनी पर गंभीर असर पड़ सकता है. इसलिए धुंधली नजर को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या से बचाव के लिए नियमित आंखों की जांच बहुत जरूरी है. 50 साल की उम्र के बाद हर साल कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए. इसके अलावा, संतुलित आहार लेना, हरी सब्जियां और फल खाना और तेज धूप से आंखों को बचाना भी आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 09, 2026, 22:47 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.